जैन दर्शन वैश्विक है, जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है : मंत्री काश्यप

भोपाल

एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि जैन दर्शन, वैश्विक दर्शन है जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है और विमर्श से जैन धर्म समाज का अभिन्न अंग बन सकता है। हैदराबाद स्थित कान्हा शान्ति वनम में दो दिवसीय ‘‘हार्ट ऑफ ए जैन – इंटरनेशनल कॉन्क्लेव‘‘ का वर्ल्ड जैन कान्फडरेशन के चेयरमैन और मंत्री  काश्यप ने शुभारंभ किया।

मंत्री  काश्यप ने हार्टफुलनेस फाउण्डेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘‘दाजी’’ की पुस्तक का विमोचन किया और विशेष सत्र में ध्यान भी किया। इस दौरान पद्म कुमारपद भाई देसाई, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।

कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री  काश्यप ने कहा कि कॉन्क्लेव में हो रहे विचार-विमर्श से जैन धर्म समाज का अभिन्न अंग बन सकता है।उन्होंने कहा कि ‘‘दाजी’’ असाधारण और दुर्लभ व्यक्तित्व के धनी हैं, जिन्होंने सारे धर्म की गंगा जैन दर्शन से प्रभावित होना बताया है। उनकी यह उद्घोषणा समाज के बीच कैसे क्रियाशील हो, अहिंसा का दर्शन विचारों में ही नहीं अपितु सक्रिय जीवन में भी कैसे क्रियान्वित हो, ऐसे बिन्दुओं को लेकर ‘‘दाजी’’ ने एक पुस्तक के रुप में शुरुआत की है, जिसे उम्मीद है पूरा समाज आत्मसात करेगा।

मंत्री  काश्यप ने कहा कि दर्शन सर्वकालिक होते हैं और सदैव चलते रहते हैं लेकिन हर समय काल में उन्हें विस्थापित करने के लिए चिंतन करना पड़ता है। आज समाज के सामने विश्वास की चुनौती है जो सबको प्रभावित करती है। भगवान महावीर सही अर्थों में जीवन के दर्शक हैं। उन्होंने अहिंसा का वैश्विक दर्शन दिया और ऐसे जीवन का दर्शन भी दिया है जो मानवीय मूल्यों को साथ लेकर चलता है। जैन दर्शन के प्रसार के लिए इस तरह के वैचारिक अनुष्ठानों को गति दी जानी चाहिए जिससे युवाओं को इससे समृद्ध किया जा सके। कॉन्क्लेव का समापन 12 जुलाई को होगा।

 

अब प्रत्येक गुम इंसान प्रकरण में अनिवार्य रूप से दर्ज होगी एफआईआर

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र खोज एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी पुलिस इकाइयों को प्रत्येक गुम इंसान (महिला एवं पुरुष) के प्रकरण में अनिवार्य रूप से एफआईआर पंजीबद्ध करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत निर्देश प्रेषित किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वाराबचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकारप्रकरण में दिए गए निर्देशों के अनुसार गुम नाबालिग बच्चों के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई थी। अब हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वाराजी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य में दिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्येक गुम इंसान, चाहे वह महिला हो या पुरुष, के मामले में भी अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उक्त निर्देशों के अनुपालन में पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक गुमशुदगी की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल एफआईआर पंजीबद्ध कर विधि सम्मत जांच प्रारंभ की जाए तथा गुम व्यक्ति की शीघ्र तलाश हेतु सभी आवश्यक वैधानिक एवं तकनीकी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

मध्यप्रदेश पुलिस इस व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान से पहले प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आगामी 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले राज्यव्यापी नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के पूर्व अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध प्रदेशभर में सघन एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के शुभारंभ से पहले ही पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विगत दो दिनों में विभिन्न जिलों से लगभग 61लाख 77 हजार रुपयेमूल्य के मादक पदार्थ, प्रतिबंधित नशीली दवाइयां एवं वाहन जब्त किए हैं तथा कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य केवल नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि तस्करी के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए प्रदेश में नशामुक्त वातावरण तैयार करना भी है। इसी उद्देश्य से अभियान प्रारंभ होने से पूर्व प्रदेशभर में लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है।

नीमच

जिलेके जीरन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 किलो 500 ग्राम अवैध अफीम एवं 30 किलोग्राम डोडाचूराबरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 27 लाख रुपयेहै। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

इंदौर

पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए लगभग 12 लाख रूपए की एमडी ड्रग्स एवं ब्राउन शुगर जब्त कर दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। थाना हीरानगर पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से 6.30 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 1 लाख रूपए) बरामद की। वहीं थाना खजराना पुलिस ने मंदसौर निवासी एक तस्कर को 110 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत 11 लाख रूपए से अधिक) के साथ गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

नरसिंहपुर

पुलिस ने थाना कोतवाली क्षेत्र के तिंदनी रोड नहर के पास मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक (अनुमानित कीमत 1 लाख रूपए) एवं एक मोबाइल जब्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर स्मैक के स्रोत तथा इससे जुड़े तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

शिवपुरी

जिलेके पोहरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 किलो 261 ग्राम गांजाजब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 22 हजार रुपयेहै।

सिंगरौली

बरगवां पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक स्कॉर्पियो वाहन से 722 शीशी (72.2 लीटर) प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद की है। कार्रवाई के दौरान लगभग 21 लाख 55 हजार रूपए की नशीली दवा एवं वाहन जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के दौरान नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता के साथ-साथ अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों और गिरोहों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 

ट्रंप की शर्तों पर बनी अमेरिका-कनाडा ब्रिज डील, दोनों देशों को होगा बड़ा फायदा

वाशिंगटन
अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से विवाद का कारण बना गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज अब आखिरकार 27 जुलाई से खुलने जा रहा है. करीब 4.7 अरब डॉलर की लागत से बने इस पुल को लेकर दोनों देशों के बीच टोल राजस्व के बंटवारे पर समझौता हो गया है. इसके बाद पुल के उद्घाटन का रास्ता साफ हो गया है। 

यह पुल अमेरिका के डेट्रॉयट और कनाडा के विंडसर शहर को जोड़ेगा. पहले इसे जून में शुरू किया जाना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में वित्तीय शर्तों पर आपत्ति जताते हुए इसके उद्घाटन पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी. ट्रंप का कहना था कि अमेरिका के हितों की अनदेखी करते हुए पहले जो समझौता किया गया था, वह स्वीकार्य नहीं है। 

समझौते के तहत अब अमेरिका को इस पुल से होने वाले टोल रेवेन्यू का 50 फीसदी हिस्सा मिलेगा. इसके अलावा अगर भविष्य में टोल दरों में मौजूदा शुल्क से 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की जाती है तो अमेरिका को उस पर वीटो का अधिकार भी होगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने अमेरिका के लिए पहले से कहीं बेहतर समझौता कराया है। 

हालांकि, 2023 में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिसने इस लंबित विवाद का समाधान किया और पुल के निर्माण को मंजूरी दी। इस समझौते से न केवल व्यापारिक गतिविधियों को उम्मीद से बेहतर गति मिलेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग भी मजबूत होगा।

यह नया पुल डिट्रॉइट-विंडसर सीमा पर स्थित होगा, जो रोज़ाना हजारों ट्रकों और अन्य वाहनों के आवागमन के लिए एक प्रभावी मार्ग प्रदान करेगा। इससे अमेरिकी और कनाडाई दोनों व्यवसायों को लाभ होगा और सीमा पर जाम जैसी समस्याएं कम होंगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुल उत्तरी अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश है, जो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को अगले स्तर तक ले जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यापारिक गलियारा भविष्य में भी मजबूत बना रहेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।

इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से न सिर्फ स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि यह वैश्विक व्यापार में भी सकारात्मक योगदान देगा। दोनों सरकारें इस पुल के संचालन और देखरेख के लिए नियमित बातचीत और सहयोग करना जारी रखेंगी।

यह पुल न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम करेगा, बल्कि यह अमेरिका- कनाडा के सामरिक और आर्थिक रिश्तों का एक नया अध्याय भी सिद्ध होगा।

अमेरिका-कनाडा में किन मुद्दों पर बनी बात?
कनाडा सरकार ने बताया कि दोनों देशों के बीच टोल प्रबंधन, पारदर्शिता और क्षेत्रीय विकास को लेकर कई सहयोगी कदमों पर सहमति बनी है. इसके तहत पुल के मुनाफे के एक हिस्से से 15 साल का आर्थिक विकास फंड भी बनाया जाएगा, जिससे सीमा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। 

2018 में शुरू हुआ था ब्रिज का निर्माण
गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था. इसकी पूरी फंडिंग कनाडा ने की क्योंकि अमेरिका ने निर्माण लागत में हिस्सा नहीं दिया था. मूल योजना के मुताबिक, निर्माण लागत की भरपाई अगले 30 वर्षों में टोल से की जानी थी. हालांकि, अब नई राजस्व साझेदारी का भुगतान व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। 

 

अशोकनगर में 10 वर्षीय दिव्यांग बालिका से सामूहिक दुष्‍कर्म के प्रकरण में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास

भोपाल

महिलाओं, बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के विरुद्ध अपराधों के प्रतिमध्यप्रदेश पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीतिके अनुरूप अशोकनगर जिले के एक जघन्य सामूहिक लैंगिक अपराध प्रकरण में त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा तीन दोषियों कोआजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन तक)एवं प्रत्‍येक को 20 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। साथ ही पीड़िता कोराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम, 2018 के प्रावधानों के अनुसार 5 लाख रूपए प्रतिकरप्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणाने इस निर्णय को मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील, त्वरित एवं पीड़ित-केंद्रित कार्यप्रणाली का परिणाम बताते हुए कहा कि महिलाओं, बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के विरुद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रदेश पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने उत्कृष्ट विवेचना एवं प्रभावी अभियोजन से जुड़े पुलिस अधिकारियों एवं अभियोजन अधिकारियों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में अशोकनगर जिले में दर्ज इस प्रकरण में एक 10 वर्षीय मूक-बधिर दिव्यांग बालिकाके साथ सामूहिक लैंगिक अपराध किए जाने की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर पीड़िता को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई तथा विशेष संवेदनशीलता के साथ समस्त वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। पीड़िता के मूक-बधिर होने के कारण उसके कथन विधि अनुसारसांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (Sign Language Interpreter) की सहायता से दर्ज कराए गए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में उसके अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्राके निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तारकिया। विवेचना के दौरान डीएनए सहित अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए तथा पीड़िता की आयु एवं दिव्यांगता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं चिकित्सकीय साक्ष्य विधिसम्मत रूप से संलग्न किए गए।मात्र 30 दिवस में विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस एवं अभियोजन के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए सभी साक्षियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूपलगभग 8 माह के भीतरमाननीय न्यायालय द्वारा तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध घोषित करते हुएशेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावासएवं प्रत्येक पर अर्थदंड अधिरोपित किया गया।

माननीय न्यायालय ने अपने निर्णय में NALSA Victim Compensation Scheme, 2018 के प्रावधानों तथा प्रासंगिक न्यायिक दृष्टांतों का उल्लेख करते हुए पीड़िता को 5 लाख रुपयेप्रतिकर प्रदान किए जाने का भी निर्देश दिया है, जिससे उसके पुनर्वास एवं संरक्षण में सहायता मिल सके।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं, बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के विरुद्ध अपराधों के प्रत्येक प्रकरण मेंत्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक विवेचना, संवेदनशील व्यवहार एवं प्रभावी अभियोजनके माध्यम से दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाना तथा पीड़ितों को न्याय उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण हमारी प्राथमिकता: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल 

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा है कि भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। साथ ही प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हरियाली महोत्सव, व्यापक वृक्षारोपण और जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित एवं हरित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विकास और पर्यावरण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।वृक्ष न केवल हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे जैव विविधता, मृदा संरक्षण और प्रकृति के संतुलन के मुख्य आधार हैं। राज्यमंत्री  पंवार हरियाली महोत्सव अभियान में नरसिंहगढ़ के नवीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार कार्यालय के संयुक्त परिसर में पौध- रोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राज्यमंत्री  पंवार और विधायक  मोहन शर्मा ने नवनिर्मित संयुक्त शासकीय परिसर भवन का अवलोकन कर भवन में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं, विभागीय व्यवस्थाओं और प्रशासनिक विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परिसर नरसिंहगढ़ की जनता के लिए एक बड़ी सौगात है। पहले अनेक शासकीय कार्यालय अलग-अलग एवं छोटे भवनों में संचालित होते थे, जिससे नागरिकों को भटकना पड़ता था। अब एक ही छत के नीचे अधिकांश कार्यालय होने से जनता के समय और श्रम दोनों की बचत होगी तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण के निर्देश देते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

कुकिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी महिलाओं ने दिखाई अपनी प्रतिभा

भोपाल

सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित कुकिंग कम्पटीशन के दूसरे दिन भी महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसमें शनिवार को महिलाओं ने विशेष रूप से पेठे की सब्जी, बीय जा पकोड़ा, कुट्टी साग, आलू जा टुक, बेसण  जे चिल्ले जी भाजी जैसे अनेक सिंधी व्यंजन को इस प्रतियोगिता में शामिल कर इस इस कूकिंग कॉम्पीटिशन को और भी आकर्षक बना दिया गया, जिससे उपस्थित निर्णायक मंडल को काफी असामंजस्य में डाल दिया जो इस प्रतियोगिता में चर्चा का विषय बना रहा, शनिवार को यह कॉम्पीटिशन सिंधी कॉलोनी, संत कवरराम कॉलोनी, मेपल ट्री, ग्रीन एकर्स, वैभव गार्डन कोलार, स्वागत गार्डन, ऐयरोसिटी, सिंधी कम्यूनिटी हाल, बावड़ियाँ कला में आयोजित की गई, जिसमें सिंधी समाज की लगभग दो हज़ार से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया।  सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस वर्ष सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित कूकिंग कंप्टीशन में महिलाओं का अच्छा खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, इस वर्ष समिति का उद्देश्य अपने सिंधी पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना और सामुदायिक जुड़ाव बढ़ाना होता है जिसके लिए सिंधी मेला समिति निरंतर अपने सभी साथियों के साथ मिलकर इस आयोजन को करने में सफल होती रही है।

लाड़ली बहनों को मिलेगी 38वीं किश्त की सौगात

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को जिला भिंड के लहार में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के तहत प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 15 हजार से अधिक बहनों के खातों में सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सीधा अंतरण करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार की इस अत्यंत लोकप्रिय योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को योजना की शुरुआत से अब तक की 38वीं नियमित मासिक किश्त का भुगतान किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा माह नवंबर 2025 से इस मासिक आर्थिक सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद से सभी पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है। योजना की शुरुआत यानी जून 2023 से लेकर जून 2026 तक सरकार द्वारा कुल 37 किश्तों का नियमित अंतरण सफलता पूर्वक किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 238.96 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके 40 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही, क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 83.33 करोड़ की लागत वाली 16 नई लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का भूमि-पूजन और शिलान्यास भी किया जाएगा।

 

नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्यमंत्री गौर

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन की समस्याओं का त्वरित और स्थाई समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण एजेंसियों को सभी स्वीकृत कार्य पूरी प्रामाणिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे करने होंगे, जिससे स्थानीय नागरिकों को अधोसंरचनाओं का समय पर लाभ मिल सके। पार्कों का सौंदर्यीकरण, सुदृढ़ सड़कें और सार्वजनिक सुविधाओं का निरंतर विस्तार नागरिकों के जीवन स्तर को सुगम और उन्नत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

राज्यमंत्री  गौर शनिवार को गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-66 स्थित इंद्रपुरी में लगभग 72 लाख रुपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।

राज्यमंत्री  गौर ने क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए नैनागिरी पार्क में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली बाउंड्री वॉल तथा खेड़ापति मंदिर से नैनागिरी कॉलोनी तक 40 लाख रुपए की लागत से बनने वाली मुख्य सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने भारत नगर स्थित समर्पण पार्क में 8 लाख रुपए की लागत से बनने वाली बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया।

राज्यमंत्री  गौर ने इंद्रपुरी ‘ए’ सेक्टर के एकता पार्क में 3.80 लाख रुपए की लागत से पाथवे निर्माण एवं बाउंड्री वॉल की पुताई के कार्य का शुभारंभ किया। इंद्रपुरी ‘बी’ सेक्टर में पार्क की बाउंड्री वॉल के प्रगतिरत निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और वहां 11 लाख रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने इंद्रपुरी ‘बी’ सेक्टर की विभिन्न आंतरिक कॉलोनियों में निर्मित हो रही सीसी रोड का भी अवलोकन किया तथा इस दौरान स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में श्री लवकुश यादव, श्री भीकम सिंह बघेल, पार्षद  उर्मिला मौर्य,  शिरोमणी शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 

‘भारत और हमारा DNA एक जैसा’, अफगान मंत्री के बयान से पाकिस्तान में बढ़ी हलचल

 नई दिल्ली

पाकिस्तान के साथ लगातार बिगड़ते रिश्तों के बीच अफगानिस्तान ने भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं. भारत के दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमरी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि “भारत और अफगानिस्तान का डीएनए एक है. भारत आकर ऐसा लगा जैसे मैं अपने ही देश और अपने ही लोगों के बीच हूं। 

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से आयोजित इंडिया-अफगानिस्तान ट्रेड अपॉर्च्युनिटीज इंडस्ट्री इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए ओमारी ने कहा कि यह उनका पहला भारत दौरा है और यहां उन्हें जिस तरह का सम्मान और अपनापन मिला, उसने उनका दिल जीत लिया। 

अफगान मंत्री ने कहा, “भारत पहुंचने के पहले दिन से ही मुझे भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और जिन-जिन लोगों से मुलाकात हुई, सभी ने बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया. मुझे बिल्कुल ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं अपने ही देश में हूं. हमारे बीच का रिश्ता सिर्फ कूटनीति का नहीं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और सभ्यता का है. हमारा डीएनए एक है। 

अफगानी मंत्री को पसंद आई भारत की मेहमाननवाजी
अफगान मंत्री ने कहा कि भारत की मेहमाननवाजी अफगानिस्तान के लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है. उन्होंने कहा, “भारत में मिला यह सम्मान अफगानिस्तान के लोगों के बेहतर भविष्य की उम्मीद है. हमारा करीब 80 प्रतिशत समाज कृषि, सिंचाई और पशुपालन पर निर्भर है. अब समय आ गया है कि इन क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए और भारत इस दिशा में अहम साझेदार बन सकता है। 

ओमारी ने कहा कि अफगानिस्तान आर्थिक विकास के लिए दुनिया के विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है. उन्होंने भारतीय उद्योग जगत से निवेश, कृषि तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, सिंचाई और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग की अपील भी की। 

भारत-अफगानिस्तान आपस में क्या-क्या कर रहे हैं?
अफगान मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब काबुल और इस्लामाबाद के बीच सीमा विवाद, सुरक्षा मुद्दों और राजनीतिक मतभेदों को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे माहौल में भारत के साथ अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकियों को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। 

इसी सप्ताह नई दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान संयुक्त समिति (Joint Committee) की चौथी बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यापार, क्षमता निर्माण और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी। 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu