Amarnath Yatra 2026: 5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, श्रद्धालुओं के लिए बड़ा झटका; देखें कैसे बदला स्वरूप

श्रीनगर
 अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं। हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।अमरनाथ यात्रियों के लिए दुख वाली खबर सामने आई है. यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा तक पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं. अमरनाथ यात्रा इस बार 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 7 जुलाई को बाबा बर्फानी पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गए. हर वर्ष 57 दिन तक चलने वाली बाबा अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन के दिन यानी सावन पूर्णिमा पर समापन होता है. लेकिन महज पांच दिन में ही बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने से अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

3 जुलाई से शुरू हुई थी यात्रा
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई तक प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया। जबकि यह यात्रा हर साल 57 दिनों तक चलती है और इस बार इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (सावन पूर्णिमा) के दिन होना है।

श्राइन बोर्ड ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हिमलिंग का बनना और पिघलना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी सामान्य घटना बताया है।अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से जब इस बारे में बात कई गई तो उन्होने इस स्थिति को प्राकृतिय प्रकिया का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया. लेकिन कश्मीर के पर्यावरणविदों का मानना है कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देना इसका सबसे बड़ा कारण है. उनका कहना है कि लाखों भक्तों की गर्म सांस हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है और श्राइन बोर्ड के अधिकारी भी यह मानते हैं लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की. साथ ही हिमलिंग के पिघलने से रोकने के लिए किए गए सभी उपाय भी इनको नाकाफी साबित हुए। 

पर्यावरणविदों ने जताई चिंता
कश्मीर के कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से गुफा के आसपास का तापमान बढ़ता है, जिससे हिमलिंग तेजी से पिघल सकता है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। हालांकि, इस दावे पर सभी विशेषज्ञों की एक जैसी राय नहीं है और हिमलिंग के जल्दी पिघलने के पीछे मौसम और जलवायु भी अहम कारण माने जाते हैं।

मौसम और तापमान का भी असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग हर साल तापमान, बर्फबारी और मौसम की स्थिति के अनुसार आकार लेता है। ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी और जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियां इसके बनने और पिघलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

 अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने झाड़ा पल्ला
अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने इसके पिघलने की प्रक्रिया से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। हालांकि कश्मीर के पर्यावरणविद इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से ऐसा हुआ है। 

भक्तों की गर्म सांसों से पिघल रहा है हिमलिंग!
पिछले कई सालों से जिस तेजी से हिमलिंग पिघल रहा है उसे रोकने की खातिर किए जाने वाले उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। दरअसल गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से हिमलिंग को नुकसान पहुंच रहा है क्योंकि लाखों भक्तों की गर्म सांसों को हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी अप्रत्यक्ष तौर पर भक्तों की सांसों की थ्योरी को मानते हैं पर प्रत्यक्ष तौर पर वे इसे कुदरती प्रक्रिया करार देते थे। 

पहले भी जल्दी पिघल चुका है हिमलिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 मई को हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी। 29 जून तक यह घटकर करीब 5 फीट रह गई और अब इसके पूरी तरह पिघलने की जानकारी सामने आई है। यह पहली बार नहीं है जब हिमलिंग यात्रा के दौरान जल्दी पिघला हो। वर्ष 2016 में यात्रा शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही हिमलिंग पिघल गया था। वहीं, 2013 में भी यात्रा समाप्त होने से पहले ही हिमलिंग अंतर्ध्यान हो गया था।

28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इसी वजह से यह हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है।

TMC फंड केस में ED का बड़ा एक्शन, कोलकाता के 5 ठिकानों पर छापेमारी; अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट जांच के घेरे में

कोलकाता 

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों और चुनावी चंदे में मचे घमासान के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें कोलकाता और उसके आसपास सॉल्ट लेक, राजारहाट और राधाबाजार समेत पांच ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। ईडी के अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को साथ लेकर एक चार्टर्ड एविएशन कंपनी के डायरेक्टरों के घर और दफ्तरों को खंगाल रहे हैं। पूरा मामला टीएमसी के खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।

अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट्स जांच के दायरे में
मंगलवार की सुबह ईडी की टीम सबसे पहले ‘केयरवेल एविएशन’ नाम की कंपनी के निदेशकों के घर पहुंची। जांच में यह बात सामने आई है कि इसी कंपनी के प्राइवेट विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल टीएमसी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य बड़े नेता दौरों के लिए करते रहे हैं। सॉल्ट लेक में रहने वाले कंपनी के दो निदेशकों, पवन जाजू और राजेश जाजू के घर पर टीम मौजूद है और उनसे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।

इसके साथ ही राजारहाट और राधाबाजार स्थित केयरवेल एविएशन के दफ्तरों पर भी छापेमारी चल रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या नेताओं के लिए बुक होने वाले इन महंगे चार्टर्ड विमानों का भुगतान टीएमसी के उन्हीं खातों से किया जा रहा था, जिन्हें लेकर शिकायत दर्ज है।
पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद की थी बैंक खाते फ्रीज करने की मांग

दरअसल, टीएमसी के इन बैंक खातों को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद बैंक अधिकारियों को एक चिट्ठी भेजी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने खुद को पार्टी का अधिकृत कोषाध्यक्ष बताते हुए इन खातों से होने वाले लेन-देन पर रोक लगाने और इन्हें फ्रीज करने का अनुरोध किया था। इसके अलावा साइबर क्राइम ब्रांच में भी वित्तीय गबन को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही ये खाते केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आ गए थे।

भाजपा विधायक की शिकायत पर पुलिस ने की थी कार्रवाई
इस मामले में राजनीतिक मोड़ तब आया जब जयनगर से भाजपा विधायक ने निजी बैंक के तीन खातों में भारी गड़बड़ी और संदिग्ध लेन-देन का आरोप लगाते हुए बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ कहा गया था कि इन खातों के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का खेल चल रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने बैंक को पत्र लिखकर तीनों खातों को तुरंत फ्रीज करवा दिया था, जिसकी कड़ियां जोड़ते हुए अब ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है।

“चार्टर्ड फ्लाइट का किराया इसी संदिग्ध पैसे से दिया गया”
पार्टी के भीतर और बाहर इस भारी खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रीतब्रत बनर्जी ने इस पूरे विवाद पर तीखा दावा करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट्स के लिए जो मोटी रकम पानी की तरह बहाई गई, वह इसी फंड से निकली थी।

उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, “हमारे लिए अब यह साबित कर पाना नामुमकिन है कि इस खाते में जमा किया गया करोड़ों रुपया किसी घोटाले, डकैती, जबरन वसूली या भ्रष्टाचार की कमाई का हिस्सा नहीं है। साफ दिख रहा है कि वीआईपी चार्टर्ड फ्लाइट्स का लाखों-करोड़ों का किराया इसी संदिग्ध पैसे से चुकाया जा रहा था।”

फिलहाल ईडी की टीमें दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं, जिससे आने वाले दिनों में टीएमसी के कई बड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

 

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: 38 आतंकियों की फांसी की सजा बरकरार, 56 मौतों के मामले में बड़ा फैसला

अहमदाबाद

साल 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने 38 दोषियों को दी गई फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को कायम रखा है. इसके साथ ही दोषियों की ओर से दायर सभी अपीलों को खारिज कर दिया गया. अदालत ने विस्फोटों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। 

यह फैसला गुजरात हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने सुनाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने इस केस की सुनवाई के लिए विशेष बेंच का गठन किया था. मार्च 2025 से इस मामले की नियमित आधार पर सुनवाई चल रही थी. राज्य सरकार की ओर से फांसी की सजा की पुष्टि करने की याचिका और दोषियों द्वारा सजा के खिलाफ दाखिल अपीलों पर संयुक्त सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। 

दरअसल, अहमदाबाद की विशेष अदालत ने 18 फरवरी 2022 को इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 38 दोषियों को फांसी और 11 अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. भारतीय कानून के अनुसार किसी भी निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा तब तक लागू नहीं की जा सकती, जब तक संबंधित हाईकोर्ट उसकी पुष्टि न कर दे. इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत यह मामला गुजरात हाईकोर्ट में विचाराधीन था। 

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश भी दिया है. धमाकों में मारे गए 56 लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह पूरा मामला 26 जुलाई 2008 का है, जब अहमदाबाद में एक के बाद एक करीब 70 मिनट के भीतर कुल 21 बम धमाके हुए थे. इन धमाकों में 56 लोगों की जान चली गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बम को साइकिल पर रखे टिफिन बॉक्स में छिपाया गया था। 

20 धमाके, 59 लोगों की गई थी जान
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में महज 49
मिनट के अंदर एक के बाद एक 20 धमाके हुए थे। इस सीरियल ब्लास्ट में 59 लोगों की जान चली गई थी। हमलावरों ने नरोदा, बापू नगर, सरखेज और हटकेश्वर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया था। अस्पतालों, बसों, सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में बम लगाए थे।

38 आरोपियों को फांसी, 11 को उम्रकैद
इस केस के 14 साल बाद 2022 में सेशन कोर्ट ने 38 आरोपियों को फांसी और 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने इस मामले को सबसे दुर्लभ बताया और कहा कि मौत की सजा देना उचित है। साथ ही, मारे गए और घायल लोगों के परिवारों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया। यह पहला मामला है, जब किसी भी केस में एक साथ 38 आरोपियों को दोषी मानते हुए अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।

राज्य सरकार ने भी दायर की थी याचिका
इसके बाद, सभी दोषियों ने निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। वहीं, राज्य सरकार ने भी हाई कोर्ट के समक्ष मौत की सजा के लिए याचिका दायर की थी।

हाई कोर्ट क्यों पहुंचा मामला?
कानून के मुताबिक, किसी भी अपराधी को फांसी देने के लिए हाई कोर्ट की मंजूरी मिलना जरूरी होता है, इसीलिए सजा पाए दोषियों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की। दोषियों के वकीलों ने पुलिस की जांच, सबूतों और कबूलनामों पर सवाल उठाए।

हमलावरों ने शहर की बसों, बाजारों और अस्पताल तक को निशाना बनाया था. धमाकों के बाद अहमदाबाद और सूरत से भी बम बरामद हुए थे. आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली थी. बताया जाता है कि यह धमाके साल 2002 में हुए गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए किए गए थे। 

इस मामले में सरकार ने 78 लोगों को आरोपी बनाकर 35 अलग-अलग केस दर्ज किए थे, जिनकी सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाई गई थी. करीब 14 साल की लंबी सुनवाई के बाद फरवरी 2022 में स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। 

उस समय 49 दोषियों में से 38 को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा दी गई थी, जबकि सबूतों की कमी के चलते 28 लोगों को बरी कर दिया गया था. भारत के न्यायिक इतिहास में यह पहला मौका था जब एक साथ 38 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। 

इस मामले में स्पेशल कोर्ट में 1150 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे और 8 फरवरी 2022 को 6700 से ज्यादा पन्नों का फैसला सुनाया गया था. स्पेशल कोर्ट के इस फैसले को दोषियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। 

 

 

सिया गोयल केस में बड़ा खुलासा, शादी के 4 महीने बाद सामने आई WhatsApp चैट ने खोले कई राज

पुणे

पुणे के लोहगढ़ किले से धक्का देकर केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस जांच और डिजिटल सबूतों से खुलासा हुआ है कि मामले की मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल ने सह-आरोपी चेतन चौधरी से गुपचुप तरीके से शादी रचा ली थी। पुलिस का मानना है कि यह शादी सगाई से महीनों पहले ही हो चुकी थी।

परिवार से छिपाकर की थी ‘सीक्रेट मैरिज’
न्यूज18 मराठी की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आया है कि जांचकर्ताओं का मानना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने करीब चार महीने पहले अपने-अपने परिवारों को बिना बताए गुपचुप शादी कर ली थी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से रिकवर की गई वॉट्सऐप चैट्स को खंगाला।

डिजिटल सबूतों से खुली साजिश की पोल
जांचकर्ताओं ने मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों के पिछले 6 से 7 महीने के कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन डेटा, वॉट्सऐप चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की गहन जांच की है। पुलिस का दावा है कि इस डिजिटल एक्टिविटी से साफ होता है कि दोनों ने अपनी शादी की बात परिवारों से छिपाकर रखी थी। पुलिस को संदेह है कि सीक्रेट मैरिज के बाद ही केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची गई।

14 जून को फेल हो गया था हत्या का पहला प्लान
पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश 14 जून को की गई थी, लेकिन वह नाकाम रही। जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया ऐन मौके पर डर गई और पीछे हट गई, जिसकी वजह से वह प्लान फेल हो गया था। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों आरोपियों के बीच कई मैसेज का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें आगे की साजिश पर चर्चा की गई।

वॉट्सऐप चैट में लिखा- ‘तुम भी आ जाओ, मिलकर धक्का दे देंगे’
पुलिस के हाथ एक ऐसी अहम वॉट्सऐप चैट लगी है, जिसने इस हत्याकांड की पूरी कहानी साफ कर दी है। रिकवर किए गए एक मैसेज में कथित तौर पर सिया ने चेतन से कहा कि वह अकेले इस काम को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है, इसलिए उसने चेतन को अपने साथ आने के लिए कहा।

पुणे मर्डर केस
जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया ने मैसेज में लिखा था: “मुझमें इसे करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आ जाओ- हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से धक्का दे देंगे।” पुलिस का दावा है कि इस खौफनाक बातचीत के बाद 18 जून को कथित तौर पर दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच लगातार जारी है और यह पूरा केस कोर्ट के विचाराधीन है।

Gold-Silver Rate Today: चांदी में बड़ी गिरावट, 2 दिन में ₹6,600 टूटी; सोना भी हुआ सस्ता

इंदौर 

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट MCX में सोने और चांदी के भाव मंगलवार (7 जुलाई) सुबह गिर गए। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जून नीति बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, ताकि केंद्रीय बैंक की मोनेटरी पॉलिसी की दिशा के बारे में और सुराग मिल सकें। सुबह 9:05 बजे तक MCX पर अगस्त गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.52% यानी 767 रुपये की गिरावट के साथ ₹1,46,148 प्रति 10 ग्राम पर आ गए, जबकि सितंबर सिल्वर फ्यूचर्स 1.14% यानी 2859 रुपये टूटकर ₹2,33,416 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहे थे।सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी जारी है. सोमवार को फिसलने के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज का चांदी की वायदा कीमत मंगलवार को भी ओपनिंग के साथ ही तेजी से गिरी है. MCX पर कारोबार शुरू होते ही 1 Kg Silver Price झटके में 5200 रुपये से ज्यादा कम होकर 2.31 लाख रुपये के लेवल पर आ गया. दूसरी ओर सोना भी फिसला है और इसकी वायदा कीमत में 1500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है। 

चांदी अचानक हुई इतनी सस्ती
सबसे पहले बताते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट और ताजा सिल्वर प्राइस अपडेट के बारे में, तो एमसीएक्स वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी की कीमत खुलते ही गिरकर 2,30,803 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि बीते कारोबारी दिन ये फिसलते हुए 2,36,099 रुपये पर क्लोज हुई थी. इस हिसाब से 1 किलो चांदी अचानक 5296 रुपये सस्ती (Silver Cheaper) हो गई है।       

दो दिन से लगातार टूट रही Silver
इस सप्ताह की शुरुआत से ही चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ और ये लगातार दूसरे दिन भी जारी है. बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को वायदा चांदी 2,37,410 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और दो दिन की गिरावट में ये 6607 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है. इस ताजा गिरावट के बाद अब चांदी अपने लाइफ टाइम हाई 4.20 लाख रुपये की तुलना में करीब आधी कीमत (Silver Price Half From High) पर मिल रही है। 

सोने-चांदी में गिरावट के 3 अहम कारण
फेड के मिनट्स और ब्याज दरों पर अटकलें: अमेरिकी फेड की जून बैठक के मिनट्स 8 जुलाई को जारी होंगे। अधिकतर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड इस साल कम से कम एक बार ब्याज दरें बढ़ाएगा, क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।

जून में बाजार को इस साल तीन बार दर बढ़ोतरी की उम्मीद थी, क्योंकि अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल के दाम आसमान छू गए थे और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ गया था। हालांकि, जून के पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर आने ने इस साल आक्रामक मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों को कम कर दिया है।

निवेशकों की नजर मिनट्स पर: मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य शोध अधिकारी रवि सिंह ने कहा कि निवेशक अब फेड की जून बैठक के मिनट्स जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे भविष्य की ब्याज दरों के रास्ते पर स्पष्टता मिल सकती है और सोने में अगली दिशात्मक चाल तय होगी।

भू-राजनीतिक तनाव का असर: इधर, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाने की खबरों ने भू-राजनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ईरान की सेना ने सोमवार रात होर्मुज से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर दो मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वाशिंगटन संभवतः ईरानी ठिकानों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

सोने-चांदी के लिए क्या हैं टिप्स
रवि सिंह ने बताया कि तकनीकी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है, और कीमतें ₹1,40,500 के अहम सपेार्ट जोन से ऊपर बनी हुई हैं। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 21-दिवसीय EMA के करीब ₹1,48,000 पर है, और इस स्तर के ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट रिकवरी को ₹1,50,000–₹1,51,000 के जोन तक ले जा सकता है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सत्र में सोने को $4,135 और $4,100 पर सपेार्ट तथा $4,194 और $4,220 पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी को $61.20 और $59.80 पर सपोर्ट तथा $63.40 और $64.20 पर रेजिस्टेंस है। MCX सोने के लिए सपेार्ट ₹1,46,100 और ₹1,45,500 है, जबकि रेजिस्टेंस ₹1,47,400 और ₹1,48,200 पर है। चांदी के लिए समर्थन ₹2,33,300 और ₹2,30,000 तथा रेजिस्टेंस ₹2,38,800 और ₹2,41,000 पर है।

2026 में अब तक चांदी में बदलाव
Gold-Silver Rate में इस साल 2026 में अब तक आए उतार-चढ़ाव पर नजर डालें, तो 31 दिसंबर 2025 को वायदा चांदी की कीमत 2,54,082 रुपये प्रति किलोग्राम थी, इसके बाद जनवरी में ये रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार निकल गई. हालांकि, इसके बाद चांदी जमकर टूटी भी और फिलहाल के रेट से तुलना करें, तो ये 23,279 रुपये सस्ती है। 
      
Gold रेट भी लगातार फिसल रहा
न सिर्फ चांदी, बल्कि वायदा कमोडिटी मार्केट में कीमती पीली धातु (Yellow Metal) भी सस्ती होती जा रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. ये बीते कारोबारी दिन 1,46,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुई थी और मंगलवार को खुलने के साथ ही फिसलकर 1,45,351 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1566 रुपये कम हो गया।        

हाई से अब काफी सस्ती मिल रहा सोना
सोने की कीमत में इस सप्ताह लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोना बीते सप्ताह शुक्रवार को 147,378 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और अब तक 2027 रुपये सस्ता हो चुका है. वहीं चांदी की तरह सोना भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है, इस कीमती धातु ने भी जनवरी महीने में पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया था.

छत्तीसगढ़ में नकली खाद-बीज पर बड़ा एक्शन, 28 दुकानों की बिक्री पर रोक, 33 को नोटिस

जगदलपुर.

खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नकली और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद-बीज के कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जिलेभर में व्यापक जांच अभियान शुरू किया, जिसमें कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

33 दुकानों को नोटिस, 28 की बिक्री पर तत्काल रोक
जांच के दौरान अब तक 33 खाद-बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं नियमों के उल्लंघन और अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों में खाद-बीज के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, ताकि किसानों तक केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही पहुंच सकें।

6 दुकानों से खाद-बीज जब्त, एक विक्रेता पर एफआईआर
कार्रवाई के तहत 6 दुकानों से खाद-बीज जब्त कर संबंधित प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं गंभीर अनियमितता के एक मामले में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि दो अन्य दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है।

स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, नकली खाद-बीज की बिक्री या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की स्थिति और निर्धारित बिक्री मूल्य को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान
साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को जिलेभर में लगातार निरीक्षण और जांच अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नकली या अमानक खाद-बीज की बिक्री करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण 

आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार तथा आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर 

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा डूमरतराई, रायपुर में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का लोकार्पण अब 8 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री इस आधुनिक व्यावसायिक परिसर का नामकरण भी करते हुए इसे प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री आवास एवं पर्यावरण ओ पी चौधरी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को आयोजित होना था, किन्तु छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई जी के निधन के कारण घोषित राजकीय शोक के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम 8 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह आधुनिक थोक बाजार सुव्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों, चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, बेहतर यातायात प्रबंधन तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा।

डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। फेज-1 में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकान एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे प्रदेश के व्यापारियों को सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यवसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं फेज-2 के अंतर्गत लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने से प्रदेश को एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित थोक व्यवसायिक परिसर उपलब्ध होगा।

प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित किए जाने वाले इस आधुनिक व्यापारिक परिसर को राज्य के व्यापार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक माना जा रहा है यह ‘थोक बाजार’ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा तथा रायपुर को एक सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश में आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डूमरतराई का यह नवीन थोक बाजार व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करेगा तथा उन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यापारिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।

लोकार्पण  एवं नामकरण समारोह में माननीय मंत्री वन एवं जलवायु केदार कश्यप, मानिए मंत्री कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोज़गार गुरु खुशवंत साहेब, माननीय सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद राज्यसभा श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत, माननीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अनुराग सिंह देव, माननीय विधायक   मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, माननीय महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।

नवीन थोक बाजार’ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है । यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

CG Weather Update: अवदाब के असर से रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगने के बाद झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. नदी-नाले उफान पर हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है. फिलहाल मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. आज यानी 7 जुलाई को झारखण्ड और ओडिशा के पास बने अवदाब के कारण मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

वहीं 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. 

इन इलाकों में जमकर बसरे बादल
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले दिन 15 सेंटीमीटर वर्षा के बाद दूसरे दिन रायपुर में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. वहीं बलौदा बाजार में 20 सेंटीमीटर, राजिम में 18, लवन में 17, गिधौरी टुंड्रा, भाटापारा में 16-16, बलौदा, गोबरा नवापारा, बिलाईगढ़ में 15-15, राजनांदगांव, भटगांव, अकलतरा, पौड़ी उपरोड़ा, तिल्दा, चंद्रपुर, खरोरा में 14-14, पिथौरा, रायगढ़, सिमगा में 13-13, तमनार, सोनाखान, मगरलोड, मस्तूरी, भैसमा, बोदरी, पथरिया में 12 12, डभरा, मरीं बंगला देवरी, मंदिरहसौद, सीपत, बिल्हा, तखतपुर, पाली, बम्हनीडीह, कोरबा, बोराई, पलारी, सकरी, सारंगढ़, सुहेला, अड़भार, पामगढ़ में 11-11, बरमकेला, सरसीवा, धारासींव, शिवरीनारायण, सरायपाली, कसडोल, नवागढ़, लोरमी में 10-10, थानखमरिया, पुसौर, सरिया, दर्री, बसना, जांजगीर, डोंगरगढ़, मालखरौदा, पिपरिया, भोथिया, मैनपुर, खैरागढ़ में9-9, कुरूद, धमतरी, कुकरेल, साजा, बिलासपुर, आरंग, बेलारगांव, डौंडीलोहारा, रायपुर शहर, चांपा, मुंगेली, सक्ती, दाढ़ी में 8-8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है.

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? 
राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. वहीं बादल के गरजने-चकमने के साथ ही वर्ष और तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आपसास दर्ज हो सकता है.  

मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में आज बारिश के आसार 
प्रदेश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में आज मौसम विभाग ने हल्की से माध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. एक-दो स्थानों में भारी वर्षा और बिजली गिरने की चेतवानी है. दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं.

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में बड़ा बदलाव, अब पुजारी पहनेंगे बिना जेब वाले कुर्ते

 हरिद्वार

उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे. इसके साथ ही मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय पर्यवेक्षण समिति का भी गठन किया गया है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करना तथा चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। 

यह निर्णय हाल के दिनों में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर सामने आए विवाद के बाद लिया गया है. हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म करने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लागू की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत पुजारियों के कुर्तों में किसी प्रकार की जेब नहीं होगी. वहीं, सात सदस्यीय समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे की नियमित निगरानी करेगी. यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. समिति के सभी सदस्यों को इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए शपथ भी दिलाई गई है। 

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने मंदिर परिसर में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है. इसलिए चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए यह पहल की गई है। 

यश की टॉक्सिक पर हुमा कुरैशी बोलीं, देरी के बावजूद फिल्म होगी शानदार

साउथ सुपरस्टार यश की आने वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ 26 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. हालांकि फिल्म की रिलीज डेट कई बार आगे बढ़ाई जा चुकी है. फिल्म में अहम किरदार निभा रही एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने फिल्म की देरी को लेकर अपनी बात रखी. इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि आखिर फिल्म की रिलीज बार-बार क्यों टल रही है. इस पर हुमा ने क्या जवाब दिया आपको बताते हैं.

हुमा कुरैशी ने ‘लल्लनटॉप’ के साथ एक इंटरव्यू में कहा, “नई रिलीज डेट 26 अगस्त है. देरी की वजह जो भी रही हो, मुझे लगता है कि अब ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि फैंस फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मैं भी फिल्म को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं, क्योंकि मैंने जितना भी देखा है, उसके आधार पर कह सकती हूं कि यह एक शानदार विजुअल अनुभव होने वाली है. यह बहुत बड़ी फिल्म है.”

‘टॉक्सिक’ के एक्शन को बताया अनोखा अनुभव
हुमा कुरैशी ने आगे कहा, “मैंने अभी पूरी फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मैंने जितना देखा है, उसके हिसाब से हर कलाकार और हर किरदार ने अपना बेस्ट प्रदर्शन किया है. मुझे नहीं लगता कि दर्शकों ने इससे पहले इतने बड़े लेवल का एक्शन अनुभव किया होगा.” उन्होंने यह भी कहा कि किसी फिल्म को सिर्फ इसलिए जल्दी रिलीज नहीं करना चाहिए कि वह बाकी फिल्मों से पहले सिनेमाघरों में आ जाए. फिल्म को तभी रिलीज किया जाना चाहिए, जब वह पूरी तरह तैयार हो. हुमा ने कहा, “फिल्म मार्च में आए, जून में आए या अगस्त में, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. मकसद सबसे पहले रिलीज करना नहीं होना चाहिए, बल्कि फिल्म को तब रिलीज करना चाहिए जब वह पूरी तरह तैयार हो.”

 यश की ‘टॉक्सिक’ में नजर आएंगे ये सितारे
‘टॉक्सिक’ का निर्देशन गीतू मोहनदास कर रही हैं. फिल्म में यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसे कलाकार नजर आएंगे. फिल्म की शूटिंग कन्नड़ और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक साथ की गई है. इसके अलावा इसे हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा.

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