मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026′ को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— ‘गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर’ में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें।

कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय ‘रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल’ (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर “मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी” के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।

 

Silver Price Crash: 3 दिन में ₹8,400 टूटी चांदी, जानिए आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का ताजा भाव

 नई दिल्ली

सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) का सिलसिला थम नहीं रहा है. साल की शुरुआत में जहां इनके भाव गदर मचा रहे थे, तो अब हाल ये हैं कि हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती होती जा रही हैं. बुधवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही गोल्ड-सिल्वर रेट फिसल गए। 

चांदी का तो मानो बुलबुला सा फूटता (Silver Bubble Burst) जा रहा है. जनवरी महीने में 4 लाख के पार निकलकर गदर मचा रही चांदी की कीमत करीब आधी 2.28 लाख रुपये प्रति किलो रह गई है. वहीं सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर फिसलता जा रहा है। 

चांदी की कीमत में जारी गिरावट
एमसीएक्स पर चांदी की कीमत के ताजा हाल की बात करें, तो वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 2,30,857 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,28,925 रुपये प्रति किलो पर आ गया. वहीं इस सप्ताह की तीन कारोबारी दिनों में अब तक ये 8,485 रुपये सस्ती हो गई है. बता दें कि बीते शुक्रवार को 1 Kg Silver Price 2,37,410 रुपये था। 

तीन दिन में सोना इतना सस्ता
चांदी ही नहीं, बल्कि वायदा कारोबार में सोने की कीमत भी फिसलती जा रही है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाली ये कीमती पीली धातु इस सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में अब तक 2578 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ती हो चुकी है. दरअसल, बीते सप्ताह शुक्रवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,47,378 रुपये था, जो बुधवार को गिरावट के साथ 1,44,800 रुपये के लेवल पर आ गया। 

सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. चांदी की तरह Gold Rate ने भी एमसीएक्स पर बीते जनवरी महीने में ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और पहली बार 2 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया था. लेकिन अपने हाई को छूने के बाद ये लगातार टूटा है और अब इसकी कीमत में करीब 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 

घरेलू मार्केट में सोना-चांदी के दाम
MCX Gold-Silver Rates अपडेट के बाद अगर बात करें, घरेलू बाजारों में इन कीमती धातुओं के भाव के बारे में, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते कारोबारी दिन मंगलवार तक ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,46,344 रुपये से गिरकर 1,44,083 रुपये पर आ गया है यानी सोना दो दिन में 2261 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं इस अवधि में चांदी की कीमत 6658 रुपये प्रति किलो घट गई है. इसका भाव बीते शुक्रवार के 2,33,858 रुपये से 2,27,200 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। 

सोना-चांदी की ज्वेलरी खरीदते समय इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि आईबीजेए के अपडेटेड रेट देशभर में समान होते हैं, लेकिन आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को इन पर लागू जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है। 

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ खरीदने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 5 जिला पंचायत CEO के तबादले, एक्का को SUDA का अतिरिक्त प्रभार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के तहत पांच जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) का तबादला किया गया है।

इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक रेमिजियुस एक्का को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आदेश के अनुसार, रेमिजियुस एक्का (भा.प्र.से. 2011) अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

इसके अलावा निम्न अधिकारियों के तबादले किए गए हैं –

  • गजेन्द्र सिंह ठाकुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी को उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग में पदस्थ किया गया है।
  • प्रतीक जैन को जिला पंचायत बस्तर से जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
  • सुरुचि सिंह को जिला पंचायत राजनांदगांव से आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई पदस्थ किया गया है।
  • जयंत नाहटा को जिला पंचायत दंतेवाड़ा से जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
  • एम. भार्गव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डोंगरगढ़ को जिला पंचायत दंतेवाड़ा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • तनय खत्रा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कटघोरा को जिला पंचायत बस्तर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
  • दुर्गा प्रसाद अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

CM विष्णु देव साय आज कवर्धा में BJP के नए जिला कार्यालय का करेंगे लोकार्पण, कार्यकर्ताओं को देंगे बड़ी सौगात

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11:10 बजे रायपुर से कवर्धा के लिए रवाना होंगे. कवर्धा में वे नवीन भाजपा कार्यालय का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 1:30 बजे कवर्धा से रायपुर लौटेंगे. दोपहर 2:10 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्यमंत्री नया रायपुर स्थित मंत्रालय में कार्यालयीन कार्य करेंगे.

इसके बाद शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक साय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 5:30 बजे से 6:00 बजे तक मंत्रिमंडल उप समिति की बैठक में शामिल होंगे. शाम 6 बजे से 6:15 बजे तक मुख्यमंत्री शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पकालीन ऋण सुविधा योजना कार्यक्रम में भाग लेंगे. वहीं, रात 7:30 बजे डुमरतराई फेस-2 स्थित थोक बाजार में आयोजित नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे. कार्यक्रमों के बाद रात 8:30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

मानसून सत्र से पहले आज होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक
रायपुर.
मानसून सत्र से पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी. शाम 4 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होने वाली इस बैठक में 13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की जाएगी. बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा. साथ ही प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है.

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यों की आज होगी समीक्षा
रायपुर. आज पर्यावरण संरक्षण मंडल की अहम बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद करेंगे. बैठक में उद्योगों को दिए गए वृक्षारोपण लक्ष्यों और उनकी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव की व्यवस्था पर चर्चा होगी. उद्योगवार वृक्षारोपण कार्ययोजना की समीक्षा कर आगामी रणनीति भी तय की जाएगी.

स्व. तीजन बाई को मुक्ताकाशी मंच से  दी जाएगी श्रद्धांजलि
रायपुर. आज पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित कार्यक्रम में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें नमन करेंगे. श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री, सांसद, विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. इसके अलावा पद्मश्री और राज्य अलंकरण से सम्मानित अनेक कलाकार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर स्व. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

चार दशक, अनगिनत बदलाव : ग्रामीण भारत में आईसेक्ट इंडिया की परिवर्तनकारी पहल

भोपाल

 भारत के विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब उसके लाभ गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचें। शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी यही चुनौती लंबे समय तक बनी रही। एक समय ऐसा था, जब कंप्यूटर शिक्षा केवल महानगरों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित थी। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के अधिकांश युवाओं के लिए आधुनिक तकनीकी शिक्षा तक पहुंचना एक कठिन सपना था। ऐसे समय में कुछ लोगों ने केवल परिस्थितियों को स्वीकार नहीं किया, बल्कि उन्हें बदलने का संकल्प लिया।
ऐसे ही दूरदर्शी व्यक्तित्व थे वरिष्ठ शिक्षाविद्, साहित्यकार और चिंतक संतोष चौबे। वर्ष 1985 में उन्होंने ऑल इंडिया सोसाइटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी (आईसेक्ट) की स्थापना इस विश्वास के साथ की कि भारत का भविष्य तभी सशक्त होगा, जब शिक्षा, तकनीक और कौशल का लाभ गांवों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उनके लिए शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का आधार थी। यही सोच आगे चलकर आईसेक्ट की कार्यसंस्कृति, विस्तार और विकास यात्रा की मूल प्रेरणा बनी।

इस सोच को व्यवहार में उतारते हुए वर्ष 1986 में भोपाल में पहला प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया। यह केवल एक शिक्षण केंद्र नहीं था, बल्कि ग्रामीण भारत में तकनीकी शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की दिशा में उठाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम था। संस्था ने स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें ही प्रशिक्षक बनाया, जिससे शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, नेतृत्व और आत्मविश्वास के नए अवसर विकसित हुए।

धीरे-धीरे यह प्रयास एक व्यापक सामाजिक पहल में बदलने लगा। आईसेक्ट ने यह सिद्ध किया कि यदि आधुनिक शिक्षा को स्थानीय आवश्यकताओं और समुदाय की भागीदारी से जोड़ा जाए, तो परिवर्तन दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंच सकता है।
 
शिक्षा से कौशल, कौशल से आत्मनिर्भरता

वर्ष 1995 आईसेक्ट की विकास यात्रा का महत्त्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुआ। इसी अवधि में संस्था ने अपने कार्यों का विस्तार करते हुए बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र की अवधारणा विकसित की। इन केंद्रों में शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और सामुदायिक विकास की गतिविधियों को एक साथ जोड़ा गया। इससे प्रशिक्षण केंद्र केवल शिक्षण संस्थान नहीं रहे, बल्कि स्थानीय विकास के केंद्र के रूप में विकसित होने लगे।

इसी समय अधिकृत केंद्र मॉडल को अपनाकर स्थानीय उद्यमियों और युवाओं को संस्था के साथ जोड़ा गया। इससे शिक्षा के विस्तार में जनभागीदारी बढ़ी और अनेक क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर भी बने। जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के प्रति समाज का विश्वास बढ़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा की स्वीकार्यता मजबूत हुई।

संस्था के बढ़ते कार्यक्षेत्र को अधिक व्यवस्थित स्वरूप देने के उद्देश्य से वर्ष 2003 में आईसेक्ट लिमिटेड की स्थापना की गई। इसके साथ शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार और अधिक संगठित रूप में आगे बढ़ा। यही वह दौर था, जब आईसेक्ट ने प्रशिक्षण संस्था की सीमाओं से आगे बढ़कर शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास को एक-दूसरे से जोड़ने वाले व्यापक मॉडल के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
 
उच्च शिक्षा, नवाचार और भविष्य की तैयारी

तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार करने के बाद आईसेक्ट ने उच्च शिक्षा को भी अपनी विकास यात्रा का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उद्देश्य स्पष्ट था कि महानगरों तक सीमित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को राज्यों और क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचाना, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकें।

इस दिशा में वर्ष 2005 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। इसके बाद वर्ष 2010 में भोपाल में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, 2016 में झारखंड के हजारीबाग में आईसेक्ट विश्वविद्यालय, 2018 में बिहार के वैशाली तथा मध्य प्रदेश के खंडवा में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई। आगे बढ़ते हुए वर्ष 2023 में भोपाल में स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय की स्थापना ने कौशल आधारित उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान की।

इन विश्वविद्यालयों के माध्यम से शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखकर कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग-शिक्षा समन्वय और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया। बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे शैक्षणिक वातावरण के निर्माण का प्रयास किया गया, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यवहारिक दक्षता भी प्रदान कर सके।

इसी अवधि में डिजिटल प्रौद्योगिकी ने देश के सामाजिक और आर्थिक जीवन में व्यापक परिवर्तन किए। शिक्षा और सेवाओं का स्वरूप भी तेजी से बदला। आईसेक्ट ने इस परिवर्तन के साथ कदम मिलाते हुए डिजिटल माध्यमों, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया। इससे अनेक युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर मिला।
 
चार दशक, एक सतत संकल्प

चार दशकों की इस यात्रा का सबसे उल्लेखनीय पक्ष यह रहा कि आईसेक्ट ने विकास का केंद्र ग्रामीण भारत को बनाया। जहां अनेक शैक्षणिक पहले बड़े शहरों तक सीमित रहीं, वहीं संस्था ने गांवों, छोटे कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल विकास का आधार तैयार करने का प्रयास किया। स्थानीय युवाओं को अवसर देना, समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और शिक्षा को आत्मनिर्भरता से जोड़ना इस यात्रा की प्रमुख विशेषताएं रहीं।

वर्ष 2026 में आईसेक्ट इंडिया के रूप में नई पहचान अपनाना इसी निरंतर विकास का अगला चरण है। यह परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि उस व्यापक दृष्टि का प्रतीक है, जिसके केंद्र में भविष्य उन्मुख शिक्षा, कौशल, नवाचार, अनुसंधान और डिजिटल सशक्तीकरण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प है।

आज भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में शिक्षा, कौशल और तकनीक की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है। चार दशकों की यह यात्रा इस विश्वास को सशक्त करती है कि जब शिक्षा समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ती है, जब अवसर गांवों तक पहुंचते हैं और जब युवा अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर पाते हैं, तब परिवर्तन केवल व्यक्तियों के जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बन जाता है।
इसी विश्वास के साथ आईसेक्ट इंडिया की चालीस वर्षों की यात्रा आज एक नए पड़ाव पर खड़ी है – जहां अनुभव की समृद्ध विरासत, वर्तमान की आवश्यकताएं और भविष्य की संभावनाएं एक साथ दिखाई देती हैं। यह यात्रा केवल एक संस्था के विकास की कहानी नहीं, बल्कि उस भारत की भी कहानी है, जो शिक्षा, कौशल और नवाचार के सहारे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है।

110 साल पुराने सबूत पेश किए’! मंत्री प्रतिमा बागरी बोलीं- मेरा जाति प्रमाण पत्र सही, अब जांच समिति के फैसले का इंतजार

भोपाल
 मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मंगलवार को अपने अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र को लेकर लगे आरोपों को खारिज किया। बागरी ने कहा कि उन्होंने राज्य की उच्च स्तरीय जाति जांच समिति के समक्ष सभी दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत कर दिए हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र वैध है। विवाद तब शुरू हुआ जब मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया कि बागरी अनुसूचित जाति श्रेणी से नहीं आती हैं और उन्होंने गलत जानकारी के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।

क्या लगा था आरोप
उन्होंने दावा किया कि प्रतिमा बागरी राजपूत समुदाय से हैं और आरोप लगाया कि उन्होंने आरक्षित रैगांव निर्वाचन क्षेत्र से 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा और बाद में एक अमान्य जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करके मंत्री बनीं। अहिरवार ने उनका जाति प्रमाण पत्र रद्द करने, विधानसभा से अयोग्य घोषित करने और राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की थी।

सोमवार को जांच समिति के सामने पेश हुईं
प्रतिमा बागरी ने बताया कि वह सोमवार को जाति जांच समिति के सामने पेश हुईं और अपने दावे के समर्थन में सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि समिति के साथ बैठक हुई थी और उन्होंने 110 साल से अधिक पुराने सबूतों सहित सभी दस्तावेज समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। दस्तावेजों की जांच के बाद किसी को भी कोई अनियमितता नहीं मिली और उनका जाति प्रमाण पत्र असली है।

मंत्री ने दर्ज कराया था बयान
सोमवार को बागरी ने समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड और अनुसूचित जाति सूची में बागड़ी समुदाय के शामिल होने से संबंधित दस्तावेज सहित दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत किए। अहिरवार भी समिति के समक्ष पेश हुए और उनकी जातिगत स्थिति को चुनौती देने वाले दस्तावेज प्रस्तुत किए।

    प्रतिमा बागरी ने कहा- मेरा जाति प्रमाण पत्र सही
    जांज समिति को मेरे जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति नहीं
    मंत्री ने कहा- 110 साल पुराने दस्तावेज समिति को सौंपे
    जांच समिति का फैसला आना अभी बाकी है

जांज समिति का फैसला आना बाकी
कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री प्रतिमा बागरी ने उन पर राजनीतिक कारणों से झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी नहीं है और यह साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि अहिरवार ने झूठे आरोप लगाए हैं और मीडिया के सामने गलत तथ्य पेश किए हैं, और अब सच्चाई सामने आ गई है। जांच समिति दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कर रही है और अपनी जांच पूरी करने के बाद इस मामले पर फैसला सुनाएगी।

मारा गया बंगाल का दरिंदा! दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर, महुआ मोइत्रा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

 बारुईपुर 

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी।

बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, ‘बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।’

अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है।

72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं।

आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग
पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, ‘प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।’

शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश
जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।’ इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटे-मॉर्टम डूबने’ के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी।

एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा

 बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है।

महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ”बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।”

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था।

शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।”

बोरी में मिला था लड़की का शव
आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

 

US-Iran तनाव और होर्मुज संकट से शेयर बाजार में हाहाकार! खुलते ही Sensex 550 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा

मुंबई 

शेयर बाजार में फिर से खौफ देखने को मिल रहा है और खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट आई है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 550 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी करीब 150 अंक फिसल गया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन भी दोनों रेड जोन में बंद हुए थे। Stock Market में इस गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी और इसका कनेक्शन सीधे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा हुआ है, जो दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी को पूरा करने के लिए अहम है. यहां फिर से अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं और दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं. इससे न सिर्फ भारत, बल्कि जापान-कोरिया समेत अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजार बुरी तरह टूटे हैं। 

सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम 
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 की तुलना में गिरावट के साथ खुला और महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 550 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,611 के लेवल पर आ गया। 

सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स में भी गिरावट बढ़ती हुई नजर आई. ये इंडेक्स 24,398 के अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही गिरकर 24,259 पर आ गया और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 24,229 पर ट्रेड करता हुआ दिखा। 

बाजार में इसलिए फिर खौफ 
शेयर बाजार फिर से खौफ में नजर आ रहा है और इसके तार सीधे मिडिल ईस्ट से जुड़े हुए हैं. पहला कारण अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ना है. पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल अटैक किए, तो पलटवार करते हुए अमेरिक की ओर से भी तगड़ी स्ट्राइक ईरानी ठिकानों पर शुरू कर दी गई। 

दूसरे कारण की बात करें, तो दोनों देशों के बीच फिर तनातनी ने दुनियाभर के शेयर मार्केट में हलचल बढ़ा दी और US-Japan से South Korea तक के शेयर बाजार गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए, जिनसे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ. जापान का निक्केई खुलते ही 500 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो साउथ कोरिया का कोस्पी भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी रेड जोन में था। 

फिर से डराने लगा कच्चा तेल
बाजार में गिरावट का तीसरा कारण
देखें, तो US-Iran Attacks की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाला और अचानक इसमें तेज उछाल आ गया. Brent Crude Oil Price 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी 72 डॉलर के पार कारोबार कर रहा था. तेल की कीमतों में फिर से लगी आग ने दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ाने का डर पैदा किया है और शेयर बाजार भी इसके दबाव में नजर आ रहे हैं। 

हर ओर मची दिखी भगदड़
शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.50%), Asian Paints Share (2.42%), Reliance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (1.70%), ITC Share (1.60%), M&M Share (1.50%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Hindustan Petroleum Share (3.60%), Ashok Leyland Share (2.60%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप लिस्ट में NBCC Share (2.20%), PNB Housing Finance Share (2.10%) टूटकर कारोबार करता दिखा। 

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा

– सरदार सरोवर परियोजना का दीर्घकालिक मसला समाप्ति की ओर
– परियोजना की निर्माण की लागत साझाकरण के मुद्दों पर था विवाद
– चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए हस्ताक्षर

भोपाल/नई दिल्ली
 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में 7 जुलाई को नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।

सरकारों के रचनात्मक सहयोग की सराहना 
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। मंत्री शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्यप्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। 

राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर सुलझाएं मसले
गृह मंत्री शाह ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। मंत्री शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

समोसे के लिए रोकी ट्रेन? इंदौर में लोको पायलट का VIDEO वायरल, रेलवे ने शुरू की जांच

इंदौर
बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम समोसे की खुशबू आए, तो किसी का भी मन ललचा सकता है. लेकिन अगर यही लालच चलती ट्रेन को बीच रास्ते में रोकने का हो तो मामला सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का बन जाता है. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से आया है. यहां इंदौर और महू के बीच चलने वाली डेमू ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि लोको पायलट ने बीच रास्ते में समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी. हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. रेलवे का कहना है कि अगर लोको पायलट की तरफ से बीच रास्ते ट्रेन रोककर अपना पर्सनल कार्य किया गया है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   

समोसे खरीदने की वजह से लेट हो जाती है ट्रेन
वायरल वीडियो राऊ के रंगवासा रोड क्षेत्र का बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन यहां नियमित रूप से कुछ मिनट के लिए रुकती है. आरोप है कि लोको पायलट ट्रेन से नीचे उतरकर पास की दुकान से समोसे खरीदता है, जिससे ट्रेन करीब 10 मिनट या उससे ज्यादा लेट हो जाती है. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो क्षेत्र के लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। 

वहीं इस मामले पर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है. पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. यदि जांच में यह सामने आता है कि लोको पायलट ने बिना किसी अधिकृत कारण, सिग्नल या परिचालन संबंधी आवश्यकता के ट्रेन रोकी और केबिन से उतरकर निजी कार्य किया, तो रेलवे नियमों के अनुसार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल रेलवे जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। 

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