मिशन-2027 के लिए भाजपा ने तेज की तैयारी, लखनऊ दौरे से नितिन नवीन ने भरा चुनावी जोश

लखनऊ
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा न केवल भाजपा संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला रहा बल्कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को भी राहत दे गया। इस दौरे में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन-2027 के लिए संगठन व सहयोगी दलों के साथ समन्वय की राह प्रशस्त की। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से उपजी उलझन को आक्रामकता के साथ विपक्ष पर हमला कर वर्ष 2027 के सियासी रण के तेवर-तपिश भी तय कर दी।

मिशन-2027 में तीखे हमले-पलटवार की रणनीति
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब संगठन और सरकार दोनों राममंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के निशाने पर थे। नितिन नवीन ने खुद ही कहा कि वह मिशन-2027 के सियासी रण का शंखनाद करने आए थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों के साथ मंथन कर किया भी वैसा ही। उन्हें कड़े परिश्रम की सीख दी उन्होंने जिस आक्रामकता से विपक्ष खासतौर पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का नाम लेकर हमला किया, उससे साफ कर दिया है कि मिशन-2027 के रण में भाजपा कुछ ऐसे ही तीखे हमलों-पलटवार से विपक्ष को घेरेगी।

विपक्ष को असहज करने की कोशिश
दरअसल, विपक्ष नहीं चाहता कि 2027 का सियासी समर धार्मिक मुद्दों, मजहबी वैमनस्यता अथवा उसके कार्यकाल से जुड़े रहे अतीत के किस्सों के इर्द-गिर्द लड़ा जाए। कहना गलत न होगा कि विपक्ष को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे उठाकर घेरते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को भी कुछ ऐसा ही कर विपक्ष को असहज करने की कोशिश की। अव्वल तो उन्होंने हिन्दू हृदय सम्राट की अपनी छवि के मुताबिक, अपना संबोधन ही ‘सियावर रामचंद्र’ की जय और ‘योगेश्वर श्री कृष्ण की जय’ के साथ शुरू किया। इसके पीछे उनकी मंशा विपक्ष को संदेश देने की थी कि प्रभु राम हिन्दुओं की आस्था के केंद्र में थे हैं और रहेंगे। राम मंदिर से एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री ने योगेश्वर श्रीकृष्ण की जयकार कर हिन्दुओं के ह्रदय को मथुरा में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जोड़ने की कोशिश की।

नितिन नवीन ने सपा और कांग्रेस को घेरा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस आज खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। भाजपा कार्यकर्ता सपा की राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरेगा। इस बार साइकिल पंचर नहीं, खराब ही हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर कार्य करती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को दिया है।

छत्तीसगढ़ में बड़ा सम्मान: पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर होगा गनियारी का शासकीय स्कूल

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान देने की घोषणा की है. उनके सम्मान में गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” रखा जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को गनियारी पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा के दौरान यह घोषणा की.

रायपुर एम्स में कई दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार 6 जुलाई को  पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया. इस खबर से पूरे कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम गनियारी लेकर पहुंचे. जहां मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी कार्यक्रम में शामिल हुए. 

सांस्कृतिक चेतना के स्वर्णिम अध्याय का अवसान
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी वाणी और आजीवन समर्पण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई. उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की. मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोकपरंपराओं, संस्कृति और कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा. उनकी कला साधना, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा.

शिक्षा मंत्री ने की घोषणा
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” के नाम से किया जाएगा. राज्य सरकार का यह निर्णय महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा. इससे भावी पीढ़ियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व, जीवन-संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी.

सीएम डॉ. यादव ने जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को किया नमन, कहा- एमपी में इसी महीने लागू होगा UCC

सीएम डॉ. यादव ने जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को किया नमन, कहा- एमपी में इसी महीने लागू होगा UCC

– भारतीय जनसंघ के संस्थापक-विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती
– राजधानी भोपाल में आयोजित हुआ कार्यक्रम, सीएम डॉ. यादव ने किया माल्यार्पण
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में बन रही भारत की अलग पहचान

भोपाल
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 जुलाई को भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। सीएम डॉ. यादव ने भोपाल में लालघाटी पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारी यादों में बसे हुए हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश भी उन गौरवशाली राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक संविधान लागू है। डॉ. मुखर्जी ने आजादी के समय बनने वाले संविधान के अंदर की कमी को परिलक्षित करते हुए कहा था कि देश एक निशान-एक प्रधान-एक विधान से चलना चाहिए। मध्यप्रदेश भी इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ओर बढ़ रहा है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वह सब करने जा रहा है, जो देश के लिए जरूरी है। उनके नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। डॉ. मुखर्जी के उदात्त विचार को लेकर हम औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। हम हर वर्ग के जीवन में कल्याण करने की तरफ बढ़ रहे हैं। डॉ. मुखर्जी जिस प्रकार के भारत की कल्पना करते थे, हम वह राष्ट्र बनाने की ओर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश ने पहली बार डिफेंस के सेक्टर में स्वर्णिम इतिहास लिखा है। अब हमारे प्रदेश के अंदर तमाम प्रकार के रक्षा उत्पाद बनेंगे। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सर्वांगीण रूप से सशक्त करते हुए, सक्षम करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे। 

एमपी में बेरोजगारी की दर सबसे कम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को सार्थक करते हुए सतगढ़ी में बहुत बड़े इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन करूंगा। इस पार्क में रहना, खाना, आराम करना, रोजगार पाना समग्र रूप से सुगम होगा। भोपाल बदलते समय में एक समृद्धशाली आर्थिक राजधानी बनने जा रहा है। विकास की आधारशिला रखने के लिए डॉ. मुखर्जी की जयंती से बड़ा दिन और कौन सा हो सकता है। मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कंवेंशन सेंटर भोपाल में बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया के अतिथि भारत आते हैं और सहजता से सारे कार्यक्रम संपन्न होते हैं। इसलिए अच्छे कामों के संकल्प के लिए हम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास भी कंवेंशन सेंटर बना रहे हैं। इसमें 5 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी। जबकि, सतगढ़ी का कंवेंशन सेंटर 10 से 15 हजार लोगों की बैठक क्षमता वाला होगा। आज मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश वो स्थान है, जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

10 साल बाद MSME विभाग में 217 कर्मचारियों को प्रमोशन, 116 नए पदों पर भर्ती का भी रास्ता साफ

भोपाल

मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। करीब दस साल बाद विभाग में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। विभाग की ओर से कुल 217 कर्मचारियों के प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही विभाग में सीधी भर्ती के लिए 116 नए पद भी उपलब्ध हो गए हैं, जिन पर आने वाले समय में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह प्रशासनिक निर्णय अहम माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसे लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नति मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देश मिलने के बाद उद्योग संचालनालय ने अलग-अलग संवर्गों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित की। बैठक में सेवा अभिलेख, वरिष्ठता सूची और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की समीक्षा के बाद पात्र कर्मचारियों के नामों पर सहमति बनी। इसके आधार पर विभाग ने रविवार को पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिए।

116 नए पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती
विभाग का कहना है कि पदोन्नति के बाद सीधी भर्ती के 116 नए पद उपलब्ध हो गए हैं। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ होगा और नए अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा।

कर्मचारियों को 10 साल बाद मिली पदोन्नति
एमएसएमई विभाग में करीब एक दशक बाद बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां होने से कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। विभागीय कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति आदेश जारी होने पर राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिली है।

अधिकारियों की डीपीसी भी जल्द
विभाग ने अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारी भी पूरी कर ली है। अधिकारियों की पदोन्नति के लिए जल्द ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डीपीसी बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसके बाद अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

जारी आदेश के मुताबिक सबसे वरिष्ठ श्रेणी में अधीक्षक के एक पद पर पदोन्नति की गई है। इसके अलावा सहायक अधीक्षक के तीन पदों पर कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक वर्ग-1 में 43 कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है, जबकि सबसे अधिक 131 कर्मचारियों को सहायक वर्ग-2 के पद पर प्रोन्नति मिली है। इसी तरह सहायक वर्ग-3 के 14 कर्मचारियों को भी उच्च पद पर पदोन्नत किया गया है। निज सहायक संवर्ग में 25 कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिला है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सभी आदेश नियमानुसार जारी किए गए हैं और संबंधित कार्यालयों को इसकी सूचना भेज दी गई है।

सूत्रों के अनुसार लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण विभाग में कई पदों पर कार्यभार का असंतुलन बना हुआ था। वरिष्ठता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में लगातार असंतोष भी देखा जा रहा था। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत थे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। अब बड़ी संख्या में पदोन्नतियां होने से विभागीय ढांचे में नई व्यवस्था लागू होगी और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी किया जाएगा।

इन पदोन्नतियों का एक बड़ा असर भर्ती प्रक्रिया पर भी पड़ा है। विभाग के अनुसार जब कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया तो निचले स्तर के कई पद रिक्त हो गए। ऐसे कुल 116 पद अब सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध हो गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भर्ती की औपचारिकताओं को लेकर संबंधित एजेंसियों और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ की जा रही हैं। इससे नए अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवा में आने का अवसर भी बढ़ेगा।

अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लंबे समय से बनी स्टाफ की कमी भी काफी हद तक दूर हो सकेगी। वर्तमान में कई इकाइयों में सीमित कर्मचारियों के सहारे कामकाज संचालित किया जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के संचालन और उद्योगों से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी सुविधा मिलने की संभावना है।

विभागीय कर्मचारियों के बीच पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद उत्साह का माहौल देखा गया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रक्रिया पूरी होने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिली है। कई कर्मचारियों को लंबे इंतजार के बाद पहली बार पदोन्नति का लाभ मिला है। विभागीय स्तर पर इसे कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला फैसला माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पदोन्नति मिलने से कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और विभागीय कामकाज में अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

एमएसएमई विभाग ने केवल कर्मचारियों की पदोन्नति तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। विभाग अब अधिकारियों के लंबित प्रमोशन पर भी काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग से बैठक की तारीख तय होने के बाद अधिकारियों के मामलों पर भी विचार किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना है। इसी कड़ी में एमएसएमई विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर वरिष्ठता सूची, रिक्त पदों की स्थिति और सेवा नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। आने वाले समय में भर्ती और पदोन्नति दोनों मोर्चों पर विभाग में गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Share Market Today: रिलायंस-HDFC के दम पर शेयर बाजार में तूफानी तेजी, निवेशकों ने जमकर की कमाई

मुंबई 
शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 500 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक के आसपास चढ़ा दिखाई दिया. इस बीच बैंकिंग स्टॉक्स में जोरदार तेजी दिखी और HDFC Bank से लेकर ICICI Bank तक के शेयर उछले, तो वहीं Reliance, Maruti और Mahindra जैसे शेयर भी उछल पड़े। 

सेंसेक्स-निफ्टी की अचानक बदली चाल 
शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,763 की तुलना में तेजी लेकर 77,940 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसकी रफ्तार तेज होती चली गई. करीब दो घंटे के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स 526 अंकों की तेजी लेकर 78,289 पर जा पहुंचा। 

सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी रफ्तार पकड़े हुए नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 24,270 के लेवल से उछलकर 24,306 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 24,428 के स्तर पर जा पहुंचा। 

रिलायंस समेत इन शेयरों ने दिखाया दम 
शेयर बाजार में अचानक आई इस तूफानी तेजी के दौरान बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank Share (2.70%), M&M Share (2%), Reliance Share (1.35%) और BEL Share (1.60%) की तेजी लेकर बाजार को सपोर्ट कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (4%), Godrej Properties Share (2.20%), Muthoot Finance Share (2%) की बढ़त लेकर कारोबार करते हुए नजर आए। 

स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो Wel Corp Share (5.50%), Radico Share (4.60%) और Manappuram Share (4.50%) की तेजी में कारोबार कर रहे थे। 

शेयर बाजार में तेजी के कारण
सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट में आई इस जोरदार तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट से बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले थे. जापान-कोरिया के मार्केट में गिरावट नजर आई, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स और ब्रिटेन का FTSE-100 ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा। 

भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty भी ओपनिंग के साथ ही तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया और खबर लिखे जाने तक ये 170 अंक के आसपास तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था। 

इन कारणों के अलावा बैंकों से मजबूत तिमाही अपडेट ने भी बाजार की तेजी को सपोर्ट किया. बीते सप्ताह के अंत में HDFC Bank, Axis Bank, Kotak Bank समेत कई बैंकों ने  ने अप्रैल-जून के लिए अनंतिम आंकड़े जारी किए, जो शानदार रहे  .

Silver Rate Fall: चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका! जानें 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का ताजा भाव

नई दिल्ली

सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तमाम उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली थी, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं फिसल गईं. जहां सोना रेड जोन में ओपन होने के कुछ देर बाद रिकवरी मोड में नजर आया, तो अगले ही पल फिर से फिसल गया. हालांकि, चांदी में कारोबार बढ़ने के साथ गिरावट तेज होती दिखाई दी. 1 Kg Silver Price 1400 रुपये टूट गया और भाव में इस कमी के बाद अब वायदा चांदी अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा सस्ती हो गई है। 

Gold की बदली-बदली चाल  
एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी और 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला सोना गिरावट के साथ ओपन हुआ. अपने पिछले बंद भाव 1,47,378 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में कीमती पीली धातु गिरावट के साथ 1,47,135 रुपये पर ओपन हुई और फिर गिरावट से उबरते हुए 1,47,509 तक उछली भी, लेकिन खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार के बाद ये फिर से रेड जोन में कारोबार कर रही थी। 

चांदी की कीमत में गिरावट तेज
जहां वायदा कारोबार में सोने की चाल ने हैरान किया, तो वहीं रेड जोन में खुलने के बाद वायदा चांदी का भाव फिसलता चला गया. MCX Silver Price देखें, तो बीते शुक्रवार के अपने बंद 2,37,410 रुपये की तुलना में सिल्वर प्राइस गिरावट के साथ खुला और कुछ देर में तेज गिरावट लेकर 2,36,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. यानी एक झटके में चांदी 1409 रुपये सस्ती हो गई। 

सोमवार को आई इस ताजा गिरावट के बाद वायदा कारोबार में सोना-चांदी की कीमतें अब अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा कम हो गई है. बता दें कि साल के शुरुआती जनवरी महीने में Gold-Silver ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए हाई लेवल छुआ था. सोना जहां पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकला था, तो चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था. हालांकि, इसके बाद हाई से दोनों लगातार क्रैश होती नजर आईं। 

बीते हफ्ते चमके थे सोना-चांदी 
जहां नए सप्ताह की शुरुआत सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ हुई है. वहीं बता दें कि पिछले हफ्ते दोनों धातुओं के भाव उतार-चढ़ाव के बाद कुछ मिलाकर बढ़त में रहे थे. 26 जून को 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,44,162 रुपये था, जो बीते शुक्रवार को 1,47,378 रुपये पर क्लोज हुआ था। 

वहीं चांदी की बात करें, तो इसकी कीमत भी बीते सप्ताह बढ़ी थी और 26 जून के 2,23,472 रुपये प्रति किलो के बंद भाव की तुलना में बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को ये कीमती धातु 2,37,410 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात: CM साय करेंगे नए मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह रायपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे. जहां वह  नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. कार्यक्रम के तहत 200 सीटर छात्रावास और कैंसर भवन की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को बेहतर आवासीय एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.

कार्यक्रम में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इंद्रकुमार साहू, सीजीएमएससीएल के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

नए छात्रावास और आवासीय परिसरों के बनने से मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं और डॉक्टरों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी। वहीं कैंसर भवन के विस्तार से अस्पताल में कैंसर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद दोपहर 3.15 बजे पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वीं पुण्यथिति कार्यक्रम में शामिल होंगे.

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी

साय सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर असर; पीएम जनमन आवास और महतारी वंदन योजना से आदिवासी परिवार को मिला सुरक्षित घर, आर्थिक संबल और सम्मानपूर्ण जीवन

रायपुर
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तब वह केवल एक योजना नहीं बल्कि किसी परिवार के जीवन में परिवर्तन की नई कहानी बन जाती है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी की श्रीमती सरिता बैगा का जीवन इसका प्रेरक उदाहरण है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और महतारी वंदन योजना के समन्वित लाभ से उनका परिवार आज सुरक्षित आवास, आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

      पहले सरिता बैगा का परिवार एक कच्चे मकान में रहता था। बरसात शुरू होते ही पूरे परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। खपरैल की छत से पानी टपकता था, दीवारों में नमी भर जाती थी और हर वर्ष छत की मरम्मत तथा खपरैल बदलने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। छोटे बच्चों के साथ बारिश के दिनों में सुरक्षित रहना भी एक बड़ी चुनौती थी।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप सरिता बैगा के परिवार को पीएम जनमन आवास योजना के तहत पक्का आवास स्वीकृत हुआ। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से योजना का लाभ समय पर मिला और आज उनका परिवार एक मजबूत, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त पक्के घर में रह रहा है।

    नए आवास ने केवल उनके रहने की व्यवस्था नहीं बदली, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी बढ़ाई है। अब बारिश का मौसम उनके लिए चिंता नहीं, बल्कि राहत और सुकून लेकर आता है। बच्चे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर रहा है।

     सरिता बैगा को राज्य शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से परिवार के दैनिक खर्चों, बच्चों की आवश्यकताओं और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

    सरिता बैगा बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका परिवार भी पक्के घर में रहेगा। आज शासन की योजनाओं ने उनके सपनों को साकार कर दिया है। वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की जनहितैषी योजनाओं ने उनके परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहयोग और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है।

    ग्राम पंडरीपानी में पीएम जनमन आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास विभाग, जनपद पंचायत गौरेला, ग्राम पंचायत तथा संबंधित मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका रही। योजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन से पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है, जिससे विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

सरिता बैगा की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और विकास की नई दिशा भी प्रदान करता है।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना PHC चेरपाल

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना PHC चेरपाल

NQAS मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन, मरीजों को मिलेंगी और बेहतर सुविधाएं

रायपुर
बीजापुर जिले का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल अब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बन गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत हुए बाह्य मूल्यांकन में स्वास्थ्य केंद्र ने सफलतापूर्वक सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग की बेहतर कार्यप्रणाली, टीमवर्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
दो दिनों तक हुआ विस्तृत मूल्यांकन
03 और 04 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने PHC चेरपाल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सामान्य प्रशासन, ओपीडी, आईपीडी, प्रयोगशाला, लेबर रूम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई जिम्मेदारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के नेतृत्व में पूरी स्वास्थ्य टीम ने मूल्यांकन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों, मितानिनों तथा अन्य कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मूल्यांकन दल को सभी आवश्यक जानकारी और अभिलेख उपलब्ध कराए।
गुणवत्ता सुधार की दिशा में मजबूत पहल
स्वास्थ्य विभाग ने मूल्यांकन दल द्वारा दिए गए सुझावों को भी गंभीरता से लिया है। इन सुझावों के अनुरूप आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर इलाज
PHC चेरपाल की यह उपलब्धि केवल एक मूल्यांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ क्षेत्र के हजारों लोगों को मिलेगा। बेहतर व्यवस्थाओं, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के कारण मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी और सुविधाजनक होगा। इससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास भी और मजबूत होगा।
गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ता बीजापुर
PHC चेरपाल की सफलता यह साबित करती है कि समर्पित टीमवर्क, बेहतर प्रबंधन और निरंतर प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। यह उपलब्धि बीजापुर जिले में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

मध्य प्रदेश में पहली बार वक्फ बोर्ड में 2 हिंदू सदस्य, मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव बने मेंबर

भोपाल 

मध्य प्रदेश वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अपने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य शामिल किए गए हैं। यह कदम संशोधित कानून के तहत किए गए बदलावों के बाद उठाया गया है, जो गैर-मुस्लिम सदस्यों को राज्य वक्फ बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देता है।

वक्फ बोर्ड का किया गया है पुनर्गठन
मध्य प्रदेश सरकार ने 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सांवर पटेल को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया है। बोर्ड में मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव हिंदू सदस्य के रूप में शामिल हैं, जिससे यह संशोधित अधिनियम के तहत गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने वाला देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड बन गया है।

नए वक्फ बोर्ड की अधिसूचना रविवार को गजट में जारी की गई। एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “मध्य प्रदेश नए अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।”

इनको दी गई है जगह
बोर्ड में अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल के अतिरिक्त पहले से सदस्य नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, उज्जैन के रहने वाले फैजान खान, इंदौर की फातिमा चौधरी, बैरसिया भोपाल की पार्षद शाइस्ता सुल्तान, रतलाम की पार्षद शबाना खान और हिंदू सदस्यों में इंदौर के मनोज मालपानी और राघवगढ़ (गुना) के अनिमेष भार्गव को बोर्ड में सदस्य बनाया है।

इसके पहले विधायक के नाते आरिफ अकील सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे आतिफ अकील को जगह दी गई है। स्टेट बार काउंसिल का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही अध्यक्ष और सभी 10 सदस्य हो जाएंगे।

वक्फ बोर्डों को और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया था ये संसोधन
उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 वक्फ बोर्डों में पारदर्शिता, महिलाओं व गैर-मुसलमानों की भागीदारी और संपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण के लिए लाया गया एक प्रमुख कानून है।

कौन हैं मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव
मनोज मालपानी इंदौर के रहने वाले हैं और लंबे समय से सामाजिक के साथ-साथ सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. वे अलग-अलग सामाजिक संगठनों में एक्टिव रोल निभाते रहे हैं. इसके अलावा वे कई धार्मिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं. उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें वक्फ बोर्ड का मेंबर बनाया है. वहीं, अनिमेश भार्गव गुना के राघौगढ़ निवासी हैं. वे भी सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों में एक्टिव रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है. वे लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर काम करते रहे हैं. उनकी सक्रियता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी वक्फ बोर्ड में सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

वक्फ बोर्ड क्या है?
वक्फ अधिनियम, 1995 (2025 में संशोधित) की धारा 13(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा 14 के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड का गठन किया। वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जो राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है।

वक्फ की ज़िम्मेदारियों में वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, उनके इस्तेमाल और उनसे होने वाली आय की देखरेख करना, उन्हें कब्ज़े से बचाना और यह पक्का करना शामिल है कि उनका इस्तेमाल धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कामों के लिए हो। चेयरमैन संवार पटेल के अलावा नए बने बोर्ड में नई दिल्ली से नज़मा हेपतुल्ला, भोपाल से आतिफ अकील, उज्जैन से फ़ैज़ान खान, इंदौर से फ़ातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान, शबाना खान, इंदौर से मनोज मालपानी और गुना के राघोगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कमिश्नर इसके पदेन सदस्य होंगे।

राज्य सरकार के अनुसार नज़मा हेपतुल्ला को वक्फ़ एक्ट, 1995 (2013 में संशोधित) की धारा 14 के तहत 19 अप्रैल, 2023 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए चुने गए सदस्यों की श्रेणी में नियुक्त किया गया था। वह18 अप्रैल, 2028 तक सदस्य बनी रहेंगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसलिए उनके कार्यकाल के बचे हुए समय के लिए उन्हें नए बोर्ड में भी शामिल रखा गया है।

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