उत्साह व उमंग के साथ आज से शुरू हुआ सिंधी मेला द्वारा आयोजित कुकिंग कंप्टीशन

भोपाल 

सिंधी मेला समिति द्वारा सिंधी व्यंजन की परंपरा को बरकरार रखने के उद्देश्य से आयोजित कुकिंग कॉम्पीटिशन का शुक्रवार को भव्य आगाज  हुआ, इस आयोजन के पहले दिन संत हिरदाराम नगर, बेरागढ़ कला स्थित स्काईलैंड गार्डन एवं कोटरा सुल्तानाबाद स्थित खालसा मांगलिक भवन पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सिंधी समाज की महिलाओं एवं युवतियों ने प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। इस दौरान सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी ने भी इस प्रतियोगिता में शामिल महिलाओं का उत्साह बड़ाने के लिए इस आयोजन में शिरकत की, उन्होंने सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सिंधी मेला समिति द्वारा इन आयोजन के ज़रिए परंपरा और नवाचार को एक साथ पिरोने का सफल प्रयास किया गया है जो हमारी सिंधी सांस्कृतिक एवं समरसता का प्रतीक है। इस अवसर पर सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरियानी ने कहा कि शुक्रवार को इस प्रतियोगिता का आग़ाज़ हो चुका है पहले दिन दो स्थानों पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, कल शनिवार एवं रविवार को भोपाल के 15 से अधिक सेंटरो पर एक साथ इस कुकिंग कॉप्टिशन का आयोजन किया जायेंगा। इसके बाद यह आयोजन संभागीय क्षेत्र में आयोजित होगा, इस दौरान समिति के महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि रविवार 26 जुलाई को भोपाल के मानस भवन में समिति द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया है, जिसमे इस प्रतियोगिता में चयनित हुई महिलाओं को बेस्ट कुकिंग अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

युवाओं के सपनों को पूरा करने हर संभव मदद करेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिये हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2 करोड़ युवा विकसित भारत @2047 के निर्माण में सहभागी बनते हुए प्रदेश की समृद्धि के भी सूत्रधार बनेंगे। राष्ट्र के नवनिर्माण में युवा शक्ति की प्रतिभा को निखारने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिये संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे कौशल उन्नयन संस्थानों के द्वारा स्पेशल ट्रेनिंग दे रही है। दुनिया की सबसे बड़ी यंग जनरेशन भारत में है। हमारा देश युवाओं का देश है। युवाओं के बलबूते ही भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। अपनी क्षमता, दक्षता, योग्यता, जोखिम लेने का साहस, बुद्धिमता और उद्यमशीलता से यही युवा नये विकसित भारत का निर्माण करेंगे। भारत के हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने की डिजिटल कंटेंट अवार्ड की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘मध्यप्रदेश यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्थान और जन जागरूकता के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के योगदान को सराहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के डिजिटल इंफ्ल्यूएंसर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘डिजिटल कंटेंट अवॉर्ड’ प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के साथ काम करने वाले युवा आज समाज में परिवर्तन के सशक्त वाहक बन रहे हैं और उनके योगदान को सम्मानित किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, धार सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के 200 से अधिक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स शामिल हुये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए समाज निर्माण, सकारात्मक परिवर्तन और जनजागरूकता में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज को दिशा देने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। आज का यूथ केवल कंटेंट नहीं बना रहा, बल्कि विचारों को दिशा दे रहा है, समाज को जोड़ रहा है और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को स्वर दे रहा है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और जिम्मेदार डिजिटल कंटेंट के माध्यम से युवा समाज में रचनात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

वर्ष 2027 होगा युवाओं का साल : युवाओं के कल्याण की इसी साल से हो गई शुरुआत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगला साल (2027) प्रदेश की युवा शक्ति को समर्पित रहेगा। युवाओं के समग्र कल्याण सहित इन्हें रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण की शुरूआत इसी साल से इस ‘यूथ कॉन्क्लेव’ के जरिए हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए युवाओं की सहभागिता बेहद आवश्यक है। हम प्रदेश के विकास यज्ञ में युवाओं की शत्-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा साथी अपने जीवन में आगे बढ़ने और कुछ नया कर गुजरने के सपने देंखे, युवाओं के सपनों को पूरा करने में हमारी सरकार सभी प्रकार की मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कॉन्क्लेव में आए युवाओं ने ‘मध्यप्रदेश युवा संकल्प-2026’ का मसौदा सौंपा। मुख्यमंत्री ने दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने सुझाव देने वाले सभी युवा चिंतकों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक फैसला लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बैंकिंग प्रणाली और यूपीआई से जोड़ने के लिए करोड़ों लोगों के जीरो बैलेंस में बैंक खाते खुलवाए। यह वित्तीय समावेशन की दिशा में उठाया गया विश्व का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने कहा कि जो काम पहले असंभव मान लिया गया था, हमारी सरकार ने पुरजोर प्रयास कर उसे धरातल पर उतारा है। आज इंदौर शहर को भी नर्मदा का पवित्र जल मिल रहा है। प्रदेश में केन-बेतवा नदी लिंक और पीकेसी नदी लिंक परियोजनाओं पर काम जारी है। हमारी सरकार युवा शक्ति को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है। युवा शक्ति अवसरों का भरपूर लाभ उठाए।

होम-स्टे से युवाओं को ग्रामीण अंचलों में मिल रहा है रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति अपनी प्रतिभा से देश और समाज में अलग पहचान बनाए। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे तैयार करने के लिए युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने पर ऐसे उद्यमियों को हमारी सरकार प्रत्येक श्रमिक के वेतन में 5 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन सहायता दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने राहवीर योजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करते हुए किसी सड़क हादसे के घायलों की मदद करने वाले वीरों को सरकार द्वारा इनाम के रूप में 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को कठिन समय में पीएम हेली सेवा और पीएम एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मदनलाल ढींगरा जैसे वीरों ने भारत माता की सेवा करते हुए स्वयं को बलिदान कर दिया। झाबुआ जिले के भाबरा में जन्मे चंद्रशेखर आजाद ने जिंदा रहते हुए तक खुद को अंग्रेजों को हाथ नहीं लगाने दिया। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा ने ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के पिता  धीरू भाई ने पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हुए संघर्ष किया और अपना व्यवसाय स्थापित किया। यह सब इस बात का प्रतीक है कि युवाओं ने ही देश को नई दिशा दी है।

युवाओं ने रखी अपनी बात

कॉन्क्लेव में युवा सु कशिश आहूजा और  संकल्प सिंह चौहान ने शिक्षा-कौशल विकास तथा सु अमीक अमानी ने खेल क्षेत्र में संकल्प पत्र का वाचन किया। डॉ. महक भंडारी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र पर अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आभा आईडी के माध्यम से सभी रिपोर्ट्स अब मोबाइल पर डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध हैं। हमारे युवा स्वास्थ्य कर्मी वॉलेंटियर्स बनकर सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करें। सु सानिया जसवानी ने एमएसएमई सेक्टर के संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश की युवा शक्ति नई ऊर्जा से भरी हुई है। हम नवाचारों को लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के संकल्प में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

युवा  लखन पाटीदार और  जितेंद्र पाटीदार ने कृषि, उद्यानिकी एवं फूड प्रोसेसिंग के संकल्प पत्र का वाचन करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बन रहे हैं। हमारे युवा प्राकृतिक खेती कर अपना ब्रांड बनाएं और अपनी फसल डिजिटल मार्केटिंग से बेचकर अधिक आय कमाएं। अब ग्रामीण हाट बाजारों में प्राकृतिक खेती के उत्पाद नजर आने लगे हैं। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पॉलीहाउस लगाने की सुविधा मिलती है। इससे युवा संरक्षित खेती अपना सकते हैं। इससे मौसम की मार और विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा फसल उत्पादन लिया जा सकता है।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन  राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत दुनियाभर में अपने झंडे गाड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज ही आजाद बाइक रैली को झंडी दिखाई है, जो अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) तक जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ में पांच अलग-अलग विषयों पर युवाओं ने अपने रोचक विचार व्यक्त किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। युवा शक्ति हमारा भविष्य है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कॉन्क्लेव में शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल एवं स्वास्थ्य और जनअभियान विषयों पर कार्यशाला एवं संस्कृति, कला, पर्यटन युवा संकल्प निर्माण और सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के साथ युवाओं के मार्गदर्शन के लिये उपयोगी संवाद सत्रों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद  शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सु ऊषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक  महेंद्र हार्डिया, विधायक  मधु वर्मा, विधायक मती मालिनी गौड़, विधायक  गोलू शुक्ला, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उद्यमी, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, प्रोफेशनल्स उपस्थित थे।

‘माय यूथ – माय प्राउड’ कॉन्क्लेव की प्रमुख झलकियां
    

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही युवाओं में अपार उत्साह, ऊर्जा और उमंग का माहौल देखने को मिला।
  • मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा के लिए आयोजित बाइक रैली और ओंकारेश्वर के लिए साइकिल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया
  • मुख्यमंत्री भी बाइक पर सवार हुए और बाइकर्स का उत्साहवर्धन किया।  
  • मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर युवाओं को यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।   
  • युवाओं के लिए कार्यक्रम स्थल पर इंदौरी जायकों से सुसज्जित फूड स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें युवाओं का शानदार प्रतिसाद मिला  
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी मालवा के प्रसिद्ध व्यंजनों—शिकंजी, भुट्टे की किस, कांजी वड़ा और रसगुल्ले का स्वाद लिया  
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
  • युवाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी मुक्त कंठ से सराहना की
  • विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट कर अपने नवाचार, स्टार्ट-अप, करियर और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।
  • युवाओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की और सेल्फी खिंचवाई।  
  • लाइव म्यूजिक बैंड और ऑर्केस्ट्रा की आकर्षक प्रस्तुतियों ने युवाओं को रोमांचित कर दिया। मुख्यमंत्री स्वयं मंच पर पहुंचकर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों और बैंड के युवाओं का उत्साहवर्धन किया। 
  • पूरे कार्यक्रम में युवाओं का जोश, नवाचार, रचनात्मकता और मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी बनने का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा: मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर

कृषि एवं कृषक कल्याण तथा पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम

कृषि एवं कृषक कल्याण तथा पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि बलरामपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को योजनाबद्ध ढंग से विकसित कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन आधारित कौशल विकास प्रशिक्षण तैयार कर युवाओं को गाइड, होम-स्टे, होटल प्रबंधन एवं अन्य पर्यटन सेवाओं से जोड़ने की प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक युवा को रोजगार या स्वरोजगार का अवसर मिल सके।

मंत्री नेताम शनिवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि का उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करते हुए विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की साझा निगरानी से विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। मंत्री नेताम ने किसानों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी सहकारी बैंकों में शेड तथा पर्याप्त बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री नेताम ने जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा पिछले वर्ष स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

बैठक में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की नियमित जानकारी उपलब्ध कराएं।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के महत्वपूर्ण कार्यों, आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, डीएमएफ अंतर्गत प्राप्ति एवं व्यय तथा प्रमुख विकास गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास एवं आजीविका, स्वच्छता, कृषि, उद्यानिकी तथा पशुपालन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाएगा।

बैठक में सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेई सहित जिला खनिज संस्थान न्यास समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

रायपुर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, उदयपुर में आयोजित विकासखंड स्तरीय ‘शाला प्रवेश उत्सव’ में सहभागिता कर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मिठाई खिलाकर नवीन शैक्षणिक जीवन की शुभ शुरुआत कराई तथा अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं की।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि “हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संस्कारित समाज के निर्माण की आधारशिला है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारते हुए अपने सपनों को साकार कर सके।”
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, नियमित विद्यालय आने तथा जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकगण को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आई रेल सुविधाओं के विकास में अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 

छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास अब केवल नई रेल लाइनों के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय संतुलित विकास का सबसे सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पिछले ढाई वर्षों में रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। रिकॉर्ड बजटीय निवेश, नई रेल लाइनों का निर्माण, मल्टी-ट्रैकिंग, दोहरीकरण, आधुनिक स्टेशन, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण तथा दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक रेल संपर्क के विस्तार ने छत्तीसगढ़ को देश के रेलवे मानचित्र पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। वर्तमान में प्रदेश में ₹51 हजार करोड़ से अधिक लागत की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा रेलवे निवेश है और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला बन रहा है।

रेलवे क्षेत्र में हुआ रिकॉर्ड निवेश इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है। वर्ष 2014 से पहले छत्तीसगढ़ को रेल परियोजनाओं के लिए औसतन लगभग ₹300 करोड़ का वार्षिक बजट प्राप्त होता था, जबकि वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर ₹7,470 करोड़ तक पहुंच गया है। अर्थात एक दशक में रेलवे बजट में लगभग 24 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। यह केवल बजट में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं और राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व   में डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव की पहल पर जिस तेजी से नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है और उन पर कार्य प्रारंभ हुआ है, उसने प्रदेश के विकास की दिशा ही बदल दी है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य और मध्य भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। रेलवे विकास से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे। दूरस्थ वनांचलों तक रेल पहुंचने से विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना है। बस्तर, सरगुजा, जशपुर और अन्य दूरस्थ अंचलों में रेलवे पहुंचने से  विकास का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे अब केवल यात्रियों और माल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन बन चुकी है। विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी रेल एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के इस विज़न को साकार करने की दिशा में प्रदेश में अनेक महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रेल नेटवर्क के विस्तार में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 1853 से 2014 तक लगभग 161 वर्षों में जहां राज्य में करीब 1,100 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क विकसित हुआ था, वहीं अब छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क 2,200 रूट किलोमीटर से अधिक करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक, शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण, अत्याधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था तथा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं ने रेलवे परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और ऊर्जा दक्ष बनाया है।

बस्तर अंचल में रावघाट रेल परियोजना विकास की नई धुरी बनकर उभरी है। दल्लीराजहरा से अंतागढ़ तक 77 किलोमीटर रेलखंड पर यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से हजारों ग्रामीण पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं। परियोजना के अगले चरण में तुमापाल (ताहोकी) से कोसरोण्डा तक पुल-पुलियों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है तथा रेल लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। कोसरोण्डा से रावघाट तक रेलवे अधोसंरचना का निर्माण भी अंतिम चरण में है। परियोजना पूर्ण होने पर रावघाट की लौह अयस्क खदानें सीधे भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ जाएंगी, जिससे उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई मजबूती मिलेगी। वहीं कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन के दोहरीकरण से बस्तर क्षेत्र में माल एवं यात्री परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रेल कॉरिडोर को ₹8,741 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। 278 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा। इससे प्रदेश की लॉजिस्टिक्स लागत में प्रतिवर्ष लगभग ₹2,520 करोड़ की कमी आने का अनुमान है, अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता विकसित होगी तथा उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन, कोरबा-अंबिकापुर, गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली, रावघाट-जगदलपुर, अंबिकापुर-बरवाडीह, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा, गेवरा-पेंड्रा, खरसिया-धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन जैसी परियोजनाएं प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रही हैं। विशेष रूप से धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर जिले को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का लगभग ₹1,680 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। आधुनिक स्टेशन, वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, मेमू सेवाओं का विस्तार तथा रायपुर में विकसित की जा रही आधुनिक रेल परिचालन सुविधाएं प्रदेश की रेलवे व्यवस्था को नई पहचान दे रही हैं।

ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को भी 755 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इससे एसईसीएल और एमसीएल की खदानों से कोयले के परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश के ताप विद्युत संयंत्रों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा।

रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को हाल ही में स्वीकृति प्रदान की गई है।इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि रेलवे के क्षेत्र में हो रहा अभूतपूर्व निवेश आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार, व्यापार और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा। बस्तर से सरगुजा तक सुदृढ़ होती रेल कनेक्टिविटी विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।

ईरान को ट्रंप की सबसे बड़ी चेतावनी, बोले- ‘1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड’

न्यूयॉर्क

अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और आक्रामक बयान दिया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें “लॉक्ड एंड लोडेड” हैं और सीधे ईरान की ओर निशाना साधे हुए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की साजिश रची या ऐसी कोई कोशिश की, तो अमेरिकी सेना पूरे एक साल तक ईरान के हर हिस्से पर लगातार हमले करने के लिए तैयार है। 

ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, “अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में मेरे खिलाफ हत्या की धमकी को अमल में लाने की कोशिश करती है, तो अमेरिका ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह तबाह कर देगा. आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार, इच्छुक और सक्षम है। 

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है. जून में दोनों देशों के बीच संघर्ष के बाद एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन हालिया सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों के बाद हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। 

क्यों भड़के ट्रंप?
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ संघर्षविराम समझौता टूटने के बाद से ही तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते सप्ताह ट्रंप ने खुद एक बयान में कहा कि सीजफायर खत्म हो चुका है। ताजा धमकियों का सिलसिला तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान में 90 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइलें बरसा दीं। इधर ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तब खत्म भी नहीं हुई थी। ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन पर हमले तो किए ही, इस बीच तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप की मौत के भी खूब पोस्टर लहराए।

खामेनेई के जनाजे में ट्रंप के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखा गया। तेहरान में अंतिम यात्रा के दौरान ट्रंप की बनी तस्वीरों पर बंदूक के निशान बनाए गए। इस तरह की धमकियां भी लिखी गईं कि अमेरिका ने हमारे पिता को मारा है, हम उसे छोड़ेंगे नहीं!” इसके अलावा जब खामेनेई के पार्थिव शरीर को मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफनाया जा रहा था, तब कुछ महिलाओं के हाथ में किल ट्रंप के पोस्टर भी नजर आए।

कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चेहरे बंदूक के निशाने पर दिखाए गए थे। उन पोस्टरों पर लिखा था, “खून बहकर रहेगा।” इस तरह खुलेआम अपनी मौत के आह्वान को देख ट्रंप भड़क गए हैं।

ईरान-अमेरिका तनाव की वजह
ट्रंप के पहले कार्यकाल में 2020 में सुलेमानी की ड्रोन हमले में हत्या के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं. ईरान इसे बदला मानता है. हाल के वर्षों में भी ईरान समर्थित गुटों ने ट्रंप और अमेरिका के खिलाफ साजिशें रची हैं. ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच मजबूत रुख अपनाया है। 

ट्रंप का यह बयान दिखाता है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर कितने सतर्क हैं. उन्होंने कहा कि वे ईरान की लिस्ट पर हैं और सौभाग्य से अब तक बच गए, लेकिन यह हमेशा नहीं चल सकता. अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी ईरान की धमकियों पर नजर रख रही हैं। 

प्रतिक्रियाएं और संभावित असर
यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऐसे बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकते हैं. अमेरिका और इजराइल पहले से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर चिंतित हैं। 

सुरक्षा उपाय
ट्रंप की सुरक्षा बढ़ाई गई है. हाल ही में NATO सम्मेलन के बाद वे पुराने और ज्यादा सुरक्षित एयर फोर्स वन से लौटे. अमेरिकी गुप्त सेवा (Secret Service) सुरक्षा पर खास ध्यान दे रही है। 

ट्रंप का यह बयान ईरान को साफ चेतावनी है कि कोई भी गलत कदम महंगा पड़ेगा. यह अमेरिका की “शांति के माध्यम से शक्ति” (Peace through Strength) नीति का हिस्सा लगता है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव जारी है, लेकिन पूर्ण युद्ध की स्थिति नहीं है. अमेरिका ईरान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है। 

अगर मुझे कुछ हुआ, तो…
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि ईरान ने उन्हें मारने का प्लान बनाया है और ऐसी स्थिति में उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान को तबाह करने की धमकी दे दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर तेहरान उनकी हत्या करने की साजिश में सफल हो जाता है, तो उन्होंने जवाबी हमले के निर्देश पहले से ही लिखकर छोड़ दिए हैं। ट्रंप ने कहा, “मैंने स्पष्ट निर्देश छोड़ दिए हैं, अगर मुझे कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसी बमबारी की जाए जो उन्होंने इतिहास में कभी न देखी हो।”

ईरान की ‘हिट लिस्ट’ में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप!
हाल ही में ट्रंप ने नाटो सम्मेलन के दौरान भी कहा था कि वह ईरान की “हिट लिस्ट” में सबसे ऊपर हैं. उनका दावा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ईरान उनके खिलाफ साजिश रच सकता है. इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले से ही कड़े जवाबी सैन्य विकल्प तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। 

इजरायल ने ईरान की खुफिया जानकारी ट्रंप को दी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल की तरफ से भी अमेरिका को ईरान की कथित साजिशों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा किए जाने की खबरें सामने आई हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। 

टॉम हॉलैंड ताज होटल के टाटा सुइट में ठहरे, किराया जानकर चौंकेंगे

 नई दिल्ली
हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम हॉलैंड इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। वह अपनी अपकमिंग फिल्म ‘द ओडिसी’ के प्रमोशन के लिए यहां आए हैं। अपने दौरे के दौरान वह मुंबई के मशहूर ताज महल पैलेस होटल में रुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेता होटल की सबसे आलीशान जगहों में से एक टाटा सुइट में ठहरे हैं। इसका 24 घंटे का किराया काफी ज्यादा है।

टाटा सुइट में क्या है खास?
टाटा सुइट बेहद लग्जरी जगह है। यह किसी होटल रूम जैसा नहीं है, बल्कि यह किसी अपार्टमेंट जैसा लगता है। इसमें कई सुविधाएं मौजूद हैं। यह सुइट अपनी अलग शैली, एंटीक फर्नीचर और अलग तरह की विरासत के लिए जाना जाता है।
बताया जाता है कि इसका किराया सीजन और उपलब्धता के हिसाब से लगभग 7 से 12 लाख रुपये तक होता है।

क्या हैं सुविधाएं?
टाटा सुइट में दो बेडरूम, बड़ा लिविंग एरिया, डाइनिंग रूम, 15 लोगों के साथ मीटिंग करने का कमरा, एक निजी ऑफिस, लाउंज, स्पा, निजी जिम, बटलर पैंट्री और अलग से बेडरूम जोड़ने की सुविधा है।

पहले भी भारत आ चुके टॉम हॉलैंड
टॉम हॉलैंड की अपकमिंग फिल्म ‘द ओडिसी’ रिलीज होने वाली है। अभिनेता इसकी स्क्रीनिंग के लिए शुक्रवार को भारत पहुंचे। उन्हें मुंबई के कालिना एयरपोर्ट से निकलते और ताज महल पैलेस जाते हुए देखा गया। टॉम हॉलैंड दूसरी बार भारत आए हैं। इससे पहले वह साल 2023 में भारत आए थे।

ग्लोबल प्रमोशनल टूर में शामिल मुंबई
टॉम हॉलैंड के साथ फिल्म ‘द ओडिसी’ के निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन और निर्माता एम्मा थॉमस भारत पहुंचे हैं। ये सभी फिल्म के ग्लोबल प्रमोशनल टूर पर निकले हैं। इनके टूर में लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क के साथ मुंबई भी शामिल है।
यह पहला मौका है जब क्रिस्टोफर नोलन की किसी फिल्म का भारत में खास प्रीमियर हो रहा है।

कब रिलीज होगी ‘द ओडिसी’?
‘द ओडिसी’ क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म है, जो होमर की क्लासिक कहानी पर आधारित है। इसमें ओडीसियस की ट्रोजन वॉर के बाद घर लौटने की 10 साल लंबी यात्रा को दिखाया गया है।
फिल्म में ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड और मैट डेमन के अलावा जेंडाया, रॉबर्ट पैटिंसन, शार्लीज थेरॉन, लुपिता न्योंगो, इलियट पेज, मिया गोथ, जॉन लेगुइजामो और ट्रैविस स्कॉट भी नजर आएंगे। यह फिल्म 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

 

उद्धव कैंप में बगावत की अटकलों के बीच दिल्ली की गुप्त बैठक की तस्वीरें वायरल

मुंबई 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ और गुप्त मुलाकातों के दौर की यादें ताजा हो गई हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT गुट के जिन 6 लोकसभा सांसदों ने पिछले महीने पाला बदलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थामा था, अब उनकी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ हुई एक ‘अघोषित बैठक’ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आ गई हैं।

इन तस्वीरों के सामने आने के बाद शिवसेना (UBT) को लगे इस सबसे बड़े झटके की इनसाइड स्टोरी और पुख्ता हो गई है, जिसे शिंदे गुट ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया था।

क्या है ‘ऑपरेशन टाइगर’ और दिल्ली में क्या हुआ?
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम बेहद गुपचुप तरीके से महीनों से बुना जा रहा था, जिसका क्लाइमेक्स दिल्ली में देखने को मिला। सामने आई तस्वीरें 17 जून की उस सुबह की गवाही दे रही हैं जब इन सांसदों ने दिल्ली में पाला बदला।

    तड़के 6:30 बजे की हलचल: बागी सांसद ओमराजे निंबालकर सुबह करीब 6:30 बजे ही सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के दिल्ली आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने दलबदल के कागजातों पर दस्तखत किए और तुरंत महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए।

    होटल लीला में जमावड़ा: बाकी के 5 सांसद- संजय दिना पाटील, संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर और भाऊसाहेब वाकचौरे सुबह करीब 7:30 बजे दिल्ली के आलीशान होटल लीला पहुंचे। इनके साथ ही शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे और महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक भी अलग-अलग रास्तों से वहां पहुंचे ताकि किसी को भनक न लगे।

    अध्यक्ष के गार्डन में हस्ताक्षर: सुबह करीब 9:30 बजे यह पूरा ग्रुप ओम बिरला के घर पहुंचा, जहां बाकी सांसदों ने भी अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए दस्तखत किए। वायरल तस्वीरों में ये पांचों सांसद लोकसभा अध्यक्ष के लॉन में एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

बगावत के पीछे सांसदों ने क्या दी दलील?
इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में दावा किया कि वे यह कदम उठाने पर इसलिए मजबूर हुए क्योंकि उद्धव ठाकरे अपनी शिवसेना (UBT) का विलय कांग्रेस पार्टी में करने की योजना बना रहे थे, जो सांसदों और शिवसेना की मूल विचारधारा के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य था।

सांसदों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनके पास दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य होने से बचने के लिए आवश्यक दो-तिहाई संख्या बल (9 में से 6 सांसद) मौजूद है।

हमने चौका नहीं, सीधा छक्का मारा है: एकनाथ शिंदे
सांसदों के आधिकारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के सफल होने का एलान किया। इन सांसदों को जमीन से जुड़े “धुरंधर और शेर” बताते हुए शिंदे ने 2022 की अपनी ऐतिहासिक बगावत की यादें ताजा कीं।

उन्होंने कहा, “चार साल पहले (जून 2022) जब हमने शिवसेना के भीतर विद्रोह किया था, तब हमारे साथ 40 विधायक थे। उस समय हमने चौका मारा था। लेकिन इस बार, हमने चौका नहीं बल्कि सीधा छक्का (सिक्सर) मारा है। ये छह शेर अब अपनी असली शिवसेना फैमिली में वापस आ गए हैं।”

इस बड़े सियासी उलटफेर ने उद्धव ठाकरे खेमे को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है। जहां उद्धव गुट इन सांसदों की वैधता पर सवाल उठा रहा है और कानूनी कार्रवाई की बात कर रहा है, वहीं इन ताजा तस्वीरों ने साफ कर दिया है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ की स्क्रिप्ट बेहद चालाकी और पुख्ता तैयारी के साथ लिखी गई थी।

दतिया टिकट विवाद पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोले- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे

इंदौर 

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सामने आई नाराजगी पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा में लोकतांत्रिक व्यवस्था है और कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन कार्यकर्ताओं से चर्चा कर सभी मतभेद दूर करेगा और आशुतोष तिवारी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे।

विजयवर्गीय ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी भाजपा के लिए कोई असामान्य स्थिति नहीं है। पार्टी सभी कार्यकर्ताओं से संवाद करेगी और संगठन के निर्णय का सम्मान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हर फैसला पूरी प्रक्रिया और विचार-विमर्श के बाद लेती है तथा पार्टी का निर्णय सभी के लिए सर्वोपरि होता है।

‘नरोत्तम मिश्रा पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता’
कैलाश विजयवर्गीय ने नरोत्तम मिश्रा की सराहना करते हुए कहा कि वे भाजपा के वरिष्ठ और समर्पित नेता हैं तथा पार्टी के निर्णय का सम्मान करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी नरोत्तम मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर हजारों कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की तैयारी करते हैं, लेकिन उम्मीदवार का चयन संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है। टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की परंपरा भाजपा में नहीं रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि दतिया का टिकट बदला जाएगा। उनके अनुसार आशुतोष तिवारी पूर्व संगठन मंत्री रह चुके हैं और पार्टी के मजबूत कार्यकर्ता हैं।

कौन हैं नरोत्तम मिश्रा जिनके लिए हुआ बवाल
डबरा क्षेत्र से दतिया तक 33 साल का सियासी सफर रहा है नरोत्तम मिश्रा का। क्षेत्र में उन्हें दादा कहकर संबोधित किया जाता है। 15 अप्रैल 1960 में ग्वालियर में जन्मे नरोत्तम मिश्र के राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा युवा मोर्चा से हुई थी। 1998 में नरोत्तम मिश्रा जीवाजी यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर ग्वालियर स्टूडेंट यूनियन के सेक्रेटरी बन गए थे। डबरा से पहला चुनाव लड़ा और 1990 में पहली बार विधायक बने। वहीं 1998 और 2003 में इसी सीट से जीत दर्ज की। परिसीमन के बाद डबरा सुरक्षित सीट घोषित हो गई थी। इसलिए नरोत्तम ने दतिया का रुख किया। नरोत्तम 2008 में दतिया से चुने गए और यह सिलसिला 2018 तक जारी रहा। इसके बाद बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री रहे।

2023 में हार गए थे चुनाव
2023 में नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस के राजेंद्र भारती से महज 7 हजार वोटों के अंतर से हार गए थे। राजेंद्र भारती और नरोत्तम मिश्रा की पुरानी प्रतिद्वंदिता के चलते यह सीट प्रतिष्ठा की सीट बन गई थी। हाल ही में कांग्रेस विधायक रहते हुए राजेंद्र भारती को बैंक के एक मामले में सजा हो गई। इसके बाद उनकी विधायकी खत्म हो गई थी। उसी के कारण दतिया में उपचुनाव हो रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कुछ दिन पहले ही नामांकन फार्म खरीद लिया था और नरोत्तम के साथ ही सभी यह मानकर चल रहे थे कि वे ही यहां से उम्मीदवार बनाए जा रहे हैं, लेकिन पार्टी का फैसला कुछ अलग ही रहा। वहां से पूर्व हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने शुक्रवार शाम से ही हंगामा शुरू कर दिया था।

जीतू पटवारी के भाई के ड्रग्स मामले पर कांग्रेस पर निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई द्वारा पूर्व में ड्रग्स लेने की बात स्वीकार किए जाने के मुद्दे पर भी कैलाश विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष जैसे पद पर बैठे व्यक्ति को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने घर की स्थिति भी देखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी के भाई ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह पहले ड्रग्स का सेवन करते थे और अब शराब भी नहीं पीते। विजयवर्गीय ने कहा कि यह उनका निजी मामला है, लेकिन जब स्वयं स्वीकारोक्ति हो चुकी है तो इस पर अधिक कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है।

साइकिल यात्रा पर भी साधा निशाना
जीतू पटवारी की प्रस्तावित साइकिल यात्रा पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इससे पहले राहुल गांधी ने भी लंबी यात्राएं निकाली थीं, लेकिन उससे देश की राजनीति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के शीर्ष नेता की यात्रा से कोई विशेष बदलाव नहीं आया, तो जीतू पटवारी की साइकिल यात्रा से भी कोई खास फर्क पड़ने वाला नहीं है।

भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी लंबे इको ट्रेल का किया शुभारंभ

रायपुर

कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और इको-टूरिज्म को नई पहचान देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज जंगल सफारी में वन महोत्सव और भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल का भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक वन यात्रा का अनुभव लिया। प्राकृतिक पर्यावरण में की जाने वाली एक जिम्मेदार यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना वहां के प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों का संरक्षण करना, और स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से लाभ पहुँचाना है।

भोरमदेव क्षेत्र अनमोल प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध 
        
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव अभ्यारण्य में जंगल सफारी शुरू होने के बाद पर्यटक अब जंगल के अंदर जाकर प्रकृति का करीब से आनंद ले रहे हैं। अब आज से शुरू हुई भोरमदेव इको ट्रेल भी पर्यटकों को घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों के बीच एक नया और यादगार अनुभव देगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने भोरमदेव क्षेत्र को अनमोल प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला और सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। भोरमदेव में पर्यटन सुविधाओं के बढ़ने से यहां अधिक पर्यटक आएंगे। इससे होटल, वाहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी 
       
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। अभी भी कई युवा जंगल सफारी में नेचर गाइड बनकर पर्यटकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे अवसर और बढ़ेंगे, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि साल भर यहां पर्यटन गतिविधियां तेजी से चलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा।  शर्मा ने कहा कि भोरमदेव का विकास तभी सफल होगा, जब स्थानीय लोग इसे अपनी धरोहर मानकर इसकी सुरक्षा करेंगे। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

स्वदेश दर्शन योजना से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर
        

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए 146 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस राशि से प्रवेश द्वार, शेड, संग्रहालय, आधुनिक पार्क, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोरमदेव राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

6 किलोमीटर लंबी इको ट्रेल में मिलेगा प्रकृति के बीच रोमांच
       
वन विभाग द्वारा विकसित भोरमदेव इको ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है। ट्रेल के दौरान पर्यटक प्राकृतिक वन, मनमोहक दृश्य, पक्षियों और तितलियों का अवलोकन, औषधीय वनस्पतियों की जानकारी तथा प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ सुरक्षित वन भ्रमण का आनंद ले सकेंगे।

बैगा समुदाय के हितग्राहियों को किया सोलर लालटेन वितरण
       
वन महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने करिया आमा ग्राम में 51 काला आम के पौधों का रोपण कर काला आम उपवन की स्थापना की। इसके साथ ही जिलेभर में 50 हजार सीड बॉल रोपण अभियान का शुभारंभ किया। जिले में एक लाख पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत करते हुए ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट भी वितरित की गई। 

भोरमदेव ईको ट्रेल हर शनिवार और रविवार को होगी आयोजित
       
भोरमदेव ईको ट्रेल का संचालन करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार को किया जाएगा। वन मंडलाधिकारी  निखिल अग्रवाल ने बताया कि अनुभवी नेचर गाइड के साथ प्रतिभागियों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान वे पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों, स्थानीय भोजन, भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। ईको ट्रेल में भाग लेने के लिए 1 हजार रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है। 
           
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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