शिक्षा मंत्री ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर.

प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में परिवारजनों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाओं की चर्चा की। यादव ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका सांस्कृतिक योगदान, व्यक्तित्व और कला सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिवंगत डॉ. तीजन बाई के प्रशंसकों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए बैठक, भोजन, आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने परिवारजनों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आश्वस्त किया कि राज्य शासन इस अवसर पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे, ग्रामवासी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘वर्दी पुलिस की, दिल अपराधियों के साथ’— हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, DGP को सर्कुलर जारी करने का आदेश

ग्वालियर
मध्य प्रदेश में अपराधियों को कानूनी लूपहोल (कमियों) का फायदा पहुंचाकर कोर्ट से छुड़ाने वाले और अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बड़ा और कड़ा प्रहार किया है।

हाई कोर्ट की डबल बेंच ने तल्ख लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा है कि “कुछ पुलिस अधिकारी वर्दी तो कानून की पहनते हैं, लेकिन उनका दिल अपराधियों के साथ धड़कता है।”

न्यायालय ने साफ कर दिया है कि अगर कोई पुलिस अधिकारी किसी आरोपी को गिरफ्तार करते समय उसकी गिरफ्तारी का लिखित आधार नहीं सौंपता है, तो यह माना जाएगा कि उसने आरोपी को कोर्ट से रिहा कराने के उद्देश्य से ‘जानबूझकर’ ऐसा किया है।

कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक महीने के भीतर सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों के लिए ‘सख्त चेतावनी सर्कुलर’ जारी करने का अल्टीमेटम दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रहे मैदानी अफसर
हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर नाराजगी जताई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्देशों (मिहिर राजेश शाह मामला) के पालन में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा इसी साल 13 फरवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी किया जा चुका है।

इस सर्कुलर के बावजूद जमीनी स्तर पर थानों में पदस्थ जांच अधिकारी नियमों को सरेआम ठेंगा दिखा रहे हैं और आरोपियों को बिना लिखित कारण बताए गिरफ्तार कर रहे हैं, जिससे शातिर अपराधी तकनीकी आधार पर कोर्ट से बच निकलते हैं।

कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति समाज के लिए बेहद खतरनाक है। पुलिस विभाग का काम अपराधियों पर मुकदमा चलाना और निर्दोषों की रक्षा करना है, न कि अपराधियों को कानूनी चोर रास्तों से बचाना।

गांजा तस्करी के आरोपी भाई को बचाने लगाई थी याचिका
जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने यह तल्ख आदेश धर्मेंद्र लोधी द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।

याचिकाकर्ता धर्मेंद्र ने दतिया जिले के बसई थाने में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में अपने भाई की गिरफ्तारी को इस आधार पर चुनौती दी थी कि पुलिस ने उसे गिरफ्तारी के कारण लिखित में नहीं दिए थे, इसलिए उसकी गिरफ्तारी अवैध है।

हालांकि, जब कोर्ट ने रिकॉर्ड खंगाला तो पाया कि पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का लिखित नोटिस दिया था और उसके पास से 86.850 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ था। कोर्ट ने इसे कानूनी रूप से पर्याप्त मानते हुए तस्कर भाई को राहत देने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी, लेकिन पुलिस की इस आम ढर्रे वाली कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया।

हाईकोर्ट के आदेश की मुख्य बातें

· नियम: किसी भी आरोपी को कस्टडी में लेते समय उसे उसकी गिरफ्तारी के पुख्ता कारण लिखित में देना अनिवार्य है।

· लापरवाही का मतलब: लिखित आधार न देना अब सिर्फ ‘लापरवाही’ नहीं, बल्कि अपराधी को फायदा पहुंचाने की ‘जानबूझकर की गई साजिश’ माना जाएगा।

· निशाना: वर्दी की आड़ में अपराधियों से साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।

हाईकोर्ट से CMHO डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत! 62 नहीं, 65 साल की उम्र में होंगे रिटायर

इंदौर 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत देते हुए उनके 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है।

न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि डॉ. हसानी 65 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने के पात्र हैं। डॉ. हसानी ने याचिका दायर कर 30 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 31 जुलाई 2026 को 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने के निर्देश दिए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि उन्होंने वर्ष 1999 में संविदा ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवा प्रारंभ की थी और वर्ष 2005 में उनकी सेवाएं नियमित हुई थीं। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक क्लीनिकल सेवाएं दीं और बाद में मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी तथा CMHO जैसे प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।

 याचिका में तर्क दिया गया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा मेडिकल अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित की गई है तथा पूर्व में डॉ. कांतिलाल साहू सहित कई मामलों में हाईकोर्ट इसी प्रकार का निर्णय दे चुका है। वहीं राज्य सरकार ने दलील दी कि 65 वर्ष तक सेवा का लाभ पाने के लिए नियमों में निर्धारित शर्तों का पालन आवश्यक है और याचिकाकर्ता उन शर्तों को पूरा नहीं करते। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि डॉ. हसानी वर्ष 1999 से लगातार चिकित्सा सेवाएं देते रहे हैं तथा उनके मामले के तथ्य पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों से मेल खाते हैं।

 अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में अनुभवी डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखना था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि 30 जनवरी 2026 का सेवानिवृत्ति आदेश विधिसम्मत नहीं है और इसे निरस्त किया जाता है। साथ ही डॉ. माधव प्रसाद हसानी को 65 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति प्रदान की जाती है। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

भोपाल नवाब की बेगम की 30.55 एकड़ जमीन बेचने का मामला गरमाया, शत्रु संपत्ति विवाद में EOW को नई शिकायत

भोपाल
तत्कालीन भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम ने पाकिस्तान में रहते हुए 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेच दी थी।समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को साक्ष्यों सहित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि भी हो सकती है।

सहकारी आवासीय संस्था को बेची जमीन
शिकायत में दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को मात्र 30.55 लाख रुपये में बेच दी। सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी।

चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था
अमिताभ अग्निहोत्री ने दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेच दी। शिकायत के अनुसार सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।

स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए
वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी। इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए।

शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टाम्प ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई।

शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है।

शिकायत में उठाए गए प्रमुख सवाल
    क्या पाकिस्तान निवासी होने के बावजूद भूमि की बिक्री वैध थी?
    क्या संबंधित जमीन शत्रु संपत्ति घोषित की जानी चाहिए थी?
    क्या नामांतरण और भवन अनुमति नियमों के अनुरूप जारी हुई?
    क्या सरकार को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ?
    क्या भूमि सौदे में ब्लैक मनी का इस्तेमाल हुआ?

क्या है शत्रु संपत्ति कानून?
भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती हैं। हालांकि किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय उपलब्ध अभिलेखों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करते हैं।

शिकायत में यह आरोप
उनका आरोप है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी, इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए।

यह भी देखा जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टांप ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है।

यह है शत्रु संपत्ति कानून
भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती है। हालांकि, किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालयों द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।

 

US हमले का ईरान ने लिया बदला! कुवैत-बहरीन बने निशाना, 85 सैन्य ठिकानों पर हमला; होर्मुज संकट और गहराया

तेहरान 

अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया था. इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए. इन सैन्य हमलों से कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरान को दी गई एक अस्थायी प्रतिबंध छूट भी वापस ले ली. इस छूट के तहत ईरान को जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर कच्चे तेल का उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति करने की अनुमति मिली हुई थी. यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अमेरिका ने इसे समय से पहले ही समाप्त कर दिया। 

अब तक क्या-क्या हुआ?
    होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों, जिनमें कतर और सऊदी अरब के तेल टैंकर भी शामिल हैं, पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर शक्तिशाली सैन्य हमले शुरू कर दिए। 

    ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान के सीरिक बंदरगाह शहर, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं। 

    अमेरिका ने 17 जून को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के तहत ईरान को तेल बेचने की दी गई विशेष छूट (वेवर) भी रद्द कर दी है। 

इजरायली लड़ाकू विमानों ने किए लेबनान में हमले
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने रात के दौरान दक्षिणी लेबनान में तीन चरणों में हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिंत जुबैल जिले के बैत याहून, कुनिन और ब्राचीत कस्बों के बीच के इलाकों को निशाना बनाकर किए गए. फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को खतरा, यूएस ने किया अलर्ट
तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है. जहाजों को ज्यादा सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. समुद्री एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में नौसैनिक गश्त और सुरक्षा जांच और बढ़ सकती है। 

ईरान पहले भी कहता रहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाज उसके तय किए गए रास्ते का ही इस्तेमाल करें. जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे ओमान और यूएई के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे थे. इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि यह हमला दूसरे जहाजों को चेतावनी देने के लिए किया गया हो. हालांकि, ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। 

कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. वहीं बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर चल रही बातचीत भी फिलहाल रुकती हुई नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में फिर से अनिश्चितता का माहौल बन गया है. हालांकि, अली खामेनेई के जनाजे के बीच दोनों देशों की बातचीत आधिकारिक रूप से रुकी हुई है। 

बहरीन में तीसरी बार बजे एयर रेड सायरन, ईरान अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर रहा हमले
बहरीन में को तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इसी बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइल हमलों का एक नया दौर शुरू कर दिया है. IRIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के नए मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं. हालांकि, ईरान के इस दावे की अभी तक अमेरिका या बहरीन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

 ईरान के बुशेहर शहर के आसपास सुने गए धमाके
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, बुधवार सुबह दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशेहर और उसके आसपास के इलाकों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित खार्ग द्वीप पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है. मेहर ने अपने स्थानीय संवाददाता के हवाले से कहा कि खार्ग द्वीप पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. फिलहाल धमाकों के कारण और किसी संभावित नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 

IRGC ने किया दावा- बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को बनाया निशाना
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के ताजा हवाई हमलों के जवाब में की गई. ईरानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब ईरान के सैन्य ड्रोन के वैध लक्ष्य होंगे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए. गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है। 

 बहरीन में फिर बजे एयर रेड सायरन
बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और तुरंत अपने सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. गृह मंत्रालय ने कहा कि सायरन एहतियात के तौर पर बजाए गए हैं और लोगों को सुरक्षा संबंधी सभी सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. यह आज सुबह दूसरी बार है, जब पूरे देश में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की जानकारी मिलने पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे। 

ईरान का दावा- बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपनी नौसेना और एयरोस्पेस बलों के साथ मिलकर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है. ईरान के अनुसार, इस अभियान में बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRGC का कहना है कि हमले में बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय और कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाया गया. ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से संघर्ष विराम और इस्लामाबाद समझौते के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई है. IRGC के मुताबिक, अमेरिका ने इससे पहले होर्मोज़गान और माहशहर में तटीय ठिकानों और गैर-सैन्य स्थानों पर हवाई हमले किए थे। 

अमेरिका ने फिर किए ईरान पर हमले, ट्रंप के वादे पर उठे सवाल
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर नए सैन्य हमले किए हैं। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के सात दिन के शोक और अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका कोई हमला नहीं करेगा. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. वॉशिंगटन के अनुसार, इन जहाजों की सुरक्षा के लिए जवाबी सैन्य कार्रवाई जरूरी थी. इन ताजा हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है। 

 IRGC का दावा- बुशेहर के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर प्रांत के खोरमुज क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है.  ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहबी ने कहा कि अमेरिकी सेना की ओर से कथित हवाई कार्रवाई के बाद ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन को निशाना बनाया और उसे गिरा दिया. हालांकि, इस दावे की अभी तक अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 

अमेरिका ने किया समझौता का बड़ा उल्लंघन: गालिबाफ
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अमेरिका पर समझौता ज्ञापन (MoU) के कई बड़े उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.  गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो दोनों देशों के बीच हुए समझौते के खिलाफ हैं. गालिबाफ का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है तथा अमेरिका ने समझौते की भावना का सम्मान नहीं किया। 

बहरीन में एयर रेड सायरन बजे, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी टेंशन के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए
हैं. इसके बाद गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और बिना घबराए अपने सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए : अमेरिका

अमरीका का हमला हॉर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. अमेरिका ने बताया है कि हमले में जिन लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, उनमें वायु रक्षा प्रणालियां, कमांड एवं कंट्रोल (C2) नेटवर्क, तटीय रडार, जहाज-रोधी मिसाइलें और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से अधिक छोटी नौकाएं शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर किया गया है. हाल ही में मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला तेल टैंकर M/T Al Rekayyat, सऊदी अरब का M/T Wedyan और लाइबेरिया के ध्वज वाला M/T Cyprus Prosperity निशाना बने थे। 

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की चेतावनी, कहा- मिलेगा करारा जवाब
अमेरिका की ओर से दक्षिणी ईरान में किए गए ताजा सैन्य हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी सेना ने कहा है कि वह इस कार्रवाई का करारा और निर्णायक जवाब देगी. ईरान के खातम-अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने एक बयान जारी कर अमेरिकी हमलों को खुला आक्रमण बताया. सेना का कहना है कि ये हमले ऐसे समय किए गए, जब ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर की इराक में अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी. ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है. साथ ही चेतावनी दी कि वह अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। 

 

 

 

शाजापुर की नई SP प्रियंका शुक्ला का बड़ा फैसला! पद संभालते ही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर किया अहम ऐलान

शाजापुर
 जिले की कानून-व्यवस्था में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी प्रियंका शुक्ला ने मंगलवार को शाजापुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने उन्हें जिले की कमान सौंपते हुए यहां की भौगोलिक स्थिति, पेंडिंग मामलों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यभार संभालते ही नई एसपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ परिचय बैठक की और साफ कर दिया कि अपराधियों के साथ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

तीसरी आंख और साइबर सुरक्षा पर फोकस
मीडिया से औपचारिक बातचीत के दौरान एसपी प्रियंका शुक्ला ने जिले को सुरक्षित रखने का अपना मास्टर प्लान साझा किया। उन्होंने बताया कि शाजापुर में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों को बेनकाब करने के लिए अधिक से अधिक संवेदनशील और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, बदलते दौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड से जनता को बचाने के लिए साइबर अवेयरनेस और टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन को मजबूत करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

महिला सुरक्षा और पारदर्शी पुलिसिंग का वादा
ग्राउंड बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाली एसपी शुक्ला ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला एवं बाल सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम किया जाएगा ताकि कोई भी पीड़ित बिना झिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सके। जिले में जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां हर फरियादी की सुनवाई निष्पक्ष और त्वरित होगी। इसके साथ ही, जिले में पैर पसार रहे किसी भी तरह के अवैध धंधों, माफियाओं और जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों के खिलाफ जल्द ही एक बड़ा जमीनी अभियान शुरू किया जाएगा।

 

सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशक बाद शुरू की पदोन्नति की प्रक्रिया
– कर्मचारियों ने मंत्रालय में सीएम डॉ. यादव को भेंट किया गुलदस्ता
– वर्षों से इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ

भोपाल
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों को दस साल से अपेक्षित बड़ी सौगात दी है। उन्होंने एक दशक बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया शुरू होने पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीएम डॉ. यादव का स्वागत किया। इस बीच कर्मचारियों ने यह भी मांग कर दी कि जिन विभागों में यह प्रक्रिया शुरू नहीं है, वहां भी जल्द शुरू की जाए। इस पर सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि जो भी अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नति का पात्र होगा, उसे वह दी जाएगी। सरकार की इस पहल से लाखों कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा।

गौरतलब है कि, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक के लिए जैसे ही मंत्रालय पहुंचे, वैसे ही उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े बजने लगे। अधिकारी-कर्मचारी उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े। कर्मचारियों ने सीएम डॉ. यादव को गुलदस्ता भेंट किया। इस मौके पर कर्मचारियों ने कहा कि हम पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हैं। 

कर्मचारी कल्याण के लिए सीएम डॉ. यादव प्रतिबद्ध
इस अवसर पर कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स  के पदाधिकारी मौजूद थे। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी कल्याण के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इस अवसर पर भी संघों के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र कर्मचारी अन्याय का शिकार नहीं होगा। उन्होंने पद संभालते ही कर्मचारी कल्याण के लिए पहल करनी शुरू कर दी थीं। उसी का परिणाम है कि आज लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है।

कर्नाटक में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन! कृषि अधिकारी पुष्पा के घर छापे में सोना-नकदी बरामद, जांच जारी

 बेंगलुरु

कर्नाटक लोकायुक्त ने बुधवार को राज्य भर में एक साथ छापेमारी की और 10 सरकारी अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी. इन सभी अफसरों पर अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु सिटी, बेंगलुरु साउथ, रायचूर, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, शिवमोगा और कलबुर्गी में इन अफसरों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई। 

इसी बीच कृषि विभाग की एईओ पुष्पा के घर से बड़ी मात्रा में सोने के गहने और भारी नकदी बरामद हुई है, जिसकी कीमत जानने के लिए सुनार को बुलाया गया है। पुष्पा के घर से मिले गहनों और नकदी की गिनती और वैल्यूएशन का काम अभी जारी है, जिससे पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी। 

लोकायुक्त की टीम ने जिन 10 अफसरों के यहां छापेमारी की, उनमें कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड रायचूर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बसनगौड़ पाटिल, कृषि इंजीनियरिंग (बागवानी) यूनिवर्सिटी चित्रदुर्ग के असिस्टेंट प्रोफेसर शंकर एम और वॉटरशेड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट चित्रदुर्ग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर दुग्गप्पा बी एच शामिल हैं। 

इसके अलावा बेंगलुरु पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नरेंद्र कुमार, केआरआईडीएल बेंगलुरु रेंज ऑफिस के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण बी श्री हरि और बेंगलुरु एपीएमसी में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) पुष्पा डी आर पर भी छापा पड़ा। 

इनके अलावा तुमकुरु के माइनर इरिगेशन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट इंजीनियर मधुसूदन एन, बेंगलुरु साउथ के कुंबलगोडु पंचायत के पीडीओ थिम्मे गौड़ा, शिवमोगा फॉरेस्ट रिसर्च डिवीजन के असिस्टेंट कंजरवेटर किरण अंगड़ी और कलबुर्गी की जीईएससीओएम के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) अमृत राव भी इस कार्रवाई में शामिल किए गए। 

इन सभी अफसरों की संपत्ति की जांच लोकायुक्त की टीम कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके पास मौजूद संपत्ति इनकी सैलरी और कमाई से मेल खाती है या नहीं। 

सोहेल-सीमा फिर आएंगे साथ, ‘अलायंस’ में दिखेगी एक्स कपल की जोड़ी

खान परिवार के चिराग सोहेल खान इन दिनों रियलिटी शो ‘अलायंस’ में दिखाई दे रहे हैं. सबसे खास बात ये है कि अब शो में सोहेल की एक्स वाइफ सीमा सजदेह संग दूरियां मिटती दिखेंगी. जी हां, सीमा सजदेह और सोहेल खान ‘अलायंस’ में फिर साथ दिखेंगे. खान खानदान के बेटे और एक्स बहू को शो में एक साथ देखने के लिए फैंस की एक्साइटमेंट सुपर हाई है.

सोहेल-सीमा की मिटेंगी दूरियां?
सोहेल खान कुछ दिन पहले ही प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘अलायंस’ में शामिल हुए हैं. अब उनकी एक्स वाइफ सीमा सजदेह भी जल्द ही शो में ग्रैंड वाइल्ड कार्ड एंट्री करने वाली हैं. शो में एक्स कपल सोहेल-सीमा एक ही छत के नीचे एक-दूसरे को टक्कर देते दिखेंगे. हालांकि सीमा का मानना है कि शो में भले ही उनकी एक दूसरे से टक्कर होगी, मगर वो जिंदगी भर एक-दूसरे के सपोर्टर बने रहेंगे.

इंडिया टुडे संग खास बातचीत में सीमा ने बताया कि शो में आने से पहले दोनों के बीच बात हुई थी और सोहेल ने उन्हें एक खास सलाह भी दी थी. सीमा ने मुस्कुराते हुए कहा- हमने बस मजे करने और जैसे हैं वैसे रहने के बारे में बात की. आखिरी बात जो उन्होंने मुझसे कही, वो थी- किसी से दबना मत, तो मैंने कहा- ठीक है, तुम वहां हो ही, तो मैं कंफर्ट फील करूंगी.

खेल से बढ़कर है हमारा रिश्ता- बोलीं सीमा
जब से शो का ट्रेलर सामने आया है, तब से दर्शकों के मन में यह सवाल है कि शो में सीमा और सोहेल की इक्वेशन क्या होगी? सीमा से पूछा गया कि क्या उनका अतीत या एक-दूसरे के खिलाफ खेलना उनके रिश्ते पर बुरा असर डाल सकता है? इसपर सीमा ने हंसते हुए कहा कि कुछ रिश्ते खेल से बढ़कर होते हैं. उन्होंने कहा- हम निर्वाण और योहान के पेरेंट्स हैं. हमारा रिश्ता पहले से है. चाहे पसंद हो या न हो, हम एक टीम हैं. अब अगर खेल के चक्कर में यह बदलता है, तो मुझे बहुत हैरानी होगी. यह मेरे लिए भी चौंकाने वाला होगा.

खास बात यह है कि सीमा को शो में जाने के लिए उनके बेटों से खास सलाह मिली है. सीमा ने बताया कि उनके छोटे बेटे योहान ने इस शो के लिए दोनों को सबसे ज्यादा मोटिवेट किया है. मगर बड़े बेटे निर्वाण ने शो में जाने को लेकर उनके सामने एक शर्त रखी थी.

सीमा ने हंसते हुए बेटे की शर्त के बारे में बताया- मेरे बड़े बेटे ने मुझसे कहा था- शो में किसी से भी मेरे बारे में बात करने की हिम्मत मत करना, यहां तक कि पापा से भी नहीं. मैंने कहा-मैं तुम्हारे बारे में क्यों बात करूंगी? हर चीज तुम्हारे बारे में नहीं होती. लेकिन हमारा छोटा बेटा हमें इस शो में देखने के लिए बहुत एक्साइटेड है. उसी ने हमें शो के लिए प्रेरित किया और कहा- आपको यह शो करना ही है और यह कपड़े पहनने हैं. इसलिए मुझे लगता है कि हम उसके लिए भी खेलेंगे.

‘अलायंस’ शो क्यों है अलग?
सीमा सजदेह का मानना है कि अलायंस शो लड़ाई-झगड़ों और चीखने-चिल्लाने के बजाय स्ट्रैटिजी पर बेस्ड है. इसलिए यह शो बाकी रियलिटी शोज से काफी अलग और नया है. उनके लिए सबसे बड़ी बात सेलिब्रिटी या कैमरे नहीं, बल्कि इस शो का फॉर्मेट था. शो के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा- मुझे शो का फॉर्मेट पसंद आया. यह बहुत साफ-सुथरा शो है. यह सिर्फ गेम्स के बारे में है और मजेदार लगता है. इसमें दूसरे रियलिटी शोज की तरह निजी जिंदगी की कीचड़ उछालने पर ध्यान नहीं दिया जाता. इसमें आपको सरेआम अपने घर के झगड़ों पर बात नहीं करनी पड़ती. इसलिए यह एक बेहतर, क्लासी और साफ-सुथरा गेम शो लगता है, जिसे मैं कर सकती हूं.

सीमा के मुताबिक, इस शो में टिके रहना किसी एक के शानदार खेल पर नहीं, बल्कि टीम की सोच पर निर्भर करता है. सीमा ने बात खत्म करते हुए कहा- जैसा कि नाम से ही साफ है, यह सब टीमवर्क के बारे में है. यह अकेले की परफॉर्मेंस का शो नहीं है, बल्कि मिलकर जीतने का खेल है. इसमें साथ मिलकर रणनीति बनानी होती है. लोगों को खुद से अलग करना आपको कहीं नहीं ले जाएगा, बल्कि इससे आप शो से बाहर हो जाएंगे.

अली गोनी की भी होगी वाइल्ड कार्ड एंट्री
बता दें कि सीमा के साथ शो में टीवी एक्टर अली गोनी भी वाइल्ड कार्ड के रूप में एंट्री करेंगे. दिलचस्प बात यह है कि अली शो के एक और कंटेस्टेंट अर्सलान गोनी के कजिन हैं, इसलिए आने वाले एपिसोड्स में दोनों भाइयों का तालमेल देखना भी मजेदार होगा.

CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान, 3D Blast हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹30-30 लाख की सहायता

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में 3 मजदूरों की मौत हो गई. घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं मृतकों के परिवार को कारखना प्रबंधन ने आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा कर दी है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में फेरो अलॉय बनाने का काम होता था. मंगलवार की शाम 6 बजे ब्लास्ट की घटना हुई. फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लान्सिंग करने के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने के कारण दुर्घटना घटित हुई. फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है. मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे भी उद्योगों में सुरक्षा पर कड़ाई से काम किया जाएगा.

मृतकों के परिजनों को 30 लाख का मुआवजा
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने घटना को लेकर कहा कि उरला के थ्री डी फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना बेहद दुखद है. फैक्ट्री को तत्काल बंद कर दिया गया है. साथ ही घटना की जांच के आदेश भी दिए गए है. उन्होंने बताया कि मृतकों 30-30 लाख मुआवजे का प्रावधान किया गया हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी.

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