मुंबई में फिर महंगी हुई CNG, 15 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम; जनता पर बढ़ा बोझ

 मुंबई

मुंबई में एक बार फिर सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं. अब सीएनजी 86 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगी. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में सरकारी गैस डिस्ट्रीब्यूटर महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। 

इस बदलाव के बाद, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और MMR के अन्य हिस्सों में CNG की कीमत 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाएगी. हाल के हफ़्तों में यह दूसरी बढ़ोतरी है; इससे पहले MGL ने 14 मई को कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी। 

जानकारी के मुताबिक, महानगर गैस लिमिटेड ने 1 किलो सीएनजी की कीमत को 84 रुपये से बढाकर 86 रुपये कर दिया है. सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतें आज से लागू हो गई हैं. इससे पहले 14 मई को ही सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी. तब भी इसमें 2 रुपये बढ़ाकर 82 से 84 रुपये दाम किया गया था। 

तब महानगर गैस लिमिटेड ने CNG Price Hike को लेकर कहा था कि कीमतों में ये इजाफा वेस्ट एशिया संघर्ष (West Asia Conflict) के चलते पैदा हुई ग्लोबल टेंशन के चलते किया गया है. जिसमें गैस खरीदने की लागत में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा, भारतीय करेंसी रुपये में गिरावट और सप्लाई चेन में रुकावट शामिल है। 

एक रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि इन नए ग्लोबल कारणों के चलते सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा करते हुए इसे 84 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। 

सीएनजी महंगी होते ही, किराया बढ़ाने की मांग सीएनजी के दाम बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा होगा. मुंबई में ऑटो यूनियन पहले ही किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. आंकड़े देखें, तो महानगर गैस लिमिटेड यानी MGL के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र में करीब 12 लाख से अधिक वाहन सीएनजी पर चल रहे हैं। 

साइप्रस दौरे के पीछे बड़ा गेम? ग्रीस तक ब्रह्मोस पहुंचाने की चर्चा से तुर्की में बेचैनी

नई दिल्ली

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बिसात पर भारत ने एक बहुत बड़ा दांव चला है, जिसने तुर्की और उसके सदाबहार दोस्त पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। हाल ही में भारत और साइप्रस के बीच ‘रणनीतिक साझेदारी’ हुई है, जिसके तहत भारत की सबसे घातक मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ के साइप्रस और ग्रीस तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के हालिया साइप्रस दौरे ने इस पूरे घटनाक्रम में आग में घी का काम किया है, जिससे तुर्की में दहशत का माहौल है। साइप्रस द्वारा भारत से ‘ब्रह्मोस’ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और कामिकाजे ड्रोन्स खरीदने की गहरी दिलचस्पी दिखाने के बाद, तुर्की के रणनीतिक और सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा विवाद और ब्रह्मोस की एंट्री?
हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने भारत का दौरा किया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम बैठक हुई। इसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर साइप्रस पहुंच गए। इन दौरों के बाद एक रक्षा सहयोग रोडमैप तैयार किया गया है।

ताजा रक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइप्रस ने दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक ‘ब्रह्मोस’ के साथ-साथ भारत के घातक कामिकाजे ड्रोन (जैसे नागास्त्र-1 और स्काईस्ट्राइकर) हासिल करने की इच्छा जताई है। यह संभावित ब्रह्मोस खरीद यूरोपीय संघ (EU) के ‘SAFE’ प्रोग्राम के तहत ग्रीक साइप्रस प्रशासन को आवंटित लगभग 1.2 बिलियन यूरो के रक्षा पैकेज के अंतर्गत की जा सकती है।

तुर्की की नींद क्यों उड़ी है?
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और अंकारा के रक्षा विश्लेषकों के लिए यह एक बड़ा झटका है। इसके पीछे कई ठोस कारण हैं। तुर्की ने दशकों से उत्तरी साइप्रस पर अवैध कब्जा कर रखा है। साइप्रस के पास ब्रह्मोस और घातक ड्रोन्स जैसी मारक क्षमता आने से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पूरी तरह से बदल सकता है और तुर्की की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो सकता है।

तुर्की की मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों को डर है कि भारतीय हथियारों की मदद से साइप्रस और ग्रीस मिलकर तुर्की के खिलाफ एक मजबूत और अजेय रक्षा दीवार तैयार कर लेंगे। तुर्की के लोगों का मानना है कि भारत के लिए ‘साइप्रस तो बहाना है, अपनी ब्रह्मोस को ग्रीस तक पहुंचाना है।’ क्योंकि ग्रीस और तुर्की के बीच भी गहरे भू-राजनीतिक और समुद्री सीमा विवाद हैं।

भारत का रणनीतिक पलटवार
मई 2025 में हुए भारत-पाक संघर्ष के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को गुपचुप तरीके से सैकड़ों ड्रोन मुहैया कराए थे। इसके अलावा एर्दोगन कश्मीर मुद्दे पर लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते रहे हैं। अब भूमध्य सागर में तुर्की की नाक के नीचे भारतीय हथियारों की संभावित तैनाती को नई दिल्ली द्वारा एर्दोगन को दिया गया करारा जवाब माना जा रहा है।

साइप्रस और ग्रीस (यूनान) दोनों तुर्की के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। अगर ब्रह्मोस साइप्रस के पास आती है, तो यह सीधे तौर पर तुर्की के लिए एक बड़ा सैन्य खतरा बन जाएगा, क्योंकि यह मिसाइल मैक 2.8 से मैक 3 की गति से अचूक हमला करने में सक्षम है। भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग (2026-2031) के लिए एक अहम रोडमैप पर मुहर लगी है, जो दोनों देशों को रणनीतिक साझेदार बनाता है।

मंडराए ग्रीक फाइटर जेट्स कि तुर्की को लगी मिर्ची?
तुर्की और ग्रीस के बीच पूर्वी एजियन सागर के द्वीपों को लेकर पुराना विवाद फिर से भड़क गया है। हाल ही में तुर्की के F-16 फाइटर जेट्स और CN-235 सर्विलांस विमानों ने ग्रीस के हवाई क्षेत्र का बार-बार उल्लंघन किया। इसके जवाब में ग्रीस के लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरी और दोनों देशों के जेट्स के बीच आसमान में ही ‘सिम्युलेटेड डॉगफाइट’ (छद्म युद्ध जैसी स्थिति) देखने को मिली।

तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर ने पश्चिमी तुर्की के सैन्य बेस से बौखलाहट में बयान दिया कि ग्रीस पूर्वी एजियन द्वीपों का अवैध रूप से सैन्यीकरण कर रहा है। उन्होंने ग्रीस को धमकी देते हुए कहा कि तुर्की एजियन सागर, पूर्वी भूमध्यसागर और साइप्रस में अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। एथेंस ने इस पर पलटवार करते हुए तुर्की के दावों को मनगढ़ंत बताकर सिरे से खारिज कर दिया।

सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर
तुर्की के यूजर्स ग्रीस और साइप्रस पर जमकर निशाना साध रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्रीस भारत को मोहरा बनाकर तुर्की को घेरने की साजिश रच रहा है। तुर्की के रक्षा विशेषज्ञ और राष्ट्रवादी इस बात से खफा हैं कि भारत का इस क्षेत्र में आना उनके देश की रणनीतिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।

दूसरी ओर, ग्रीस और साइप्रस के नागरिक ‘X’ पर भारत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ग्रीक यूजर्स इस बात से बेहद खुश हैं कि भारत जैसा शक्तिशाली देश उन्हें आधुनिक हथियार और कूटनीतिक समर्थन उपलब्ध कराएगा, जिससे वे तुर्की की धमकियों का डटकर मुकाबला कर सकेंगे।

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ ओटीटी पर जल्द, ड्यूल रिलीज स्ट्रैटजी से बढ़ा क्रेज

सिनेमाघरों में धमाल मचाने के बाद रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2’ को ओटीटी पर देखने का इंतजार फैंस कर रहे हैं. दिसंबर 2025 में आई ‘धुरंधर’ और मार्च 2026 में आई ‘धुरंधर 2’ ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर लगभग 3000 करोड़ रुपये की कमाई की थी. डायरेक्टर आदित्य धर की बनाई इस बिग बजट, मल्टी स्टारर पिक्चर में रणवीर सिंह के साथ-साथ संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, गौरव गेरा, आर माधवन और सारा अर्जुन समेत अन्य ने काम किया था. लेकिन क्या आपको पता है कि पिक्चर के हीरो रणवीर सिंह को कास्ट करने से पहले मेकर्स ने एक जाने-माने नाम को ‘धुरंधर’ के लिए साइन कर लिया था?

सीनियर एक्टर राकेश बेदी ने खुलासा किया है कि वे ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी में सबसे पहले कास्ट किए गए कलाकार थे. उन्हें रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल से बहुत पहले पिक्चर में काम दे दिया गया था. राकेश बेदी के अनुसार, डायरेक्टर आदित्य धर ने पूरी स्क्रिप्ट तैयार होने से सालों पहले ही उनकी कास्टिंग फाइनल कर ली थी. राकेश बेदी, ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी के ब्रेकआउट स्टार बनकर उभरे हैं.

राकेश बेदी ने एक एजेंसी को बताया, ‘मेरा मानना है और आदित्य धर ने भी कहा है कि धुरंधर में कास्ट होने वाला मैं पहला आदमी था. उन्होंने मुझे 3-4 साल पहले कास्ट किया था, जब उन्होंने उरी फिल्म बनाई थी. उस समय उनके पास स्क्रिप्ट भी नहीं थी. लेकिन एक आइडिया था, और उसी आइडिया के हिसाब से उन्होंने मुझे इस फिल्म में एक रोल के लिए चुना था. इसलिए मेरे लिए ये बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट है कि आदित्य धर ने मेरे बारे में ऐसा सोचा. उन्होंने मुझे इस रोल के लिए इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने मेरे काम को देखा था. अपने सभी रोल्स में मैंने हमेशा कैरेक्टर को आगे रखने की कोशिश की है. यही वजह है कि आज लोग मुझे जमील जमाली या मेरे शो श्रीमान श्रीमती शो वाले कैरेक्टर के नाम से पुकारते हैं.’

धुरंधर का OTT रिलीज प्लान
‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी की ओटीटी रिलीज ने सुर्खियां बटोरी हैं. मेकर्स ने एक दुर्लभ ड्यूल ओटीटी रिलीज स्ट्रैटजी अपनाई है, जिसमें फिल्म के दो अलग-अलग वर्जन अंतरराष्ट्रीय और भारतीय दर्शकों के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम होंगे. ‘धुरंधर रॉ एंड अनदेखा’ वर्जन 22 मई से ग्लोबली नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहा है. यह वर्जन भारत में 24 मई को आया था. भारतीय दर्शकों के लिए फिल्म के डोमेस्टिक स्ट्रीमिंग राइट्स जियो हॉटस्टार को गए हैं. ‘धुरंधर 2’ का भारत में प्रीमियर 4 जून को जियो हॉटस्टार पर होगा.

खबरों के मुताबिक, भारत में जियो हॉटस्टार ने फिल्म के एक्सक्लूसिव स्ट्रीमिंग राइट्स लगभग 150 करोड़ रुपये में खरीदे हैं. इसे हाल के सालों में भारतीय फिल्म की सबसे बड़ी ओटीटी डील्स में से एक माना जा रहा है. भारतीय दर्शकों को प्लेटफॉर्म पर फिल्म का एक्सटेंडेड वर्जन भी देखने को मिलेगा.

बॉबी देओल का खुलासा: करियर के उतार-चढ़ाव और ‘आश्रम’ से वापसी की कहानी

बॉलीवुड के हैंडसम हंक बॉबी देओल अपने करियर के पीक पर हैं. आश्रम जैसी सीरीज और एनिमल फिल्म में उन्होंने कमाल की एक्टिंग की. एनिमल के बाद उनके करियर में बड़ा जंप देखने को मिला. हर ओर बॉबी की एक्टिंग की चर्चा होने लगी. अब बॉबी अपनी अपकमिंग फिल्म बंदर को लेकर सुर्खियों में हैं. फिल्म रिलीज से पहले बॉबी ने एक इंटरव्यू में अपने करियर ग्राफ और निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की.

करियर पर बोले बॉबी
एक इंटरव्यू में बॉबी से उनके करियर को लेकर कई सवाल किए गए. उनसे पूछा गया कि आपने बाबा निराला का रोल किया. उससे बहुत पॉपुलैरिटी मिली. बॉबी ने कहा कि कुछ कैरेक्टर ऐसे होते हैं, जब आप थिएटर से बाहर निकलते हैं, तो वो आपके साथ रह जाते हैं.

फिर बॉबी से कहा गया कि आपने ट्विंकल खन्ना, रानी मुखर्जी और मनीषा कोइराला जैसी एक्ट्रेसेस को खूब परेशान किया है. ट्विंकल खन्ना से आप बहुत लड़ते थे. इस इस पर उन्होंने कहा कि मुझे बचपन से पेट की दिक्कत रहती है. मैं बचपन से पेट के गुण गाता रहता था कि आज ये हुआ. आज वो हुआ. आज नहीं, आज शायद होगा, तो वो इस पर चिढ़ जाती थी.

आप रानी मुखर्जी को डेढ़ फुटिया कहते थे. बॉबी कहते हैं कि हम एक गाना कर रहे थे और हम पानी में एक रॉफ्ट के ऊपर थे. वो मान नहीं रही थी. मैं नहीं मान रहा था, तो हम लड़ पड़े. फिर उनसे पूछा गया कि आपने मनीषा कोइराला के साथ इंटीमेट सीन करने से इनकार कर दिया था. आपने कहा था कि इनके मुंह से बदबू आती है. बॉबी ने इस सवाल पर हांमी भरी.

बॉबी ने सलमान खान संग कनेक्शन पर भी बात की. उन्होंने कहा कि वो इतना प्यार इंसान है. वो सिर्फ देना चाहता है. उनका दिल बहुत बड़ा है. वो हमेशा सबको खुश रखना चाहता है. इसलिए पापा बोलते थे कि ये मेरे जैसा है. दोनों की क्वालिटी एक जैसी थी. मैं हमेशा कहता हूं कि जब मुझे रेस 3 के लिए फोन आया. उस वक्त मैं सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग खेल रहा था. उस वक्त मैंने दाढ़ी उगाई हुई थी एक प्रोजेक्ट के लिए. सलमान मुझसे मिले. वो बोले के ये दाढ़ी क्या उगाई हुई है. शेव करो, इतने खूबसूरत हो तुम. मैंने कहा कि नहीं मामू. मैं एक फिल्म कर रहा हूं, तो उसके लिए उगाई है. उन्होंने देख जब मेरा करियर नहीं चल रहा था, तो मैं संजय दत्त की पीठ पर चढ़ गया, फिर तेरे भाई की पीठ पर चढ़ गया. मैंने कहा कि मुझे अपनी पीठ चढ़ने दो.

बॉबी कहते हैं कि उनको ये बात याद रही. फिर कुछ साल बाद फोन आया कि बॉबी शर्ट उतारेगा. मैंने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा. फिर रेस 3 से मुझे बहुत फायदा मिला. सलमान खान सुपरस्टार हैं. उनकी फिल्म देखने सब जाते हैं. मुझे उनकी फिल्म में जाने का मौका मिला, जो लोग बॉबी को नहीं पहचानते थे. वो उनकी फिल्म से पहचान लगे. इस चीज ने मेरी बहुत मदद की.

बॉबी की फिल्म बंदर की बात करें, तो ये 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है.

बंगाल की खाड़ी से बदला मौसम, CG के कई जिलों में आज बारिश के आसार

रायपुर.

नौतपा के बीच ही मौसम ने करवट ले ली है. प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधि ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी और हीटवेव से राहत दी है. इन इलाकों के तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि मध्य क्षेत्रों में गर्मी का कहर जारी है.

राजनांदगांव में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आंधी, बारिश होने की संभावना है. अधिकतम तापमान में कमी आ सकती है. छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ स्थानों में बारिश हुई है. सबसे ज्यादा सुकमा में 4 सेमी पानी गिरा. इसके अलावा जगदलपुर, तोंगपाल, दरभा में 3 सेमी, तोकापाल में 2 सेमी और कोंडागांव, कोंटा, भानपुरी, लोहांडीगुड़ा, अंबिकापुर और सरगुजा में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई.

आज कुछ स्थानों में बरसेंगे बादल
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने जानकारी दी कि एक द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से अंदरुनी उड़ीसा तक राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर विस्तारित है. एक पश्चिमी विक्षोभ 75 डिग्री पूर्व में स्थित है. बंगाल की खाड़ी से प्रदेश में नमी का आगमन लगातार जारी है. इन मौसम प्रणालियों के कारण शनिवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. सभी संभागों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और वज्रपात की संभावना है. साथ ही अधिकतम तापमान में गिरावट होने के आसार हैं.

बारिश का इन इलाकों में अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 प्रति घंटे रफ्तार) और वर्षा की संभावना है.

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है. इसके मुताबिक, शनिवार को शहर में आकाश आंशिक मेघमय रहेंगे. वर्षा, गरज-चमक या अंधड़ चलने की संभावना है. अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

माता वैष्णो देवी पहुंचे CM मोहन यादव, श्राइन बोर्ड के मॉडल से हुए प्रभावित; बताई यात्रा की खास वजह

भोपाल
 मध्य प्रदेश के महाकाल, ओंकारेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर क्राउड मैनेजमेंट का पूरा प्लान तैयार करने जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर के भीड़ प्रबंधन का अध्ययन किया जाएगा. कटरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया, ” हमारे साथ पूरा एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जो यहां श्रद्धालुओं के दर्शन से लेकर मंदिर ट्रस्ट की सभी व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है. जिस पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आगे मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में इसे लागू किया जाएगा। 

माता वैष्णों देवी के दरबार में पहुंचे मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के कटरा पहुंचे. वे यहां पर माता वैष्णों देवी के दर्शन तो करेंगे ही, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी होगा. उन्होंने बताया कि वे यहां माता वैष्णों के दर्शन के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. इन चीजों पर अध्ययन करने के लिए उनके साथ प्रतिनिधिमंडल भी है. केवल वैष्णों देवी नहीं देश के अलग-अलग तीर्थ स्थलों में किस तरह के प्रबंध है, ये जानने के लिए इसी तरह के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अन्य प्रतिनिधिमंडल देश के अलग-अलग हिस्सों में भी भेजे हैं। 

बताई दौरे की वजह
कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।

बताई दौरे की वजह
कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।

सीएम यादव ने बताया कि वह अधिकारियों के एक दल के साथ यहां आए हैं ताकि वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा सके और इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में भी प्रमुख मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सेवाओं और श्रद्धालु सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों का अध्ययन कर एक प्रभावी प्रबंधन मॉडल तैयार किया जा रहा है। वैष्णो देवी मंदिर में बेहतर व्यवस्थाओं और सुचारू दर्शन व्यवस्था की उन्होंने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्राइन बोर्ड द्वारा यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का समन्वित मॉडल अन्य मंदिरों में भी लागू करने की योजना है। इससे पहले हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक फैसले का भी उल्लेख किया गया जिसमें एक धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया गया था।

धार्मिक संस्थानों का होगा अध्ययन
मीडिया से बात करते हुएमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ” हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, जिससे महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान व भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके. हाल ही में उच्च न्यायालय ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है. हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए कैसे एक मॉडल तैयार हो सके. जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई जा सके। 

बाकी तीर्थ स्थलों में भी जनसुविधाओं की लेंगे जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “देश के अलग-अलग हिस्सों में भी जो दल गए हैं, वे अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट सौपेंगे. उसके हिसाब से मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में प्लान लागू होगा.” उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी दी गई है कि यहां मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज व अनेक सेवा-प्रधान संस्थाएं भी संचालित की जा रही हैं. हमारी सरकार भी अब रिलीजियस टूरिज्म के नए सर्किट तैयार कर उन्हें विकसित करने पर जोर दे रही है। 

 

Japan Mango Ban: जापान ने भारतीय आमों पर लगाया बैन, जानिए वहां किस आम की सबसे ज्यादा डिमांड

नई दिल्ली

भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक है. यहां हर साल लगभग 24 मिलियन मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है और इसकी बेहतरीन किस्म दुनिया भर के देशों में एक्सपोर्ट की जाती हैं. हालांकि जापान ने अब भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है.  इसके बाद अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी मशहूर किस्मों के निर्यातकों को झटका लगा है. इसी बीच अब कई लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि जापान में असल में आम की कौन सी किस्म सबसे ज्यादा खाई जाती है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब। 

जापान का भारतीय आमों पर प्रतिबंध 

    जापान ने भारतीय आमों के आयात पर कड़े क्वॉरेंटाइन नियमों के कारण रोक लगाई।
    यह रोक आम की गुणवत्ता या स्वाद की चिंता से नहीं, बल्कि पैकेजिंग में तकनीकी कमी से है।

    जापान में घरेलू ‘इरविन’ किस्म के आम लोकप्रिय हैं, जिन्हें लग्जरी उत्पाद माना जाता है।
    रोक से पहले भारतीय आमों की विदेशी फलों की चाहत रखने वाले ग्राहकों में काफी मांग थी।

जापान का यह फैसला स्वाद या फिर गुणवत्ता से जुड़ी चिंता की वजह से नहीं बल्कि कड़े कृषि क्वॉरेंटाइन नियम की वजह से लिया गया है. मार्च 2026 में जापान के क्वॉरेंटाइन अधिकारियों ने भारत में आमों के उपचार और पैकेजिंग सुविधाओं का निरीक्षण किया और कथित तौर पर एक्सपोर्ट से पहले इस्तेमाल की जाने वाली फ्यूमिगेशन और साफ सफाई प्रक्रिया में तकनीकी कमियां पाई। 

जापान आयातित फलों में कीटों और फ्रूट फ्लाइज के संबंध में काफी कड़ी जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करता है. निरीक्षण के बाद जापान ने 25 मार्च 2026 के बाद जारी किए गए प्रमाण पत्रों के साथ आने वाली आमों की खेपों को स्वीकार करना बंद कर दिया। 

जापान में आम की कौन सी किस्म सबसे ज्यादा मशहूर? 
जापान में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली आम की किस्म इरविन है. इसे आमतौर पर एप्पल मैंगो के नाम से जाना जाता है. भारत के उलट जहां आम को एक मौसमी फल माना जाता है जापान में आमों को विलासिता की वस्तु माना जाता है और अक्सर इन्हें काफी बेहतरीन उपहार के तौर पर खरीदा जाता है. इरविन किस्म की खेती मुख्य रूप से जापान के ओकिनावा और मिजायाकी प्रति में ग्रीन हाउस के अंदर काफी कंट्रोल्ड परिस्थितियों में की जाती है. ये आम अपने गहरे लाल रंग, मलाईदार बनावट, जबरदस्त मिठास और पूरी तरह से रेशे रहित गूदे के लिए जाने जाते हैं। 

वहीं अगर भारत की बात करें तो भारत के केसर, अल्फांसो, लंगड़ा और बंगनपल्ली आम जापान में सबसे ज्यादा भेजी जाती हैं और पसंद की जाती हैं। 

जापान में कौन से इंपोर्टेड आम लोकप्रिय हैं?
घरेलू तौर पर लग्जरी आमों का उत्पादन करने के बावजूद जापान अपनी कुल मांगों को पूरा करने के लिए अभी भी इंपोर्ट पर ही निर्भर है.  रोक लगने से पहले भारतीय आम उन ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय थे जो विदेशी इंपोर्टेड फलों की तलाश में रहते थे. भारत के अलावा जापान थाईलैंड, मेक्सिको और फिलिपींस जैसे देशों से भी आम इंपोर्ट करता है। 

Petrol Diesel Price Today: क्या आधी रात महंगा हुआ तेल? पेट्रोल 115.69 और डीजल 100.92 रुपये, यहां जानें नए रेट

नई दिल्ली

 पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों का ऐलान आज सुबह 6 बजे हो गया है। राहत की बात यह है कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के रेट में आज फिर कोई बढ़ोतरी नहीं की है। आखिरी बार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के द्वारा पिछले हफ्ते शनिवार को इजाफा किया गया था। इसके बाद से ही दाम स्थिर बने हुए हैं। इस बीच इंटरनेशनल मार्केट से अच्छी खबर आई है। कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, युद्ध के पूर्व स्तर से यह अब भी काफी अधिक है।

सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल कहां? 
26 मई 2026 के रेट के अनुसार हैदराबाद में पेट्रोल सबसे अधिक रेट पर बिक रहा है। इस शहर में लोगों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 115.69 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, डीजल के लिए तिरुअनंतपुरम् में लोगों को 115.49 रुपये प्रति लीटर देने पड़ रहे हैं। दूसरी तरफ चंडीगढ़ में पेट्रोल का रेट 98.10 रुपये प्रति लीटर है। जोकि दिल्ली सहित अन्य शहरों की तुलना में काफी कम है। बता दें, भुवनेश्वर में डीजल का रेट 100.92 रुपये प्रति लीटर है।

देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल का क्या है रेट? 

दिल्ली – 102.12 रुपये

मुंबई – 111.18 रुपये

कोलकाता – 113.47 रुपये

चेन्नई – 107.77 रुपये

गुरुग्राम – 102.77 रुपये

नोएडा – 102.12 रुपये

बेंगलुरू – 110.93 रुपये

भुवनेश्वर – 109.92 रुपये

चंडीगढ़ – 98.10 रुपये

हैदराबाद – 115.69 रुपये

जयपुर – 112.66 रुपये

लखनऊ – 102.05 रुपये

पटना – 113.35 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 115.49 रुपये

डीजल का क्या चल रहा है रेट? 

नई दिल्ली – 95.20 रुपये

मुंबई – 97.83 रुपये

कोलकाता – 99.82 रुपये

चेन्नई – 99.55 रुपये

गुरुग्राम – 95.444 रुपये

नोएडा – 95.56 रुपये

बेंगलुरू – 98.80 रुपये

भुवनेश्वर – 100.92 रुपये

चंडीगढ़ – 86.09 रुपये

हैदराबाद – 103.82 रुपये

जयपुर – 97.79 रुपये

लखनऊ – 95.55 रुपये

पटना – 99.36 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 104.40 रुपये

4 बार हो सका इजाफा 
मई के महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार इजाफा हो गया है। इस दौरान पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 7.5 रुपये बढ़ गया है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद से तेल कंपनियों पर कीमतों को बढ़ाने का काफी दबाव था। कीमतों में इजाफे से पहले तेल कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा। जोकि अब 500 करोड़ रुपये से कम हो गया है।

सरकार ने भी कीमतों को संभालने की बहुत कोशिश की। एक्साइज ड्यूटी में कटौती भी की गई। लेकिन जब इंटरनेशनल मार्केट में स्थिति सामान्य नहीं हुई उसके बाद तेल कंपनियों को यह फैसला लेना पड़ा।

सरकारी दफ्तर बना शराबखाना! शाम होते ही कर्मचारियों की शराब पार्टी का वीडियो वायरल

बालोद.

बालोद जिले में जिला विपणन विभाग के कर्मचारियों का कारनामा सामने आया है, जिन्होंने सरकारी कार्यालय को ही मयखाना बना दिया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब अधिकारियों पर नजर है कि वे पूरे वाकये पर क्या कदम उठाते हैं.

मामला बालोद जिले के मालीघोरी धान संग्रहण केंद्र का है, जहां पदस्थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी तिलेश्वर साहू कुछ लोगों के साथ दारू पार्टी करते नजर आ रहे हैं. सरकारी आलमारी में दस्तावेज की जगह शराब की बोतलें रखी जा रही है, और कर्मचारियों के साथ मिलकर जाम छलकाया जा रहा है.

वहीं इस पूरे मामले में डीएमओ टिकेंद्र राठौर का पक्ष लेने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने ‘मैं छुट्टी में बाहर हूं’ कहकर सवाल सुने बिना ही फोन काट दिया. इससे प्रतीत होता है कि अधिकारी भी ऐसे नशाखोर कर्मचारियों को बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

जबलपुर एयरपोर्ट के पास मिला 12 किलो का जिंदा मोर्टार, इलाके में मचा हड़कंप

जबलपुर 

जबलपुर में एयरपोर्ट के पास बम मिला है। यह अनएक्सप्लोडेड बम देख इलाके में दहशत पसर गई। जबलपुर के इस इलाके में ही खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सहित सेना की इन्फैंट्री और हथियार कारखाने हैं। ऐसे में बम मिलने के मामले की गंभीरता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा इलाका घेर लिया। जांच में पता चला कि यह करीब 12 किलो का जिंदा मोर्टार है। इसे सेना का UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम बताया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत सैन्य अधिकारियोें को मामले की जानकारी दी। अब सेना अपनी कार्यवाही कर रही है।

शनिवार को दिखाई दिया एक जिंदा बम
डुमना में एयरपोर्ट से लगे खमरिया थाने के गदेरी गांव में एक घर के निर्माण के लिए खुदाई की जा रही है। इस दौरान शनिवार  को एक जिंदा बम दिखाई दिया। इससे हड़कंप मच गया। दहशत में आए ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी।

खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो
खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो हैं ऐसे में जिंदा बम मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस गदेरी गांव में घटनास्थल पर पहुंची। एहतियातन पूरे इलाके को भी घेर लिया।

भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव के सुनील यादव के प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे मजदूरों को जमीन के अंदर बम मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल को घेर लिया।

पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला
मौके पर आए खमरिया थाने के पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला। यह एक UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम है। पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारियों को विस्फोटक मिलने की खबर दी। सेना का यह बम काफी पुराना है जो कि यहां सालों से दबा था।

फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिलते ही सैन्य अधिकारियों को मामले की सूचना दी ताकि बम निरोधक दस्ता (Bomb detection and Disposal Squad) मौके पर आकर बम को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर सके। फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी है। इधर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

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