U-23 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में प्रियांशी का गोल्ड, एमपी की पूर्व अकादमी खिलाड़ी बनी राष्ट्रीय चैंपियन

भोपाल 

हरियाणा के रोहतक में 10 से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित U-23 राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य कुश्ती अकादमी की पूर्व खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत ने महिला 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रियांशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

तीन दिन तक चले मुकाबलों में दिखाया दम

रोहतक में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता में देशभर के नामी पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। प्रियांशी ने पूरे टूर्नामेंट में संयम, तकनीक और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबलों में बढ़त बनाई और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

कई राज्यों के पहलवानों के बीच बनीं विजेता

प्रतियोगिता में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के शीर्ष पहलवानों ने भाग लिया। ऐसे कठिन मुकाबलों के बीच प्रियांशी का स्वर्ण पदक जीतना उनकी मेहनत और प्रतिभा का परिचायक है।

मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा का बढ़ा सम्मान

कुश्ती अकादमी, भोपाल की पूर्व खिलाड़ी प्रियांशी की यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि प्रदेश की खेल अकादमियां राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन खिलाड़ी तैयार करने में लगातार सफल हो रही हैं।

खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने प्रियांशी प्रजापत को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रियांशी भविष्य में भी देश के लिए कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी।

प्रशिक्षकों और खेल विभाग के प्रयासों को मिला सम्मान

इस उपलब्धि का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक  अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक  बी.एस. यादव, कुश्ती अकादमी के प्रशिक्षकों और खेल विभाग के समस्त सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

बिजली संकट से जूझते पाकिस्तान को वर्ल्ड बैंक का सहारा, पावर ग्रिड सुधार के लिए $375.9 मिलियन की डील

इस्लामाबाद

वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान के बिजली ग्रिड को मजबूत करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 375.9 मिलियन डॉलर की मंजूरी दी है. यह रकम पाकिस्तान के ग्रिड स्टेबिलिटी एन्हांसमेंट प्रोजेक्ट के लिए दी गई है, जो ‘बेस्ट-पाक’ नाम के दस साल के बड़े कार्यक्रम का पहला चरण है. इस प्रोजेक्ट का मकसद बिजली कटौती को कम करना, ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक बनाना और घरों, दुकानों और उद्योगों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाना है। 

वर्ल्ड बैंक की पाकिस्तान कंट्री डायरेक्टर बोलोरमा अमगाबाजार ने कहा कि पाकिस्तान की एनर्जी समस्याएं देश की आर्थिक स्थिति से गहराई से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा कि मजबूत ट्रांसमिशन ढांचे में निवेश से बिजली की लागत घटेगी और ज्यादा रिन्यूएबल एनर्जी ग्रिड में जुड़ सकेगी। 

पाकिस्तान का बिजली नेटवर्क लंबे समय से अस्थिर ग्रिड और ट्रांसमिशन में रुकावटों से जूझ रहा है, जिससे लाखों लोगों को रोजाना बिजली कटौती, महंगी बिजली और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। 

इस प्रोजेक्ट के तहत तीन बड़े 500 केवी सब स्टेशनों पर स्टेटिक सिंक्रोनस कंपेनसेटर यानी सेटकॉम लगाए जाएंगे. इसके अलावा 26 ग्रिड सब स्टेशनों पर रिएक्टर और कैपेसिटर बैंक भी लगाए जाएंगे। 

इससे दक्षिणी पाकिस्तान में 640 मेगावाट विंड एनर्जी को ग्रिड से जोड़ा जा सकेगा और वहां की कुल 1,840 मेगावाट पवन क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो सकेगा. साथ ही करीब 491 मेगावाट की निजी क्षेत्र की रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं को भी ग्रिड से जोड़ने में मदद मिलेगी। 

इन सुधारों से पाकिस्तान साल 2030 तक अपनी बिजली में 60 फीसदी हिस्सेदारी रिन्यूएबल एनर्जी से पूरी करने के लक्ष्य के करीब पहुंच सकेगा, जो पेरिस समझौते के तहत तय किया गया है. इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 8 लाख 32 हजार 500 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है, यानी 25 साल में कुल 2 करोड़ 8 लाख टन से ज्यादा। 

‘बेस्ट पाक’ कार्यक्रम के लीड एनर्जी स्पेशलिस्ट वलीद सालेह अलसुरैह ने कहा कि यह प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर क्लीन एनर्जी लगाने, एनर्जी सुरक्षा मजबूत करने और आधुनिक ट्रांसमिशन क्षेत्र बनाने का रास्ता खोलेगा. यह प्रोजेक्ट नेशनल ट्रांसमिशन एंड डिस्पैच कंपनी यानी NTDC के पुनर्गठन में भी मदद करेगा। 

पाकिस्तान बाढ़ और भीषण गर्मी जैसे जलवायु खतरों से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है. इसलिए नई सुविधाओं को ऊंचे प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा और 55 डिग्री सेल्सियस तापमान तक काम करने लायक बनाया जाएगा, ताकि मानसून और गर्मी के मौसम में भी बिजली आपूर्ति बनी रहे। 

पाकिस्तान 1950 से वर्ल्ड बैंक का सदस्य है और अब तक उसे 51.2 अरब डॉलर से ज्यादा की सहायता मिल चुकी है. मौजूदा समय में वर्ल्ड बैंक की 52 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 16.9 अरब डॉलर है। 

18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 70 किमी प्रति घंटा हवाओं की चेतावनी

 नई दिल्ली
देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 12 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत 18 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 15 घंटे के अंदर कई स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है

उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी और मध्य भारत में भी मेघगर्जन और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। वहीं समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और किसानों से खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की अपील की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र और गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण बारिश की गतिविधियों को लगातार बढ़ा रहा है। आइए जानते हैं 12 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल-

देश के 18 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा
दिल्ली (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में रविवार को भी बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यूपी में कल मौसम कैसा रहेगा
उत्तर प्रदेश (12 जुलाई-भारी बारिश और तूफान की चेतावनी): मेरठ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, हरदोई और रायबरेली सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

बिहार में कल मौसम कैसा रहेगा
बिहार (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): पटना, गया, गोपालगंज, पश्चिमी एवं पूर्वी चंपारण, नालंदा, लखीसराय, अरवल, रोहतास, नवादा, भोजपुर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और खगड़िया में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

झारखंड में कल मौसम कैसा रहेगा
झारखंड (12 जुलाई-बारिश और आंधी की चेतावनी): दुमका, देवघर, जामताड़ा, बोकारो, रांची, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, गिरिडीह, सिमडेगा, पलामू, गुमला और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। तेज हवाएं 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। रांची का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

उत्तराखंड में कल मौसम कैसा रहेगा
उत्तराखंड (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): नैनीताल, हरिद्वार, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। देहरादून में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल में कल मौसम कैसा रहेगा
पश्चिम बंगाल (12 जुलाई-भारी बारिश और तूफान की चेतावनी): कोलकाता, हावड़ा, बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम, हुगली, नदिया, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, बीरभूम, दार्जिलिंग, कूचबिहार, अलीपुरद्वार और कलिम्पोंग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कोलकाता
में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

शहर     अधिकतम तापमान (12 जुलाई)     न्यूनतम तापमान (12 जुलाई)
दिल्ली     38°C     27°C
मुंबई     33°C     29°C
चेन्नई     37°C     29°C
कोलकाता     34°C     28°C
मुंबई     32°C     29°C
पटना     33°C     27°C
रांची     27°C     24°C
भोपाल     32°C     26°C
जयपुर     36°C     28°C
शिमला     25°C     20°C
नैनीताल     25°C     21°C

हिमाचल में कल मौसम कैसा रहेगा
हिमाचल प्रदेश (12 जुलाई-भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट): कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर और सोलन में भारी बारिश की संभावना है। कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मनाली का अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पंजाब में कल मौसम कैसा रहेगा
पंजाब (12 जुलाई-बारिश और तूफान की संभावना): पटियाला, अमृतसर, बठिंडा, मोगा, रूपनगर, संगरूर, फाजिल्का, होशियारपुर, जालंधर और गुरदासपुर में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हवा की गति 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

राजस्थान (12 जुलाई-गर्मी और तेज हवा का असर): कोटा, करौली, अजमेर, जोधपुर, बूंदी, सवाई माधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फालौदी, बारां और जैसलमेर में बारिश की संभावना कम रहेगी। कई इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। जयपुर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में कल मौसम कैसा रहेगा
मध्य प्रदेश (12 जुलाई-भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, हर्दा, रायसेन, इंदौर, सीधी, शहडोल, उमरिया, ग्वालियर, भिंड और धार सहित कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

 

ऑपरेशन सिंदूर में बना भारत का सुरक्षा कवच, फिर तुर्की क्यों छोड़ना चाहता है S-400? ट्रंप बने वजह

नई दिल्ली

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब पाकिस्तान ने भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो भारत की जमीन पर तैनात रूस के मिसाइल डिफेंस S-400 ने पाकिस्तानी अटैक की धज्जियां उड़ा दीं. पाकिस्तान की सारी मिसाइलों को S-400 ने आसमान में ही नेस्तानाबूद कर दिया, पाकिस्तान का एक वार भी भारत की धरती को छू नहीं सका. इस कामयाबी के लिए रूसी तकनीक और S-400 की खूब तारीफ हुई। 

भारतीय सेना और वायुसेना के लिए यह सिस्टम एक ऐसे सुरक्षा कवच की तरह साबित हुआ जिसने दुश्मन के ड्रोन, मिसाइल और हवाई खतरों के खिलाफ मजबूत ढाल का काम किया. लेकिन इसी S-400 को खरीदने वाला नाटो सदस्य तुर्की अब उससे छुटकारा पाने के रास्ते तलाश रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद बदलता रणनीतिक माहौल माना जा रहा है। 

तुर्की ने 2017 में रूस से लगभग 2.5 अरब डॉलर की लागत पर S-400 प्रणाली खरीदने का समझौता किया था. 2019 में इसकी डिलीवरी शुरू हुई, उस समय राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने इसे तुर्की की संप्रभु सुरक्षा जरूरत बताते हुए अमेरिकी दबाव को खारिज कर दिया था. लेकिन इस फैसले की कीमत भी चुकानी पड़ी। 

S-400 और F-35 साथ-साथ नहीं
अमेरिका का तर्क था कि S-400 और अमेरिकी F-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमान एक साथ नहीं चल सकते. वाशिंगटन को डर था कि रूसी प्रणाली F-35 की संवेदनशील तकनीकी जानकारी हासिल कर सकती है. नतीजा यह हुआ कि अमेरिका ने तुर्की को F-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया और CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) के तहत प्रतिबंध भी लगाए। 

अब हालात बदल रहे हैं. पश्चिम एशिया, यूक्रेन युद्ध और नाटो की नई सुरक्षा चुनौतियों के बीच तुर्की फिर से अमेरिका के साथ रिश्तों को सामान्य बनाना चाहता है. ट्रंप प्रशासन के दौर में अटके कई रक्षा समझौतों को आगे बढ़ाने की उम्मीद भी एर्दोआन सरकार को है. विशेष रूप से F-35 को तुर्की लालच भरी निगाहों से देख रहा है. हालांकि इसके पीछे उसकी भू-रणनीतिक जरूरतें हैं. इसलिए आधुनिक अमेरिकी हथियारों तक पहुंच तुर्की की प्राथमिकता बन गई है। 

हाल ही में ट्रंप जब तुर्की के दौरे पर गए तो इस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच चर्चा का मुख्य मुद्दा S-400 का समाधान और F-35 प्रोग्राम में तुर्की की वापसी थी। अब 2026 में ट्रंप प्रशासन तुर्की को NATO का मजबूत सहयोगी मानते हुए प्रतिबंध हटाने और F-35 देने की तैयारी कर रहा है, लेकिन शर्त साफ है, तुर्की को S-400 को छोड़ना होगा। 

तुर्की के मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब अंकारा S-400 सिस्टम को खाड़ी देशों को बेच सकता है. इसमें UAE और कतर का नाम आगे चल रहा है। 

रॉयटर्स के अनुसार रूस ने भी इसकी पुष्टि की है. 
शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस क्रेमलिन ने कहा कि रूस तुर्की के पास मौजूद S-400 मिसाइल सिस्टम के भविष्य को लेकर तुर्की के संपर्क में है। 

तुर्की के न्यूज़ आउटलेट ‘हुर्रियत’ ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी थी कि रूस S-400 मिसाइलों को खाड़ी के किसी देश को फिर से बेचेगा, ताकि अमेरिका को तुर्की पर लगे प्रतिबंध हटाने के लिए मनाया जा सके। 

शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट और इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या तुर्की ने कथित डील को आगे बढ़ाने के लिए रूस से मंज़ूरी मांगी थी. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, “मैं यहां एक बात कह सकता हूं, यह बहुत संवेदनशील मामला है. हालांकि हम इस मामले पर तुर्की पक्ष के संपर्क में रहे हैं, और हम इस मुद्दे पर उनके साथ संपर्क बनाए रखेंगे। 

दबाव डालकर काम करवाने की ट्रंप की रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दबाव डालकर अपना काम करवाने की रणनीति के लिए जाने जाते हैं. वे इसे ‘अमेरिका फर्स्ट’ का नाम देते हैं. NATO सम्मेलनों में सहयोगियों पर डिफेंस खर्च बढ़ाने के लिए, चीन पर व्यापार युद्ध, ईरान-तुर्की पर सैंक्शन और F-35 मुद्दे पर एर्दोआन के साथ सौदेबाजी. वे हर जगह ट्रंप खुलकर दबाव बनाते हैं। 

ट्रंप ने तुर्की को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स बेचने पर सहमति जताई है. अपने हर प्रोडक्ट को बेस्ट बताने वाले ट्रंप ने इसे ‘अबतक का सबसे अच्छा जेट’ बताया है. लेकिन वे इसके लिए तुर्की को रूसी डिफेंस सर्किल से पूरी तरह बाहर निकालना चाहते हैं। 

ट्रंप ने NATO सम्मेलन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात में कहा, “हम दोस्तों पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहते.” यह बयान तुर्की के लिए राहत भरा है, क्योंकि F-35 न केवल आधुनिक स्टेल्थ टेक्नोलॉजी देगा, बल्कि तुर्की की क्षेत्रीय ताकत को बढ़ाएगा. इजरायल और ग्रीस जैसे देश इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप की प्राथमिकता अपना मार्केट है, वे अमेरिकी हितों के पोषण के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं इसलिए वह तुर्की की रूस पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। 

ऑस्ट्रेलिया में हनीमून मनाएंगे आमिर खान और गौरी स्प्रैट, बेटे आजाद-क्विन भी रहेंगे साथ

मुंबई 

शादी के बाद आमिर खान की जिंदगी में सबकुछ तेजी से बदलता नजर आ रहा है. पहले गौरी स्प्रैट संग नई शुरुआत और अब एक ऐसा फैसला, जिसने बॉलीवुड गलियारों में हलचल मचा दी है. चर्चा है कि आमिर अपने नए आशियाने के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की एडवांस रकम चुका चुके हैं. लेकिन असली हैरानी इस घर की कीमत नहीं, बल्कि उसमें रहने वालों की लिस्ट को लेकर है. कहा जा रहा है कि आमिर सिर्फ पत्नी गौरी और उनके बेटे के साथ नहीं, बल्कि अपनी दोनों एक्स के साथ पूरे परिवार को एक ही छत के नीचे लाने की तैयारी में हैं. आखिर क्या है आमिर का यह मेगा फैमिली प्लान और क्यों हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है? आमिर और गौरी का नया और स्थाई घर मुंबई के खार इलाके में बनने जा रहा है, जो किसी महल या ‘स्काई विला’ से कम नहीं होगा. इसके लिए सुपरस्टार ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी-भरकम रकम एडवांस के तौर पर दी है. बताया जा रहा है कि फिलहाल दोनों मुंबई के पाली हिल स्थित विलनोमोना बिल्डिंग में किराए के अपार्टमेंट में रह रहे हैं. लेकिन उनका स्थायी पता खार के यूनियन पार्क स्थित मरीना अपार्टमेंट्स के रीडेवलपमेंट के बाद बनने वाला हाई-राइज टावर होगा. यह प्रोजेक्ट फिलहाल अंडर कंस्ट्रक्शन है और इसके 2030 तक तैयार होने की संभावना जताई जा रही है। 

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। शादी के बाद अब कपल हनीमून के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना होने वाले हैं। ये एक वर्क ट्रिप भी होने वाली है, जिसमें आमिर के बेटे आजाद और गौरी के बेटे क्विन भी साथ रहेंगे।

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर खान और गौरी स्प्रैट अपने-अपने बेटों के साथ ऑस्ट्रेलिया रवाना हो रहे हैं। क्विन और आजाद भी ट्रिप का हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि आमिर इस यात्रा को अपने काम के साथ-साथ शादी के बाद के हनीमून के रूप में भी प्लान कर रहे हैं। इस दौरान दोनों परिवारों के बच्चों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और आमिर भी क्विन के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकेंगे।

मेलबर्न की यह यात्रा आमिर और गौरी की निजी रजिस्टर्ड शादी के एक सप्ताह से भी कम समय बाद हो रही है। दोनों ने 5 जुलाई को बांद्रा स्थित आमिर के घर पर बेहद सादगी से शादी की थी। इस निजी समारोह में केवल करीबी दोस्त, परिवार के सदस्य और उनके बच्चे ही शामिल हुए थे।

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में शामिल होंगे आमिर खान
ऑस्ट्रेलिया में हनीमून के बाद आमिर खान इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2026 में हिस्सा लेंगे। उन्हें फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में अपने अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है।

रणवीर सिंह-अहान पांडे भी हो सकते हैं मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में शामिल
इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न ने हाल ही में अपनी नॉमिनेशन लिस्ट जारी की है, जिसमें आमिर के साथ अहान पांडे, भूमन भार्गव दास, दुलकर सलमान, ममूटी, रणवीर सिंह, ऋषभ शेट्टी और संजय मिश्रा भी बेस्ट परफॉर्मेंस (मेल) कैटेगरी के लिए नॉमिनेटेड हैं।

5 जुलाई को गौरी स्प्रैट से की शादी
61 साल के आमिर खान ने 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट से रजिस्टर्ड मैरिज की है। शादी में चंद करीबी मेहमान शामिल हुए थे। शादी के पेपर्स साइन करने के बाद कपल ने वचन लिए हैं। इस दौरान आमिर ने गौरी के बेशकीमती अंगूठी दी है। ये अंगूठी लग्जरी ब्रांड क्वीन ने तैयार की है, जिसे सिलेक्ट करने में आमिर को 3 महीने लगे। अंगूठी में मेडागास्कर से लाया हुआ रेयर कैबोकॉन कट नेचुरल रूबी स्टोन है। जबकि इसे गोल्ड में बनाया गया है, जिसमें 40 रियल डायमंड हैं।

जल्द ही नए घर में शिफ्ट होंगे आमिर खान
आमिर खान के मरीना स्थित अपार्टमेंट में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है, जिसके चलते वो पाली स्थित घर में रह रहे हैं। अब कंस्ट्रक्शन लगभग पूरा होने वाला है। आमिर ने उस बिल्डिंग में 3 अपार्टमेंट लिए हैं, जिसमें वो पत्नी गौरी और बेटों आजाद-क्विन के साथ रहेंगे।

फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, आमिर की पूर्व पत्नी किरण राव भी इसी अपार्टमेंट में रहने वाली हैं। इसके अलावा आमिर की बहनें निखहत-फरहत और मां भी उनके साथ रहने वाली हैं। इन अपार्टमेंट्स के लिए आमिर खान ने 100 करोड़ का एडवांस दिया है।

आमिर खान का इनसे हैं मुकाबला
इसके साथ ही आमिर खान मेलबर्न में आयोजित होने वाले 17वें इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2026 में शिरकत करेंगे. इस साल फेस्टिवल में आमिर खान को उनकी बेहतरीन फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ (मेल) की श्रेणी में नॉमिनेट किया गया है. इस अवॉर्ड की रेस में आमिर खान का मुकाबला रणवीर सिंह (धुरंधर), ऋषभ शेट्टी (कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1), अहान पांडे, ममूटी और दुलकर सलमान जैसे दिग्गज कलाकारों से होने वाला है. वहीं, फीमेल केटेगरी में रानी मुखर्जी, कीर्ति कुल्हारी, नीना गुप्ता और यामी गौतम जैसी एक्ट्रेसे दावेदारी पेश कर रही हैं। 

कब होगा इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का आयोजन
इस साल इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का आयोजन 13 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक किया जाएगा. विजेताओं का चयन ऑस्ट्रेलिया के फिल्म और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े जूरी सदस्य करेंगे. अवॉर्ड समारोह के अलावा फिल्म प्रीमियर, स्पेशल स्क्रीनिंग, पैनल डिस्कशन, मास्टरक्लास और कई इंडस्ट्री इवेंट्स भी इस फेस्टिवल का हिस्सा होंगे. माना जा रहा है कि यहां शादी के बाद पहली बार आमिर और गौरी एक साथ किसी बड़े इंटरनेशनल रेड कारपेट पर नजर आ सकते हैं। 

बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान के लिए विशेष अभियान 200 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच

रायपुर

200 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम बलरामपुर जिला में स्वास्थ्य विभाग ने यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से विकासखंड शंकरगढ़ में बच्चों के लिए विशेष गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया।

शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 200 से अधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 7 बच्चे सिकल सेल रोग से प्रभावित पाए गए, जिन्हें आगे की विस्तृत जांच, परामर्श एवं उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से सिकल सेल सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षण, नियमित जांच, समय पर उपचार और फॉलो-अप के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अभिभावकों को सलाह दी गई कि यदि बच्चों में अत्यधिक कमजोरी, बार-बार बुखार, लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन घटना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराएं।

शिविर के दौरान बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श तथा जरूरतमंद बच्चों के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ऐसे विशेष शिविरों के माध्यम से बच्चों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

शिविर के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एमसीसीआर ट्रस्ट, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारियों का सक्रिय सहयोग रहा।

इंतजार खत्म! आज आएगी लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त, CM मोहन यादव भेजेंगे ₹1500

भिंड 
मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज  12 जुलाई रविवार को भिंड जिले के मेहगांव से योजना की 38वीं किस्त जारी करेंगे. हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 

लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त
मध्य प्रदेश में लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के लिए लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है. खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव भिंड जिले के मेहगांव में 12 जुलाई को होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना की अगली किस्त जारी कर सकते हैं.  मुख्यमंत्री 12 जुलाई को मेहगांव का दौरा करेंगे, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसी कार्यक्रम के दौरान लाडली बहना योजना की जुलाई महीने की किस्त महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। 

38वीं किस्त 14 जुलाई को होगी जारी
राज्य सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी है.  उन्होंने बताया कि लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त ट्रांसफर करने का कार्यक्रम मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा  इलाके में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। 

अब तक 37 किस्त हो चुकी है जारी
इस कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इससे पहले सीएम मोहन यादव ने इस योजना की 37वीं किस्त 14 जून को जारी की गई थी. मुख्यमंत्री ने सागर जिले के केसली से राज्य भर की पात्र महिलाओं के खातों में 1,500 रुपए ट्रांसफर किए थे।  

इन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ
लाडली बहना योजना राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर विवाहित महिलाओं, जिनमें तलाकशुदा और विधवाएं भी शामिल हैं उनको लाभ पहुंचाती है. इस योजना के तहत, पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,500 की आर्थिक सहायता सीधे ट्रांसफर की जाती है। 

अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं, ताकि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, यातायात, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यक्रम के दौरान सुचारु यातायात एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम लहार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे कर लिए जाएंगे।

कैसे चेक करें स्टेटस
38वीं किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए, पात्र महिलाओं को सबसे पहले लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद, Application & Payment Status विकल्प पर क्लिक करें।
जिसके बाद अपनी समग्र ID या एप्लीकेशन नंबर डालें. कैप्चा भरें और ‘Get OTP’ पर क्लिक करें.  इसे वेरिफाई करने के लिए अपने मोबाइल नंबर पर मिले OTP को डालें. इसके बाद स्क्रीन पर एप्लीकेशन का स्टेटस और पेमेंट स्टेटमेंट की जानकारी दिखाई देगी। 

2023 में हुई थी योजना की शुरूआत
बता दें कि, राज्य सरकार ने जून 2023 में लाडली बहना योजना शुरू की थी. शुरुआत में इस योजना के तहत 1,000 रुपए दिए जाते थे, लेकिन बाद में इस राशि को बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया गया था। 

MP मानसून सत्र 2026: UCC समेत 10 बड़े विधेयक होंगे पेश, 10 साल की सजा वाला नया कानून भी

भोपाल 
विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने अग्निशमन और कॉलोनी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। इनके ड्राफ्ट तैयार कर लिए गए हैं। हालांकि किराएदारी विधेयक को फिलहाल विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जबकि इस विधेयक से मकानमालिक और किराएदारों के बीच विवाद रोकने में मदद मिलेगी। केन्द्र द्वारा मॉडल एक्ट बनाकर राज्य को करीब डेढ़ साल पहले भेजा जा चुका है। पिछले साल तक इसे लाने की कवायद भी की गई लेकिन फिलहाल इसे रोक दिया गया है। मानसून सत्र में इसके साथ समान नागरिक संहिता सहित 10 अन्य विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय
नगरीय विकास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकाली सेवाएं विधेयक 2026 और कॉलोनी विकास विधेयक को मानसून सत्र में पेश करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। विभाग के एसीएस संजय दुबे के अनुसार, यह दोनों विधेयक मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। वहीं इस बार मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय के रूप में प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी पेश करने की पूरी तैयारी में है। इसको लेकर गठित समिति ने विधेयक के ड्राफ्ट भी लगभग तैयार कर लिए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी इसकी घोषणा कई कार्यक्रमों में की है।

मानसून सत्र में यह विधेयक भी पेश करने की तैयारी में सरकार
कैबिनेट ने हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ यूसीसी विधेयक के ड्राफ्ट को भी तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीएम यूसीसी को जुलाई में लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। इसलिए यह विधेयक आना तय हैं। इसके साथ प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट संबंधी विनियोग विधेयक, कोचिंग संस्थान विनियमन, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज, वाणिज्यिक कर, श्रम और सिंहस्थ मेला संबंधी विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है।

कॉलोनी विकास और फायर एक्ट में यह होंगे प्रावधान

  • -यह कानून शहरों के साथ ग्रामीण और कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी लागू।
  • – अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर अधिकतम 10 साल की सजा और 5 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • – कॉलोनाइजर को पांच साल में सड़क, बिजली, पानी, सीवेज सहित अन्य विकास कार्य करना होंगे।
  • – सभी कॉलोनियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और ऑनलाइन निगरानी बढ़ाई जाएगी। इससे खरीदार संपत्ति खरीदने के पहले ऑनलाइन यह देख सकेंगे कि कॉलोनी वैध है या अवैध।
  • – अवैध कॉलोनी को हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। यदि कॉलोनाइजर ऐसा नहीं करता है तो निकाय उसकी अवैध कॉलोनी को ढ़हाने के साथ जमीन अपने कब्जे में ले लेगा।
  • – अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने जिला कलेक्टर, निगम कमिश्नर, सहित अन्य अधिकारियों के साथ पार्षद और सरपंच आदि की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
  • – अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की गई है। यदि संबंधित अधिकारी यह कार्रवाई नहीं करते तो शासन उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।

दमकल विभाग की बढ़ेगी पावर

  • – फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लेने वालों पर 5 लाख रुपए तक पेनाल्टी, इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर 10 हजार रुपए प्रतिदिन पेनाल्टी लगाई जाएगी।
  • – आग बुझाने के काम में बाधक बन रही किसी इमारत को फायर अमला तोड़ सकेगा।
  • – आग बुझाने के लिए बिना अनुमति किसी भी निजी परिसर में प्रवेश किया जा सकेगा।
  • – निजी जलस्रोतों से भी आग बुझाने के लिए नि:शुल्क पानी लिया जा सकेगा, उसका मालिक इससे इंकार नहीं कर सकेगा।
  • – प्रॉपर्टी के मालिक को घटना से प्रभावित समीपस्थ प्रॉपर्टी को नुकसान की भरपाई करनी होगी।
  • – आग लगने की गलत सूचना पर 20 हजार तक जुर्माना।
  • – फायर टैक्स भी लिया जाएगा। प्रति आवासीय इकाई 180 रु. प्रतिवर्ष और कमर्शियल प्रॉपर्टी में इस राशि के अतिरिक्त संपत्ति कर का 10 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।

अनुपूरक बजट भी होगा पेश
एमपी विधानसभा मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है। इसके लिए सरकारी विभाग नए वाहन खरीदी के लिए प्रस्ताव नहीं दे सकेंगे। नई मदों के प्रस्ताव भी शामिल नहीं किए जाएंगे। इस बारे में वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को निर्देश भी जारी किए जा चुके थे। वहीं विभाग ने सभी विभागों से ऑनलाइन प्रस्ताव भी मांगे हैं, इनमें वे ही प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे, जिनके लिए राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रिम स्वीकृत किया गया हो।

पिछले मानसून सत्रों की तरह यह भी छोटा सत्र
बता दें कि विधान सभा का मानसून सत्र पिछले मानसून सत्रों की तरह ही इस बार भी छोटा रखा गया है। हालांकि माना जा रहा था कि यह 7 दिन का होगा। लेकिन 23 जून अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि 20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो जाएगा और 5 दिन तक यानी 24 जुलाई को संपन्न होगा।

 

MP Police का ‘मिशन स्पेस’ शुरू, 18 सैटेलाइट से अपराधियों पर रखी जाएगी आसमान से नजर

इंदौर 

 मध्य प्रदेश पुलिस अब अपराधियों पर सिर्फ जमीन से नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से भी नजर रखने की तैयारी में है। नीति आयोग के सहयोग से प्रदेश पुलिस अपना सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत 18 छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नोडल कार्यालय इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग सेंटर को बनाया गया है, जहां पिछले छह माह से रिसर्च, तकनीकी अध्ययन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले इसरो समेत कई वैज्ञानिक संस्थानों का दौरा किया गया। वहां विशेषज्ञों से तकनीकी पहलुओं पर चर्चा के बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन के माध्यम से नीति आयोग को भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा और सैटेलाइट लॉन्च की प्रक्रिया शुरू होगी।

तीन अलग-अलग ऑर्बिट
योजना के अनुसार, सभी 18 सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा में तीन अलग- अलग ऑर्बिट में स्थापित किए जाएंगे। इनकी मदद से पूरे मध्य प्रदेश पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। इसका सबसे बड़ा लाभ पुलिस क्युनिकेशन सिस्टम को मिलेगा। अभी कई दूरस्थ और वन क्षेत्रों में वायरलेस नेटवर्क कमजोर होने से संचार प्रभावित होता है, लेकिन सैटेलाइट आधारित नेटवर्क शुरू होने के बाद प्रदेश के किसी भी कोने से स्पष्ट और निर्बाध संपर्क संभव होगा।

क्युनिकेशन सिस्टम होगा बेहतर
यह सैटेलाइट सिस्टम केवल पुलिस संचार तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट, कानूनव्यवस्था की निगरानी, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना, बड़े आयोजनों की मॉनिटरिंग और आपातकालीन परिस्थितियों में भी इसका उपयोग किया जाएगा। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और निर्णय लेने की क्षमता भी अधिक प्रभावी होगी।

‘क्रांतिकारी साबित होगी योजना’
डीआइजी मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, यह परियोजना मध्य प्रदेश पुलिस के लिए तकनीकी रूप से क्रांतिकारी साबित होगी। इससे पुलिस का क्युनिकेशन सिस्टम कई गुना अधिक मजबूत होगा और मॉनिटरिंग की क्षमता भी बढ़ेगी। परियोजना पूरी होने पर मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है, जिसकी पुलिस के पास अपना स्वतंत्र सैटेलाइट नेटवर्क होगा।

ट्रंप के बेटे पर ₹5700 करोड़ के नुकसान का आरोप, हजारों निवेशकों को भी लगा बड़ा झटका

वाशिंगटन

कभी सिर्फ बिटकॉइन माइनिंग के दम पर बड़ा मुनाफा कमाने का सपना दिखाने वाली अमेरिकन बिटकॉइन कॉर्प (American Bitcoin Corp.) अब खुद भारी मुश्किल में फंस गई है. यह कंपनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बेटे एरिक ट्रंप (Eric Trump) की है. पिछले 10 महीनों में इसके शेयर 95 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं. इसका असर सीधे एरिक ट्रंप की दौलत पर पड़ा है. उनकी हिस्सेदारी की बाजार कीमत करीब 600 मिलियन डॉलर यानी लगभग 5722 करोड़ रुपये कम हो गई है। 

हालात इतने खराब हो गए कि कंपनी को नैस्डैक (Nasdaq) स्टॉक एक्सचेंज में अपनी लिस्टिंग बचाए रखने के लिए रिवर्स स्टॉक स्प्लिट करना पड़ा. इसके तहत 15 पुराने शेयरों को मिलाकर 1 नया शेयर बनाया गया. इसके बावजूद कंपनी का शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. इसके बावजूद कंपनी का शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. यानी एरिक अपने साथ कंपनी के हजारों इन्वेस्टर्स की संपत्ति भी ले डूबे हैं। 

आखिर ऐसा क्या हुआ?
जब यह कंपनी शुरू हुई थी, तब इसकी पूरी रणनीति बिटकॉइन माइनिंग पर टिकी थी. कंपनी का मानना था कि ज्यादा से ज्यादा बिटकॉइन निकालकर और उसे जमा करके आगे बड़ा फायदा होगा. लेकिन पिछले कुछ महीनों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई. बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट आ गई. दूसरी तरफ AI का कारोबार तेजी से बढ़ने लगा. ऐसे में निवेशकों ने उन कंपनियों को पसंद करना शुरू कर दिया, जिन्होंने अपनी बिजली, जमीन और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AI डेटा सेंटर बनाने में शुरू कर दिया. यहीं पर अमेरिकी बिटकॉइन पीछे रह गई। 

दूसरी कंपनियां बदल गईं, यह नहीं बदली
रायट प्लेटफॉर्म्स (Riot Platforms), मारा होल्डिंग्स (MARA Holdings), सिफर डिजिटल (Cipher Digital) और टेरावुल्फ (TeraWulf) जैसी कई अमेरिकी कंपनियों ने बिटकॉइन माइनिंग के साथ साथ AI डेटा सेंटर का कारोबार भी शुरू कर दिया. इसका फायदा उन्हें मिला और इस साल उनके शेयर औसतन 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए. इसके उलट अमेरिकी बिटकॉइन सिर्फ बिटकॉइन पर ही भरोसा करती रही. इसी वजह से कंपनी के शेयर लगातार टूटते गए। 

AI में क्यों नहीं उतर पाई कंपनी?
असल में कंपनी के पास सिर्फ बिटकॉइन माइनिंग मशीनें और बिटकॉइन हैं. जबकि बिजली, जमीन, डेटा सेंटर और दूसरी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं उसकी साझेदार कंपनी हट 8 (Hut 8) के पास हैं. हट 8 ने अपनी रणनीति बदलते हुए AI डेटा सेंटर के कारोबार पर बड़ा दांव लगाया और उसके शेयर इस साल दोगुने से ज्यादा चढ़ गए. लेकिन अमेरिकी बिटकॉइन के पास ऐसा करने की ज्यादा गुंजाइश नहीं थी। 

फिर भी बिटकॉइन पर भरोसा कायम
इतनी गिरावट के बावजूद कंपनी पीछे हटने को तैयार नहीं है. एरिक ट्रंप का कहना है कि कंपनी अपने बिटकॉइन नहीं बेचेगी, जब तक कोई बेहद गंभीर स्थिति पैदा न हो जाए. इतना ही नहीं, कंपनी ने हाल ही में बाजार से 500 और बिटकॉइन खरीद लिए. उसका मानना है कि जब बाकी कंपनियां AI की तरफ जा रही हैं, तब बिटकॉइन नेटवर्क में प्रतिस्पर्धा कम होगी और भविष्य में ज्यादा बिटकॉइन कमाने का मौका मिलेगा। 

कंपनी को कितना नुकसान हुआ?
वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 118.2 मिलियन डॉलर का ऑपरेटिंग लॉस हुआ. इसमें सबसे बड़ा कारण उसके पास मौजूद बिटकॉइन की कीमत घटने से हुआ करीब 117.2 मिलियन डॉलर का नुकसान रहा। 

क्या आगे रिकवरी हो सकती है?
बाजार के कई जानकारों का मानना है कि बिटकॉइन अपने इस चक्र के निचले स्तर के आसपास हो सकता है. अगर आने वाले महीनों में इसकी कीमत दोबारा तेजी से बढ़ती है तो अमेरिकी बिटकॉइन को भी फायदा मिल सकता है. हालांकि फिलहाल कंपनी का पूरा भविष्य लगभग एक ही चीज पर टिका है. अगर बिटकॉइन की कीमत बढ़ी तो कंपनी संभल सकती है. लेकिन अगर गिरावट जारी रही तो एरिक ट्रंप की इस बड़ी क्रिप्टो कंपनी के सामने मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। 

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