बैतूल के दिव्यांग तैराक रामबरन को फिर मिला मौका! इंग्लैंड में 36 किमी तैराकी कर रचेंगे इतिहास

बैतूल 
हुनर और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी कमजोरी आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ है बैतूल के दिव्यांग तैरान रामबरन पाल के साथ। इंग्लिश चैनल को पार करने इंग्लैंड से रामबरन के बाद दूसरी बार बुलावा आया है। डोवर (इंग्लैंड) से फ्रांस तक लगभग 36 किलोमीटर की वन-वे तैराकी स्पर्धा के लिए उन्हें स्विमिंग और पायलटिंग फेडरेशन से स्वीकृति मिल चुकी है। तैराकी में लगभग 14 घंटे का समय लगेगा।

इस बार उनका स्लॉट 20 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच तय किया गया है। रामबरन ने बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रामबरन पाल ने बताया पिछले वर्ष भी उन्हें इंग्लिश चैनल पार करने का मौका मिला था। लेकिन मौसम खराब होने के कारण प्रतियोगिता नहीं हुई थी। जिसके लिए इंग्लैंड पहुंचे थे।

दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं

यहां 1 से 20 सितंबर 2025 तक डोवर में प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने बताया आवश्यक औपचारिकताएं और तैयारियां पूरी कर चुके थे, लेकिन समुद्र में खराब मौसम और तूफान के कारण स्पर्धा नहीं हो सकी, जिससे उन्हें बिना तैराकी किए वापस लौटना पड़ा। अब दोबारा अवसर मिलने पर वे पूरी तैयारी के साथ इंग्लैंड रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि इस बार उन्हें दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे पहले ही लंदन में कोच सत्येंद्र सिंह के मार्गदर्शन में इंग्लिश चैनल की तैराकी का विशेष प्रशिक्षण ले चुके हैं। प्रतियोगिता से पहले केवल मेडिकल परीक्षण होगा, जिसके बाद वे सीधे स्पर्धा में हिस्सा ले सकेंगे। रामबरन स्पर्धा में भाग लेने वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास कर रहे हैं।

दिव्यांगों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं पाल
रामबरन पाल ने बताया कि इंग्लिश चैनल पार करना हर तैराक का सपना होता है। यह प्रतियोगिता तेज लहरों, ठंडे पानी और बदलते मौसम के कारण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण तैराकी स्पर्धाओं में गिनी जाती है। उनका लक्ष्य चैनल पार कर भारत और बैतूल जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करना है। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं।

मिल चुके कई अवार्ड
तैराक रामबरन पाल राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 22 पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पदक जीत चुके हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2006 में प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इंदौर में 26 नई बसें दौड़ेंगी! ‘नो कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ मॉडल से यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

इंदौर

 इंदौर शहर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एआइसीटीसीएसएल) ने एक तरफ जहां इंदौर से आसपास के शहरों के लिए ई-बस चलाने की प्लानिंग कर रखी है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नर्सिंगपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर निकाले हैं। नो कास्ट कॉन्ट्रेक्ट मॉडल पर यह टेंडर निकालने गए हैं। अब जो बस ऑपरेटर एआइसीटीएसएल को ज्यादा पैसा देगा, उसे ठेका मिलेगा और बसों का संचालन और मेंटेनेंस भी ऑपरेटर को ही करना होगा।

टेंडर जारी करना शुरू
राज्य सरकार ने लोक परिवहन को अधिक सुलभ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एआइसीटीएसएल को मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के अधीन कर दिया है। इसके चलते अब एआइसीटीएसएल ने इंदौर से दूसरे शहरों के लिए बसें चलाने को लेकर टेंडर जारी करना शुरू कर दिया है। इंदौर के अलावा भी दूसरे शहरों से बसों को चलाने के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। पिछले दिनों इंदौर से आसपास के प्रमुख शहरों उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धारमां डव, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर के लिए 26 सर्वसुविधायुक्त इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के टेंडर जारी किए गए थे।

अब इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर निकाले गए हैं। इनके साथ ही झाबुआ से भोपाल, खरगोन से नीमच, खंडवा से शाजापुर, धार से पचमढ़ी, बुरहानपुर से नीमच, बड़वानी से शाजापुर, अलीराजपुर से देवास, बड़वानी से आगर-मालवा और धार से मंदसौर तक डीजल बस चलाने के भी टेंडर जारी किए गए हैं।

ऐसी और नॉन ऐसी रहेंगी बसें
एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन ने कहा कि नो कॉस्ट कॉन्ट्रेक्ट मॉडल पर 26 बसों के टेंडर निकालने गए हैं। अब जो बस ऑपरेटर ज्यादा पैसा देगा, उसे ठेका मिलेगा और बसों का संचालन व मेंटेनेंस भी उसे ही करना होगा। इंदौर और अन्य शहरों से चलने वाली सभी 26 बसें ऐसी और नॉन ऐसी रहेंगी। ई-बस को लेकर पिछले दिनों जारी किए गए टेंडर को लेकर उन्होंने कहा कि अभी टेंडर लाइव हैं।

589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी

589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी

भोपाल 

धार वन मंडल ने वन भूमि संरक्षण एवं अतिक्रमण नियंत्रण अभियान के तहत जनवरी से मई 2026 के बीच कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम वन समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 7 वन परिक्षेत्रों में का गई।

विभागीय कार्रवाई में वन परिक्षेत्र धार में 100.55 हैक्टेयर, धामनोद में 35.10हैक्टेयर, मांडव में 50.78 हैक्टेयर, सरदारपुर में 50.62 हैक्टेयर, टांडा में 93.76 हैक्टेयर, बाग में 202.82 हैक्टेयर तथा कुक्षी में 56.00 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। धार वन मंडल में कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि पुनः वन विभाग के संरक्षण में लाई गई। अभियान का उद्देश्य वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर उसका पुनर्वनीकरण करते हुए प्राकृतिक वन संपदा का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर सागौन रूट-शूट की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को वैज्ञानिक पद्धति से सागौन रूट-शूट रोपण, पौध संरक्षण एवं रखरखाव का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। वन भूमि सार्वजनिक एवं प्राकृतिक संपदा है, जिसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. ने चेतावनी दी है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति वन भूमि पर अतिक्रमण करता है अथवा ऐसा करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण वन विभाग के साथ पुलिस में भी एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।

 

इंदौर में बन रहा MP का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर, सितंबर में जनता को मिलेगी बड़ी सौगात

  इंदौर
इंदौर शहर विकास की राह में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी के चलते शहर के लवकुश चौराहे पर बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज का एक हिस्सा बनकर तैयार हो गया है, जिसकी लोड टेस्टिंग का काम भी पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे हिस्से की स्लैब डालने की तैयारी चल रही है। जुलाई में स्ट्रक्चर का काम लगभग खत्म हो जाएगा, लेकिन बरसात की वजह से डामर की मास्टिंग नहीं होने पर सितंबर में सौगात मिल सकेगी। बता दें कि, इस फ्लाईओवर के बनने से इसके जरिए रोजाना दो लाख से ज्यादा वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी।

160 करोड़ की लागत से बन रहा मध्य प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर शहर के लवकुश चौराहे पर बनकर तैयार होने जा रहा है। हालांकि, इस फ्लाईओवर का निर्माण अगस्त 2025 में पूरा होकर शुरू हो जाना था। अहमदाबाद की ठेकेदार कंपनी विजय एम मिस्त्री कंस्ट्रक्शन कंपनी को साइट व अन्य बाधाएं हटाकर देने में देरी हो गई, जिसकी वजह से दिसंबर तक का समय उसे दिया गया था।

7 महीने लेट, कलेक्टर की सख्ती के बाद पकड़ी रफ्तार
तकनीकी कारण और ठेकेदार कंपनी की धीमी चाल की वजह से सात माह लेट चल रहा है। उसमें भी कलेक्टर कलेक्टर शिवम वर्मा ने ब्रिज का दौरा कर सख्ती की जिसकी वजह से ठेकेदार कंपनी सक्रिय हुई और काम में समय से काफी धीमी रफ्तार से ही सही पर काम पूरा होने जा रहा है।

शुरुआती अगस्त तक दूसरी लोड टेस्टिंग
काम में तेजी आने से ब्रिज के बीच वाले हिस्से के दोनों तरफ बो स्ट्रिंग गर्डर लॉन्च हो गई और एक हिस्से में स्लैब डालकर लोड टेस्टिंग कर दी गई है। दूसरे हिस्से की स्लैब डालने की तैयारी की जा रही है, जिस पर सरिए का जाल बनकर तैयार हो गया है। 15 जुलाई तक ये काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद अगस्त की शुरुआत तक लोड टेस्टिंग भी कर दी जाएगी।

ठेकेदार को धूप निकलने का इंतजार
इधर, ठेकेदार कंपनी बाकी हिस्से को भी पूरा करने की बात कह रही है। इसके बावजूद ब्रिज अगस्त में शुरू नहीं हो पाएगा, क्योंकि ब्रिज पर डामर का मास्टिंग की जाती है। ये काम बरसात के चलते हो पाना संभव नहीं है। क्योंकि, इसके लिए धूप की आवश्यकता होती है। सितंबर में मौसम साफ मिलने पर ये काम भी पूरा करने की बात कही जा रही है। ऐसे में संभावना है कि, सितंबर तक शहरवासियों को प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर की सौगात मिल जाएगी।

ट्रंप के संकेत के बाद इजरायल का बड़ा एक्शन? ईरान पर सबसे घातक हमले की तैयारी, मीडिया रिपोर्ट में बड़ा दावा

तेहरान 

ईरान और अमेरिका की जंग दोबारा शुरू हो चुकी है. ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है और उन्हें ईरान के साथ बातचीत का कोई मतलब ही समझ में नहीं आ रहा है ट्रंप ने एक बार फिर से दोहराया है कि वो ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं कर देंगे और उन्होंने रिजीम चेंज की भी हिंट दी है. ट्रंप के इस ऐलान के तुंरत बाद इजरायल एक्टिव हो गया है और इजरायली मीडिया के मुताबिक नेतन्याहू जल्द ही ईरान पर अटैक लॉन्च करने वाला है। 

सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के इलाके में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जो हमले किए हैं, वे दस दिन पहले हुए हमलों की तुलना में ‘चार से पांच गुना ज्यादा बड़े और शक्तिशाली’ हैं।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाखों लोग सड़कों पर हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन अभी कई घंटों तक जारी रह सकता है।

तेहरान का बढ़ा होर्मुज लालच, नेतन्याहू की आंखें लाल

 प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आंखें लाल हो चुकी हैं और इजरायली सेना ने ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए अपने फाइटर जेट्स के इंजन स्टार्ट कर दिए हैं. ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और अब उसका लालच और बढ़ गया है. इस पूरी लड़ाई की सबसे बड़ी जड़ बना है दुनिया का सबसे सेंसिटिव समुद्री रास्ता- ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, जहां ईरान एक खतरनाक नया खेल खेलने की जिद पर अड़ गया है। 

होर्मुज में ईरान का नया पैंतरा और बढ़ता लालच
दरअसल, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक ऐसा समुद्री रास्ता है जहां से पूरी दुनिया का लगभग 20 से 30 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है. मार्च और अप्रैल के महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर गोलाबारी हो रही थी, तब ईरान ने इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी थी. बाद में जून के महीने में दोनों देशों के बीच ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ साइन हुआ और कुछ शर्तों पर युद्धविराम हुआ था। 

लेकिन ईरान अब इस रास्ते पर अपना पुराना हक नहीं, बल्कि एक ‘नया स्टेटस को’ (New Status Quo) यानी अपना नया कंट्रोल थोपना चाहता है. तेहरान का कहना है कि अब पुराना दौर भूल जाओ. ईरान ने ऐलान कर दिया कि अब जो भी कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजरेंगे, उन्हें पहले ईरान की ‘परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ से भीख की तरह इजाजत मांगनी होगी, ईरान के तय किए रास्तों पर चलना होगा और तेहरान को भारी-भरकम टैक्स या फीस देनी होगी. ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते को स्वेज नहर की तरह अपनी जागीर बनाना चाहता है, जिससे अमेरिका और इजरायल भड़क गए हैं। 

अमेरिका ने क्यों उठाया यह कदम?
पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर ईरान की तरफ से हुए नए हमलों के जवाब में अमेरिका ने यह जवाबी कार्रवाई की है। इसके साथ ही, अमेरिका ने ईरानी तेल पर दी गई प्रतिबंधों की अस्थायी छूट को भी तुरंत रद्द कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले तीन तेल टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने तेहरान पर दबाव काफी बढ़ा दिया है।

अमेरिकी सेंटकॉम ने “अमेरिकी सेना ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों, एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नावों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग पर हमला करने की ईरान की क्षमता को खत्म करना है।”

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ही इस हमले की योजना को मंजूरी दी थी।

कहां-कहां गूंजे धमाके?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के बंदरगाह शहरों और द्वीपों पर भारी बमबारी की गई है।

    केश्म द्वीप: कम से कम 6 बार बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई।
    सिरिक: 7 से 9 मिसाइलें गिरने की खबर है।
    बंदर अब्बास: इस प्रमुख बंदरगाह शहर में करीब 10 धमाके सुने गए।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान चेतावनियों को नहीं सुन रहा था, इसलिए अमेरिका ने इस बार “हमलों का वॉल्यूम बढ़ा दिया है।”

अधर में लटकी शांति वार्ता
इस भीषण हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) खत्म हो गया है, लेकिन वे बातचीत जारी रखने की अनुमति देंगे। इसके अलावा वाशिंगटन ने ईरानी तेल की बिक्री को अधिकृत करने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।

दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत फिलहाल रुक गई है। माना जा रहा है कि अब यह बातचीत 9 जुलाई को होने वाले अली खामेनेई के दफन के बाद ही आगे बढ़ सकेगी। ज्ञात हो कि खामेनेई इसी साल 28 फरवरी को हुए अमेरिकी-ईरानी हवाई हमलों में मारे गए थे।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया: “करारा जवाब मिलेगा”
ईरान के सैन्य मुख्यालय ‘खातम-अल-अंबिया’ ने इस अमेरिकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे ‘खुली आक्रामकता’ करार दिया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वे इसका “करारा जवाब” देंगे और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के प्रबंधन में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सेना ने साफ कहा कि इस रूट से गुजरने वाले जहाजों के लिए केवल ईरान द्वारा तय किया गया रास्ता ही सुरक्षित है।

ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यह अमेरिका द्वारा किया गया MoU का बड़ा उल्लंघन है। दक्षिणी ईरान पर हमले और तेल प्रतिबंधों को दोबारा थोपकर डराने-धमकाने का दौर अब खत्म हो चुका है। हम झुकने वाले नहीं हैं।”

बीच में दौरा छोड़ वतन लौटे ईरानी राष्ट्रपति
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन जो पूर्व सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार के सिलसिले में इराक के नजफ शहर में थे, वे अपना दौरा बीच में ही छोड़कर तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं।

दूसरी तरफ, ईरान के नए सर्वोच्च नेता और खामेनेई के बेटे, आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई अभी तक इन रस्मों में कहीं नजर नहीं आए हैं। माना जा रहा है कि वे किसी गुप्त स्थान पर छिपे हुए हैं, क्योंकि अपने पिता की मौत वाले हवाई हमले में वे भी घायल हो गए थे।

ट्रंप का गुस्सा: ‘Iran US समझौता अब पूरी तरह खत्म!
ईरान ने सिर्फ नियम ही नहीं बदले, बल्कि उसने पिछले कुछ दिनों में होर्मुज के पास तीन बड़े तेल टैंकर जहाजों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला भी कर दिया. बस फिर क्या था, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. ट्रंप ने तुर्की में चल रहे नाटो समिट के दौरान साफ कह दिया, ‘जहां तक मेरा सवाल है, यह समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. इन लोगों से बात करना सिर्फ टाइम वेस्ट करना है. मुझे ये लोग बिल्कुल पसंद नहीं हैं। 

ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान पर लगे उन प्रतिबंधों की छूट को वापस ले लिया, जिसके तहत ईरान अपना तेल बेच पा रहा था. अमेरिका ने साफ कर दिया कि ईरान की बदतमीजी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

आधी रात को दहला ईरान, अमेरिका ने बरसाए बम
ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बिना एक पल गंवाए ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू कर दिया. अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ईरान के तटीय ठिकानों पर 80 से ज्यादा ठिकानों को बमबारी करके उड़ा दिया. ईरान के बंदर अब्बास, बुशहर, जहां ईरान का परमाणु पावर प्लांट है और केश्म आइलैंड जैसे इलाके लगातार हो रहे धमाकों से दहल उठे। 

अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 60 से ज्यादा लड़ाकू नावों को समंदर में ही दफन कर दिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये हमला ईरान की उस ताकत को कुचलने के लिए था, जिसके दम पर वो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने की गुस्ताखी कर रहा था। 

ईरान ने दागीं मिसाइलें, कुवैत और बहरीन में हड़कंप
अमेरिकी बमबारी से तिलमिलाए ईरान ने भी तुरंत पलटवार किया. ईरान की IRGC ने आधी रात को बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन दाग दिए. बहरीन और कुवैत के आसमान में आधी रात को सायरन गूंजने लगे और उनके एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए. कुवैत की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की तरफ से आ रही एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया लेकिन इस जवाबी हमले ने साबित कर दिया है कि ईरान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है और वो खाड़ी देशों को भी इस महायुद्ध में घसीटने से पीछे नहीं हटेगा। 

नेतन्याहू की आंखें लाल
इस पूरी जंग के बीच जो सबसे खतरनाक खिलाड़ी है, वो है इजरायल. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले दिन से ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करने का मौका ढूंढ रहे थे. जैसे ही ट्रंप ने सीजफायर कैंसिल होने का ऐलान किया, इजरायली मीडिया ने एक बेहद चौंकाने वाली खबर लीक कर दी. इजरायली मीडिया के मुताबिक, नेतन्याहू ने अपनी वॉर कैबिनेट के साथ मिलकर ईरान पर एक ‘फाइनल और विनाशकारी अटैक’ का प्लान लीक कर दिया है। 

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से आकाशीय बिजली से मृत व्यक्ति के परिजनों को मिली 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रस्तुत आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाशीय बिजली गिरने से मृत व्यक्ति के आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है और शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली का एक और उदाहरण सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, आकाशीय बिजली गिरने से हुई मृत्यु के बाद मुआवजा राशि लंबित होने पर मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन प्रस्तुत कर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में राजस्व विभाग द्वारा प्रकरण का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने मृतक के आश्रित  संजय कुजूर, ग्राम झिक्की, तहसील बगिया, जिला जशपुर के पक्ष में 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने की अनुशंसा कलेक्टर जशपुर को भेजी। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई।आर्थिक सहायता मिलने से मृतक के परिजनों को कठिन समय में संबल मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देने के बाद उनके मामले पर तत्काल संज्ञान लिया गया और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित होने से उन्हें समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकी।

उल्लेखनीय है कि बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर राहत मिल रही है और शासन के प्रति आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण किया है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है।  तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 5,500  रुपए प्रति मानक बोरा होने से संग्राहक परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

             
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगल से जुड़े प्रत्येक श्रमिक को उसके श्रम का उचित सम्मान मिले और पारिश्रमिक समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचे।

वर्ष 2023 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण शुरू
            
वन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि विगत 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत प्रदेश की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7,14,446 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है और शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।

संग्रहण पारिश्रमिक का समय पर ऑनलाइन भुगतान
               
वन मंत्री ने बताया कि सरकार ने संग्रहण सत्र 2026 में भी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रदेश के लगभग 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए की संग्रहण पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे लाखों वनवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।

पारदर्शी और तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था
        
 केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। इसलिए राज्य सरकार संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बना रही है, ताकि संग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वनवासियों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
              
वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना इसी सोच का परिणाम है। आने वाले समय में भी सरकार वनवासियों के हितों की रक्षा, उनकी आय में वृद्धि तथा वन आधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

उरला की फैक्ट्री दुर्घटना के बाद सख्त कार्रवाई, मृतक श्रमिकों के कंपनी प्रबंधन द्वारा परिजनों को 30-30 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति

रायपुर

कल ग्राम बेन्द्री, उरला औद्योगिक क्षेत्र के पास, थाना उरला, जिला रायपुर स्थित मेसर्स 3-डी इनोवेशन कारखाने में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कारखाने के फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने से कार्यरत तीन श्रमिकों श्री अरुण पाण्डेय, श्री लाल सिंह एवं श्री कमल सिंह की दुःखद मृत्यु हो गई।
    
दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा तत्काल घटनास्थल पहुँचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान घटनास्थल का विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य लिए गए, फोटोग्राफ एवं विडियोग्राफ लिए गए तथा कारखाना प्रबंधन एवं श्रमिकों से प्रारंभिक पूछताछ कर दुर्घटना के कारणों की जांच प्रारंभ की गई।
    
प्रारंभिक जांच के आधार पर एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कारखाना परिसर में संचालित समस्त प्रकार की विनिर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस संबंध में कारखाने के अधिभोगी एवं प्रबंधक को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
    
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि में कारखाने में नियोजित सभी श्रमिकों को नियमानुसार देय वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए। विभाग के प्रयासो से कारखाना प्रबंधन द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को 30 – 30 लाख रूपए की तत्काल आर्थिक सहायता राशि देने की सहमति दी गयी।
    
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शासकीय सेवकों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और सहज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। जब कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर कार्य करेंगे, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए निजी साहूकारों अथवा ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लेने की विवशता का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की है, जिसके माध्यम से वे बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करते हुए इस सुविधा को ई-कोष प्रणाली से एकीकृत किया है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी है तथा इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं आएगा। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त विभाग की टीम को बधाई देते हुए सभी शासकीय सेवकों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना प्रारंभ की गई है, जिससे तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पायलट चरण के मात्र दो माह में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया है तथा 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक  कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करेगी तथा आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।

उल्लेखनीय है कि यह सुविधा ई-कोष प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण एवं सहमति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ऋण स्वीकृति एवं वितरण त्वरित रूप से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता तथा डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव  विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव  चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त)  ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष  चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास 2.0 लैंड टॉक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न

रायपुर

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टॉक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास 2.0 के लिए हितग्राही की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र हितग्राहियों को ढूंढकर सत्यापन करना एवं उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए समूचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। 
              
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों मेें वर्तमान और भविष्य की आवासीय आवश्यकता का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने कहा है। जिससे समय पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनांतर्गत हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर.शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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