IRCTC की नई वेबसाइट जल्द होगी लॉन्च, टिकट बुकिंग में होंगे 4 बड़े बदलाव

नई दिल्ली

ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक बड़ी गुड न्यूज है. IRCTC की वेबसाइट से ट्रेन टिकट बुक करने पर बड़ा फायदा होगा. भारतीय रेलवे जल्द ही IRCTC की नई वेबसाइट का Beta वर्जन लॉन्च करने जा रहा है. नई वेबसाइट का मकसद टिकट बुकिंग को पहले से ज्यादा आसान, तेज और बेहतर बनाना है, ताकि यात्रियों को बार-बार आने वाली टक्निकल दिक्कतों का सामना न करना पड़े। 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई वेबसाइट लगभग तैयार है और इसे जल्द यात्रियों के लिए शुरू किया जाएगा. इसे भारतीय रेलवे के नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ जोड़ा जा रहा है. नया सिस्टम लागू होने के बाद टिकट बुकिंग का अनुभव पहले से काफी बेहतर होने की उम्मीद है. इसमें 4 बड़े बदलाव होंगे। 

नई वेबसाइट में क्या होगा खास?
नई IRCTC वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं. ऐसे में क्या-क्या बदलाव होंगे ये बताते हैं-

    कैप्चा की टेंशन दूर – टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार आने वाले Captcha और Pop-up की समस्या काफी हद तक खत्म कर दी जाएगी। 

    सीट से जुड़ी सर्विस– सभी क्लास में सीटों की मौजूदगी एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी. इससे अलग-अलग क्लास चुनकर बार-बार सीट चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

    जल्दी कंप्लीट होगा प्रोसेस- टिकट बुकिंग का प्रोसेस में भी पहले की तुलना में कम स्टेप्स होंगे, जिससे टिकट जल्दी बुक हो सकेगा। 

    पहले से सेव रहेगी जानकारी– जो यात्री अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, उनके लिए यात्रियों की जानकारी सेव रखने की सर्विस भी मिलेगी. इससे हर बार नाम, उम्र और अन्य जानकारी दोबारा भरने की जरूरत नहीं होगी और टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। 

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम भी होगा अपग्रेड
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे पिछले करीब 40 सालों से इस्तेमाल हो रहे Passenger Reservation System (PRS) को भी पूरी तरह अपग्रेड कर रहा है. खास बात यह है कि यह पूरा काम टिकट बुकिंग सेवा को बंद किए बिना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नया रिजर्वेशन सिस्टम तैयार होने के बाद इसे नई IRCTC वेबसाइट के साथ जोड़ा जाएगा. इससे वेबसाइट की स्पीड बढ़ेगी और ज्यादा यात्री एक साथ टिकट बुक कर सकेंगे। 

RailOne ऐप और तत्काल टिकट बुकिंग पर फोकस
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे का RailOne ऐप तेजी से यूज हो रहा है. अब तक इस ऐप को 4 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं. यह रेलवे का सबसे बड़ा टिकट बुकिंग ऐप बन चुका है, जहां टिकट बुकिंग के साथ रेलवे की कई अन्य सेवाएं भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। 

इसके अलावा, रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स और फर्जी बुकिंग पर रोक लगाने के लिए भी लगातार काम कर रहा है. रेलवे का कहना है कि इस दिशा में कुछ सुधार देखने को मिला है, लेकिन सिस्टम को और मजबूत बनाने की प्रक्रिया जारी है. नई वेबसाइट और नए रिजर्वेशन सिस्टम के आने के बाद यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक टिकट बुकिंग का अनुभव मिलने की उम्मीद है। 

छात्रों के सुझाव के बाद बदली वेबसाइट
बता दें कि जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों ने हाल ही में नई IRCTC वेबसाइट का डेमो देखा और उस पर अपनी राय दी. रेल मंत्री के मुताबिक, छात्रों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए वेबसाइट में कई जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। 

कुछ हफ्ते पहले भी MNIT के छात्रों ने मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों की ओर रेलवे का ध्यान दिलाया था. इसके बाद रेलवे ने वेबसाइट को नए डिजाइन और बेहतर फीचर्स के साथ तैयार करने का फैसला किया. अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

होम लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी! मोदी सरकार की नई स्कीम से EMI होगी कम, जानें किसे मिलेगा लाभ

नई दिल्ली
 देश के मिडिस क्लास के लिए घर खरीदना अब पहले से ज्यादा आसान हो सकता है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ( PMAY) 2.O के तहत होम लोन (Home Loan) पर 4% ब्याज सब्सिडी देने की तैयारी है, जिससे लाखों परिवारों का अपना घर लेने का सपना पूरा होने के करीब पहुंच सकता है।

क्या खास है इस योजना में?
सरकार की इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को होम लोन के पहले ₹8 लाख तक के हिस्से पर 4% की ब्याज सब्सिडी (Home Loan Subsidy) दी जाएगी। यह सब्सिडी अधिकतम 12 साल की अवधि के लिए लागू होगी और कुल मिलाकर करीब ₹1.80 लाख तक का फायदा मिल सकता है।

क्या है सरकार का मकसद?
इस स्कीम का मकसद खास तौर पर लोअर और मिडिल इनकम ग्रुप ( LIG और MIG) के लोगों को राहत देना है, जो बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों और महंगे लोन के कारण घर खरीदने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। सरकार इस योजना के जरिए शहरी इलाकों में किफायती आवास को बढ़ावा देना चाहती है और आने वाले वर्षों में करोड़ों घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

कौन है इस योजना का पात्र?
योजना के तहत वे परिवार पात्र होंगे जिनकी सालाना आय एक तय सीमा के भीतर है और जिनके नाम पर पहले से पक्का मकान नहीं है। साथ ही, घर की कीमत और लोन की सीमा भी निर्धारित की गई है जैसे ₹25 लाख तक का लोन और ₹35 लाख तक की प्रॉपर्टी वैल्यू वाले घरों पर यह लाभ मिल सकता है।

कैसे मिलेगी सब्सिडी?
सब्सिडी साधे लाभार्थी के लोन अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है, जिससे मूलधन कम हो जाता है और EMI का बोझ घटता है। यही वजह है कि यह योजना पहली बार घर खरीदने वालों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

सरकार के इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा, क्योंकि डिमांड बढ़ने से कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में तेजी आ सकती है। वहीं आम लोगों के लिए यह मौका सही समय पर घर खरीदने का हो सकता है, जब सरकार खुद EMI कम कराने में मदद कर रही है।

कुल मिलाकर, देखा जाए तो अगर आप भी घर खरीदने की सोच रहे हैं तो यह स्कीम आपके लिए बड़ा मौका बन सकती है कम EMI, ज्यादा बचत और अपने घर का सपना पूरा करने की।

भारत में बनेगा आयरन डोम इंटरसेप्टर? राफेल की बड़ी योजना, इजरायल-भारत रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई ताकत

बेंगलुरु 

 रक्षा जगत में इन दिनों भारत की धूम मची हुई है. ब्रह्मोस मिसाइल को खरीदने के लिए कई देश कतार में लगे हुए हैं. वहीं, एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. इजरायल भारत में आयरन डोम मिसाइल इंटरसेप्‍टर के लिए प्रोडक्‍शन लाइन लगाने पर विचार कर रहा है. इजरायली रक्षा कंपनी राफेल इस बाबत भारतीय कंपनियों के साथ बतचीत कर रही है. बता दें कि आयरन डोम की गिनती दुनिया के बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्‍टम में होती है. अब उसी आयरन डोम के लिए मिसाइल इंटरसेप्‍टर भारत में बनाने की बात चल रही है. यह मेक इन इंडिया के बढ़ते साख को भी दिखाता है। 

‘द यरुशलम पोस्‍ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की अग्रणी रक्षा कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स (Rafael Advanced Defense Systems) भारत में अपने अत्याधुनिक आयरन डोम (Iron Dome) एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन की संभावना तलाश रही है. रिपोर्ट की मानें तो कंपनी इस संबंध में भारतीय डिफेंस कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है. यदि यह बातचीत सफल रहती है तो आयरन डोम इंटरसेप्टर के उत्पादन के लिए भारत इजरायल और अमेरिका के बाद तीसरा प्रमुख मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सेंटर बन सकता है. फिलहाल राफेल उत्तरी इजरायल स्थित अपने प्‍लांट में आयरन डोम मिसाइल इंटरसेप्टर का निर्माण करती है. पिछले वर्ष अमेरिका में रेथियॉन (Raytheon) के साथ साझेदारी में भी एक प्रोडक्‍शन लाइन शुरू की गई थी, जो अमेरिकी मरीन कॉर्प्स की नई एयर डिफेंस सिस्‍टम के लिए इंटरसेप्टर उपलब्ध करा रही है. आवश्यकता पड़ने पर यह प्‍लांट इजरायल को भी सपोर्ट कर सकता है. मिसाइल हमलों के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्‍टम की जरूरत पहले से ज्‍यादा महसूस की जाने लगी है। 

मिशन सुदर्शन चक्र को नई धार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रोडक्‍शन लाइन स्थापित करने के पीछे कई रणनीतिक और व्यावसायिक कारण हैं. इससे राफेल को उत्पादन लागत कम करने, वैश्विक बाजार के लिए अतिरिक्त मैन्‍यूफैक्‍चरिंग कैपेबिलिटी डेवलप करने और सप्‍लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिलेगी. साथ ही भारत की ‘मेक इन इंडिया’ नीति के अनुरूप स्थानीय उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. भारत पहले ही इजरायल के साथ संयुक्त रूप से विकसित बराक-8 (Barak-8) लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्‍टम को अपनी वायुसेना, नौसेना और थलसेना में शामिल कर चुका है. हालांकि, कम दूरी की वायु रक्षा आवश्यकताओं के लिए भारत ने स्वदेशी प्रणालियों के विकास पर भी जोर दिया है. ऐसे में आयरन डोम इंटरसेप्टर का भारत में निर्माण दोनों देशों के रक्षा सहयोग को एक नया आयाम दे सकता है. इससे भारत के नेशनल एयर डिफेंस सिस्‍टम प्रोजेक्‍ट मिशन सुदर्शन चक्र को भी नई धार मिलने की पूरी संभावना है। 

इजरायली रक्षा कंपनियां भारत में पहले से मौजूद
बता दें कि इजरायली रक्षा कंपनियां पहले से ही भारत में मौजूद हैं. एल्बिट सिस्टम्स (Elbit Systems) अपने हर्मीस-900 और हर्मीस-450 ड्रोन से जुड़े उपकरणों का निर्माण भारत में करती है और यहां बने कुछ पुर्जों की आपूर्ति इजरायल को भी की जाती है. हाल के महीनों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद इजरायल में आयरन डोम का व्यापक उपयोग हुआ है. इस दौरान इस प्रणाली का इस्तेमाल ऐसे खतरों के खिलाफ भी किया गया, जिनके लिए इसे मूल रूप से डिजाइन नहीं किया गया था. वैश्विक स्तर पर वायु रक्षा प्रणालियों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत में उत्पादन शुरू होने से राफेल को नए निर्यात बाजारों तक पहुंच बनाने और राजनीतिक चुनौतियों के बीच आपूर्ति बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। 

कोरोना ने फिर बढ़ाई चिंता! आंध्र प्रदेश में 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत, दोनों फेफड़े पूरी तरह हुए खराब

कडप्पा 
भारत में एक बार फिर से कोरोना वायरस की वापसी हो गई है. आंध्र प्रदेश के कडप्पा में कोरोना वायरस से 46 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई है. यह जानकारी जिला मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर रवि बाबू ने  दी। 

उन्होंने बताया कि मरीज को दवाओं से भी आराम नहीं मिला और चार दिन के इलाज के बाद उसकी जान चली गई. मृतक शराब का आदी था और उसे तेज सांस लेने में दिक्कत और खांसी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

रवि बाबू ने पीटीआई को बताया कि कडप्पा के मासापेटा इलाके का यह व्यक्ति कोरोना वायरस से जूझ रहा था. उन्होंने कहा कि मरीज शराब पीने का आदी था और उसे सांस लेने में गंभीर तकलीफ के साथ खांसी भी हो रही थी. जब अस्पताल में उसका एक्स-रे किया गया तो पता चला कि उसके दोनों फेफड़े पूरी तरह खराब हो चुके थे. इस वजह से उसे निमोनिया भी हो गया था।

डॉक्टरों ने शुरुआत में मरीज को तेज डोज वाली एंटीबायोटिक दवाएं दीं, लेकिन चार दिन तक इलाज चलने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं आया. इसके बाद डॉक्टरों को शक हुआ कि यह कोरोना वायरस संक्रमण भी हो सकता है. मरीज की छाती का सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हो गई। 

रवि बाबू ने बताया कि मरीज की मौत के बाद इलाके में जरूरी कदम उठाए गए हैं. इसमें जगह की सफाई और सैनिटाइजेशन कराया गया है. साथ ही मृतक के संपर्क में आए लोगों की भी पहचान की जा रही है. इसमें उसके करीबी संपर्क और उनके संपर्क में आए दूसरे लोग, दोनों शामिल हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। 

दोनों फेफड़े हो चुके थे खराब
मृतक कडप्पा के मसापेटा इलाके का रहने वाला था और लंबे समय से शराब का आदी था। अस्पताल में भर्ती होने के समय उसे सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसका एक्स-रे कराया। इसमें पता चला कि उसके दोनों फेफड़े पूरी तरह से खराब हो चुके थे। संक्रमण के कारण उसे निमोनिया भी हो गया था। इससे उसकी स्थिति और अधिक गंभीर बन गई।

कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई
डॉ. रवि बाबू ने बताया कि मरीज का लगातार चार दिनों तक हाई-डोज एंटीबायोटिक दवाओं से इलाज किया गया। लेकिन उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। लक्षणों के बने रहने और हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों को कोविड-19 संक्रमण की आशंका हुई। इसके बाद मरीज का छाती का सीटी स्कैन कराया गया। इसमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।

स्वास्थ्य विभाग ने उठाए एहतियाती कदम
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कोविड-19 की पुष्टि होने के बाद तत्काल एहतियाती कदम उठाए गए। प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन कराया गया और मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने उसके प्राथमिक और द्वितीयक संपर्कों का पता लगाकर आवश्यक निगरानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की।

 

भोपाल में डाबर का ‘पुदीना – द वंडर हर्ब’ अभियान लॉन्च

भोपाल, 8 जुलाई। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में देश की अग्रणी विज्ञान-आधारित आयुर्वेदिक कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने भोपाल में ‘पुदीना – द वंडर हर्ब’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य लोगों को पुदीना के औषधीय गुणों, पाचन संबंधी लाभों और गर्मी के मौसम में इसके प्राकृतिक उपयोग के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में आयुर्वेद विशेषज्ञों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुदीना को प्राकृतिक स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके नियमित और सुरक्षित उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।

गर्मी में पाचन संबंधी समस्याओं का प्राकृतिक समाधान

कार्यक्रम में पीटीकेएलएस शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शुचि दुबे ने कहा कि पुदीना एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी है, जो विशेष रूप से गर्मी के मौसम में शरीर के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होती है।

उन्होंने बताया कि बढ़ते तापमान और लगातार पड़ रही गर्मी की लहरों के कारण अपच, गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में पुदीना शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है।

3,000 वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक विरासत का हिस्सा है पुदीना

डॉ. शुचि दुबे ने कहा कि आयुर्वेद में पुदीना का उल्लेख हजारों वर्षों से मिलता है और इसे ‘वंडर हर्ब’ यानी चमत्कारी जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि पुदीना में पाया जाने वाला मेन्थॉल पाचन संबंधी एंजाइमों को सक्रिय करता है, जिससे भोजन का पाचन बेहतर होता है और पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

उन्होंने कहा कि यह अपच, पेट की ऐंठन, अम्लता, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं में प्राकृतिक रूप से राहत पहुंचाने में सहायक माना जाता है। आयुर्वेदिक पद्धति में पुदीना को पाचन शक्ति बढ़ाने वाली प्रमुख जड़ी-बूटियों में शामिल किया गया है।

प्राकृतिक उपचार की ओर बढ़ रही लोगों की रुचि

डाबर इंडिया लिमिटेड के हेड – सीएसआर एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, ब्यास आनंद ने कहा कि बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण लोगों को ऐसे प्राकृतिक स्वास्थ्य समाधानों की आवश्यकता है, जो प्रभावी होने के साथ सुरक्षित भी हों।

उन्होंने कहा कि डाबर लंबे समय से आयुर्वेद आधारित उत्पादों के माध्यम से लोगों को दैनिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्राकृतिक समाधान उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। गर्मियों में पेट संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं और ऐसे में पुदीना आधारित आयुर्वेदिक उत्पाद गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देने में सहायक हो सकते हैं।

रासायनिक एंटासिड के विकल्प के रूप में आयुर्वेद

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि वर्तमान में बाजार में उपलब्ध कई एंटासिड दवाओं में एल्यूमीनियम और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड जैसे रासायनिक तत्व होते हैं, जिनका लंबे समय तक उपयोग स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि आयुर्वेदिक विकल्पों का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप अधिक सुरक्षित और प्राकृतिक माना जाता है। उन्होंने लोगों को स्वयं उपचार करने के बजाय आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की भी सलाह दी।

100 वर्षों से लोगों का भरोसा बना हुआ है ‘पुदीन हरा’

डाबर ने कार्यक्रम में अपने लोकप्रिय आयुर्वेदिक ब्रांड ‘पुदीन हरा’ की जानकारी भी दी। कंपनी के अनुसार यह लगभग 100 वर्ष पुराना भरोसेमंद ब्रांड है, जिसमें पुदीना सत्व प्रमुख घटक के रूप में शामिल है और यह गैस, अपच, पेट दर्द तथा अम्लता जैसी सामान्य पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देने के लिए जाना जाता है।

कंपनी ने बताया कि पुदीन हरा टैबलेट, लिक्विड, पाउडर और पुदीन हरा फिज़ सहित विभिन्न स्वरूपों में उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार इसका उपयोग कर सकते हैं।

स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का उद्देश्य

डाबर के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने, प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के महत्व को समझाने और विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और प्राकृतिक उपायों को अपनाने पर भी जोर दिया।


पुदीना के प्रमुख लाभ

  • पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में सहायक।
  • गैस, अपच और एसिडिटी में राहत देने में उपयोगी।
  • पेट की ऐंठन और मरोड़ को कम करने में मददगार।
  • मेन्थॉल के कारण ठंडक का एहसास कराता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर।
  • गर्मी के मौसम में शरीर को राहत पहुंचाने में सहायक।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

  • भोपाल में डाबर इंडिया ने ‘पुदीना – द वंडर हर्ब’ अभियान लॉन्च किया।
  • आयुर्वेद विशेषज्ञों ने पुदीना के औषधीय गुणों पर विस्तृत जानकारी दी।
  • गर्मियों में पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाने की सलाह।
  • डाबर ने अपने आयुर्वेदिक ब्रांड ‘पुदीन हरा’ की उपयोगिता और विभिन्न उत्पादों की जानकारी साझा की।
  • अभियान का उद्देश्य आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य जागरूकता और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

AIBOC Appoints CBOA General Secretary K. Ravi Kumar as Co-Chairman of Charter of Demands Committee

Vivek Jha, Bhopal: Preparations for the next wage settlement of public sector bank officers, due from November 2027, have gained momentum with the All India Bank Officers’ Confederation (AIBOC) constituting a high-level committee to draft the Charter of Demands for submission to the Indian Banks’ Association (IBA). In a significant development, K. Ravi Kumar, General Secretary of the Canara Bank Officers’ Association (CBOA), has been appointed as the Co-Chairman of the committee.

The appointment is being viewed as a major recognition of his leadership and experience in representing the interests of bank officers across the country.

Committee to Prepare Charter of Demands for IBA

The newly constituted committee will prepare a comprehensive Charter of Demands covering salary revision, service conditions, allowances, career progression, welfare measures and other employment-related issues concerning bank officers.

The document will serve as the foundation for negotiations between AIBOC and the Indian Banks’ Association (IBA) for the wage settlement scheduled to take effect from November 2027.

Pride for CBOA and Banking Fraternity

Sharing the information, K. K. Tripathi, Vice President of the Canara Bank Officers’ Association (CBOA), said that the appointment of K. Ravi Kumar as Co-Chairman is a matter of pride not only for CBOA but for the entire banking officers’ fraternity.

He expressed confidence that under Ravi Kumar’s leadership, the concerns and aspirations of bank officers would receive stronger representation during the forthcoming wage negotiations.

Two-Day Visit to Bhopal

K. K. Tripathi informed that K. Ravi Kumar will be on a two-day visit to Bhopal on July 12 and 13. During his visit, he will participate in organizational meetings and interact with bank officers to discuss issues concerning the banking sector and the officers’ community.

The visit is also expected to include discussions on organizational strengthening, policy matters and preparations for the upcoming wage settlement.

Expectations Rise Ahead of Wage Negotiations

With the formation of the Charter of Demands Committee, expectations among bank officers have increased regarding the next wage revision. Banking circles believe that apart from salary enhancement, the committee is likely to address important issues such as career advancement, work-life balance, service conditions, allowances and employee welfare.

The banking fraternity expects that a well-structured Charter of Demands will strengthen negotiations with the IBA and help secure a more comprehensive and balanced wage settlement.


What is the Charter of Demands?

The Charter of Demands is an official document prepared by bank officers’ organizations outlining their proposals for salary revision, allowances, service conditions, promotions, welfare measures and other employment-related issues. It forms the basis of negotiations between the officers’ unions and the Indian Banks’ Association (IBA) for the next bipartite wage settlement.

Key Highlights

  • AIBOC has constituted the Charter of Demands Committee for the November 2027 Wage Settlement.
  • K. Ravi Kumar, General Secretary of CBOA, has been appointed Co-Chairman of the committee.
  • The committee will prepare and submit the Charter of Demands to the Indian Banks’ Association (IBA).
  • K. Ravi Kumar will visit Bhopal on July 12-13 for organizational meetings and interactions with bank officers.
  • Banking officers have welcomed the appointment and expressed confidence that it will strengthen representation of officers’ interests during the upcoming wage negotiations.

राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के सहयोग से जेल विभाग की ऐतिहासिक पहल

भोपाल 

मध्यप्रदेश जेल विभाग ने बंदियों के समग्र स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया है। महानिदेशक जेल डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (आर.आर.यू.), गांधीनगर, गुजरात के सहयोग से आयोजित यह सात दिवसीय प्रशिक्षण भोपाल स्थित क्षेत्रीय जेल प्रबंधन एवं शोध संस्थान में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान, संरक्षण, परामर्श एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है।

महानिदेशक जेल डॉ. कपूर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बंदियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा जेल विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अब तक विभाग द्वारा शारीरिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक प्रभावी प्रयास किए जाते रहे हैं, वहीं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अब वैज्ञानिक एवं संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का संरक्षण बंदियों के पुनर्वास, व्यवहार सुधार तथा जेलों में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

महानिदेशक जेल डॉ. कपूर ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्रदेश की विभिन्न जेलों से चयनित 30 प्रतिभागी, जिनमें जेल प्रहरी एवं पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी-अपनी जेलों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित बंदियों की पहचान, उनके रिकॉर्ड का वैज्ञानिक संधारण, प्रारंभिक परामर्श, आवश्यक रेफरल तथा प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम होंगे।

महानिदेशक जेल डॉ. कपूर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में यह पहल जेल प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। विभाग आगामी चरणों में प्रदेश की विभिन्न जेलों में साइको सोशल काउंसिलिंग सेंटर स्थापित करने, राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के सहयोग से मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम संचालित करने तथा इस क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीआईजी  मंशाराम पटेल, केंद्रीय जेल अधीक्षक  मानेन्द्र सिंह परिहार, प्रशासकीय अधिकारी  दिनेश कुमार इमले तथा राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ प्रशिक्षक  गीतेश सिंह एवं  राकेश सिंह उपस्थित रहे। 

मंत्री सारंग ने की नरेला विधानसभा के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

भोपाल

सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में नरेला विधानसभा अंतर्गत शहीद भगत सिंह, स्वामी विवेकानन्द, सुभाष एवं सम्राट अशोक मंडल के पदाधिकारियों तथा नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मंत्री  सारंग ने मंडल अंतर्गत सभी वार्डों में जलभराव, पेयजल आपूर्ति, ड्रेनेज व्यवस्था, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, स्वच्छता तथा विद्युत आपूर्ति सहित नागरिकों से जुड़े सभी मूलभूत विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड का विस्तृत सर्वेक्षण कर समस्याओं का आंकलन किया जाए तथा समयबद्ध कार्य योजना तैयार कर उनका त्वरित, प्रभावी एवं स्थायी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक नागरिक तक सरकार की सुविधाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचना चाहिए।

नरेला विधानसभा बनेगी देश की सबसे स्वच्छ विधानसभा

बैठक में मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा को देश की सबसे स्वच्छ विधानसभा के रूप में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन है। इसके लिए विधानसभा के प्रत्येक वार्ड, गली और मोहल्ले में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाएगा। नगर निगम, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों के सहयोग से नरेला को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

समस्त वार्डों में होगी मातृ-पितृ सेवा केंद्र की स्थापना

मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में मातृ-पितृ सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन सेवा केंद्रों में वरिष्ठजनों के लिए मनोरंजन एवं मानसिक सक्रियता बढ़ाने वाली लाइब्रेरी, कैरम, शतरंज, फिटनेस संबंधी सहित विभिन्न गतिविधियां उपलब्ध होंगी। जिससे वे अपने समय का सदुपयोग, अपने अनुभव साझा कर सकें और समाज की नई पीढ़ी को अपने ज्ञान एवं संस्कारों से प्रेरित कर सकें। आगे उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में माता-पिता को देव तुल्य माना गया है। उनकी सेवा और सम्मान ही हमारे समाज की सबसे बड़ी पहचान है। मातृ-पितृ सेवा केंद्र इसी भारतीय संस्कार और सेवा भाव को सशक्त रूप देने का एक सार्थक प्रयास होगा।

व्यापक स्तर पर होंगे अधोसंरचनात्मक एवं सामाजिक विकास कार्य

मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए व्यापक स्तर पर अधोसंरचनात्मक एवं सामाजिक विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विधानसभा के समस्त वार्डों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पार्क तथा सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही क्षेत्र के सभी प्रमुख मंदिरों का चरणबद्ध रूप से जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा, जिससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

विकास कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग

मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मंत्री  सारंग ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा नरेला विधानसभा का समग्र, सुव्यवस्थित एवं जन-केंद्रित विकास सुनिश्चित करना है। नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ, सुविधायुक्त एवं बेहतर जीवन-परिवेश उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसहभागिता और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से नरेला विधानसभा को विकास, स्वच्छता और सुशासन का राष्ट्रीय आदर्श बनाया जाएगा।

 

मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा

भोपाल 

राज्य वित्त आयोग ने शुक्रवार को मंत्रालय में राजस्व विभाग, की समीक्षा बैठक ली। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वाबलंबी बनाने एवं स्वयं के आय के स्त्रोत सृजित करने में राजस्व विभाग की भूमिका के संबंध में राजस्व विभाग के साथ समीक्षा की। आयोग के अध्यक्ष  जयभान सिंह पवैया की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति, राजस्व स्रोतों और बजटीय प्रबंधन को लेकर मैराथन मंथन हुआ। आयोग के अध्यक्ष  पवैया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किये जाने में उनकी भूमिका को बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाय।

अध्यक्ष  पवैया ने स्थानीय निकायों को गौशालाओं, सौर ऊर्जा को विकसित करने, वाणिज्यिक एवं आवासीय भवनों के लिये भूमि उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। बैठक में विभागीय अधिकारी ने शासन की नीति तथा इन विषयों पर भविष्य की संभावनाओं की जानकारी आयोग को दी।

आयोग द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि स्थानीय निकायों की केवल अनुदानों पर निर्भरता को कम कर उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसके लिए कर संग्रहण क्षमता को सुदृढ़ करने, वित्त आयोग के अनटाइड अनुदानों के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख उपयोग और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए संबंधित विभाग से व्यावहारिक सुझाव प्राप्त किए गए हैं, जिनके आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।

बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य  के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव  वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व विभाग,के प्रमुख सचिव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

 

विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: कॉल सेंटर सेवाओं का विस्तार

भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाजनक, त्वरित एवं निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कॉल सेंटर सेवाओं का विस्तार किया है। उपभोक्ताओं की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त SIP चैनल जोड़े गए हैं। साथ ही एयरटेल नेटवर्क के माध्यम से नया संपर्क नंबर 0755-4314165 भी प्रारंभ किया गया है।

अब उपभोक्ता बीएसएनएल के टोल-फ्री नंबर 1912 के अतिरिक्त 0755-4314165 पर भी कॉल कर विद्युत आपूर्ति, बिल एवं स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायत दर्ज कराने के साथ ही शिकायत की स्थिति तथा अन्य बिजली संबधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी कारणवश बीएसएनएल के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क स्थापित नहीं हो पाता है, तो उपभोक्ता 0755-4314165 पर संपर्क कर कॉल सेंटर की सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न डिजिटल एवं दूरभाष माध्यमों से भी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उपभोक्ता निम्न माध्यमों से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं एवं आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं-

    टोल-फ्री नंबर: 1912

    हेल्पलाइन नंबर: 0755-4314165

    UPAY App

    चैटबॉट

    व्हाट्सएप बॉट: 0755-2551222

    उपभोक्ता पोर्टल: portal.mpcz.in

कंपनी ने कहा है कि अतिरिक्त SIP चैनल जोड़े जाने से कॉल सेंटर अब एक साथ अधिक संख्या में उपभोक्ताओं की कॉल प्राप्त कर सकेगा। इससे शिकायतों का पंजीयन एवं निराकरण पहले की तुलना में अधिक तेज, प्रभावी एवं सुचारु रूप से किया जा सकेगा तथा व्यस्त लाइन अथवा कॉल न लगने जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी।

मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से उपभोक्ताओं को सरल, सुलभ, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में सेवाओं का निरंतर उन्नयन किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक उपभोक्ता को शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के साथ बेहतर सेवा अनुभव प्राप्त हो सके।

 

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