सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ

सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ

सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी प्रदर्शनी : मंत्री सारंग
प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर अग्रसर

भोपाल
सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ गुरुवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंत्री सारंग ने फीता काटकर प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी संगठनों, शासकीय विभागों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं उत्पादक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित उत्पादों, नवाचारों एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा सहकारिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

मंत्री सारंग ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में विकास, जनकल्याण और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर नए-नए प्रकल्पों पर कार्य कर रहे हैं। सहकारिता इस विकास यात्रा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम है। इसी दृष्टि से प्रधानमंत्री मोदी ने देश में पृथक सहकारिता मंत्रालय का गठन किया तथा देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। आज सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 29 जून से 5 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में ‘सहकारी सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारिता की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी भी इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण आयोजन है।

मंत्री सारंग ने कहा कि यह प्रदर्शनी सहकारिता से जुड़े सभी प्रमुख आयामों की व्यापक झलक प्रस्तुत करती है। इसके माध्यम से प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों, नवाचारों और योजनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएँ नवाचार के माध्यम से जो गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं, उनका प्रदर्शन भी इस प्रदर्शनी में किया जा रहा है। इससे सहकारी संस्थाओं को नए बाजार उपलब्ध होंगे, उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा तथा प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, कारीगरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहकारी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकारिता के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं से नवाचार, गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए अपने उत्पादों एवं सेवाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ सहकारी संस्थाओं को विपणन का प्रभावी मंच उपलब्ध कराने के साथ उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच विश्वास को सुदृढ़ करती हैं तथा नई पीढ़ी को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

मंत्री सारंग ने हस्तशिल्प कारीगरों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन स्वरूप सिलाई मशीन सहित विभिन्न टूल किट एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

तीन दिवसीय प्रदर्शनी में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा उत्पादक संगठनों द्वारा कृषि, दुग्ध, बीज, उर्वरक, मत्स्य, वनोपज, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, हस्तशिल्प, उद्यमिता विकास, एफपीओ, सौर ऊर्जा तथा ग्रामीण आजीविका से संबंधित उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन (सांची), मार्कफेड, इफको, कृभको, नेफेड, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक), जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), नाबार्ड सहित अनेक प्रमुख सहकारी संस्थाओं ने अपने स्टॉल स्थापित किए हैं।

कार्यक्रम में प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ अभिजीत अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक महेंद्र दीक्षित, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ सहित विभिन्न विभागों एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएँ, कृषक, उद्यमी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी 4 जुलाई 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में सहकारी संस्थाओं द्वारा निर्मित उत्पादों, नवाचारों एवं सेवाओं का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति प्रदान करने तथा “सहकार से समृद्धि” के राष्ट्रीय अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

 

सुकमा में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना’ का शुभारंभ

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना’ का शुभारंभ किया गया। सुकमा जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी

सुकमा कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकुंद ठाकुर ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

महिलाओं और युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर

योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास, वित्तीय सहायता और आजीविका आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों ने बताया ग्रामीण विकास की बड़ी पहल

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष मती मंगम्मा सोयम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य  कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने योजना को ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

केंद्रीय मंत्री के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। इसमें विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका, रोजगार सृजन और आजीविका के नए अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

जिला प्रशासन का विश्वास है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, लोगों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह योजना आत्मनिर्भर गांव और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनकल्याणकारी सोच और वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुकमा ने रचा नया कीर्तिमान

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुदूर और नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं।
93.04 प्रतिशत अंक के साथ हासिल की राष्ट्रीय उपलब्धि
कलेक्टर  अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य केंद्र ने भारत सरकार के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी  मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक मती रेणूका सूना तथा  माड़वी हिड़मा सहित पूरी स्वास्थ्य टीम की मेहनत, समर्पण और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है।

कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद मिला एनक्वास प्रमाणपत्र

एनक्वास (National Quality Assurance Standards) प्रमाणपत्र भारत सरकार द्वारा केवल उन स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इसमें मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की देखभाल, प्रयोगशाला सेवाएं तथा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाता है।

7,417 ग्रामीणों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से लैस है। यह केंद्र लगभग 7,417 ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
शासकीय योजनाओं से बदल रही सुकमा की तस्वीर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

अन्य जिलों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल

सुकमा की यह उपलब्धि बताती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा से दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आज सुकमा का यह मॉडल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

जनपद पंचायत CEO का तबादला, अब जिला पंचायत CEO को हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण

मोहला-मानपुर.

निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी, अनावश्यक देरी और अनदेखी का आरोप लगाते हुए मोहला-मानपुर जिले के तीन विकासखंड के 185 सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के तबादले की मांग की थी। इस बीच मोहला जनपद पंचायत के सीईओ प्रांजल प्रजापति का तबादला बस्तर कर दिया है।

इस तबादले को सरपंच और पंचायत विभाग के बीच जारी टकराव के मसले पर शासन की बड़ी प्राथमिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि यह तबादला इसी विवाद की वजह से हुआ है, लेकिन पिछले एक हफ्ते से जिला सरपंच संघ प्रशासन पर ‘कथित वसूली’ और ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ जैसे गंभीर आरोप लगाकर पंचायत विभाग को कटघरे में खड़ा कर रहा था।

सरपंच संघ का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा रायपुर
जिस दिन तबादला आदेश जारी हुआ, उसी दिन सरपंच संघ का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलने की जुगत में लगा हुआ था। खबर ये भी मिल रही है कि इस प्रतिनिधिमंडल ने शासन के किसी बड़े नेता से मिलकर पंचायत विभाग और प्रशासन के तथाकथित कारनामों से नेताजी को अवगत भी कराया है। ऐसे में इस घटनाक्रम के बाद ये सोचा जाना लाज़मी है कि सीईओ का तबादला सरपंच संघ द्वारा प्रशासन के द्वारा छेड़ी गई मुहिम नतीजा भी हो सकता है।

दूसरी ओर जिला सरपंच संघ और प्रशासन के बीच उपजे विरोध के मसले पर कलेक्टर ने भी बारह सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। दो अपर कलेक्टर तथा संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर से युक्त इस जांच कमेटी के सदस्य चार-चार की संख्या में बट कर जिले के तीनों जनपद पंचायतों मसलन मोहला, मानपुर व अंबागढ़ चौकी में अलग-अलग जांच बैठाकर जिला सरपंच संघ की ओर से सामने आये तथ्यों और मांगो को लेकर पड़ताल करेंगे।

क्या है पूरा मामला ?
निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी, अनावश्यक देरी और अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीन विकासखंड के 185 सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के तबादले की मांग की थी। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफा की चेतावनी भी दी थी। सरपंच संघ उप मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा से भी मीडिया के जरिए गुहार लगा चुके हैं।

जगदलपुर में पार्किंग विवाद में बुजुर्ग गार्ड की बेरहमी से पिटाई, युवक ने घसीट-घसीटकर किया हमला

जगदलपुर.

शहर के धरमपुरा स्थित विशाल मेगा मार्ट में कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पार्किंग में तैनात एक बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड को युवक ने जमीन पर गिराया और फिर घसीट-घसीटकर पीटा। घटना का पूरा घटनाक्रम मेगा मार्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग
वायरल हो रहे वीडियो में बुजुर्ग गार्ड खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि युवक लगातार उनके साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। गार्ड की बेटी ने आरोपी युवक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो बना चर्चा का विषय
इस घटना ने सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती हिंसा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना–उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन

योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा

रायपुर,
ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे। 

         केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है। 

        उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।

        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।

         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

         पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। 

        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति

        उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

मानव श्रृंखला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण

         कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री शर्मा, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर योजना का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं इसमें जनभागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वृहद स्तर पर हुआ पौधरोपण

      पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कम लागत, दोगुना फायदा: जशपुर के किसान ने गेहूं की खेती से बढ़ाई आमदनी

कम लागत, दोगुना फायदा: जशपुर के किसान ने गेहूं की खेती से बढ़ाई आमदनी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कृषि विभाग के मार्गदर्शन का किसानों को मिल रहा लाभ

खरीफ के साथ रबी फसल अपनाकर किसान बन रहे आत्मनिर्भर, बढ़ रही आय

रायपुर,

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।

जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम सोगड़ा निवासी किसान श्री कीना राम इस पहल का सफल उदाहरण हैं। सीमित कृषि भूमि होने के बावजूद उन्होंने खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं की खेती अपनाकर अपनी आय में वृद्धि की है।

किसान श्री कीना राम ने बताया कि कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्होंने रबी फसल की खेती शुरू की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) योजना के तहत उन्हें एक एकड़ भूमि के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने खेत की अच्छी तैयारी कर पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद का उपयोग किया तथा समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार प्रबंधन किया। इसका परिणाम यह रहा कि फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप बहुत कम रहा और गेहूं का अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ।

श्री कीना राम ने बताया कि उनके पास कुल 0.800 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे केवल खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे और रबी सीजन में खेत खाली छोड़ देते थे। इससे उन्हें गेहूं बाजार से खरीदना पड़ता था। अब रबी में गेहूं की खेती करने से परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध होने के साथ अतिरिक्त उत्पादन बेचकर आय भी प्राप्त हो रही है।

उन्होंने बताया कि धान के बाद गेहूं की खेती से खाली समय और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है, खेती की लाभप्रदता बढ़ी है तथा रबी में पड़ती भूमि भी समाप्त हो गई है। इससे परिवार की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

किसान श्री कीना राम ने अन्य किसानों से भी खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कम लागत और कम समय में बेहतर आमदनी प्राप्त करने के लिए रबी फसल एक बेहतर विकल्प है। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

दुर्ग में 1149 म्यूल अकाउंट का खुलासा, करोड़ों की साइबर ठगी के लेनदेन का पर्दाफाश

दुर्ग.

दुर्ग जिले में साइबर ठगी का जाल अब म्यूल अकाउंट के जरिए संगठित रूप ले चुका है। मामूली कमीशन या लालच देकर लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिले में सैकड़ों बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया है।

सुपेला, दुर्ग, पुरानी भिलाई, नेवई, छावनी, मोहननगर, भिलाई भट्ठी, नंदिनी, पद्मनाभपुर, उतई, वैशालीनगर व साइबर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में 1149 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल सामने आया है। मोहन नगर के एक मामले में 111 खातों के जरिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी हुई। एक अन्य प्रकरण में 22 खातों से 10 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी दर्ज की गई। सुपेला क्षेत्र में 105 खातों के जरिए एक करोड़ रुपए से ज्यादा का फर्जी ट्रांजेक्शन हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नेटवर्क बेहद संगठित और व्यापक है।

दुर्ग जिले में साइबर अपराध की काली कमाई छिपाने के लिए म्यूल खातों के प्रयोग का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस का यह बड़ा अभियान चलाकर प्रारंभिक जांच में सामने आया है। कि बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धनराशि को छिपाने, विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने आदि के लिए किया जा रहा था

मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम में सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास कार्यों का किया अवलोकन

सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान सोठी स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुँचे। आश्रम आगमन पर संस्था के पदाधिकारियों एवं आश्रमवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख सुधीर देव से संस्था की सेवा गतिविधियों, चिकित्सा सुविधाओं तथा पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत केंद्र है। यहाँ वर्षों से समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद लोगों की गरिमा के साथ सेवा की जा रही है, जो भारतीय संस्कृति के ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के आदर्श को साकार करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सेवा भाव को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के लिए नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह एम्बुलेंस आश्रमवासियों एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर का भ्रमण कर सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आश्रमवासियों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें उपहार भी भेंट किए। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौमाता की पूजा-अर्चना कर हरा चारा अर्पित किया और गौसेवा का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण कर ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थियेटर सहित विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी अवलोकन किया। उन्होंने वाहन के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचाई जा रही कैंसर जांच सेवाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा ऐसी पहल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब,सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, विधायक जगदलपुर किरण सिंह देव, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष भोजराज देवांगन, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से अब अल्पावधि ऋण सुविधा उपलब्ध

ई-कोष से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों को मिलेगा त्वरित, पारदर्शी एवं सुरक्षित ऋण

रायपुर,
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पावधि ऋण (Short Term Credit) की सुविधा प्रारंभ की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं के समय त्वरित, सरल एवं पारदर्शी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें असुविधाजनक अथवा अनौपचारिक वित्तीय स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े।

यह सुविधा राज्य शासन की ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे कर्मचारियों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों के कल्याण और उनकी आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आवश्यकता के समय कर्मचारियों को त्वरित, सरल और पारदर्शी वित्तीय सहायता उपलब्ध हो, इसी उद्देश्य से अल्पावधि ऋण सुविधा प्रारंभ की गई है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से यह सुविधा सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होगी। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से कर्मचारियों के हितों को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह अल्पावधि ऋण सुविधा कर्मचारियों को आवश्यकता के समय त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी तथा उन्हें सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वित्तीय विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी एवं सुरक्षित है। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर (Employee Corner) के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ऋण से संबंधित सभी शर्तें, ब्याज दर, ईएमआई, शुल्क तथा की फैक्ट स्टेटमेंट (Key Fact Statement-KFS) जैसी आवश्यक जानकारियां पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कर्मचारी पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के उपरांत ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण तथा सहमति (Consent) की प्रक्रिया पूर्ण होने पर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की जाएगी। ऋण की मासिक किस्तों का भुगतान वेतन से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure-SOP) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता एवं डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन किया जाएगा। कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग केवल उनकी सहमति से किया जाएगा तथा सभी लेन-देन सुरक्षित डिजिटल माध्यम से संपन्न होंगे।

इस पहल से कर्मचारियों को आकस्मिक चिकित्सा, शिक्षा, पारिवारिक अथवा अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुदृढ़ होगी तथा औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बनेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त विभाग की यह पहल कर्मचारी हितैषी शासन, सुशासन और डिजिटल प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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