बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट, बैंकों के ₹4.54 लाख करोड़ फंसे; NPA में दुनिया में दूसरे स्थान पर

ढाका 

 हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश की आर्थिक हालत बेहद नाजुक हो गई है. एक ताजा और चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश का बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है. देश में बैंकों द्वारा बांटे गए कुल कर्ज का लगभग एक-तिहाई हिस्सा (करीब 32.26%) डूब चुका है, यानी वह नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बन गया है. एनपीए के मामले में बांग्लादेश अब यूक्रेन के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया है. दक्षिण एशियाई देशों (सार्क) में भी इसकी स्थिति सबसे बदतर है। 

दुनिया में सबसे ज्यादा डूबे कर्ज (37.35%) के साथ यूक्रेन पहले नंबर पर है. यूक्रेन पिछले कई सालों से युद्ध लड़ रहा है. बांग्‍लादेश में शेख हसीना के तख्‍तापलट के बाद से ही अर्थव्‍यवस्‍था पटरी से उतरी हुई है. इस बात का अंदाजा इस बाद से लगाया जा सकता है कि एनपीए के मामले में बांग्‍लादेश की स्थि‍ति अफ्रीकी देश चाड (31.51%) और गिनी (31.15%) से भी बदतर है। 

डूब गए ₹4.54 लाख करोड़
बांग्लादेश बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 के अंत तक देश का डूबा कर्ज बढ़कर 5.89 लाख करोड़ टका (₹4.54 लाख करोड़) हो गया. बड़ी बात यह है कि इसमें से 31,000 करोड़ टका तो सिर्फ पिछले तीन महीनों में डूबा है। 

नेताओं की यारी ने डूबोई लुटिया
बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट कहती है कि इसके पीछे कमजोर नियम और सबसे बढ़कर राजनीतिक रसूख है. बैंकों ने लोन बांटते समय यह नहीं देखा कि सामने वाला पैसा लौटा पाएगा या नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों को तरजीह दी गई. नेताओं और रसूखदारों की सिफारिश पर बांटे गए. इन कर्जों ने देश के पूरे बैंकिंग सिस्‍टम को बेड़ा गर्क कर दिया. देश में कुल बकाया ऋण 18.25 लाख करोड़ टका है. हालात यह हैं कि अगर स्पेशल कैटेगरीज के संकटग्रस्त लोन को भी जोड़ लिया जाए, तो बांग्लादेश के बैंकों का 61 प्रतिशत पैसा अधर में लटका है। 

बैंकों की सेहत नापने वाले पैमाने ‘कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेशियो’ (CRAR) के मामले में भी बांग्लादेश पाताल में चला गया है. यह घटकर माइनस 2.64% (-2.64%) हो गया है, जबकि नियम के मुताबिक इसे कम से कम 12.5% होना चाहिए था. इसके उलट, पड़ोसी देशों ने कड़े नियम अपनाकर खुद को बचा रखा है. इस मामले में पाकिस्तान 20.8%, श्रीलंका 19.4% और भारत 17.2% के साथ बेहद मजबूत स्थिति में हैं। 

अब आगे क्या होगा?
एनआरबीसी (NRBC) बैंक के एमडी और सीईओ तौहीदुल आलम खान का कहना है कि बांग्लादेश की स्थिति वाकई बहुत चिंताजनक है. एनआरबीसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमडी तौहीदुल आलम खान ने कहा कि क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में बांग्लादेश की स्थिति बेहद चिंताजनक है. उनके अनुसार, पड़ोसी देशों ने सख्त वित्तीय अनुशासन अपनाकर अपने बैंकिंग क्षेत्र को सुरक्षित रखा, जबकि बांग्लादेश बार-बार कॉरपोरेट और ऋण संबंधी झटकों को झेलता रहा.
जब बैंकों का इतना बड़ा पैसा डूब जाता है, तो उनके पास अदालती मुकदमों का खर्च बढ़ जाता है और मुनाफा खत्म हो जाता है. सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि बैंकों के पास उन जरूरी सेक्टर्स जैसे फैक्ट्रियां, बिजनेस और आम जनता को नया लोन देने के लिए पैसे ही नहीं बचते, जो देश की अर्थव्यवस्था को चलाते हैं। 

भारी कर्ज में दबा है बांग्‍लादेश
बांग्लादेश का डेट-टू-जीडीपी अनुपात बढ़कर 39 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जो वित्त वर्ष 2017-18 में करीब 34 प्रतिशत था. जाने-माने अर्थशास्त्री मुस्तफिजुर रहमान ने बताया कि पहले बांग्लादेश के बजट में वेतन और पेंशन के बाद शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्र प्रमुख खर्च हुआ करते थे. लेकिन अब उनकी जगह कर्ज भुगतान ने ले ली है.विश्व बैंक की ‘अंतर्राष्ट्रीय ऋण रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, बांग्लादेश का बाहरी कर्ज पिछले पांच वर्षों में 42 प्रतिशत बढ़कर करीब 105 अरब डॉलर हो गया है. यह रकम देश की निर्यात आय के मुकाबले 192 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। 

भारत की नई स्पेस छलांग! SpaceX जैसी रॉकेट इंजन तकनीक पर स्टार्टअप का बड़ा दांव

बेंगलुरु

बेंगलुरु की स्पेस स्टार्टअप एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीस ने देश का पहला फुल-फ्लो स्टेज्ड कंबशन (FFSC) रॉकेट इंजन बनाया है. कंपनी इस इंजन की आंध्र प्रदेश में टेस्टिंग कर रही है. उसका दावा है कि यह दुनिया की सबसे एडवांस रॉकेट इंजन तकनीकों में से एक है. इस इंजन की मदद से भविष्य में दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट बनाए जा सकेंगे और ज्यादा सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जा सकेंगे. कंपनी का लक्ष्य 2028 तक इस इंजन के साथ पहला रॉकेट लॉन्च करना है। 

भारत के पास इस समय करीब 55 ऑपरेशनल सैटेलाइट हैं, जबकि अमेरिका के पास 13 हजार से ज्यादा और चीन के पास करीब 1,500 सैटेलाइट हैं. ऐसे में आने वाले समय में ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए भारत को अपनी लॉन्च क्षमता बढ़ानी होगी. कंपनी का कहना है कि यह इंजन इसी दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। 

आंध्र प्रदेश में बने टेस्ट सेंटर में इंजन की लगातार हॉट फायर टेस्टिंग हो रही है. इसमें इंजन को पूरी ताकत से चलाकर देखा जाता है कि वह तेज गर्मी और दबाव में सही तरीके से काम करता है या नहीं. कंपनी के मुताबिक, इंजन की डिजाइन से लेकर 3D प्रिंटिंग, मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली तक का पूरा काम भारत में ही किया गया है। 

क्या है FFSC रॉकेट इंजन?
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका FFSC इंजन है. इसे दुनिया की सबसे एडवांस रॉकेट इंजन तकनीकों में गिना जाता है. आम रॉकेट इंजन में ईंधन का कुछ हिस्सा सिर्फ पंप चलाने में खर्च हो जाता है. लेकिन इस तकनीक में ईंधन और ऑक्सीजन का पूरा इस्तेमाल इंजन की ताकत बढ़ाने में होता है. इससे इंजन ज्यादा ताकतवर और ज्यादा असरदार बनता है। 

कंपनी का दावा है कि यह इंजन करीब 800 किलोन्यूटन तक ताकत पैदा करेगा. साथ ही इसकी क्षमता बढ़ने से रॉकेट ज्यादा वजन अंतरिक्ष में ले जा सकेगा. यही वजह है कि दुनिया में बहुत कम देश और कंपनियां इस तकनीक पर काम कर रही हैं। 

मीथेन से चलेगा इंजन
यह इंजन लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) और मीथेन से चलेगा. मीथेन साफ तरीके से जलता है और इंजन में कालिख कम छोड़ता है. इससे इंजन को बार-बार इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. इसलिए भविष्य के रीयूजेबल रॉकेट के लिए इसे अच्छा ईंधन माना जाता है। 

कंपनी का कहना है कि उसने भारत की पहली मीथेन आधारित रॉकेट इंजन टेस्ट फैसिलिटी भी बनाई है. सितंबर 2025 में इसके छोटे मॉडल का पहला हॉट फायर टेस्ट सफल रहा था। 

2028 तक पहला लॉन्च करने का लक्ष्य
एस्ट्रोबेस का लक्ष्य 2027 में बूस्टर का हॉप टेस्ट और 2028 में पहला रॉकेट लॉन्च करना है. कंपनी को जून 2026 में IN-SPACe के टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड के तहत 25 करोड़ रुपये की मदद भी मिली है। 

कंपनी का दावा है कि उसका रॉकेट लो-अर्थ ऑर्बिट में 3 टन तक का पेलोड ले जा सकेगा. इसके पहले स्टेज को वापस लाकर दोबारा इस्तेमाल करने की योजना है. वहीं इंजन को 50 से ज्यादा बार इस्तेमाल करने लायक बनाया जा रहा है. अगर यह योजना सफल रही तो भारत के लिए ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करना और कम लागत में रीयूजेबल रॉकेट बनाना आसान हो सकता है। 

 

पोस्ट ऑफिस RD स्कीम से पाएं 16 लाख रुपये तक का फंड, बस करना होगा यह निवेश

नई दिल्ली

हर वर्ग के लिए सरकार कोई ना कोई स्‍कीम चलाती ही है. खासकर छोटी बचत योजनाएं सभी भारतीयों के लिए संचाल‍ित है. गरीब से लेकर मिडिल क्‍लास तक इन योजनाओं में निवेश कर सकता है और बिना रिस्‍क ज्‍यादा मुनाफा कमा सकता है. आज हम एक ऐसी ही स्‍कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पोस्‍ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं के तहत चलती है और मैच्‍योरिटी पर बड़ा मुनाफा कराती है। 

यह सरकारी योजना पोस्‍ट ऑफिस की पॉपुलर आवर्ती जमा (RD Scheme) है, जिसके तहत कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है. इस योजना में हर महीने निवेश किया जा सकता है. इस योजना में कम से कम 100 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. आप जितना चाहें, उतना इस स्‍कीम में पैसा लगा सकते हैं। 

Post Office की आरडी स्‍कीम में निवेशकों को 6.7 फीसदी का ब्‍याज दिया जाता है. इस योजना की मच्‍योरिटी पीरयिड 5 साल की होती है, जिसे आप आगे भी बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा, अगर आप चाहें तो आरडी स्‍कीम के तहत दो अकाउंट 5-5 साल की मैच्‍योरिटी के लिए खोल सकते हैं। 

लोन की सुविधा
Post Office Recurri
ng Deposit (RD) स्‍कीम के तहत लोन की भी सुविधा दी जाती है. कोई भी व्‍यक्ति अपने डिपॉजिट पर लोन ले सकता है. 1 साल तक इस स्‍कीम में पैसा डिपॉजिट करने के बाद कोई भी अपने जमा का 50 फीसदी रकम लोन के तौर पर ले सकता है। 

प्रीमैच्‍योर एग्जिट
अगर आप समय से पहले इस योजना से निकलना चाहते हैं तो आप 3 साल तक लगातार इस अकाउंट को चलाने के बाद निकल सकते हैं, लेकिन आपको इस योजना में आरडी स्‍कीम वाला ब्‍याज नहीं मिलेगा, बल्कि पोस्‍ट ऑफिस की सेविंग अकाउंट वाला ब्‍याज डिपॉजिट किया जाएगा। 

वहीं अगर आप इसे मैच्‍योरिटी पूरा होने के बाद भी आगे बढ़ाना चाहते हैं तो 5 साल तक जमा करने के बाद 5 साल और बढ़ा सकते हैं. यानी कि इस योजना के तहत आपक 10 साल तक लगातार डिपॉजिट कर सकते हैं. इसपर आपको 6.7 फीसदी का फिक्‍स्ड ब्‍याज दिया जाएगा. हालांकि यह ब्‍याज दर हर तिमाही में समीक्षा के बाद चेंज भी हो सकता है। 

नाबालिग भी कर सकते हैं निवेश
इस योजना के तहत कोई नाबालिग भी निवेश कर सकता है. उसके नाम पर माता-पिता या गार्जियन भी निवेश कर सकते हैं. इसके अलावा, इस योजना के तहत ज्‍वाइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है। 

कैस इस योजना में मिलेंगे 16 लाख रुपये
अगर मान लीजिए कोई पोस्‍ट ऑफिस की आरडी स्‍कीम में हर महीने 9500 रुपये का निवेश कर रहा है, तो उसे सालाना आधार पर 6.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा. यानी कि 5 साल बाद उसके पास इस योजना में 6,77,980 रुपये डिपॉजिट हो जाएंगे, जिसमें ब्‍याज से कमाई 1,07,980 रुपये की होगी। 

अब अगर आप 5 साल और के लिए इस योजना में निवेश जारी रखते हैं तो 10 साल में आपके पास कुल 16,23,123 रुपये हो जाएंगे, जिसमें सिर्फ ब्‍याज से कमाई 4,83,123 रुपये होगी. वहीं 10 साल में आप आरडी स्‍कीम में कुल 11,40,000 रुपये डिपॉजिट करेंगे। 

सरकार का बड़ा फैसला, 39 जरूरी दवाओं के दाम तय; मरीजों को मिलेगी महंगी दवाओं से राहत

 नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने दवाओं की कीमतों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी यानी एनपीपीए ने 39 नई दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत तय कर दी है. यह आदेश ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013 के तहत जारी किया गया है। 

इसमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, इंफेक्शन, आंखों की बीमारी, सांस की तकलीफ और कैंसर जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। 

इसका उद्देश्य क्या है?
इन फॉर्मूलेशन में दवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जिनमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी, हृदय रोग और आंखों के संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें रोगियों के लिए अधिक किफायती बनाना है। यह अधिसूचना 8 जुलाई को जारी की गई थी। यह डीपीसीओ, 2013 के तहत नई दवा निर्माणों के लिए खुदरा मूल्य निर्धारण आदेश है, न कि मूल्य कटौती आदेश।

     एमलोडिपाइन + बिसोप्रोलोल + टेल्मिसार्टन टैबलेट की कीमत 14.74 रुपये प्रति टैबलेट तय की गई है।
     आई ड्रॉप, नेपाफेनाक + मोक्सीफ्लोक्सासिन ऑप्थेल्मिक सॉल्यूशन का खुदरा मूल्य 68.64 रुपये प्रति मिलीलीटर तय किया गया है।
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     क्लोपिडोग्रेल + एस्पिरिन + एटोरवास्टेटिन कैप्सूल, की कीमत 6.37 रुपये प्रति कैप्सूल रखी गई है।

एनपीपीए ने यह भी दोहराया कि खुदरा विक्रेताओं और डीलरों को निर्माताओं द्वारा प्रदान की गई मूल्य सूचियों को प्रमुखता से प्रदर्शित करना आवश्यक है। डीपीसीओ, 2013 का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने कहा, ‘डीपीसीओ, 2013 के पैरा 24(4) के अनुसार, प्रत्येक खुदरा विक्रेता और डीलर निर्माता द्वारा प्रदान की गई मूल्य सूची और पूरक मूल्य सूची,  अगर कोई हो उसको अपने व्यवसाय स्थल के एक प्रमुख हिस्से पर इस प्रकार प्रदर्शित करेगा कि इसे देखने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए यह आसानी से सुलभ हो।’

यह नोटिफिकेशन जारी हुआ. इस लिस्ट में जिन दवाओं के दाम तय किए गए हैं उनमें टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन, विटामिन डी3 का ओरल सॉल्यूशन, इमैटिनिब ओरल सॉल्यूशन, एम्पाग्लिफ्लोजिन से जुड़ी कॉम्बिनेशन दवाएं, टेल्मिसार्टन कॉम्बिनेशन, एस्पिरिन और एटोरवास्टेटिन वाले कैप्सूल तथा क्लोपिडोग्रेल कॉम्बिनेशन दवाएं शामिल हैं। 

नियम ना पालन करने में क्या होगा? 
अधिसूचना में आगे कहा गया है कि अगर कोई निर्माता या विपणन कंपनी अधिसूचित खुदरा कीमतों का पालन करने में विफल रहती है, तो वह अधिक वसूल की गई राशि को लागू ब्याज सहित जमा करने के लिए उत्तरदायी होगी।

अधिसूचना में कहा गया है, ‘अगर उपर्युक्त किसी भी उत्पाद का खुदरा मूल्य, इस मूल्य अधिसूचना और ऊपर निर्दिष्ट निर्देशों के अनुसार निर्धारित नहीं किया जाता है, तो संबंधित निर्माता/विपणन कंपनी, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के साथ पढ़े गए डीपीसीओ, 2013 के प्रावधानों के तहत, अधिक वसूल की गई राशि और उस पर लगने वाले ब्याज को जमा करने के लिए उत्तरदायी होगी।’ 

दुकानदारों के लिए प्राइस लिस्ट दिखाना अनिवार्य 
एनपीपीए ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सभी रिटेलर और डीलरों के लिए निर्माता कंपनियों की तरफ से जारी की गई प्राइस लिस्ट अपने दुकान में साफ तौर पर लगाना अनिवार्य है. डीपीसीओ 2013 के पैरा 24 (4) का हवाला देते हुए अथॉरिटी ने कहा कि हर रिटेलर और डीलर को अपनी दुकान के ऐसे हिस्से में प्राइस लिस्ट और सप्लीमेंट्री प्राइस लिस्ट प्रदर्शित करनी होगी, जहां से इसे कोई भी ग्राहक आसानी से देख और जान सकेगा। 

एनपीपीए के इस आदेश के मुताबिक, अब कोई भी दवा कंपनी इन दवाओं को तय की गई अधिकतम कीमत से ज्यादा दाम पर नहीं बेच सकेगी. सभी कंपनियों को अपने डीलरों और राज्यों के ड्रग रेगुलेटर को नई कीमत की जानकारी देनी होगी और अपडेटेड प्राइस लिस्ट भेजनी होगी. यानी दुकानों और अस्पतालों तक भी यह जानकारी पहुंचानी जरूरी होगी ताकि मरीजों को सही दाम पर दवा मिल सके। 

आदेश में यह भी साफ किया गया है कि कंपनियां दवा की कीमत में जीएसटी सिर्फ तभी जोड़ सकती हैं जब वह जीएसटी सरकार को असल में चुकाया गया हो या चुकाया जाना तय हो. मनमाने ढंग से जीएसटी जोड़कर दाम बढ़ाने की छूट नहीं है। 

एनपीपीए ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई कंपनी तय कीमत से ज्यादा दाम वसूलती है तो उसे वह अतिरिक्त रकम ब्याज सहित वापस करनी होगी. यह कार्रवाई ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर और एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत की जाएगी. सरकार का मकसद है कि जरूरी दवाएं आम लोगों को उचित दाम पर मिल सकें और कोई भी कंपनी मरीजों से मनमानी कीमत न वसूल सके। 

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बना जनभागीदारी का माध्यम

रायपुर

वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से बलरामपुर जिले के प्रयास आवासीय विद्यालय, भेलवाडीह में वनमंडल बलरामपुर द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान’ के अंतर्गत वन महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास तथा कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और नागरिकों से अधिकाधिक पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मंत्री  रामविचार नेताम कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम प्रकृति संरक्षण का जन आंदोलन’ के तहत आयोजित चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मंत्री  नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वन महोत्सव केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति के प्रति संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण और वृक्षों का संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि आज प्रकृति की रक्षा नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है।

उन्होंने लोगों से प्रत्येक घर में पौधारोपण करने और हरित, स्वच्छ तथा पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंत्री  नेताम ने कहा कि सरकार उन्हें बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन अवसरों का लाभ उठाकर अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से कम से कम एक पौधा लगाने, उसका संरक्षण करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरामुनी निकुंज ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की विरासत को संरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी ने नागरिकों से अपने नाम तथा अपनी बेटी के नाम एक-एक पौधा लगाने की अपील करते हुए कहा कि जीवन के प्रत्येक चरण में वृक्षों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, मेहनत और निरंतर प्रयास के माध्यम से भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।

वन महोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ’ग्रीन एटीएम’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे निःशुल्क वितरित किए गए। मंत्री  रामविचार नेताम ने स्वयं ग्रीन एटीएम से पौधा प्राप्त कर इस पहल का संदेश दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने पौधे लेकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष  ओमप्रकाश जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य  कृष्णा गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  पुष्पा नेताम, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी  आलोक बाजपेयी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और नागरिक उपस्थित रहे।

भोपाल में 15 से 17 जुलाई तक होगा श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर का भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

भोपाल। राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्थित माता मंदिर क्षेत्र में पीएचई कार्यालय के समीप स्थित पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर में 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक वैदिक विधि-विधान, धार्मिक अनुष्ठान, कलश यात्रा, देव पूजन, महाअभिषेक, नगर भ्रमण, हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समाज के लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे।

तीन दिन तक चलेंगे वैदिक अनुष्ठान

पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर समिति के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 15 जुलाई को प्रातः 9 बजे होगा। पहले दिन दशा विधि स्नान, कलश यात्रा, गणेश पूजन, देवताओं का आवाहन, जलाधिवास एवं आरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को देव पूजन के साथ अन्नाधिवास, फलाधिवास, शर्कराधिवास, पुष्पाधिवास, शय्याधिवास तथा संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

17 जुलाई को महाअभिषेक, नगर भ्रमण और प्राण-प्रतिष्ठा

महोत्सव के अंतिम दिन 17 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे देव पूजन के साथ सहस्त्रधारा द्वारा महाअभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं का नगर भ्रमण निकलेगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण-प्रतिष्ठा, हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन होगा।

दोपहर 2 बजे महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों लोगों के प्रसादी ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है।

संत-महात्माओं के सान्निध्य में होंगे धार्मिक अनुष्ठान

समिति के अनुसार पूरा आयोजन विख्यात विद्वान पंडित राजेश दुबे शास्त्री के आचार्यत्व में संपन्न होगा। कार्यक्रम में श्री दादू महाराज, देवेन्द्र महाराज, नंदकिशोर महाराज, साध्वी मीरा जी तथा दीनबंधु महाराज का सान्निध्य भी प्राप्त होगा। इनके निर्देशन में सभी धार्मिक अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से संपन्न किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

समिति ने जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं। इसके अलावा मंत्री कृष्णा गौर भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

अति विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक भगवानदास सबनानी, केशव सिंह बघेल (अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम), नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, एमआईसी सदस्य श्रीमती संजना कषाना, डॉ. रश्मि चंद गुप्ता, सतीशचंद गुप्ता, उत्तर प्रदेश पाल समाज के अध्यक्ष राकेश पाल, हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी तथा पार्षद श्रीमती बृजुला सचान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।

सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का बनेगा केंद्र

मंदिर समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न समाजों के बीच सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और पारस्परिक सहयोग का भी संदेश देगा। पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज के प्रतिनिधि एक साथ मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हुए हैं।

सभी समाजजनों से शामिल होने की अपील

समिति के उपाध्यक्ष जयराम बघेल, उर्जन सिंह पाल, तेज सिंह पाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

आयोजन समिति ने बताया कि 17 जुलाई को प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहुति के बाद दोपहर लगभग 2:30 बजे विशाल भंडारा प्रारंभ होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसादी वितरण, पेयजल, बैठने एवं पार्किंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सेवा कार्य में लगे रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

  • 15 जुलाई: दशा विधि स्नान, कलश यात्रा, गणेश पूजन, देव आवाहन एवं जलाधिवास।
  • 16 जुलाई: देव पूजन, अन्नाधिवास, फलाधिवास, शर्कराधिवास, पुष्पाधिवास एवं शय्याधिवास।
  • 17 जुलाई: सहस्त्रधारा महाअभिषेक, नगर भ्रमण, प्राण-प्रतिष्ठा, हवन, पूर्णाहुति, महाआरती एवं विशाल भंडारा।
  • स्थान: पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर, पीएचई कार्यालय के पास, टी.टी. नगर, माता मंदिर, भोपाल।
  • विशेषता: मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं और हजारों श्रद्धालुओं की प्रस्तावित सहभागिता।

तीन दिवसीय यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम बनेगा, जिसमें राजधानी सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन में नीरू ढांडा ने जीता स्वर्ण, एमपी शूटिंग शॉटगन अकादमी की शानदार सफलता

भोपाल 

इटली के लोनाटो शहर में 3 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक आयोजित ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं अकादमी की दूसरी खिलाड़ी मनीषा ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दसवां स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के साथ-साथ मध्यप्रदेश का गौरव भी बढ़ाया है।

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अकादमी की प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन

विश्व की शीर्ष निशानेबाजों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में नीरू ढांडा ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन एकाग्रता, तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं मनीषा ने भी चुनौतीपूर्ण प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-10 में स्थान बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का बढ़ा सम्मान

3 से 13 जुलाई 2026 तक इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन विश्व शूटिंग कैलेंडर की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल है। इस प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के सर्वश्रेष्ठ शूटरों ने हिस्सा लिया। ऐसे कड़े मुकाबले में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश की खेल प्रतिभा और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण

मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांडा का स्वर्ण पदक जीतना और मनीषा का शीर्ष-10 में स्थान बनाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अकादमी में उपलब्ध कराए जा रहे विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है। इससे एक बार फिर सिद्ध हुआ है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढांडा को स्वर्ण पदक जीतने तथा मनीषा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में उपलब्ध कराई जा रही उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों के अथक परिश्रम का परिणाम है।

 सारंग ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।

सामूहिक प्रयास का परिणाम

इस उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक  अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक  बी.एस. यादव, शूटिंग अकादमी के प्रभारी, प्रशिक्षकों तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के समस्त सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सतत प्रयासों ने खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

बस्तर के रघुचंद कर्रे का बिजली बिल हुआ शून्य-पीएम सूर्य घर योजना से

रायपुर

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सरकार भारी सब्सिडी और आसान किश्तों पर लोन देती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बस्तर के परिवारों के लिए आर्थिक राहत और आत्मनिर्भरता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभर रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण जिले के ग्राम तेलीमारेंगा निवासी हितग्राही  रघुचंद कर्रे हैं। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया है, जिससे वे न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से मुक्त हुए हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाया है।

हर महीने 1500 रूपए के आर्थिक बोझ से मिली मुक्ति
          
रघुचंद कर्रे ने बताया कि वे पूर्व से बिजली के सामान्य उपभोक्ता हैं। सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1,500 रूपए आता था, जो हर महीने उनके परिवार के बजट पर एक अतिरिक्त बोझ साबित होता था। जब उन्हें इस योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर इसका लाभ उठाया।

सरकार से मिली 1.08 लाख रूपए की सब्सिडी
     
योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया गया। इस प्लांट की स्थापना के साथ ही उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 1 लाख 8 हजार रुपए की भारी सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उनके लिए यह संयंत्र लगाना बेहद आसान और किफायती हो गया।

बिजली ग्रिड से जुड़ा सिस्टम, बिल हुआ नील
     
सोलर संयंत्र शुरू होने के बाद अब रघुचंद के घर की अधिकांश बिजली की आवश्यकताएं इसी से पूरी हो रही हैं। सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली सीधे बिजली कंपनी (ग्रिड) को मिल रही है, जिसके चलते उनका मासिक बिजली बिल अब लगभग शून्य (0) हो गया है।  रघुचंद कर्रे ने कहा कि पहले हर महीने करीब डेढ़ हजार रुपए बिजली बिल देना पड़ता था, जिससे परिवार का बजट प्रभावित होता था। अब बिल शून्य हो गया है और हर महीने अच्छी बचत हो रही है। यह योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए जताया आभार
      
रघुचंद कर्रे ने आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और राज्य शासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बस्तर जिले के अन्य नागरिकों से भी इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उनका कहना है कि यह योजना न केवल जेब पर पड़ने वाले भारी खर्च को रोकती है, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने और स्वच्छ-हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

बस्तर गोंचा महापर्व 2026 का निमंत्रण लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिले प्रतिनिधि

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में बस्तर गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात कर उन्हें गोंचा महापर्व-2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए महापर्व के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान  जगन्नाथ को पारंपरिक रूप से दी जाने वाली सलामी तुपकी चलाकर महापर्व की सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया।

प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में विद्युत तारों को अंडरग्राउंड किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे शहर में विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान हुआ है तथा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के सुचारु संचालन में आने वाली बाधाएँ भी समाप्त हो गई हैं।

360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष  वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि समाज अपनी 619 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व का आयोजन कर रहा है। भगवान  1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को  जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) में संपन्न होगी, जहाँ महाप्रभु विराजमान होंगे।

इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण सिंह देव, महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष  मुक्तेश पाण्डे सहित समिति के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राज्य सरकार महिलाओं को खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत: रामविचार नेताम

रायपुर

राज्य सरकार महिलाओं को खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत: रामविचार नेताम

प्रदेश में महिलाओं की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में बलरामपुर जिले में आयोजित ‘खेलेगा बलरामपुर, बढ़ेगा बलरामपुर’ अभियान के तहत महिला खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। विकासखंड बलरामपुर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल ग्राउंड में आयोजित प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंची महिला प्रतिभागियों ने 100 एवं 200 मीटर दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, खो-खो, कबड्डी और रस्साकशी जैसी स्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन का आधार हैं। निरंतर अभ्यास और समर्पण से खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।

मंत्री नेताम ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उन्हें भविष्य में भी खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के समापन पर विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, शील्ड, मेडल एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

आयोजन की विशेष पहल के रूप में महिला प्रतिभागियों को एक-एक पौधा वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्रतिभागियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया, जिससे खेल के साथ सामाजिक सरोकारों को भी बढ़ावा मिल सके।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हिरामुनी निकुंज, रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कृष्णा गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  पुष्पा नेताम, कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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