MP के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमोशन प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल

भोपाल 
 मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए विभागों में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया की रफ्तार तेज कर दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को अब तक की गई और रुकी हुई पदोन्नतियों का पूरा विवरण आज ही आनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने का आदेश दिया है. इससे अब बिना किसी देरी या पक्षपात के हर पात्र कर्मचारी को समय पर उच्च पद और बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। 

आज ही अपलोड होगी जानकारी, जल्द दूर होंगी प्रमोशन की अड़चनें
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार सभी विभागों को अपनी पदोन्नति प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा निर्धारित आनलाइन लिंक पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा. सरकार के इस फैसले से अब फाइलों में होने वाली देरी खत्म होगी और कर्मचारियों को उनके हक का प्रमोशन समय पर मिल सकेगा। 

डिजिटल ट्रैकिंग से रुकेगी लेट लतीफी और मनमानी
​इस आनलाइन व्यवस्था से पूरी पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी. शासन सीधे मॉनिटर कर सकेगा कि किस कर्मचारी का प्रमोशन कहां और क्यों अटका हुआ है. इससे बाबूशाही और मनमानी पर लगाम लगेगी और पात्र कर्मचारियों को बिना भटके उनका अधिकार मिलेगा। 

​लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025, मुख्यमंत्री खुद करेंगे समीक्षा
​मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत पिछले नौ दिनों में विभागों द्वारा की गई प्रमोशन की कार्रवाई का पूरा रिकार्ड खंगालने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री की इस सीधी समीक्षा से उन विभागों की पोल खुलेगी जहां कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले बेवजह लंबित रखे गए हैं, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। 

​मंत्रियों और अफसरों को सख्त निर्देश, किसी भी वर्ग के साथ नहीं होगा अन्याय
​हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि सभी विभागों में पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति बिना किसी भेदभाव के तय समय पर पूरी की जाए. सरकार का संकल्प है कि हर वर्ग के कर्मचारियों को उनके काम और वरिष्ठता का पूरा लाभ मिले। 

​कर्मचारी कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता
​इसस पूर्व बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स के पदाधिकारियों द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे पूरी तरह कर्मचारी हितों के साथ हैं और किसी भी स्तर पर योग्य कर्मचारियों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। 

TRAI के नए नियम से बदलेगा कॉलिंग सिस्टम! क्या अब स्पैम कॉल ब्लॉक नहीं कर पाएगा Truecaller? कंपनी ने जताई चिंता

 नई दिल्ली

अगर आप स्पैम कॉल से बचने के लिए Truecaller का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले दिनों में इस ऐप के काम करने के तरीके में बदलाव हो सकता है. इसकी वजह है कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और ट्रूकॉलर के बीच नया विवाद शुरू हो गया है। एक तरफ TRAI चाहता है कि कॉलर आईडी ऐप्स कुछ खास नंबरों को स्पैम के तौर पर टैग या ब्लॉक न करें. वहीं ट्रूकॉलर का कहना है कि ऐसा करने से साइबर ठगी और स्पैम कॉल बढ़े हैं और यूजर्स का भरोसा कम हुआ है।

यह विवाद सिर्फ ट्रूकॉलर तक ही नहीं है, बल्कि TRAI ने सरकार से ऐसी पावर भी मांगी हैं, जिनकी मदद से वह Truecaller, Hiya और Whoscall जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई कर सके। फिलहाल ये ऐप्स टेलीकॉम लाइसेंस के तहत नहीं आते, इसलिए TRAI सीधे इन पर कार्रवाई नहीं कर सकता. इसके लिए उसने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) से आईटी एक्ट के तहत अधिकार मांगे हैं। 

140 और 1600 सीरीज नंबर क्या हैं?
TRAI ने देश में कमर्शियल कॉल्स को ऑर्गनाइज करने के लिए अलग-अलग नंबर सीरीज तय की है. 140 सीरीज का इस्तेमाल प्रमोशनल और टेलीमार्केटिंग कॉल्स के लिए किया जाता है, जबकि 1600 सीरीज बैंक, बीमा कंपनियों और दूसरी संस्थाओं की सर्विस या ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए है. इसका मकसद यह है कि लोगों को आसानी से पता चल सके कि उन्हें किस तरह की कॉल आ रही है। 

TRAI की आपत्ति क्या है?
TRAI का कहना है कि कॉलर आईडी ऐप्स इन ऑफिशियल नंबरों को स्पैम बताकर या ब्लॉक करके सरकार की नई व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं. अगर लोग 140 और 1600 सीरीज की कॉल उठाना बंद कर देंगे तो बैंक अलर्ट, पेमेंट अपडेट और दूसरी जरूरी जानकारी भी उन तक नहीं पहुंच पाएगी. इसी वजह से TRAI चाहता है कि ऐसे ऐप्स इन नंबरों को स्पैम के रूप में टैग न करें। 

Truecaller ने क्या जवाब दिया?
ट्रूकॉलर ने TRAI के आरोपों का खुलकर विरोध किया है. कंपनी का कहना है कि उसने पहले ही सरकार के नियमों का पालन करते हुए 140 और 1600 सीरीज नंबरों पर ट्रेडिशनल स्पैम चेतावनी (Spam Warning) दिखाना बंद कर दिया है. लेकिन इसका नतीजा उल्टा निकला है. कंपनी के मुताबिक, इन नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स बढ़ गई हैं और लोग अब इन नंबरों पर भरोसा नहीं कर रहे। 

ट्रूकॉलर के सीईओ ऋषित झुनझुनवाला के मुताबिक, हर दिन करीब 4 लाख 140 सीरीज और 1.2 लाख से ज्यादा 1600 सीरीज की कॉल्स यूजर्स खुद ब्लॉक कर रहे हैं। 

कंपनी का कहना है कि वह इन नंबरों पर स्पैम नहीं लिख सकती, इसलिए उसने ‘फ्रिक्वेंटली ब्लॉक्ड’ नाम का नया लेबल शुरू किया है, जिससे यूजर्स को पता चल सके कि उस नंबर को बड़ी संख्या में लोग ब्लॉक कर चुके हैं। 

आगे क्या हो सकता है?
अगर MeitY, TRAI की मांग मान लेता है, तो फ्यूचर में कॉलर आईडी और स्पैम डिटेक्शन ऐप्स के लिए नए नियम बन सकते हैं.  इससे ट्रूकॉलर और दूसरे ऐप्स को यह तय करने में अधिक सख्ती का सामना करना पड़ सकता है कि किस नंबर को स्पैम दिखाया जाए और किसे नहीं। 

दूसरी ओर ट्रूकॉलर का कहना है कि यूजर्स को संदिग्ध कॉल्स की जानकारी देना उनकी सेफ्टी के लिए जरूरी है और किसी भी डिसिजन में असली डेटा को आधार बनाया जाना चाहिए। 

 

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, GPM कलेक्टर संतोष देवांगन हटाए गए, 5 IAS अधिकारियों के प्रभार बदले

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल में सबसे बड़ी गाज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन पर गिरी है, जिन्हें महज दो महीने पहले ही जिले की कमान सौंपी गई थी।

सरकार ने उन्हें कलेक्टर पद से हटाते हुए मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनाती दी है। उनकी जगह अब तकनीकी शिक्षा विभाग के संचालक विजय दयाराम के. को जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। महानदी भवन से जारी सामान्य प्रशासन विभाग के इस आदेश में कुल 5 IAS अधिकारियों के प्रभार में तब्दीली की गई है। हेमंत रमेश नंदनवार (IAS 2020) को महासमुंद जिला पंचायत के सीईओ पद से हटाकर अब संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही इन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के प्रबंध संचालक (MD) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

सुमित अग्रवाल (IAS 2021) दुर्ग नगर निगम के कमिश्नर को अब मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) बनाया गया है। वे इस पद से रिमिजियस एक्का (IAS 2011) को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करेंगे। अनुपमा आनंद (IAS 2023) सरायपाली (महासमुंद) की एसडीएम को प्रमोट करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत, महासमुंद के पद पर पदस्थ किया गया है।

दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी तय नहीं, लेकिन प्रचार तेज! नरोत्तम की 2 सभाएं, कांग्रेस का डोर-टू-डोर अभियान

दतिया 

 दतिया में हो रहे उपचुनाव का प्रत्याशी अभी किसी दल ने घोषित नहीं किया है, लेकिन चुनावी लड़ाई सड़कों पर उतर चुकी है। कहीं सभाएं हो रही हैं तो कहीं घर-घर दस्तक देकर वोट मांगे जा रहे हैं। भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने नामांकन फॉर्म खरीदने के साथ चुनावी सभाओं का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस में टिकट के दावेदार जनसंपर्क के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। वहीं, आजाद समाज पार्टी दावा कर रही है कि उसने चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। अब तक विधानसभा के 70 फीसदी हिस्से में पहुंच बना चुकी है।

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की पहली परीक्षा
कांग्रेस के लिए दतिया विधानसभा उपचुनाव सिर्फ एक सीट बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि राहुल गांधी की पहल पर शुरू किए गए ‘संगठन सृजन अभियान’ की पहली बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है। बूथ से लेकर ग्राम स्तर तक नए संगठनात्मक ढांचे के गठन का दावा करने वाली कांग्रेस अब इस मॉडल की प्रभावशीलता को चुनावी मैदान में परखने जा रही है।

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई है। पार्टी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। हालांकि, स्थानीय संगठन और राजेंद्र भारती के बीच पूर्ण सामंजस्य नहीं होने की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में बनी हुई हैं।

हार के बाद संगठन पर फोकस
वर्ष 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने संगठन की कमजोरी को प्रमुख कारण माना था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की समीक्षा के बाद संगठन सृजन अभियान शुरू किया गया। इसके तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में जिला अध्यक्षों का चयन किया गया और नई जिला कार्यकारिणी तथा ब्लॉक इकाइयों का गठन हुआ।

इन्हीं इकाइयों ने आगे बूथ और पंचायत स्तर तक समितियों का गठन किया। पार्टी का दावा है कि नया संगठन व्यक्तिगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल कांग्रेस की जीत के लिए काम करेगा, चाहे उम्मीदवार कोई भी हो।

बड़े मंच नहीं, मोहल्ला बैठकों पर रहेगा जोर
प्रदेश कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए प्रचार की रणनीति भी बदल दी है। इस बार बड़ी जनसभाओं के बजाय मोहल्ला बैठकें, घर-घर संपर्क और मतदाताओं से सीधे संवाद पर अधिक जोर दिया जाएगा। जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह चुनाव तक दतिया में सक्रिय रहेंगे। वहीं, सचिन यादव समेत युवा नेताओं की टीम भी चुनाव प्रचार की कमान संभालेगी।

नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक
कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी. हालांकि भारती के लिए एक एक दिन भारी हो रहा है. क्योंकि दतिया सीट खाली घोषित होने के बाद उपचुनाव के लिए 13 जुलाई नामांकन की अंतिम तारीख है। 

हाईकोर्ट में भारती ने अपनी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाने और दतिया उपचुनावों के मद्देनजर राहत की गुहार लगाई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले उनकी 3 साल की जेल की सजा को निलंबित कर दिया था. लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मुख्य अर्जी पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। 

इस मामले में कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. आयोग भी अपना जबाव पेश कर रहा है. आयोग ने 30 जुलाई को दतिया में उपचुनाव के लिए मतदान का कार्यक्रम भी घोषित कर रखा है। 

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल जज पीठ ने पहले उनकी 3 साल की जेल की सजा को तो निलंबित यानी सस्पेंड कर दिया था. लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मुख्य अर्जी पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। 

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 1 अप्रैल 2026 को राजेंद्र भारती को एक दशक पुराने कॉपरेटिव बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले और धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाया था. इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को उन्हें 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी। 

भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून के नियमों के तहत 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलने के कारण मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द (अयोग्य घोषित) कर दी थी. इसके साथ ही दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया था। 

राजेंद्र भारती की कानूनी टीम लगातार कोर्ट से दोषसिद्धि (Conviction) पर स्टे लगाने की मांग कर रही है, क्योंकि जब तक दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगती, तब तक उनकी विधायकी बहाल नहीं हो सकती. न ही वे आगामी चुनाव लड़ सकते हैं. दतिया उपचुनाव के लिए मैदान 30 जुलाई को और नतीजे 3 अगस्त 2026 को आएंगे। 

नरोत्तम ने मंच से पुरानी गलतियों के लिए मांगी माफी
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम पार्टी की ओर से घोषित नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने चुनावी मैदान संभाल लिया है। आमसभा के जरिए वे लोगों से जुड़ रहे हैं। अब तक वे दो सभा कर चुके हैं।

    पहली सभा : चुनाव की घोषणा होते ही डॉ. मिश्रा ने ठंडी सड़क पर छोटे फुब्बारे के पास की थी। उन्होंने लोगों से कहा- मुझसे जो पूर्व में गलती हुई है, उसे क्षमा करें। मैं अपने आचार-विचार में परिवर्तन लाया हूं। अगर आप मेरे घर आते हैं तो विश्वास रखिया में खड़ा रहूंगा और आप को बैठाऊंगा।

    दूसरी सभा : रावतपुरा कॉलेज की सभा में बोले- कांग्रेस जो 70 करोड़ की खरीद-फरोख्त की बात कह रही है। भाजपा रद्दी माल नहीं लेती है। उन्होंने कहा था कि, मेरे पास केंद्रीय मंत्री का पीए आया था। आज तक बता नहीं सके कि वह कौन सा पीए था।

आजाद समाज पार्टी का फोकस गांव में ज्यादा
आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव कहते हैं कि जब राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हुई थी, तभी से हमने चुनाव-प्रचार शुरू कर दिया था। हमारी पूरी तैयारी है। गांव-गांव जाकर हमारे कार्यकर्ता लोगों से मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा के करीब 70 प्रतिशत तक गांव में जनसंपर्क कर चुके हैं। हमारी सभाएं लगातार जारी हैं।

 

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल और साइबर सुरक्षा के लिए एनजीओ, महिला आयोग और गूगल एक मंच पर

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल और साइबर सुरक्षा के लिए एनजीओ, महिला आयोग और गूगल एक मंच पर

भोपाल 

डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा आज देश के सामने सबसे बड़ी सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों में शामिल हो गई है। इसी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग, आहान फाउंडेशन और वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल के सहयोग से भोपाल में आयोजित विशेष एनजीओ मीट में डिजिटल सुरक्षा , साइबर अपराधों की रोकथाम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर व्यापक विमर्श हुआ।

मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आयोग की सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने कहा कि डिजिटल युग ने जितने अवसर उपलब्ध कराए हैं, उतनी ही नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा केवल कानून या तकनीक का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति को देखते हुए डिजिटल जागरूकता, समय पर शिकायत और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा।उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग सिखाना समय की आवश्यकता है। परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों और शासन के समन्वित प्रयासों से ही ऐसा डिजिटल वातावरण बनाया जा सकता है, जहां प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।

कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव सुरेश तोमर भी उपस्थित रहे। ‘रिस्पॉन्सिबल नेटिजन’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित संवाद में महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भाग लेकर जमीनी अनुभव साझा किए तथा डिजिटल सुरक्षा को लेकर सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में गूगल की डायरेक्टर (सर्च एंड जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी) सुस्निग्धा भारद्वाज ने ‘चाइल्ड सेफ्टी एंड एआई’ विषय पर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास बच्चों और समाज के हितों को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन जोखिमों की पहचान और बच्चों के लिए जिम्मेदार डिजिटल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं गूगल के ट्रस्ट एंड सेफ्टी विभाग के समीर ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं और सुरक्षा मानकों की जानकारी साझा की।

आहान फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुसोनाली पाटणकर ने डिजिटल सुरक्षा पर आयोजित विशेष सत्र में साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी लिंक, डेटा सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग से जुड़े व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता आज केवल एक कौशल नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी सहभागी स्वयंसेवी संस्थाओं ने महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, समावेशी और विश्वासपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि शासन, तकनीकी संस्थान, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है तथा डिजिटल भारत के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

 

ऑस्ट्रेलियाई पेंशन फंड का भारत पर बड़ा भरोसा, NIIF में ₹2,800 करोड़ से ज्यादा का अतिरिक्त निवेश; PM मोदी ने किया स्वागत

मेलबर्न 

ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ‘ऑस्ट्रेलियाई सुपर’ (AustralianSuper) ने भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹2,800 करोड़ से अधिक) के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बड़े निवेश का स्वागत करते हुए इसे भारत की आर्थिक विकास नीति और सुधारों पर वैश्विक भरोसे का प्रतीक बताया है। 

वैश्विक मंच पर घोषणा
यह रणनीतिक घोषणा मेलबर्न में आयोजित ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेता शिखर सम्मेलन’ के इतर की गई. इस अवसर पर ऑस्ट्रेलियाई सुपर के मुख्य कार्यकारी (CEO) पॉल श्रोडर भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “यह निवेश भारत की विकास और सुधार यात्रा पर वैश्विक विश्वास की एक और स्पष्ट झलक है. यह दर्शाता है कि हमारी गतिशील अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को विकास के कितने बड़े अवसर दे रही है। 

भारत में बढ़ेगा निवेश का दायरा
इस ताजा वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ ही भारतीय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई सुपर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹18,500 करोड़) हो गई है. वर्तमान में यह फंड भारत के बुनियादी ढांचे, शेयर बाजार (इक्विटी) और निजी बाजारों में लगभग 2.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश पहले ही संभाल रहा है। 

नीतियों की निरंतरता और मजबूत प्रदर्शन मुख्य वजह
फंड के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला भारत में उनके पुराने निवेश के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर लिया गया है. इससे पहले साल 2019 में कंपनी ने NIIF में 240 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का शुरुआती निवेश किया था, जिसे फंड ने अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में से एक बताया है। 

ऑस्ट्रेलियाई सुपर के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) शॉन मैनुअल ने कहा, “भारत में मजबूत आर्थिक विकास, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग और सरकार द्वारा विदेशी पूंजी लगाने की प्रक्रियाओं को सुगम बनाना निवेश की मुख्य वजहें हैं. हमारा मानना है कि जब दीर्घकालिक पूंजी को दूरदर्शी सरकारी नीतियों और मजबूत संस्थानों का साथ मिलता है, तो परिणाम हमेशा सकारात्मक आते हैं। 

NIIF का महत्व
भारत सरकार द्वारा साल 2015 में स्थापित NIIF एक ऐसा मंच है जो देश के बुनियादी ढांचे (सड़क, ऊर्जा, परिवहन आदि) के विकास के लिए दुनिया के बड़े संस्थागत निवेशकों से दीर्घकालिक पूंजी जुटाता है. इस नए निवेश से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। 

अल्बनीज ने PM मोदी के साथ ली सेल्फी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया की तीन दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे. जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज उनका विक्टोरिया के गवर्नमेंट हाउस में स्वागत किया और फिर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 

ये औपचारिक स्वागत समारोह दोनों नेताओं के बीच उच्च स्तरीय कार्यक्रमों के बाद आयोजित किया गया था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और आर्थिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में उनकी संयुक्त भागीदारी शामिल थी, जहां उन्होंने दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक अधिकारियों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित किया था. जहां पीएम ने दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपति और व्यापारियों को संबोधित कर भारत के एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर टारगेट को साझा किया. इसके अलावा पीएम ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की। 

तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया एनुअल शिखर सम्मेलन पर संयुक्त बयान जारी कर  प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक चरमपंथ की सभी तरह से और हर रूप में कड़ी निंदा की. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी देशों को आतंकवाद के खतरे से व्यापक और लगातार तरीके से निपटना चाहिए। 

साथ ही उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों (जिनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध लोग और उनके सहयोगी, प्रॉक्सी, प्रायोजक और फंडिंग करने वाले शामिल हैं) के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया. दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद से निपटने की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए सहयोग बढ़ाने की जरूरत को माना. उन्होंने हमारे क्षेत्र में आतंकवादी खतरों के बारे में जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने के मौकों को तलाशने का संकल्प लिया. इसमें कट्टरपंथ (ऑनलाइन कट्टरपंथ समेत), आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक चरमपंथ, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल, आतंकवाद के लिए फंडिंग और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे व समुद्री क्षेत्र के लिए खतरों का मुकाबला करना शामिल है. उन्होंने आतंकवादी हमलों की निंदा दोहराई, जिसमें पहलगाम और बॉन्डी बीच पर हुए भयानक हमले भी शामिल हैं। 

-दोनों नेताओं ने खुले और नियमों पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से ‘समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन’ (UNCLOS) के अनुरूप अधिकारों और स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के महत्व पर जोर दिया, जिसमें नेविगेशन (समुद्री आवाजाही) और ओवरफ्लाइट (हवाई उड़ान) की स्वतंत्रता शामिल है. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए. उन्होंने यथास्थिति को बदलने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को कमजोर करने वाली किसी भी अस्थिर करने वाली या एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। 

-PM मोदी के साथ संयुक्त प्रेस बयान देते हुए ऑस्ट्रेलिया के PM एंथनी अल्बानीज ने कहा, ‘आज हम 2015 के ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत को यूरेनियम निर्यात करने की व्यवस्था पर हस्ताक्षर की पुष्टि कर सकते हैं। 

वहीं, पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ऑस्ट्रलियाई पीएम ने बातचीत की और उनके साथ सेल्फी भी क्लिक की. उन्होंने एक्स पर पीएम मोदी के साथ सेल्फी साझा कर लिखा, ‘हम साथ मिलकर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ा रहे हैं और ऑस्ट्रेलिया और भारत के व्यवसायों को समर्थन दे रहे हैं. हमारे लोगों के बीच के आपसी संबंधों ने हमारे कई व्यावसायिक सफलताओं की कहानियों को संभव बनाया है. और हम भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के लिए व्यापारिक नेताओं और विश्वविद्यालयों के साथ काम करना जारी रखेंगे। 

उन्होंने आगे लिखा कि हमारा उद्देश्य अपने देश में रोजगार के अवसर तैयार  करना और भविष्य में व्यापार और निवेश के अवसरों का भरपूर लाभ उठाना है। 

CEO फोरम में पीएम के संबोधन के बाद पॉपुलस के ग्लोबल डायरेक्टर और को-फ़ाउंडर, सीनियर प्रिंसिपल पॉल हेनरी ने कहा, “आज का दिन बहुत सफल रहा और PM अल्बानीज के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होकर PM मोदी ने अपनी ज़बरदस्त प्रतिबद्धता दिखाई है. ये ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों के लिए एक बहुत अच्छा संकेत है. 2036 में संभावित ओलंपिक और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद को PM मोदी का समर्थन बहुत उत्साहजनक है, जो दिखाता है कि भारत में इस समय कैसी दूरदर्शी सोच है और हम आगे चलकर जबरदस्त विकास देख सकते हैं. हम पिछले 15 सालों से दिल्ली में एक ऑफ़िस के साथ भारत में काम कर रहे हैं और आगे चलकर क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन के क्षेत्र में भी विकास देखना बहुत रोमांचक है। 

क्लीन एनर्जी और न्यूक्लियर पार्टनरशिप पर ऑस्ट्रेलिया CEO फ़ोरम में PM नरेंद्र मोदी के भाषण पर ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल के ‘मेक इन इंडिया’ फोकस ग्रुप के चेयर विश्वनाथन कहते हैं, ‘दोनों प्रधानमंत्रियों का भाषण शानदार था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों के लिए जरूरी बातों पर जोर दिया गया. खासकर भारत के प्रधानमंत्री ने बहुत साफ तौर पर बताया कि भविष्य की दिशाएं क्या हैं. उन्होंने क्लीन एनर्जी की बात की और न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी के बारे में भी बात की, जिनमें भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर काम कर सकते हैं. मैं इस बात से बहुत प्रभावित हुआ कि कैसे भारत का हर राज्य कई सेक्टर में इस सहयोग के जरिए ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक तरक्की में योगदान दे पाएगा…’

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया-भारत CEO फोरम (जिसकी स्थापना मूल रूप से 2012 में हुई थी और जिसे मोदी और अल्बानीज ने 2023 में फिर से शुरू किया था) से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच प्रमुख आर्थिक पहलों के कार्यान्वयन में सहायता करने की उम्मीद है। 

 

धमाल 4 की एडवांस बुकिंग शानदार, पहले दिन 16 करोड़ की उम्मीद

अजय देवगन की फिल्म धमाल 4 कल यानी 10 जुलाई को रिलीज होने वाली है. फिल्म रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाती नजर आ रही है. धमाल 4 की एडवांस बुकिंग रिलीज से कुछ दिन पहले शुरू हुई थी. गुरुवार 12 बजे तक फिल्म ने करीब 3.33 करोड़ रुपये की कमाई कर ली. ये नंबर्स ब्लॉक सीट्स को मिलाकर दिया गया है. हालांकि ये आंकड़े अभी और बढ़ेंगे.

पहले दिन कितनी कमाई करेगी धमाल 4?
बॉक्स ऑफिस पर धमाल 4 को सबसे बड़ा फायदा इसकी फ्रेंचाइजी वैल्यू का मिल सकता है. इसके अलावा फिल्म के सामने फिलहाल कोई बड़ी रिलीज नहीं है. पिछले हफ्ते रिलीज हुई ‘अल्फा’ की कमाई भी अब धीमी पड़ चुकी है. ऐसे में धमाल 4 के पास बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाने के लिए अच्छा मौका है. ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म भारत में पहले दिन करीब 15 से 16 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन कर सकती है. वहीं कुछ अनुमान इसे 13 करोड़ रुपये के आसपास भी बता रहे हैं. अगर फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करती है तो यह अजय देवगन के करियर की टॉप 10 ओपनिंग फिल्मों में शामिल हो सकती है.

धमाल 4 तोड़ेगी अजय देवगन की बड़ी फिल्मों का रिकॉर्ड?
अगर धमाल 4 की ओपनिंग 15 करोड़ रुपये से ज्यादा रहती है, तो यह अजय देवगन की कई बड़ी फिल्मों के शुरुआती कलेक्शन को पीछे छोड़ सकती है. फिल्म तानाजी ने पहले दिन 15.10 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जबकि दृश्यम 2 ने 15.50 करोड़ रुपये का ओपनिंग कलेक्शन किया था. धमाल फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्म टोटल धमाल का रिकॉर्ड तोड़ना आसान नहीं होगा. साल 2019 में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन 16.50 करोड़ रुपये की कमाई की थी.

धमाल 4 की रिलीज डेट
इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी धमाल 4 में अजय देवगन के अलावा अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, रवि किशन, संजय मिश्रा, उपेन्द्र लिमये, अंजलि आनंद, संजीदा शेख, ईशा गुप्ता और विजय पाटकर नजर आएंगे. फिल्म 10 जुलाई को रिलीज हो रही है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की रैंकिंग में बस्तर का जलवा, बोधघाट थाना बना छत्तीसगढ़ का नंबर-1

रायपुर.

बस्तर जिले के बोधघाट पुलिस थाने ने पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय की एनुअल पुलिस स्टेशन रैंकिंग-2025 में प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना बनने का गौरव हासिल किया है। अपराध नियंत्रण, एनडीपीएस मामलों में प्रभावी कार्रवाई, कम्युनिटी पुलिसिंग, पुलिस स्टेशन प्रबंधन, इनोवेशन और एक्सीलेंस इन पुलिसिंग जैसे प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर यह सम्मान मिला है।

बस्तर पुलिस के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी थाने को पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन का राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। बस्तर आइजी बद्री नारायण मीणा ने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी लीलाधर राठौड़ के नेतृत्व में किए गए कार्यों और वर्तमान थाना प्रभारी तामेश्वर चौहान सहित पूरे स्टाफ की टीमवर्क ने यह उपलब्धि दिलाई है। यह बस्तर पुलिस की जन-केंद्रित, पेशेवर और परिणाम आधारित कार्यशैली की पहचान है।

कई मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा यह सम्मान कम अपराध दर, केस सुलझाने की गति, सामुदायिक पुलिसिंग, बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाओं के आधार पर प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य पुलिसिंग में सुधार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में, पूर्व में राज्य के अन्य थानों, जैसे रायपुर के सिविल लाइंस या अन्य प्रमुख थानों को भी उनकी कार्यक्षमता के आधार पर जिला या संभाग स्तर पर सराहा गया है, किंतु राष्ट्रीय स्तर पर ‘बेस्ट पुलिस स्टेशन’ का यह खिताब बोधघाट के लिए ऐतिहासिक है।

छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नया नियम, एक हेक्टेयर भूमि पर लगाने होंगे 2,500 पौधे

रायपुर.

प्रदेश में उद्योगों को अपने प्रत्येक हेक्टेयर क्षेत्र में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने होंगे। साथ ही त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) पौधारोपण को बढ़ावा देकर सघन ग्रीन बेल्ट विकसित करने और परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना अनिवार्य होगा।

राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मानसून 2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों में पौधारोपण अभियान को लेकर निर्देश दिए हैं। मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों के पौधारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, संरक्षण, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित रहने की दर सुनिश्चित करना भी उद्योगों की जिम्मेदारी है।

बरगद, पीपल, नीम, आम जैसी प्रजातियों का करें उपयोग
बैठक में उद्योगों को बरगद, पीपल, नीम, आम सहित स्थानीय एवं पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के अधिकाधिक पौधे लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसर के भीतर और बाहर दोनों स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने पर जोर दिया गया। पर्यावरणीय निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों को आनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (एनालाइजर) 24 घंटे चालू रखने और प्रत्येक तीन माह में उसका नियमित कैलिब्रेशन कराने के निर्देश भी दिए गए।

छत्तीसगढ़ में 41 प्रतिशत वन आवरण
भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) की ‘स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट’ के अनुसार, छत्तीसगढ़ के वन आवरण में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। राज्य में सघन वनों (Very Dense Forests) का क्षेत्र तुलनात्मक रूप से स्थिर है, किंतु मध्यम और खुले वनों के घनत्व में मानवीय हस्तक्षेप, खनन और औद्योगिक विस्तार के कारण प्रभाव पड़ा है। राज्य का कुल वनावरण भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 41 प्रतिशत है। वर्तमान में सरकार द्वारा ‘सघन वृक्षारोपण’ और ‘नगर वन’ जैसी योजनाओं से घटते वन घनत्व को संतुलित करने और पारिस्थितिक संतुलन बहाल करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प

सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प

– शाजापुर में किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं ‘हरा-भरा कालापीपल’ पौधरोपण अभियान
–  शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश 

शाजापुर
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को 30.86 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने यहां कई कामों के लोकार्पण और भूमिपूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं ‘हरा-भरा कालापीपल’ पौधरोपण अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इससे पहले कालापीपल में उनका ‘रोड शो’ हुआ। इस रोड शो में जनता ने अपने लाड़ले बेटे पर जमकर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसी महीने राज्य में यूसीसी लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल अद्भुत क्षेत्र है। मां राज-राजेश्वरी की इस पर असीम कृपा है। आज यह क्षेत्र पौधरोपण में नया रिकॉर्ड बना रहा है। नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती इन पांच नदियों की इस क्षेत्र को कृपा मिल रही है। परमात्मा ने शाजापुर को अद्भुत सौंदर्य दिया है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे प्रदेश में शाजापुर जैसा जिला है। उन्होंने कहा कि एक गाना है, ‘मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती, मेरे देश की धरती…’  इसी गाने की तरह शाजापुर हमारे लिए सोना उगलने वाली धरती भी है, कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली धरती भी है, संगठन का सूर्य चमकाने वाली धरती भी है।

किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘जो धरती को हरियाली का उपहार देते हैं, वही आने वाले कल को आकार देते हैं’। ‘किसान मुस्कुराए तो मुस्कुराता जहां है, इन्हीं की मेहनत से महकता अपना हिंदुस्तां है’। आज का यह आयोजन केवल भूमि-पूजन, लोकार्पण का औपचारिकता का कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों का 6-6 महीने के ब्याज का झंझट खत्म हो जाएगा। अब हम एक साल के लिए लोन देंगे। किसानों के लिए हमारी सरकार सबकुछ करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अलग पहचान बना रहा है। किसान सम्मान निधि से लेकर सभी योजनाएं लगातार जन कल्याण का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं कांग्रेस के मित्रों से पूछना चाहता हूं कि आपको परेशानी क्या है। आप बताइए नर्मदा कहां और शाजापुर कहां। फिर भी, यहां के 118 गांवों में नर्मदा जल आता है। आने वाले दिनों में जो-जो गांव बचे हैं, वहां भी पानी देंगे, पूरे क्षेत्र में पानी देंगे। 

बीजेपी सरकार में बढ़ा सिंचाई का रकबा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे, मोती-मानुस चून। खेत में किसान और सीमा पर जवान, दोनों का सम्मान, ये है भाजपा की पहचान। हमने पारस पत्थर तो नहीं देखा, लेकिन यह पक्की बात है कि अगर सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो वह सोना उगलने लगता है। उन्होंने कहा कि राज्य से 250 से ज्यादा नदियां निकलती हैं। नर्मदा, पार्वती, कालीसिंध, चंबल, केन बेतवा जैसी नदियां बहती रहीं और कांग्रेस के लोग सरकार चलाते रहे। 1956 से मध्यप्रदेश बना है, लेकिन 2002-03 तक इन्होंने कुछ नहीं किया। उस काल तक सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हैक्टेयर होता था। लोगों को याद होगा 1956 के दौर में गेहूं का भाव 80 से लेकर 100 रुपये क्विंटल हुआ करता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल में गेहूं के भाव 400 रुपये भी नहीं बढ़ा पाई। जबकि, अभी किसानों ने गेहूं 2625 रुपये क्विंटल बेचा। यह बात कांग्रेसियों को सुनाओ कि यह है सरकार भाजपा की। यह है बीजेपी को वोट देने का परिणाम।  कांग्रेस केवल सत्ता चाहती है। जब बीजेपी की सरकार बनी तब जाकर सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ। 

कांग्रेस ने राज्यों को आपस में लड़वाया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में लाइट जलती है। किसान सिंचाई के लिए डीजल की टंकी लेकर दौड़ता था, जगह-जगह धक्के खाता था, लेकिन बिजली नहीं मिलती थी। हमारी सरकार में गांव की लाइट अलग, खेत की लाइट अलग है। आने वाले समय में हमारी सरकार और सौगात देगी। बरसात के बाद जब किसान गेहूं-चने की खेती करेंगे, तो आपको लाइट दिन में ही मिलेगी। आपको रात को पानी डालने की जरूरत ही नहीं होगी। कांग्रेस को अपने पापों के लिए किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसान को भगवान के समान पूजने के काम, अगर कोई सरकार करती है, तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार करती है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हमारी सरकार एक के बाद एक काम करती जा रही है। किसान के लिए लागत कम, आमदनी डबल होनी चाहिए। अब हम किसान से एमएसपी पर फसल खरीदेंगे। कांग्रेसियों ने किसानों से कभी एक दाना नहीं खरीदा। किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता से कहा कि अगर कोई कांग्रेसी आपके दरवाजे आए तो उनसे ये सारे सवाल करना। कांग्रेस ने एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य के किसानों से लड़ाया। कांग्रेस की सरकार में पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वा दिया। किसानों के खून की नदियां बहती थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उनका काम ही है लोगों को आपस में बांटो और राज करो। अंग्रेज चले गए और कांग्रेस छोड़ गए। और ये कांग्रेसी हम सबके सिर पर बैठ गए।

अब प्यासा नहीं रहेगा बुंदेलखंड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच पानी को लेकर 20-30 साल तक झगड़ा चलता रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध परियोजना से इसका हल निकला। इस हल से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले प्रदेश के आनंद मनाएंगे। इस परियोजना का 90 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोग बड़े जुझारू हैं, लेकिन केवल पानी की कमी की वजह से पलायन करते थे। आज हमने उत्तप्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी को लेकर एमओयू किया है। इस परियोजना के पूरा बुंदेलखंड पानी से सराबोर होगा। इसी तरह हमने महाराष्ट्र के साथ भी करार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा क्षेत्र बदल गया। सरदरा सरोवर परियोजना के लिए हमें 1500 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन अब हमें मात्र 231 करोड़ रुपये देने होंगे। यह हमारे काम करने का तरीका है। हमने सारी बातों का समाधान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कंस को मारने के बाद कृष्ण जब तक द्वारिकाधीश नहीं हुए, तब तक आनंद में नहीं आया। कांग्रेसियों ने बहनों को फूटी कौड़ी नहीं दी। हमारी सरकार जब योजना लाई, तो कांग्रेसी मजाक बनाते थे। कहते थे कि यह योजना केवल चुनाव तक सीमित है, पैसा कहां से लाएंगे। सरकार बर्बाद कर दी। मुझे गर्व है कि अभी तक 60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है। हम हर महीने राखी मनाते हैं। एक हजार से चलने वाली यात्रा 1500 तक आ गई। इन पैसों से बहनें अलग-अलग काम करने लगीं। वे घर के लिए वरदान हैं। वे हमारे घर का आधार हैं। वे अपना पेट काटकर बच्चों के लिए सारी व्यवस्थाएं करती हैं। इधर, कांग्रेसी कहते हैं कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये मत दो। कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने महिलाओं से कहा कि काग्रेसियों की इस बात को वैसे ही याद रखना जैसे भगवान कृष्ण ने शिशुपाल की बात को याद कर रखा था। जैसे ही चुनाव आए आप अपना वोट देना और कांग्रेसी मुंह के बल गिर जाएंगे। इनका हिसाब-किताब चुकता हो जाएगा। जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। कांग्रेस के षडयंत्रों का खेल, झूठ बोलने का खेल चलने वाला नहीं है। 

अलग-अलग कानूनों की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत से लेकर खलिहान तक और खलिहान से लेकर बागबां तक हम सभी का सम्मान करते हैं। हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। अभी तो कांग्रेसियों को और बड़ा झटका लगने वाला है। हमारे यहां हिंदू का कानून अलग, मुस्लमान का कानून अलग, ये अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए। कानून एक ही होना चाहिए। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं। उनके साथ जो होता है अब वो नहीं चलेगा। इन बहनों के आत्मसम्मान के लिए एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसलिए हम इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का प्रयास करेंगे। हम दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है। दस साल से सब इंस्पेक्टर की भर्ती टल रही थी, हमने वो भर्ती शुरू कर दी। हमने पदोन्नति दी और रोजगार के रास्ते खोले। आज मध्यप्रदेश में दस लाख करोड़ का निवेश हो चुका है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपके पास ही पेप्सिको प्लांट लगा रहा है। यह कंपनी आपसे आलू खरीदेगी। इसलिए अपनी फसल में आलू की गुंजाइश भी रखो। किसान रोड किनारे अपनी जमीन पर होम स्टे बनाए। उसमें हम कोई अलग से बिजली बिल नहीं मांगेंगे। सांदीपनि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह काम हो रहे हैं।

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