बालाघाट में बाढ़ में फंसे ग्रामीणों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस बनी जीवनरक्षक

बालाघाट में बाढ़ में फंसे ग्रामीणों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस बनी जीवनरक्षक

16 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया
किरनापुर पुलिस, हट्टा पुलिस, एसडीआरएफ एवं हॉक फोर्स के संयुक्त अभियान से खेतों में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला
वर्षा के मौसम में सावधानी रखने की अपील

बालाघाट

प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के बीच मध्यप्रदेश पुलिस आपदा की प्रत्येक स्थिति में आमजन की सुरक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले के थाना किरनापुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे 16 ग्रामीणों का पुलिस, एसडीआरएफ एवं हॉक फोर्स के संयुक्त अभियान के माध्यम से सफलतापूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण थाना किरनापुर क्षेत्र के ग्राम भानपुर में खेतों पर कृषि कार्य करने गए लगभग 16 ग्रामीण अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण चारों ओर से बाढ़ के पानी में घिर गए। नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से उनके वापस लौटने का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और सभी ग्रामीण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंस गए।

घटना की सूचना मिलते ही थाना किरनापुर पुलिस ने बिना विलंब किए थाना हट्टा पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) एवं हॉक फोर्स की टीम के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। तेज बहाव एवं विषम परिस्थितियों के बावजूद टीम ने साहस, सूझबूझ और उत्कृष्ट समन्वय का परिचय देते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचकर सभी 16 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। समय पर की गई त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जनसुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि लगातार वर्षा के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों एवं जलमग्न मार्गों को पार करने का प्रयास न करें। खेतों अथवा अन्य स्थानों पर जाने से पूर्व मौसम एवं जलस्तर की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूर्णतः पालन करें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस द्वारा आवश्यक बैरिकेड एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आमजन से अनुरोध है कि प्रतिबंधित मार्गों से आवागमन न करें तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल डायल-112 अथवा निकटतम पुलिस थाने को सूचना दें।

मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए 24*7 सतर्क एवं प्रतिबद्ध है तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यरत है।

 

MP IPS Transfer: 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, रुचि वर्धन बनीं भोपाल ग्रामीण IG, सागर-नर्मदापुरम को मिले नए आईजी

भोपाल
 प्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात नौ IPS अधिकारियों के तबादले कर दिए। रुचिवर्धन मिश्र पुलिस महानिरीक्षक भोपाल ग्रामीण जोन होंगी। वहीं, हरिनारायण चारी अब पुलिस मुख्यालय में एससीआरबी के स्थान पर प्रशासन का दायित्व संभालेंगे‌।

शहडोल के पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव की जगह कुमार अग्रवाल और शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के स्थान पर प्रियंका शुक्ला को भेजा गया है।गृह विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार चंद्रशेखर सोलंकी पुलिस महानिरीक्षक विशेष सत्र बल इंदौर रेंज को पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम जोन बनाया है।

यशपाल सिंह राजपूत पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर और रामजी श्रीवास्तव सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस अकादमी भौंरी होंगे। विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशासन आदर्श कटियार को दूरसंचार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वहीं, अनुराग पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन के पास पुलिस महानिरीक्षक विशेष सशस्त्र बल और आइएपीटीसी इंदौर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। अरविंद कुमार तिवारी पुलिस अधीक्षक इंदौर रेल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे।

भोपाल के पूर्व पुलिस कमिश्नर को मिली नई जिम्मेदारी
इस फेरबदल में सबसे बड़ा नाम भोपाल के पूर्व पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का है. उन्हें अब पुलिस मुख्यालय में आईजी के पद पर तैनात किया गया है. इसके साथ ही तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी रुचिवर्धन मिश्र को भोपाल (ग्रामीण) जोन की कमान सौंपी गई है. वह अपनी कार्यशैली के लिए भी प्रसिद्ध रहे हैं. चंद्रशेखर सोलंकी नर्मदापुरम जोन के आईजी बनाए गए हैं. वहीं सिमाला प्रसाद को खरगोन रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा मिथिलेश शुक्ला को सागर जोन की कमान मिली है। 

इन जिलों के बदले गए एसपी (SP)
गृह विभाग द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार शहडोल और शाजापुर जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को बदल दिया गया है. प्रियंका शुक्ला को अब शाजापुर का नया एसपी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल जिले के एसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

किस IPS को मिली कौन-सी जिम्मेदारी
शासन स्तर पर हुए बड़े फेरबदल को आगामी कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तालमेल को बेहतर करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए पदों का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। 

किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी:

चंद्रशेखर सोलंकी: इन्हें आईजी, नर्मदापुरम ज़ोन की जिम्मेदारी दी गई है.

मिथिलेश शुक्ला: इन्हें आईजी, सागर जोन का नया कमान संभाला गया है.

सिमाला प्रसाद: इन्हें डीआईजी (DIG), खरगोन रेंज के पद पर नियुक्त किया गया है.

भोपाल पुलिस कमिश्नर रहे हरिनारायण चारी मिश्र PHQ में IG (प्रशासन) बने हैं.

रुचिवर्धन मिश्र को IG, भोपाल (ग्रामीण) जोन की जिम्मेदारी दी गई है.

प्रियंका शुक्ला को एसपी, शाजापुर की जिम्मेदारी मिली है.

संजय कुमार अग्रवाल एसपी, शहडोल बनाए गए हैं.

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार घटा, गोल्ड रिजर्व में भी बड़ी गिरावट; सामने आए ताजा आंकड़े

 नई दिल्‍ली

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और गोल्‍ड रिजर्व में भारी कटौती हुई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए आंकडों के अनुसार, 26 जून 2026 को समाप्‍त सप्‍ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.654 अरब डॉलर घटकर 666.933 अरब डॉलर रह गया, जबकि इससे पहले के सप्‍ताह के फॉरेन एक्‍सचेंज 963 मिलियन डॉलर बढ़कर 672.587 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। 

आरबीआई ने बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े हिस्‍से फॉरेन करेंसी असेट्स में 150 मिलियन डॉलर की गिरावट आई है और यह 541.067 अरब डॉलर पर आ चुका है. विदेशी मुद्रा असेट में यूरो, पाउंड और येन जैसी नॉन अमेरिकी करेंसी की वैल्‍यू में उतार-चढ़ाव का भी असर विदेशी मुद्रा भंडार में हुआ है। 

गोल्‍ड रिजर्व में भारी गिरावट
इसके अलावा, एक सप्‍ताह में गोल्‍ड रिजर्व में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सोने के भंडार 5.394 अरब डॉलर घटकर 102.536 अरब डॉलर पर आ गया. वहीं स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) की वैल्‍यू 89 मिलियन डॉलर घट गई और 18.558 अरब डॉलर रह गई. इतना ही नहीं IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन भी 21 मिलियन डॉलर घटकर 4.7772 अरब डॉलर रह गई है। 

फरवरी में रिकॉर्ड हाई पर था विदेशी रिजर्व 
गौर करने वाली बात है कि 27 फरवरी 2026 की सप्‍ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर था. हालांकि, इसके बाद वेस्‍ट एशिया में बढ़े तनाव और संघर्ष के कारण रुपये में लगाता दबाव बना रहा है, जिसके बाद रुपये की गिरावट को कंट्रोल करने के लिए आरबीआई ने कई उपाय किए, उसमें डॉलर की बिक्री भी शामिल थी. जिस कारण विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखने को मिली है।  

क्‍यों आई गोल्‍ड रिजर्व में कटौती? 
इसके अलावा, पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में संकट को कम करने के लिए 11 मई को लोगों से अपील की कि वे विदेशी यात्राएं कम करें. पेट्रोल और डीजल वाहनों का उपयोग कम करें और सोने की खरीद भी बंद करें, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा विदेशी खर्च को कम किया जा सके और आयात लागत को घटाया जा सके. इसके बाद सोने के आयात शुल्‍क में भी भारी बढ़ोतरी कर दी गई, जिस कारण सोने का आयात घट गया और गोल्‍ड के रिजर्व में कटौती देखी गई है। 

Indus Water Treaty: भारत के कदम के बाद चीन की शरण में क्यों पहुंचा पाकिस्तान? जानिए जल संकट का पूरा गणित

नई दिल्ली

 पाकिस्तान दशकों से सिंधु से अपनी प्यास बुझा रहा था. सिंधु जल समझौते से फायदा उठा रहा था. मगर वह अपनी औकात भूल गया. उसे यह याद नहीं रहा कि सिंधु जल समझौते की चाबी भारत के पास है. पाकिस्तान ने पहलगाम अटैक करवाकर बहुत बड़ी गलती कर दी. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को दोतरफा मार मारी. पहले तो ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को गहरे जख्म दिए. उसके बाद सिंधु जल समझौते को तोड़कर पाकिस्तान के होश ठिकाने लगा दिए. भारत ने जब से सिंधु का पानी रोका है, तब से पाकिस्तान की हालत खराब है. वह पानी के लिए तड़प रहा है. पाकिस्तानी नेताओं के बयान में बार-बार सिंदु का दर्द झलक रहा है. अलग-अलग मंचों पर सिंधु का राग अलाप रहा है. जब इन सबसे भारत पर कोई असर नहीं पड़ा तो पाकिस्तान अब चीन के पल्लू में जा छिपा है. पाकिस्तान ने अबकी बार सिंधु जल विवाद पर सीधे चीन को घसीट लिया है। 

दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के पानी को लेकर विवाद पुराना है. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि सीमा पार आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि पर पहले जैसी व्यवस्था नहीं चल सकती. इसके बाद पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. अब पाकिस्तान ने इस पूरे विवाद में चीन का नाम भी जोड़ दिया है. पाकिस्तान का कहना है कि हिमालय से निकलने वाली नदियां सिर्फ भारत और पाकिस्तान की नहीं हैं, बल्कि चीन भी इनका बड़ा हितधारक है. सवाल यह है कि आखिर पाकिस्तान ने अचानक चीन को इस विवाद में क्यों घसीटा?

पाकिस्तान की नई रणनीति क्या है?
सबसे पहले जानते हैं कि पाकिस्तान ने अब चीन का नाम कैसे और क्यों लिया है. दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हिमालय से निकलने वाली नदियां कुदरत की देन हैं. ये नदियां सिंधु से लेकर मेकांग तक कई देशों को पानी देती हैं. उनका कहना है कि चीन से भी कई बड़ी नदियां निकलती हैं, इसलिए पानी का मुद्दा पूरी मानवता से जुड़ा है और चीन की भूमिका भी अहम है. यानी पाकिस्तान यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि यह सिर्फ भारत-पाकिस्तान का मामला नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का मुद्दा है। 

पाकिस्तान का पूरा बयान क्या है?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, ‘चीन के बारे में दो सवाल थे. सबसे पहले हिमालयी क्षेत्र से निकलने वाली नदियों का पानी कुदरत की एक बड़ी देन है. हिमालयी नदी प्रणाली अल्लाह की एक नेमत है, जो सिंधु से लेकर मेकांग तक कई देशों को पानी देती है. चीन की नदियां भी वहीं से निकलती हैं. इसलिए, यह पूरी इंसानियत की साझा विरासत है. पानी से जुड़े बड़े मुद्दों पर चीन का रवैया हमेशा सकारात्मक रहेगा, क्योंकि वह सिर्फ़ दक्षिण एशिया (भारत और पाकिस्तान) में बहने वाली नदियों के मामले में ही नहीं, बल्कि हिमालय से चीन और सुदूर पूर्व (हमारे पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों) की ओर बहने वाली विशाल नदी प्रणालियों के मामले में भी एक अहम पक्षकार है। 

चीन का नाम क्यों लिया?
अब सवाल है कि आखिर पाकिस्तान ने चीन का नाम क्यों लिया. तो इसका जवाब सिंपल है- प्रेशर यानी दबाव. जी हां, सिंधु जल पर पाकिस्तान छटपटा रहा है. भारत ने जब से पानी रोका है, तब से वह बिलबिला रहा है. वह हर कोशिश कर रहा है मगर सिंधु का एक कतरा तक नहीं मिल पा रहा है. भारत साफ कर चुका है, पहले आतंकाद रोको, तभी पानी मिलेगा. इसलिए पाकिस्तान इस समय कूटनीतिक दबाव में है. भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कई मंचों पर घेरा है. ऐसे में पाकिस्तान चाहता है कि चीन खुलकर उसके पक्ष में बोले और भारत पर दबाव बने। 

पाकिस्तान को चीन से क्या उम्मीद
यह हकीकत है कि चीन बहुत समय से पाकिस्तान का सदाबहार दोस्त है. यूं कहिए कि वह पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार है. दोनों देशों के बीच चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) जैसी बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं. इसलिए पाकिस्तान को उम्मीद है कि चीन उसके समर्थन में आवाज उठा सकता है. मगर बीते कुछ समय से भारत-चीन के रिश्ते भी बेहतर हुए हैं. अमेरिका की टैरिफ नीति के चलते भारत और चीन में नजदीकियां बढ़ी हैं. ऐसे में पाकिस्तान का चीन खुलकर साथ दे और भारत का विरोध करे, इसकी संभावना बहुत कम है. इसलिए यहां पाकिस्तान की दाल गलती नहीं दिख रही है। 

चीन क्यों नहीं देगा दखल
भारत-पाकिस्तान के इस सिंधु जल मसले पर चीन के न बोलने की एक और वजह है. भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल विवाद का आधार सिंधु जल संधि है. यह समझौता सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था. इसमें चीन किसी भी रूप में पक्षकार नहीं है. इसलिए चीन चाहकर भी दो देशों के मसले में मौजूदा हालात में न बोलेगा और न दखल देगा. वैसे भी लीगली भी देखें तो सिंधु जल संधि में चीन की कोई भूमिका नहीं है। 

पाकिस्तान को किस बात का डर?
पाकिस्तान के लिए सिंधु का पानी संजीवनी से कम नहीं है. पाकिस्तान बहुत हद तक सिंधु के पानी पर जिंदा है. पाकिस्तान की खेती और पीने के पानी का बड़ा हिस्सा सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है. अगर भारत संधि के तहत मिले अपने अधिकारों का अधिकतम इस्तेमाल करता है या परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाता है, तो पाकिस्तान को भविष्य में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता हो सकती है. इस बार तो वैसे भी बाढ़ ने पाकिस्तान को बचा लिया. मगर बाढ़ नहीं आती तो पाकिस्तान में अभी त्राहिमाम-त्राहिमाम हो रहा होता। 

सिंधु जल पर भारत का रुख क्या है?
सिंधु जल समझौते पर भारत का रुश साफ है. भारत का कहना है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते. पाकिस्तान जब तक आतंकवाद का रास्ता नहीं छोड़ता, तब तक उसे एक बूंद भी सिंधु का पानी नहीं मिलेगा. भारत का तर्क है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक द्विपक्षीय संबंध सामान्य नहीं हो सकते. भारत यह भी कह चुका है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार सिंधु जल संधि की समीक्षा करने का अधिकार रखता है। 

52 की उम्र में मलाइका अरोड़ा का ग्लैमरस मोनोकनी लुक, बीच Photos ने इंटरनेट पर मचाई धूम

मुंबई 
बॉलीवुड डीवा मलाइका अरोड़ा ने एक बार फिर अपने ग्लैमरस अवतार से बिजलियां गिराई हैं. 52 साल की एक्ट्रेस ने लेटेस्ट वीडियो में कहर बरपाया है मलाइका ने बीच वेकेशन की वीडियो पोस्ट कर अपने मूड का खुलासा किया है. इसमें वो रेड कलर की प्रिंटेड मोनोकनी में बोल्डनेस दिखा रही हैं।मलाइका समंदर किनारे काउच पर लेटी हैं. सनबाथ लेते हुए वो मजे ले रही हैं. मलाइका सनग्लासेज पहने, नो मेकअप लुक में नजर आईं। मलाइका लेटी हुई हैं. वो झूम रही हैं. खुशी में डूबी हुई हैं.

मलाइका ने अपनी टोन्ड फिगर फ्लॉन्ट की है। मलाइका कैमरे पर पोज देते हुए चहक रही हैं. उनकी बोल्ड अदाएं देखकर फैंस का कहना है कि वो स्टनिंग लग रही हैं. किसी ने मलाइका को फायर कहा। एक्ट्रेस का पहले भी बोल्ड अवतार देखने को मिला है. शख्स ने पूछा कि मलाइका के साथ इस वेकेशन पर कौन है. यूजर्स को लगता है वो अपने मिस्ट्री बॉयफ्रेंड संग हैं। 

मलाइका ने इससे पहले भी इंटरनेट पर अपने बोल्ड अवतार को दिखाया है. बिकिनी और मोनोकनी में वो अक्सर पोस्ट शेयर करती हैं। एक्ट्रेस की फिटनेस को देखकर लोग दंग हैं. उन्होंने 52 साल की मलाइका को लेकर कहा कि वो बढ़ती उम्र के साथ और जवां दिख रही हैं. यूजर ने लिखा- कोई नहीं कहेगा वो 1 बेटे की मां हैं। 

₹82 से ₹170 प्रति लीटर तक मिलता है पेट्रोल, जानिए 5 तरह के फ्यूल में आपकी गाड़ी के लिए कौन-सा है बेस्ट

नई दिल्ली

इंडियन ऑटो मार्केट एक बड़े फ्यूल ट्रांजिशन के दौर से गुजर रहा है, जहां ट्रेडिशनल फॉसिल फ्यूल की जगह तेजी से इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल को चलन में लाया गया है. प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने देश में कई तरह के पेट्रोल ऑप्शन को बेचने शुरू कराया है. आज भारतीय मार्केट में नॉर्मल ऑक्टेन रेटिंग से लेकर हाई-परफॉर्मेंस और फ्लेक्स-फ्यूल कैटेगरी के कुल 5 पेट्रोल ऑप्शन बिक रहे हैं। 

आपकी गाड़ी के इंजन, उसकी क्षमता और पर्यावरण के प्रति आपकी जिम्मेदारी के आधार पर इन फ्यूल्स को अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है और इनकी कीमतों में भी काफी ज्यादा अंदर है. आइए, भारत में उपलब्ध E20 से लेकर E85 तक के सभी प्रकार के पेट्रोल के बारे में जानते हैं. ये किस तरह की गाड़ियों के लिए हैं और इनकी फिलहाल कीमत क्या है? ये भी जानेंगे। 

1. रेगुलर पेट्रोल (E20 – 91 Octane)
ये भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला सामान्य पेट्रोल है, जिसका इस्तेमाल हर आम बाइक, स्कूटर और कार में होता है. देश के सभी पेट्रोल पंपों पर अब ये फ्यूल 20% इथेनॉल मिश्रण यानी E20 स्टैंडर्ड के साथ ही मिल रहा है. 91 ऑक्टेन रेटिंग वाला ये पेट्रोल रोजमर्रा की शहर में ड्राइविंग और ईको-फ्रेंडली सफर के लिए सबसे सस्ता और व्यावहारिक विकल्प है. दिल्ली में इसकी कीमत फिलहाल ₹102.12/लीटर है। 

2. प्रीमियम पेट्रोल (E20 – 95 Octane)
इंडियन ऑयल का XP95 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का Power Petrol इस कैटेगरी में आते है. ये भी E20 स्टैंडर्ड (20% इथेनॉल) पर ही बेस्ड है, लेकिन इसकी ऑक्टेन रेटिंग 95 होती है. इसमें स्पेशल डिटर्जेंट एडिटिव्स मिले होते हैं जो इंजन के वाल्व को साफ रखते हैं. ये मॉडर्न टर्बो-पेट्रोल कारों और प्रीमियम स्कूटर्स के लिए बेहतरीन माइलेज और स्मूथ परफॉर्मेंस देता है. दिल्ली में इसकी कीमत फिलहाल ₹109.24/लीटर है। 

3. सुपर-प्रीमियम पेट्रोल (0% Ethanol – 100 Octane)
इंडियन ऑयल का XP100 इस कैटेगरी का सबसे बड़ा उदाहरण है. ये भारत का इकलौता पेट्रोल है, जो पूरी तरह से इथेनॉल-मुक्त (0% Ethanol) होता है और इसकी ऑक्टेन रेटिंग 100 होती है. ये फ्यूल बेहद महंगा है और इसे खासतौर पर सुपरकार्स, रेसिंग बाइक्स और विंटेज कारों के लिए तैयार किया गया है, ताकि उनके इंजनों को अधिकतम पावर मिल सके. दिल्ली में इसकी कीमत फिलहाल ₹170/लीटर है। 

4. E85 पेट्रोल (Flex-Fuel)
इसे फिलहाल फ्यूचर फ्यूल के हिसाब से देखा जा रहा है. E85 पेट्रोल केवल फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स (FFVs) के लिए पेश किया गया है. इसमें 85% तक इथेनॉल और सिर्फ 15% पेट्रोल होता है. टोयोटा, मारुति और हीरो मोटोकॉर्प ने मार्केट में E85 पर चलने वाले कुछ मॉडल्स उतारे हैं. ये पर्यावरण के लिए बेहद सुरक्षित और रेगुलर पेट्रोल से काफी सस्ता है, लेकिन इसे सिर्फ फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों में ही डाला जा सकता है. दिल्ली में इसकी कीमत फिलहाल ₹82.12/लीटर है। 

5. E100 (प्योर इथेनॉल फ्यूल)
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सहयोग से भारत में E100 यानी 100% शुद्ध इथेनॉल ईंधन को भी हरी झंडी मिल चुकी है. ये पूरी तरह से गन्ने, मक्के और कृषि अपशिष्ट से बनने वाला बायोफ्यूल है, जिसमें पेट्रोल की एक बूंद भी नहीं होती. वर्तमान में चुनिंदा पायलट प्रोजेक्ट्स और विशेष रूप से डिजाइन की गई फ्लेक्स-फ्यूल बाइक्स और कारों में इसे इस्तेमाल किया जा रहा है. इसकी कीमत अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। 

सपा की 3 महिला सांसदों और अपने ही विधायकों के बीच बढ़ी तकरार, जानिए क्या है पूरा मामला

लखनऊ 

उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी एक दशक से सत्ता का वनवास झेल रही है. अखिलेश यादव सूबे की सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है, लेकिन पार्टी में अंदरूनी कलह और गुटबाजी कहीं उनकी उम्मीदों पर पानी न फेर दे. विधानसभा चुनावों से पहले जिस तरह सपा में सियासी रार छिड़ी हुई है, उसके चलते ही अखिलेश यादव ने कमाल अख्तर को विधानसभा के मुख्य सचेतक पद से हटाना पड़ा है। 

मुरादाबाद की लोकसभा सांसद रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच छिड़ी सियासी अदावत के चलते ही अखिलेश यादव को एक्शन लेना पड़ा है. सपा के सांसद और विधायक के बीच पहला मामला नहीं बल्कि यूपी में तीन सपा के महिला सांसदों की अपने ही इलाके में अपनी ही पार्टी के विधायक के साथ छत्तीस के आंकड़े हैं। 

यूपी में चुनावी सरगर्मी के बीच अखिलेश यादव एक तरफ जहां सपा ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के दम पर सत्ता में वापसी की रणनीति बना रही है, लेकिन  जमीनी स्तर पर सपा सांसद और विधायकों की आपसी महत्वाकांक्षाएं और गुटबाजी पार्टी के बने-बनाए खेल को बिगाड़ सकती हैं। 

प्रिया सरोज और रागिनी सोनकर में शह-मात
जौनपुर की मछलीशहर सीट पर सपा की दो युवा और तेजतर्रार महिला नेताओं के बीच सियासी रार छिड़ी हुई है. मछली शहर की सपा सांसद प्रिया सरोज और स्थानीय विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के बीच सियासी अदावत किसी से छिपी नहीं है. ये दोनों महिला नेता सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की करीबी मानी जाती हैं, लेकिन एक ही क्षेत्र से होने के चलते दोनों के बीच वर्चस्व की जंग को हवा दे दी है। 

प्रिया सरोज सपा के दिग्गज नेता तुफानी सरोज की बेटी हैं और 2024 में मछली शहर सीट से सांसद चुनी गई है. रागिनी सोनकर 2022 में मछलीशहर सीट से विधायक चुनी गई और 2024 में वो चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन पार्टी ने प्रिया सरोज को टिकट दे दिया था. इसके बाद से ही दोनों के रिश्ते जगजाहिर हैं और एक दूसरे पर निशाना साधने का मौका नहीं गंवाती हैं. इतना ही नहीं एक दूसरे के साथ न मंच शेयर करती हैं और न ही अपने-अपने कार्यक्रम में एक दूसरे को बुलाती हैं। 

रागिनि सोनकर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर मौका मिला या पार्टी ने चाहा, तो वह भविष्य में मछलीशहर सीट से ही लोकसभा चुनाव लड़ना पसंद करेंगी. इस पर प्रिया सरोज ने पलटवार करते हुए कहा है कि मछलीशहर उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि है और वह इसे किसी के लिए नहीं छोड़ेंगी। 

यह लड़ाई सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सीमित नहीं है,बल्कि इसके पीछे 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात है.माना जा रहा है कि प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज चाहते हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मछलीशहर सदर सीट से उनके बेटे धनंजय सरोज चुनाव लड़ें. रागिनी सोनकर इस बात को बाखूबी समझ रही हैं, जिसके चलते ही लोकसभा की दावेदारी ठोककर अपना राजनीतिक आधार मजबूत कर रही हैं। 

रुचि वीरा और कमाल अख्तर की अदावत
मुरादाबाद की मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा और जिले की कांठ विधानसभा सीट से विधायक कमल अख्तर के बीच 2024 से ही सियासी अदावत छिड़ी हुई है. रुचि वीरा को सपा नेता आजम खान का करीबी माना जाता है. आजम खान और कमाल अख्तर की सियासी अदावत किसी से छिपी नहीं है. इसके चलते रुचि वीरा और कमाल अख्तर की भी नहीं पटती है. कमाल अख्तर न ही अपने कार्यक्रम में रुचि वीरा को बुलाते हैं और न ही रुचि वीरा अपने कार्यक्रम में कमाल अख्तर को बुलाती हैं। 

25 जून को मुरादाबाद में कमाल अख्तर ने पीडीए चौपाल का कार्यक्रम रखा था, जिसमें रुचि वीरा को नहीं बुलाया गया. यही नहीं कार्यक्रम में लगे बैनर में रुचि वीरा तस्वीर भी नहीं थी, जिसको लेकर रुचि वीरा ने सियासी मुद्दा बना दिया. यह बात अखिलेश यादव तक पहुंची तो उन्होंने दोनों ही नेताओं को लखनऊ बुलाया. अखिलेश की मौजूदगी में दोनों ही नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई और एक दूसरे पर गुटबाजी का आरोप लगाया। 

आजम खान की करीबी होने के चलते अखिलेश यादव ने रुचि वीरा के साथ देते हुए कमाल अख्तर को विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देने के लिए कह दिया. कमल अख्तर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन रुचि वीरा के साथ उनकी सियासी अदावत अभी भी जारी है. इसके पीछे मुरादाबाद की सियासत पर अपना-अपना अधिपत्य जमाने की है, जिसके चलते पार्टी दो गुटों में बंट गई है। 

बुंदेलखंड में सपा सांसद और विधायक में कलह
बुंदेलखंड में बीते लोकसभा चुनाव के दौरान अच्छा प्रदर्शन कर तीन सीटें जीतने वाली सपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही अंदरूनी कलह में उलझती दिख रही है. गुटबाजी की चलते ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 12 मई को बांदा की जिला कार्यकारिणी को भंग दिया. अब बांदा-चित्रकूट की सपा सांसद कृष्णा पटेल और बबेरू से सपा के विधायक विशंभर सिंह यादव के बीच पिछले हफ्ते जमकर कहासुनी एक कार्यक्रम में हुई। 

सांसद कृष्णा देवी पटेल और विधाक विशंबर सिंह यादव के बीच  ‘तू-तू मैं-मैं’ का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ. वायरल वीडियो में सांसद कृष्णा पटेल विधायक पर असहयोग और बेइज्जती करने का आरोप लगाती दिख रही है. इसके जवाब में विधायक विशंभर सिंह यादव उन्हें तमीज में रहने की नसीहत देते नजर आ. सांसद कृष्णा पटेल ने मंच से ही यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत वह पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से कर चुकी हैं। 

कृष्णा पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद समेत पार्टी के तमाम छोटे-बड़े नेता शामिल हुए. सांसद के पति ने पार्टी के ही लोगों पर उन्हें बदनाम करने व अवैध खनन में संलिप्त होने के मिथ्या आरोप लगाने की बात कही थी. तब से सांसद-विधायक के बीच जंग जारी है. चित्रकूट में जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह पटेल और सदर विधायक अनिल प्रधान के बीच अंदरखाने मनमुटाव है. पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज पटेल का गुट भी अलग है. इसके चलते सियासी वर्चस्व की जंग चल रही है। 
 

सीएम योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक छलांग

सीएम योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक छलांग

जून 2026 में राज्य ने 71,888 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया 

घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, अब महाराष्ट्र को पीछे छोड़ने की तैयारी

लखनऊ
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। जून 2026 में राज्य ने 71,888 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह न केवल उत्तर प्रदेश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन है, बल्कि किसी भी राज्य द्वारा एक माह में की गई घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।

   उत्तर प्रदेश में अब तक 10,89,716 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं तथा 6,36,745 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना पूरी की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश लगातार कई महीनों से देश में सर्वाधिक मासिक स्थापनाएं दर्ज कर रहा है और घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में देश का सबसे तेजी से उभरता हुआ राज्य बन गया है।

   इस वर्तमान रुझानों को देखते हुए अनुमान है कि जुलाई 2026 के अंत तक उत्तर प्रदेश कुल घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर देश का दूसरा सबसे बड़ा घरेलू रूफटॉप सोलर राज्य बन सकता है। इसके बाद राज्य का अगला लक्ष्य गुजरात को पीछे छोड़ते हुए कुल घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में भारत का नंबर-1 राज्य बनना है।

     घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां भी अभूतपूर्व हैं। राज्य में अब तक 2,148 मेगावाट से अधिक क्षमता स्थापित की जा चुकी है तथा ₹5,500 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं को वितरित की जा चुकी है। इस क्षेत्र में 7,000 से अधिक कंपनियां और वेंडर्स कार्य कर रहे हैं तथा 80,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। राज्य में घरेलू रूफटॉप सोलर से प्रतिदिन लगभग 96 लाख यूनिट निःशुल्क बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसका अनुमानित मूल्य ₹6 करोड़ प्रतिदिन से अधिक है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में ₹40 करोड़ से अधिक का दैनिक कारोबार हो रहा है और 9,000 एकड़ से अधिक भूमि की बचत हुई है, जो बड़े पैमाने पर भूमि आधारित विद्युत परियोजनाओं की तुलना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    उत्तर प्रदेश की यह सफलता जागरूक उपभोक्ताओं, सोलर वेंडर्स, यूपीनेडा, बैंकिंग संस्थानों, डिस्कॉम एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में राज्य की यह तेज प्रगति न केवल स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत की घरेलू रूफटॉप सोलर क्रांति का नया नेतृत्वकर्ता भी बना रही है। मासिक स्थापना में देश का नंबर-1 बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश का लक्ष्य कुल घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में भी भारत का नंबर-1 राज्य बनना है।

दिव्यांग बच्चों के लिए बलरामपुर में लगा विशेष यूडीआईडी कैंप

रायपुर

दिव्यांग बच्चों के लिए बलरामपुर में लगा विशेष यूडीआईडी कैंप

प्रदेश में दिव्यांग बच्चों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष यूडीआईडी अभियान संचालित किया जा रहा है। 
इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जिला अस्पताल परिसर में विशेष यूडीआईडी कैंप का आयोजन किया गया।

कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस विशेष शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र तैयार कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है।

जिला चिकित्सालय में आयोजित शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे 57 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया। परीक्षण उपरांत पात्र बच्चों को नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड जारी किए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक पात्र बच्चे का पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण सुनिश्चित करते हुए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं, उपचार सुविधाओं तथा पुनर्वास सेवाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि यूडीआईडी कार्ड दिव्यांग बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है, जिसके माध्यम से उन्हें विभिन्न शासकीय सेवाओं और सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक समावेशन, सशक्तिकरण एवं बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

बड़ी राहत आवाजाही के लिए खुला तान नदी ब्रिज रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया मरम्मत कार्य

रायपुर

बड़ी राहत : आवाजाही के लिए खुला तान नदी ब्रिज

कटघोरा से अंबिकापुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-शिवनगर खंड पर गुरसियाँ स्थित तान नदी ब्रिज को मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आम यातायात के लिए पुनः खोल दिया है।

परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए ब्रिज की आवश्यक संरचनात्मक मरम्मत रिकॉर्ड समय में पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही इस मार्ग पर यातायात पुनः पूर्ण क्षमता के साथ सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। पुल की रेलिंग के बचे कार्य को कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्य मरम्मत कार्य पूरा होने से कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा भारी वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनएचएआई सुरक्षित, निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली सड़क अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

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