भाजपा में बदले सियासी समीकरण, निखिल सोनी की नियुक्ति से कई नेताओं के बदले राजनीतिक समीकरण

इंदौर 

 इंदौर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नगर अध्यक्ष पद पर निखिल सोनी की नियुक्ति ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानिए कैसे आखिरी समय में बदले समीकरण और क्यों पीछे रह गए दूसरे दावेदार।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा में इंदौर नगर अध्यक्ष पद पर निखिल सोनी की नियुक्ति से गुरुवार को भी सभी हैरान हैं। इस घोषणा ने सबको चौंका दिया था, क्योंकि विजय बिंजवा का नाम लगभग तय माना जा रहा था। उनका नाम पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने ही दिया था, लेकिन आखिरी समय पर नगर भाजपा अध्यक्ष की सलाह पर यू टर्न ले लिया गया। उन्होंने एक नंबर विधानसभा के ही युवा व अच्छी टीम वाले निखिल सोनी के नाम पर सहमति दे दी।

पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने तीन जिलों के अध्यक्षों की घोषणा की है, जिसमें इंदौर नगर में निखिल सोनी को नियुक्ति से सभी हैरान हैं। जैसे ही सोनी का नाम सामने आया वैसे ही मोर्चा के कई नेताओं की जमीन खिसक गई, क्योंकि वे सोनी को अध्यक्ष का गंभीर दावेदार ही नहीं मान रहे थे। उन्हें लग रहा था कि ऐसे ही पैनल में नाम दिया गया होगा। सबसे ज्यादा झटका विजय बिंजवा को लगा जो खुद को बना हुआ मान रहे थे, क्योंकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने उनका नाम प्राथमिकता से दिया था और पैनल में भी सबसे ऊपर था।

पर्दे के पीछे की कहानी
विजय का नाम सामने आने पर विरोध शुरू हो गया था। ये बात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे आकाश के साथ नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा तक भी पहुंची। आखिर में आकाश और मिश्रा के बीच में चर्चा हुई। इधर, क्षेत्रीय संतुलन और सबसे ज्यादा पिछड़ा वर्ग की आबादी एक नंबर में होने की वजह से मोर्चे का अध्यक्ष क्षेत्र से ही बनाना था जिसके चलते आकाश ने निखिल सोनी के नाम पर सहमति दे दी। मंजूरी मिलते ही मिश्रा ने सोनी के नाम को आगे बढ़ा दिया, जिसके बाद बिंजवा के बजाए सोनी को मौका दे दिया गया।

बताते हैं कि युवा होने के साथ सोनी के पास कार्यकर्ताओं की अच्छी टीम है। मजेदार बात ये है कि सोनी का नाम पैनल में आठवें नंबर पर था तो एक नंबर विधानसभा से संतोष यादव भी दावेदार थे।

रखी गई थी नजर
हाल ही में नगर भाजपा के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन रखा गया था जिसमें सभी नेताओं को भीड़ जुटाने के निर्देश दिए थे। खासतौर पर उन्हें जो कि मोर्चा व प्रकोष्ठ में अध्यक्ष व संयोजक पद के दावेदार हंै। बताते हैं कि बारीकी से सभी दावेदारों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। बिंजवा को बनाने से पहले भीड़ लाने के लिए कहा था ताकि परीक्षा हो जाए, लेकिन वे संख्या लेकर नहीं पहुंचे थे जबकि कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पाटीदार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे।

चारों खाने चित चौधरी
पिछड़ा वर्ग मोर्चा में नगर अध्यक्ष बनने के लिए निलेश चौधरी पूरी ताकत से जुटे हुए थे जिनका नाम विधायक रहे जीतू जिराती ने रखा था। उन्हें आशा थी कि नियुक्ति हो जाएगी, क्योंकि नगर भाजपा में पदाधिकारी बनने से चूक गए थे। इस बार आकाश विजयवर्गीय के अड़ने की वजह से मोर्चा की कमान एक नंबर को सौंपनी पड़ गई जिसके चलते चौधरी चारों खाने चित हो गए।

छत्तीसगढ़ में नशे में धुत मिले हेडमास्टर, स्कूल के बाहर गाली-गलौज का वीडियो वायरल

सूरजपुर.

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक प्राथमिक स्कूल के हेडमास्टर नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचे। उनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रामानुजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम शाल्ही के खोरखोरीपारा प्राथमिक स्कूल का है। यहां पदस्थ हेडमास्टर हरिनंदन सिंह स्कूल के समय में शराब के नशे में इतने धुत थे कि वे खुद को संभाल भी नहीं पा रहे थे। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेडमास्टर नशे की हालत में जमीन पर लेटे हुए हैं और लगातार गाली-गलौज कर रहे हैं। फिलहाल अब देखना होगा कि विभाग इस पर क्या एक्शन लेता है।

GSTAT में अपील प्रक्रिया होगी और आसान, बार प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से की विस्तृत चर्चा

विवेक झा, भोपाल। वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) में अपील प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए बार एट GST ट्रिब्यूनल, भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने GSTAT, मध्यप्रदेश के माननीय उपाध्यक्ष जस्टिस रूपेश चंद्र वर्श्नेय तथा सदस्य (न्यायिक) उपेंद्र कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान अपीलकर्ताओं और कर सलाहकारों को अपील दायर करने में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में GSTAT के डिप्टी रजिस्ट्रार विनीत कुमार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार अमित जैन एवं न्यायाधिकरण का प्रशासनिक स्टाफ भी उपस्थित रहा।

पोर्टल पर कॉज लिस्ट और आदेश देखने की दी सलाह

बैठक के दौरान सदस्य (न्यायिक) उपेंद्र कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि करदाता, अधिवक्ता और कर सलाहकार नियमित रूप से GSTAT पोर्टल का अवलोकन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर अपलोड की जा रही कॉज लिस्ट (Cause List) और न्यायालयीन आदेश (Orders) आसानी से देखे जा रहे हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि यदि पोर्टल के संचालन या किसी अन्य तकनीकी अथवा प्रक्रियात्मक विषय में कोई कठिनाई आती है तो उसे तत्काल GSTAT के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क

सदस्य (न्यायिक) ने बताया कि अपीलकर्ताओं और अधिवक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए GSTAT में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। इसके माध्यम से पोर्टल संचालन, दस्तावेजों की अपलोडिंग, अपील दायर करने की प्रक्रिया और अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण का उद्देश्य करदाताओं और कर पेशेवरों को पारदर्शी एवं सुविधाजनक न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।

पावर ऑफ अटॉर्नी सही तरीके से जमा करने पर दिया जोर

माननीय उपाध्यक्ष जस्टिस रूपेश चंद्र वर्श्नेय ने अधिवक्ताओं एवं कर सलाहकारों से अपील की कि वे पावर ऑफ अटॉर्नी अथवा लेटर ऑफ अथॉरिटी जैसे अधिकृत दस्तावेज पूर्ण और त्रुटिरहित तरीके से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में छोटी-छोटी त्रुटियां भी अपील प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब का कारण बन सकती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रारंभ से ही दस्तावेजों को निर्धारित प्रारूप और नियमों के अनुरूप प्रस्तुत करने से अपीलों के शीघ्र पंजीकरण और सुनवाई में सुविधा होगी।

अतिरिक्त समय का लाभ उठाने की अपील

माननीय उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा अपील दायर करने के लिए प्रदान की गई अतिरिक्त समय-सीमा का करदाताओं को पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जितनी अपीलें अपेक्षित थीं, उनकी तुलना में अब तक काफी कम अपीलें दायर हुई हैं।

उन्होंने कर सलाहकारों और अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे पात्र करदाताओं को समय-सीमा के भीतर अपील दायर करने के लिए जागरूक करें, ताकि वे अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न रहें।

बार और न्यायाधिकरण के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक के दौरान बार प्रतिनिधिमंडल ने अपील दाखिल करने की प्रक्रिया में आने वाली विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी समस्याओं और प्रक्रियात्मक मुद्दों से अधिकारियों को अवगत कराया। दोनों पक्षों ने न्यायाधिकरण और बार के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की, ताकि भविष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

बार एट GST ट्रिब्यूनल, भोपाल के अध्यक्ष अमित जैन व प्रतिनिधिमंडल ने न्यायाधिकरण के अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे करदाताओं, अधिवक्ताओं और कर सलाहकारों को बड़ी सुविधा मिलेगी।


बैठक से निकले प्रमुख बिंदु

  • GSTAT पोर्टल पर कॉज लिस्ट और आदेश नियमित रूप से देखें।
  • पोर्टल या अपील प्रक्रिया में किसी भी समस्या की सूचना तत्काल हेल्प डेस्क को दें।
  • पावर ऑफ अटॉर्नी और लेटर ऑफ अथॉरिटी सही एवं पूर्ण रूप से जमा करें।
  • अपील दायर करने के लिए मिली अतिरिक्त समय-सीमा का पूरा लाभ उठाएं।
  • करदाताओं को समय-सीमा के भीतर अपील दाखिल करने के लिए जागरूक किया जाए।
  • बार और GSTAT के बीच नियमित संवाद से अपील प्रक्रिया और अधिक सुगम होगी।

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल – मंत्री सुश्री भूरिया

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल – मंत्री सुश्री भूरिया

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं को साइबर फ्रॉड व डीपफेक से बचाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
सिंहस्थ 2028 में गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलाने के लिए AI और तकनीक का होगा इस्तेमाल

मंत्री सुश्री भूरिया से गूगल और अहान फाउंडेशन के दल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल 

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और ‘अहान फाउंडेशन-रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म’ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गूगल की सर्च और जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी की डायरेक्टर श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज, गूगल के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (ट्रस्ट एंड सेफ्टी ग्लोबल एंगेजमेंट-APAC) श्री समीर जाधव, अहान फाउंडेशन की फाउंडर व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सोनाली पाटणकर और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री उन्मेष जोशी उपस्थित रहे।

डिजिटल सुरक्षा हमारा नैतिक दायित्व

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी (महिलाओं और बच्चों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित महिला एवं बाल संरक्षण वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। आज के युग में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर तकनीक के इस बढ़ते दखल को सही दिशा देनी होगी।  मंत्री सुश्री भूरिया ने आगामी बैठक में एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया, ताकि विभाग और गूगल के बीच समन्वय स्थापित कर इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए आसान, सुलभ और उपयोगी बनाया जा सके।

कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता

इस बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राही तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तौर-तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी होंगे, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर सकें।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष AI कार्ययोजना

बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल जनसमुदाय वाले आयोजन में खोए हुए बच्चों को त्वरित रूप से खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर विस्तार से रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक ऐसी उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बच्चों को सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके।

महाराष्ट्र के सफल मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में काम

गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल ने पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते उपयोग के कारण होने वाले अपराधों, जैसे डीपफेक और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से मानसिक प्रताड़ना को रोकने के लिए गूगल निरंतर तकनीकी समाधान और ट्रेनिंग प्रोवाइड करा रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ श्रीमती सोनाली पाटणकर और सीओओ श्री उन्मेष जोशी ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के कई जिलों में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के कारण कई महिलाएं अपने साथ होने वाले साइबर अपराधों को समय रहते रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफल रही हैं। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। भविष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, गूगल और अहान फाउंडेशन की यह त्रिपक्षीय डिजिटल साझेदारी मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और डिजिटल रूप से साक्षर भविष्य का निर्माण करेगी।

 

चीन के GDP पर सवाल उठाने वाले अर्थशास्त्री की संदिग्ध मौत, मामले ने बढ़ाई अंतरराष्ट्रीय चिंता

बीजिंग 
चीन की अर्थव्यवस्था और कैपिटल मार्केट पर बेबाक राय रखने वाले चीनी अर्थशास्त्री गाओ शानवेन 55 साल की उम्र में मृत पाए गए हैं. चीन की सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की वजह ‘बीमारी’ बताई है. गाओ शानवेन ने कहा था कि 2021 से 2023 के बीच चीन की GDP ग्रोथ को 10 प्रतिशत अंक ज़्यादा बताया गया हो सकता है. गाओ शानवेन चीन के GDP डेटा पर खुलकर प्रश्न उठा रहे थे। 

इस अर्थशास्त्री की मौत पर लोगों ने गहरा दुख जताया है. सोशल मीडिया पर उन्हें ऐसे देश में जहां आजाद आवाज़ों को बर्दाश्त नहीं किया जाता, उन्हें “निडर होकर सच बोलने वाला” माना जाता था। 

सरकारी स्वामित्व वाले ‘शंघाई सिक्योरिटीज न्यूज़’ की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी नियंत्रण वाले इन्वेस्टमेंट ग्रुप ‘SDIC सिक्योरिटीज’ के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गाओ शानवेन का 55 साल की उम्र में “बीमारी के कारण” निधन हो गया। चाइनीज रिपोर्ट में उनकी मौत के समय के बारे में तो नहीं बताया गया लेकिन उन्हें “चीन के कैपिटल मार्केट में सबसे प्रभावशाली मैक्रो-इकोनॉमिस्ट्स में से एक” बताया गया। 

‘चीन की GDP ग्रोथ मात्र 2 फीसदी’
गाओ 2024 के आखिर में तब चर्चा में
आए जब उन्होंने वाशिंगटन में पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स और एक चीनी थिंक-टैंक द्वारा आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले दो-तीन सालों में चीन की असल GDP ग्रोथ औसतन “लगभग 2 प्रतिशत” रही होगी, जो कि सरकारी आंकड़ों (लगभग 5 प्रतिशत) से काफी कम है। 

वे उपभोग, रोजगार, रियल एस्टेट डेटा में गड़बड़ियों का हवाला देते थे. उन्होंने युवा बेरोजगारी, उपभोग में मंदी और नीतिगत प्रतिक्रिया की कमी पर भी चिंता जताई थी। 

 कहा जाता है कि उनके इन बयानों से चीन का केंद्रीय नेतृत्व बेहद नाराज हुआ. सरकार ने उन्हें अनिश्चितकाल के लिए सार्वजनिक रूप से बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया. उनके वीडियो, लेख और सोशल मीडिया अकाउंट्स (वीचैट आदि) सेंसर/डिलीट कर दिए गए। 

सिक्योरिटीज एसोसिएशन ऑफ चाइना ने चीफ इकोनॉमिस्ट्स को “सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रचार” करने और “अनुचित टिप्पणियों” से बचने का निर्देश दिया था. नवंबर 2025 में उन्हें नौकरी से हटा दिया गया और उनका हांगकांग इन्वेस्टमेंट एडवाइजर लाइसेंस भी समाप्त हो गया। 

विरोध के लिए चीन में जगह नहीं
बता दें कि बीजिंग GDP के लिए सरकारी लक्ष्य तय करता है और शायद ही कभी उनसे चूकता है.  गाओ शानवेन के इस बयान ने चीन के आर्थिक के डेटा की सटीकता को लेकर अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों के शक को और पुख्ता कर दिया था। 

इसके बाद गाओ लगभग एक साल तक लोगों की नजर से दूर रहे और फिर सितंबर 2025 में पेकिंग यूनिवर्सिटी के एक फोरम में वीडियो के ज़रिए भाषण देने के लिए कुछ समय के लिए सामने आए।  
हालांकि खबर थी कि उनकी जांच चल रही है, लेकिन मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि गाओ ने अपने दोस्तों और साथियों को यह भी बताया था कि उन्हें जनवरी 2025 में पता चला कि उन्हें कैंसर है. 

सच बोलने वाला चला गया
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार चीनी सोशल मीडिया साइट ‘रेडनोट’ पर एक कमेंटेटर ने कहा, “एक ऐसे अर्थशास्त्री जो सच बोलते थे; पिछले कुछ सालों में, सिर्फ़ ‘आशावादी’ अर्थशास्त्री ही बचे हैं। 

चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘वीबो’ पर एक और कमेंट में लिखा था, “एक और सच बोलने वाला चला गया, जबकि झूठ बोलने वाले अभी भी बकवास कर रहे हैं. डॉ. गाओ आपकी आत्मा को शांति मिले!”

चीनी अधिकारी अक्सर उन व्हिसलब्लोअर और कमेंटेटर की आवाज़ दबा देते हैं जो सरकारी रुख को चुनौती देने वाली स्वतंत्र राय रखते हैं, चाहे मामला आम आर्थिक विषयों का ही क्यों न हो. चीन के दिग्गज उद्योगपति जैम मा भी एक बार ऐसे ही अपनी सरकार की आलोचना करने के बाद कुछ महीनों के लिए गायब हो गए थे। 

चीन में विरोध को कुचलने का लंबा इतिहास
2023 में जब चीन सख़्त कोविड लॉकडाउन हटाने के बाद मुश्किलों से जूझ रहा था और सालों से चला आ रहा प्रॉपर्टी संकट जारी था, तो सरकार ने एनालिस्ट को आर्थिक विकास पर नकारात्मक टिप्पणी न करने की चेतावनी दी और प्रमुख कमेंटेटरों पर सेंसरशिप लगाई।

चीन के सबसे मशहूर आर्थिक ब्लॉगर्स में से एक वू शियाओबो को उसी साल जून में ‘वीबो’ से ब्लॉक कर दिया गया था, जहां उनके लगभग 50 लाख फ़ॉलोअर्स थे. उन पर नुकसानदेह जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया था। 

2020 में वुहान के डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत ने, जिन्होंने कोविड-19 के सामने आने की बात सबसे पहले बताई थी पूरे देश में ऑनलाइन श्रद्धांजलि का माहौल बना दिया था. लोगों ने मोमबत्तियों की तस्वीरें और “कभी न भूलें” जैसे संदेश ऑनलाइन पोस्ट करके उन्हें याद किया। 

गाओ अपनी संक्षिप्त और प्रभावशाली लेखन शैली के लिए भी मशहूर थे. 2024 में उन्होंने कहा था कि चीन में “बुज़ुर्गों में भरपूर जोश है, युवा बेजान हैं और अधेड़ उम्र के लोग ज़िंदगी से थक चुके हैं.” यह इस बात की ओर इशारा था कि कैसे बुज़ुर्गों ने तेज़ी के दौर का फ़ायदा उठाया, जबकि बाद की पीढ़ियां पिछली अति-ज़्यादतियों की कीमत चुका रही थीं। 

 

मोदी-अल्बानीज की बड़ी न्यूक्लियर डील! बदल सकता है दुनिया का परमाणु गेम प्लान

 नई दिल्ली

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के बीच हुई हालिया मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दी है. इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया पहुंचे मोदी की यह यात्रा व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के मकसद से थी. दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर दस्तखत किए, जिनमें सबसे चर्चित सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौता है। 

यह डील सिर्फ दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर न्यूक्लियर गेम प्लान को बदलने वाली साबित हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया दुनिया का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है. अब भारत को वहां से व्यावसायिक रूप से यूरेनियम मिल सकेगा, जो भारत के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स को नई गति देगा. मोदी ने कहा कि यह समझौता क्लीन एनर्जी के लक्ष्यों को नई दिशा देगा। 

सिविल न्यूक्लियर डील: क्लीन एनर्जी का नया अध्याय
सिविल न्यूक्लियर समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा. भारत लंबे समय से अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए न्यूक्लियर पावर पर जोर दे रहा है. कोयला और दूसरे पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए न्यूक्लियर एनर्जी एक साफ और स्थिर विकल्प है। 

यह डील NSG (Nuclear Suppliers Group) की सदस्यता न होने के बावजूद भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है. ऑस्ट्रेलिया पहले से भारत के साथ न्यूक्लियर सहयोग पर चर्चा कर रहा था, लेकिन अब इसे व्यावसायिक स्तर पर लागू किया जाएगा. इससे भारत के न्यूक्लियर प्लांट्स को ईंधन मिलेगा, बिजली उत्पादन बढ़ेगा और कार्बन उत्सर्जन कम होगा। 

विश्लेषकों का कहना है कि यह समझौता वैश्विक न्यूक्लियर सप्लाई चेन को बदल सकता है. चीन और रूस जैसे देशों पर निर्भरता कम होगी. भारत अब ऑस्ट्रेलिया जैसे विश्वसनीय लोकतांत्रिक साझेदार से सामग्री हासिल कर सकेगा. इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक संतुलन भी प्रभावित होगा। 

रक्षा और समुद्री सुरक्षा में नया सहयोग
मोदी-अल्बनीज बैठक में सिर्फ न्यूक्लियर ही नहीं, रक्षा और सुरक्षा पर भी बड़ा जोर रहा. दोनों देशों ने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया जॉइंट डिक्लेरेशन ऑन डिफेंस एंड सिक्योरिटी जारी किया. इसमें डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर बनाने का फैसला हुआ, जिससे दोनों देशों के स्टार्टअप्स और इंडस्ट्रीज जुड़ सकें। 

समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में मैरिटाइम सिक्योरिटी कोलैबोरेशन रोडमैप लाया गया. इंडो-पैसिफिक में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन, शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और रखरखाव पर सहयोग बढ़ेगा. दोनों देश क्वाड (भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान) के जरिए भी मिलकर काम करेंगे। 

यह सहयोग खासकर चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच महत्वपूर्ण है. इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प दोनों देशों ने दोहराया। 

क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप
दोनों नेताओं ने क्रिटिकल मिनरल्स पर भी साझेदारी शुरू की. आधुनिक टेक्नोलॉजी, बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस के लिए ये खनिज जरूरी हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करेंगे. इसके साथ ही साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन पर ऑस्ट्रेलिया-इंडिया पार्टनरशिप (PACTS) लॉन्च हुई. इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और दोनों देशों की रणनीतिक सुरक्षा बढ़ेगी। 

आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर एकजुटता
मोदी ने कहा कि आतंकवाद पूरे मानवता के लिए खतरा है. दोनों देश मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे. ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन, फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म और क्राउडेड स्पेसेज पर सहयोग बढ़ेगा. दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे संघर्षों को डायलॉग और डिप्लोमेसी से सुलझाने पर जोर दिया गया. इंडो-पैसिफिक में शांति, स्थिरता और रूल्स-बेस्ड ऑर्डर बनाए रखने का संकल्प दोनों देशों ने लिया। 

आर्थिक सहयोग: व्यापार और निवेश को बढ़ावा
दोनों देश कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट (CECA) पर तेजी से काम करेंगे. बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी भी बनाने का फैसला हुआ है. इससे व्यापार बढ़ेगा और निवेश आएगा। 

वैश्विक न्यूक्लियर बैलेंस पर असर
यह डील वैश्विक न्यूक्लियर गेम प्लान को बदल सकती है. भारत जैसे बड़े देश को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने से रूस और अन्य स्रोतों पर निर्भरता कम होगी. क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन तेज होगी. रणनीतिक रूप से यह क्वाड को मजबूत करेगा. इंडो-पैसिफिक में चीन की चुनौती का मुकाबला करने के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी अहम होगी. क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी में सहयोग सप्लाई चेन को रिसिलिएंट बनाएगा। 

चुनौतियां भी हैं: NSG मुद्दा, घरेलू राजनीति और भू-राजनीतिक तनाव. लेकिन कुल मिलाकर यह डील दोनों देशों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। 

मोदी-अल्बनीज बैठक ने भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों को नई दिशा दी है. न्यूक्लियर, डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देश मजबूत होंगे. यह डील सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर संतुलन बनाने वाली है। 

मेलबर्न में PM मोदी का बड़ा बयान, बोले- ‘धमाके आतंकी अड्डे पर हुए, गूंज पूरी दुनिया में’; किया ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

नई दिल्ली/मेलबर्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने गुरुवार को मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस मेगा शो में 30 हजार भारतीयों के बीच ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज भी मौजूद रहे. पूरा स्टेडियम ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूंज उठा

मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया. उन्होंने पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया का सच्चा दोस्त बताया. अल्बनीज ने कहा- ‘ये दो बड़े लोकतांत्रिक देशों की दोस्ती का जश्न है। 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान जोरजार स्वागत के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, ‘अपने मित्र पीएम अल्बानीज का आभारी हूं. मेलबर्न ने मेरा शानदार स्वागत किया. मुझे मेलबर्न वालों से मिलने का इंतजार था. मेलबर्न ने मैदान मार लिया है. ये शो हाउसफुल है। 

ऑस्ट्रेलियाई पीएम की तारीफ में बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘अहमदाबाद जहां दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट ग्राउंड है और मेलबर्न जहां आईकॉनिक स्टेडियम है, हम दोनों जगह साथ रहे हैं. हम सभी ने देखा है, प्रधानमंत्री अल्बानीज जब बोलते हैं तब भारतीयों के दिल और दिमाग में छा जाते हैं. सिडनी में भी आपने धूम मचाई थी और यहां भी आप छा गए। 

‘भारतीयों के कारण भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते मजबूत’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को सराहते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते ऊंचाई पर है. उन्होंने बताया कि भारतीयों की वजह से ही भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते इतने मजबूत हैं. पिछले 12 सालों में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी के मुताबिक, भारतीयों ने मिलकर मेलबर्न को वाइब्रेंट बना दिया है। 

उन्होंने कहा कि ये मेलबर्न शहर एक दिन में ही चार सीजन के दर्शन करा देता है, लेकिन भारतीय समुदाय ने अपने कल्चरल कलर से इसे और वाइब्रेंट बना दिया है. यहां मेलबर्न में और आस पास काफी ऐसे स्थान हैं, मार्केट हैं जो भारतीयता के रंग से भरे हैं. कोई इसे लिटिल इंडिया कहता है, कोई मिनी इंडिया कहता है… नाम कोई भी हो लेकिन रंग भारतीयता से भरे हुए हैं। 

PM मोदी कहते हैं, ‘हम भारतीयों को प्यार फैलाना पसंद है. आपके घरों में ऑस्ट्रेलियन दूध हो सकता है, लेकिन उससे बनी चाय इंडियन होती है. दाल ऑस्ट्रेलिया की हो, लेकिन उसमें तड़का देसी मसालों का ही लगता है. भारत में आज कल भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड चल रहा है, इसको हमारी Gen Z ड्राइव कर रही है और यहां ऑस्ट्रेलिया में मैंने सुना है कि आपका वीकेंड आस्था और आध्यात्म से भरा रहता है. कहीं किसी के घर भगवान सत्यनारायण की कथा, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चों द्वारा भांगडा या भरतनाट्यम की प्रस्तुति, कहीं कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है। 

उन्होंने कहा कि अब तो इंडियन फिल्म फेस्टिवल भी यहां आ गया है, कुछ दिन बाद ही यहां मेलबर्न में इंडियन फिल्म फेस्टिवल शुरू होने वाला है, मैं इसके सफल आयोजन की अभी से शुभकामनाएं देता हूं। 

‘भारत अपना स्पेस स्टेशन बनाने की राह पर’
PM मोदी ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया के विकास में भारतीयों का बड़ा हाथ है. भारतीय जहां होते हैं, प्रेम का रंग घोलते हैं. मुझे ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों पर गर्व है. यहां के लोगों की नजर लगातार भारत पर रहती है और 21वीं सदी का भारत विकसित होने के लक्ष्य पर है. भारत अपना स्पेस स्टेशन बनाने की राह पर है और वो स्पेस में अपना गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है। 

इस दौरान पीएम मोदी ने भीड़ के साथ मिलकर ‘Grow More Achieve More’ के नारे लगाए. उन्होंने कहा, ‘आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G मार्केट है. भारत के 99 फीसदी जिले 5G से लैस है. भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है. उन्होंने कहा, ‘हम 140 करोड़ एस्पिरेशन से भरे राष्ट्र हैं. हम बेसब्र हैं, हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी हैं, लेकिन हम जल्द से जल्द दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी बनना चाहते हैं। क्योंकि यही हमारी प्रेरणा है- Grow more, Achieve more…’

मेलबर्न में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
भारतीय प्रधानमंत्री ने इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देख ही लिया होगा, धमाके पड़ोसियों पर हो रहे थे और गुंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी. टेरर कैंप पर इस करारे प्रहार से आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ? साथियों भारत इतने पर ही रुकना नहीं चाहता. भारत कह रहा है ग्रो More … इसलिए आज जीप से लेकर शीप तक मैन्युफैक्चरिंग का भारत में एक नया इको सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। 

‘भारत जब मदद भेजता है, तो पासपोर्ट नहीं देखता…’ 
पीएम मोदी ने भारत की दरियादिली का जिक्र करते हुए बताया कि अभी पिछले महीने ही वेनेजुएला में भूकंप की इतनी बड़ी त्रासदी आई, इतना बड़ा विनाश हुआ, सैकड़ो लोगों की जान गई. हमने दूरी कितनी है ये नहीं देखा, भारत ने वेनेजुएला की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा. भारत ने रिलीफ और रेस्क्यू के लिए ऑपरेशन चलाया और जितनी तेजी से हो सकता था मदद भेजी. भारत जब मदद करता है, तो पासपोर्ट नहीं देखता, पासपोर्ट का रंग नहीं देखता. इसलिए, दुनिया भी भारत पर इतना विश्वास करती है। 

खेसारी-अंजना विवाद में घमासान, भोजपुरी इंडस्ट्री की छवि पर उठे सवाल

भोजपुरी सिनेमा इन दिनों फिल्मों से ज्यादा सोशल मीडिया पर चल रही जुबानी जंग को लेकर सुर्खियों में है. एक तरफ हैं अंजना सिंह, तो दूसरी तरफ खेसारी लाल यादव और उनके समर्थक. मामला इतना बढ़ गया कि इसमें गाली-गलौज, निजी जिंदगी पर आरोप, ट्रोलिंग, परिवार को घसीटना और चप्पल दिखाने तक की नौबत आ गई. अब भोजपुरी इंडस्ट्री के कई कलाकार भी इस विवाद में कूद पड़े हैं.

पॉडकास्ट से शुरू हुआ बवाल
पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब अंजना सिंह एक पॉडकास्ट में पहुंचीं. वहां उनसे खेसारी लाल यादव के उस पुराने बयान पर सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने कास्टिंग काउच पर कहा था कि ‘हर हीरोइन कहती है कि इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच होता है, लेकिन मैंने तो नहीं किया. फिर हुआ किसके साथ?’

इस सवाल पर अंजना ने खेसारी का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वो कुछ भी बोलते हैं, उनकी बातों का कोई मतलब नहीं होता. बस, यहीं से सोशल मीडिया पर बवाल शुरू हो गया.

खेसारी के फैंस हुए आगबबूला, चुप नहीं रहीं अंजना
अंजना का बयान सामने आते ही खेसारी लाल यादव के फैंस भड़क गए. सोशल मीडिया पर अंजना को जमकर ट्रोल किया गया. उन्हें लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं. बात यहीं नहीं रुकी, कुछ ट्रोल्स ने उनकी बेटी को लेकर भी अभद्र टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं.

ट्रोलिंग से नाराज अंजना सिंह इंस्टाग्राम लाइव पर आईं. यहां उन्होंने खेसारी लाल यादव और उनकी टीम पर कई गंभीर आरोप लगाए.

लाइव के दौरान अंजना ने खेसारी की निजी जिंदगी का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि एक पुराने होटल विवाद में खेसारी लाल यादव को उनकी पत्नी चंदा यादव ने कथित तौर पर दूसरी एक्ट्रेस के साथ पकड़ लिया था. अंजना ने ये भी आरोप लगाया कि उस दौरान उनकी पिटाई हुई थी. इसके साथ ही उन्होंने खेसारी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. खबर है कि इसी दौरान उन्होंने पर आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया.

खेसारी ने बिना नाम लिए दिया जवाब
पूरे विवाद के दौरान खेसारी लाल यादव ने सीधे तौर पर अंजना सिंह का नाम नहीं लिया. हालांकि उन्होंने इंस्टाग्राम लाइव के जरिए अपने फैंस का समर्थन करने के लिए धन्यवाद कहा और कहा कि आप लोगों का शुक्रिया जो इतना प्यार जताया और मेरे लिए लड़े. इसे कई लोगों ने इस विवाद पर उनका अंजना को दिया जवाब माना.

खेसारी ने भले ही इतने पर चुप्पी साध ली लेकिन उनकी टीम और समर्थकों ने भी अंजना पर पलटवार शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर उन्हें ‘बूढ़ी चाची’ और ‘आंटी’ जैसे शब्द कहे गए. ट्रोलिंग लगातार बढ़ती गई और विवाद और ज्यादा गर्म हो गया.

चप्पल दिखाकर दी चेतावनी
इसके बाद अंजना सिंह एक बार फिर लाइव आईं. इस बार उन्होंने खेसारी की टीम से जुड़े लेखक अखिलेश कश्यप पर धमकी देने का आरोप लगाया. लाइव के दौरान उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, खेसारी को अनपढ़-गंवार बताते हुए जातिसूचक शब्द कहे और कैमरे पर चप्पल दिखाते हुए मारने तक की बात कह दी. इसके बाद ये विवाद सोशल मीडिया पर और ज्यादा वायरल हो गया.

हालांकि खेसारी के सपोर्टर ने एक वीडियो जारी कर हंसी उड़ाते हुए कहा कि क्यों इतना बोल रही हो, लाइमलाइट में आने के लिए विवाद को खामखा तूल दिए जा रही हो. ये सुनकर अंजना फिर भड़क गई और कहा कि- मेरी साल में 20-20 फिल्में आ जाती हैं. 3 साल में 2 फिल्म करने वालों को जरूरत होगी विवाद पैदा करने की. ये तुम लोगों का हमेशा से है जब कोई गाना लाना होता है कॉन्ट्रोवर्सी करने लगते हो.

इंडस्ट्री भी बंट गई
अब ये मामला सिर्फ दो कलाकारों तक सीमित नहीं रहा. भोजपुरी इंडस्ट्री के कई कलाकार खुलकर सामने आए. कुछ ने कहा कि किसी भी महिला को इस तरह ट्रोल करना और उसके परिवार को निशाना बनाना गलत है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा और निजी आरोपों से पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री की छवि खराब हो रही है.

अंजना सिंह के सपोर्ट में उनके एक्स-हसबैंड यश कुमार मिश्रा भी सामने आए. इतना ही नहीं, यश की मौजूदा पत्नी निधि झा ने भी अंजना का समर्थन करते हुए कहा कि किसी महिला का इस तरह अपमान करना बिल्कुल सही नहीं है. वहीं पूनम दुबे और पाखा हेगड़े समेत कई एक्ट्रेसेस ने इस विवाद को तूल न देने और महिला का सम्मान करने की बात कही.

अब सबसे बड़ा सवाल…
इस पूरे विवाद ने भोजपुरी सिनेमा की पब्लिक इमेज पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या ये सिर्फ दो कलाकारों के बीच का निजी विवाद है, या फिर सोशल मीडिया की लड़ाई ने भोजपुरी इंडस्ट्री के स्तर को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है? फिलहाल आरोप, पलटवार और लाइव वीडियो का ये सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा और फैंस की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये विवाद आगे क्या नया मोड़ लेता है.

एमी अवॉर्ड्स 2026: ‘द पिट’ को मिले सबसे ज्यादा नामांकन, प्रियंका की फिल्म भी शामिल

एमी अवॉर्ड्स को टीवी की दुनिया में सबसे सम्मानित पुरस्कार माना जाता है। साल 2026 के लिए एमी अवॉर्ड के लिए नामांकनों का एलान हो चुका है। इस सूची में सबसे ज्यादा श्रेणियों में नॉमिनेशन के साथ मेडिकल ड्रामा सीरीज ‘द पिट’ सबसे आगे है। ‘द पिट’ को कुल 25 नामांकन हासिल हुए हैं। इसके अलावा प्रियंका चोपड़ा की ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ ने भी जगह बना ली है। वहीं, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की लिस्ट में जेंडाया का नाम है। इसके अलावा और किस-किसको नॉमिनेशन में जगह मिली है? देखिए लिस्ट

किसने किया नॉमिनेशन का एलान?
बीते दिन बुधवार को अभिनेत्री लिजा कोलोन-जायस और अभिनेता जेफ हिलर ने 2026 प्राइमटाइम एमी अवॉर्ड्स के नॉमिनेशन की घोषणा की। इस लिस्ट में ‘द बियर’, ‘हैक्स’, ‘द पिट’ और ‘स्लो हॉर्सेस’ जैसे बड़े कॉमेडी, ड्रामा और एंथोलॉजी शो शामिल हैं। ‘एमी अवॉर्ड्स 2026’ की नॉमिनेशन लिस्ट में जेंडाया, जीन स्मार्ट और मैथ्यू रीस जैसे कई नामी चेहरों नें जगह बनाई है।

एंथोलॉजी सीरीज/फिल्म में बेस्ट लीड एक्ट्रेस
क्लेयर डेंस- ‘द बीस्ट इन मी’ सीरीज
सैली फील्ड – रिमार्केबली ब्राइट क्रिएचर्स फिल्म
कैरी मुलिगन – ‘बीफ’ सीरीज
सारा पिजिओन  – ‘लव स्टोरी’ सीरीज
सारा स्नूक – ‘ऑल हर फॉल्ट’ सीरीज

एंथोलॉजी सीरीज या फिल्म में बेहतरीन सहायक अभिनेता
जेसन बेटमैन -डीटीएफ सेंट लुईस
रिचर्ड गैड – ‘हाफ मैन’
डेविड हार्बर – ‘डीटीएफ सेंट लुईस’
रिचर्ड जेनकिंस – ‘डीटीएफ सेंट लुईस’
चार्ल्स मेल्टन – ‘बीफ’
निक ऑफरमैन – ‘मार्गोज गॉट मनी ट्रबल्स’

एंथोलॉजी सीरीज या फिल्म में बेहतरीन सहायक अभिनेत्री
लिंडा कार्डेलिनी- ‘डीटीएफ सेंट लुईस’
डकोटा फैनिंग- ‘ऑल हर फॉल्ट’
लॉरी मेटकाफ – ‘मॉन्स्टर-द एड गीन स्टोरी’
जॉय संडे – ‘डीटीएफ सेंट लुईस’
यॉन युह-जंग – ‘बीफ’
कॉन्स्टेंस जिमर – ‘लव स्टोरी’

बेस्ट लिमिटेड या एंथोलॉजी सीरीज
ऑल हर फॉल्ट
द बीस्ट इन मी
बीफ
डीटीएफ सेंट लुईस
लव स्टोरी

कॉमेडी सीरीज श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
क्विंटा ब्रुनसन – एबॉट एलीमेंट्री
आयो एडेबिरी – द बियर
एले फैनिंग – मार्गोज गॉट मनी ट्रबल्स
लिसा कुडरो – द कमबैक
जीन स्मार्ट – हैक्स

कॉमेडी सीरीज श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
याह्या अब्दुल-मतीन II – वंडर मैन
स्टीव करेल – रूस्टर
मैथ्यू राइस – विडोज बे
जेसन सेगल – श्रिंकिंग
मार्टिन शॉर्ट – ओनली मर्डर्स इन द बिल्डिंग

कॉमेडी सीरीज में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर
कोलमैन डोमिंगो – फोर सीजंस
पॉल डब्ल्यू. डाउन्स – हैक्स
हैरिसन फोर्ड – श्रिंकिंग
निक ऑफरमैन – मार्गोज गॉट मनी ट्रबल्स
स्टीफन रूट – विडोज बे
माइकल यूरी – श्रिंकिंग
टायलर जेम्स विलियम्स – एबॉट एलीमेंट्री

कॉमेडी सीरीज में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस
डेल डिकी – विडोज बे
हन्ना आइनबाइंडर – हैक्स
जानेल जेम्स – एबॉट एलीमेंट्री
केट ओ’फ्लिन – विडोज बे
मिशेल फिफर – मार्गोज गॉट मनी ट्रबल्स
मेगन स्टाल्टर – हैक्स
जेसिका विलियम्स – श्रिंकिंग

ड्रामा सीरीज में बेस्ट एक्टर
स्टर्लिंग के. ब्राउन – पैराडाइज
गैरी ओल्डमैन – स्लो हॉर्सेज
मार्क रफ्फालो – टास्क
रुफस सिवेल – द डिप्लोमैट
नोआ वाइल – द पिट

ड्रामा सीरीज में बेस्ट एक्ट्रेस
कैरी कून – द गिल्डेड एज
चेज इन्फिनिटी – द टेस्टामेंट्स
केरी रसेल – द डिप्लोमैट
रिया सीहॉर्न – प्लुरिबस
जेंडाया – यूफोरिया

बेस्ट ड्रामा सीरीज
द डिप्लोमैट
द गिल्डेड एज
ए नाइट ऑफ द सेवन किंगडम्स
पैराडाइज
द पिट
प्लुरिबस
स्लो हॉर्सेज
योर फ्रेंड्स एंड नेबर्स

बेस्ट टीवी मूवी
हेड्स ऑफ स्टेट – प्रियंका चोपड़ा अभिनीत
मिस यू, लव यू
पीपल वी मीट ऑन वैकेशन
रिमार्केबली ब्राइट क्रिएचर्स
टॉम क्लैंसीज जैक रयान- घोस्ट वॉर

 

TCS का तिमाही मुनाफा ₹13,349 करोड़, कंपनी ने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का भी किया ऐलान

मुंबई 
टाटा ग्रुप (Tata Group) की सबसे बड़ी कंपनी और देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 9 जुलाई 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीज पेश कर दिए हैं. कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ-साथ शेयरधारकों के लिए 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है। 

TCS द्वारा रेगुलेटरी फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी। 

TCS के प्रॉफिट में उछाल  

ग्लोबल चुनौतियों के बीच TCS का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 4.62 फीसदी बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा. पिछले वर्ष की इसी समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 12,760 करोड़ रुपये था। 

अगर रेवेन्यू की बात करें तो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान इसमें 13.93 फीसदी की अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई. यह आंकड़ा पिछले साल के 63,437 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 72,275 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। 

TCS के ये नतीजे आईटी क्षेत्र की स्थिरता और मजबूती को दर्शाते हैं. राजस्व में लगभग 14% और मुनाफे में 4.6% से अधिक की बढ़त के साथ-साथ 12 प्रति शेयर का डिविडेंड निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। 

कैसे रहे टीसीएस के नतीजे?
    संचालन से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही (Q4) के मुकाबले रुपये में इसमें 2.2% और कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) में 0.4% की बढ़त रही।

    इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% और नेट मार्जिन 19.2% रहा।
    ऑपरेशन्स से मिलने वाला नेट कैश 12,412 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 93% है।

कंपनी को मिले बड़े ऑर्डर
TCS ने इस तिमाही के दौरान 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इनमें ये शामिल रहे:

    दिग्गज कंपनी SKF के साथ 80 करोड़ डॉलर की बड़ी एआई-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन डील।
    ServiceNow के साथ कई मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी।
    यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट।

AI बिजनेस में उछाल
कंपनी का एआई (AI) बिजनेस काफी तेजी से बढ़ रहा है। पहली तिमाही में टीसीएस का सालाना एआई रेवेन्यू रन रेट 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से 13.6% ज्यादा है। कंपनी को आईटी ऑपरेशन्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड और सास (SaaS) इंप्लीमेंटेशन जैसे क्षेत्रों में कई एआई कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं।

TCS के शेयरों का हाल
TCS ने अपने नतीजों का ऐलान गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद किया। गुरुवार को कंपनी का शेयर मामूली गिरावट के साथ 2,049.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते कुछ समय से आईटी सेक्टर में जारी सुस्ती के कारण इस स्टॉक में पिछले एक महीने में 4% और साल 2026 में अब तक करीब 36% की गिरावट देखी गई है।

डिविडेंड का भी ऐलान
डिविडेंड पाने के लिए पात्र शेयरधारकों की योग्यता तय करने हेतु कंपनी ने बुधवार 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित किया है.कंपनी इस अंतरिम डिविडेंड का भुगतान शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को करेगी। 

इस बीच गुरुवार को TCS के शेयर मामूली बढ़त के साथ 2,059 रुपये पर बंद हुआ. इस साल अब तक TCS का शेयर करीब 36 फीसदी गिर चुका है. जबकि एक साल में करीब 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. यही नहीं, पिछले 5 साल में भी टीसीएस के शेयर ने निवेशकों को निराश किया है।  5 साल कंपनी के शेयर ने निवेशकों को 35 फीसदी की नुकसान कराया है.

मुनाफे और कुल कमाई के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
जून तिमाही के जारी नतीजों के मुताबिक, टीसीएस का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 5% बढ़कर ₹13,349 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹12,760 करोड़ था। वहीं, संचालन से प्राप्त राजस्व में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत का तगड़ा उछाल आया है और यह ₹72,275 करोड़ पर पहुंच गया है। तिमाही आधार पर (QoQ) कंपनी के राजस्व में रुपये के संदर्भ में 2.2% और कॉन्स्टेंट करेंसी के मामले में 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई है।

मार्जिन और कैश फ्लो के मोर्चे पर कैसी रही स्थिति?
चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत बनाए रखा है। इस तिमाही के दौरान टीसीएस का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% और नेट मार्जिन 19.2% रहा है (जिसमें असाधारण मदों को शामिल नहीं किया गया है)। कंपनी के पास नकदी का प्रवाह भी शानदार रहा है। परिचालन से हासिल शुद्ध नकदी ₹12,412 करोड़ रही, जो कंपनी की शुद्ध आय का लगभग 93% है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि टीसीएस ने अंतरिम लाभांश भुगतान के लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

कंपनी के पास कितने अरब डॉलर के नए ऑर्डर हैं?

    भविष्य में कंपनी की ग्रोथ कैसी रहेगी, इसका अंदाजा इसके मजबूत ऑर्डर बुक से लगाया जा सकता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टीसीएस के पास कुल $9.5 बिलियन (9.5 अरब डॉलर) की मजबूत डील पाइपलाइन रही। इसमें प्रमुख सौदों की बात करें तो:
    एसकेएफ के साथ $800 मिलियन का एआई-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन डील शामिल है।
    सर्विसनाउ के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी।
    यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर का बड़ा सौदा शामिल है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में टीसीएस कहां खड़ी है?
एआई (AI) के क्षेत्र में कंपनी की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। पहली तिमाही में टीसीएस का सालाना एआई राजस्व रन रेट $2.6 बिलियन तक पहुंच गया, जिसमें पिछली तिमाही की तुलना में 13.6% की बढ़ोतरी देखी गई है। टीसीएस के सीईओ के. कृत्तिवासन ने बताया कि भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक बाधाओं के बावजूद ग्राहकों का निवेश एआई, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और प्लेटफॉर्म सरलीकरण में लगातार बढ़ रहा है। टीसीएस ने एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारियां की हैं, जिसके तहत 50,000 कर्मचारियों को ‘क्लाउड’ का एक्सेस मिलेगा।

कर्मचारियों और नौकरी छोड़ने की दर की क्या स्थिति है?
जून के अंत में टीसीएस के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,93,798 रही। आईटी सेवाओं में पिछले 12 महीनों की नौकरी छोड़ने की दर 13.6% दर्ज की गई है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने सभी कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि की प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही, अपने वेतन ढांचे को भारत के नए लेबर कोड (श्रम संहिता) की आवश्यकताओं के अनुरूप सुव्यवस्थित किया है।

 

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