प्रदेशव्यापी “लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान” हुआ सफल

भोपाल

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस परिवहन शोध संस्‍थान द्वारा परिवहन विभाग के समन्‍वय से संयुक्त रूप से प्रदेशव्यापी “लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान” सफलतापूर्वक संचालित किया गया। एक सप्ताह तक चले इस विशेष अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, अनुशासित एवं उत्तरदायी बनाना था। अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस एवं परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने संयुक्त रूप से सघन जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई की।

अभियान के दौरान प्रदेशभर में 12,209 लोक परिवहन बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट,  बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा अन्य वैधानिक दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई।

विशेष अभियान के दौरान बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा अन्य आवश्यक वैध दस्तावेजों के बिना संचालित वाहनों सहित मोटरयान अधिनियम एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 4,787 चालान बनाए गए तथा लगभग 33 लाख रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूल किया गया।

निरीक्षण के दौरान 128 बसों में गंभीर सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। इनमें कई बसों में आपातकालीन निकास द्वार उपलब्ध नहीं था अथवा उसे बंद कर उसके स्थान पर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी बाधित हो सकती थी। इन गंभीर मामलों में पुलिस द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर परिवहन विभाग ने 22 वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए हैं, जिसके फलस्वरूप इन वाहनों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) भी निलंबित हो गया है। शेष वाहनों के विरुद्ध भी फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रचलन में है तथा इस संबंध में परिवहन आयुक्त को आवश्यक प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।

गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की लूट का महज 18 घंटे में किया खुलासा

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में लूट, डकैती,  चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का मात्र 18 घंटे में खुलासा कर त्वरित एवं प्रभावी पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। पुलिस ने दो मुख्य लुटेरों, उन्हें फरार होने में मदद करने वाले एक आरोपी तथा मुखबिरी करने वाले एक अन्य आरोपी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई लगभग संपूर्ण राशि, घटना में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।

ग्वालियर जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविन्द सक्सेना के निर्देशन, पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. असित यादव के मार्गदर्शन तथा गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक विवेचना, मुखबिर तंत्र एवं त्वरित फील्ड कार्रवाई के माध्यम से यह सफलता हासिल की है।

08  जुलाई को गुना शहर के निचला बाजार रपटे के समीप कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के कर्मचारी की तीन अज्ञात बदमाशों ने आंखों में स्प्रे कर 17 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था। सूचना मिलते ही गुना कोतवाली थाना में प्रकरण दर्ज कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविन्द सक्सेना ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। इसके साथ ही 06 विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पुलिस टीमों ने घटनास्थल एवं शहर के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया, जिले की सीमाओं पर सघन नाकाबंदी की, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए घटना के मात्र 18 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा लूट की पूरी साजिश का खुलासा किया गया, जिसके आधार पर उन्हें फरार होने में सहायता करने वाले आरोपी तथा मुखबिरी करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान लूट की राशि में से 16 लाख 77 हजार 100 रूपए एवं घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया गया। यह सफलता पुलिस की पेशेवर कार्यप्रणाली, उत्कृष्ट टीमवर्क एवं त्वरित प्रतिक्रिया का सशक्त उदाहरण है।

मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लूट, डकैती, चोरी सहित संपत्ति संबंधी एवं अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

 

कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप के लिए स्कॉटलैंड रवाना हुईं मध्यप्रदेश की अंजली सिंह और माही लामा

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी की प्रतिभाशाली महिला मुक्केबाज अंजली सिंह (57 किग्रा) एवं माही लामा (60 किग्रा) का चयन 10 से 24 जुलाई 2026 तक ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप के लिए हुआ है। दोनों खिलाड़ी आज स्कॉटलैंड के लिए रवाना हुईं। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में वे विभिन्न देशों के शीर्ष मुक्केबाजों के साथ अभ्यास कर अपनी तकनीकी क्षमता, फिटनेस एवं प्रतिस्पर्धात्मक कौशल को और अधिक सशक्त बनाएंगी।

अंतर्राष्ट्रीय अनुभव से मिलेगा प्रदर्शन को नया आयाम

कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण प्रदान करेगा, जहां उन्हें अनुभवी विदेशी कोचों के मार्गदर्शन के साथ विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के विरुद्ध अभ्यास का अवसर मिलेगा। यह शिविर आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के साथ खिलाड़ियों के तकनीकी एवं मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मध्यप्रदेश बॉक्सिंग अकादमी लगातार गढ़ रही है अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी

खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी देश की अग्रणी खेल अकादमियों में शामिल है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, वैज्ञानिक फिटनेस कार्यक्रम तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के कारण अकादमी ने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी तैयार किए हैं। अकादमी प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय : मंत्री  सारंग

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने अंजली सिंह एवं माही लामा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “मध्यप्रदेश की दोनों प्रतिभाशाली मुक्केबाजों का कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप के लिए चयन प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह अवसर उनके खेल कौशल को और अधिक निखारने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। मुझे विश्वास है कि दोनों खिलाड़ी इस प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी तथा देश और मध्यप्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी।”

खिलाड़ियों की सफलता से बढ़ रहा प्रदेश का खेल गौरव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सतत प्रयासों से खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अधोसंरचना और अंतर्राष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को नई पहचान दिला रहे हैं।

 

ओंकारेश्वर में स्थापित एकात्मता की मूर्ति (स्टैच्यू ऑफ वननेस) पूर्णतः सुरक्षित और सुदृढ़

भोपाल 

पवित्र नगरी ओंकारेश्वर में ‘एकात्म धाम’ में स्थापित आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची बहुधातु प्रतिमा—’एकात्मता की मूर्ति’ पूर्णतः सुरक्षित, सुदृढ़ और संरचनात्मक रूप से अत्यंत मजबूत है। संस्कृति विभाग के ‘आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास’ द्वारा वर्ष 2023 में स्थापित की गई यह भव्य प्रतिमा अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और उच्चतम अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके निर्माण, अभिकल्पना और सुरक्षा आकलन में देश-विदेश की सर्वोच्च और अत्यंत प्रतिष्ठित विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवाएँ ली गई हैं।

मुख्य अभियंता एवं परियोजना संचालक एकात्मधाम श्री राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि ऐतिहासिक प्रतिमा ‘एकात्मता की मूर्ति’ का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का सफलतापूर्वक निर्माण करने वाली देश की अग्रणी कंपनी मैसर्स एल एंड टी (L&T) के माध्यम से संपन्न कराया गया है। मूर्ति के कॉस्टिंग का महत्वपूर्ण कार्य भी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जैसी वैश्विक धरोहर बनाने वाली ख्याति प्राप्त कंपनी जेटीक्यू द्वारा किया गया है। परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंपनी मैसर्स माइनहार्ट सिंगापुर ने अपनी सेवाएँ दी हैं, जिन्हें इस प्रकार की विशाल संरचनाओं का व्यापक वैश्विक अनुभव है। साथ ही, प्रतिमा के डिजाइन सलाहकार के रूप में देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर ‘यशोभूमि’, ‘भारत मंडपम्’ और ‘वल्लभ भवन एनेक्सी’ जैसी महत्वपूर्ण शासकीय व राष्ट्रीय इमारतों को स्वरूप देने वाली प्रतिष्ठित फर्म मैसर्स सी.पी. कुकरेजा एसोसिएट्स ने भूमिका निभाई है।

प्रतिमा के संरचनात्मक स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) चेन्नई (मद्रास) एवं IIT दिल्ली जैसी सर्वोच्च संस्थाओं से विस्तृत तकनीकी परामर्श प्राप्त किया गया है। प्रतिमा का मिक्स डिजाइन और अत्याधुनिक ‘सीज़मिक एनालिसिस’ (भूकंपीय विश्लेषण) जैसे अत्यंत संवेदनशील परीक्षण IIT मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए हैं। वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली द्वारा किए गए तकनीकी आकलन के अनुसार, इस भव्य प्रतिमा की ‘डिजाइन लाइफ’ (अभिकल्पना अवधि) 500 वर्ष या उससे अधिक निर्धारित की गई है, जो इसके दीर्घकालिक स्थायित्व को अकाट्य रूप से प्रमाणित करती है।

‘एकात्मता की मूर्ति’ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए ओंकारेश्वर कार्य स्थल के सीज़मिक जोन-III में होने के बावजूद, प्रतिमा की संरचनात्मक गणनाएँ अत्यधिक संवेदनशील और उच्चतर सीज़मिक जोन-IV के कड़े मानकों के आधार पर की गई हैं। इन कठोर पैमानों पर भी प्रतिमा की डिजाइन पूर्णतः सुरक्षित और अचूक पाई गई है। इसी क्रम में, विश्व विख्यात जर्मन विंड इंजीनियरिंग कंपनी मैसर्स वर्नर सोबेक एजी द्वारा प्रतिमा का व्यापक ‘विंड टनल एनालिसिस’ किया गया है। ओंकारेश्वर क्षेत्र के लिए निर्धारित मानक वायु दबाव (140 किमी/घंटा) की तुलना में इस प्रतिमा की गणना 169 किमी/घंटा की अत्यधिक उच्च वायु गति पर की गई है, जो विपरीत से विपरीत मौसम में भी इसके अडिग रहने की गारंटी देती है।

विश्वस्तरीय स्ट्रक्चरल सॉफ्टवेयर ‘ETABS’ के माध्यम से किए गए वास्तविक सॉफ्टवेयर विश्लेषण में भी प्रतिमा की वास्तविक सुदृढ़ता स्थापित हुई है। स्वीकृत एवं अनुमोदित डिजाइन के अनुक्रम में, अनुमेय स्ट्रेस रेशियो की निर्धारित सीमा 0.85 के विरुद्ध इस भव्य संरचना का वास्तविक स्ट्रेस रेशियो मात्र 0.4 पाया गया है, जो कि तय मानकों से बहुत बेहतर और पूरी तरह सुरक्षित सीमा के भीतर है।

तकनीकी विशेषज्ञों और परियोजना अधिकारियों के अनुसार, ‘एकात्मता की मूर्ति’ का पेडेस्टल (पिलर) और मुख्य ढांचा पूरी तरह से अपने निर्धारित अक्ष पर मजबूती से स्थिर है। यह भव्य प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित, सुदृढ़ और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्मित है, जो आने वाली कई सदियों तक देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र बनी रहेगी।

 

गांवों में खेल और बाल विकास की बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता- राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा

​रायपुर
 

छत्तीसगढ़ सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पहल कर रही है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के जरिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं।राज्य में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत सरोरा में विकास कार्यों की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। यहां 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा 11.86 लाख रुपये की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण किया गया 
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इस अवसर पर वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ बच्चों, महिलाओं और युवाओं के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवन से क्षेत्र के नौनिहालों को बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, वहीं मिनी स्टेडियम बनने से ग्रामीण युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा और गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
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ग्राम सरोरा में एक ही दिन बाल विकास और खेल अधोसंरचना से जुड़े इन दो महत्वपूर्ण कार्यों के शुभारंभ को ग्रामीणों ने विकास की बड़ी सौगात बताया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इन कार्यों से गांव में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।
 
क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की सौगात और घोषणाए
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मंत्री वर्मा ने सरोरा में स्वामी विवेकानंद स्कूल (कक्षा 1ली से 12वीं तक) खोलने की बात कही। इसी तरह उन्होंने अधूरे आईटीआई भवन निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षित होने का मौका मिलेगा और स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। ​इसके साथ ही उन्होंने बुनियादी कार्यों के लिए राशि और घोषणाएं कीं जिसमें ​स्कूल मैदान में अहाता निर्माण के लिए 20 लाख रुपये,​ सायकल स्टैंड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये,​ शेड निर्माण,​ बुंदेली गांव में स्कूल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये,​ सरोरा स्कूल के लिए वाटरकूलर, मुक्तिधाम शेड तथा बुंदेली में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की।

​क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती
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छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से तेजी से विकास कार्य किया जा रहा है। बलौदाबाजार क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और आवागमन को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत की गई है। इसके तहत तिल्दा से सांकरा मार्ग और बलौदाबाजार से भाटापारा मार्ग के निर्माण के लिए 25 -25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, बलौदाबाजार से सिमगा मार्ग के लिए 50 करोड़ रुपये और पड़कीडीह मार्ग के लिए 35 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो जाएगी।

मोदी की गारंटी से आ रहा है जमीनी बदलाव

कार्यक्रम के दौरान मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करते हुए राज्य के सभी घरों में पानी, शौचालय, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और हर घर को पक्का बनवाया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं, किसानों को उनके धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में समृद्धि और खुशहाली आई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में 26 लाख आवासों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

​विचारों की शक्ति से बदलती है जिंदगी
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कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने लोगों को एक प्रेरणादायक कहानी भी सुनाई। उन्होंने वैचारिक दृढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि हमारे अंदर एक विचार होगा तो सोचने की शक्ति होगी। हम जो सोचते और विचार करते हैं, उनके अनुसार ही हम काम करते हैं। अगर हम अच्छा विचार करेंगे तो काम भी अच्छा होगा, सही विचार हमारी जिंदगी को बदल सकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष, नगर पालिका तिल्दा-नेवरा की अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’, विभाग पर अधोसंरचना विकसित करने की अहम जिम्मेदारी – अरुण साव

रायपुर

 उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। 

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।

साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’ है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए। 

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।

साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।

डॉ. रमन सिंह की कार्यकर्ताओं को नसीहत, बोले- चुनाव में अभी ढाई साल बाकी, संगठन मजबूत करने पर दें जोर

कवर्धा.

भाजपा जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि ढाई साल पहले कांग्रेस की सरकार थी, जिसने प्रदेश को बदनाम कर दिया था। अब ऐसी सरकार को दोबारा प्रदेश में नहीं आने देना है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के भी ढाई साल पूरे हो चुके हैं और अब सिर्फ ढाई साल का कार्यकाल शेष है, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन और सरकार के लिए पूरी ताकत से काम करना होगा। डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में जितने भी संगठनात्मक और राजनीतिक पद थे, सभी भर चुके हैं। अब कोई पद खाली नहीं है, इसलिए रोना-धोना या मनमुटाव रखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी समय आने पर जरूरत के अनुसार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देती है और सभी को अवसर मिलता है।

डॉ. रमन सिंह ने अपने 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने कभी किसी पद की मांग नहीं की। यहां के कार्यकर्ता इसे अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर काम करने और पार्टी नेतृत्व के निर्णयों पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। 

मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम पंचायत रीवा में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण, नगर पंचायत समोदा के पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण तथा ग्राम तुलसी के हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला,  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ बने देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान : राजेश अग्रवाल

रायपुर

 छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने तथा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से आज मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना विकास, प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, विभाग की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही संस्कृति विभाग द्वारा संचालित सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला एवं लोक कलाकारों के संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों, पुरातात्विक एवं धरोहर संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी संस्कृति विभाग के संचालक डॉक्टर संजय कन्नौजे द्वारा दी गई। संस्कृति विभाग की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

प्रस्तुतीकरण के उपरांत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिल सके।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ प्रदेश की लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।

उन्होंने पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्कृति विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक कला रूपों के संवर्धन, संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों तथा सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जा सकता है।

बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑपरेशन हमदर्द : जीआरपी ने आठवें दिन 32 निराश्रित एवं बेसहारा लोगों का तैयार किया डिजिटल डोजियर

भोपाल

यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश जीआरपी द्वारा पूरे प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान “ऑपरेशन हमदर्द” संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म एवं आसपास के क्षेत्रों में रह रहे निराश्रित, बेसहारा, परित्यक्ता महिलाओं, भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों तथा भटके हुए बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार उनके पुनर्वास एवं परिजनों से मिलाने की कार्रवाई की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल श्री राजाबाबू सिंह के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेलवे भोपाल श्री अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश की सभी जीआरपी इकाइयों द्वारा अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

अभियान के आठवें दिन 08 जुलाई 2026 को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 26 पुरुष, 5  महिलाएं एवं 1 बालक सहित कुल 32 व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर उनके डिजिटल डोजियर तैयार किए गए। जिन व्यक्तियों के परिजन उपलब्ध थे, उन्हें परिजनों से संपर्क कर मिलवाया गया तथा जिनका कोई आश्रय नहीं था, उनके पुनर्वास के लिए संबंधित सामाजिक संस्थाओं एवं आश्रय गृहों से समन्वय स्थापित किया गया।

अभियान प्रारंभ होने से अब तक कुल 270 निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा चुका है। इस डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान, पुनर्वास एवं अपराध नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य

  •     रेलवे स्टेशनों पर लंबे समय से रह रहे निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों की पहचान करना।
  •     प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल फोटो एवं आवश्यक विवरण संकलित कर रिकॉर्ड तैयार करना।
  •     दिव्यांग, महिलाओं एवं बच्चों के मामलों में संबंधित विभागों के समन्वय से पुनर्वास सुनिश्चित करना।
  •     भिक्षावृत्ति में सक्रिय संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करना।
  •     गुमशुदा एवं भटके हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाना।

मानवीय संवेदनाओं के उदाहरण

जीआरपी आमला द्वारा स्टेशन चेकिंग के दौरान एक निराश्रित वृद्ध व्यक्ति पांडू परते मिले, जो पिछले दो वर्षों से स्टेशन पर भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन कर रहे थे। विस्तृत पूछताछ एवं सतत प्रयासों के बाद उनकी पुत्री से संपर्क स्थापित किया गया। नागपुर से पहुंची पुत्री को उनके पिता से सुरक्षित मिलवाया गया, जिससे लंबे समय बाद परिवार का पुनर्मिलन संभव हो सका।

जीआरपी रानी कमलापति (आरकेएमपी) ने मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में घूम रहे सुरेश कुमार, निवासी राजस्थान, की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। जांच में पता चला कि उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट महाराष्ट्र के नासिक जिले में दर्ज थी। सूचना मिलने पर परिजनों ने भोपाल पहुंचकर उन्हें अपने साथ ले जाने की सहमति व्यक्त की।

जीआरपी ग्वालियर ने स्टेशन पर परिजनों से बिछड़े 11 वर्षीय बालक को त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पिता से संपर्क कर सुरक्षित सुपुर्द किया।

रेलवे पुलिस का यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर सामाजिक सरोकार एवं मानवीय सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है। अभियान के माध्यम से निराश्रित, असहाय एवं भटके हुए व्यक्तियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके पुनर्वास तथा परिवारों से पुनर्मिलन की दिशा में प्रभावी प्रयास निरंतर जारी हैं।

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