केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया ट्विस्ट, पुणे पुलिस को किस बात का है डर? 27 गुण मिलने के बाद हुई थी शादी

 पुणे 

पुणे केतन अग्रवाल मर्डर मामला एक मिस्ट्री बनता जा रहा है. राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह ही इसमें भी एक के बाद एक ट्विस्ट सामने आ रहे हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सिया गोयल के सोनम रघुवंशी से भी ज्यादा शातिर होने की आशंका हो रही है. पुणे पुलिस के सामने चुनौती बनते जा रहे इस मामले में डर भी सता रहा है, यही वजह है कि पुलिस अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। 

जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केतन अग्रवाल मर्डर केस पूरी तरह परिस्थितिजन्य सबूतों (circumstantial evidence) पर टिका हुआ है. इतने दिन की जांच के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सीधा सुराग नहीं लगा है जिससे केतन की हत्या के आरोपी का साफ-साफ पता चल सके. लिहाजा पुलिस हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर देख रही है और साबित करने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने ही हत्या की है और इसमें कोई शक नहीं बचता। 

बता दें कि पुणे ग्रामीण पुलिस इस मामले में बेहद सावधानी से चार्जशीट तैयार कर रही है. पुलिस नहीं चाहती कि सोनम रघुवंशी मामले की तरह कोई कानूनी या प्रक्रिया संबंधी गलती हो, जिससे आरोपी को राहत मिल जाए और पीड़ित की न्याय की आवाज दब जाए। 

यही वजह है कि पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराना चाहती है. हालांकि भारत में पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट सीधे कोर्ट में सबूत के तौर पर मान्य नहीं होती. लेकिन पुलिस का मानना है कि इससे कई नए सुराग मिल सकते हैं और असल सबूतों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। 

पुलिस मानती है कि पूछताछ के दौरान संभव है कि सिया अनजाने में कोई ऐसा क्लू बता दे जो आगे की जांच को बढ़ा दे और आरोपी तक पहुंचा दे. पुलिस यह देखना चाहती है कि क्या उसने पहले लोहागढ़ किले की ऊंचाई गूगल पर सर्च की थी, या फोन में कोई ऐसी डिजिटल गतिविधि की थी जिसके बारे में पुलिस को अभी पता नहीं है, तो पुलिस बाद में उस डिजिटल सबूत जैसे ब्राउज़र हिस्ट्री, लोकेशन डेटा या डिलीटेड सर्च को कानूनी तरीके से जुटा सकती है. ऐसे डिजिटल सबूत कोर्ट में मान्य भी हो सकते हैं। 

फिलहान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है. ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसने सिया और चेतन को केतन को पहाड़ी से धक्का देते देखा हो. इसके अलावा घटना का कोई CCTV फुटेज भी नहीं मिला है. लिहाजा यह मामला जटिल हो गया है। 

जो CCTV फुटेज मिला है, उसमें सिर्फ सह-आरोपी चेतन चौधरी घटनास्थल के पास हूडी पहने नजर आता है. लेकिन सिर्फ इससे हत्या साबित नहीं होती। 

27 गुण मिलने पर तय हुई थी सिया और केतन की शादी

गोयल और अग्रवाल परिवार  ने इस रिश्ते को ‘परफेक्ट मैच’ माना था. कुंडली मिलाई गई, 27 गुण मिले, परिवार के ज्योतिषी ने इसे सफल और आदर्श विवाह बताया और फिर पूरे रीति-रिवाज के साथ सगाई भी हो गई. लेकिन कुछ ही महीनों बाद वही रिश्ता अब देश के सबसे चर्चित हत्या मामलों में बदल चुका है और घर-घर इसी की चर्चा हो रही है। 

परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2026 में केतन अग्रवाल और सिया गोयल का रिश्ता आगे बढ़ाने से पहले दोनों परिवारों ने पारंपरिक तरीके से कुंडली मिलवाई थी. इसके लिए परिवार के ज्योतिषी को बुलाया गया था. बताया गया कि दोनों की कुंडलियों में 36 में से 27 गुण मिले थे, जिसे विवाह के लिए अच्छा माना गया. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, केतन का ‘देव गण’ और सिया का ‘मनुष्य गण’ बताया गया था. परिवार के ज्योतिषी ने इसे अनुकूल संबंध बताते हुए कहा था कि यह विवाह सफल हो सकता है. इसी के बाद दोनों परिवारों ने रिश्ते को अंतिम रूप दिया। 

 रिश्ते की शुरुआत, फिर बदला माहौल
पुलिस जांच के अनुसार, फरवरी में पुणे के एक होटल में दोनों की सगाई हुई. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था. दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुट गए और नवंबर 2026 में विवाह की योजना बनाई गई. इसी बीच पुलिस सूत्रों का दावा है कि सगाई के बाद करीब दो महीने तक सिया ने नए रिश्ते को अपनाने की कोशिश की. हालांकि बाद में चेतन चौधरी फिर से उसकी जिंदगी में आया और यहीं से परिस्थितियां बदलने लगीं. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरानहत्या की साजिश बनी. हालांकि अभी इन सभी आरोपों की पुष्टि  होना बाकी है। 

सिया के भाई साहिल गोयल ने क्या बताया
सिया के भाई साहिल गोयल ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसे इस बात की जानकारी थी कि सिया और चेतन एक-दूसरे को जानते थे और दोस्त थे. हालांकि उसके अनुसार, सगाई के बाद सिया बार-बार यही कहती थी कि अब उसका चेतन से कोई संपर्क नहीं है.  जांच के दौरान केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने शादी तय होने के बाद कई बार सिया के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी.  पुलिस की जांच के अनुसार, केतन ने परिवार से पूछा था कि क्या सिया के बारे में पूरी तरह जानकारी लेने के बाद ही रिश्ता तय किया गया है. उसने यह भी बताया था कि कई बार जब वह सिया को फोन करता था तो उसका फोन व्यस्त मिलता था. बातचीत के दौरान सिया अक्सर चेतन चौधरी का नाम भी लेती थी, जिससे उसके मन में संदेह पैदा हुआ. हालांकि परिवार ने उसे समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। 

क्राइम सीन भी किया रीक्रिएट
पुलिस ने घटना को समझने के लिए डमी (नकली शरीर) से क्राइम सीन रीक्रिएट भी किया, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इसकी कानूनी अहमियत बहुत कम है. डमी कैसे गिरेगी, यह उसके वजन, एंगल और स्पीड पर निर्भर करता है. इससे यह साबित नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को धक्का दिया गया था या वह खुद फिसल गया। 

इसलिए अभियोजन पक्ष अब मोटिव (हत्या की वजह) और डिजिटल सबूतों पर ज्यादा भरोसा कर रहा है. पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची, क्योंकि सिया कथित तौर पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। 

जांच एजेंसियां अब मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत खंगाल रही हैं ताकि हत्या की पहले से बनाई गई योजना साबित की जा सके। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर सबूतों की इस कड़ी में एक भी महत्वपूर्ण लिंक टूट गया, तो पूरा केस कमजोर पड़ सकता है और आरोपियों को फायदा मिल सकता है। 

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

रायपुर
 राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं। 

विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

कोंडागांव में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, नामांतरण के बदले घूस लेते तहसीलदार का रीडर गिरफ्तार

कोंडागांव.

फरसगांव तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसीबी ने तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि नामांतरण के बदले 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता पहले ही दो किश्तों में 35 हजार रुपये दे चुका था।

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते आरोपी को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
एसीबी आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल तेज हो गए हैं। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं

रायपुर
राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में मानसून होगा और सक्रिय, अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी

जगदलपुर.

बस्तर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद शाम को फिर कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

हालांकि, अभी तक कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं हो सकी है। इसी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर शुरू नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिस्टम बनने पर भारी वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी। हल्की और मध्यम बारिश से किसानों को फिलहाल राहत मिल रही है। धान की रोपाई में जुटे किसानों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है।

जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कृषि गतिविधियां भी अब मानसून की रफ्तार पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

DA Hike: कर्मचारियों-अधिकारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर के साथ मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल 
लगातार बढ़ती महंगाई से अन्य लोगों के साथ ही सरकारी कर्मचारी, अधिकारी भी परेशान हैं। ऐसे समय में नगर निगम भोपाल ने अपने अमले को खासी राहत दी है। निगम ने अपने हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि कर दी है। नगर निगम प्रशासन ने डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2025 से लागू की जाएंगी। इस सबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर देने की बात कही गई है। जिनका निधन हो चुका है उनके परिजनों को एरियर दिया जाएगा। इससे पहले राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों के डीए में वृद्धि कर चुकी है।

मध्यप्रदेश में डीए फिर बढ़ाया गया है। अब भोपाल नगर निगम के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राज्य शासन ने बड़ी राहत दी है। सातवें वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए हैं।

महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी राज्य शासन के वित्त विभाग के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। डीए में पांच फीसदी बढ़ोत्तरी से कर्मचारियों को खासा लाभ होगा। भोपाल नगर निगम के इस निर्णय के बाद अब कर्मचारियों को 252 प्रतिशत के स्थान पर 257 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।

नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की यह बढ़ी हुई दरें एक जुलाई से प्रभावशील मानी जाएंगी। यह राशि मई 2026 से अक्टूबर 2026 तक कर्मचारियों के नियमित वेतन के साथ जोड़कर दी जाएगी।

महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा
नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा। जो कर्मचारी एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनके नामांकित परिजनों को एरियर की पूरी राशि का भुगतान होगा। सभी विभागाध्यक्षों और शाखा प्रभारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी। दिवंगत कर्मचारियों के नामांकित आश्रितों एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

5 प्रतिशत बढ़ा डीए
252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हुआ
1 जुलाई 2025 से लागू होगा
एरियर पांच किस्तों में
मई से अक्टूबर 2026 तक मिलेगा
सेवानिवृत्तों को एकमुश्त एरियर
दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को देंगे राशि

PM मोदी की अपील पर भारी पड़े नेताओं के काफिले! दौरे में फिर दिखीं दर्जनों गाड़ियां, उठे सवाल

भोपाल
 पश्चिम एशिया में संकट के बीच पीएम मोदी ने आम लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी। पीएम मोदी की अपील का असर नेताओं पर भी पड़ा था। लेकिन लगता है कि बीजेपी के नेता अपने ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को भूल गए हैं। बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर एक बार फिर से वाहनों का काफिला दिखाई देने लगा है।

हाल ही में सीएम डॉ मोहन यादव बैतूल जिले के दौरा पर थे। सीएम डॉ मोहन यादव के काफिले में कई वाहन दिखाई दिए। सीएम का काफिला पहले की तरह दिखाई दिया। जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि लगता है बीजेपी के नेता ही पीएम मोदी की अपील को भूल गए हैं।

सिंधिया के दौरे पर दिखा काफिला
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिनों के गुना जिले के दौरे पर थे। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले में कई गाड़ियां दिखाई दीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। सिंधिया के साथ अन्य विधायक भी अलग-अलग कार्यक्रमों में मौजूद थे।

शिवराज के दौरे में भी दिखे थे काफिले
वहीं, हाल ही में सीहोर जिले के भैरूंदा दौरे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए थे। शिवराज सिंह चौहान लंबे काफिले के साथ सड़क पर नजर आए थे। जिसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि आम जनता ने पीएम मोदी की अपील पर अमल किया लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता पीएम की अपील को भूल गए हैं।

पीएम मोदी ने जताया था आभार
बता दें पीएम मोदी के मासिक कार्यक्रम मन की बात का प्रसारण हुआ था। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपनी पुरानी अपील का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने सहयोग के लिए जनता का आभार जताया था।

    पीएम मोदी की अपील को भूल गए बीजेपी नेता
    पीएम ने की थी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील
    फिर सड़कों पर दिखने लगे बड़े-बड़े काफिले
    बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर दिखा काफिला

काफिलों में वाहनों की संख्या घटाई गई थी
बता दें कि पीएम मोदी की अपील के बाद देशभर में नेताओं ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा दी थी। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी अपने काफिले में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या घटा दी थी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट की पुलिस को फटकार—’हर जगह दिख रहे, फिर मिल क्यों नहीं रहे?’

 ग्वालियर 
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जीतू पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।

स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब जीतू पटवारी लगातार मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे हो सकती है।

जानें क्या है पूरा मामला
यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।

देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही। एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। 

यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।

अदालत में पेश नहीं हो रहे थे जीतू पटवारी
देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही।

27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि “वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं” तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

महेंद्र सिंह यादव प्रशासक अपेक्स बैंक ने सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया

महेंद्र सिंह यादव प्रशासक अपेक्स बैंक ने सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया 
भोपाल 

आज अपेक्स बैंक मुख्यालय के टी.टी.नगर स्थित प्रांगण में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने भारत सरकार के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई 2021 को भारत सरकार में पहली बार सहकारिता मंत्रालय की पृथक स्थापना की गई थी एवं इसी दिन देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को सहकारिता मंत्री की जवाबदारी भी सौंप गई थी तथा 11 जून 2024 को अमित शाह ने दूसरी बार देश के केंद्रीय सहकारिता मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था ।  इसी तारतम्य में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने यह अपेक्षा की थी कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में सहकारिता सप्ताह का आयोजन किया जावे। 

मध्य प्रदेश में सहकारिता आंदोलन के व्यापक प्रचार प्रसार युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने नई सहकारी समितियां के गठन तथा सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु सात दिवसीय व्यापी थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है, आज इसी कड़ी में प्रथम दिवस अपेक्स बैंक में सहकारी ध्वज का ध्वजारोहण, उसके पश्चात वृक्षारोपण के पश्चात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने “सहकारिता की शपथ” दिलाई एवं सामूहिक रूप से सहकारी गीत के गायन का आयोजन हुआ। 

यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी ने इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है और इसी कड़ी में दिनांक  14 अप्रैल 2026 से प्रदेश में किसानों को सदस्य बनने के उद्देश्य से शुरू हुआ महासदस्यता अभियान जो 30 जून तक चलेगा, इसमें अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने और सदस्य बनाने की पहल की जाना अत्यंत आवश्यक है, तभी उन्हें कृषि व सहकारिता से संबंधी शासन की जनहित हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। 

उन्होंने कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात लगभग दो माह के भीतर मैंने महा सदस्यता अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की दिशा में एवं उनसे सीधा संवाद स्थापित करने के प्रयास के उद्देश्य से प्रदेश के सभी संभागों का द्वौरा किया है एवं मेरी अपेक्षा है कि अपेक्स बैंक में बैठने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी एक-एक संभाग का एक सप्ताह का प्रवास कार्यक्रम बनाएं और उस संभाग के जिलों में भ्रमण कर संवाद की इस श्रृंखला को और गति प्रदान करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इस महा अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।

आरंभ में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज  गुप्ता ने आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।  आभार प्रदर्शन अरुण मिश्रा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अपेक्स बैंक ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन आशीष राजोरिया प्रबंधक ने किया। 

कार्यक्रम में विशेष कर्तव्य व्यस्त अधिकारी श्रीमती अरुणा दुबे, उपमहा प्रबंधक के.टी. सज्जन, प्रबंधकगण विवेक मलिक करुण यादव समीर सक्सेना के साथ अपेक्स बैंक के सभी अधिकारी व कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित हुए ।

Afghanistan Airstrike: पाकिस्तान में ISIS ठिकानों पर अफगानिस्तान का ड्रोन हमला, तालिबान का बड़ा पलटवार

काबुल 

पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण अब हालात काफी तनावपूर्ण हैं. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकी संगठन ISIS-K के ठिकानों पर बड़ी एयरस्ट्राइक की है. तालिबान के मुताबिक,  इन ठिकानों से अफगानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की साजिश रची जा रही थी. यह दावा पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के दो दिन बाद सामने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। 

तालिबान का कहना है कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में की गई है. अफगानिस्तान के न्यूज चैनल ‘टोलो न्यूज’ ने भी इस दावे की पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के ड्रोन विमानों ने सीधे उन ठिकानों को हिट किया जहां ISIS-K के आतंकी छिपे थे. खैबर पख्तूनख्वा के सरान इलाके में तो एक स्कूल को मलबे में तब्दील कर दिया गया, क्योंकि आतंकी उसे अपना गुप्त ठिकाना बनाकर रह रहे थे. तालिबान ने साफ किया कि इस हमले में कई आतंकी ढेर हुए हैं, जबकि किसी भी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 

पाकिस्तान के हमले का करारा पलटवार

तालिबान का यह बड़ा एक्शन रविवार को पाकिस्तान द्वारा की गई बमबारी का नतीजा माना जा रहा है. दरअसल, दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे. संयुक्त राष्ट्र (UNAMA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की उस कार्रवाई में कम से कम 28 बेकसूर लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. वहीं, अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मरने वाले नागरिकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. तालिबान के इस ताजा एक्शन को उसी पाकिस्तानी हमले का सीधा और करारा जवाब माना जा रहा है। 

सोमवार को भारत ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अफगानिस्तान पर हुए पाकिस्तानी हमलों की निंदा की. भारत का कहना है कि किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है, जिससे पूरे इलाके की शांति खतरे में पड़ती है. भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पड़ोसियों पर ऐसे हमले करता रहा है। 

फिलहाल, पाकिस्तान हमेशा की तरह आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा है, जबकि तालिबान का कहना है कि आतंकवाद पाकिस्तान की खुद की पैदा की हुई अंदरूनी समस्या है. अब इस ताजा एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जंग का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu