MP Weather Alert: ग्वालियर-चंबल में आज भारी बारिश, भिंड में रेड अलर्ट; उज्जैन-सागर भी होंगे तरबतर

भोपाल 

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे ग्वालियर-चंबल संभाग में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासतौर पर भिंड जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

उत्तरी मध्य प्रदेश में आफत की बारिश: इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश का उत्तरी हिस्सा पूरी तरह तरबतर रहेगा. भारी तबाही की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट  जारी किया गया है. इनमें मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम जिले शामिल हैं। 

ऑरेंज अलर्ट के अलावा प्रदेश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. मौसम विभाग ने इन नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिले में इसकी संभावना जताई है। 

इसके अलावा राजधानी भोपाल समेत महाकौशल और निमाड़ अंचल के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। 

यहां बारिश का अनुमान
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ में हल्की बारिश देखने को मिलेगी. इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास जिले भी शामिल हैं. इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा और सतना भी हल्की बारिश वाले जिले रहेंगे। 

अलर्ट और संभावित प्रभाव

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक:

    रेड अलर्ट: भिंड (अत्यधिक भारी बारिश की आशंका)।
    ऑरेंज अलर्ट: मोरेना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर मालवा और रतलाम।
    भारी बारिश: नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में।

कल की बारिश का हाल
कल कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे सड़कें जलभराव से प्रभावित हुईं और नदियां-नाले उफान पर आ गए। कुछ इलाकों में शिक्षक और आम लोग बाढ़ वाले क्षेत्रों से गुजरने को मजबूर हुए। कई जगहों पर यातायात बाधित रहा।

आज भोपाल समेत कई जगह बारिश गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में पानी गिरेगा।

शाजापुर में नाला पार कर स्कूल पहुंचे टीचर इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा में ग्रामीण अंचलों के नदी-नाले उफान पर होने से जनजीवन प्रभावित रहा। शाजापुर में टीचर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आए। रतलाम में अंडर ब्रिज पर पानी भर गया।

मौसम विभाग के अनुसार, दमोह में पौने 2 इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच, खजुराहो-टीकमगढ़ में पौन इंच, जबलपुर, खरगोन-बैतूल में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास, सीहोर में भी बारिश हुई।

बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 28 डिग्री, जबलपुर में 28.5 डिग्री, उज्जैन में 29.2 डिग्री, ग्वालियर में 29.7 डिग्री और भोपाल में 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान सीधी में 33.6 डिग्री और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

प्रदेश में 10 प्रतिशत बारिश ज्यादा प्रदेश में इस बार पूरे जून मूहीने आंधी-बारिश का दौर रहा। बावजूद इसके कोटे से 30 प्रतिशत पानी कम बरसा, लेकिन जुलाई के 8 दिनों ने यह कोटा न सिर्फ पूरा कर दिया, बल्कि 10 प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा दिया।

आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 223.7 मिमी यानी, करीब 9 इंच पानी गिर चुका है। यह सामान्य बारिश 202.5 मिमी (8.1 इंच) से 10 प्रतिशत ज्यादा है। पूर्वी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 30 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है।

जून में कम बारिश, जुलाई में बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।

बारिश का कुल आंकड़ा
जून में बारिश की कमी के बावजूद जुलाई की शुरुआत में स्थिति सुधर गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। पश्चिमी हिस्सों में यह बढ़त और भी ज्यादा है, जबकि पूर्वी क्षेत्र अभी थोड़ा पीछे हैं। देवास जिले में इस सीजन में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

बारिश से दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

 

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित

लोक निर्माण से लोक कल्याण

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित

प्रदेश के 7 जिलों में 34 निर्माण कार्यों का मुख्य अभियंताओं ने किया निरीक्षण, 20 कार्यों में तत्काल सुधार के निर्देश

भोपाल 

लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में औचक निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। विगत 6 जुलाई को मुख्य अभियंताओं के 7 दलों ने रायसेन, पांढुर्णा, शिवपुरी, बुरहानपुर, उमरिया, मंदसौर एवं निवाड़ी जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण में कुल 34 निर्माण कार्यों का रेंडम आधार पर परीक्षण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, पीआईयू के 6, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 6 तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का 1 कार्य शामिल रहा।

निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) आर.एल. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (एमपीआरडीसी) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बीडीसी) अजय श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी निरीक्षण दल ऑनलाइन उपस्थित रहे।

समीक्षा में बुरहानपुर जिले के सुंदर नगर-कुंदन डेयरी रोड स्थित पंडारोल नाला पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बुरहानपुर जिले में हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा कार्य कर रही एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा के पंजीयन निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश प्रमुख अभियंता इंदौर को दिए गए।

 

रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें! माता वैष्णो देवी रूट की ट्रेनें 12 घंटे तक लेट, कई गाड़ियां डायवर्ट

 जालंधर
 सिटी रेलवे स्टेशन पर बुधवार को कई रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंची। इस वजह से यात्रियों को परेशानी हुई और घंटों तक स्टेशन पर ही इंतजार करने के लिए मजबूर भी होना पड़ा। देश के विभिन्न मंडलों में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते कई रेलगाड़ियों को बदले हुए समय पर चलाया जा रहा है और कइयों को डायवर्ट रूट पर।

बुधवार को अमृतसर क्लोन स्पेशल 12 घंटे देरी से पहुंची। इसी तरह से अमृतसर कटिहार एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, लोहित एक्सप्रेस पौने पांच घंटे, अमृतसर फेस्टिवल स्पेशल, गोल्डन टैंपल सवा चार घंटे, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, दादर एक्सप्रेस चार घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस सवा तीन घंटे, मालवा सुपरफास्ट तीन घंटे, सरयू यमुना एक्सप्रेस पौने तीन घंटे,

श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा सुपरफास्ट, जनसेवा एक्सप्रेस ढाई घंटे, जेहमल एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस दो घंटे, अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, शान ए पंजाब एक्सप्रेस डेढ़ घंटा, पठानकोट सुपरफास्ट, हेमकुंट एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, हावड़ा एक्सप्रेस, उधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक घंटा, लुधियाना छेहर्टा एमईएमयू पौना घंटा, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, सरबत दा भला एक्सप्रेस आधा घंटा देरी से पहुंची।

PM मोदी का बड़ा बयान- वैश्विक संकट के दौर में भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी निभाएगी निर्णायक भूमिका

 मेलबर्न

इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरुवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लिया, जहां उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक दिग्गजों को संबोधित करते हुए भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों को साझा किया. पीएम मोदी ने इस वैश्विक मंच से ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार, उन्नत तकनीक और 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के पेंशन फंड्स को भारत की विकास यात्रा से सीधे जुड़ने का खुला निमंत्रण दिया। 

पीएम ने कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है. ऐसे वक्त में, भारत और ऑस्ट्रेलिया का स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर आगे बढ़ना स्वाभाविक और जरूरी है. पिछले कुछ सालों में हमने दोनों देशों की खूबियों का इस्तेमाल करते हुए अपनी भविष्य की साझेदारी के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है. 2022 में रिकॉर्ड समय में हुए ECTA (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट) समझौते ने हमारे आर्थिक रिश्तों को और मजबूत किया है. इसके लागू होने के बाद से भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हो गया है और दोनों देशों के व्यवसायों को नए बाजार तक पहुंचने का फायदा मिला है। 

उन्होंने कहा कि यहां क्लीन एनर्जी से जुड़ी कई कंपनियां मौजूद हैं. हम भारत में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन के लिए मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहे हैं. भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट जीरो एमिशन तक पहुंचने का टारगेट रखा है. ऑस्ट्रेलिया की टेक्नोलॉजी, कैपिटल और रिसोर्स इस बदलाव को तेज कर सकते हैं… हमने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता का लक्ष्य रखा है। 

प्राइवेट कंपनियों के लिए खुला न्यूक्लियर सेक्टर
पीएम मोदी ने मंच से बताया कि कुछ महीनों पहले भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक कानून के जरिए न्यूक्लियर सेक्टर को देश की प्राइवेट कंपनियों के लिए पूरी तरह खोल दिया है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पास मौजूद विशाल यूरेनियम भंडार भारत की इस न्यूक्लियर यात्रा से सीधे जुड़कर दोनों देशों के लिए इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक ऐतिहासिक अवसर पैदा करते हैं. ऑस्ट्रेलिया के यूरेनियम के विशाल भंडार भारत की न्यूक्लियर यात्रा से सीधे तौर पर मेल खाते हैं। 

इंफ्रास्ट्रक्चर में दिखेगी स्पीड और स्केल
देश के अंदर बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पोर्ट, एयरपोर्ट, रोड, रेलवे और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑस्ट्रेलिया के लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए अनेक संभावनाएं हैं. आज भारत में नेशनल हाईवेज लगभग 34 किलोमीटर प्रतिदिन की रिकॉर्ड गति से बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही भारतीय रेल नेटवर्क में हर दिन 18 किलोमीटर से ज्यादा नए रेलवे ट्रैक्स लगाए जा रहे हैं जो स्केल, स्पीड और स्टेबिलिटी तीनों का एक बेहतरीन संगम है। 

क्रूड स्टील उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर
स्टील सेक्टर के क्षेत्र में दोनों देश पहले से ही एक मजबूत सहयोगी रहे हैं. भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड स्टील प्रोड्यूसर बन चुका है. पीएम मोदी के अनुसार, दोनों देश मिलकर अब लो कार्बन एल्यूमीनियम, ग्रीन आयरन और क्लीन मैन्युफैक्चरिंग पर काम कर सकते हैं। 

इसके अलावा एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के अंतर्गत भारत सरकार ने दस बिलियन डॉलर से ज्यादा का वित्तीय सपोर्ट दिया है, जिससे मिलकर ग्लोबल सॉल्यूशन तैयार किए जा सकें। 

भारत में निवेश सुरक्षित अमानत
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय संस्थानों को आकर्षित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड्स वर्तमान में 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की भारी एसेट्स (संपत्ति) मैनेज करते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत में आम जनता के पेंशन की बचत को एक अत्यंत पवित्र अमानत माना जाता है. इस वजह से निवेशक पूरी तरह निश्चिंत होकर डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर वैश्विक स्तर के समाधान तैयार करने के लिए आगे आ सकते हैं। 

‘जिसे कभी देखा नहीं, उसने मुझे पिता बना लिया’, राजनांदगांव में एक वोट से जीते पार्षद पर नया विवाद

खैरागढ़.

राजनांदगांव जिले के नगर पंचायत घुमका के वार्ड क्रमांक-14 से महज एक वोट से चुनाव जीतने वाले पार्षद संतोष गंधर्व की पहचान और जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खैरागढ़ जिले के ग्राम सिरसाही निवासी जगन्नाथ गंधर्व ने ठेलकाडीह थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि संतोष उनका पुत्र नहीं है।

इसके बावजूद कथित रूप से उनका नाम पिता के रूप में दर्ज कर दस्तावेज तैयार कराए गए और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा गया। दूसरी ओर, संतोष गंधर्व ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि बचपन से लेकर आज तक उनके सभी सरकारी और शैक्षणिक दस्तावेजों में जगन्नाथ गंधर्व का ही नाम पिता के रूप में दर्ज है और चुनाव हारने वाले लोग राजनीतिक साजिश के तहत विवाद खड़ा कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता का दावा
शिकायतकर्ता जगन्नाथ गंधर्व के मुताबिक, उन्हें पूरे मामले की जानकारी तब मिली, जब घुमका से कुछ लोग उनके गांव सिरसाही पहुंचे और पूछा कि क्या संतोष उनका बेटा है। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके नाम से जुड़े पुराने स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर दस्तावेज निकाले गए और उन्हीं का उपयोग जाति प्रमाण पत्र बनवाने में किया गया। उनका दावा है कि उन्होंने कभी संतोष को अपना पुत्र नहीं माना और न ही वे उसे जानते हैं। उन्होंने पुलिस से जन्म रिकॉर्ड, परिवार रजिस्टर, स्कूल दस्तावेज, जाति प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

चुनाव जीतने के बाद विवाद खड़ा होना राजनीतिक साजिश का हिस्सा- पार्षद
वहीं संतोष गंधर्व का कहना है कि उनकी मां और जगन्नाथ गंधर्व का विवाह हुआ था, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। उनके अनुसार, परिवार में तीन भाई और दो बहन हैं तथा बचपन से आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड सहित सभी दस्तावेजों में जगन्नाथ गंधर्व का नाम ही पिता के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कोई फर्जी दस्तावेज नहीं बनवाया और यदि रिकॉर्ड गलत होता तो वर्षों पहले ही उस पर आपत्ति उठ जाती। अब चुनाव जीतने के बाद विवाद खड़ा होना राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्कूल से दस्तावेज गलत जानकारी देकर हासिल किए गए, जबकि संतोष का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन को लिखित आवेदन देकर चुनाव लड़ने की जानकारी दी थी और पहचान के लिए आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना है कि ठेलकाडीह पुलिस उनका बयान दर्ज कर चुकी है और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया है।

एक वोट की जीत के बाद बढ़ा विवाद
संतोष गंधर्व वार्ड क्रमांक-14 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में केवल एक वोट के अंतर से चुनाव जीते थे। उनका आरोप है कि चुनाव में हार का सामना करने वाले लोग अब इस मामले को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पुलिस के साथ-साथ अन्य वैधानिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।

दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग
फिलहाल दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। एक ओर शिकायतकर्ता स्वयं को संतोष का पिता मानने से इनकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संतोष का दावा है कि बचपन से सभी सरकारी दस्तावेजों में वही उनके पिता के रूप में दर्ज हैं। ऐसे में अब पुलिस जांच, जन्म संबंधी रिकॉर्ड, परिवार रजिस्टर, पुराने स्कूल अभिलेख, जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और चुनाव में प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला फर्जी पहचान और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का है या फिर चुनावी जीत के बाद उभरा एक पुराना पारिवारिक विवाद। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

डुमरतराई थोक बाजार फेस -2 का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर : परिसर में स्थापित होगी 15 फिट ऊंची प्रतिमा

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा तथा यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान के प्रति हमारी विनम्र श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना विकसित होती है, वहां आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है, नए निवेश आकर्षित होते हैं और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था तथा आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘ईज ऑफ लिविंग’ को भी समान महत्व दे रही है। व्यापार, उद्योग और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए अनेक सुधार लागू किए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की अधोसंरचना विकास परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा अपनाई गई नई कार्यसंस्कृति और कुशल प्रबंधन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति देंगे।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में डुमरतराई में आधुनिक थोक बाजार की जो परिकल्पना की गई थी, वह आज साकार हुई है। इससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि नवीन थोक बाजार मंडल की गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परियोजना प्रदेश में व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए। द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।

बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादी कैंप ध्वस्त, हथियार और विस्फोटक बरामद

खरियार रोड/रायपुर.

ओडिशा के नुआपड़ा जिले के पाटदर्हा संरक्षित वन में जवानों ने एक माओवादी कैंप ध्वस्त कर हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है। एसपी अमृतपाल सिंह व सीआरपीएफ-19वीं बटालियन के कमाडेंट दिलीपमणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों बलों के संयुक्त अभियान में यह सफलता मिली है।

संयुक्त टीम की बम डिस्पोजल टीम बोडेन थानाक्षेत्र के पाटदर्हा संरक्षित वन के बारपट डोंगर के घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में तलाशी पर निकली थी। इस दौरान जवानों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा हुआ सामान बरामद किया। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह एक पुराना कैंप रहा होगा।

एके-47 के कारतूस, दो देसी बंदूकें जब्त
जवानों ने कैंप से दो देसी बंदूक, एक देसी कार्बाइन और मैगजीन, एके-47 की 29 नग गोलियां, एसएलआर की 54 नग गोलियां, दो टिफिन बम, एक खाली टिफिन करियर, आठ नग जिलेटिन स्टिक, एक मल्टीमीटर, एक 12 वोल्ट की बैटरी, डेढ़ किलो बारूद, यूरिया, वायर, सोलर प्लेट, चार्जर, डेटोनेटर, माओवादी साहित्य, वर्दी, बर्तन, मेडिकल किट आदि सामान बरामद किए।

माओवादियों से मुक्त हुआ जिला
केंद्रीय गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक जिले को माओवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया था, जिसे पूरा किया जा चुका है। छिटपुट नेटवर्क को खत्म करने और डंप बरामद करने लगातार सर्च और एरिए डामिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं।

एरिया डोमिनेशन के जरिए डंप खोज रहे सुरक्षा बल
हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने आक्रामक रणनीति अपनाई है। इससे सफलता भी मिली है। ‘एरिया डोमिनेशन’ के जरिए दुर्गम इलाकों में प्रवेश कर माओवादियों के पुराने डंप खोजे जा रहे हैं। खुफिया सूचनाओं पर आधारित ये सटीक ऑपरेशन माओवादी विचारधारा के प्रभाव को तेजी से कम कर रहे हैं। विशेषकर गृह मंत्रालय के निर्धारित लक्ष्यों के तहत, सुरक्षा बलों का बेहतर समन्वय और अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग नक्सलियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में निर्णायक साबित हो रहा है।

रायपुर : कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल

रायपुर : कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल

शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ

आकस्मिक जरूरतों के लिए अब ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी 

ई-कोष से एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से मिलेगा त्वरित लाभ

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शासकीय सेवकों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और सहज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। जब कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर कार्य करेंगे, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए निजी साहूकारों अथवा ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लेने की विवशता का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की है, जिसके माध्यम से वे बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करते हुए इस सुविधा को ई-कोष प्रणाली से एकीकृत किया है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी है तथा इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं आएगा। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त विभाग की टीम को बधाई देते हुए सभी शासकीय सेवकों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना प्रारंभ की गई है, जिससे तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पायलट चरण के मात्र दो माह में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया है तथा 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करेगी तथा आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।

उल्लेखनीय है कि यह सुविधा ई-कोष प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण एवं सहमति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ऋण स्वीकृति एवं वितरण त्वरित रूप से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता तथा डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उमरिया में भीषण सड़क हादसा, NH-43 पर खड़े ट्रक से टकराई कार, 5 लोगों की दर्दनाक मौत

उमरिया 

 मध्य प्रदेश के उमरिया जिले दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है, जहां कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के समीप गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया।

जब तेज रफ्तार आर्टिका कार हाइवे पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

चालक फरार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के बाद कार का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।

यह हुए प्रभावित
हादसे में मृतकों की पहचान खुशबू मार्को (22 वर्ष), रुद्र प्रताप (3 वर्ष), कुलपत सिंह (37 वर्ष) और सविता सिंह के रूप में हुई है। सभी ग्राम लीला, जिला अनूपपुर के निवासी बताए गए हैं। गंभीर रूप से घायल प्रियंका सिंह (24 वर्ष) का जिला अस्पताल में उपचार जारी है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

कार के उड़े फरखच्चे
दुर्घटनाग्रस्त कर शहडोल की बताई गई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और एक युवक कार के भीतर ही फंस गया, जिसे बाद में बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों को जानकारी दी गई, जिसके बाद वे जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए।

इस हृदयविदारक हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, आदेश की अवहेलना पर ACS समेत 3 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी

जबलपुर 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना और सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS), वित्त विभाग के प्रमुख सचिव और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सभी अधिकारियों को 15 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने और पूर्व आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है उनमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) Manish Rastogi, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक Ajay Gupta शामिल हैं। अदालत ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला कृषि विभाग, जबलपुर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर देवदत्त विश्वकर्मा से जुड़ा है। उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर बताया कि 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होने के बाद उनसे करीब 2.10 लाख रुपये की रिकवरी की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 8 मई 2024 को आदेश दिया था कि वसूली गई राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए। आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक इसका पालन नहीं किया जिसके बाद अवमानना याचिका दाखिल की गई।

अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराज हुआ कोर्ट
सुनवाई के दौरान तीनों वरिष्ठ अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने पक्ष रखा।

दो अन्य अधिकारियों को फोन कर बुलाया
सुनवाई के दौरान जबलपुर के कृषि विस्तार अधिकारी एस.के. निगम और संभागीय पेंशन अधिकारी नमिता भी अदालत में उपस्थित नहीं थीं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार के वकील को दोनों अधिकारियों को तत्काल फोन कर अदालत में बुलाने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से भी उनकी अनुपस्थिति को लेकर जवाब तलब किया है।

15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हों और यह भी बताएं कि पूर्व आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि आदेशों की अनदेखी जारी रही तो आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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