युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल पटेल

युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल पटेल

भावी जीवन में संवेदना के साथ उत्कृष्टता पर बल दे : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल सिस्टेक ग्लोरी समारोह में हुए शामिल

भोपाल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि युवा हमारे देश की आशा और सामर्थ्य हैं। उनके विचार और चरित्र ही देश का भविष्य तय करेंगे। जरूरी है कि हमारे युवा जो भी कार्य करें उसमें उत्कृष्टता और संवेदना पर विशेष बल दें। उन्होंने कहा कि जीवन में संवेदना का भाव ही सबसे महत्वपूर्ण है। ममता और करुणा का मोल पैसों से कहीं ज्यादा है। इसलिए भावी जीवन में सफलता की ऊंचाईयों पर चढ़ते कभी भी उन लोगों को नहीं भूलें जिन्होंने आपका सहयोग किया है।

राज्यपाल श्री पटेल शनिवार को रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में आयोजित सिस्टेक ग्लोरी समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल का कार्यक्रम में शॉल और स्मृति चिन्ह् भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रारम्भ में राज्यपाल श्री पटेल ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। 

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जीवन में हर पहलु के दो पक्ष होते हैं। सफलता सही दिशा में सही प्रयासों में है। उन्होंने कहा कि सफलता अकेले की नहीं होती है। समाज के अनेक लोगों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से योगदान होता है। उन्होंने एक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जीवन में कभी भी कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे माता-पिता को कष्ट हो। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। निष्ठावान प्रयास ही सबसे महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ग्लोरी आयोजन केवल नौकरी प्राप्त करने का उत्सव नहीं है। जीवन में नई जिम्मेदारियों और नए संकल्पों की शुरुआत का भी प्रसंग है। प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व है कि भावी जीवन में अपने ज्ञान और प्रतिभा के उपयोग से गरीब और वंचित लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के समाज के प्रयासों में योगदान दे। आपकी मेहनत और ईमानदारी से ही आपकी व्यक्तिगत, संस्था की और देश की खुशहाली और उन्नति होगी। देशभक्ति का सबसे प्रभावी तरीका सेवा भाव और समर्पण के साथ अपने कार्यों और कर्तव्यों को करना है।  

सागर समूह के चेयरमैन श्री सुधीर अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की उन्नति के लिए कड़ा परिश्रम ही एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि कर्म का फल अवश्य मिलता है। समूह के प्रबंध संचालक श्री सिद्धार्थ सुधीर अग्रवाल ने संस्थान की कार्य संस्कृति से प्रेरणा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने दृष्टांत के द्वारा बताया कि सकारात्मक दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। इसलिए असफलताओं से कभी भी घबराएं नहीं। स्वागत उद्बोधन निदेशक डा. ज्योति देशमुख ने दिया। आभार प्रदर्शन ग्रुप हेड कॉरपोरेट रिलेशंस सुश्री प्राची श्रीवास्तव ने किया।

 

बंगाल में Abhishek Banerjee पर हमला, अंडे-पत्थर फेंके; हेलमेट पहनकर बचाई जान

सोनारपुर 

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में उस समय भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में हाल ही में हुई चुनावी हिंसा में घायल हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और उनका हालचाल जानने पहुंचे थे। लेकिन उनके वहां पहुंचते ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते हिंसक झड़प शुरू हो गई।

भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि जैसे ही अभिषेक बनर्जी का काफिला सोनारपुर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी, जो कुछ ही पलों में हिंसक मारपीट में बदल गई। उग्र भीड़ ने टीएमसी सांसद पर अंडे फेंके और उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिसमें अभिषेक बनर्जी की शर्ट तक फट गई। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि सुरक्षाकर्मियों को अभिषेक बनर्जी के सिर को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें आनन-फानन में हेलमेट पहनाना पड़ा और किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया।

घटना के दौरान, स्थानीय लोगों ने ने कथित तौर पर बनर्जी के खिलाफ चोर चोर के नारे लगाए। घटनास्थल से मिले दृश्यों में तनाव बढ़ने पर सुरक्षाकर्मी उन्हें घेरते और उनकी सुरक्षा करते हुए दिखाई दिए।

इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा द्वारा प्रायोजित है। उन्होंने कहा, “यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित है। देखिए उन्होंने क्या किया है। यही उनका लोकतंत्र का उदाहरण है। अभी एक महीना भी नहीं बीता है और पुलिस का नामोनिशान नहीं है।” टीएमसी सांसद ने आगे कहा, “वे मुझे मार डालना चाहते थे। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। हम निश्चित रूप से हाई कोर्ट को इस बारे में जानकारी देंगे। हम राज्यपाल को भी इस बारे में अवगत कराएंगे। मैं निश्चित रूप से कोर्ट का रुख करूंगा।

ये लोग मुझे जान से मारना चाहते थे: अभिषेकइस भीषण हमले के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने अत्यंत आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “ये लोग पूरी तैयारी के साथ आए थे और मुझे जान से मारना चाहते थे। भीड़ ने हमला करके मेरी शर्ट तक फाड़ दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतने संवेदनशील मौके पर वहां एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि हेलमेट की वजह से आज उनका सिर बच गया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी दलों को ललकारते हुए साफ किया कि टीएमसी इस तरह के कायराना हमलों से डरने वाली नहीं है और वे जनता के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
स्थानीय लोगों ने कहा कि हम लोग मजदूर आदमी हैं. हम लोग कोई पार्टी के नहीं हैं. हम लोगों का रास्ता कभी नहीं बना. जितना पैसा आया, सब खा लिया. हम लोग आज भी परेशान हैं, इसलिए गुस्सा है. एक और शख्स ने कहा कि हम कोई बीजेपी नहीं करते. हम यहीं के रहने वाले हैं. हम दीघा के आदमी हैं. यहां दो कट्ठा जमीन लेकर रहते हैं। 

अभिषेक के खिलाफ क्यों फूटा लोगों का गुस्सा?
इस इलाके के सड़क का हाल बुहत खराब है. इस इलाके में करीब एक किलोमीटर तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है. बारिश के दौरान यहां पानी भर जाता है। 

लोगों का कहना है कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कई बार उनसे गुजारिश की गई, आवेदन दिए गए कि सड़कें ठीक कराई जाएं और पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारी जाए. लेकिन लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया गया. उनके मुताबिक, किसी ने उनके बारे में नहीं सोचा। 

इसी वजह से जब सांसद होने के नाते अभिषेक बनर्जी यहां पहुंचे, तो लोगों ने सवाल उठाया कि पंद्रह साल से सत्ता में रहने के बावजूद इस इलाके का विकास क्यों नहीं हुआ. इन्हीं मुद्दों को लेकर लोगों में गुस्सा था. उनके खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई और उन पर अंडे भी फेंके गए। 

‘यह बीजेपी का प्रायोजित हमला, पुलिस गायब थी’
इस हमले और तीखे विरोध के बाद उन्होंने विपक्ष पर सीधा निशाना साधा है. उन्होंने अपनी स्थिति दिखाते हुए मीडिया से कहा, “यह सब पूरी तरह से बीजेपी द्वारा प्रायोजित है. आप खुद देख सकते हैं कि आज मेरा क्या हाल किया गया है. यह इनके लोकतंत्र का असली नमूना है. सबसे बड़ी बात यह है कि मौके पर कहीं भी पुलिस दिखाई नहीं दे रही थी। 

इस घटना के बाद पूरे सोनारपुर इलाके में भारी राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है. टीएमसी जहां इसे विपक्षी दल की सोची-समझी साजिश बता रही है, वहीं दूसरी तरफ से इसे स्थानीय लोगों का गुस्सा कहा जा रहा है. फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 

स्वास्थ्य सेवाओं में चमका मुंगेली, राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन से बना प्रदेश का मॉडल

मुंगेली.

कभी मामूली जटिलता वाले मामलों में भी मरीजों को बड़े शहरों के लिए रेफर करने वाले जिला चिकित्सालय मुंगेली की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज अस्पताल न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बनकर उभरा है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार के कुशल मार्गदर्शन, सतत मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भावना से किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप मुंगेली जिला आज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के कारण मुंगेली जिला वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में शामिल हुआ है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मुंगेली जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की सतत समीक्षा की जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम मुंगेली जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले की इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे, सभी बीएमओ, बीपीएम और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरलता से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में शानदार उपलब्धि
जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 रहा। यह जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता को दर्शाता है। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 100 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के छह स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना के बावजूद यह उपलब्धि प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चिरायु दल की सक्रियता से बच्चों को मिला बेहतर उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग 100 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार भी सुनिश्चित किया गया।

टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में मुंगेली जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।

आईसीयू में गंभीर मरीजों को मिल रहा जीवनदान
जिला चिकित्सालय मुंगेली में पिछले एक वर्ष से अत्याधुनिक आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जहां गंभीर एवं अति गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख में उपचार प्रदान किया जा रहा है। आईसीयू की स्थापना के बाद से हजारों मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है आईसीयू का सक्सेस रेट लगभग 80 प्रतिशत हैं, जो कि किसी भी बड़े और आधुनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से पीछे नही हैं।

गैर संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में अव्वल
30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

आयुष्मान, आभा आईडी और टेली कंसल्टेशन में भी बड़ी उपलब्धि
जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 100 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।

आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से बढ़ा लोगों का भरोसा
जिला चिकित्सालय आज आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम दर पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू सुविधा, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय में 04 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को जिले में ही सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल रही है।
डायलिसिस सेवा के तहत लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक डायलिसिस सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन की पहल पर लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डायलिसिस सेंटर की स्वीकृति मिल चुकी है।

हीटवेव प्रबंधन में भी प्रशासन की संवेदनशील पहल
भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को लू से बचाव की जानकारी दी जा रही है। मुंगेली जिले की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन, सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क के माध्यम से जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन

शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

शुजालपुर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन प्लानिंग क्राइटेरिया का पालन करते हुए शाजापुर जिले के  220 के वी सब स्टेशन शुजालपुर मे एक नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने सीईए की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते  हुए इस ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की है।

शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में हुई वृद्धि

 एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता उज्जैन अनिल सक्सेना ने जानकारी दी कि इस क्षमता वृद्धि से शुजालपुर 220 के वी सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 793 एम वी ए की हो गई है, वहीँ शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1926 एमवीए की हो गई है। शाजापुर जिले मे एमपी ट्रांसको अपने 11 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी के दो सब स्टेशन शुजालपुर, शाजापुर एवं 132 के वी के 9 सबस्टेशन पोलाइकलां, अरनिया कलां, मक्सी, बेरछा, मोहन बादोदिया,  कालापीपल, शुजालपुर,  शाजापुर,  पनवाडी  शामिल हैं।

 

नौतपा में बदला मौसम का मिजाज! MP में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट, कई जिलों में बारिश

भोपाल 

मध्यप्रदेश में नौतपा की तपिश के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक साथ 4 ताकतवर मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जो प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और मध्यप्रदेश होते हुए ओडिशा तक जाने वाली ट्रफ लाइन है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इन प्रणालियों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच अचानक धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य प्रदेश में इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। बुंदेलखंड, बघेलखंड, चंबल से लेकर पूरा इलाका गर्म हवाओं, सीधी तीखी जलाने वाली धूप के कारण लाल हो रहा है। बीते 24 घंटों में खजुराहो और राजगढ़ में 46.5 और 46.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इसके अलावा दतिया में 45.7 डिग्री, मलाजखंड बालाघाट, नौगांव छतरपुर, दमोह और विदिशा में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। रात में सिवनी और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान ही 31 डिग्री तक पहुंच रहा है। एक दर्जन जिलों में वार्म नाइट का अलर्ट चल रहा है।

मध्य प्रदेश में बीते एक महीने से भीषण गर्मी और झुलसाने वाली गर्मी 46-47 डिग्री तापमान और हीटवेव के बीच राहत मिलने की खबर सामने आई है। आईएमडी ने बताया कि पाकिस्तान से ओडिशा तक ट्रफ लाइन बनी है। मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए आंतरिक ओडिशा तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन गुजरी है, जिससे प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। आसमान में बन रही इस ट्रफ लाइन के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा।

आज 9 जिलों में अलर्ट जारी

रात से आंधी, बारिश और ओले गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. ग्वालियर-चंबल इलाके में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया. ठंडी हवाएं चलने लगी. श्योपुर और शिवपुरी में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे. सिंगरौली के चितरंगी में सबसे अधिक 40.1 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई. रीवा के हनुमाना में 16 मिमी, मुरैना में 18 मिमी और गोहद में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदश के 9 जिलों के लिए बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है. नौतपा आधा बीत जाने के बाद मौसम की ये करवट लोगों के लिए राहत लेकर आई है। 

इन जिलों में बारिश के साथ ओले की चेतावनी
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर के साथ ही 9 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट है. ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है. वहीं नौतपा के दौरान गर्मी से झुलस रहे लोगों को मौसम बदलने से काफी राहत मिली. भले ही ओले व बारिश का अलर्ट 9 जिलों में हो लेकिन इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा. शुक्रवार रात से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई। 

    नौतपा के बीच एमपी में मौसम का बड़ा यू-टर्न
    4 शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव
    कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट
    धूलभरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना
    भीषण गर्मी के बीच मिल सकती है राहत

गर्म हवाएं नौतपा में भी भीषण गर्मी
मध्य पाकिस्तान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके कारण राजस्थान से होकर आ रही गर्म और शुष्क हवाएं प्रदेश के तापमान को सामान्य से ऊपर बनाए हुए हैं, जिससे नौतपा की तपिश बरकरार है। हालांकि शुक्रवार—शनिवार से गर्मी में राहत की उम्मीद जताई गई है।

इन जिलों में भीषण आंधी का अलर्ट
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भी 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह और सागर जिलों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. यहां आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 

अगले 3 से 4 दिन कई जिलों में आंधी-बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई से 2 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा. मालवा क्षेत्र के अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं 1 जून को रतलाम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अलीराजपुर और झाबुआ में भी तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 

इसलिए बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार “उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान-पाकिस्तान क्षेत्र में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण मध्यप्रदेश में नमी लगातार पहुंच रही है. इसी सिस्टम से जुड़ी ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश से गुजर रही है, जिससे प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादलों का विकास तेजी से हो रहा है और कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की परिस्थितियां बन रही हैं। 

शिवपुरी में गिरे ओले, पारा 32 पर पहुंचा
शुक्रवार रात शिवपुरी जिले में अचानक मौसम ने करवट ली. आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तापमान काफी गिर गया. लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. तापमान गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल में बारिश रिकॉर्ड की गई है. सतन बाड़ा, नयागांव, सुभाषपुरा इलाकों के साथ बैराड़ और अन्य इलाकों में बारिश हुई. ठंडी हवाओं के झोंके चलने से लोगों को भारी सुकून मिला। 

श्योपुर में तूफानी बारिश से वाहनचालक डरे
श्योपुर में भी शुक्रवार देर रात गरज-चमक के साथ मौसम का मिजाज बदल गया. तूफानी बारिश हुई. इस दौरान ओले भी गिरे. सड़क किनारे खड़े लोगों में अफरा तफरी भी देखने को मिली. तूफानी बारिश के दौरान वाहन चालकों को आगे दिखना लगभग बंद हो गया. वाहन जहां-तहां थम गए. श्योपुर शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। 

तहसील और ग्रामीण इलाकों में भी बिजली गायब हो गई. वीरपुर में आधा घंटे के अंदर 2 बार तूफानी बारिश हुई. साथ ही ओले भी गिरे. श्योपुर जिले में मौसम विभाग ने आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी पहले ही दे दी थी. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ये बदलाव देखने को मिला। 

श्योपुर में 2 जून तक ऐसा ही रहेगा मौसम
देर रात तक श्योपुर में रुक-रुककर बारिश जारी रही. इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. 33 डिग्री सेल्सियस तामपान पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. वीरपुर के इस्ताक़ खान ने बताया “अचानक शुक्रवार देर रात मौसम ने करवट ली. तूफानी बारिश से लोग जहां थे, वहीं रुक गए.” श्योपुर निवासी दीपक शर्मा ने बताया “शुक्रवार की देर रात अचानक तेज आंधी तूफान ने गदर मचाया. सड़कों पर खड़ी बाइक इधर उधर गिरती नजर आईं. उसके बाद बारिश का दौर शुरू हुआ.” मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 जून तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। 

पश्चिमी विक्षोभ के असर से एमपी के इन हिस्सों में चलेगी आंधी
उत्तर भारत में 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। हालांकि इसका सीधा असर सीमित है, लेकिन यह उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ाकर आंधी-तूफान की स्थिति पैदा कर सकता है।

मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां
रिटायर्ड मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र नायक ने बताा कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। ये दोनों सिस्टम दक्षिण-पश्चिम मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश में नमी बढ़ेगी।

धमतरी : खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने प्रशासन सजग

धमतरी.

आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग एवं उर्वरक विक्रेताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी गजेन्द्र ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उर्वरक भण्डारण एवं वितरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कर समाधानोन्मुख पहल की गई।

बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं कीमतों के अनुरूप किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा निरीक्षण एवं उड़नदस्ता दल नियमित रूप से जांच कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, अन्य वस्तुओं की अनिवार्य टैगिंग अथवा वितरण संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित विक्रेताओं ने प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन करने तथा किसानों के हित में सहयोगात्मक भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उर्वरक विक्रेताओं ने क्रय-विक्रय प्रक्रिया से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याओं एवं सुझावों को भी साझा किया।

प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित संज्ञान लिया तथा आवश्यक विषयों पर शासन स्तर पर पत्राचार कर समाधान की पहल की है। इस सकारात्मक संवाद से उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुगम एवं किसान हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। बैठक में उप संचालक कृषि मोनेष कुमार साहू, अनुविभागीय कृषि अधिकारी मनोज सागर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उर्वरक निरीक्षक तथा विकासखंड धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी के बड़ी संख्या में थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति : जिलों को 2677 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति : जिलों को 2677 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।
  
 उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ट्विशा केस में बड़ा खुलासा! गिरिबाला सिंह ने माना- ‘बेटे से हो गई गलती’, CBI भी हुई सतर्क

भोपाल 

ट्विशा शर्मा डेथ केस में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह कानून के शिकंजे में हैं। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। देशभर में सुर्खियोें में आने के बाद इस केस की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानि सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई के जांच अधिकारी मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ट्विशा के पति समर्थ सिंह से कई घंटों की पूछताछ कर चुके हैं। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों द्वारा उनपर उठे एक सवाल पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्वीकारोक्ति भी की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कहा कि आप खुद एक जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी रह चुकीं हैं, ऐसे में मामले में बेटे समर्थ को फरार क्योें होने दिया! इस पर गिरिबाला सिंह ने माना कि हम दोनों से यह गलती तो हुई है।

बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी सीबीआई
एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जज गिरिबाला को रिमांड पर लेने के बाद सीबीआई फिर पूछताछ में जुट गई है। उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ बैठाकर सवाल जवाब किए जाने की तैयारी चल रही है। सीबीआई बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी है।

मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली
सीबीआई की पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक बड़ी बात कही। शुरुआती ना नुकुर के बाद उन्होंने एक मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली। गिरिबाला सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे अहम पद पर रह चुकी हैं। इसी बात का उल्लेख करते हुए सीबीआई ने उनसे बेटे समर्थ सिंह की फरारी की वजह पूछी थी जिसपर पूर्व जज ने मान लिया कि यह हमारी गलती थी।

बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया?
दरअसल जांच अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से सीधा सवाल किया कि आप अहम न्यायिक पदों पर रही हैं, नियम-कानूनों की आपको हर जानकारी है। ऐसे में भी 12 मई को बहू ट्विशा शर्मा की मौत के बाद बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया? इस सवाल पर गिरिबाला सिंह पहले तो कुछ असहज हुईं लेकिन बाद में इसे गलती के रूप में स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह स्पष्टीकरण भी दिया कि वे परिस्थितियों का ठीक से अंदाजा नहीं लगा सकीं थीं।

डरे सीबीआई अधिकारी, 5 वजहों से घिरीं
सीबीआई ने भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 5-5 दिन की रिमांड पर ले लिया है। भोपाल कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों को 2 जून तक के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर दिया। ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह करीब पौने दो साल तक भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं हैं। इतना ही नहीं, वे क्राइम सीन मैनेजमेंट में भी दक्ष हैं। गिरिबाला सिंह के इस स्टेटस और स्किल का हवाला देते हुए ही सीबीआई ने उनका रिमांड मांगा। जांच अधिकारियों को डर है कि बाहर रहकर वे सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं। कोर्ट ने उनके तर्क स्वीकार कर लिए।

7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया यहां जस्टिस शोभना भलावे की अदालत के समक्ष वे दो घंटे से ज्यादा कठघरे में खड़ी रहीं। सीबीआइ कोर्ट से पूछताछ के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी।

मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया
बता दें कि ट्विशा शर्मा की कटारा हिल्स स्थित आवास पर जब संदिग्ध हालात में मौत हुई तब सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की घर पर मौजूद थे। दोनों ने कहा कि ट्विशा ने सुसाइड की जबकि मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया।

पहले समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया
पहले सीबीआइ ने समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया। बेटे को यहां दोपहर 12.35 बजे लाया गया जबकि 10 मिनट बाद पूर्व जज को लाए।
आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं

सीबीआइ ने रिमांड के लिए गिरिबाला सिंह के स्टेटस और स्किल को आधार बनाया। अधिकारियों ने कोर्ट में आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो इनके बल पर वे जांच प्रभावित कर सकती हैं।

15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल की जिला जज रहीं
अदालत से सीबीआई ने कहा कि गिरिबाला बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग भी ले रखी है। ऐसे में गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से साक्ष्य प्रभावित कर सकती हैं। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया। बता दें कि 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक गिरिबाला सिंह भोपाल की जिला जज रहीं हैं। इस प्रकार वे करीब 19 माह तक यहां पदस्थ थीं।

इन 5 आधारों पर जांच एजेंसी ने मांगा रिमांड
सीबीआइ ने तर्क दिया, गिरिबाला सिंह बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं।

जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद लगातार घटनाक्रम को लेकर वे मीडिया में बनी रहीं।

गिरिबाला सिंह ने केस को दूसरी ओर मोल्ड करने की भरपूर कोशिश की है।

पूर्व जज गिरिबाला सिंह क्राइम मैनेजमेंट में दक्ष हैं, उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ले रखी है।

सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से वे साक्ष्य प्रभावित कर सकती है। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया।

ZEE5 पर देखें ये 5 कड़क सस्पेंस थ्रिलर, वीकेंड को बना देंगे धमाकेदार

ओटीटी पर कुछ धमाकेदार, सस्पेंस से भरपूर और कड़क कंटेंट तलाश रहे हैं, तो जी5 (ZEE5) पर आपके लिए एक से बढ़कर एक ऑप्शन मौजूद हैं. यहां बदले की आग में झुलसती हाई-प्रोफाइल कहानियों से लेकर असल जिंदगी के खूंखार अपराधियों की सच्ची दास्तां और दिमाग को चकरा देने वाले सस्पेंस थ्रिलर का एक बेहतरीन कॉकटेल देखने को मिलता है. चाहे आपको देसी मिजाज का क्राइम ड्रामा पसंद हो या फिर पंकज त्रिपाठी का कड़क अंदाज, ZEE5 की ये चुनिंदा फिल्में और वेब सीरीज आपके वीकेंड को पूरी तरह से एंटरटेनिंग बनाने के लिए तैयार हैं.

पॉइजन 2 (Poison 2)
यह एक हाई-वोल्टेज सस्पेंस और रिवेंज ड्रामा सीरीज है. इसकी कहानी ‘आदित्य’ नाम के एक अमीर शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी जिंदगी बर्बाद करने वाले ‘जोश गैंग’ (तीन पार्टनर्स के ग्रुप) से बदला लेने के लिए रेसकोर्स और बिजनेस की दुनिया में लौटता है. धोखे, प्यार और चालबाजी से भरी यह कहानी अंत तक सस्पेंस बनाए रखती है. अगर आपको ट्विस्ट एंड टर्न्स से भरपूर मसाला थ्रिलर और ग्लैमरस अंदाज में फिल्माई गई बदले की कहानियां पसंद हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन वन-टाइम वॉच है.
कास्ट: आफताब शिवदासानी, राय लक्ष्मी, पूजा चोपड़ा, जैन इमाम
IMDb रेटिंग- 7.1

ऑटो शंकर (Auto Shankar)
यह वेब सीरीज एक बदनाम सीरियल किलर ‘ऑटो शंकर’ के जीवन पर आधारित है, जिसने 1980 के दशक के अंत में छह हत्याएं की थीं. इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण ऑटो ड्राइवर अवैध शराब की तस्करी और वेश्यावृत्ति के धंधे में उतरकर एक खूंखार गैंगस्टर बन जाता है और कैसे राजनीतिक-पुलिस सांठगांठ के बीच उसका अंत होता है. यह भारतीय अपराध इतिहास के एक काले पन्ने को बिना किसी कांट-छांट के बेहद डार्क और रियलिस्टिक तरीके से पेश करती है.
कास्ट: अप्पनी सरथ, अर्जुन चिदंबरम, सरण्या रवि
IMDb रेटिंग- 6.8

कंट्री माफिया (Country Mafia)
यह वेब सीरीज बिहार के बैकड्रॉप पर आधारित एक पॉलिटिकल-क्राइम ड्रामा है. दो भाई-बहन (अजय और नन्नू) आईएएस (IAS) बनने का सपना देखते हैं, लेकिन जब वहां का क्रूर शराब माफिया ‘बब्बन राय’ उनके पिता की हत्या कर देता है, तो उनकी दुनिया बदल जाती है. अपनी मां के कहने पर दोनों भाई-बहन किताब छोड़कर बंदूक उठा लेते हैं और बब्बन के साम्राज्य को खत्म करने के लिए खुद शराब के धंधे में उतर जाते हैं. यह देसी मिजाज और ग्रामीण इलाकों की कड़वी सच्चाई को बयां करती हुई एक तेज रफ्तार बदले की कहानी है. रवि किशन की बेहतरीन अदाकारी और सतीश कौशिक जी की मौजूदगी इसे देखने लायक बनाती है.
कास्ट: रवि किशन, अंशुमान पुष्कर, सौंदर्य शर्मा, अनीता राज, सतीश कौशिक
IMDb रेटिंग- 3.2

कड़क सिंह (Kadak Singh)
यह एक अनोखी सस्पेंस-साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है. कहानी ‘एके श्रीवास्तव’ (कड़क सिंह) की है, जो फाइनेंशियल क्राइम डिपार्टमेंट के एक सख्त अधिकारी हैं, लेकिन एक बड़े चिटफंड घोटाले की जांच के दौरान वो अस्पताल में ‘रेट्रोग्रेड एम्नेशिया’ (याददाश्त जाने की बीमारी) के साथ होश में आते हैं. उन्हें नहीं पता कि वो वहां कैसे पहुंचे. इसके बाद उनकी बेटी, गर्लफ्रेंड और सहकर्मी अपनी-अपनी कहानियों से उनके अतीत और घोटाले के सच की परतें खोलते हैं. पंकज त्रिपाठी की सधी हुई एक्टिंग और फिल्म का नॉन-लीनियर स्क्रीनप्ले इसे बेहद कड़क और दिलचस्प बनाता है. यह दिमाग दौड़ाने पर मजबूर करने वाली एक बेहतरीन मिस्ट्री फिल्म है.
कास्ट: पंकज त्रिपाठी,  संजना सांघी, पार्वती थिरुवोथु, जया अहसान
IMDb रेटिंग- 6.2

अनब्रोकन: द उन्मुक्त चंद स्टोरी (Unbroken: The Unmukt Chand Story)
यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि भारत के पूर्व अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान उन्मुक्त चंद के जीवन की इंस्पिरेशनल दास्तां है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक वक्त पर भारत के अगले विराट कोहली माने जाने वाले उन्मुक्त को काफी प्यार और फेम मिलता है, लेकिन बाद में खराब फॉर्म, दबाव और टीम में मौके न मिलने के कारण उनका करियर ढलान पर आ गया. यह डॉक्यूमेंट्री उनके उसी दर्द, भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले और फिर अमेरिका (USA) जाकर मेजर क्रिकेट लीग के जरिए अपनी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू करने के संघर्ष को बयां करती है.

अगर आप क्रिकेट लवर हैं या ऐसी कहानियों के शौकीन हैं, जो हार न मानने का जज्बा सिखाती हैं, तो यह डॉक्यूमेंट्री आपके लिए बेस्ट है. यह खेल की चकाचौंध के पीछे छिपे मानसिक दबाव, टूटे हुए सपनों और एक नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करने की भावुक और सच्ची कहानी को परदे पर लाती है.
IMDb रेटिंग- 8.8

कास्ट: इसमें कोई फिल्मी कलाकार नहीं हैं, बल्कि खुद उन्मुक्त चंद, उनकी पत्नी सिमरन खोसला, उनके पिता सुंदर चंद ठाकुर, उनके कोच संजय भारद्वाज और उनके परिवार के लोग दिखे हैं.

खाद वितरण में गड़बड़ी पर कलेक्टर सख्त, 66 अधिकारी-कर्मचारियों को थमाए नोटिस

मुंगेली.

खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने खाद भंडारण और वितरण में लापरवाही बरतने वाले 21 सेवा सहकारी समितियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जारी नोटिस में संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों, प्रभारी प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों से जवाब मांगा गया है। बताया गया है कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप खाद का भंडारण और वितरण नहीं किया गया, जबकि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिक्षेत्र मुंगेली से प्राप्त खाद भंडारण एवं वितरण रिपोर्ट के परीक्षण में यह स्थिति सामने आई। सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं मुंगेली द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि खाद वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य के प्रति उदासीनता, अनुशासनहीनता और लापरवाही को दर्शाता है।

जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी निलंबन की कार्रवाई
विभाग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। इसी को देखते हुए संबंधित समितियों को दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खाद वितरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटाने तथा प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

90 से अधिक उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण, 29 को नोटिस
वहीं कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व अनियमितता रोकने के लिए निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक जिले के 90 से अधिक उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 29 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 06 विक्रय केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।

उपसंचालक वीणा ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद के भंडारण, वितरण, रेट सूची, पॉश मशीन के उपयोग तथा किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान सभी विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया कि किसानों को संतुलित मात्रा में और शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद वितरित किया जाए। साथ ही किसानों को खाद की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नील हरित शैवाल, हरी खाद एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग करने समझाइश दी गई। इन वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

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