देवभूमि और छत्तीसगढ़ के बीच बढ़ा वैचारिक सेतु:मुख्यमंत्री धामी से मिले छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधि

​रायपुर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निवास (देहरादून) में आज छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एक अत्यंत गरिमामय और सौजन्य भेंट हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम और अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उत्तराखंड के बहुआयामी विकास, सांस्कृतिक धरोहर तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी।

​’विकास भी, विरासत भी’: क्षेत्रीय प्राधिकरणों से संवर रहा है उत्तराखंड

​मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विकास प्राधिकरणों का गठन कर उनके विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का संतुलित सामाजिक, आर्थिक और नैसर्गिक विकास करना है, ताकि यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।

 उत्तराखंड के ​मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड ऋषियों, मुनियों और संतों की पावन तपोस्थली है। इस देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान को संभालना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने नैसर्गिक संपदा (प्राकृतिक संसाधनों) के संरक्षण पर विशेष बल दिया, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण संजोकर रखा जा सके।

​लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में छत्तीसगढ़ सरकार की भूमिका अनुकरणीय

​संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने सीएम साय की मंशानुरूप इस महत्वपूर्ण भ्रमण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और संयुक्त सचिव सह आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल को विशेष रूप से बधाई दी।

धामी ने इस बात को रेखांकित किया कि देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने और पत्रकार कल्याण से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य रहा है। अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में ऐसे अंतर्राज्यीय भ्रमणों से दोनों राज्यों के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलता है।

​अगले वर्ष हरिद्वार कुंभ के लिए विशेष आमंत्रण

 ​भेंट के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के मीडिया दल को अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए सस्नेह आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री धामी ने एक बड़ा दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि कुंभ के पावन अवसर पर देश के सभी राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों को एक-एक अवसर दिया जाना चाहिए।

​मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पहल से देश भर की मीडिया देवभूमि की पावन तपोभूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा और वहां की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देख सकेगी और इन अद्भुत अनुभवों को अपने-अपने राज्यों की जनता तक पहुँचा सकेगी।

​एक अनूठा संगम

छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, खनिज व नैसर्गिक संपदा और उत्तराखंड की हिमालयी दिव्यता व आध्यात्मिक चेतना के बीच हुआ यह संवाद आने वाले समय में अंतर्राज्यीय समन्वय और राष्ट्रीय एकता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरेगा।

इस भ्रमण दल में मुख्यमंत्री धामी से मिलने वालों में दुर्ग,​रायपुर,​कोरबा,​जगदलपुर,​बिलासपुर,​राजनांदगांव,​कोरिया और ​धमतरी जिले के मीडिया प्रतिनिधी और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के सूचना एवं जनसंपर्क के निदेशक बंशीधर तिवारी,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव पांडे,संयुक्त संचालक के.एस. चौहान सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खरीफ-2026 एवं संभावित अल्प वर्षा की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में खरीफ सीजन-2026 के दौरान संभावित अल्प वर्षा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग तथा विकसित भारत-बीवी-जी राम जी योजना की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मौसम की संभावित स्थिति, खाद एवं बीज की उपलब्धता, जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती तथा ग्रामीण रोजगार से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी परिस्थिति में उन्हें खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन अथवा आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार रखें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 46 हजार टन से अधिक डीएपी (DAP) की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा तथा खरीफ सीजन की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से वर्षा आधारित क्षेत्रों में जल स्रोतों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), कतार पद्धति से बुवाई, बीज उपचार, नमी संरक्षण तथा वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों के प्रति व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही उच्च भूमि वाले क्षेत्रों में दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे किसानों को बेहतर आय के अवसर प्राप्त हों और कृषि जोखिम कम हो।

मुख्यमंत्री साय ने किसानों से अपील की कि वे कृषि संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या अथवा तकनीकी सलाह के लिए कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, अनुसंधान संस्थानों तथा कृषि विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क करें और वैज्ञानिक खेती को अपनाएं। उन्होंने अमानक बीज एवं उर्वरकों की बिक्री तथा कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि राज्य में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा सभी जिलों में समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। बैठक में बताया गया कि अर्ली वेरायटी के धान बीज बीज निगम के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराने की संपूर्ण तैयारी पूरी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संभावित अल्प वर्षा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाएगा। उन्होंने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए वर्षा जल संरक्षण, खेत तालाब, जल संरचनाओं के निर्माण तथा भूजल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की सुरक्षा के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा विकसित ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल एप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समय पर मौसम संबंधी जानकारी किसानों तक पहुंच सके। साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उचित दर पर खरपतवारनाशक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उत्पादन लागत कम हो और फसल सुरक्षित रह सके।

वीबी-जी राम जी योजना बनेगी जल सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार

बैठक में बताया गया कि 1 जुलाई 2026 से योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ हो चुका है। योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरी दर 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, जल सुरक्षा, जल संरचनाओं के निर्माण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए कि वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे एक ओर ग्रामीणों को निरंतर रोजगार प्राप्त हो और दूसरी ओर प्रदेश की जल सुरक्षा मजबूत हो। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में किया गया प्रत्येक प्रयास आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण परिवारों के हितों की रक्षा, कृषि उत्पादन को सुरक्षित रखने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा नियमित रूप से जारी किए जाने वाले बुलेटिनों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि इसके लिए एक प्रभावी जनजागरूकता अभियान तैयार किया जाए, ताकि यह जानकारी किसानों तक जमीनी स्तर पर पहुँचे। साथ ही सोशल मीडिया एवं पारंपरिक मीडिया के माध्यम से भी इनका व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कृषि संचालक राहुल देव, विकसित भारत वीबी – जीरामजी योजना के आयुक्त तारणप्रकाश सिन्हा, भारत मौसम विज्ञान विभाग की विशेषज्ञ श्रीमती गायत्री वानी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान सेवाओं के निदेशक विवेक कुमार त्रिपाठी सहित कृषि, मौसम एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नरोत्तम मिश्रा की वापसी के संकेत? दतिया उपचुनाव के बाद बदल सकते हैं प्रदेश के राजनीतिक समीकरण

भोपाल

दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। आर्थिक अनियमितता के मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद होने के बाद रिक्त हुई इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। परिणाम तीन अगस्त को आएगा।

भाजपा से दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यहां से प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। भाजपा नरोत्तम मिश्रा को चुनाव लड़वाने के संकेत दे चुकी है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से नरोत्तम मिश्रा का यह वनवास समाप्त होने की संभावना है। हार के ढाई साल बाद यदि वह उपचुनाव में जीत दर्ज करते हैं तो मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन में उनका कद फिर से मजबूत हो जाएगा।

 

मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में महारुद्र यंत्र फिर हुआ काला, जांच की मांग तेज

मंदसौर

भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर गर्भगृह में लगा चांदी का महारुद्र यंत्र बार-बार काला हो रहा हैं। कुछ माह पहले ही महारुद्र यंत्र की रतलाम के भक्तों की मंडली द्वारा सफाई की गई थी।

अबकी बार सिर्फ महारुद्र यंत्र ही काला हुआ हैं, चांदी का छत्र, दरवाजे पर चमक बरकरार हैं। मंदिर प्रबंधक का कहना हैं की सावन माह में गर्भगृह के रुद्र यंत्र सहित दरवाजे, छत की सफाई होगी।

भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में करीब 11 साल पहले 1 करोड़ रुपए से बना महारुद्र यंत्र कुछ-कुछ दिनों में ही काला पड़ रहा हैं। कई बार सफाई की गई हैं, लेकिन महारुद्र यंत्र की चांदी बार-बार काली हो रही हैं। गर्भगृह में करीब 260 किलो चांदी का रुद्रयंत्र लगा हुआ हैं।

महाशिवरात्रि पर्व के पहले गर्भगृह के दरवाजों, छत्र एवं महारुद्र यंत्र की सफाई कर चकाचक किया गया था। चांदी के दरवाजे और छत की चमक तो पहले जैसी बनी हुई हैं, लेकिन महारुद्र यंत्र काला हो गया।

प्रयोगशाला की तरह ही कार्य हो रहा है। प्रारंभ में जब महारुद्र यंत्र एवं चांदी के सभी आयटम कुछ-कुछ दिनों में काले हो रहे थे तब निर्माता द्वारा 3.5 किलो चांदी का लेप बनाकर यंत्र पर चढ़ाया था।

मंदिर समिति से उस समय कहा था की इससे यंत्र काला नहीं पड़ेगा लेकिन कुछ समय बाद ही यंत्र काला पड़ने लगा और वह अब भी कायम हैं।

मंदिर प्रबंधक राहुल रुनवाल ने बताया मंदिर गर्भगृह में चांदी के महारुद्र यंत्र, छत्र, दरवाजों की समय-समय पर सफाई हो रही हैं। सावन माह में फिर चांदी की सफाई होगी।

निर्माण कार्यों का हर 15 दिनों में करें निरीक्षण, नागरिक सुविधाओं के काम में न हो लापरवाही : शंगीता आर.

रायपुर

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ रायपुर नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर राजधानी रायपुर में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में तकनीकी कारणों से लंबित अप्रारंभ कार्यों की बाधाएं दूर कर उन्हें तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को हर 15 दिनों में कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  आर. एक्का और रायपुर नगर निगम के आयुक्त  संबित मिश्रा भी बैठक में मौजूद थे।

सचिव  शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि राजधानी में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सेवाओं की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए सभी जोन कमिश्नरों, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारियों और नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करने को कहा। 

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर व्यापक सफाई अभियान चलाने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी नियमित एवं प्लेसमेंट अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने से कार्यक्षमता और सेवा वितरण दोनों बेहतर होते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आवासों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान रायपुर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को कहा।

सचिव  शंगीता आर. ने राजधानी की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा कचरा परिवहन की व्यवस्था की नियमित निगरानी व समीक्षा करने को कहा। उन्होंने नालंदा परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक  एस.के. सुन्दरानी सहित नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन कमिश्नर, अभियंता, सभी विभागों के प्रभारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी तथा जोन सहायक राजस्व अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

दिल्ली में हुई व्यापार बोर्ड की बैठक – मंत्री काश्यप ने किया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व

भोपाल 

सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को सम्पन्न हुई बोर्ड ऑफ ट्रेड की महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश की निर्यात क्षमता, औद्योगिक विकास एवं निवेश संभावनाओं पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

बोर्ड बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, देश के प्रमुख उद्योगपति, निर्यातक, व्यापार बोर्ड के सदस्य, विभिन्न राज्यों के मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एमएसएमई मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के प्रयासों से संपन्न हुए 9 मुक्त व्यापार समझौते भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हैं। उन्होंने सभी राज्यों से इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने तथा निर्यात को नई गति देने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

मंत्री काश्यप ने कहा कि भारत को वर्ष 2030-31 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य निर्यात वृद्धि के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश ने राज्य निर्यात नीति, जिला निर्यात कार्य योजनाओं, जिला निर्यात संवर्धन परिषदों, राज्य स्तरीय निर्यात संवर्धन परिषद तथा ‘एक जिला–एक उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से मजबूत निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। प्रदेश का वस्तु निर्यात लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आगामी वर्षों में इसे और अधिक गति देने के लिए ठोस रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का टेक्सटाइल, फार्मा एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र तेजी से निर्यात वृद्धि का आधार बन रहा है।

मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश में देश का पहला पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 36 औद्योगिक इकाइयों के साथ ₹26,000 करोड़ से अधिक के निवेश समझौते हो चुके हैं तथा भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। साथ ही, उन्होंने इंदौर में टेक्सटाइल टेस्टिंग फैसिलिटी तथा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाने का भी अनुरोध किया, जिससे प्रदेश के निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग पार्क तथा भोपाल के निकट सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल विनिर्माण को नई गति मिलेगी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित किए जाने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हाल के महीनों में 20 नए जीआई टैग प्राप्त किए हैं, जिनमें अधिकांश कृषि एवं उद्यानिकी उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना आवश्यक है, ताकि वैश्विक बाजारों की गुणवत्ता आवश्यकताओं को आसानी से पूरा किया जा सके।

उन्होंने मध्यप्रदेश के भूमि बैंक की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 13 स्थानों की पहचान की गई है तथा लगभग 12,000 एकड़ भूमि निवेशकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। यह औद्योगिक विकास एवं बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री काश्यप ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को निर्यात वृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में संचालित आई सी डी पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने जबलपुर एवं रीवा क्षेत्र में नए आई सी डी तथा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का अनुरोध किया, जिससे पूर्वी मध्यप्रदेश के उद्योगों एवं निर्यातकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव एवं इको-टूरिज्म की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। चीता परियोजना की सफलता तथा वन्य पर्यटन की बढ़ती संभावनाएं प्रदेश को विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन भी विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक सशक्त माध्यम है और इसके लिए विशेष रणनीति तैयार किए जाने की आवश्यकता है।

मंत्री काश्यप ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन,, ई मार्केट प्लेस,,जेम सहित विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इनका लाभ अधिक से अधिक एमएसएमई स्टार्टअप्स,ओ डी ओ पी उत्पादकों एवं नए निर्यातकों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश जैसे लैंड-लॉक्ड राज्यों को LIFT योजना में शामिल करने तथा FTA के प्रभावी उपयोग हेतु जिला एवं क्लस्टर स्तर पर विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाने का भी सुझाव दिया। मंत्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, निर्यात संवर्धन एवं निवेश आकर्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश न केवल राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण एवं निर्यात शक्ति बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।

 

ओटीटी और थिएटर पर 8 नई रिलीज: वीकेंड में क्या देखें और क्या छोड़ें की पूरी लिस्ट

ओटीटी पर एक से बढ़कर एक फिल्में और सीरीज को हर हफ्ते ही रिलीज किया जाता है. वहीं, हर शुक्रवार को सिनेमाघरों में फिल्मों की भी भरमार रहती है. ऐसे में कई बार दर्शक कंफ्यूज हो जाते हैं कि वो क्या देखें और क्या छोड़ें. कई बार तो इसी कंफ्यूजन में गलत चुनाव हो जाता है, जिसकी वजह से पछताना भी पड़ता है. ऐसे में इस शुक्रवार को भी ओटीटी से थिएटर तक 8 फिल्में रिलीज हुई हैं. ऐसे में चलिए बताते हैं क्या देख सकते हैं और क्या स्किप कर सकते हैं. देखिए लिस्ट…

बेबी डू डाई डू
हुमा कुरैशी की फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है और ये आते ही छा गई है. फिल्म को दर्शकों के साथ ही क्रिटिक्स ने भी शानदार रिव्यू दिया है. ये एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है. फिल्म को एबीपी की ओर से भी 5 में से 4 रेटिंग दी गई है. ऐसे में अगर आप क्राइम थ्रिलर के शौकीन हैं तो आप इसे थिएटर में जाकर देख सकते हैं. इसमें हुमा की एक्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है. इसमें हुमा कुरैशी के साथ ही सीमा पाहवा, चंकी पांडे, सिकंदर खेर, रचित सिंह और विद्या मालवाड़े जैसे कलाकार भी अहम रोल में हैं.  

प्रीतम एंड पेड्रो
इस लिस्ट में ओटीटी पर रिलीज हुई सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ का नाम भी शामिल है. इसका निर्माण राजकुमार हिरानी ने किया है और इसके जरिए डायरेक्टर ने ओटीटी पर डेब्यू किया है. इस सीरीज को ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर रिलीज किया गया है. ये साइबर क्राइम कॉमेडी ड्रामा सीरीज है, जिसमें वीर, अरशद वारसी और विक्रांत मैसी जैसे कलाकार लीड रोल में हैं. इसे सोशल मीडिया से लेकर क्रिटिक्स का बेहतरीन रिस्पांस मिला है. वहीं, एबीपी की ओर से भी इसे 5 में से 3.5 रेटिंग दी गई है. ऐसे में अगर आप मिस्ट्री थ्रिलर फिल्मों और सीरीज को देखना पसंद करते हैं तो ये आपके लिए इस वीकेंड अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है.

मॉलीवुड टाइम्स
इसके साथ ही अगर आप साउथ फिल्मों के शौकीन हैं किसी कॉमेडी फिल्मों को देखना पसंद करते हैं तो आपके लिए इस वीकेंड ‘मालीवुड टाइम्स’ भी अच्छा ऑप्शन हो सकती है. फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर रिलीज किया गया है. ये एक छोटे बजट की फिल्म है, जिसमें एक ऐसे शख्स की कहानी को दिखाया गया है, जो हॉरर फिल्मों का मलयालम का सबसे बड़ा डायरेक्टर बनने का सपना देखता है.

नागाबंधम
इस लिस्ट में एक्शन एडवेंचर मिस्ट्री ड्रामा फिल्म ‘नागाबंधम’ का नाम भी शामिल है. इस फिल्म को भी दर्शकों और क्रिटिक्स की ओर से मिली जुली प्रतिक्रिया मिली. इसकी कहानी भारत के प्राचीन विष्णु मंदिरों और रहस्यमयी नागाबंधम पर आधारित है, जिसमें पुरानी परंपराओं और अध्यात्म को दिखाया गया है. ये काफी सस्पेंसफुल मूवी है. एक्स पर भी पब्लिक की ओर से इसे 5 में से 3 रेटिंग दी गई है तो आप इसे भी इस वीकेंड अपनी वॉच लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. 

अल्फा
आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, अनिल कपूर और बॉबी देओल स्टारर स्पाई एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ को 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है. फिल्म को लेकर जिस तरह से हाईप था वैसा इसे रिस्पांस नहीं मिल पाया है. एबीपी की ओर से भी इसे 5 में से 1.5 रेटिंग दी गई है. इसकी कहानी, एक्शन और एक्टिंग को इसकी काफी कमजोर कड़ी बताया जा रहा है. हालांकि, बॉबी देओल ने एक बार फिर से लाइनलाइट चुरा ली है. उनकी लोग तारीफ कर रहे हैं. ऐसे में अगर आप बॉबी के फैन हैं तो देख सकते हैं बाकी स्किप करना चाहें तो वो भी कर सकते हैं.

मुथासी
मिस्ट्री और सस्पेंस फिल्मों और सीरीज को देखना पसंद करते हैं तो जी5 पर साउथ की फिल्म ‘मुथासी’ को भी रिलीज किया गया है. इसमें केरल और कर्नाटक सीमा पर बसे एक सुनसान गांव की कहानी को दिखाया गया है, जिसमें लीला अपने बेटे साथ रहती हैं. बेटे के रोल में श्रीकुट्टन हैं, जिसका किरदार फिल्म में काफी ट्विस्ट और टर्न्स लेकर आते हैं. हालांकि, फिल्म को लेकर खास बज नहीं है और ना ही लोगों का रिस्पांस. ऐसे में अगर आप चाहें तो इसे स्किप कर सकते हैं. 

करक्कम
धनुष और ख्वाजा की फिल्म ‘करक्कम’ को सोनी लिव पर रिलीज किया गया है. ये एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है. फिल्म को लेकर खास बज नहीं है और ना ही कोई खास लोगों के रिएक्शन्स. इसमें दो लापरवाह दोस्तों की कहानी को दिखाया गया है. इसका निर्देशन सुभाष ललिता सुब्रह्मण्यम ने किया है. अगर आप हॉरर कॉमेडी देखना पसंद करते हैं तो देख सकते हैं वरना स्किप भी कर सकते हैं.

साइलो सीजन 3
सीरीज साइलो सीजन 3 को एप्पल टीवी प्लस पर रिलीज किया गया है. ये एक साइंस फिक्शन सीरीज है. ये हॉलीवुड की सीरीज है. इसका निर्देशन माइकल डिनर, एरिक एवेलिनो और एम्बर टेम्पलमोर ने किया है. वहीं, एक्टर रेबेका फर्गुसन लीड रोल में हैं. अगर आप हॉलीवुड फिल्में देखना पसंद करते हैं और ऊपर से साइंस फिक्शन तो आप इसे देख सकते हैं वरना इसे भी स्किप कर सकते हैं.

सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत देवरी के ग्रामीणों को बड़ी सौगात देते हुए 44 लाख रुपये की लागत वाले तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आज गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों में खुशहाली और समृद्धि का एक नया दौर दिखाई दे रहा है।
 

राजस्व मंत्री ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम देवरी में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेक डैम  का लोकार्पण किया गया।  इसी प्रकार   महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए 16 लाख रुपये की लागत से बने भव्य ‘महतारी सदन’ भवन का उद्घाटन तथा सामुदायिक आयोजनों की सुविधा के लिए 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शेड निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई।

​हर गांव तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
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राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नवनिर्मित चेक डैम से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे किसान भाईयों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन, कौशल विकास और सामुदायिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
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इस विकास उत्सव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति  सहित स्थानीय सरपंच, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा प्रबुद्ध ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका से सर्वाेदय शांति पदयात्रा के संतों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में जैन मुनि राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र महाराज के नेतृत्व में संचालित सर्वाेदय शांति पदयात्रा से जुड़े संतों ने सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ आगमन पर संतों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संत समाज के विचार और जीवन मूल्य समाज में शांति, सद्भाव, नैतिकता तथा मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सर्वाेदय शांति पदयात्रा को सामाजिक समरसता, अहिंसा और विश्व बंधुत्व का प्रेरक अभियान बताते हुए इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा नेपाल से प्रारंभ होकर लगभग 1,600 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंची है। यात्रा का उद्देश्य शांति, सद्भाव, अहिंसा और मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रमण संघ, रायपुर के अध्यक्ष अशोक पटवा, कार्यकारिणी अध्यक्ष विनय पटवा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

बंदूक छोड़ विकास की राह चुनी, शासकीय योजनाओं ने बदली मड़कम भीमा की जिंदगी

रायपुर

सुकमा जिले में शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत पोलमपल्ली के निवासी मड़कम भीमा इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और लोकतंत्र की मुख्यधारा को अपनाया। जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के सहयोग से आज वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला अपना पक्का घर

मुख्यधारा में लौटने के बाद जिला प्रशासन ने मड़कम भीमा को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक घर में रह रहा है। इस योजना ने उनके जीवन में स्थिरता और भविष्य के प्रति नया विश्वास पैदा किया।

मनरेगा से मिला रोजगार, बढ़ी आत्मनिर्भरता

मड़कम भीमा को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत रोजगार भी उपलब्ध कराया गया। उन्होंने गांव के विकास कार्यों में मेहनत से काम किया और मजदूरी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और आत्मविश्वास भी बढ़ा।

नई सोच के साथ बदली जिंदगी

आज मड़कम भीमा अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। वे मानते हैं कि शासकीय योजनाओं और जिला प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान और नया जीवन दिया है। अब वे विकास की राह पर आगे बढ़ते हुए अपने परिवार का बेहतर भविष्य बना रहे हैं।

दूसरों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

मड़कम भीमा की सफलता की कहानी बताती है कि शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। यह कहानी युवाओं को संदेश देती है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग अपनाने से जीवन में नई शुरुआत संभव है। शासन समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ा है।

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