मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं नई पहचान बना रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत जिले की चयनित महिलाएं इन दिनों रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन एवं रिमोट पायलटिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

यह प्रशिक्षण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ उन्हें कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं देने के लिए दक्ष बन रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन दीदियों को ड्रोन की तकनीकी संरचना, सुरक्षित उड़ान संचालन, रिमोट पायलटिंग, फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों का वैज्ञानिक छिड़काव, ड्रोन के रखरखाव तथा कृषि क्षेत्र में उसके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये ड्रोन दीदियां जशपुर जिले के किसानों को ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि कार्यों की सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे कृषि कार्य कम समय में, कम लागत पर और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। साथ ही वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान प्रशिक्षण के लिए रवाना हो रही ड्रोन दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे पूर्व 17 अप्रैल 2026 को रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम के दौरान ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन भी प्रदान की गई थी।

उप संचालक कृषि, जशपुर के अनुसार प्रशिक्षण के बाद ड्रोन दीदियां जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों को तकनीक आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे खेती में समय की बचत, लागत में कमी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग का विश्वास है कि यह पहल जशपुर में तकनीक आधारित कृषि को नई गति देने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

न्यूयॉर्कवासियों को जोहरान ममदानी का बड़ा वादा, 2 साल तक नहीं बढ़ेगा घर का किराया

न्यूयॉर्क 

न्यूयॉर्क शहर के हाउसिंग बोर्ड ने  करीब दस लाख रेगुलेटेड अपार्टमेंट के किराए को दो साल तक न बढ़ाने के लिए वोट किया. मेयर जोहरान ममदानी ने अपने कार्यकाल के कुछ ही महीनों में अपने मुख्य चुनावी वादे को पूरा किया है। 

शहर के ‘रेंट गाइडलाइंस बोर्ड’ ने 7-1 के वोट से अक्टूबर से शुरू होने वाले एक-साल और दो-साल के लीज के लिए किराए में बढ़ोतरी को जीरो तय किया है। मैनहट्टन के एक म्यूजियम ऑडिटोरियम में जमा हुए सैकड़ों किराएदारों ने इस नतीजे पर खुशी मनाई और सीटियां बजाईं। 

ममदानी ने बताया ऐतिहासिक जीत
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने एक बयान में कहा, “यह शहर के किराएदारों के लिए एक ऐतिहासिक जीत है. यह वह राहत है, जिसके हमारे शहर के कामकाजी लोग हकदार हैं। 

यह वोट हफ्तों तक चली उस सालाना प्रक्रिया का नतीजा था, जिसमें यह तय किया जाता है कि मकान-मालिक ‘रेंट-स्टेबलाइज़्ड’ अपार्टमेंट यानी ‘जिनका किराया एक सीमा से ज़्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता’ उनका किराया कितना बढ़ा सकते हैं. इन अपार्टमेंट में न्यूयॉर्क के करीब एक-चौथाई लोग रहते हैं. रेंट गाइडलाइंस बोर्ड वेतन, महंगाई, रखरखाव की लागत, टैक्स और मकान-मालिकों की आय जैसे कारकों पर विचार करता है। 

बोर्ड की 2025 की स्टडी के मुताबिक, रेगुलेटेड अपार्टमेंट का औसत मासिक किराया 1,599 डॉलर था. वहीं, लिस्टिंग एजेंसी StreetEasy के मुताबिक, शहर में नए किराए पर दिए गए अपार्टमेंट का मीडियन किराया 3,950 डॉलर है। 

जनवरी में पद संभालने के बाद से डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने बोर्ड के नौ में से छह सदस्यों को नियुक्त किया है. उन्होंने ऐसे लोगों को चुना है, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि वे किराएदारों के प्रति सहानुभूति रखते हैं. बता दें कि ममदानी ने  शहर को ज्यादा किफायती बनाने का वादा किया है। 

बोर्ड मेंबर ने दिया इस्तीफा
 वोटिंग से कुछ घंटे पहले, मकान मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड में अपने लोगों को भरकर उसे एकतरफा बनाया जा रहा है और बोर्ड निष्पक्ष रहने की अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रहा है. इस्तीफा देते हुए, क्रिस्टीना स्मिथ ने कहा कि नतीजे मेयर ने पहले ही तय कर लिए थे। 

उन्होंने कहा, “नए सिरे से बने बोर्ड को किराया न बढ़ाने यानी रेंट फ्रीज का फैसला लेना था. उसके बाद जो कुछ भी हुआ, वह सब बस दिखावा था। 

ममदानी के द्वारा नियुक्त की गईं बोर्ड की चेयर चैंटेला मिशेल ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों और स्टाफ ने आजादी और ईमानदारी से काम किया। 

बोर्ड में मकान मालिकों के दूसरे प्रतिनिधि, ममदानी द्वारा नियुक्त मैक्सिम विन, जब वोटिंग से पहले एक लंबा बयान पढ़ रहे थे, तो किराएदारों ने उनकी हूटिंग की. लेकिन जब कुछ मिनटों बाद उन्होंने अपनी बात खत्म की और किराया न बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया, तो भीड़ का गुस्सा खुशी में बदल गया। 

वोटिंग से पहले हुई पब्लिक हियरिंग में किराएदारों ने रेंट न बढ़ाने की मांग की या किराया कम करने की भी मांग की. उनका कहना था कि महंगाई और बढ़ते बिलों के मुकाबले उनकी आमदनी नहीं बढ़ रही है. जैसा कि मेयर बिल डी ब्लासियो के कार्यकाल में 2015 से 2021 के बीच सिर्फ़ एक साल के लीज़ के लिए तीन बार हुआ था। 

मकान मालिकों के समूहों का तर्क था कि किराया न बढ़ाने से प्रॉपर्टी मालिकों के लिए अपनी बिल्डिंग का रखरखाव करना और मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मकान मालिक अपने मॉर्गेज यानी होम लोन की किस्तें भी नहीं चुका पा रहे हैं। 

कुछ मकान मालिकों का कहना है कि उन्हें बिना रेगुलेशन वाले, मार्केट-रेट वाले अपार्टमेंट का किराया बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे अपने रेंट-स्टेबलाइज़्ड यानी किराया-नियंत्रित यूनिट्स से हुए नुकसान की भरपाई कर सकें. इनमें एक बिल्डिंग के मालिक छोटे-मोटे मालिकों से लेकर अमीर प्राइवेट इक्विटी निवेशक तक शामिल हैं। 

चुनाव जीतने के बाद, जोहरान ममदानी क्वींस में करीब 2,300 डॉलर प्रति महीने के किराए वाले, रेगुलेटेड रेंट वाले वन-बेडरूम अपार्टमेंट से मैनहट्टन में मेयर के फाइव-बेडरूम वाले सरकारी आवास में चले गए। 

गुरुवार को हुए मतदान ने जोहरान ममदानी के लिए एक सफल हफ्ते को और भी यादगार बना दिया. उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में न्यूयॉर्क की सीटों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बनने की कड़ी टक्कर वाली दौड़ में तीनों वामपंथी उम्मीदवारों की जीत का भी जश्न मनाया। 

भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए 1 जुलाई को भारत आएंगी जापान की प्रधानमंत्री, कई अहम समझौतों पर रहेगी नजर

नई दिल्ली
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर जापान की पीएम साने ताकाइची तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचेंगी. पीएम ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगी. यह उनका पहला भारत दौरा है. प्रधानमंत्री ताकाइची 1-3 जुलाई, 2026 तक नई दिल्ली के आधिकारिक दौरे पर रहेंगी. यह समिट दोनों पक्षों को द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा करने और मजबूत करने के साथ-साथ परस्पर हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगा। 

यह प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत का पहला आधिकारिक दौरा होगा. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2025 में जापान के दौरे पर पहुंचे थे, जहां वे 15वें भारत-जापान सालाना समिट में शामिल हुए. यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में टोक्यो में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच कार्यक्रम के दौरान शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी पर प्रकाश डाला और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए पांच-पॉइंट रोडमैप पेश किया। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा अभी भारत-जापान बिजनेस फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई. इसमें कंपनियों के बीच हुई बिजनेस डील का विस्तार से वर्णन दिया गया है. इस प्रगति के लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं. दो दिवसीय जापान दौरे पर पीएम मोदी ने प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ एक बैठक की. इस दौरान भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा हुई. इसके अलावा, उन्होंने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने से संबंधित कई समझौते पर मुहर लगी। 

ताकाइची का पहला भारत दौरा

यह प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत का पहला आधिकारिक दौरा होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा अगस्त 2025 में 15वें भारत-जापान सालाना शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी के टोक्यो दौरे के बाद हो रहा है। यह दौरा भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रांत के सेंडाई शहर का दौरा किया था. इस दौरान दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) का दौरा किया. कारखाने में उन्हें टीईएल की वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भूमिका, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत के साथ वर्तमान व भविष्य के सहयोग के बारे में जानकारी दी गई थी। 

इस दौरे से दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण, टेस्टिंग और सप्लाई चेन में सहयोग के अवसरों की व्यावहारिक समझ बनी. प्रधानमंत्री की इस यात्रा को भारत के उभरते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और जापान की उन्नत तकनीक के बीच सामंजस्य के तौर पर रेखांकित किया गया। 

दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में सहयोग गहन करने, जापान-भारत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन साझेदारी के लिए सहमति को आगे बढ़ाने और भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धा व आर्थिक सुरक्षा वार्ता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई. इस दौरान मजबूत, लचीली और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने के साझा लक्ष्य पर भी जोर दिया गया। 

ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, वॉर मेमोरियल पर किया गया अंकित

 नई दिल्ली

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवान अब औपचारिक रूप से देश के सामने आए हैं. सरकार ने पहली बार इन शहीदों के नाम सार्वजनिक किए हैं. इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर रोल ऑफ ऑनर में शामिल किया गया है. युद्ध स्मारक की वॉल 3डी पर 2025 सेक्शन में अंकित किया गया है। 

यह पहली बार है जब सरकार ने मई 2025 में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ चलाए गए क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशन सिंदूर में हुई मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है. इससे पहले सरकार ने इन शहीदों की पहचान सार्वजनिक नहीं की थी, हालांकि मीडिया और सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट्स और अटकलें चल रही थीं। 

मई 2025 में भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चलाया था. इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. यह चार दिनों तक चला. इसका मकसद सीमा पार से आने वाले आतंकवाद को कुचलना और भारत की सुरक्षा को मजबूत करना था. इस दौरान भारतीय सेना, वायुसेना और अन्य बलों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। 

अब तक सरकार ने ऑपरेशन के दौरान हुई सैन्य क्षति के बारे में विस्तार से नहीं बताया था. लेकिन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर इन छह नामों को शामिल करना सरकार की ओर से पहली आधिकारिक स्वीकृति मानी जा रही है कि ऑपरेशन में भारतीय बलों को नुकसान हुआ था। 

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित छह शहीद सैनिकों और एयर वारियर्स के नाम इस प्रकार हैं…

    सूबेदार मेजर पवन कुमार – हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड  
    राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र – 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री  
    लांस नायक दिनेश कुमार – 5 फील्ड रेजिमेंट  
    एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनायक – 851 लाइट रेजिमेंट  
    हवलदार सुनील कुमार सिंह – 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी  
    सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, वायु मेडल – 39 विंग

इनमें दो सैनिकों को वीरता के लिए सम्मानित किया गया था – राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु मेडल मिला था। 

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का महत्व
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक इंडिया गेट के पास है. यहां देश के सभी शहीद सैनिकों के नाम दीवारों पर अमर कर दिए जाते हैं. हर साल नए शहीदों के नाम संबंधित वर्ष के सेक्शन में जोड़े जाते हैं. इन छह नामों को 2025 सेक्शन में शामिल किया गया है। 

रोल ऑफ ऑनर में नाम दर्ज होना सिर्फ औपचारिकता नहीं है. यह देश के लिए इन वीरों के सर्वोच्च बलिदान को मान्यता देने का तरीका है. परिवारों, साथी सैनिकों और पूरे देश के लिए यह भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. अब इन शहीदों को आधिकारिक रूप से फॉलेन हीरोज कहा जा रहा है। 

सरकार की चुप्पी और अब खुलासा
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई दिनों तक दोनों तरफ से तनाव रहा. भारत ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने भी कुछ दावे किए. लेकिन भारत सरकार ने शुरुआत से ही सैन्य हताहतों की संख्या या नामों पर चुप्पी साध रखी थी. सुरक्षा कारणों और रणनीतिक वजहों से यह गोपनीयता बरती गई थी। 

अब नाम जारी करने को विशेषज्ञ सकारात्मक कदम मान रहे हैं. इससे परिवारों को न्याय मिला है. देश के लोग अपने शहीदों को सलाम कर सकते हैं. ये छह जवान देश की रक्षा करते हुए अपनी जान न्योछावर कर गए. सूबेदार मेजर पवन कुमार जैसे अनुभवी जवान ब्रिगेड की अगुवाई करते थे। 

राइफलमैन सुनील कुमार जैसे युवा सिपाही सीमा पर तैनात थे. एविएशन टेक्नीशियन और सार्जेंट जैसे एयर वारियर्स ने हवाई समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हर शहीद के परिवार में अब दर्द है, लेकिन गर्व भी है. पूरे देश को इन वीरों पर गर्व है. इनके बलिदान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय सशस्त्र बल आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग हैं। 

प्रियंका चोपड़ा का खुलासा: “परफेक्शन नहीं, सच्चाई से बनती है सफलता”

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने लंबे सफर और कामयाबी के राज के बारे में खुलकर बात की है। उनका मानना है कि सफलता के लिए हमेशा हर चीज में एकदम सही होना जरूरी नहीं है, बल्कि अपनी कमियों को स्वीकार करना और इंसान बने रहना ज्यादा जरूरी है

परफेक्शन नहीं, दर्शकों से दिल का रिश्ता जरूरी
एएनआई की खबर के अनुसार, प्रियंका ने बताया कि करियर की शुरुआत में वह हर चीज को परफेक्ट करने की कोशिश करती थीं। लेकिन समय के साथ उन्हें समझ आया कि दर्शक आपकी कमियों से और आपकी सच्चाई से जुड़ते हैं। जब आप अपनी गलती मान लेते हैं और यह स्वीकार करते हैं, तब फैंस के साथ दिल का रिश्ता बनता है।

‘ना’ सुनने पर दोगुनी ताकत से काम करना
प्रियंका ने अपनी कामयाबी का एक बड़ा कारण रिजेक्शन का डटकर सामना करना बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत महत्वाकांक्षी हूं। अगर मुझे किसी काम के लिए न कहा जाता है, तो मेरा मन उस काम को और भी ज्यादा करने का करता है।’

प्रियंका ने हाल ही में आई अपनी फिल्म ‘द ब्लफ’ की सफलता को लेकर खुलकर बात की। इसमें उन्होंने एक महिला समुद्री डाकू का किरदार निभाया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में महिलाओं के आगे बढ़ने की एक सीमा तय कर दी जाती है। ऐसे में मौकों का इंतजार करने के बजाय खुद पहल करनी पड़ती है। यही वजह है कि उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ फिल्मों का निर्माण करना भी शुरू किया।

दूसरों के लिए मददगार बनना
जब प्रियंका ने हॉलीवुड में कदम रखा, तो वह वहां किसी को नहीं जानती थीं। शुरुआत में उन्हें मुख्य भूमिकाएं नहीं मिल रही थीं, क्योंकि स्टूडियोज किसी भारतीय कलाकार को मुख्य रोल में नहीं सोचते थे। इसलिए उन्होंने खुद अपनी फिल्में प्रोड्यूस करना शुरू किया। अब वह अपने प्रोडक्शन हाउस के जरिए नए कलाकारों और क्रिएटर्स को आगे बढ़ने के लिए एक प्लेटफॉर्म देना चाहती हैं।

इन फिल्मों में नजर आएंगी प्रियंका
प्रियंका तेलुगु फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। इसे करीब 200 भाषाओं में डब किया जाएगा। इसमें प्रियंका के साथ साउथ सुपरस्टार महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली करेंगे। इसके अलावा प्रियंका अभिनेता ऑरलैंडो ब्लूम के साथ फिल्म ‘रीसेट’ में नजर आएंगी।

रश्मिका मंदाना की ‘मैसा’ से निधि सिंह का दमदार कैरेक्टर पोस्टर रिलीज, लुक ने बढ़ाया एक्साइटमेंट

मुंबई
 पैन-इंडिया स्टार रश्मिका मंदाना की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मैसा’ से अभिनेत्री निधि सिंह का नया कैरेक्टर पोस्टर रिलीज किया गया है। मेकर्स ने निधि सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उनका यह पोस्टर रिलीज करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।पोस्टर में निधि सिंह का गुस्से से भरा और निडर अंदाज नजर आ रहा है। पोस्टर साझा करते हुए मेकर्स ने लिखा, “हर आत्मा का जन्म कोमल होने के लिए नहीं होता। कुछ का निर्माण संघर्षों को सहने के लिए किया जाता है। टीम #मैसा की तरफ से बेहद प्रतिभाशाली निधि सिंह को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। शूटिंग जारी है। इस 2026 में सिनेमाघरों में।”

‘मैसा’ में रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फिल्म में उनका अब तक का सबसे अलग और दमदार अवतार देखने को मिलेगा। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों के बीच खासा उत्साह है।
अनफॉर्मूला फिल्म्स के बैनर तले निर्मित और रवींद्र पुल्ले के निर्देशन में बन रही ‘मैसा’ आदिवासी क्षेत्रों की पृष्ठभूमि पर आधारित एक इमोशनल एक्शन थ्रिलर फिल्म है। फिल्म की शूटिंग जारी है और इसके वर्ष 2026 में सिनेमाघरों में सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने की संभावना है।

Dongargarh परिक्रमा पथ भूमि अधिग्रहण मामले में कलेक्टर को सुनवाई के निर्देश, बिलासपुर हाईकोर्ट का आदेश

बिलासपुर.

हाईकोर्ट में डोंगरगढ़ के बहुचर्चित परिक्रमा पथ निर्माण मामले में सुनवाई हुई. कोर्ट ने कलेक्टर राजनांदगांव को पीड़ित याचिकाकर्ता के शिकायत पत्र पर सुनवाई का अवसर देते हुए परीक्षण कर निराकरण किए जाने का निर्देश जारी किया है. बता दें, कि याचिकाकर्ता की कृषि भूमि को अवैध रूप से अधिग्रहित करने के प्रस्ताव एवं प्रस्तुत शिकायत पत्र पर विभाग के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा है.

दरअसल, राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के अंतर्गत बुधवारी पारा वार्ड नंबर 19 निवासी फहीम अख्तर ने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के जरिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि, उसकी कृषि भूमि ग्राम छीरपानी पटवारी हल्का नंबर 29 खसरा नंबर 196/2 में स्थित है. कुछ दिन पूर्व जानकारी मिली कि, उसके उक्त खसरा नंबर की भूमि को प्रस्तावित डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ निर्माण के लिए अधिग्रहित किए जाने कार्रवाई जारी है. जबकि याचिकाकर्ता ने इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक सहमति नहीं दी थी. वर्तमान में याचिकाकर्ता की उक्त भूमि पर सड़क निर्माण की कार्रवाई किए जाने की तैयारी की जा रही है और याचिकाकर्ता को ज्ञापन जारी कर उसके उक्त कृषि भूमि को मनमाने अत्यधिक कम कीमत पर खरीदने के संबंध में शासन के द्वारा प्रस्ताव भी जारी कर दिया गया है. याचिकाकर्ता अपनी उक्त कृषि भूमि को बेचना नहीं चाहता और ना ही उसके बदले में किसी प्रकार का मुआवजा चाहता है.

याचिकाकर्ता ने आपत्ति करते हुए कलेक्टर जिला राजनांदगांव के समक्ष एक शिकायत पत्र भी दिया था, कि उक्त प्रस्तावित परिक्रमा पथ के लिए किसी भी प्रकार से निजी भूमि अधिग्रहित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है क्योंकि प्रस्तावित परिक्रमा पथ के आसपास ही पर्याप्त शासकीय एवं राजस्व भूमि उपलब्ध है, जिसके माध्यम से सड़क का निर्माण किया जा सकता है. स्वीकृत नक्शे के विरूद्ध निजी भूमि का चयन किया जाना अनुचित है. यदि सड़क निर्माण उपलब्ध राजस्व भूमि से किया जाता है तो शासन को भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान में होने वाले अतिरिक्त व्यय से बचाया जा सकता है, साथ ही परिक्रमा पथ के लिए  पूर्व से ही मार्ग बना हुआ है. नए मार्ग की कोई जरूरत भी नहीं है.

आवास निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी प्रदेश के विकास को देगा नई गति : मुख्यमंत्री साय

आवास निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी प्रदेश के विकास को देगा नई गति : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन

पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को सक्षम बनाकर प्रदेश के विकास को गति देना हमारी इकोनॉमिक फिलॉसफी : मंत्री ओ पी चौधरी

आवास बुक करने वाले लकी ड्रा के विजेताओं को कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन सहित अन्य पुरस्कार का किया वितरण

दो वर्षों में 07 हजार से अधिक परिसंपत्तियों का विक्रय कर 1500 करोड़ रुपये का किया राजस्व अर्जित

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना  विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले अंशुल कश्यप को दी 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि

रायपुर,
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवीन लोगो का विमोचन किया। इस अवसर पर वर्ष 2025 के आवास मेले में आवास बुक करने वाले हितग्राहियों को लकी ड्रा के माध्यम से कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना  विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले अंशुल कश्यप को शुभकामनाएं दी और प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि ढाई लाख रुपए का चेक सौंपा। 

              मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।

              मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।

             मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।

            आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। गृह निर्माण मंडल को अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में नई पहचान देकर प्रदेश के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों में इसकी भूमिका का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को वित्तीय और मानव संसाधन के माध्यम से सक्षम बनाने का काम किया है ताकि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी, जिससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम से बचा जा सके। मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर वर्षों से लंबित संपत्तियों के विक्रय को गति दी तथा वित्तीय अनुशासन स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब यह अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।

            मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मंडल ने नई कार्य संस्कृति अपनाई है। गृह निर्माण मंडल का विस्तार कर अधोसंरचना विकास मंडल बनाया जाना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने रिकॉर्ड संपत्तियों का विक्रय कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।

           कार्यक्रम में लकी ड्रा के नौ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सारंगढ़ की श्रीमती पूजा बरेठ को प्रथम पुरस्कार के रूप में कार प्रदान की गई। इसके अलावा स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार भी वितरित किए गए।
         इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ,आयुक्त अवनीश शरण, तथा विभाग एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और हितग्राही उपस्थित थे।

कार-बाइक की टक्कर में दो पत्रकार घायल, कुचलने की कोशिश का गंभीर आरोप

डोंगरगढ़.

राजनादगांव के सनसिटी क्षेत्र में बीती रात सड़क हादसा हुआ है. तेज रफ्तार कार और बाइक के बीच हुई टक्कर में दो पत्रकार घायल हो गए. एक के पैर में गंभीर चोट आई है. घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लाया गया.

आरोप है कि मौके पर कार चालक ने पत्रकारों को कथित तौर पर कुचलने की कोशिश की. इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है. जानकरी के अनुसार, एक कार्यक्रम की कवरेज के बाद पत्रकार योगेश साहू और सौरभ अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान सनसिटी के पास एक तेज रफ्तार सफेद रंग की ब्रेजा कार (क्रमांक CG 04 NE 1199) ने अचानक सामने आ गई, जिससे बाइक सवार जा टकराए. हादसे में पत्रकार सौरभ के पैर में गंभीर चोट आई है.

पत्रकारों का आरोप है कि जब उन्होंने चालक को मोबाइल कैमरे में कैद करने की कोशिश की तब कार से कई बार कुचलने का प्रयास किया गया. घटना का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में सफेद रंग की कार तेज रफ्तार से पत्रकार की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है और पत्रकार जान बचाने के लिए दौड़ता नजर आता है. हालांकि वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच का विषय है. पत्रकारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की है जरूरत

वित्त मंत्री ने मैक कॉलेज के राष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से कहा- बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को करें तैयार

रायपुर, 
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवाओं का आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें।

अपने संबोधन में मंत्री चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत लगभग 1600 वर्षों तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसलिए रहा क्योंकि यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।

मंत्री चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर स्वयं को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि “जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।” उन्होंने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।

मंत्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047” पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

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