भारत ने निभाई दोस्ती, अब पेट्रोल-डीजल संकट से जूझ रहे रूस को भेज रहा फ्यूल

नई दिल्ली
भारत ने रूस के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का फर्ज एक बार फिर से निभाया है. जब पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद रूस का कच्चा तेल खरीदने से ज्यादातर देश पीछे हट गए थे, तब भारत ने बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदकर उसका साथ दिया था. अब एक बार फिर भारत मुश्किल वक्त में रूस के काम आया है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार भारत रूस से कच्चा तेल नहीं खरीद रहा, बल्कि उसकी ईंधन की कमी दूर करने के लिए उसे गैसोलीन यानी पेट्रोल की सप्लाई कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के हमलों से पैदा हुए फ्यूल संकट के बीच रूस ने भारत से समुद्री रास्ते के जरिए गैसोलीन का आयात शुरू कर दिया है। 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों की वजह से रूस की कई ऑयल रिफाइनरियां प्रभावित हुई हैं. इसके चलते देश में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है. कई इलाकों में राशनिंग करनी पड़ रही है, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और गैसोलीन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. ऐसे हालात में रूस ने भारत से समुद्री रास्ते के जरिए गैसोलीन मंगाना शुरू कर दिया है। 

भारत से रवाना हुए पहले टैंकर
रिपोर्ट के अनुसार, भारत से अब तक कम से कम 60 हजार मीट्रिक टन गैसोलीन रूस के लिए भेजा जा चुका है. दो टैंकरों में करीब 30 हजार से 40 हजार टन तक का फ्यूल लोड किया गया है. हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि भारत की कौन सी रिफाइनरी इस सप्लाई को पूरा कर रही है। 

हर महीने 4 लाख टन फ्यूल आयात करेगा रूस
रूस की योजना सिर्फ भारत पर निर्भर रहने की नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक वह भारत के अलावा बेलारूस समेत दूसरे देशों से भी हर महीने करीब 4 लाख टन गैसोलीन आयात करना चाहता है. बेलारूस पहले ही अपनी सप्लाई बढ़ा चुका है और जून के पहले पखवाड़े में उसने रूस को रेल मार्ग से भेजे जाने वाले गैसोलीन की मात्रा लगभग तीन गुना कर दी है। 

यूक्रेन के हमलों से बढ़ा संकट
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी मान चुके हैं कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने देश की रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया है. गर्मियों में रूस में रोजाना करीब 1.10 लाख टन गैसोलीन की खपत होती है. ऐसे में घरेलू उत्पादन कम होने से सरकार को आयात का सहारा लेना पड़ रहा है. रूस की संसद ने हाल ही में टैक्स नियमों में बदलाव कर फ्यूल आयात को बढ़ावा देने और सब्सिडी देने का भी फैसला किया है। 

रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बना भारत
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ भारत रूस को गैसोलीन भेज रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार भी बना हुआ है. शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक जून में भारत ने रूस से रोजाना करीब 27 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है. जून में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बने तनाव के बीच भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद और बढ़ा दी है। 

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से राजनांदगांव का साहू परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भर

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से राजनांदगांव का साहू परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भर

3-3 किलोवाट के दो सोलर रूफटॉप प्लांट से बिजली बिल हुआ शून्य, अतिरिक्त आय का भी खुला रास्ता

रायपुर,
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को नई गति दे रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम गठुला का साहू परिवार इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुआ है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की प्रेरक मिसाल भी बन गया है।

ग्राम गठुला में टीकम होटल का संचालन करने वाले श्री अंकालु राम साहू और उनके पुत्र श्री कुंदन साहू ने अपने घर पर 3-3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किए। होटल व्यवसाय के कारण प्रतिमाह 4 से 5 हजार रुपये तक का बिजली बिल आता था, जिसे कम करने के लिए उन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाया।

साहू परिवार ने योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित कराया। दोनों प्लांटों की कुल लागत लगभग 4 लाख रुपये रही, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन से कुल 2 लाख 16 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई।

सोलर प्लांट शुरू होने के बाद परिवार का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय की भी संभावना बनी है। अब साहू परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादक भी बन गया है।
साहू परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने पर केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी के साथ राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा से जुड़ रहे हैं।

छतरपुर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शराब की 20 बड़ी दुकानों के ठेके निरस्त

छतरपुर

छतरपुर जिले में आबकारी विभाग ने बड़े शराब ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 20 बड़ी शराब दुकानों के ठेके निरस्त कर दिए हैं। जिले के सबसे महत्वपूर्ण और व्यावसायिक रूप से लाभकारी छतरपुर, खजुराहो और हरपालपुर समूहों के शराब ठेकेदारों द्वारा निर्धारित लाइसेंस ड्यूटी जमा नहीं करने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से शराब ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है और साथ ही सरकार को लगने वाले करोड़ों रुपए के राजस्व घाटे पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

ठेकेदार नवीन पांडेय पर 85 करोड़ बकाया- सूत्र
सूत्रों के अनुसार, इन समूहों का संचालन कर रहे ठेकेदार नवीन पांडेय पर कुल मिलाकर लगभग 85 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि बकाया है। यह राशि उस निर्धारित लाइसेंस ड्यूटी का हिस्सा है, जिसे ठेकेदार को तय समय-सीमा के भीतर सरकारी खजाने में जमा करना था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार को बकाया राशि जमा करने के लिए बार-बार औपचारिक नोटिस दिए गए थे। कई बार चेतावनी देने के बावजूद, जब ठेकेदार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो विभाग के पास कठोर कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

पहली बार ऐसे हालात
छतरपुर जिले के आबकारी इतिहास में यह पहली बार है जब इतने बड़े समूहों के ठेकेदारों ने बोली लगाने के मात्र तीन-चार महीनों के भीतर ही घुटने टेक दिए हैं। यह स्थिति न केवल ठेकेदार की वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाती है, बल्कि आबकारी विभाग की टेंडर प्रक्रिया और पार्टी की आर्थिक साख की जांच की प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। विशेषज्ञ इसे एक प्रणालीगत विफलता के रूप में देख रहे हैं, जहां ऊंची बोली लगाकर ठेका तो हासिल कर लिया गया, लेकिन बाद में राजस्व की भरपाई करने में ठेकेदार पूरी तरह असफल रहे।

छत्रसाल और भोले विश्वनाथ के लाइसेंस रद्द
कठोर प्रशासनिक कार्रवाई के तहत,
विभाग ने छत्रसाल बेवरेजेज और भोले विश्वनाथ एसोसिएट्स नामक कंपनियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। ये वही कंपनियां थीं जो इन 20 प्रमुख शराब दुकानों का संचालन कर रही थीं। लाइसेंस रद्द होने के तुरंत बाद, विभाग ने इन दुकानों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रभावित दुकानें और तत्काल प्रभाव
इस निर्णय से जो 20 दुकानें प्रभावित हुई हैं, उनमें शहर की 8 बड़ी दुकानें शामिल हैं, उनमें राजनगर, खजुराहो, बमीठा, गंज बसारी, चंद्रनगर, टौरिया टेक और गठेवरा-सारंगपुर और हरपालपुर क्षेत्र की दो अन्य प्रमुख दुकानें भी इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं।

आगे का रास्ता: नया टेंडर और सरकारी कब्जा
    सरकारी नियंत्रण: सहायक आबकारी आयुक्त ने पुष्टि की है कि तत्काल प्रभाव से सभी 20 दुकानें अब विभाग के सीधे नियंत्रण में आ गई हैं। जब तक कोई नया स्थायी इंतजाम नहीं हो जाता, इन दुकानों का संचालन सरकारी कर्मचारी करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि शराब की बिक्री पूरी तरह बंद न हो और सरकार को कुछ राजस्व मिलता रहे, साथ ही शराब माफिया पर भी नकेल कसी जा सके।

    पुनः नीलामी : विभाग बहुत जल्द इन सभी 20 दुकानों के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। जल्दी ही नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि दुकानों का संचालन सुचारू रूप से पुनः प्रारंभ किया जा सके।

चारधाम यात्रा पर बारिश का कहर, नदियां उफान पर; बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री हो चुकी है। राज्य के सभी हिस्सों में बारिश हो रही है। खासकर पहाड़ी जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश हो रही है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यहां अलकनंदा और भागीरथी नदी का संगम है। दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। उधर, बदरीनाथ नेशनल हाईवे गुलाबकोटी में मलबा आने और सड़क धसने के कारण बंद हो गया है।

गुरुवार को रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार ने बताया कि ऊपरी हिमालयी इलाकों में बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ रहा है और इलाके में जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है। राजवार ने कहा कि अभी जलस्तर समुद्र तल से 622 मीटर ऊपर है, जबकि चेतावनी का स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर है।

वाट्सएप पर भेजे जाएंगे अलर्ट
उन्होंने कहा कि जैसे ही जलस्तर चेतावनी के निशान तक पहुंचेगा, WhatsApp ग्रुप के ज़रिए अलर्ट जारी किए जाएंगे, गाड़ियों से सार्वजनिक घोषणाएँ की जाएँगी और निवासियों को आगाह करने के लिए ज़मीनी टीमें तैनात की जाएँगी। रुद्रप्रयाग में बुधवार से लगातार बारिश हो रही है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहती है, तो दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है और खतरे के निशान के करीब पहुंच सकता है। बदलती स्थिति को देखते हुए, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष नदियों के जलस्तर पर कड़ी नज़र रख रहा है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले निवासियों और तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने और ज़रूरत न होने पर नदी के किनारे या अन्य जोखिम वाले इलाकों में न जाने की अपील की है।

मौसम विभाग ने 4 जुलाई तक जारी किया है अलर्ट
देहरादून में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रुद्रप्रयाग जिले में 4 जुलाई तक के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और ज़िला प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। रुद्रप्रयाग के अलावा आज देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। वहीं, हरिद्वार, उत्तरकाशी और चमोली के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद
भारी बारिश के कारण बदरीनाथ नेशनल हाईवे गुलाबकोटी में मलबा आने से बंद हो गया है। यहां पर संबंधित विभागों ने सड़क खोलने का काम सुचारु कर दिया है, लेकिन अभी भी रुक रुक कर बारिश जारी है। बता दें कि बुधवार देररात्रि लगभग 2 के बाद पगनो गांव की ओर से भारी बरसाती नाला आने के कारण मलबा व बोल्डर आने से बदरीनाथ नेशनल हाईवे में 50 मीटर से अधिक सड़क में मालबा फैला हुआ है। सड़क पर काफी बोलडर भी आ रखे हैं। जिस कारण से अभी तक सड़क सुचारू नहीं हो पाई है। सड़क खोलने का काम जारी है।

रिकॉर्डतोड़ सफलता के बाद अब जापान पहुंचेगी ‘धुरंधर’, 10 जुलाई को होगी ग्रैंड रिलीज़

मुंबई
 बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर रिकॉर्डतोड़ सफलता और दुनियाभर में शानदार कमाई के बाद 10 जुलाई को जापान के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।फिल्म के जापान में रिलीज़ होने के अवसर पर रणवीर सिंह ने वहां के दर्शकों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर बड़े पर्दे पर फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर’ ड्रामा, रोमांच, भव्यता और भावनाओं से भरपूर फिल्म है, जिसकी दमदार कहानी दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखती है।

Sacnilk के अनुसार,  5 दिसंबर, 2025 को रिलीज होने के बाद धुरंधर ने  वैश्विक स्तर पर ₹1,307.35 करोड़ की भारी कमाई की। फिल्म निर्माताओं के बयान के अनुसार, फिल्म ने “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, उत्तरी अमेरिका में अब तक की नंबर 1 हिंदी फिल्म बनकर उभरी, साथ ही कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई और यूके में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली भारतीय फिल्मों में शुमार हो गई।”

आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं। फिल्म का पहला भाग एक भारतीय गुप्तचर एजेंट की पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर नेटवर्क में घुसपैठ की कहानी है, जो विश्व भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है।

1307 करोड़ की कमाई, बना बड़ा रिकॉर्ड
‘धुरंधर’ पहले ही दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए की जबरदस्त कमाई कर चुकी है। यह आंकड़ा इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करता है। सिनेमाघरों में फिल्म को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला, उसने मेकर्स की उम्मीदों को भी पार कर दिया।

क्या है फिल्म की खास बात?
फिल्म एक एक्शन-ड्रामा है, जिसमें देशभक्ति, मिशन और इमोशन का मजबूत मिश्रण देखने को मिलता है। दमदार कहानी, शानदार विजुअल्स और कलाकारों की परफॉर्मेंस ने इसे दर्शकों के बीच खास बना दिया। यही वजह है कि फिल्म का क्रेज अभी भी बना हुआ है।

Japan में क्यों बढ़ रही है उम्मीद?
पिछले कुछ समय में Japan में भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। खासकर ऐसी फिल्में, जिनमें एक्शन और इमोशनल एलिमेंट हो, वहां के दर्शकों को पसंद आती हैं। ‘Operation Dhurandhar’ भी उसी ट्रेंड को आगे बढ़ा सकती है।

क्या Japan में भी बनेगा नया रिकॉर्ड?
अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह फिल्म Japan में भी वही जादू चला पाएगी। अगर दर्शकों का प्यार यहां भी मिला, तो ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा के लिए एक और बड़ी ग्लोबल सफलता साबित हो सकती है।

आप के लिए अनुशंसित
धुरंधर: द रिवेंज नाम की दूसरी फिल्म  पिछले महीने रिलीज हुई थी। धुरंधर के लाइफटाइम कलेक्शन को  धुरंधर 2 ने  11 दिनों में ही  पार कर लिया  ।

धुरंधर 2  3,000 करोड़ रुपये की कमाई के साथ भारत की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी बन गई है, जिसने अपने सबसे मजबूत दावेदारों  बाहुबली  और  पुष्पा को पीछे छोड़ दिया है ।

Sacnilk के अनुसार, 41 दिनों के बाद, घरेलू कुल कमाई अब चौंका देने वाले ₹1,132.94 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि भारत की कुल कमाई ₹1,356.01 करोड़ है।

धुरंधर 2  सिनेमाघरों में चल रही है और इसने भारतीय फिल्म इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है।फिल्म की कहानी, निर्देशन और निर्माण की जिम्मेदारी आदित्य धर ने संभाली है। इसके निर्माता ज्योति देशपांडे और लोकेश धर हैं।

Stock Market Rally: इन 3 वजहों से शेयर बाजार में आई तूफानी तेजी, IT स्टॉक्स ने बढ़ाई सेंसेक्स-निफ्टी की रफ्तार

मुंबई 

 अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत और कच्चे तेल में गिरावट सेघरेलूशेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन तेजी आई है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 24,150 के करीब पहुंच गया। सुबह 9.40 बजे सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% तेजी के साथ 77,416.35 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 143.85 अंक यानी 0.60% ऊपर 24,149.70 अंक पर ट्रेड कर रहा है। रुपया शुरुआती कारोबार में मजबूत होकर 94.95 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयर तेजी के साथ खुले। देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा 3% तेजी रही। इसके अलावा एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा के शेयर भी 2% तक उछल गए। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस के शेयरों में 1% से ज्यादा गिरावट आई और यह बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा।

ब्रॉडर बाजार का हाल
ब्रॉडर बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.3% की तेजी आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 3% तेजी रही। वहीं, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में लगभग 1-1% की तेजी आई। एनएसई पर लगभग 1,818 शेयरों में तेजी रही जबकि 586 शेयरों में गिरावट आई और 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

शेयर बाजार में तेजी के तीन कारण 
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को लेकर पॉजिटिव सिग्नल का शेयर बाजार में तेजी के पीछे अहम रोल रहा. कतर ने कहा कि ईरान और अमेरिका ने Hormuz Strait को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के करीब 20 फीसदी हिस्से को संभालता है. इसके चलते विदेशी बाजारों में भी तेजी आई, तो गिफ्ट निफ्टी भी रफ्तार में नजर आया. इससे बाजार का सेंटीमेंट सुधरा। 

दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी गिरावट ने बाजार की रफ्तार बढ़ाने में योगदान किया. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। 

इनके अलावा आईटी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही बाजार की हीरो साबित हुए. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (4.60%), HCL Tech Share (3.80%), TCS SHare (3.05%), Tech Mahindra Share (3%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Coforge Share (4.70%), MPhasis Share (4.50%), Presistent Share (3.60%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे।  

बैंकिंग शेयर भी चमके
मार्केट में तेजी के बीच सिर्फ आईटी शेयर ही नहीं, बल्कि बैंकिंग स्टॉक्स भी चमके. लार्जकैप में शआमिल ICICI Bank Share, HDFC Bank Share, SBI Share करीब 1 फीसदी की तेजी में दिखे. इसके अलावा सनफार्मा, अडानी पोर्ट्स से लेकर ट्रेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे कंपनियों के स्टॉक्स भी ग्रीन जोन में नजर आए। 

कच्चे तेल में गिरावट
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में तेजी से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स अभी 1.06 फीसदी नीचे $70.81 प्रति बैरल पर आ ट्रेड कर रहा है। दोनों देशों के प्रतिनिधि पिछले दो दिनों से कतर की राजधानी दोहा में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने के बारे में चर्चा कर रहे हैं।

TMC चुनाव चिह्न पर संकट? आज चुनाव आयोग पहुंचेगा ऋतब्रत गुट, ममता बनर्जी की बढ़ेंगी मुश्किलें!

कोलकत्ता 

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी संघर्ष अब चुनाव आयोग की चौखट तक पहुंच गया है. पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न ‘जोड़ा घासफूल’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12 बजे नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा। 

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगा और यह बताएगा कि असली तृणमूल कांग्रेस उनका गुट है. उन्होंने बताया कि 22 जून को विधानसभा के विशेष सत्र के बाद आयोग को पूरी घटना की जानकारी और सभी जरूरी दस्तावेज भेज दिए गए थे. अब आयोग ने उनकी बात सुनने के लिए समय दिया है। 

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पार्टी के भीतर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट के बीच संगठन और राजनीतिक पहचान को लेकर संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं और पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना अधिकार जता रहे हैं। 

58 विधायकों के साथ टीएमसी के बागी हैं ऋतब्रत बनर्जी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद TMC में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 80 में से कमोबेश 58 विधायकों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बना ली और ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आ गए. इसके बाद बागी गुट ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुना और 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का भी ऐलान किया। 

तब से दोनों गुट पार्टी संगठन, विधायी दल और चुनावी पहचान पर अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं. इसी विवाद के चलते चुनाव आयोग की भूमिका अब बेहद अहम हो गई है. माना जा रहा है कि आयोग दोनों पक्षों के दस्तावेज और दलीलें सुनने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा। 

ऋतब्रत बनर्जी का टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर दावा
इस सप्ताह की शुरुआत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा था कि उनके गुट को चुनाव चिह्न पर अलग से दावा करने की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि असली तृणमूल कांग्रेस वही हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के ज्यादातर निर्वाचित जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं। 
अब सभी की नजर चुनाव आयोग की इस बैठक पर टिकी है. अगर विवाद गहराता है तो आयोग को यह तय करना पड़ सकता है कि तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक चुनाव चिह्न ‘जोड़ा घासफूल’ किस गुट के पास रहेगा. ऐसे में आज की बैठक पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। 

वायरल गर्ल के पति को बड़ा झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज; कोर्ट बोला- सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका

खरगोन
महाकुंभ से वायरल हुईं मोनालिसा ने इसी साल 11 मार्च को अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान संग केरल में शादी की थी. उनकी इंटरफेथ मैरिज पर जमकर बवाल हुआ. बताया गया कि मोनालिसा नाबालिग हैं. फरमान पर उन्हें भड़काने के आरोप लगे. हालांकि फरमान ने मीडिया के सामने मोनालिसा के 18 प्लस होने का दावा किया. फिर जांच पड़ताल में सामने आया कि मोनालिसा नाबालिग हैं. अब इस केस में फरमान की मुश्किल और बढ़ गई है। 

जेल जाएंगे फरमान?
खरगोन जिले के जिला न्यायालय मण्डलेश्वर की विशेष POCSO कोर्ट ने फरमान की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की. फरमान पर नाबालिग मोनालिसा को केरल ले जाकर शादी करने के आरोप हैं. फरमान पर नाबालिग मोनालिसा को केरल ले जाकर शादी करने का आरोप एक्ट्रेस के माता-पिता ने लगाया था. कोर्ट ने माना कि आरोपी फरार है, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है. महेश्वर थाने में बीएनएस, सहित अन्य धाराओं में दर्ज मामले में राहत देने से कोर्ट ने इनकार किया है। 

महेश्वर पुलिस ने इन धाराओं में केस डायरी पेश की
मोनालिसा के मामले में ऑडियो विभाग के अधिकारी पुलिस महेश्वर श्वेता शुक्ला ने पुलिस थाना महेश्वरी में धारा 137,( 2), 81,83, 87 भारतीय न्याय संहिता और धारा 9 बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम साथ ही धारा 3(2) v, 3(2) (va) अजजा, अजा अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की केस डायरी सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। 

महेश्वर नगरपरिषद में गलत बर्थडेट दर्ज
जांच की शुरुआत केरल के नयनार देवा मंदिर से हुई. मंदिर प्रशासन ने जांच में बताया कि मोनालिसा और फरमान की शादी आधार कार्ड में लिखी ऐज के बेसिस पर की गई है. केरल के पुअर गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय में इस शादी का पंजीकरण किया गया है. इसमें मोनालिसा के गलत जन्म प्रमाण पत्र को आधार बनाया गया है. जांच टीम ने पाया कि ये गलत जन्म प्रमाण पत्र नगरपालिका महेश्वर से जारी किया गया है. उसके बाद जांच टीम ने तत्काल मध्यप्रदेश महेश्वर के सरकारी मेडिकल अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की. फिर पाया कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 हुआ था. जिसके आधार पर वो केरल में संपन्न विवाह 11 मार्च, 2026 को मात्र 16 वर्ष 2 माह और 12 दिन की थी। 

साथ ही जांच टीम ने पूर्व में स्थानीय नगरपालिका महेश्वर द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, जो गलत जन्म तिथि के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें मोनालिसा की जन्म तिथि 1/1/2008 लिखाई गई थी, उसे निरस्त करवाने में भी कानूनी प्रावधानों का अध्ययन कर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया. जन्म प्रमाण पत्र के इस दस्तावेजी प्रमाण ने विवाह के पक्षकारों  की साजिश को बेनकाब कर दिया. मोनालिसा के माता-पिता ने उनके रक्त संबंधियों के जाति प्रमाण पत्र भी आयोग को उपलब्ध कराए गए. जिससे ये बात भी साबित हो गई कि मोनालिसा के माता-पिता अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्य हैं। 

महेश्वर के सरकारी रिकार्ड में नाबालिग मोनालिसा
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष अन्तर सिंह आर्य के निर्देश पर गठित जांच दल ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के गांवों तक गहन छानबीन की. 72 घंटे में केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक सारे तार जोड़कर सच को उजागर कर दिया। 

मोहन भागवत बोले- पाकिस्तान से भारत आए लोग शरणार्थी नहीं, देश के लिए संघर्ष करने वाले योद्धा थे

नागपुर

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 1947 के बंटवारे के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं थे, बल्कि संघर्ष करने वाले योद्धा थे, जिन्होंने अपनी मातृभूमि और धर्म के प्रति प्रेम के कारण भारी कठिनाइयों और दर्द का सामना किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने नए बने पाकिस्तान में कई पीढ़ियों से बनाई और बढ़ाई गई अपनी संपत्ति, जमीन और कारोबार को पीछे छोड़ दिया और भारत आना चुना। 

भागवत  नागपुर में सिंधी समुदाय द्वारा चलाए जा रहे संगठन ‘सिंधु एजुकेशन सोसाइटी’ के 75वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख ने कहा कि बंटवारे के बाद, लोगों ने सोच-समझकर दूसरी तरफ से भारत आने का फैसला किया, क्योंकि वे उस जमीन पर रहना चाहते थे जो भारत है, जहां वे बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सकें। 

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि विभाजन के बाद लोगों ने सोच-समझकर सीमा पार से भारत आने का फैसला किया, क्योंकि वे भारत भूमि में रहना चाहते थे, जहां वे बिना भय के अपने धर्म का पालन कर सकें। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे विस्थापित हुए थे, लेकिन वे शरणार्थी नहीं थे, उस समय उनके लिए ‘शरणार्थी’ शब्द का इस्तेमाल करना गलत था। वे मातृभूमि और अपने धर्म के प्रति प्रेम के कारण संघर्ष करने वाले योद्धा थे। वे उस लड़ाई में केवल अपनी गलतियों के कारण नहीं हारे थे।

‘उन्होंने करियर चुना, न ही संपत्ति’
मोहन भागवत ने कहा कि हम सभी भारत को एकजुट बनाए रखने की वह लड़ाई हार गए थे, लेकिन उन्होंने क्या चुना? उन्होंने न तो करियर चुना और न ही संपत्ति। उन्होंने देश और अपने धर्म को चुना। आरएसएस प्रमुख ने सिंधु एजुकेशन सोसाइटी की 75 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे पड़ाव किसी भी संस्था को अपने कार्यों की समीक्षा करने और अपने उद्देश्यों को याद करने का अवसर प्रदान करते हैं।

जीवन की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के सामने हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि दोबारा उठ खड़े होने का प्रयास करना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि परिस्थितियों या भाग्य के सामने स्वयं को असहाय नहीं समझना चाहिए। कठिन समय से निकलने का प्रयास करने वाला व्यक्ति ही अंततः सफल होता है, जबकि कठिनाइयों से भागने वाला पहले ही अपनी हार स्वीकार कर चुका होता है। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए शिक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन यही शिक्षा का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए।

भागवत ने कहा कि सही और गलत में अंतर करने की क्षमता विकसित करने के लिए मूल्य आधारित शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि शिक्षकों के आचरण और विद्यार्थियों में उनके द्वारा विकसित किए जाने वाले मूल्यों से भी मिलती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य अच्छे इंसानों का निर्माण करना और ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो समाज के कल्याण के प्रति सजग हो।

उन्होंने बताया कि वे शरणार्थी नहीं थे, हालांकि वे विस्थापित हुए थे, लेकिन उस समय उनके लिए यह शब्द गलत इस्तेमाल किया गया था. वे संघर्षरत योद्धा थे जिन्होंने अपनी मातृभूमि और अपने धर्म के प्रति प्रेम के कारण संघर्ष किय। 

भागवत ने कहा कि हम सभी, भारत को एकजुट रखने की वह लड़ाई हार गए. लेकिन उन्होंने क्या चुना? उन्होंने करियर नहीं चुना, उन्होंने धन नहीं चुना. उन्होंने देश को चुना, उन्होंने अपने धर्म को चुना। 

RSS प्रमुख ने सिंधु एजुकेशन सोसाइटी की 75 साल की यात्रा का जिक्र किया और कहा कि ऐसे पड़ाव किसी संस्था द्वारा किए गए कामों की समीक्षा करने और उसके लक्ष्यों को याद करने का मौका देते हैं। 

वहीं, जीवन की कठिनाइयों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने जोर दिया कि विपरीत परिस्थितियों में हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि फिर से उठने की कोशिश करनी चाहिए। 

महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की हुई शुरुआत, आईईएचई भोपाल में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया गया आत्मीय स्वागत

महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की हुई शुरुआत, आईईएचई भोपाल में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया गया आत्मीय स्वागत

Working Together Towards Excellence के संकल्प के साथ शुरू हुई नई शैक्षणिक यात्रा

भोपाल

प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों में बुधवार से नए शैक्षणिक सत्र 2026 की शुरुआत हो गई है। उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए “दीक्षारंभ प्रवेश उत्सव एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम” उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण, भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं तथा उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं से परिचित कराते हुए उच्च शिक्षा की नई यात्रा के लिए तैयार करना था। इस अवसर पर संस्थान के वार्षिक संकल्प “Working Together Towards Excellence” को विद्यार्थियों के समक्ष मार्गदर्शक विचार के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों का मुख्य प्रवेश द्वार पर अक्षत एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। हरित वसुंधरा क्लब के तत्वावधान में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, अध्ययन संसाधनों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा उच्च शिक्षा में सफलता के लिए आवश्यक कौशलों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा संस्थान की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर संस्थान के संचालक डॉ. (प्रो.) प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं कौशल विकास का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि आईईएचई भोपाल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने संस्थान के इस वर्ष के संकल्प “Working Together Towards Excellence” का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्कृष्टता का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब शिक्षक एवं विद्यार्थी सहयोग, समर्पण और सहभागिता की भावना के साथ मिलकर कार्य करें। उन्होंने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दीक्षारंभ समारोह के अंतर्गत वाणिज्य, कला एवं विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए पृथक-पृथक अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में विद्यार्थियों का शिक्षकों से परिचय कराया गया तथा पाठ्यक्रम, अध्ययन पद्धति, अकादमिक अवसरों, अनुसंधान गतिविधियों एवं संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई |

मानसिक स्वास्थ्य के बारे में दी गई जानकारी

दीक्षारंभ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “Mental Health and Wellness Program” रहा। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यबल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं सकारात्मक जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया।

1 जुलाई 2026 को आयोजित सत्र में एम्स भोपाल की बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा कुशवाहा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण में सहज रूप से समायोजित होने, अध्ययन एवं व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने तथा मानसिक रूप से सुदृढ़ रहने के व्यावहारिक उपाय बताए। वहीं, 2 जुलाई 2026 को सागर पब्लिक स्कूल, भोपाल की मनोवैज्ञानिक डॉ. इंदु सिंह विद्यार्थियों से संवाद कर मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन देंगी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के शिक्षकों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा व्यक्तित्व विकास, ज्ञान विस्तार एवं उज्ज्वल भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावक

इस अवसर पर कुल 756 नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 117 अभिभावकों  ने भी कार्यक्रम में सहभागी होकर संस्थान की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान संस्थान का वार्षिक टैगलाइन “Working Together Towards Excellence” विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के सामूहिक संकल्प के रूप में प्रतिध्वनित हुआ।

उल्लेखनीय है कि संस्थान की सामान्य परिषद के अध्यक्ष उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कार्यसमिति के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा के मार्गदर्शन में संस्थान निरंतर उत्कृष्टता एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर है।

 

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