चित्रकूट दौरे पर CM योगी, कामदगिरि की परिक्रमा कर बरहा हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

चित्रकूट
दो दिवसीय प्र
वास के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था और परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान कामदनाथ के दरबार में माथा टेका। नंगे पैर करीब डेढ़ घंटे की कामदगिरि परिक्रमा कर उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया, महाआरती में शामिल हुए और संत-महंतों का आशीर्वाद लिया। परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने बंदरों को केले खिलाए और बच्चों को टाफियां बांटकर स्नेह भी जताया।

बुधवार रात न्यू सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री सुबह 7:25 बजे बरहा हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां श्रीराम-जानकी मंदिर में दर्शन-पूजन और आरती के बाद उन्होंने कामदगिरि परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा मार्ग में सरयू धारा पर कुछ देर ध्यानमग्न होकर बैठे। इसके बाद कामदनाथ के प्रमुख मुखारबिंद में मंदिर व्यवस्थापक संत मदन गोपालदास के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की।

आगे प्राचीन मुखारबिंद और तृतीय मुखारबिंद में भी दर्शन कर आरती में शामिल हुए, जहां प्रमुख पुजारी भरतदास महाराज ने उनका पूजन कराया। परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने कामदगिरि की प्राकृतिक छटा का अवलोकन किया। बरहा हनुमान मंदिर में संकटमोचन हनुमान जी के दर्शन करने के बाद वे कामदगिरि महाआरती स्थल पहुंचे, जहां विपिन विराट महाराज के नेतृत्व में ब्राह्मण बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान कामदनाथ की महाआरती में सहभागिता की।

पूरे परिक्रमा मार्ग पर स्थित मठ और मंदिरों में संत-महंतों ने तिलक लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यूपी और मध्य प्रदेश पुलिस की पांच स्तरीय सुरक्षा तैनात रही। श्रद्धालु मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए मार्ग के दोनों ओर खड़े दिखाई दिए।

परिक्रमा के दौरान लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, आलोक पांडेय, अश्वनी आवस्थी, एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, मंडलायुक्त अजीत कुमार, डीआईजी राजेश एस, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परिक्रमा पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री न्यू सर्किट हाउस लौटे और वहां से सुबह 10:35 बजे चित्रकूट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से विशेष विमान से बांदा के लिए रवाना हो गए।

 

एटक और आंगनबाड़ी बहनों की जीत-विभा

एटक और आंगनबाड़ी बहनों की जीत-विभा

बिलासपुर
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 15 सौ रुपए प्रति माह तथा सहायिकाओ का मानदेय मे 750 रुपए की कटौती कर दी गई थी । इसी कटौति के ख़िलाफ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक की प्रांतीय महामंत्री जो स्वयं एक कार्यकर्ता है ने 2019 में मध्य प्रदेश सरकार के फैसले को उच्च न्यायालय जबलपुर में चुनौती दी न्यायालय मे पैरवी बरिष्ट अधिवक्ता अरविन्द श्रीवास्तव ने किया था । 

3 फरवरी 2026 को जबलपुर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 48 माह का एरियर्स 1 लाख 20 हजार रूपए प्रति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 63 हजार रुपए 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करे। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय के डबल बेंच के समक्ष अपील की । 8 जुलाई 2026  को उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने सरकार की अपील को ख़ारिज कर दिया।  और एरियर्स भुगतान को यथावत रखा गया है।फ़ैसला आने के बाद याचिकाकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक की महासचिव विभा पांडेय ने भावुक होकर कहा कि 2019 में मध्य प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ पहली बार याचिका लगाई तो हज़ारों कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का समर्थन एवं आशीर्वाद हमारे साथ था अरविन्द श्रीवास्तव बरिष्ट अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर ने प्रकरण को अध्ययन कर कहा कि ज़रूर हम जीतेंगे और वही हुआ।

विभा पांडेय ने कहा कि ग्रेच्युटी का केस भी हम जीत गये हैं और मानदेय 26 हजार रुपए प्रति माह करने का केस भी जीतेंगे और सभी बहनों का समर्थन , सहयोग और आशीर्वाद मिलता रहा तो हम बहनों को एक सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी दिला कर रहेंगे ।

पंजाब के स्कूलों के लिए बारिश को लेकर नई गाइडलाइन, पानी के टैंकों की सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के आदेश

लुधियाना.

पंजाब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां मानसून का सीजन पूरी तरह से शुरू होने के बाद अब अधिकारियों की नींद टूटी है। विभाग द्वारा स्कूलों में बरसात से बचाव और प्रबंधों को लेकर अब गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं और रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं।

दफ्तर डायरैक्टर स्कूल शिक्षा (सैकेंडरी ), पंजाब की ओर से सभी जिला शिक्षा अफसरों को पत्र जारी कर बरसात के मौसम में स्कूलों की इमारतों और विद्यार्थियों की सेहत संभाल संबंधी गाइड लाइंस जारी की गई हैं। इन निर्देशों में साफ लिखा है कि स्कूलों की छतों और पानी की पाइपों की सफाई करवाई जाए, पानी के टैंकों को साफ किया जाए और स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे लाइब्रेरी, क्लासरूम व लैब की दरारों को तुरंत ठीक करवाया जाए ताकि कीड़े-मकोड़े न पनप सकें। अध्यापकों का तर्क है कि सरकार और विभाग के आला अफसरों को बुनियादी बात समझनी चाहिए कि छतों की सफाई, दरारें भरने और पानी की टंकियां साफ करने का काम कड़कती धूप वाले महीनों यानी मार्च और अप्रैल में सही ढंग से हो सकता है। अब जब हर तरफ मूसलाधार बारिश हो रही है, तब छतों पर चढ़कर मुरम्मत करवाना और टंकियां साफ करवाना न सिर्फ मुश्किल है बल्कि जानलेवा भी है। विभाग ने समय रहते बजट और संसाधन जारी नहीं किए और अब अपनी नाकामी छुपाने के लिए स्कूलों को सूचियों में उलझा दिया है।

इस पर रोष जताते हुए अध्यापक वर्ग ने कहा कि सरकार केवल कागजों पर आदेश जारी करना जानती है। असलियत में ग्राउंड लेवल पर न तो फॉगिंग के लिए कोई ग्रांट दी गई है और न ही लटकती तारों को ठीक करने के लिए बिजली विभाग का कोई सहयोग मिल रहा है। स्कूलों में फर्स्ट ऐड किट उपलब्ध रखने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों को खुद ही इवेकुएशन प्लान तैयार करने के निर्देश देकर अफसरों ने सारा बोझ अध्यापकों पर डाल दिया है। अध्यापकों का आरोप है कि यह पूरी कवायद सिर्फ इसलिए की जा रही है ताकि कल को अगर बारिश या शॉर्ट सर्किट से कोई हादसा हो जाए, तो अधिकारी यह पत्र दिखाकर कह सकें कि हमने तो पहले ही लिख दिया था।

ऐन मानसून में जानकारी देने से भी नहीं सुधरेंगे हालात 
अध्यापकों का यह भी कहना है कि यदि अब विभाग के दबाव में आकर स्कूलों द्वारा आनन-फानन में यह सारी जानकारी दे भी दी जाए, तो भी इसका इस सीजन में कोई फायदा नहीं होने वाला। अब जब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और स्कूल परिसरों में पानी जमा होने लगा है, तब कागजों पर कमियां गिनाने या रिपोर्ट भेजने से धरातल पर स्थितियां नहीं बदलेंगी। बारिश के बीच न तो भवनों की मरम्मत संभव है और न ही जलभराव की समस्या का तुरंत कोई बड़ा समाधान निकाला जा सकता है। अध्यापकों के अनुसार, जानकारी जुटाने का यह नाटक सिर्फ फाइलों का पेट भरने के लिए किया जा रहा है, ताकि विभाग यह दिखा सके कि वह काम कर रहा है, जबकि असलियत में इस समय ऐसी रिपोर्टिंग का कोई व्यावहारिक लाभ विद्यार्थियों या अध्यापकों को नहीं मिलने वाला।

CG Police में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 64 इंस्पेक्टरों का तबादला, जारी हुई नई पोस्टिंग सूची

रायपुर.

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 64 निरीक्षकों (टीआई) का तबादला किया गया है। यह आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के आधार पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, अधिकांश निरीक्षकों का तबादला नक्सल प्रभावित जिलों से मैदानी जिलों में किया गया है, जबकि कई निरीक्षकों को मैदानी क्षेत्रों से बस्तर संभाग के जिलों में पदस्थ किया गया है। यह तबादला तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू रहेगा।

इस ट्रांसफर लिस्ट में बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, सूरजपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सहित कई जिलों के निरीक्षक शामिल हैं।

CM साय आज समोदा में देंगे 112 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, कई कार्यों का होगा लोकार्पण-शिलान्यास

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज समोदा दौरे पर रहेंगे। यहां CM साय 112 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देंगे। 21.67 करोड़ के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण के साथ ही 90.34 करोड़ के 29 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।

आरंग और समोदा क्षेत्र में सड़क, भवन, नगरीय विकास और ग्रामीण अधोसंरचना परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। साथ ही नवा रायपुर के कोटरा भाठा में 18 करोड़ की लागत से बनने वाले 100 बिस्तर वाले अस्पताल का भी भूमिपूजन होगा। कार्यक्रम में डिप्टी CM अरुण साव समेत कई मंत्री मौजूद रहेंगे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। 13 से 17 जुलाई तक चलने वाले इस 5 दिवसीय सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी। छोटा सत्र होने के बावजूद सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं, क्योंकि इस बार विधायकों ने जनता से जुड़े कुल 1,033 सवाल लगाए हैं। विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी विभिन्न विभागों से संबंधित प्रश्न पूछे हैं। इस बार सदन में नकटी जलाशय और किसानों की समस्याओं समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर घमासान देखने को मिलेगा। इसके अलावा, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए भी कई अन्य मुद्दों को उठाने की पूरी तैयारी है। देखना होगा कि 5 दिनों के सत्र में सरकार को घेरने की विपक्ष की क्या रणनीति रहती है।

अमेरिका का ईरान पर सबसे बड़ा हमला! 90 ठिकाने तबाह, IRGC को भारी नुकसान, रेलवे ब्रिज ध्वस्त-चाबहार की बिजली गुल

वॉशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की धमकी दी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि बुधवार की रात ईरान पर अब तक का सबसे विध्वंसक हमला किया जा सकता है. अब अमेरिकी सेना ने इरान पर हमला बोल दिया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास और सीरिक समेत कई इलाकों में हमले किए हैं। 

इन दोनों इलाकों में तेज धमाकों की आवाज सुनी जा रही है. ईरानी समाचार एजेंसी मिजान के मुताबिक बंदर अब्बास के साथ ही सीरिक में भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी बंदर अब्बास में धमाकों की पुष्टि की है. मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को ईरान पर अमेरिकी हमले में दो मछुआरों की मौत हो गई है। 

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक चाबहार, कोनारक के करीब भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम भी एक्टिव हो गया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक ताजा हमलों के बाद चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. वहीं, ईरान के अक्काला में अमेरिका ने रेलवे ब्रिज उड़ा दिया है। 

ईरान की सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक अबू मूसा द्वीप पर कुल 10 धमाके हुए हैं. चाबहार और कोनारक में भी 10 धमाकों की आवाज सुनी गई है. चाबहार में एक अस्पताल पर दागे गए हथियार का मलबा गिरा है और अमेरिकी हमले से शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को भी नुकसान पहुंचा है. बंदर अब्बास में आठ और सीरिक में तीन धमाके हुए हैं। 

प्रेस टीवी के मुताबिक बुशेहर में भी दो प्रोजेक्टाइल गिरे हैं और जास्क में भी कई धमाके हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर चाबहार में हमले के बाद उठती आग की लपटों की तस्वीर शेयर किया है. उन्होंने यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि ये कल ईरान की ओर से जहाजों पर किए गए हमले का जवाब है. उन्होंने धमकी भरे अंदाज में आगे लिखा कि ऐसी कार्रवाई अगर दोबारा हुई, तो जवाब इससे भी कहीं अधिक गंभीर होगा। 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है. अमेरिकी सेना ने कहा है कि ये हमले होर्मुज में आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करने की ईरानी क्षमता को और कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं। 

ट्रंप ने दी थी विध्वंसक हमले की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की चेतावनी देते हुए कहा था कि हम उनको जोरदार जवाब देंगे. टर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की से मुलाकात के पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात के संकेत दे दिए थे कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. नाटो ने भी अमेरिका के सैन्य एक्शन का समर्थन कर दिया है। 

अमेरिका और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ, जानें बड़ी बातें

अमेरिका-ईरान ने एक-दूसरे पर नए हमले किए हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है, जबकि ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है. जानें अब तक इस ताजा हमले में क्या-क्या हुआ…

अमेरिका और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ. जानिए बड़ी बातें
– अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए। 

– CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की हमले की क्षमता को कमजोर करना है। 

– अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 
– हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाया गया। 

– ईरानी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास, बुशेहर, चाबहार, कोनारक, ईरानशहर, सिरिक, जास्क, अबू मूसा द्वीप, क़ेश्म द्वीप और अककला समेत कई शहरों में धमाके हुए। 

– ईरानशहर में एयरपोर्ट की एक सुविधा पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम एक फायरफाइटर की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। 
– चाबहार में दो डॉक, समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर और एक डिपो को नुकसान पहुंचा. इमाम अली अस्पताल भी हमले की चपेट में आया और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। 
– अककला में आक टेका खान रेलवे ब्रिज पर हमला हुआ। 
– बुशेहर प्रशासन ने कहा कि वहां के परमाणु बिजली संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। 
– जवाबी कार्रवाई में IRGC ने कुवैत के Camp Arifjan और Ali Al Salem एयरबेस, साथ ही बहरीन के Juffair और Sheikh Isa बेस को निशाना बनाने का दावा किया। 
– बहरीन और कुवैत के सरकारी मीडिया के मुताबिक, दोनों देशों में सुरक्षा सायरन बजाए गए। 

ईरान में 90 ठिकानों पर US ने किए हमले
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में एक और बड़े सैन्य अभियान के तहत करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों का मकसद ईरान की होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों के जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कमजोर करना है। 

CENTCOM ने कहा कि हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक क्षमताओं और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. इससे एक दिन पहले भी अमेरिका ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमला करने का दावा किया था। 

अमेरिका ने मशहद जाने वाले दो ब्रिज को तबाह किया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपने ताजा हमलों में ईरान के पूर्वी हिस्से में मशहद जाने वाले दो अहम पुलों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया. IRGC का आरोप है कि यह हमला दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम विदाई समारोह को प्रभावित करने की कोशिश है। 

IRGC ने कहा कि “अमेरिका की यह आक्रामक कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी.” IRGC ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया। 

 IRGC कुवैत-बहरीन में दागे ड्रोन-मिसाइल
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. IRGC ने इसे अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में “सजा देने वाली जवाबी कार्रवाई का पहला चरण” बताया है। 

IRGC का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का उल्लंघन किया और ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों के साथ पूर्वी ईरान के दो पुलों पर हमला किया. इसके बाद नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर यह ऑपरेशन शुरू किया। 

IRGC ने दावा किया कि कुवैत के आरिफजान और अली अल सलेम, जबकि बहरीन के जुफैर और शेख ईसा स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आगे और हमले किए तो क्षेत्र में मौजूद दूसरे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। 

रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप

621 समितियों के 7.14 लाख से अधिक संग्राहकों को मिलेगा 162.32 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक

11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही मिल चुका है

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण किया है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है।  तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 5,500  रुपए प्रति मानक बोरा होने से संग्राहक परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

             वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगल से जुड़े प्रत्येक श्रमिक को उसके श्रम का उचित सम्मान मिले और पारिश्रमिक समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचे।

वर्ष 2023 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण शुरू

            वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि विगत 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत प्रदेश की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7,14,446 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है और शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।

संग्रहण पारिश्रमिक का समय पर ऑनलाइन भुगतान

               वन मंत्री ने बताया कि सरकार ने संग्रहण सत्र 2026 में भी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रदेश के लगभग 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए की संग्रहण पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे लाखों वनवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।

पारदर्शी और तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था

              केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। इसलिए राज्य सरकार संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बना रही है, ताकि संग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वनवासियों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

              वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना इसी सोच का परिणाम है। आने वाले समय में भी सरकार वनवासियों के हितों की रक्षा, उनकी आय में वृद्धि तथा वन आधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

CG Cabinet Decisions: साय कैबिनेट के 11 बड़े फैसले, कारोबार होगा आसान, निजी विश्वविद्यालयों के नए नियम समेत कई अहम मंजूरियां

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, निवेश, शिक्षा, कर व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कारोबार को आसान बनाने, निवेश आकर्षित करने, निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता बढ़ाने, बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और किरायेदारी कानून में बदलाव जैसे कई अहम निर्णय लिए।

कैबिनेट ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते की जगह भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी समेत अन्य केंद्रीय कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

बैठक में बस्तर फाइटर्स के भर्ती एवं सेवा नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई। साथ ही निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन संबंधी कानून में संशोधन कर ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी और विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप विकसित की जा सकेंगी।

VAT संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त किया जाएगा और लंबित मामलों का निपटारा अब राजस्व मंडल करेगा। वहीं जीएसटी संशोधन विधेयक-2026 के जरिए कर व्यवस्था को सरल बनाने, रिफंड प्रक्रिया तेज करने और उद्योगों को राहत देने का निर्णय लिया गया।

    औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नया संशोधन विधेयक मंजूर
    देश का पहला Ease of Doing Business विधेयक लाने की तैयारी
    NRDA की One Time Settlement (OTS)-2026 योजना को मंजूरी
    जल प्रदूषण नियंत्रण कानून-2024 को राज्य में लागू करने का प्रस्ताव
    किरायेदारी कानून में संशोधन, मकान किराये पर देने को मिलेगा बढ़ावा
    राजनांदगांव में 2000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम बनेगा

राज्य में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी। यह कानून लागू होने पर छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में नया कारोबार शुरू करना होगा आसान
साय कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस विधायक को मंजूरी दी गई है. इसके लागू होने के बाद उद्योग और व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया आसान, डिजिटल और समयबद्ध होगी. इसमें कई तरह की अनावश्यक मंजूरी और प्रक्रियाओं को कम करने का प्रावधान है. इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कानून में बदलाव को मंजूरी दी गई है. जिससे राज्य में नए उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा. साथ ही कैबिनेट ने जीएसटी कानून में बदलाव को मंजूरी दी है. इसका मकसद टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और कारोबारी खासकर निर्यातकों को रिफंड मिलने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। 

इसके अलावा 13 जुलाई से शुरू होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी कैबिनेट की बैठक में चर्चा की गई. चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने कई अहम विधायकों के प्रावधानों को मंजूरी दी. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों के प्रश्नों के सही और उचित उत्तर तैयार करने के निर्देश भी दिए. साथ ही पूरी तैयारी के साथ विधानसभा में विपक्ष के सवालों के जवाब देने के निर्देश भी दिए हैं। 

मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ‘NRDA’ की वन टाइम सेटलमेंट (OTS)-2026 योजना को भी मंजूरी दी। इससे भूखंड आवंटित लोगों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी तथा लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और भूमि के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा कैबिनेट ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन कर मकान मालिक और किरायेदारों के अधिकारों को स्पष्ट करने तथा किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता तैयार किया गया।

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजनांदगांव में 2000 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटित करने की स्वीकृति भी दी गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

इस निर्णय से एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी तथा भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था आरबीआई के वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप हो सकेगी। राज्य शासन पर इससे कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, क्योंकि वितरण कंपनी द्वारा भुगतान की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी तथा आवश्यक होने पर पहले लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

2.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति दी गई है। 

3.    मंत्रिपरिषद् द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस संशोधन में भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ की अनुशंसाओं के अनुरूप निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और समकालीन बनाया गया है। 

इसके तहत निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान लागू करने से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जा सकेंगे। इसमें आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय एवं अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन से राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 

4.    मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन के माध्यम से छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के साथ ही उससे संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। 

जीएसटी लागू होने के बाद वैट संबंधी द्वितीय अपीलों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। इस संशोधन के बाद अधिकरण में लंबित प्रकरणों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा, जिससे अपीलों के निराकरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं अधिक प्रभावी हो सकेगी।

5.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस संशोधन का उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इससे  कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा, करदाताओं को सुविधा मिलेगी साथ ही राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

6.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को तैयार करने में अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल एवं समयबद्ध बनाना है। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। 

इसके अंतर्गत डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) तथा दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को समाप्त करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इससे निवेशकों के लिए अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाएं कम होंगी, कारोबार करने में सुगमता बढ़ेगी तथा राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। 

8.    मंत्रिपरिषद् ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने हेतु वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी है। 

इस योजना से पात्र आबंटितियों को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया देयों के नियमितीकरण, परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद मिलेगी, जो विकास करने के इच्छुक है उनको अवसर मिलेगा और जो इच्छुक नहीं है, वे समय पर आबंटित भूमि को सरेंडर कर सकेंगे। इस निर्णय से मुकदमेबाजी में कमी आएगी, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। 

9.    मंत्रिपरिषद् ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

भारत सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन का उद्देश्य पर्यावरणीय कानूनों के अनुपालन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर उन पर आर्थिक दंड का प्रावधान तथा दंड निर्धारण एवं अपील की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। इस निर्णय से राज्य में पर्यावरणीय नियमन को सरल बनाने, अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

10.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देना और किरायेदारी से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस संशोधन में भवन स्वामी और किरायेदार के अधिकार व दायित्व स्पष्ट किए गए है, साथ ही संपत्ति प्रबंधक, किराया प्राप्ति, अधिकरण के अध्यक्ष की पदावधि और न्यायालय शुल्क से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए है। यह संशोधन भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप है।

11.    मंत्रिपरिषद् द्वारा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आबंटन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

H-1B Visa Fraud Case: Cognizant जांच के घेरे में, भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली
अमेरिका में नौकरी कर डॉलर में कमाने का सपना देखने वाले भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है. अमेरिकी सरकार ने H-1B और PERM (ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुरुआती चरण) वर्क वीजा कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और नियमों के दुरुपयोग की जांच तेज कर दी है. इस जांच के दौरान जिन बड़ी कंपनियों का नाम सार्वजनिक रूप से सामने आया है, उनमें आईटी दिग्गज Cognizant भी शामिल है। 

यह कार्रवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई वाली टास्क फोर्स टू एल‍िमिनेट फ्रॉड के तहत की जा रही है. अमेरिकी श्रम विभाग ( के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी’एस्पोसिटो ने बताया कि जांच एजेंसियों को कई व्हिसलब्लोअर्स से जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि Cognizant जैसी कुछ बड़ी कंपनियों से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है और कई समन (Subpoenas) जारी किए जा चुके हैं। 

अमेरिकी सरकार क्या जांच कर रही है?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जांच का फोकस उन मामलों पर है, जहां H-1B और PERM वीजा प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया. इसमें फर्जी आवेदन, वेज-किकबैक (कर्मचारियों से वेतन का हिस्सा वापस लेने के आरोप), विदेशी कर्मचारियों के कथित शोषण और अमेरिकी श्रमिकों की जगह कम लागत वाले विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। 

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल कॉग्नीजेंट के खिलाफ कोई औपचारिक आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही किसी अदालत ने कंपनी को किसी भी मामले में दोषी ठहराया है. जांच अभी शुरुआती चरण में है। 

भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यह मामला क्यों अहम है?
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन से जुड़े हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत H-1B लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय नागरिक थे. यानी अमेरिका के टेक सेक्टर में भारतीय इंजीनियरों और आईटी प्रोफेशनल्स की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। 

वीजा ट्रेंड्स से जुड़े सार्वजनिक डेटाबेस बताते हैं कि Cognizant H-1B वीजा स्पॉन्सर करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है. इसलिए कंपनी से जुड़ी किसी भी बड़ी जांच पर भारतीय आईटी सेक्टर की नजर स्वाभाविक रूप से रहती है। 

कॉग्नीजेंट पहले भी रही है चर्चा में
पिछले कुछ वर्षों में Cognizant वैश्विक स्तर पर लागत घटाने, रीस्ट्रक्चरिंग और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी चर्चा में रही है. ऐसे में यदि H-1B और PERM मामलों में नियामकीय जांच और सख्त होती है तो कंपनी समेत अन्य आईटी कंपनियों को भी वीजा प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। 

भारत के IT सेक्टर और नौकरियों पर क्या असर पड़ सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि H-1B वीजा पर निगरानी और कड़ी होती है तो इसके कई संभावित प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। 

1. ऑनसाइट अवसर सीमित हो सकते हैं
कंपनियां नए H-1B वीजा स्पॉन्सर करने में पहले से अधिक सतर्क रुख अपना सकती हैं. इससे अमेरिका में काम करने के अवसर कुछ हद तक प्रभावित हो सकते हैं। 

2. भारत में ऑफशोर हायरिंग बढ़ सकती है
यदि अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति जटिल होती है, तो कंपनियां भारत जैसे देशों से रिमोट या ऑफशोर मॉडल पर अधिक काम कराने की रणनीति अपना सकती हैं। 

3. हाई-स्किल और हाई-सैलरी प्रोफाइल को मिल सकता है फायदा
अमेरिकी श्रम विभाग वेतन और भर्ती प्रक्रिया पर विशेष नजर रख रहा है. ऐसे में अधिक कौशल और बेहतर वेतन वाले पदों पर H-1B स्पॉन्सरशिप की संभावना अपेक्षाकृत मजबूत रह सकती है। 

फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है. आने वाले महीनों में अमेरिकी एजेंसियों की जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि इसका कॉग्नीजेंट, अन्य आईटी कंपनियों और भारतीय टेक प्रोफेशनल्स पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है। 

Train ‘Suhagrat Coach’ Viral Video: 1AC कोच सजाने पर बढ़ा बवाल, रेलवे ने TC को किया सस्पेंड

 नई दिल्ली

भारतीय रेलवे की एक ट्रेन के 1AC कोच के एक केबिल को सजाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर सुहागरात के कमरे की तरह सजे केबिन का वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने संबंधित TC (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया है। 

दरअसल ये मामला 6 जुलाई 2026 का है जब ट्रेन संख्या 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने सफर को खास बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेटर को काम पर रखा था. इस डेकोरेटर ने ट्रेन के भीतर जाकर उनके पूरे केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाया। 

वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है. रेलवे ने इस मामले को सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चूक माना है. इस लापरवाही के आरोप में संबंधित स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों को अपने केबिन को सजाने पर रेलवे को कोई आपत्ति नहीं है. अगर कोई यात्री पूरा केबिन बुक करता है और उसे खुद सजाता है, तो रेलवे का इससे कोई लेना-देना नहीं होता. ये पूरी तरह से यात्रियों का अपना हक है कि वो किस तरह से सफर करना चाहते हैं. ये किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं माना जाता है। 

अनाधिकृत प्रवेश को माना बड़ी चूक
लेकिन इस मामले में असल विवाद बाहरी डेकोरेटर के ट्रेन के भीतर आने को लेकर खड़ा हुआ है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि उस निजी डेकोरेटर का ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच के भीतर जाना पूरी तरह से अनाधिकृत था. बिना इजाजत के किसी बाहरी व्यक्ति का वीआईपी कोच में प्रवेश करना सुरक्षा के नियमों के खिलाफ है। 

रेलवे ने कहा है कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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