देशभर में लागू हुई G RAM G योजना, कितनी मिलेगी मजदूरी? जानें मनरेगा से ज्यादा या कम

नई दिल्ली

आज यानि 1 जुलाई से पूरे देश में नई ग्रामीण रोजगार योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण एक्ट 2025 (VB-G RAM G) को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के जमीन पर उतरते ही सालों से चली आ रही मनरेगी व्यवस्था से यह योजना काफी बेहतर नजर आ रही है. इसके तहत न केवल मजदूरों के हाथों में आने वाली रोज की दिहाड़ी बढ़ा दी गई है, बल्कि साल भर में मिलने वाले काम के दिनों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. चलिए इसके बारे में और समझते हैं। 

अब जेब में आएगी ज्यादा मजदूरी
केंद्र सरकार के द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाली औसतन दैनिक मजदूरी में करीब 10 फीसदी से ज्यादा का इजाफा किया गया है. जहां पहले मनरेगा के तहत मजदूरों को देशभर में औसतन 298.8 रुपये प्रतिदिन मिलते थे, वहीं अब G RAM G योजना के तहत यह राशि बढ़कर 327.4 प्रतिदिन है. यानि मजदूरों को अब हर दिन के काम के बदले औसतन 28.6 रुपये ज्यादा ही मिलेंगे. देश के सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस नई दर को लागू कर दिया गया है। 

नई योजना के तहत कितने दिन मिलेगा काम?
इस नई योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका कानूनी दायरा है. नए कानून के तहत अब पात्रा ग्रामीण परिवारों को साल में मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. यानि अब मजदूरों को 25 दिन का अतिरिक्त काम भी मिलेगा. इसके साथ ही सरकार ने देशभर के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की एक न्यूनतम मजदूरी सीमा तय कर दी है. इसका मतलब है कि देश के किसी भी कोने में अब किसी भी मजदूर को 300 रुपये से कम की मजदूरी नहीं दी जा सकती है। 

हर राज्य को कितनी फायदा?
मंत्रालय के अनुसार देश के 21 राज्यों में मजदूरी को नई न्यूनतम सीमा यानी 300 रुपये तक पहुंचा दिया गया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी की पुरानी दरों में 15 से 25 फीसदी तक का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा. वहीं पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे बंपर बढ़ोतरी हुई है, जहां मजदूरी दरें लगभग 24.5 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं. इस बदलाव से इन राज्यों के पिछड़े ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। 

हरियाणा और सिक्किम की कमाई
जिन राज्यों में पहले ही मजदूरी दर अधिक थी, वहां भी इस योजना के तहत बढ़ोतरी जारी रखी गई है. अब नई दरों के बाद हरियाणा में मजदूरों को 409, गोवा में 406, केरल में 401 और सिक्किम के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सबसे ज्यादा 450 रुपये प्रतिदिन की कमाई होगी. सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अंतरिम राशि भी जारी कर दी है। 

उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले नेता को बड़ी जीत, अगले ही दिन बने MLC

मुंबई 

शिवसेना यूबीटी को लगातार दूसरे दिन झटका लगा है। पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में गए सचिन अहीर को बुधवार को विधान परिषद का उपसभापति चुन लिया गया था। खास बात है कि चुनाव से ठीक पहले ही उन्होंने दल बदल का ऐलान किया था, जिसके बाद शिवसेना ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। इससे पहले वह उद्धव गुट से एमएलसी थे।

अहीर सत्तारूढ़ महायुति के उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध विधान परिषद के उपसभापति चुने गए हैं। उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, निवर्तमान उपसभापति नीलम गोरे और मंत्री चंद्रकांत पाटिल की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दरअसल, महाविकास अघाड़ी प्रत्याशी जेएम अभ्यंकर ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।

पहले एनसीपी में थे अहीर
अहीर का शिंदे खेमे में जाना उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनका जाना विशेष रूप से मुंबई के वर्ली निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी का कमजोर होना तय है। कहा जा रहा है कि यहां उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में एक मजबूत राजनीतिक और संगठनात्मक आधार तैयार किया है।

अहीर ने नब्बे के दशक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में वे अविभाजित शिवसेना में शामिल हो गए थे। उन्हें आदित्य ठाकरे का एक बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था।

अब विधायक टूटने की आशंका
वार्ता ने राजनीतिक विश्लेषकों के हवाले से बताया कि अहीर के पाला बदलने के बाद उद्धव गुट के विधायक भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

एजेंसी से बातचीत में सूत्रों ने बताया कि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पिछले कुछ समय से अहीर को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही थी और मुंबई उत्तर-पूर्वी के सांसद संजय दीना पाटिल के पार्टी में शामिल होने के बाद यह अटकलें और तेज हो गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें उपसभापति पद के लिए चुनाव लड़ने का आश्वासन दिया गया था, जिसके कारण उन्होंने शिंदे गुट में शामिल होने का निर्णय लिया।

6 सांसद छोड़ चुके साथ
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब हाल ही में उद्धव गुट से 6 सांसदों ने किनारा कर लिया है। ये सभी नेता एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को समर्थन दे रहे हैं। खास बात है कि अब शिवसेना यूबीटी के पास लोकसभा में महज 3 और राज्यसभा में 1 सांसद बचा है। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि जल्द ही 14 और विधायक भी टूट सकते हैं।

जनदर्शन में मंत्रीराजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्रीअग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्रीअग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।

उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मंत्रीअग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।

जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्रीराजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।

रायपुर में प्रशासनिक फेरबदल, मुकेश कोठारी बने तिल्दा-नेवरा के नए SDM

रायपुर.

राज्य शासन ने प्रशासनिक कार्य संचालन को ध्यान में रखते हुए रायपुर जिले में अधिकारियों के पदस्थापना आदेश में संशोधन किया है। जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त कलेक्टर मुकेश कुमार कोठारी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तिल्दा-नेवरा के पद पर पदस्थ किया गया है।

वहीं वर्तमान में तिल्दा-नेवरा में एसडीएम के रूप में कार्यरत आशुतोष कुमार देवांगन को प्रोटोकॉल अधिकारी, रायपुर के पद पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 16 अगस्त 2024 को जारी आदेश के तहत आशुतोष कुमार देवांगन को डिप्टी कलेक्टर रायपुर से तिल्दा-नेवरा का एसडीएम बनाया गया था। अब प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से शासन ने उक्त आदेश में संशोधन करते हुए नई पदस्थापना की है। इसका आदेश कलेक्टर कार्यालय के वित्त शाखा ने जारी किया है।

ज्ञात हो कि रायपुर जिले में तहसीलदारों में भी फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।

एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास एवं विस्तार, मोबाइल नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में प्रस्तुत विजन दस्तावेज में बताया गया कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों – एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग – पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित कर राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके अतिरिक्त 577 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 171 प्रकरणों का निराकरण आगामी एक माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिनमें 111 होस्टेड तथा 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16 हजार 726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए 94.3 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

 अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में मुख्य सचिवविकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिवसुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिवराहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवअंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिवप्रभात मलिक , सुशासन तथा अभिसरण विभाग के संयुक्त एवं  चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसरमयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 तहसीलदारों के तबादले का आदेश जारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में तहसीलदारों का फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।

इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी कर दी गई है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह तीन वर्ष की स्थानापन्न अवधि के लिए की गई है। अब ये अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अपनी सेवाएं देंगे। संबंधित अधिकारियों को जल्द नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन साल की स्थानापन्न अवधि के लिए पदोन्नति
जारी आदेश में बताया गया है कि इनकी तीन वर्ष की स्थानापन्न अवधि है। अधिकारी अब छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अपनी सेवाएं देंगे।

ओडिशा के मंत्रीनाइक ने मुगलिया हाट गांव में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था का किया अवलोकन

भोपाल

ओडिशा के पंचायती राज एवं पेयजल मंत्रीरबी नारायण नाइक ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुगलिया हाट गांव पहुंचकर ग्रामीण पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने गांव में संचालित पेयजल आपूर्ति प्रणाली, जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था तथा पंचायत की कार्यप्रणाली का विस्तार से अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में सामुदायिक भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है और मुगलिया हाट में इसका प्रभावी उदाहरण देखने को मिला।

भ्रमण के दौरान मंत्रीनाइक ने ग्राम सरपंच, फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) से जुड़ी महिला सदस्यों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) के सदस्यों से संवाद कर जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी, पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव तथा ग्रामीण समुदाय की सहभागिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा निभाई जा रही जिम्मेदारियों और पंचायत की सक्रिय भूमिका की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर पीडीपी पोर्टल के माध्यम से पेयजल योजनाओं की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन व्यवस्था को भी देखा। इसके साथ ही ग्रामीण जल प्रदाय प्रणाली के विभिन्न तकनीकी घटकों का निरीक्षण कर उनके संचालन की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को योजनाओं के संचालन, रखरखाव तथा पारदर्शी निगरानी तंत्र से अवगत कराया।

भ्रमण के दौरान मंत्रीनाइक एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मुगलिया हाट ग्राम पंचायत द्वारा पेयजल योजनाओं के सुव्यवस्थित संचालन, बेहतर रखरखाव, जल गुणवत्ता निगरानी में जनभागीदारी तथा पंचायत की सक्रिय कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पंचायत व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

 

रोटरी क्लब ऑफ भोपाल मिडटाउन ने रक्तदान से निभाया मानवता का धर्म

विवेक झा, भोपाल, 1 जुलाई। मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देते हुए रोटरी क्लब ऑफ भोपाल मिडटाउन ने कैरियर कॉलेज परिसर में विशाल रक्तदान शिविर, डॉक्टर्स डे और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया। पूरे दिन चले इस सेवा अभियान में समाजसेवियों, युवाओं, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से 90 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। वहीं स्वास्थ्य और वित्तीय क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 35 डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को सम्मानित किया गया।

रक्तदान शिविर में दिखा सेवा का जज्बा

रक्तदान शिविर में क्लब सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने की मुहिम में योगदान दिया। आयोजन के दौरान चिकित्सकों की टीम ने रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित रक्तदान सुनिश्चित किया।

आयोजकों ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

डॉक्टर्स और सीए का किया सम्मान

डॉक्टर्स डे और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 35 डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि डॉक्टर जहां समाज को स्वस्थ रखने का दायित्व निभाते हैं, वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दोनों ही पेशे समाज के विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल मैनेजर ने की सराहना

सम्मान समारोह में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल मैनेजर सुनीता डुंगा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने सम्मानित डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बधाई देते हुए कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पेशेवरों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है।

उन्होंने रक्तदान जैसे मानवीय सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।

क्लब नेतृत्व ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम का नेतृत्व रोटरी क्लब ऑफ भोपाल मिडटाउन की अध्यक्षा रोटेरियन तरुणा तनेजा और सचिव रोटेरियन पालकी छाजेड़ ने किया। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रोटरी का उद्देश्य समाज की जरूरतों के अनुरूप सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना है।

कई संस्थाओं का मिला सहयोग

रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में कैरियर कॉलेज, कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, स्वप्ना घोष शिक्षा एवं कल्याण फाउंडेशन, चिकित्सा टीम, एनसीसी कैडेट्स तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की सफलता में सभी सहयोगी संस्थाओं और रक्तदाताओं के योगदान की सराहना की गई।

रोटरी सेवा कार्यों को मिलेगी निरंतरता

कार्यक्रम के दौरान क्लब ने भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, रक्तदान और अन्य जनहितकारी गतिविधियों को लगातार आयोजित करने का संकल्प दोहराया। पदाधिकारियों ने कहा कि रोटरी मानव सेवा के अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप समाज के हर वर्ग तक सेवा गतिविधियों का विस्तार करती रहेगी।

वरिष्ठ रोटेरियंस की रही उपस्थिति

आयोजन में वरिष्ठ रोटेरियन सुनील भार्गव, संजय निगम, पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन हेम सिंह गुर्जर सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और सेवा कार्यों में भागीदारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां

  • कैरियर कॉलेज में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन।
  • 90 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
  • 35 डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का सम्मान।
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल मैनेजर सुनीता डुंगा रहीं मुख्य अतिथि।
  • कैरियर कॉलेज, कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, स्वप्ना घोष शिक्षा एवं कल्याण फाउंडेशन, एनसीसी कैडेट्स और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण सहयोग।
  • रोटरी क्लब ने भविष्य में भी जनहित और सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

मध्यप्रदेश ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा की दिशा में उठाया बड़ा कदम

मध्यप्रदेश ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा की दिशा में उठाया बड़ा कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा  उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत कर दी है। मध्यप्रदेश, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने बताया कि दावोस में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश, 24 घंटे हरित ऊर्जा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए, मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। नई दिल्ली में हुई बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा विभिन्न कपंनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश का ट्रैक रिकॉर्ड सबसे बेहतर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में सबसे कम सौर टैरिफ स्थापित कर भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। शाजापुर-नीमच सोलर पार्कों ने 2.14 रूपए प्रति यूनिट का प्रदेश में सबसे कम टैरिफ अर्जित किया। हाल ही में मुरैना की 4 घंटे की स्टोरेज प्लस परियोजना के लिए 2.70 रूपए प्रति यूनिट पर पीपीए हुआ, यह देश की सबसे प्रतिस्पर्धी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक है।

मध्यप्रदेश है देश का सबसे निवेश मित्र राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतियाँ, त्वरित निर्णय और उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश की ऊर्जा क्रांति के सहभागी बनने का अनुरोध किया।

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता है हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल परियोजनाएँ स्थापित करना नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयास से 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध होगी। नई दिल्ली की प्री-बिड मीटिंग में टाटा पॉवर, रिलायंस एनर्जी, टोरेंट पॉवर, जिंदल रिन्युएबल, एन.टी.पी.सी., अडानी ग्रीन्स, हिन्दुस्तान पॉवर, महिंद्रा सिस्टम आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

ताइवान पर फिर गरजे शी जिनपिंग, पार्टी स्थापना दिवस पर कहा- ‘एकीकरण होकर रहेगा’

बीजिंग 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बार फिर ताइवान को लेकर अपना सख्त रुख दोहराया है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के 105वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा सुलझाना यानी ताइवान को चीन में शामिल करने का पार्टी का ऐतिहासिक मिशन है. उन्होंने कहा कि यह कम्युनिस्ट पार्टी की अटल प्रतिबद्धता है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। 

अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने ताइवान की आजादी की वकालत करने वाले अलगाववादी समूहों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि चीन ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा और किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नई परिस्थितियों में ताइवान मुद्दे को हल करने की पार्टी की रणनीति को पूरी तरह लागू किया जाएगा। 

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की हर कीमत पर रक्षा करेगा. उन्होंने दोहराया कि नेशनल यूनिफिकेशन का टारगेट हर हाल में आगे बढ़ाया जाएगा और चीन इस दिशा में लगातार कदम उठाता रहेगा। 

मजबूत देश के लिए मजबूत सेना जरूरी- जिनपिंग
अपने भाषण में राष्ट्रपति जिनपिंग ने सेना को भी मजबूत बनाने पर भी जोर दिया. चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि एक मजबूत देश के लिए मजबूत सेना जरूरी है और सिर्फ शक्तिशाली सैन्य बल ही देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ताइवान स्ट्रेट में चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। 

चीन के आर्थिक ग्रोथ पर क्या बोले शी जिनपिंग?
शी जिनपिंग ने यह भी स्वीकार किया कि चीन इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां अवसरों के साथ-साथ जोखिम और चुनौतियां भी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि चाहे दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों न हो, रास्ता कितना भी मुश्किल क्यों न हो या चुनौतियां कितनी भी गंभीर क्यों न हों, चीन पीछे हटने वाला नहीं है। 

राष्ट्रपति जिनपिंग ने पार्टी नेताओं से अपील की कि वे संकट की भावना को मजबूत करें, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाएं और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाएं. साथ ही उन्होंने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी की शुद्धता और मजबूती को नुकसान पहुंचाने वाले हर तत्व को खत्म किया जाएगा। 

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