अमेरिका-ईरान युद्धविराम संकेतों से शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स 352 अंक उछला

मुंबई
पश्चिम एशिया से आ रही सकारात्मक खबरों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम विस्तार के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखा जा रहा है. घरेलू संस्थागत निवेशकों और वैश्विक संकेतों के दम पर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। 

सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 352 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,220 के इंट्राडे हाई (उच्चतम स्तर) पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 100 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 24,002 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर तनाव कम होता है, तो बाजार को और अधिक मजबूती मिल सकती है। 

आईटी और फार्मा सेक्टर में जोरदार खरीदारी
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में देखी जा रही है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा टेलीकॉम, हेल्थकेयर, फार्मा (दवा), और पीएसयू (सरकारी) बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने अच्छी रुचि दिखाई है. रियल्टी, मीडिया और मेटल (धातु) से जुड़े इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। 

दूसरी ओर, प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली के दबाव के कारण केमिकल्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के शेयर लगभग सपाट स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। 

शीर्ष पर रहने वाले और घाटे वाले शेयर
निफ्टी के शीर्ष घाटे वाले शेयरों में प्रमुख रूप से भारती एयरटेल, ओएनजीसी (ONGC), आयशर मोटर्स, बीईएल (BEL) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) शामिल रहे, जिनमें शुरुआती दौर में मुनाफावसूली देखी गई। 

कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत
बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए सबसे बड़ी राहत है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.24 प्रतिशत गिरकर $91.55 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ $87.37 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. कच्चा तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होगा और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। 

वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में आज चौतरफा तेजी का माहौल रहा. जापान का निक्केई (Nikkei) 2 प्रतिशत से अधिक उछला, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 3 प्रतिशत तक की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इससे पहले अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) भी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई थी। 

कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर! राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्धारमैया का इस्तीफा, डीके शिवकुमार का रास्ता साफ

बेंगलुरु
 कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता शुक्रवार सुबह साफ हो गया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज सुबह सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. बता दें, सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने आवास ‘कावेरी’ पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था. राज्यपाल अभी कर्नाटक से बाहर इंदौर में हैं. इसके बाद दोपहर 3 बजे वे लोकभवन गए और राज्यपाल के सचिव को अपना त्यागपत्र सौंपा. इस्तीफा स्वीकार करते ही राज्य में नई सरकार के गठन होने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। 

कर्नाटक में आज 29 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव होगा. जानकारी के मुताबिक यह बैठक शाम 5 बजे के करीब होनी है. नई सरकार को लेकर नई दिल्ली में भी कवायद शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व सीएम सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच चुके हैं। 

राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंचे हैं. जहां दोनों नेता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार में किन नेताओं को मंत्रिपद मिलेगा, इसकी मंत्रणा की जाएगी। 

इससे पहले सिद्धारमैया के आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में पूरी कैबिनेट शामिल हुई थी, जहां सिद्धारमैया ने पद से हटने की घोषणा की. वहीं, डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पहले गले मिले और उसके बाद पैर छूकर आर्शीवाद लिया. आपको बता दें, राज्य में काफी दिनों से नेतृत्व परिवर्तन की बात चल रही थी, जिसका अब पटाक्षेप हो गया है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि रविवार को नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो सकता है। 

भोपाल में STF की बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप बरामद; 10 लोग हिरासत में

भोपाल 

भोपाल के गांधी नगर से करीब डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप पकड़ा गया है। यह कार्रवाई एसटीएफ ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में की। एसटीएफ ने यहां से 700 से ज्यादा पेटियां और मशीनें जब्त की। इसके अलावा 10 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई गुरुवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जो शुक्रवार सुबह 3 बजे तक जारी रही।

जानकारी के अनुसार, मकान में ‘आफ कफ’ नाम की अवैध कफ सिरप तैयार की जा रही थी। गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने यहां दबिश दी। मकान के दो अलग-अलग कमरों में नशीले कफ सिरप के कॉर्टन और बोतलें रखी हुई मिलीं। एसटीएफ ने कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर आगे भी कार्रवाई जारी है।

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि गांधीनगर इलाके से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जा रही है। छापे की जानकारी स्थानीय गांधीनगर पुलिस को नहीं थी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

जिस मकान में कार्रवाई की गई, वह किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का मकान मालिक से संपर्क नहीं हो सका था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कफ सिरप का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी।

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी की तबीयत बिगड़ी, नागदा में चल रहा इलाज

उज्जैन 

कर्नाटक के राज्यपाल और पूर्व केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। गुरुवार को पत्नी की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत अपने घर उज्जैन के नागदा पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि थावरचंद गहलोत की बीमार पत्नी का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। वहीं थावरचंद गहलोत के अचानक नागदा पहुंचने पर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं।

थावरचंद गहलोत की पत्नी की तबीयत बिगड़ी
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी अनीता गहलोत की तबीयत गुरुवार को अचानक बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत नागदा के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। अभी अनीता गहलोत का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। बताया गया है कि अनीता गहलोत का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था।

मुंबई से नागदा पहुंचे थावरचंद गहलोत
जिस वक्त नागदा में अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ी उस वक्त थावरचंद गहलोत मुंबई में थे। जब उन्हें पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली तो वो तुरंत मुंबई से सीधे उज्जैन पहुंचे और फिर वहां से नागदा स्थित अपने घर। अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत के घर के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। पत्नी का हालचाल जानने के बाद थावरचंद गहलोत कुछ पर रुके और फिर कर्नाटक के लिए रवाना हो गए।

राज्यपाल की गैर मौजूदगी में कर्नाटक में सीएम का इस्तीफा
उधर कर्नाटक में राज्यपाल थावरचंद गहलोत की गैरमौजूदगी में बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा था लेकिन राज्यपाल के बेंगलुरू से बाहर होने के कारण उन्हें समय नहीं मिला था। अब खबरें हैं कि सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार कर सकते हैं।

थावरचंद गहलोत के दामाद ने छोड़ी कांग्रेस
पांच दिन पहले 23 मई को थावरचंद गहलोत के दामाद विशाल मालवीय ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। विशाल मालवीय थावरचंद गहलोत के दामाद होने के साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रहे राधाकिशन मालवीय के पोते हैं। विशाल वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत में सदस्य हैं और देवास-शाजापुर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र मालवीय के बेटे हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद विशाल मालवीय ने प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा था- जो लोग केवल नेताओं के आगे पीछे घूमकर व्यक्तिगत लाभ साधने में लगे हैं, उन्हें संगठन में पद व प्रतिष्ठा प्रदान की जा रही है। वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार उपेक्षित कर हाशिये पर धकेला जा रहा है। संगठन में आज स्वयं को उपेक्षित व असहज महसूस करना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।

हवालात में बेचैन रही गिरिबाला सिंह और समर्थ, भविष्य की चिंता में गुजरी रात; आज कोर्ट में पेशी

भोपाल 

एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है। सीबीआई ने लगातार तीन दिन तक पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और सबूतों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है।

गिरिबाला को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। 26 मई को सीबीआई की टीम पहली बार बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। यहां अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की।

टीम ने ट्विशा शर्मा की मौत वाली रात की परिस्थितियों, घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों और घटना के बाद की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी भी हासिल की। ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही रिमांड पर ले चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अब समर्थ और गिरिबाला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।

सीबीआई अब टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-टू-मिनट समझा जा सके।

डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही CBI
28 मई की सुबह साढ़े 10 बजे सीबीआई की टीम एक बार फिर गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। 7 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार पूछताछ की गई। इस तरह तीन दिन में करीब 10 घंटे चले सवाल-जवाब में सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।

स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई। इसी आधार पर गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया।

सीबीआई अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए?

सवाल में फंसी गिरिबाला सिंह

 ट्विशा शर्मा केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह कानूनी शिकंजे में बुरी तरह से फंस चुकी हैं। गुरुवार को गिरफ़्तारी के बाद उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ सीबीआई की हवालात में रखा गया। आज गिरिबाला सिंह को सीबीआई, कोर्ट में पेश करेगी। पूर्व जज, ट्विशा शर्मा केस की जांच कर रहे अधिकारियों के सवालों में घिरीं हैं। सीबीआई उनसे प्रमुख रूप से यह जानना चाह रही है कि फांसी लगाने और एम्स ले जाने के बीच ट्विशा के साथ क्या हुआ! उसके शरीर पर 6 चोटें कैसे आईं। गिरिबाला सिंह अधिकारियों के सामने पुराने बयान ही दोहरा रही हैं लेकिन सीबीआई को इस पर भरोसा नहीं हो रहा।

सीबीआई ने मामले की जांच तेज कर दी है। सोमवार की रात को दिल्ली से आकर नई एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही टीम लगातार सक्रिय है। इस दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियोें ने केस के हर पहलू को खंगालने की कोशिश की है। जांच अधिकारियों के अनुसार चार दिनों में ही टीम को कई अहम सबूत हासिल हो चुके हैं।

बहू की संदिग्ध मौत के केस के संबंध में सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घरेलू कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआई के जांच अधिकारियों ने समर्थ के उस चचेरे भाई स्वराज को भी तलब किया, जिसने वारदात के बाद कथित तौर पर ट्विशा शर्मा को फंदे से उतारने में मदद की थी।

 हवालात में रातभर बेचैन रहे समर्थ और गिरिबाला सिंह

 भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह भी सीबीआई की हवालात में पहुंच चुकी हैं। अपनी बहू मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआइ ने उन्हें गुुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया था। बुधवार देर रात ही हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद गुरुवार सुबह सीबीआई टीम उनके घर पहुंची और ट्विशा की मौत से जुड़े कई सवाल पूछे। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद घटना के 17वें दिन पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया। सीबीआइ उन्हें मैनिट में तैयार कैंप ऑफिस ले गई। यहीं मेडिकल जांच कराई। बाद में सीबीआइ ऑफिस ले गई। केस के लिए सीबीआइ ने भोपाल दफ़्तर से अलग मैनिट गेस्ट हाउस को कैंप ऑफिस बनाया है। अब शुक्रवार को सीबीआइ स्पेशल कोर्ट में पेश कर गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेगी। ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह अब बुरी तरह फंस गए हैं। भविष्य की चिंता ने मां बेटे को बेचैन कर दिया है।

सीबीआइ की टीम सुबह 10.30 बजे ट्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर उसके घर पहुंची। यहां सास गिरिबाला सिंह, चचेरे भाई स्वराज और अन्य लोगों से 7 घंटे पूछताछ की। इसके बाद शाम 5.15 बजे गिरिबाला को गिरफ़्तार कर लिया।

आईसेक्ट इंडिया ने एमपीएल टीम रॉयल निमाड़ ईगल्स का किया भव्य लॉन्च, खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सामाजिक पहलों की घोषणा

आईसेक्ट इंडिया ने एमपीएल टीम “रॉयल निमाड़ ईगल्स” का किया भव्य लॉन्च, खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सामाजिक पहलों की घोषणा

भोपाल
 मध्य प्रदेश लीग (MPL) टी-20 क्रिकेट में वर्ष 2025 में प्रेजेंटिंग स्पॉन्सर के रूप में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद आईसेक्ट समूह ने इस बार एक निर्णायक कदम उठाते हुए अपनी नई पुरुष एवं महिला क्रिकेट टीम “रॉयल निमाड़ ईगल्स” का भव्य लॉन्च किया। इस अवसर पर आयोजित विशेष मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम में खिलाड़ियों, खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों एवं स्पॉन्सर्स की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान खेल एवं क्रिकेट के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले करीब 10 व्यक्तित्वों एवं टीम के स्पॉन्सर्स का सम्मान किया गया। साथ ही रॉयल निमाड़ ईगल्स की मेंस एवं वूमेंस टीम का भव्य स्वागत किया गया।

इस अवसर पर टीम का विशेष “रॉयल निमाड़ ईगल्स जिंगल” लॉन्च किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का संचार किया। इसके साथ ही टीम की नई जर्सी का अनावरण किया गया। इस दौरान मंच पर आईसेक्ट समूह के चेयरमैन श्री संतोष चौबे, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में रॉयल निमाड़ ईगल्स की क्रिकेट किट का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी, आईक्यूएसी डायरेक्टर नितिन वत्स, टीम डायरेक्टर जी. सतीश एवं टीम मैनेजर विजय प्रताप मंच पर मौजूद रहे।

आईसेक्ट समूह द्वारा ‘रॉयल निमाड़ ईगल्स’ नाम का चयन केवल एक भौगोलिक संकेत नहीं, बल्कि निमाड़ क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के प्रति समूह की भावनात्मक प्रतिबद्धता और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि का प्रतीक है। अब तक आईसेक्ट समूह रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्याल, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी एवं डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करता रहा है, वहीं अब समूह खेल क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को पहचानने, संवारने और उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

निमाड़ अंचल, विशेषकर खंडवा एवं आसपास के क्षेत्रों में खेल प्रतिभा सदैव प्रचुर मात्रा में रही है। यहां के युवाओं में स्वाभाविक ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी जज़्बा दिखाई देता है, लेकिन लंबे समय तक उन्हें संगठित संरचना, पेशेवर मार्गदर्शन और बड़े मंच का अभाव रहा। ‘रॉयल निमाड़ ईगल्स’ इसी सोच का विस्तार है, जो क्षेत्रीय गौरव को पेशेवर उत्कृष्टता से जोड़ने का प्रयास है।

खेल के परिप्रेक्ष्य में ‘ईगल’ धैर्य, रणनीतिक सोच और आक्रामकता के संतुलन का प्रतिनिधित्व करती है। वहीं ‘रॉयल’ शब्द गरिमा, नेतृत्व और श्रेष्ठता का प्रतीक है। टीम का नाम यह संदेश देता है कि सफलता केवल ताकत से नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता से प्राप्त होती है।

टीम चयन के लिए आईसेक्ट समूह द्वारा 24 फरवरी से खंडवा, इंदौर, ग्वालियर, भोपाल और रीवा में ओपन ट्रायल्स आयोजित किए गए, जिनमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में आईसेक्ट समूह के चेयरमैन श्री संतोष चौबे ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास का विकास करते हैं। रॉयल निमाड़ ईगल्स केवल एक क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि निमाड़ क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच बनेगी।
एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, “आईसेक्ट समूह का यह कदम केवल टीम लॉन्च तक सीमित नहीं है। समूह प्रशिक्षण, फिटनेस, पोषण, विश्लेषण और खेल प्रबंधन को समेकित कर एक स्थायी खेल इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है। इसके लिए स्कोप कैंपस में आधुनिक सुविधाओं से लैस रॉयल ईगल्स क्रिकेट एकेडमी स्थापित की गई है। हम केवल टीम नहीं बना रहे, बल्कि एक ऐसा संरचित इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रोफेशनल सपोर्ट मिल सके।”

कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट इंडिया द्वारा एमपीएल के माध्यम से संचालित किए जाने वाले विभिन्न सोशल इनीशिएटिव्स की भी घोषणा की गई। इसके अंतर्गत मैच में प्रत्येक सेंचुरी पर गर्ल्स एजुकेशन और फ्री क्रिकेट किट दिए जाने का इनिशिएटिव लिया गया है।

कार्यक्रम में रॉयल निमाड़ ईगल्स टीम के खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ, खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

मेंस टीम सदस्य –
रॉयल निमाड़ ईगल्स पुरुष टीम 2026 में कप्तान सारांश जैन एवं उपकप्तान हिमांशु मंत्री के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। टीम में कुमार कार्तिकेय सिंह, आनंद सिंह बैस, प्रणित पाटीदार, पारुष मंडल, पुष्कर विश्वकर्मा, प्रारब्ध वी. मिश्रा, शिवांश चतुर्वेदी, कनिष्क दुबे, धर्मेश पटेल, कार्तिक राजोरिया, शांतनु रघुवंशी, अयान श्रीराज, अभिषेक मावी, देवेंद्र सिंह कठैत एवं शशांक पाटीदार जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं।

वूमंस टीम सदस्य –
रॉयल निमाड़ ईगल्स महिला टीम 2026 में कप्तान निकिता सिंह के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। टीम में वैष्णवी शर्मा, यामिनी बिल्लोरे, कल्याणी जादव, सोनिया सिंह, तनिष्का सेन, दीप्ति सिंह, हर्षिता सिंह, ऋषिता जैन, खुशी यादव, जानवी राय, लक्ष्यिता माहेश्वरी, मुस्कान योगी, राशि सोनी एवं सलोनी पासवान जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं।

‘पुष्पा’ स्टाइल में भारत पहुंचनी थी अरबों की ड्रग्स, 196 दिन तक 7 देशों में घूमता रहा जहाज

अहमदाबाद 
अहमदाबाद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने भारत की अब तक की सबसे बड़ी समुद्री ड्रग्स की जब्ती की है. जहाज में रखी यह ड्रग्स 7 देशों में घूम आई लेकिन किसी भी जगह इसकी भनक तक नहीं लगी. जैसे ही यह भारतीय बंदरगाह पर पहुंची तो अधिकारियों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। 

गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने इस जहाज से 1150 करोड़ रुपये की कोकेन जब्त की है. बताया जा रहा है कि यह अभी तक की सबसे ज्यादा कीमत की ड्रग्स है. इससे पहले इतनी बड़ी मात्रा में डग्स बरामद नहीं की गई है। 

सबसे खास बात है कि इस कोकेन की तस्करी दक्षिण भारतीय फिल्म ‘पुष्पा’ स्टाइल में की जा रही थी. यही वजह थी कि इंजन रूम में कोकेन रखकर यह जहाज 196 दिनों तक समुद्र की यात्रा करता रहा. इस दौरान यह मालवाहक जहाज 7 देशों के 23 बंदरगाहों पर ठहरा या वहां से गुजरा लेकिन कहीं भी यह पकड़ा नहीं गया। 

एमवी यूरोप नाम का यह जहाज सबसे पहले ब्राजील से शुरू हुआ और अपनी समुद्री यात्रा में अर्जेंटीना, उरुग्वे, पनामा, बहामा, डोमिनिकन रिपब्लिक और अमेरिका तक गया. वहां से यह भारत के मुंद्रा बंदरगाह की तरफ बढ़ने लगा। 

गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि इतने देशों में घूमने के बाद भी कभी भी किसी सुरक्षा एजेंसी को इस ड्रग की भनक तक नहीं लगी। 

आखिरकार जब यह जहाज मुंद्रा पहुंचा, तो भारतीय अधिकारियों ने इसे पकड़ लिया। 

एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस शिप से ड्रग्स की सप्लाई की जानकारी पिछले साल मई में ही मिल गई थी. यह वह समय था जब ये ड्रग्स पैक किए जा रहे थे. एटीएस तभी से इसे ट्रैक कर रहे थे. शिपिंग रिकॉर्ड के अनुसार, जहाज का पहला रुकाव ब्राजील के साओ विकेंटे बंदरगाह पर 11 नवंबर 2025 को हुआ। 

उसके बाद जहाज ब्राजील, अर्जेंटीना और उरुग्वे होते हुए पनामा नहर पार किया. फिर बहामा, डोमिनिकन रिपब्लिक और अमेरिका के पूर्वी तट के कई बंदरगाहों पर गया. जहाज कुछ बंदरगाहों पर बार-बार रुका, कुल 40 बार रुकाव दर्ज हुए। 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी ने कहा, “हमें समझ नहीं आ रहा कि ब्राजील से निकली ये कोकीन महीनों तक जहाज के इंजन रूम में छुपी रही. जहाज कई देशों से गुजरा, फिर भी कोई नहीं पकड़ पाया। 

आखिर में जहाज दक्षिण एशिया की ओर मुड़ा. 19 मई को मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर पहुंचा, 22 मई को पाकिस्तान के पोर्ट कासिम गया और 26 मई को मुंद्रा पहुंचा। 

मुंद्रा में जहाज दो दिन तक रुका रहा. यहां प्लान के अनुसार दूसरा जहाज आने वाला था, जिसे ड्रग ट्रांसफर होना था लेकिन कोस्ट गार्ड और एटीएस की निगरानी के कारण यह प्लान फेल हो गया. जैसे ही कोस्ट गार्ड की टीम जहाज के पास पहुंची तो क्रू मेंबर्स ने कोकीन भरे बैग समुद्र में फेंक दिए. समुद्र में से 5 बैग बरामद हुए, जिनमें 115 पैकेट कोकीन थी। 

एटीएस ने बताया कि कोकीन को आउटर एंकरेज में एक छोटी नाव पर उतारना था. अधिकारी मानते हैं कि पूरा माल भारत में ही नहीं रखना था. संभव है कि भारत सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट हो सकता था। 

महाराष्ट्र में जहरीली शराब का कहर! 15 लोगों की मौत, कई जिंदगी और मौत के बीच

 पुणे 
महाराष्‍ट्र में चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में जहरीली शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्‍य की हालत गंभीर बताई जा रही है. पिंपरी-चिंचवाड़ के दापोडी और फुगेवाड़ी इलाके में आठ लोगों ने दम तोड़ा, जबकि पुणे के काले पड़ल इलाके में तीन और हडपसर इलाके में दो लोगों की मौत हुई. घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और प्रभावित इलाकों में जांच तेज कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब आरोपी योगेश वानखेडे ने तैयार की थी, जो कथित तौर पर अवैध शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। 

जानकारी के अनुसार, यह जहरीली और स्पिरिट युक्त शराब योगेश वानखेडे नाम के व्यक्ति ने तैयार की थी. इस शराब को पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के अलग-अलग इलाकों में बेची गई थी. दापोडी, फुगेवाड़ी, हडपसर और काले पड़ल इलाके में लोगों ने यह शराब पी. कुछ समय बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और मुंह से झाग निकलने लगा. इसके कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई. इलाज के लिए ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. योगेश वानखेडे एक अवैध शराब विक्रेता बताया जा रहा है. उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस का अलग राग
फुगेवाड़ी इलाके में अवैध हाथभट्टी और देसी शराब के अड्डे धड़ल्ले से चलने के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और दबी जुबान में चर्चा है कि ये मौतें जहरीली शराब के कारण हुई हैं, लेकिन दापोडी पुलिस ने इसे अफवाह बताया है. शुरुआती जांच के बाद दावा किया है कि ये सभी मौतें अलग-अलग और स्वतंत्र कारणों से हुई हैं। 

पुलिस की नजर में मौत की वजह क्‍या?
पुलिस के अनुसार, पांडुरंग फुगे (57) की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. विजय राठौड़ (31) और राजेंद्र राठौड़ (34) दो सगे भाइयों की मौत दिल का दौरा पड़ने से होने की आशंका है. राजेंद्र राजपूत (51) की मौत बाथरूम में चक्कर खाकर गिरने की वजह से हुई. अकबर पठान (52) पिछले 15 वर्षों से अत्यधिक शराब पीने के आदी थे। 

MP Weather Update: ग्वालियर-मुरैना में बारिश, 6 जिलों में लू और आंधी-ओलों का अलर्ट

ग्वालियर

मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई।

अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को भी दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है। यहां पारा 43 डिग्री के ऊपर ही रहेगा।

प्रदेश के 10 शहरों में पारा 45 डिग्री पार…खजुराहो सबसे गर्म
25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। इसके पहले दिन से ही प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। 18 मई से खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। इस अवधि में यहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री के पार पहुंच गया।

नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला। 10 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 45 डिग्री या इसके पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया।

राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह-मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मंडला-सागर में 45 डिग्री रहा।

इसी तरह गुना में 44.7 डिग्री, श्योपुर में 44.6 डिग्री, रायसेन में 44.2 डिग्री, रीवा-छिंदवाड़ा में 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, इंदौर में 41.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

MP के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात! अब मिलेगी 15 दिन की एक्स्ट्रा छुट्टी, 4 लाख टीचर्स को फायदा

भोपाल
 मध्य प्रदेश के 4 लाख शिक्षकों के लिए खुश खबरी है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियों को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा टीचर्स की छुट्टियों को 15 जून तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षकों की छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी, जिसे विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने हरी झंडी दे दी है. प्रदेश में सरकारी स्कूल स्टूडेंट्स के लिए 23 जून से रीओपन होने जा रहे हैं।

जनगणना ड्यूटी को अतिरिक्त छुट्टी का बनाया गया आधार
प्रदेश में सरकारी टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियां 1 मई से 31 मई तक निर्धारित थीं. हालांकि, इस बार गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ही 7 मई से हायर सेकंडरी और हाई स्कूल की दूसरी बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुईं, जो 27 मई तक चलीं. इसके अलावा जनगणना भी चलती रही. इसमें अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी. छुट्टियों के दौरान दूसरे सरकारी काम कराए जाने को आधार बनाकर शिक्षक संगठनों द्वारा स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से मुलाकात की गई और शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की गई थी. शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में मंत्री को ज्ञापना सौंपा गया था।

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दी हरी झंडी
उधर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, ” प्रदेश में स्कूली टीचर्स का ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय बढ़ाया जा रहा है. शिक्षकों को 15 जून तक का अवकाश दिया जा रहा है. इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है. जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा.” उधर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल के पास इसे भेजा जाएगा. प्रमुख सचिव के अनुमोदन के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा।

अब 23 जून को खुलेंगे स्कूल
प्रदेश में पहले स्कूली शिक्षकों को 2 माह का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता था, जिसे घटा कर 40 दिन कर दिया गया था. 2024-25 में शिक्षकों की छुट्टियों को 10 दिन और कम कर दिया गया. 2025 के बाद इस साल भी शिक्षकों को 31 दिन का अवकाश दिया गया. हालांकि, अब शिक्षकों के अवकाश को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. प्रदेश में सरकारी स्कूल अब स्टूडेंट्स के लिए 23 जून को खुलेंगे।

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