कश्मीर में स्कूली किताबों पर विवाद: मकबूल भट्ट को ‘शहीद’ और अलगाववादियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताने का आरोप

जम्मू
 आतंकवाद और अलगाववाद के अंधकार से दूर हो रहे जम्मू-कश्मीर की नई पीढ़ी को फिर से आतंक का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर समग्र शिक्षा नीति के तहत स्कूलों को ऐसी किताबें भेजी गई है कि जिसमें आतंकी मकबूल बट को शहीद और अलगाववादियों को स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए महिमामंडन किया गया है।

जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम ने इस किताब को सार्वजनिक करते हुए प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और पुस्तक खरीद में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में भेजी गई “जम्मू-कश्मीर की महान व दिग्गज हस्तियां” नामक इस पुस्तक को एक निजी प्रकाशक ओबराय बुकस सर्विस की ओर से प्रकाशित किया गया है और इसे हिलाल अहमद व संतोष मीणा द्वारा लिखा गया है।

सैयद अलगी, शब्बीद सहित कई अलगाववादियों का जिक्र
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर पुस्तक को सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और इस पुस्तक की खरीद करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फोरम के उप-प्रधान रघु मेहता व ट्रस्टी दीपक कपूर ने बताया कि पुस्तक में आतंकी मकबूल भट्ट को शहीद-ए-आजम बताया है और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम व मौलवी फारूक को कश्मीर का स्वतंत्रता सेनानी।

प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए इस पुस्तक की खरीद की और प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में पुस्तक उपलब्ध कराई गई। कपूर ने बताया कि पुस्तक में मकबूल बट पर अध्याय है। इसमें भारत को आक्रांता दिखाया है और बताया है मकबूल ने कश्मीर की आजादी के लिए बलिदान दे दिया।

1984 में दी गई थी फांसी
मकबूल को सीआइडी इंस्पेक्टर अमर चंद व भारतीय राजदूत की हत्या के आरोप में 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी। पुस्तक में कुछ अन्य अध्यायों में सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर शाह, मसरत आलम, मीरवाइज उमर फारूक व मौलवी फारूक को कश्मीर का स्वतंत्रता सेनानी करार दिया गया है।

 

Eknath Shinde Health: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती; सभी कार्यक्रम रद्द

ठाणे
अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इलाज के लिए ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि उनकी हालत पूरी तरह से स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

पिछले कुछ दिनों से काम के भारी दबाव और लगातार भागदौड़ का सीधा असर एकनाथ शिंदे की सेहत पर पड़ा है। उन्हें कमजोरी महसूस हो रही थी। विधानमंडल की कार्यवाही के दौरान ही उन्हें बुखार की शिकायत हुई थी। इसके बावजूद वह कुछ तय कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए ठाणे पहुंचे, लेकिन तबीयत ज्यादा नासाज होने के चलते उन्हें अपने सभी कार्यक्रम रद्द करने पड़े।

डॉक्टरों ने दी अस्पताल में भर्ती होने की सलाह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों के राजनीतिक घटनाक्रमों और फिर विधानमंडल का अधिवेशन शुरू होने के कारण एकनाथ शिंदे लगातार व्यस्त चल रहे थे। माना जा रहा है कि थकान, वायरल बुखार और कमजोरी की वजह से ही उनका स्वास्थ्य बिगड़ा।

डॉक्टरों ने उन्हें घर पर रहकर आराम करने के बजाय अस्पताल में भर्ती होकर समुचित इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद शुक्रवार रात उन्हें फौरन ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।

रात 2 बजे हुआ शुभांगी पाटिल का पार्टी प्रवेश
डिप्टी सीएम के अस्पताल में भर्ती होने की वजह से ठाणे में होने वाले एक अहम सियासी कार्यक्रम में भी बदलाव करना पड़ा। दरअसल, ठाणे के गंगूबाई शिंदे हॉल में शुक्रवार दोपहर धुले से ठाकरे गुट की शिवसेना उपनेत्री शुभांगी पाटिल का पार्टी प्रवेश समारोह आयोजित होने वाला था। लेकिन एकनाथ शिंदे के अचानक बीमार पड़ने के कारण इसे टालना पड़ा। आखिरकार देर रात 2 बजे कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में शुभांगी पाटिल ने ठाणे में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

वायरल बुखार और लगातार व्यस्तता के बीच अस्पताल पहुंचे शिंदे

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर विधानसभा सत्र के दौरान ही एकनाथ शिंदे को तेज बुखार और कमजोरी महसूस होने लगी थी. शुरुआत में इसे सामान्य थकान माना गया, लेकिन शाम तक तबीयत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने जांच की सलाह दी. देर रात उन्हें ठाणे के जुपिटर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। 

    लगातार राजनीतिक बैठकों, विधानसभा सत्र और प्रशासनिक गतिविधियों के कारण पिछले कुछ दिनों से उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पा रहा था. डॉक्टरों का मानना है कि वायरल संक्रमण के साथ लगातार काम का दबाव भी उनकी तबीयत बिगड़ने की एक वजह हो सकता है. फिलहाल उनकी मेडिकल जांच जारी है और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

    शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं ने बताया कि उपमुख्यमंत्री की स्थिति स्थिर है और उन्हें केवल निगरानी तथा आराम के लिए अस्पताल में रखा गया है. पार्टी की ओर से समर्थकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील भी की गई है। 

महत्वपूर्ण कार्यक्रम फिलहाल स्थगित
स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते एकनाथ शिंदे के कई राजनीतिक कार्यक्रम फिलहाल रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं. शनिवार को प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण पार्टी दीक्षांत समारोह में भी अब वह शामिल नहीं हो पाएंगे. इसके अलावा आगामी राजनीतिक दौरों की नई तारीख बाद में तय की जाएगी। 

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
अस्पताल सूत्रों के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है. वायरल बुखार और कमजोरी को देखते हुए उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है. शुरुआती इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और फिलहाल किसी गंभीर जटिलता की जानकारी सामने नहीं आई है। 

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चिंता
महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे की अहम भूमिका को देखते हुए उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर तेजी से फैल गई. सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. फिलहाल पार्टी का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह के बाद ही उनकी सार्वजनिक गतिविधियां दोबारा शुरू होंगी। 

एकनाथ संभाजी शिंदे महाराष्ट्र के एक प्रमुख राजनेता हैं, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। शिंदे इससे पहले 30 जून 2022 से 5 दिसंबर 2024 तक महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। राजनीति में उनकी शुरुआत 1980 के दशक में शिवसेना के दिग्गज नेता आनंद दीघे के मार्गदर्शन में हुई, जिसके बाद वे 1997 में ठाणे नगर निगम में पहली बार पार्षद चुने गए।

ठाणे के कोपरी-पांचपाखाड़ी विधानसभा क्षेत्र से 2004 से लगातार विधायक रहे शिंदे ने 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के दौरान शिवसेना में बगावत का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप तत्कालीन महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिर गई थी और उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। फरवरी 2023 से वे शिवसेना के अध्यक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं, जब चुनाव आयोग ने उनके गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी। 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद हुए नेतृत्व परिवर्तन में, उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर उपमुख्यमंत्री का पद संभाला।

भारत की ‘सर्जिकल स्ट्राइक 3.0’! पाकिस्तान में छिपे 23 आतंकियों को घोषित किया गया आतंकी, बड़ा एक्शन

  नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी करके 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है. इन सभी 23 नामों को UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है. इनमें से ज्यादातर आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं और पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रह रहे हैं।  

इस लिस्ट में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम शामिल हैं, जो 2016 में नगरोटा स्थित भारतीय सेना शिविर पर हुए हमले और 2022 में जम्मू के सुंजवां में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जुड़े बताए गए हैं। 

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी के रूप में बताया गया है. सबसे चौंकाने वाला नाम मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर का है. गजट के मुताबिक उसका स्थायी पता बेंगलुरु, कर्नाटक का है, जबकि वह अभी पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है। 

सरकार का कहना है कि वह लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल से संबंध रखता है. उस पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भर्ती करने, हथियारों की ट्रेनिंग दिलवाने और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने का आरोप है। 

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार का मानना है कि संबंधित व्यक्ति आतंकवाद में शामिल है. इसी आधार पर UAPA की धारा 35 के तहत उसका नाम कानून की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है। 

इस सूची में शामिल होने के बाद इन आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता आसान हो जाता है. यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश राठी ने जारी की है। 

पाकिस्तान के इन खूंखार आतंकियों का नाम
साल 2016 में नगरोटा में आर्मी कैंप पर हुए हमले का मास्टरमाइंड हाफिज मोहम्मद सईद ही था। इसके अलावा सुजवान मिलिटरी स्टेशन पर हमले में भी उसका नाम आया था। गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन में इनका नाम अब्दुर रऊफ, हाफिज खालिद वलीद उर्फ और राणा इफ्तिकार बताया गया है। राणा इफ्तिकार जिहादी संगठनों की बागडोर संभालता है। इसके अलावा युवाओं को भटकाकर आतंक के रास्ते पर लाता था। इसके अलावा अब्दुल रऊफ लश्कर और जमात-उद-दवा का सदस्य है। वह आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने, फंड इकट्ठा करने का काम करता है।

51 साल का हाफिज खालिद वलीद हाफिज सईद के अंडर में ही काम करता है और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है। इसके अलावा इस लिस्ट में मसूद इलियास कश्मीरी का नाम है जिसे मुफ्ती मसूद इलियास के नाम से भी जानते हैं। वह पीओके के रावलकोट में रहता है और जैश-ए-मोहम्मद में नियुक्तियां करता है। इसके अलावा भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराता है। भारत में हुए आतंकी हमले में भी उसका नाम शामिल है।

नोटिफिकेशन के मुताबिक मोहम्मद मुसादिक उर्फ हमजा पाकिस्तान के नारोवाल जिले के शकारगढ़ में रहता है और कश्मीर में घुसपैठ खरने वाले जैश-ए-मोहम्मद के गुट की मदद करता है। वह सीमा पार ड्रोन के जरिए हथियार भी भेजता है और जैश के लिए साइबर हेड का भी काम करता है। वह ऑनलाइन माध्मय से भी युवाओं को आतंकी गतिविधियों की ओर आकर्षित करता है। अबू साद के नाम से जाना जाने वाला मुफ्ती मोहम्मद असगरर खान अब्बासपुर में रहता है और नगरोटा में सेना के कैंप पर हुए हमले में शामिल था। इसके अलावा 56 साल के हाफिज अब्दुल शकूर का भी इस लिस्ट में नाम है।

नोटिफिकेशन में क्या कहा गया?
गृह मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में सईद के करीबी साथियों के तौर पर अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार की पहचान की है। दस्तावेज में कहा गया है, “54 साल के राणा इफ्तिखार जिहाद-विरोधी संगठनों के बीच तालमेल बिठाता है, युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसाता है और हाफिज सईद का करीबी साथी है।”

इसमें आगे बताया गया, “52 साल का अब्दुल रऊफ लश्कर और जमात-उद-दावा से जुड़ा है। वह आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उनमें तालमेल बिठाने तथा फंड इकट्ठा करने के काम में शामिल है। वह हाफिज सईद की सीधी कमान में लश्कर के मुख्य आतंकवादियों में से एक है।”

इसमें आगे कहा गया है, “51 साल का हाफिज खालिद वलीद, हाफिज सईद की सुरक्षा में रहकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के इरादे से काम करता है और कई आतंकवादी घटनाओं का मास्टरमाइंड है।”

एनआईए को मिलेगी ताकत
सूची में आतंकवादियों के नाम शामिल होने से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को उनके फंड को रोकने, हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने और उनकी संपत्ति जब्त करने की शक्ति मिलेगी। 2019 में आतंकवाद-रोधी कानून में संशोधन करके व्यक्तिगत आतंकवादियों को भी सूची में शामिल करने का प्रावधान किया गया था। संशोधन से पहले केवल समूहों को ही आतंकवादी संगठनों के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता था।

80 आतंकवादियों की लिस्ट
शनिवार को पाकिस्तान में रहने वाले 23 आतंकवादियों को सूची में जोड़ा गया, जिनमें जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हुए हमलों में शामिल लोग भी शामिल हैं। इसके साथ ही सूची में शामिल आतंकवादियों की कुल संख्या 80 हो गई है।

केंद्र सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मुहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वसीम नूर जट को सूची में शामिल किया है।

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्ला खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूक, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार, मोहम्मद शाहिद फैसल (जो अल-कायदा और ISIS से भी जुड़ा है) को भी सूची में शामिल किया गया है।

Railway Alert: बरेली यार्ड में मेंटेनेंस के चलते इंदौर-मुंबई रूट की 4 ट्रेनें जुलाई-अगस्त में रहेंगी रद्द

ग्वालियर
 उत्तर रेलवे के बरेली यार्ड स्थित वाशिंग लाइन संख्या 36 एवं 37 पर अनुरक्षण कार्य के चलते कुछ ट्रेनों का निरस्तीकरण किया गया है। यह कार्य पांच जुलाई से तीन अगस्त तक किया जाएगा। रेल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं परिचालन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक स्टेशन से ट्रेनें निम्नलिखित तिथियों में निरस्त रहेंगी।

ये ट्रेन रहेंगी निरस्त

    14320 बरेली–इंदौर एक्सप्रेस आठ, 15, 22 व 29 जुलाई को निरस्त रहेगी।
    14319 इंदौर–बरेली एक्सप्रेस नौ, 16, 23 व 30 जुलाई को निरस्त रहेगी।
    14314 बरेली–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 11, 18, 25 जुलाई व एक अगस्त को निरस्त रहेगी।
    14313 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–बरेली एक्सप्रेस 13, 20, 27 जुलाई व तीन अगस्त को निरस्त रहेगी।
    ललितपुर स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य के दृष्टिगत पूर्व में जिन तिथियों पर ट्रेन संख्या 14313 एवं 14319 के मार्ग परिवर्तन की सूचना जारी की गई थी, अब ये ट्रेनों को अब निरस्त माना जाएगा।

 

MP Rain Alert: भारी बारिश से नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद, हरदा में नदियां उफान पर; रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी

भोपाल 

आष्टा क्षेत्र में पार्वती और तप नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के घरों में पानी घुस गया। वहीं हरदा में भी नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।

मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। नदियां और नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई इलाकों में घरों और खेतों में पानी भर गया है, जबकि कई सड़कों और पुलों पर पानी बहने से सम्पर्क टुटा। 

हरदा में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है, जिससे नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है।

खंडवा में नाले में बाढ़, आवागमन पूरी तरह बंद
खंडवा में पिछले कई घंटों से झमाझम बारिश जारी है। रेड अलर्ट के बीच यहां चार इंच तक बारिश होने का अनुमान है। लगातार हो रही तेज बारिश के चलते खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में बाढ़ आ गई।

उफनते नाले के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव कम होने तक नाले को पार करने की कोशिश न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।

आष्टा में पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ा
आष्टा ब्लॉक में शुक्रवार रात से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा, बागैर, सिंगारचोरी, हराजखेड़ी, ढकनी और मुगली समेत कई गांवों में घरों में पानी घुस गया है। लगातार बारिश से खेत भी तालाब जैसे नजर आने लगे हैं।

वहीं, ग्राम पंचायत बड़घाटी-रामापुरा में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की सोयाबीन फसल को नुकसान हुआ है। सीहोर के अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है।

बता दें, इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को अति भारी या भारी बारिश की संभावना है।

तापमान में भारी गिरावट, हवाओं में 100% तक नमी
पूर्व मौसम वैज्ञानिक और मौसम–पर्यावरण विश्लेषक शैलेन्द्र कुमार नायक के अनुसार, राज्य के अधिकांश भागों में व्यापक बादल छाए रहने और उच्च नमी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय अधिकांश जिलों में सापेक्ष आर्द्रता 90% या उससे अधिक रही। जबकि मंडला में यह 100%, जबलपुर में 98%, तथा भोपाल एवं इंदौर में 92% दर्ज की गई।

    खंडवा और हरदा में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट।
    19 जिलों में ऑरेंज और कई जिलों में येलो अलर्ट जारी।
    40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।
    गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा।
    अगले 72 घंटे तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के संकेत।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?
एमपी के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश राजगढ़ जिले के पचोर में दर्ज की गई है। यहां 24 घंटे में 168 मिली मीटर अर्थात 6.6 इंच से अधिक बारिश हुई है। इसी प्रकार बालाघाट में 143.8 एमएम, किरनापुर में 140.6 एमएम, लालबर्रा में 138.2 एमएम, खातेगांव में 120 एमएम, केवलारी में 105.2 एमएम बारिश दर्ज की गई हैं

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जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटा

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में दो अलग-अलग जगहों पर बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में दो और चंबा में एक स्थान पर बादल फटने से फसलें, सड़कें और संपर्क मार्ग पूरी तरह तबाह हो गए हैं। मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत भी हो गई है। राज्य में फिलहाल 35 सड़कें बंद हैं और 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं।

प्रमुूख शहरों में बारिश के आंकड़े

    पूर्वी मध्य प्रदेश जिसमें नरसिंहपुर में सर्वाधिक 83.0 मिमी, सिवनी में 67.8 मिमी, टीकमगढ़ में 45.0 मिमी, उमरिया में 40.2 मिमी और दमोह में 38.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश जिनमें राजगढ़ में 48.0 मिमी, खंडवा में 43.0 मिमी, रतलाम में 37.0 मिमी, उज्जैन में 32.4 मिमी और राजधानी भोपाल में 17.8 मिमी बारिश हुई।

जिलों के अनुसार मौसम विभाग का अलर्ट
खंडवा, हरदा और देवास जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर खंडवा, हरदा और देवास जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

एमपी के 19 जिलों में अति भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट
प्रदेश के 19 जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी है। इनमें धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में अति भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

राजधानी सहित प्रदेश के इन इलाकों में यलो अलर्ट
भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, आगर, भिंड, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, सतना, श्योपुरकलां, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, विदिशा, पन्ना, दमोह, शाजापुर, मंडला, कटनी, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और मैहर समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

खरीफ फसलों के लिए वरदान, पर सावधानी जरूरी
बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रचुर नमी और निम्न दाब प्रणाली के कारण यह मानसूनी सक्रियता बनी हुई है। यदि यही स्थिति अगले कुछ दिनों तक रहती है, तो जिन क्षेत्रों में मानसून अब तक कमजोर था, वहां भी पानी की कमी दूर हो जाएगी। यह स्थिति खरीफ फसलों की बुवाई और उनकी शुरुआती बढ़त के लिए बेहद अनुकूल मानी जा रही है।

नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग केस: 14 दोषियों को उम्रकैद सुनाने वाली महिला जज को धमकी, हाईकोर्ट ने DGP से मांगा जवाब

नर्मदापुरम
 जिले के सिवनी मालवा में बहुचर्चित गौ तस्करी और मॉब लिंचिंग मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद महिला जज को मिल रही धमकियों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस मामले को न्यायिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए स्वत: संज्ञान लिया है।

जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला समाज के किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश माना है।

युगलपीठ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से तीन दिन के भीतर हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सिवनी मालवा में पदस्थ न्यायाधीश तबस्सुम खान को सुरक्षा प्रदान कर दी गई है।

6 पुलिस कर्मी किए गए तैनात
हाइकोर्ट के निर्देश के बाद महिला जज की सुरक्षा के लिए 6 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीएसओ भी विभाग ने दिया है। साथ ही सिवनीमालवा एसडीओपी व टीआई सहित एएसपी भी लगातार संपर्क में हैं।

हाईकोर्ट ने धमकी देने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी।

    जज की सुरक्षा के लिए 6 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीसीओ दिया गया है और एसडीओपी, टीआई सिवनी मालवा सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार संपर्क में हैं।- साईं कृष्ण एस थोटा, एसपी, नर्मदापुरम

 

नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाला: 4.64 करोड़ की हेराफेरी की जांच तेज, ED की रडार पर जमीन बिक्री से फंड गबन

 इंदौर
नवभारत गृह निर्माण संस्था के अध्यक्ष श्रीकांत घंटे, उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र दुबे और संचालक मंडल के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में अभियोजन पेश कर दिया है।

घंटे और दुबे के साथ ईडी ने राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह को हाउसिंग सोसायटी के घोटाले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) में आरोपित बनाया है। आरोपितों पर नवभारत गृहनिर्माण सहकारी संस्था को 4.64 करोड़ रुपये की अवैध वित्तीय हानि पहुंचाने और सोसायटी का धन डायवर्ट कर हजम करने का आरोप है।

इससे पहले नवभारत और डाकतार गृहनिर्माण सोसायटी बनाकर घोटाला करने के आरोप में श्रीकांत घंटे और सुभाषचंद्र दुबे के साथ अन्य सदस्य पुलिस ओर ईओडब्ल्यू के निशाने पर भी आ चुके हैं। बीते वर्षों में ऑपरेशन क्लीन चलाकर जिला प्रशासन ने नवभारत संस्था में हुए घोटाले के खिलाफ कार्रवाई की थी।

जमीन बेचकर सोसायटी फंड में सेंध लगाने का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने नियोजित तरीके से सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि सोसायटी के फंड से खरीदी गई जमीनों को विभिन्न संस्थाओं और पक्षों को बेच दिया गया और उससे प्राप्त राशि का हिसाब-किताब छिपाकर फंड का गबन किया गया।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सोसायटी के सदस्यों को धोखे में रखा गया और जमीन बिक्री से जुड़े कई रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने न आ सके।

ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को विभिन्न स्तरों पर खपाया गया और बाद में उससे अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए, जिन्हें धनशोधन की श्रेणी में माना गया है।

64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को पीएमएलए-2002 के तहत आरोपी श्रीकांत घंटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज करीब 64 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दी थीं। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।

संस्था में दो हजार फर्जी सदस्य जोड़े
संस्था के इन कर्ताधर्ताओं ने संस्था में दो हजार फर्जी सदस्य जोड़े। इसके बाद असल सदस्यों को भूखंड ना देकर संस्था के सदस्यों के फंड से खरीदी जमीन को बाजार में बेच दिया। उस धन से अपने लिए संपत्ति खरीदी। इस मामले में एमजी रोड थाना में केस दर्ज हुआ था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। घंटे व भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड, इंदौर के अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं में वित्तीय अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी के आरोपों को जांच शुरू की। ईडी की जांच में एक सुनियोजित घोटाले का खुलासा हुआ। चार महीने पहले ईडी ने कार्रवाई करते हुए घंटे और सुभाषचंद्र दुबे की 64 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाली संपत्तियां भी अटैच की थी।

ईडी ने जांच में यह पाया
ईडी की जांच में आया कि यह सुनियोजित घोटाला था। इसमें नवभारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी, इंदौर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्य शामिल थे। उन्होंने नव भारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के फंड से खरीदी गई जमीन को अलग-अलग संस्थाओं को बेचा। इससे मिले फंड का गबन कर संस्था के सदस्यों को धोखा दिया। साथ ही जमीन की बिक्री से प्राप्त आय के रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। अपराध की आय अर्जित की गई। अवैध रूप से गबन किए गए फंड को व्यवस्थित रूप से अलग-अलग स्तरों पर जमा किया गया। बाद में अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।

परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे
आरोप है कि संस्था के सदस्यों के बजाय अपने परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे, जिससे संस्था को नुकसान पहुंचाया। जांच में पाया गया कि प्लॉट का आवंटन नियमों के विपरीत किया गया था।

अमेरिका में भीषण गर्मी का कहर: आजादी का जश्न फीका, कई परेड रद्द; ट्रेनें थमीं, नेशनल मॉल बंद

 वॉशिंगटन 

अमेरिका के पूर्वी तट पर भीषण गर्मी की वजह से कई राज्यों में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं. वॉशिंगटन डीसी में नेशनल मॉल पर लगा ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर शुक्रवार को कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया. गर्मी और नमी के कारण वहां तापमान 113 डिग्री फारेनहाइट (करीब 45 डिग्री सेल्सियस) तक महसूस हो रहा था. वर्जीनिया और मैरीलैंड के कई शहरों में परेड कैंसिल कर दी गई हैं. हालांकि कैपिटल फोर्थ कॉन्सर्ट को तय समय पर ही रखा गया है, बस सुरक्षा के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। 

फेयर आयोजित करने वाली संस्था फ्रीडम 250 ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि उनके लिए मेहमानों, कर्मचारियों और कलाकारों की सुरक्षा सबसे जरूरी है, इसलिए फेयर को शाम पांच बजे तक बंद रखा गया. इसी गर्मी के चलते वर्जीनिया के लीसबर्ग और मैरीलैंड के लॉरेल तथा टकोमा पार्क में स्वतंत्रता दिवस की परेड रद्द कर दी गई हैं। 

दूसरी तरफ, अमेरिकी कैपिटल पुलिस ने बताया कि शाम को होने वाला वार्षिक कैपिटल फोर्थ कॉन्सर्ट तय समय रात आठ बजे ही शुरू होगा, लेकिन गर्मी को देखते हुए दर्शकों के लिए गेट शाम सात बजे 
खोले जाएंगे। 

पुलिस ने लोगों से पानी की बोतलें साथ लाने की अपील की है. इस कॉन्सर्ट में पैटी लाबेल, एलन जैक्सन, शिकागो और कूल एंड द गैंग जैसे कलाकार परफॉर्म करेंगे. गुरुवार शाम हुई रिहर्सल में गर्मी की वजह से आम लोगों को जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शाम को साउथ डकोटा जाकर माउंट रशमोर पर भाषण देंगे और आतिशबाजी देखेंगे. वे कल शाम वॉशिंगटन में भी भाषण देंगे, जिसके बाद बड़ा आतिशबाजी शो होगा। 

भीषण गर्मी के कारण एमट्रेक ने भी उत्तर पूर्वी इलाके में कुछ ट्रेनें रद्द कर दी हैं, क्योंकि गर्मी से पटरियां प्रभावित हो सकती हैं. न्यूयॉर्क में मेयर जोहरान मामदानी ने बिजली बचाने की अपील की, जिस पर रिपब्लिकन नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 

मानव दुर्व्‍यापारके विरुद्ध प्रभावी विवेचना, समन्वय एवं पुनर्वास को लेकर पुलिस मुख्यालय में एक दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित

मानव दुर्व्‍यापारके विरुद्ध प्रभावी विवेचना, समन्वय एवं पुनर्वास को लेकर पुलिस मुख्यालय में एक दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित

सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीड़ित-केंद्रित जांच, अंतरराज्यीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई पर दिया गया विशेष बल

भोपाल 

महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय के नवीन भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में “Capacity Building Seminar on Investigation & Response to Human Trafficking Cases” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के अधिकारी, महिला अपराधों की विवेचना से जुड़े पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यशाला का शुभारंभ विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा)अनिल कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानव दुर्व्‍यापारएक बहुआयामी एवं संगठित अपराध है, जिसकी प्रभावी रोकथाम केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हो सकती।

उन्होंने जागरूकता, रोकथाम, बचाव एवं पुनर्वास को मानव दुर्व्‍यापारनिरोधक तंत्र के चार प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि पुलिस, अन्य विभागों एवं समाज के समन्वित प्रयासों से ही इस अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने सभी जिलों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को और अधिक सक्रिय बनाते हुए लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा तथा पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती सिमाला प्रसाद ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की भूमिका, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा मानव दुर्व्‍यापारकी संवेदनशील एवं प्रभावी विवेचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गुमशुदगी के प्रकरण में मानव दुर्व्‍यापारकी आशंका का गंभीरता से परीक्षण कर पूरे नेटवर्क का पता लगाना आवश्यक है। उन्होंने घटना के बाद पहले 48 घंटे को “गोल्डन आवर” बताते हुए त्वरित कार्रवाई, पीड़ित-केंद्रित एवं निष्पक्ष विवेचना, जनजागरूकता तथा मानव दुर्व्‍यापारसे जुड़े अपराधियों का व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।

डीआईजी डॉ. किरणलताकेरकेट्टा ने “Bridging the Gaps: Strengthening Investigation & Prosecution of Child Trafficking Cases” विषय पर व्याख्यान देते हुए बाल तस्करी के मामलों में सशक्त विवेचना, प्रभावी अभियोजन तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

आवाज़ एनजीओ के निदेशक प्रशांत कुमार दुबे ने “Born to Live, Not to be Sold: Address the Trafficking of Newborn and Adolescent Girls”विषय पर व्याख्यान देते हुए मध्यप्रदेश के नवजात शिशुओं एवं किशोरियों की तस्करी, अवैध दत्तक ग्रहण (Illegal Adoption) तथा इससे जुड़े संगठित अपराधों के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ऐसे अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए संवेदनशील एवं वैज्ञानिक विवेचना, समयबद्ध कार्रवाई तथा विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), इंदौर डॉ. सीमा अलावा ने भी अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए अवैध दत्तक ग्रहण एवं बाल तस्करी से जुड़े मामलों में साक्ष्य संकलन, पीड़ित-केंद्रित जांच तथा पुलिस, न्यायपालिका एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

इंटरनेशनल जस्टिस मिशन (IJM) की एडवोकेट तृप्ति पाटिल ने “AHTUs As Guardians of Childhood: Combating Trafficking through Early Intervention” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक हस्तक्षेप, संवेदनशील समुदायों की पहचान तथा समय रहते की गई कार्रवाई से बाल तस्करी की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।

कार्यशाला में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एएचटीयू की भूमिका केवल पीड़ित के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित के सुरक्षित पुनर्वास, काउंसलिंग, संरक्षण, न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना भी इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संस्थागत समन्वय, त्वरित जांच एवं समयबद्ध विचारण पर दिए गए निर्देशों की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई।

प्रत्येक जिले की एएचटीयू को राज्य स्तर पर स्थापित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्यूरो (AHTB) के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जिलों को लंबित मानव दुर्व्‍यापारप्रकरणों की समीक्षा कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों एवं अपराध के पैटर्न की पहचान कर लक्षित कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम सहित अन्य संबंधित विभागों तथा सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मानव दुर्व्‍यापारजैसे संगठित अपराधों की रोकथाम में पुलिस एवं अन्‍यविभागों तथा सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक जिले में नियमित समन्वय बैठकें आयोजित कर सूचनाओं के आदान-प्रदान, संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने तथा लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

कार्यशाला के दौरान मानव दुर्व्‍यापारके मामलों में पुनर्वास की प्रक्रिया को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि केवल पीड़ित की काउंसलिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों की भी समुचित काउंसलिंग की जानी चाहिए, ताकि पारिवारिक परिस्थितियों को समझते हुए पीड़ित का सफल एवं स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम के अंत में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा शाखा) श्रीमती प्रियंका शुक्ला ने सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय प्रवास पर 4 जुलाई को आएंगे मध्यप्रदेश

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय प्रवास पर 4 जुलाई को आएंगे मध्यप्रदेश

इंदौर में जुटेंगे 1500 से अधिक बीएलओ, करेंगे सीधा संवाद
इंदौर

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार 4 और 5 जुलाई को दो दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला मध्यप्रदेश दौरा है। दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त इंदौर में बूथ लेवल ऑफिस से बात करेंगे एवं दूसरे दिन ओंकारेश्वर और महेश्वर के भ्रमण पर रहोगे।

इंदौर में जुटेंगे 5 जिलों के 1500 से अधिक बीएलओ

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त 4 जुलाई को इंदौर पहुंचेंगे। यहां पर लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित बीएलओ कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। इसे दौरान वे इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और खंडवा जिले के 1,500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ संवाद करेंगे।

उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश कुमार देश के ऐसे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर पर चुनाव व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इससे पहले दिल्ली में भी बीएलओ और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ सीधे संवाद की अनूठी पहल की थी।

धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का करेंगे भ्रमण

इंदौर में बीएलओ के साथ महत्वपूर्ण बैठक और चर्चा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ओंकारेश्वर और महेश्वर जाएंगे। इस दौरान वे ओंकारेश्वर में दर्शन और नर्मदा जी का पूजन करेंगे, जिसके बाद ऐतिहासिक महेश्वर किले का भी भ्रमण करेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सायंकाल इंदौर से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

 

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