एमपी ट्रांसको के ट्रेनीज असिस्टेंट इंजीनियरों को दिया गया ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस का व्यावहारिक प्रशिक्षण

भोपाल

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के सहायक अभियंता (अस्सिटेंट इंजीनियर) प्रशिक्षुओं ने 132 केवी भोपाल–बगरोदा ट्रांसमिशन लाइन पर फ्लैशओवर से प्रभावित डिस्क इंसुलेटर के रिप्लेसमेंट के लिये लिए गए शटडाउन कार्य के दौरान महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया

प्रशिक्षुओं ने शटडाउन लेने की संपूर्ण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों, वर्क परमिट व्यवस्था, लाइन को सुरक्षित रूप से आइसोलेट करने की कार्यवाही तथा कार्यस्थल पर उपयोग किए जाने वाले विभिन्न टूल्स की जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने डिस्क इंसुलेटर बदलने की वास्तविक प्रक्रिया को निकट से देखा और ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस कार्यों की तकनीकी बारीकियों को समझा। विद्युत क्षेत्र के अभियंताओं के लिए इस प्रकार के फील्ड प्रशिक्षण में सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी भोपाल के कार्यपालन अभियंता  रवि चौरसिया एवं सहायक अभियंता  अंकित महरौलिया ने स्वयं प्रशिक्षुओं को शटडाउन प्रबंधन, कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा एक्स्ट्रा हाई टेंशन लाइनों के रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ वास्तविक कार्य परिस्थितियों में कार्य निष्पादन की समझ विकसित करने का अवसर मिला।

 

बालाघाट प्रकरण: एफसीआई के चावल की हेराफेरी में राज्य सरकार का कोई संबंध नहीं : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि बालाघाट जिले में एथेनॉल उत्पादन के लिये भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई द्वारा प्रदाय किए गए चावल की कथित हेराफेरी के मामले में मध्यप्रदेश खाद्य विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की न तो कोई भूमिका है और न ही उनका इस प्रकरण से कोई संबंध है।

खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन योजना भारत सरकार की योजना है। इसके अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम द्वारा निर्धारित दरों पर एथेनॉल निर्माता कंपनियों को चावल उपलब्ध कराया जाता है। इसके पश्चात एथेनॉल निर्माता तेल विपणन कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करते हैं। इस संपूर्ण व्यवस्था में चावल का आवंटन, मूल्य निर्धारण, परिवहन एवं संचालन संबंधी सभी प्रक्रियाएं केंन्द्रीय एजेंसियों द्वारा संचालित की जाती हैं। राज्य सरकार अथवा उसकी किसी संस्था की इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।

 राजपूत ने बताया कि बालाघाट जिले में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में एफसीआई द्वारा एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड, बोरगांव (जिला छिंदवाड़ा) को एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किया गया 242.55 क्विंटल (490 बोरी) चावल ट्रक क्रमांक सीजी 04-जेडी 3147 में संचेती राइस मिल, वारासिवनी (जिला बालाघाट) के परिसर में पाया गया। प्रथम दृष्टया चावल के व्यपवर्तन की पुष्टि होने पर एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि तथा संचेती राइस मिल के संचालक के विरुद्ध वारासिवनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राज्य सरकार पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

 राजपूत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एथेनॉल उत्पादन के लिए एफसीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए टीटी चावल की कथित हेराफेरी में संबंधित एथेनॉल निर्माता कंपनी एवं राइस मिलर की भूमिका सामने आई है।  राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किए जाने वाले चावल में होने वाली किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकने तथा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर अविलंब कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। खाद्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जो भी व्यक्ति अथवा संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

बालाघाट में पिकअप पलटने से 18 महिलाएं घायल, दो की हालत गंभीर

बालाघाट.

रविवार को खरीफ सीजन में धान की रोपाई के लिए निकलीं 18 महिलाएं भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गईं। ग्रामीण महिलाओं से भरा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें सभी महिलाएं घायल हो गईं।

हादसा रामपायली थाना क्षेत्र के बटरमारा पुल के पास हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। दो महिलाएं सुनीता गजबिये और सविता लिल्हारे की गंभीर हालत को देखते हुए गोंदिया रेफर किया गया है, जबकि एक महिला का शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी घायल ग्राम डोंगरमाली और बिटोली की निवासी हैं।

अनियंत्रित होकर पलट गया पिकअप
उर्मिला लिल्हारे और रेखा उपवंशी ने बताया कि वह रविवार सुबह लगभग 9 बजे अपने गांव (डोंगरमाली) से पिकअप में बैठी थीं। वह सभी नेवरगांव में धान की रोपाई (पराह) लगाने जा रही थीं। तभी बटरमारा पुल के पास पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।

लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

भोपाल
मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी (Ladli Behna Yojana 38th Installment) की। इस अवसर पर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1,500 रुपये की राशि भेजी गई।मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ राशि ट्रांसफर की।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल
मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का संचालन कर रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को मजबूत करना है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को दिया जाता है। इसके लिए लाभार्थी के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। योजना के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाइन या ग्राम पंचायत एवं वार्ड कार्यालयों के माध्यम से पंजीकरण करा सकती हैं।

ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस
यदि लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि किस्त की राशि उनके खाते में पहुंची है या नहीं, तो वे मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “आवेदन और भुगतान की स्थिति” विकल्प चुनें। इसके बाद आवेदन क्रमांक या समग्र आईडी दर्ज करें, मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी भरकर सबमिट करें। इसके बाद स्क्रीन पर भुगतान की स्थिति दिखाई दे जाएगी।

इन तरीकों से भी कर सकते हैं जांच
लाभार्थी अपने बैंक की पासबुक अपडेट कराकर खाते में राशि की एंट्री देख सकते हैं। बैंक के मिस्ड कॉल नंबर के जरिए भी बैलेंस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इसके अलावा यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आधार बैंक खाते से लिंक हो और डीबीटी (DBT) सुविधा सक्रिय हो। आवश्यकता पड़ने पर आधार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बैंक लिंकिंग स्टेटस भी जांचा जा सकता है।

 

MP परिवहन विभाग में 25 अधिकारियों को पदोन्नति, 2 साल का प्रोबेशन पीरियड रहेगा लागू

भोपाल.

परिवहन विभाग ने राज्य शासन स्तर द्वारा नियुक्त 25 सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को पदोन्नति (MP Promotion) देकर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी-परिक्षेत्रीय जिला परिवहन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है।

परिवहन आयुक्तालय के आदेश अनुसार यह पदोन्नति मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1961 के तहत दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए होगी।

जितेन्द्र कुमार शर्मा बने सीनियर डीटीओ
साथ ही यह पदोन्नति मध्यप्रदेश लोक सेवा आरक्षण अधिनियम 1994 के प्रावधानों के अनुसार की गई है। पदोन्नत अधिकारियों में भोपाल में सहायक आरटीओ के पद पर पदस्थ जितेन्द्र कुमार शर्मा को अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी-सीनियर डीटीओ बनाया गया है।

किन लोगों को मिला प्रमोशन?
इसके अलावा जिन लोगों को प्रमोशन मिला है, उनमें रमा दुबे, सुनील कुमार शुक्ला, विमलेश कुमार गुप्ता, विक्रम सिंह राठौर, मनोज कुमार तेहनगुरिया, राजेश गुप्ता, रंजना कुशवाह, जगदीश बिल्लोरे, ज्ञानेंद्र वैश्य, सुरेंद्र सिंह गौतम, देवेश बाथम, अनुराग शुक्ला, रीतेश तिवारी, रितु अग्रवाल, दीपक मांझी, हृदेश यादव, जया बसावा, बरखा गौड़, रिंकू शर्मा, मनीष कुमार त्रिपाठी, स्वाति पाठक, आशुतोष सिंह भदौरिया, अनिमेष गढपाल और कृतिका मोहटा का नाम शामिल हैं।

ट्विषा शर्मा केस में बड़ा अपडेट, दिल्ली AIIMS की पोस्टमार्टम रिपोर्ट CBI को सीलबंद लिफाफे में सौंपी

भोपाल.

पूर्व मॉडल व अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच में अहम प्रगति हुई है। एम्स, नई दिल्ली ने दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जांच एजेंसी को दी गई है, जिसकी जानकारी फिलहाल केवल सीबीआई के पास है।

मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी और इसी रिपोर्ट के आधार पर अदालत में आगे की कार्रवाई होगी।

सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बताया कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष हैं, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को होने वाली सुनवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर होगी।

12 मई को त्विषा की हो गई थी मौत
गौरतलब है कि 12 मई को कटारा हिल्स भोपाल स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच पर सवाल उठने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा। जांच के दौरान सीबीआई ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां, पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। अब 14 जुलाई की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

CG में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) के अंतर्गत पूरे प्रदेश में रोजगार सृजन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है।

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के माध्यम से राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। अभियान के तहत प्रदेशभर में लाखों मानव-दिवस का रोजगार सृजित होने के साथ-साथ जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर भू-जल संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में जन सम्मेलन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण एवं ‘मोर गांव-मोर पानी’ जनभागीदारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि जल संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिकाधिक जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वर्षाजल के संग्रहण और भू-जल संवर्धन की व्यवस्था विकसित की गई है, जबकि 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण प्रारंभ किया गया है। जल संरक्षण और हरित विकास का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता तथा पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा VB-G RAM-G के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल-सुरक्षित, हरित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

सूरजपुर के पर्यटन स्थल पर कार से खतरनाक स्टंट, युवकों का वीडियो चर्चा में

सूरजपुर.

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है, जहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अजबनगर के मोरभंज में कुछ युवकों द्वारा कार से जानलेवा स्टंट किया जा रहा है, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक चलती कार से खतरनाक करतब दिखा रहे हैं। कोई ड्रिफ्टिंग तो कोई डोनट्स कर रहा है। इस दौरान ना सिर्फ नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई बल्कि अपनी और दूसरों की जान भी जोखिम में डाली गई। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो सूरजपुर जिले के अजबनगर स्थित मोरभंज पर्यटन स्थल का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ युवक चलती कार की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। उनकी यह हरकत न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती थी।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस तरह की लापरवाही पर चिंता जताई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि ये वीडियो कब की है, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और न ही प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी किया गया है।

डी-मार्ट का शानदार प्रदर्शन, पहली तिमाही में मुनाफा बढ़कर 860 करोड़ रुपये पहुंचा

 नई दिल्ली
रिटेल आउटलेट्स डी-मार्ट का संचालन करने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 11.33 प्रतिशत बढ़कर 860.44 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 772.81 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसकी ऑपरेटिंग रेवन्यू अप्रैल-जून तिमाही में 14.9 प्रतिशत बढ़कर 18,794.53 करोड़ रुपये हो गई, जो 2025-26 की समान तिमाही में 16,359.70 करोड़ रुपये थी। बता दें, इस कंपनी के प्रमोटर्स राधाकिशन दमानी है। Trendlyne के डाटा के अनुसार उनके पास 23 प्रतिशत हिस्सा है।

कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 74.50 प्रतिशत है। पब्लिक के पास 7.6 प्रतिशत हिस्सा है। एफआईआई के पास 9 प्रतिशत हिस्सा है। म्यूचुअल फंड्स के पास 6.8 प्रतिशत हिस्सा है। बता दें, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फंड और एसबीआई म्यूचुअल फंड की कंपनी में हिस्सेदारी है।

सोमवार को फोकस में रहेंगे शेयर
तिमाही नतीजे के सामने आने के बाद अब सोमवार को कंपनी के शेयरों फोकस में रहेंगे। शुक्रवार को बाजार के बंद होने के समय स्टॉक 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 4083.05 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। बीते 6 महीने के दौरान कंपनी के शेयरों की कीमतों में 7.30 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। 2026 में यह स्टॉक 9.83 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। हालांकि, इसके बाद भी एक साल में यह स्टॉक 2.03 प्रतिशत गिरा है। इस दौरान सेंसेक्स इंडेक्स में 6.76 प्रतिशत लुढ़का है।

दो साल में एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड के शेयरों का दाम 15.63 प्रतिशत गिरा है। तीन साल में कंपनी के शेयरों का दाम 8.58 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। 5 साल में यह स्टॉक 20.84 प्रतिशत चढ़ा है। हालांकि यह सेंसेक्स इंडेक्स के 48.07 प्रतिशत के रिटर्न की तुलना में काफी कम है।

कंपनी के सीईओ ने क्या कुछ कहा
पारंपरिक स्टोर व्यवसाय के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के एमडी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुल असावा ने कहा कि दो साल या उससे अधिक पुराने डी-मार्ट स्टोरों की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 5.5 प्रतिशत रही, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह 7.1 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा, “बड़े महानगरों में पुराने स्टोरों की वृद्धि दर इस तिमाही में स्थिर रही, जहां प्रति वर्ग फुट राजस्व काफी अधिक है। हालांकि, छोटे शहरों में स्टोरों की वृद्धि अच्छी बनी हुई है।”

राजनांदगांव में शहादत दिवस पर तत्कालीन SP विनोद कुमार चौबे समेत 29 वीर जवानों को श्रद्धांजलि

राजनांदगाँव.

अविभाजित राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में 12 जुलाई वर्ष 2009 को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में जिले के तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे सहित 29 पुलिस जवानों की शहादत हो गई थी। उनकी शहादत की बरसी पर वीर शहीदों को नमन करने प्रतिवर्ष की भांति आज भी पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

अविभाजित राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मानपुर के कोरकोट्टी, सीता गांव और मदनवाड़ा में नक्सलियों के हमले में अपनी जान गंवाने वाले तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे सहित 29 अन्य पुलिस जवानों के तैल चित्र पर कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और शहादत को नमन किया। कार्यक्रम में मौजूद स्वर्गीय एसपी विनोद चौबे की पत्नी रंजना चौबे ने कहा कि यह दिन काफी भावुक और गर्व करने वाला दिन है, उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी शहीदों की कुर्बानी याद रखें और अमन-शांति कायम रहे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म हो गया है, अब भय और हिंसा मुक्त राज्य होने से और ज्यादा प्रगति होगी।

इस दौरान मौजूद सांसद संतोष पांडे ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वर्ष 2009 से अब काफी परिवर्तन आया है, नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प से प्रदेश नक्सलमुक्त हुआ है। श्रद्धांजलि सभा में भूतपूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव,पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, नगर निगम आयुक्त जीआर मरकाम, सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शहीद परिवार और पुलिस परिवार के लोग सहित स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu