केंद्र एवं राज्य शासन की सब्सिडी से घर की छत पर लगा सोलर रूफटॉप

रायपुर

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम मोखला निवासी  विद्यासागर साहू ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। इससे वे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं तथा भविष्य में बिजली खर्च में बचत का लाभ प्राप्त करेंगे।  विद्यासागर साहू ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन कर अपने घर में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। योजना का बैंकिंग प्रक्रिया छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक भर्रेगांव शाखा से पूरी हुई। योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए तथा राज्य शासन से 30 हजार रूपए की सब्सिडी स्वीकृत हुई है। सब्सिडी दावा की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है तथा शीघ्र ही राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हो जाएगी।

 विद्यासागर साहू ने बताया कि सोलर रूफटॉप सिस्टम का स्थापना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में संयंत्र सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। मोर बिजली मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सोलर पैनल द्वारा उत्पादित बिजली एवं बिजली की खपत की जानकारी आसानी से देख रहे हैं। इससे ऊर्जा उत्पादन की निगरानी सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है।  विद्यासागर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह योजना न केवल बिजली खर्च कम करने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। 

 विद्यासागर साहू ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी से सोलर रूफटॉप लगवाना पहले की अपेक्षा अधिक सुलभ हो गया है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे आना चाहिए। इससे बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, ऊर्जा की बचत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सभी की सहभागिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल है। इससे नागरिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

मंत्री विश्वास सारंग ने पर्वतारोही ज्योति रात्रे को दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं

भोपाल

सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से शनिवार को भोपाल में मध्यप्रदेश की पर्वतारोही ज्योति रात्रे ने सौजन्य भेंट की। मंत्री सारंग ने उन्हें हाल ही में मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा की 5,636 मीटर (18,491 फीट) ऊँची चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मंत्री सारंग ने कहा कि ज्योति रात्रे का साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन, अथक परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी सफलता के नए शिखर छूते हुए देश और मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर गौरवान्वित करती रहेंगी।

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों एवं साहसिक खेलों से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियां मध्यप्रदेश को नई पहचान दिला रही हैं। राज्य सरकार खेल और साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मैक्सिको के पिको डी ओरिजाबा शिखर पर तिरंगा फहराने के साथ ही ज्योति रात्रे तीन महाद्वीपों के सबसे ऊँचे ज्वालामुखियों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली देश की सबसे वरिष्ठ महिला पर्वतारोही बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

 

भोपाल के डायल-112 हीरोज बिछड़ी 06 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल

भोपाल जिले के थाना कटारा हिल्स क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं तत्पर कार्रवाई से पिता से बिछड़ गई 06 वर्षीय मासूम बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस मानवीय पहल से बालिका को सुरक्षा एवं परिवार का सान्निध्य पुनः प्राप्त हो सका।

04 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कटारा हिल्स क्षेत्र अंतर्गत स्प्रिंग वैली के पास एक 06 वर्षीय बालिका अकेली मिली है, जो अपने पिता से बिछड़ गई है एवं पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक  नवीन यादव एवं पायलट  तीर्थ कुमार ने मौके पर पहुँचकर बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया। पूछताछ करने पर बालिका ने अपने परिजनों की जानकारी एवं घर का पता बताया।

डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बालिका द्वारा बताए गए पते के आधार पर उसे डायल 112 वाहन से सुरक्षित उसके घर ले जाकर पहचान एवं आवश्यक सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 06 वर्षीय मोहिनी, निवासी अयोध्या नगर, अपने पिता के साथ कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में आई थी, जहाँ भीड़ के दौरान वह अपने पिता से बिछड़ गई थी।

डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं समर्पित कार्यवाही से एक मासूम बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

 

“SAFE CLICK 2.0” अभियान के तहत जीआरपी भोपाल द्वारा 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित “SAFE CLICK 2.0” साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत जीआरपी भोपाल द्वारा आज शनिवार को 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देना था।

मैराथन का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल  राजाबाबू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे,  पंकज वास्तव, पुलिस अधीक्षक, रेलवे, भोपाल,  अंकित जायसवाल सहित रेल पुलिस कार्यालय एवं आरआरपी लाइन भोपाल के लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मैराथन के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक किया। उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध, डिजिटल अरेस्ट तथा ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी प्रदान की गई।

इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग पूरी सतर्कता एवं सावधानी के साथ करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान जीआरपी के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने साइबर सुरक्षा के प्रति सदैव जागरूक रहने तथा समाज को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में यह निर्णय भी लिया गया कि मध्यप्रदेश जीआरपी के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक शनिवार कम से कम 5 किलोमीटर दौड़ अथवा पैदल चाल पूर्ण करेंगे, जिससे स्वस्थ एवं सक्षम पुलिस बल के निर्माण के साथ बेहतर पुलिसिंग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस का “SAFE CLICK 2.0” अभियान प्रदेशभर में लगातार विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क एवं सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। जीआरपी भोपाल द्वारा आयोजित यह मैराथन इसी अभियान की एक प्रभावी पहल रही, जिसमें जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं पुलिस फिटनेस का सफल समन्वय देखने को मिला।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 5 जुलाई को करेंगे थोक बाजार डूमरतराई फेस-2 का नामकरण एवं लोकार्पण

रायपुर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री  ओ.पी. चौधरी करेंगे।

कार्यक्रम में मंत्री  केदार कश्यप, मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा विधायक  राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।

तेजस कार्यशाला’ का सफल आयोजन

रायपुर

सुकमा जिले में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्वावधान में शबरी ऑडिटोरियम में एक दिवसीय ‘तेजस कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले में नवाचार, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों, एमएसएमई उद्यमियों, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों सहित लगभग 350 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकुंद ठाकुर ने कहा कि सुकमा में कृषि, वनोपज, हस्तशिल्प और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जिले के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
स्टार्टअप शुरू करने की मिली पूरी जानकारी

कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्टार्टअप इंडिया के तहत डीपीआईआईटी मान्यता, पंजीयन प्रक्रिया, सफल व्यवसाय मॉडल, डिजिटल मार्केटिंग तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की विस्तृत जानकारी दी। बैंक अधिकारियों एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञों ने व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण, वित्तीय सहायता, निवेश और व्यापार विस्तार की प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

प्रभारी महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र  कैलाश कश्यप ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को केवल स्टार्टअप तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कृषि, वनोपज, फूड प्रोसेसिंग और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा और जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस पहल से सुकमा में स्थानीय उद्यमिता को नई गति मिलने और जिले के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष  हूँगा राम मरकाम, पार्षद  रंजीत बारठ, पूर्व योग आयोग सदस्य  राजेश नारा, लीड बैंक अधिकारी  विकास कुमार,  रवि वाधवानी (एफपीआईआईटी),  अरविंद कुमार (ईडीआई),  बरगीन रसेल,  अबुल हसन (स्टार्टअप टीम), सु तुलिका शर्मा (इन्क्यूबेटर, जगदलपुर), चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, पत्रकार संघ के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बारिश के साथ दिखने लगा ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान का असर

रायपुर

 प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ ही ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के सकारात्मक परिणाम अब गांव-गांव में स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से हो रही अच्छी वर्षा के कारण अभियान के तहत निर्मित आजीविका डबरियां, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाएं तेजी से भर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ कृषि और आजीविका गतिविधियों को भी नई मजबूती मिल रही है।
         
प्रदेश में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप निर्मित 15 हजार से अधिक आजीविका डबरियां वर्षा जल का प्रभावी संचयन कर रही हैं। वहीं ‘नवा तरिया–आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत विकसित 700 से अधिक सामुदायिक तालाब भी पानी से लबालब भरने लगे हैं। इन जल संरचनाओं से मत्स्य पालन, सिंचाई, बागवानी तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध होंगे।
            
राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 जुलाई से लागू वीबीजी रामजी योजना के अंतर्गत भी ऐसे कार्यों को और गति दे रही है। योजना में कुल 318 कार्य अनुमोदित किए गए हैं, जिनमें से 108 कार्य सीधे जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित हैं। इन कार्यों से वर्षा जल के अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा ग्रामीण आजीविका को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
           
मोर गांव–मोर पानी’ अभियान प्रारंभ होने के पश्चात प्रदेश में एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत लगभग 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की जा चुकी है।
           
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल जल संरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रामीण समृद्धि का स्थायी आधार बनाना है। मानसून की शुरुआत के साथ इन संरचनाओं में पानी भरने से यह स्पष्ट हो गया है कि ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान जल संरक्षण के साथ-साथ रोजगार, कृषि और आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावी परिणाम दे रहा है। आने वाले समय में इन प्रयासों का और विस्तार करते हुए प्रदेश में जल सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की जाएगी।

टैलेंट सर्च में दिखा युवाओं का दम, बॉक्सिंग-बैडमिंटन और तीरंदाजी ट्रायल्स में उमड़ी प्रतिभाएं

भोपाल 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित “टैलेंट सर्च 2026-27” अभियान प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर बनकर उभर रहा है। राज्य खेल अकादमियों के लिए योग्य खिलाड़ियों के चयन के लिये आयोजित ट्रायल्स में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

शनिवार को राजधानी भोपाल स्थित टी.टी. नगर स्टेडियम तथा झाबुआ में आयोजित चयन ट्रायल्स में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में उमड़ा खिलाड़ियों का उत्साह

टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में आयोजित चयन ट्रायल्स में कुल 148 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 84 बालक एवं 64 बालिकाएं शामिल रहीं। चयन प्रक्रिया अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप संपन्न हुई। ट्रायल्स का संचालन मुख्य प्रशिक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सहायक प्रशिक्षक नेहा कश्यप, सोनम नायक एवं भरत पंसोरिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया।

बैडमिंटन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में आयोजित बैडमिंटन चयन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी तकनीकी दक्षता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। चयन प्रक्रिया का नेतृत्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अगुस द्वी सन्तोसा ने किया, जो वर्ष 2021 एवं 2023 में भारतीय स्टार शटलर P. V. Sindhu के पूर्व कोच रह चुके हैं। उनके साथ इंडोनेशिया के डबल्स विशेषज्ञ प्रशिक्षक सोफियान तथा सहायक प्रशिक्षक विनीत सरोदे ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।

झाबुआ में तीरंदाजी ट्रायल्स का सफल आयोजन

झाबुआ में आयोजित तीरंदाजी चयन ट्रायल्स में 22 खिलाड़ियों ने सहभागिता कर अपनी एकाग्रता, तकनीकी कौशल एवं लक्ष्यभेदन क्षमता का प्रदर्शन किया। दूरस्थ अंचलों से खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि प्रदेश के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

पारदर्शी प्रक्रिया से होगा प्रतिभाओं का चयन

विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है। खिलाड़ियों का मूल्यांकन शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, फिटनेस एवं खेल विशेष की आवश्यकताओं के आधार पर किया जा रहा है, जिससे सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें राज्य खेल अकादमियों में आधुनिक सुविधाओं के साथ उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रदेशभर में जारी रहेगा प्रतिभा खोज अभियान

“टैलेंट सर्च 2026-27” के अंतर्गत आगामी दिनों में विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने पात्र खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में ट्रायल्स में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि मध्यप्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया जा सके।

आगामी चरण में भी जारी रहेंगे चयन ट्रायल्स

टैलेंट सर्च अभियान के आगामी चरणों में एथलेटिक्स, ट्रायथलॉन, क्याकिंग एवं केनोइंग, पुरुष हॉकी, महिला हॉकी, तीरंदाजी, ताइक्वांडो सहित विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रदेश के अधिकाधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

 

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलेगी सुठालिया परियोजना : राज्यमंत्री पंवार

भोपाल

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य बांध सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों, उच्च गुणवत्ता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील की बैराड ग्राम के नजदीक

पार्वती नदी पर निर्मित हो रही यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख वृहद सिंचाई योजनाओं में शामिल है। वर्ष 2018 में इस परियोजना को ₹1,375.24 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत लगभग 25.50 मीटर ऊंचा, लगभग 4 किलोमीटर लंबा तथा 20 रेडियल गेटयुक्त कंपोजिट बांध निर्मित किया जा रहा है। बांध की सकल जल भंडारण क्षमता 201.35 मिलियन घनमीटर (MCM) तथा लाइव स्टोरेज क्षमता 183.70 MCM होगी। इसके साथ दो अत्याधुनिक पंप हाउसों का निर्माण कर प्रेशराइज्ड पाइपलाइन आधारित आधुनिक सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे लगभग 49,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 174 ग्रामों को प्रत्यक्ष सिंचाई लाभ मिलेगा, जिनमें सुठालिया तहसील के 73, ब्यावरा तहसील के 71 तथा नरसिंहगढ़ तहसील के 30 ग्राम शामिल हैं। ग्राम मऊ एवं कानरखेड़ी स्थित पंप हाउसों से क्रमशः 21,077 हेक्टेयर एवं 28,723 हेक्टेयर क्षेत्र में पाइपलाइन आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है।

परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुख्य बांध का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में राजगढ़ जिले के 34, गुना जिले के 8, भोपाल जिले के 18 तथा सीहोर जिले के 3 ग्रामों में लगभग 90 प्रतिशत भू-अर्जन कार्य पूर्ण किया जा चुका है। परियोजना से प्रभावित लगभग 1,675 परिवारों के पुनर्वास हेतु ग्राम मऊ एवं बड़ाबड़ला में सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पुनर्वास कॉलोनियों का निर्माण भी किया जा चुका है। परियोजना के शेष निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार एवं किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना केवल एक बांध निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। इसके पूर्ण होने से हजारों किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि परियोजना के सभी कार्य उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सुजलॉन ग्रुप के सीईओ कपूर ने की भेंट

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर  अजय कपूर ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। सुजलॉन ग्रुप द्वारा नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर एनर्जी तथा विंड एनर्जी के क्षेत्र में परियोजनाऐं संचालित की जा रही हैं। सुजलॉन ग्रुप उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट की विंड एनर्जी परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीईओ सुजलॉन ग्रुप  कपूर ने प्रदेश में विंड एनर्जी परियोजना के विस्तार तथा हाइब्रिड क्षमता में वृद्धि संबंधी चर्चा की।

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