नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल

वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता

नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल

सरकार की सख्ती से वन्यजीव अपराधों पर लग रहा अंकुश, वन्यजीव संरक्षण को मिल रही मजबूती

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कवर्धा परियोजना मंडल ने नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।

मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध कार्रवाई
वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। इसके बाद उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर वन विकास निगम की टीम ने तत्काल योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी सात आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

शिकार में प्रयुक्त सामग्री और चीतल का मांस जब्त
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार एवं लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

सघन निगरानी और गश्त से मिल रही सफलता
वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा विशेष निगरानी अभियान चलाने के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अवैध शिकार करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की स्पष्ट नीति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।  वन मंत्री कश्यप ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल आयोजन

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल आयोजन

1 करोड़ 6 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन की खुराक

भोपाल

प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल संचालन 28 से 30 जून तक किया गया। अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 करोड़ 6 लाख 51 हजार 737 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई। अभियान के सफल संचालन में प्रदेश के समस्त जिलों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, प्रभावी सूक्ष्म योजना, सुदृढ़ मॉनिटरिंग एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बूथ स्तर से लेकर घर-घर भ्रमण तक व्यापक व्यवस्थाएं की गईं।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता पोलियो उन्मूलन के प्रति प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता, स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण तथा जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश सरकार भविष्य में भी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए सतत रूप से प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

अभियान के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पोलियो बूथों का उद्घाटन किया गया। स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा समुदाय की सक्रिय सहभागिता से अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित सभी पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए किसी भी बच्चे को पोलियो खुराक से वंचित न रहने देने के उद्देश्य से विशेष प्रयास किए गए। अभियान के दौरान छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भी पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई।

 

एक्टिंग से IPS तक का सफर! सिमाला प्रसाद बनीं निमाड़ रेंज की नई DIG, पिता रहे सांसद और मां हैं साहित्यकार

खरगोन
 मध्य प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। एक ओर चर्चित आईपीएस अधिकारी सुश्री सिमाला प्रसाद को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG), निमाड़ रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी और फिलहाल निमाड़ रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा को कुछ दिन पूर्व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में उप महानिरीक्षक (DIG) नियुक्त किया गया है।

सिमाला प्रसाद अपनी सादगी, प्रशासनिक दक्षता और अभिनय प्रतिभा के कारण लंबे समय से सुर्खियों में रही हैं।

कौन हैं IPS सिमाला प्रसाद?
भोपाल के एक शिक्षित परिवार में जन्मीं सिमाला प्रसाद के पिता भगीरथ प्रसाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व सांसद रहे हैं, जबकि उनकी माता मेहरून्निसा परवेज हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका हैं। साहित्य और शिक्षा से मिले संस्कारों के बीच पली-बढ़ीं सिमाला ने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया। वे मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की अधिकारी हैं।

कई पदों पर कर चुकीं काम
अपने पुलिस करियर में उन्होंने बैतूल जिले की पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस जबलपुर की एसपी और 23वीं बटालियन, विशेष सशस्त्र बल (SAF), भोपाल में कमांडेंट सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। मई 2026 में उन्हें पदोन्नति के बाद DIG महिला सुरक्षा बनाया गया। इस पद पर वे महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता अभियान और राज्य स्तरीय सुरक्षा कार्यक्रमों की निगरानी की । उनकी कार्यशैली अनुशासित, संवेदनशील और जनसंपर्क आधारित मानी जाती है। आज जारी आदेश के मुताबिक अपने निमाड़ रेंज की डीआईजी होंगी।

फिल्मों में भी काम कर चुकीं सिमाला
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सिमाला प्रसाद ने फिल्म जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने ‘अलीफ’ (2017), ‘नक्काश’ (2019) और वर्ष 2026 में ‘द नर्मदा स्टोरी’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अभिनय के बावजूद उन्होंने हमेशा पुलिस सेवा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। साहित्य, योग और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती है।

दिल्ली पहुंचे IPS सिद्धार्थ बहुगुणा
वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ बहुगुणा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में DIG नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। सिद्धार्थ बहुगुणा मध्य प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार और संवेदनशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने निमाड़ रेंज के खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के रूप में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

CBI में बड़े मामलों की जांच करेंगे
अपराध नियंत्रण, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई तथा जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। सख्त प्रशासनिक रवैये के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने वाले अधिकारी के रूप में उन्होंने आम जनता और पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाई। CBI में DIG के रूप में अब सिद्धार्थ बहुगुणा देश के चर्चित आपराधिक, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच एवं निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे।

 

पाकिस्तान में 2 विदेशी महिलाओं से गैंगरेप, डिप्टी PM इशाक डार के करीबी पर मुख्य आरोपी होने का आरोप

इस्लामाबाद 

पाकिस्तान के लाहौर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दो विदेशी महिलाओं के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण के मामले में पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) का एक बेहद करीबी रिश्तेदार भी शामिल है। इसे मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।

लाहौर की एक अदालत ने शुक्रवार को चारों आरोपियों मोहम्मद रजा डार, हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इनमें से मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार डिप्टी पीएम इशाक डार का करीबी रिश्तेदार है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया, “चूंकि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें देश के उप-प्रधानमंत्री इसहाक डार का करीबी रिश्तेदार शामिल है, इसलिए पुलिस इस हाई-प्रोफाइल केस की हर पहलू से बेहद बारीकी और गंभीरता से जांच कर रही है।”

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिलाएं नीदरलैंड और वेनेजुएला की नागरिक हैं। 29 जून को लाहौर पहुंचने पर पांच लोगों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया था और फिर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

स्पेन से आए एक फोन कॉल के बाद बची जान
इस खौफनाक वारदात का शिकार हुईं महिलाओं की जान तब बची जब पुलिस को स्पेन से एक आपातकालीन फोन कॉल आया। दरअसल, पीड़ितों में से एक महिला के पिता ने स्पेन से पाकिस्तानी अधिकारियों को संपर्क कर अपनी बेटी की जान खतरे में होने की जानकारी दी। इस अंतरराष्ट्रीय इनपुट के तुरंत बाद हरकत में आई लाहौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस ठिकाने पर छापेमारी की और दोनों विदेशी महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

लाहौर पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में पांच संदिग्धों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 365A (अपहरण) और 375A (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि पांचवां आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

बिजनेस पार्टनर हैं आरोपी और पीड़ित महिलाएं
एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिलाओं और मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार के बीच पहले से ही व्यावसायिक संबंध थे। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में रजा डार से मिली थीं। दोनों महिलाएं और रजा डार एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर में बिजनेस पार्टनर थे। इसी व्यापारिक सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए रजा डार ने महिलाओं को पाकिस्तान आने का न्योता दिया और उनके लिए बिजनेस वीजा का प्रबंध भी किया। आमंत्रण पर दोनों महिलाएं 29 जून को लाहौर पहुंची थीं।

एक पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि लाहौर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद रजा डार और उसके साथी उन्हें रिसीव करने आए। लेकिन वे उन्हें होटल ले जाने के बजाय जबरन एक अज्ञात घर में ले गए। वहां आरोपियों ने बंधक बनाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उनकी रिहाई के बदले मोटी फिरौती की मांग की। अदालत के एक अधिकारी के मुताबिक, जब शुक्रवार को चारों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया तो पीड़ितों ने रजा डार की पहचान मुख्य साजिशकर्ता के रूप में की है।

 

20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेंगी कार्यवाही; केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली
 संसद का आगामी मानसून सत्र 2026 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने दोनों सदनों की बैठक बुलाने की अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि की है कि सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति जी ने मानसून सत्र के आयोजन को मंजूरी दी है।

संसद का यह आगामी सत्र 20 जुलाई 2026 को शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस अवधि के दौरान दोनों सदनों में राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न अहम मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा की जाएगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

इस मानसून सत्र की शुरुआत बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत के बाद हो रही है। इस सत्र में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में हुई बगावत का असर भी देखने को मिलेगा। तृणमूल कांग्रेस के 20 और शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की अलग समूह के तौर पर मान्यता की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले का इंतजार है।

राज्यसभा में नए चुने गए और दोबारा चुने गए सदस्यों के शपथ लेने के बाद संख्या बल सत्ताधारी गठबंधन राजग के पक्ष में और मजबूत हो गया।पिछला सत्र सरकार के लिए निराशाजनक रहा था क्योंकि लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था, जिसका मकसद 2029 में विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना था।

सरकार अब विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा सीटों को एकसमान रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, आबादी के आधार पर सीटों में बढ़ोतरी दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक दलों के लिए चिंता का बड़ा विषय रहा है।

‘ऐसी शादी, जो होने वाली नहीं है…’ सिया गोयल के Snapchat मैसेज से केतन हत्याकांड में नया ट्विस्ट

 पुणे

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के हाथ एक बेहद चौंकाने वाला सुराग लगा है, जिसने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री में एक नया ट्विस्ट ला दिया है. पुलिस की जांच टीम अब आरोपी सिया गोयल के एक कथित स्नैपचैट चैट को खंगाल रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि हत्या की इस पूरी वारदात को एक गहरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। 

ताजा जानकारी के मुताबिक, यह कथित बातचीत 25 मई की है. इस चैट में आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर अपनी दोस्त से फ्लाइट टिकट बुक करने के बहाने उसका आधार कार्ड मांगती है। सिया ने हिंदी में लिखा, “आधार कार्ड फ्रंट और बैक भेज दे फॉर वेडिंग टिकिट्स, जो होने नहीं वाली पर फिर भी भेज दे। 

जांच अधिकारी अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या यह पूरी बातचीत और हवाई टिकटों की बुकिंग केवल एक दिखावा थी। ऐसा संदेह है कि इस कथित चैट और टिकट अरेंजमेंट्स के जरिए सिया यह दिखाना चाहती थी कि केतन अग्रवाल के साथ उसकी शादी की तैयारियां बिल्कुल सामान्य रूप से चल रही हैं, ताकि केतन की हत्या के बाद किसी को उस पर शक न हो. यह पूरी कवायद मर्डर प्लॉट को छिपाने और जांच भटकाने की एक बड़ी कोशिश हो सकती है। 

जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि किसी भी डिजिटल चैट की कानूनी वैधता उसकी तकनीकी और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी. इसलिए फिलहाल इस चैट को अंतिम सबूत नहीं माना जा सकता। 

केतन के परिवार का आरोप
केतन के पिता, विशाल देवीचंद अग्रवाल की तरफ़ से दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि चेतन और सिया, दोनों ने मिलकर उनके बेटे को एक चट्टान से नीचे धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. केतन 18 जून की सुबह घर से निकला, पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले ब्रिज से सिया को साथ लिया और फिर लोहागढ़ फोर्ट की ओर गया। 

उसी दिन दोपहर से पहले सिया गोयल ने अपने चेतन की मां को फ़ोन करके बताया कि वह गलती से लोहागढ़ किले की एक खाई में गिर गया है. स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसे खाई में पाया और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. FIR के अनुसार, 21 जून को केतन अग्रवाल के पिता और रिश्तेदार उस जगह पर गए जहां वह गिरा था और उन्हें लगा कि उस जगह पर गलती से फिसलने की संभावना बहुत कम थी. परिवार ने आरोप लगाया कि सिया गोयल का फ़ोन लगातार व्यस्त रहता था और वह अक्सर अपने प्रेमी चेतन का ज़िक्र करती थी, जिससे उन्हें शक हुआ कि दोनों के बीच रोमांटिक रिश्ता था। 

अमरनाथ यात्रा 2026: 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था जम्मू से रवाना, सेना के कड़े सुरक्षा घेरे में शुरू हुआ सफर

जम्मू
जम्मू-कश्मीर में जम्मू यात्री निवास आधार शिविर से श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 4812 तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार को ‘बम बम भोले’ के जयकारों के बीच पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ।अधिकारियों के अनुसार, 2041 तीर्थयात्री बालटाल के लिए रवाना हुए, जबकि2771 तीर्थयात्री बसों और निजी वाहनों के काफिले में पहलगाम मार्ग से यात्रा करने के लिए निकले। यात्रा का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को आधार शिविर से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को श्री अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया। इसमें कहा गया है कि वार्षिक यात्रा के लिए पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इस रास्ते पर प्रतिदिन जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित कर दी गयी है।

बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर लौटे श्रद्धालु
उधर, वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल और पहलगाम, दोनों मुख्य मार्गों से हर्षोल्लास के साथ शुरू हुई। बालटाल मार्ग से सुबह रवाना हुए पहले जत्थे के कई श्रद्धालु बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर बेहद खुशी-खुशी लौट आए। पवित्र गुफा के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की अलग ही झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्य दर्शनों से अद्भुत आनंद मिला है।

श्रद्धालुओं ने बताया कि इस वर्ष पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी अपने पूर्ण आकार में विराजमान हैं। पहले दिन दर्शन करने वाले यात्रियों ने खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली बताया। उनका कहना है कि उन्हें पहली आरती और प्रथम पूजा के दौरान बाबा बर्फानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन का अवसर मिला। उनका कहना है कि यात्रा मार्ग पर मौसम ने थोड़ी परीक्षा जरूर ली लेकिन भोलेनाथ की भक्ति के आगे सारी मुश्किलें आसान हो गईं। उन्होंने कहा कि दर्शन कर जत्थे का हर सदस्य भगवान शिव के रंग में रंग गया।

पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर अद्भुत आनंद मिला : पंकज
पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालु पंकज सावंत ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे दर्शन के लिए निकले। यात्रा के दौरान तेज बारिश और घने कोहरे के कारण चढ़ाई कठिन रही लेकिन बाबा भोलेनाथ की कृपा से सभी बाधाएं आसान लगने लगीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब नौ बजे जब वे पवित्र गुफा पहुंचे, तब वहां केवल सात-आठ श्रद्धालु ही मौजूद थे। भीड़ कम होने के कारण उन्हें पांच से दस मिनट तक शांतिपूर्वक पवित्र शिवलिंग के दर्शन और ध्यान का अवसर मिला। वहां का नजारा अद्भुत था, जिससे आत्मिक आनंद मिला।

 

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम में आयोजित हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम

रायपुर
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। तीन जुलाई शुक्रवार को आयोजित सम्मेलन में देश के 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ से सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अपर संचालक जनसंपर्क विभाग तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए। 
           सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की प्रत्येक कार्यवाही संविधान, निर्वाचन संबंधी कानूनों तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी पारदर्शी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं फर्जी सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा तथ्यात्मक जानकारी के प्रभावी प्रसार के माध्यम से गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने में मीडिया एवं संचार अधिकारियों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत भारतीय मतदाताओं के निर्वाचन प्रणाली पर गहरे विश्वास का परिचायक है।
            चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक तथा भ्रामक डिजिटल सामग्री से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने चुनावी साक्षरता क्लबों के माध्यम से युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।
         सम्मेलन में निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से संबंधित संचार रणनीतियों, मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया, ईसीआईनेट, संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों, मीडिया प्रबंधन, प्रेस विज्ञप्ति लेखन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को समूहों में निर्वाचन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया तथा प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का अवलोकन भी कराया गया। कार्यक्रम के दौरान हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने निर्वाचन प्रबंधन एवं जनसंचार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा प्रभावी संचार की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की। सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों एवं भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।

‘फिजिकल रिलेशन’ की डिमांड का आरोप: फिल्म ऑफर छोड़ भागीं एक्ट्रेस परिणीता बोरठाकुर, पिता ने जताया गुस्सा

मुंबई 
परिणीता फेमस एक्ट्रेस हैं. वो टीवी के साथ कई फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं. अपने सालों के करियर में उन्होंने हमेशा फैंस को अपनी दमदार एक्टिंग से इंप्रेस किया है। एक्ट्रेस ने अब एक इंटरव्यू में साउथ इंडस्ट्री को लेकर शॉकिंग खुलासा किया है. एक्ट्रेस ने बताया कि काम के बदले उनसे शारीरिक संबंध बनाने की डिमांड की गई थी। 
टेलीचक्कर संग बातचीत में एक्ट्रेस से इंडस्ट्री की डार्क रियलिटी के बारे में सवाल किया गया. इसपर परिणीता ने बताया- इस इंडस्ट्री में डार्क रियलिटी तो है, जिसका मैंने भी सामना किया है।         
       
‘लेकिन एक बात इस इंडस्ट्री की अच्छी है कि आपकी मर्जी के बिना आपको कोई टच भी नहीं कर सकता. ये चीज कहीं ना कहीं आपकी पर्सनैलिटी पर भी डिपेंड करती है. आप कैसे किससे बात करते हो. कितना लोगों को अपने करीब आने देते हो या नहीं आने देते।        
परिणीता से आगे पूछा गया कि उन्होंने क्या फेस किया है? इसपर एक्ट्रेस बोलीं- अभी तो नहीं, क्योंकि अब मुझे कोई भी कुछ भी बोलने से पहले सोचेगा। 

‘लेकिन करियर की शुरुआत में मुझे साउथ फिल्म के लिए एक कॉल आया था. उन्होंने मुझे बोला कि आपकी फोटो शॉर्टलिस्ट हुई है. मैं फिर वहां गई. वहां और भी लड़कियां थीं, लोग थे, मैं सबसे मिली। 
‘मुझे फिर बोला गया कि आप फाइनल हो गई हो. कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के लिए आ जाओ. वो लोग कॉन्ट्रैक्ट लेकर आए. उन्होंने अपने असिस्टेंट को कुछ बोला और फिर असिस्टेंट वहां से चला गया।        

‘उसके बाद वो मुझे बोल रहा है कि अब आप मेरी हीरोइन हो. मैं भी छोटी थी तब. 21 साल की थी. तो मैंने बोला हां. उसने फिर मुझसे कहा कि मुझे आपके बॉडी मूवमेंट्स जानने हैं. मुझे लगा डांस की बात कर रहे हैं. लेकिन वो फिर बोला मुझे लगता है कि हमारे बीच फिजिकल रिलेशन होने चाहिए। ‘ये सुनकर मेरे दिल की धड़कन काफी तेज हो गई. मैं तुरंत खड़ी हो गई और मैंने बोला कि मुझे नहीं करनी आपकी फिल्म और फिर मैं भाग गई।        

‘मैंने अपने पापा को कॉल करके बताया. उन्होंने कहा छोड़ो ये सब तुम इधर आ जाओ. कोई जरूरत नहीं है. फिर उस डायरेक्टर का कॉल आया उसने कहा कि प्लीज किसी को मत बताना मैं फैमिली मैन हूं। ‘आपके लिए मेरी फिल्म में रोल है. लेकिन मैंने उनके साथ काम करने से मना कर दिया था. मैंने कभी भी काम करने के लिए कुछ गलत तरीका नहीं अपनाया। परिणीता की बात करें तो वो बेपनाह, सावधान इंडिया, गुप्ता ब्रदर्स, एक था राजा एक थी रानी जैसे शोज में काम कर चुके हैं. 

 

पाकिस्तान में BLA का बड़ा हमला! ग्वादर में 30 से ज्यादा सैनिकों को मारने का दावा, मचा हड़कंप

बलूचिस्तान
पाकिस्तान में बीएलए यानी बलूच लिबरेशन आर्मी ने कोहराम मचा दिया है. बलूचिस्तान के ग्वादर में बीएलए ने पाकिस्तानी सैनिकों की लाशें बिछाकर गदर काट दी है. जी हां, बलूचिस्तान के ग्वादर में फिदायीन हमला कर बीएलए ने पाकिस्तान के 30 से अधिक सैनिकों को मार डाला. ग्वादर के जिवानी इलाके के पनवान में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड कैंप पर हुए फिदायीन हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है. गौरतलब है कि बलूच लिबरेशन आर्मी को पाकिस्तान ने बैन कर रखा है. समय-समय पर बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान को घाव देता रहता है. बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रहा है। 

बीएलए ने अटैक कर पाकिस्तान को दिया गहरा जख्म
‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया कि इस हमले में 30 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान का अलगाववादी समूह है. हालांकि, पाकिस्तान सरकार इसे एक आतंकी संगठन मानती है. इसे बैन कर रखा है. जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी का दावा है कि वह बलूचिस्तान को आजाद कराने की लड़ाई लड़ रहा है. उसका कहना है कि बलूचिस्तान का हक मारा जा रहा है. पाकिस्तानी हुकूमत बलूचिस्तान के साथ सौतेला व्यवहार करती है. पाकिस्तानी सरकार यहां के खजाने को लूटती है, मगर उस लिहाज से इस इलाके का विकास नहीं करती। 

ग्वादर में कब और कैसे हुआ अटैक
बहरहाल, ग्वादर में यह हमला शुक्रवार शाम को हुआ. इस अटैक को बलूच लिबरेशन आर्मी की खास ‘मजीद ब्रिगेड’ ने अंजाम दिया.  बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया कि अताउल्लाह बलूच उर्फ अजमल नाम के एक आत्मघाती हमलावर ने शाम करीब 6:32 बजे (स्थानीय समय) विस्फोटकों से लदे ट्रक को कोस्ट गार्ड के कड़ी सुरक्षा वाले कैंप में घुसा दिया, जिससे जबरदस्त धमाका हुआ. इस अटैक में कैंप पूरी तरह मलबे के ढेर में बदल गया। 

बीएलए ने वीडियो में दिखाया सबूत
बलूच लिबरेशन आर्मी के मीडिया विंग ‘हक्कल’ ने 43 सेकंड का एक वीडियो भी जारी किया. इस वीडियो में साफ दिख रहा था कि धमाके से ठीक पहले विस्फोटकों से भरा ट्रक कैंप में घुस रहा था. बलूच लिबरेशन आर्मीने कहा कि बाद के फुटेज में मिलिट्री कैंप का एक बड़ा हिस्सा तबाह हुआ दिखाई दिया. इतना ही नहीं, ट्रक बम धमाके के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी के ‘फतेह स्क्वाड’ ने ज़मीन से एक साथ हमला किया. बलूच लिबरेशन आर्मी के मुताबिक, इसके बाद उसके लड़ाकों ने बचे हुए कोस्ट गार्ड कर्मियों से आमने-सामने की लड़ाई लड़ी और ऑपरेशन के दौरान 30 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया। 

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