मानसून के दौरान उद्योगों द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों की होगी समीक्षा

रायपुर

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल अंकित आनंद करेंगे। बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के अधिकृत प्रतिनिधि, मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने बताया कि बैठक में उद्योगों द्वारा प्रस्तावित एवं संचालित वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा उद्योगवार कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों को अपने वृक्षारोपण लक्ष्य, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके।

निवाड़ी के डायल-112 हीरोज रेलवे पटरी पर संकटग्रस्त महिला को सुरक्षित बचाकर परिजनों के सुपुर्द किया

भोपाल 

निवाड़ी जिले के थाना ओरछा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही से रेलवे पटरी पर संकटपूर्ण स्थिति में मिली एक महिला को सुरक्षित बचाकर परामर्श (काउंसलिंग) के उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से महिला का जीवन सुरक्षित रहा और एक संभावित अप्रिय घटना टल गई।

06 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना ओरछा क्षेत्र अंतर्गत कुमर्रा गाँव के पास रेलवे पटरी पर एक महिला संकटपूर्ण स्थिति में है तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना ओरछा क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षकश्री अवनीश यादव एवं पायलट श्री अनिल रजक ने मौके पर पहुँचकर महिला को सुरक्षित रेलवे पटरी से हटाकर अपने संरक्षण में लिया। इसके उपरांत महिला से शांतिपूर्वक संवाद कर उसकी काउंसलिंग की गई तथा उसे संबल प्रदान किया गया।

स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक समझाइश एवं पहचान की प्रक्रिया पूर्ण कर महिला को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय व्यवहार से महिला का जीवन सुरक्षित रहा। परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डायल-112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ संकटग्रस्त नागरिकों को समय पर सहायता एवं सुरक्षा प्रदान कर हर परिस्थिति में उनके जीवन की रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।

 

स्वयं पोर्टल के कोर्स से विद्यार्थियों को मिलेंगे 40% तक क्रेडिट पॉइंट

भोपाल 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए महत्‍वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने कहा है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर से स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर शुरू होने वाले MOOC कोर्स को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। यूजीसी का मानना है कि इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को भी देश के श्रेष्ठ शिक्षकों से पढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही यह शिक्षा को सस्ती और सुलभ भी बनाएगा।

आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी के क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान अपने किसी भी डिग्री या डिप्लोमा प्रोग्राम में 40 प्रतिशत तक क्रेडिट पॉइंट ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से दे सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र 4 साल की डिग्री कर रहा है तो उसके 160 क्रेडिट में से 64 क्रेडिट पॉइंट तक वह SWAYAM के कोर्स करके पूरा कर सकता है।

क्यों जरूरी है स्वयं पोर्टल से ऑनलाइन पढ़ाई

स्वयं पोर्टल (एसडब्ल्यूवायएएम-स्टडी वेव्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) भारत सरकार का राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा मंच है। इस पर आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के फैकल्‍टी पढ़ाते हैं। कोरोना के बाद से स्वयं जैसे पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिला है।

क्‍या है यूजीसी पत्र में

यूजीसी ने शैक्षणिक संस्‍थानों को स्वयं पर जुलाई 2026 सेमेस्टर में आने वाले कोर्सो की सूची अनुसार पाठयक्रम का चयन‍करने के निर्देश दिए है। निर्देशानुसार बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाकर इन कोर्स को मंजूरी और सिलेबस में शामिल किया जाना है।

आयोग ने कहा कि छात्र स्वयं कोर्स के क्रेडिट पॉइंट को एबीसी यानी एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र द्वारा अर्जित क्रेडिट को डिग्री में जोड़ा जाए और ट्रांसक्रिप्ट में दर्शाया जाए।

कॉलेज और विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को स्वयं के फायदे बताएं। उन्हें बताएं कि वे अपने मुख्य विषय के अलावा अतिरिक्त स्किल वाले कोर्स भी कर सकते हैं। इससे उनकी प्लेसमेंट और उच्च शिक्षा की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    यूजीसी ने यह भी कहा कि स्वयं कोर्स को अपनाते समय संस्थान यह देखें कि कोर्स की गुणवत्ता, अवधि और मूल्यांकन प्रणाली यूजीसी के मानकों के अनुरूप हो।

विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ

  •     आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईएम बैंगलोर जैसे संस्थानों के फैकल्टी से ऑनलाइन पढ़ाई
  •     लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) अपनी सुविधानुसार पढ़ाई कर सकते हैं
  •     आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग जैसे नए कोर्स

संस्थानों की जिम्मेदारी

विश्वविद्यालयों के कुलपति और कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जुलाई से पहले अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर स्वयं पोर्टल से कोर्स की जानकारी दें। साथ ही विद्यार्थियों की काउंसलिंग करके उन्हें सही कोर्स चुनने में मदद करें।यूजीसी का यह कदम भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने और युवाओं को 21वीं सदी के कौशल से लैस करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय नई दिल्ली भ्रमण में मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित विषयों पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रीगण को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंट किये।

नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर उच्च स्तरीय बैठक

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के अतिरिक्त अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी हिस्सा लिया । बैठक में नर्मदा परियोजनाओं से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजनाओं के कार्यों की गति को तीव्र करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पृथक-पृथक भेंट कर मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकातों में अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बातचीत की।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय नई दिल्ली भ्रमण में मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित विषयों पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रीगण को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंट किये।

नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर उच्च स्तरीय बैठक

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के अतिरिक्त अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी हिस्सा लिया । बैठक में नर्मदा परियोजनाओं से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजनाओं के कार्यों की गति को तीव्र करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पृथक-पृथक भेंट कर मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकातों में अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बातचीत की।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में रीवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के अवैध नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है।

पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमन्त सिंह चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्‍त हुई है।

जिले में संचालित “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत थाना गढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सोनवर्षा निवासी दो व्यक्ति भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से जाने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है, जब्‍त की गई। इसके अतिरिक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना गढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना की जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस एक ओर जहां अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस आगामी 15 जुलाई से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, नगरीय क्षेत्रों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता आधारित प्रयासों को भी समान प्राथमिकता देते हुए पुलिस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

 

मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026′ को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— ‘गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर’ में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें।

कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय ‘रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल’ (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर “मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी” के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।

 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ

भोपाल

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है।

गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जी के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। शाह ने कहा कि चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान (National Loss) को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

 

जबलपुर के बड़ा फुहारा में तीन मंजिला इमारत ढही, क्षेत्र सील

 जबलपुर

 शहर के पुराने बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा में एक तीन मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सोमवार की बरिश के चलते भरभराकर गिरी इमारत से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चंद सेकंड में इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

घटना के बाद पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और कुछ देर तक लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि मंगलवार को बाजार बंद रहता है इसलिए सभी दुकानें बंद थी नहीं लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हादसा हुआ अचानक, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला

बताया जाता है कि उक्त इमारत में साड़ी की दुकान संचालित होती थी। ये तीन मंजिला इमारत जर्जर हो चुकी थी। आस-पास की जगह अन्य भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे इमारत को सपोर्ट नहीं मिला और सोमवार को तीन मंजिला इमारत ढह गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत गिरते ही आसपास की दुकानों और सड़कों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया

सूचना मिलते ही नगर निगम का राहत दल मौके पर पहुंच गया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया। मलबे के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें तीन मंजिला इमारत के ढहने के बाद चारों ओर फैला मलबा, उड़ती धूल और दहशत में भागते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं।

हादसे ने शहर में जर्जर और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।

 

मध्यप्रदेश पुलिस ने 2,095गुम एवं चोरी हुए मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में “सेफ क्लिक 2.0” अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 24 जून 2026 से प्रारंभ इस विशेष अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, अस्पतालों, शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आमजन को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ मध्यप्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग के माध्यम से गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है। CEIR पोर्टल, तकनीकी विश्लेषण तथा विभिन्न जिलों की साइबर टीमों के समन्वित प्रयासों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए जा रहे हैं, जिससे आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।13 जूनसे अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं जीआरपी इकाइयों द्वारा कुल 2,094 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोनबरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए हैं। इनमें “सेफ क्लिक 2.0” अभियान प्रारंभ होने के बाद अब तक प्रदेश के 12 जिलों एवं 02 जीआरपी में कुल 1461 गुम मोबाइल फोनउनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं।

इनमें भिंड ने 325, देवास ने 210,शाजापुर ने 179, नरसिंहपुर ने 175, छतरपुर ने 149,रायसेन ने 149,बड़वानी ने 129, भोपाल जीआरपी ने 124, खंडवा ने 123, खरगोन ने 100, बुरहानपुर ने 100,झाबुआ ने 80,सिंगरौली ने 70, गुना ने 65,भोपाल ग्रामीण ने 53, उज्जैन ने 40,कटनी ने 10,जबलपुर जीआरपी ने 7, इंदौर जीआरपी ने 5, सिवनी ने 1 तथा छतरपुर ने 1 मोबाइलशामिल है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, साइबर अपराधों के प्रति संवेदनशीलता तथा नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। एक ओर “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुम एवं चोरी हुए मोबाइलों की त्वरित बरामदगी कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाकर पुलिस आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत कर रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टलअथवा निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu