​नारायणपुर में खरीफ की तैयारियां तेज: 47% खाद और 87% प्रमाणित बीजों का भंडारण पूरा, वितरण में आई तेजी

​नारायणपुर में खरीफ की तैयारियां तेज: 47% खाद और 87% प्रमाणित बीजों का भंडारण पूरा, वितरण में आई तेजी

​रायपुर

    खरीफ सीजन 2026 को सफल बनाने और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग नारायणपुर द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जिले में किसानों को समय पर खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण और वितरण के कार्य में तेजी आई है, ताकि मानसूनी बुवाई के दौरान अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

      ​कृषि विभाग द्वारा जारी ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में खाद और बीज की उपलब्धता तथा वितरण की स्थिति काफी मजबूत है। जिले में लक्ष्य के मुकाबले अब तक आधे से अधिक खाद-बीज का वितरण पूरा किया जा चुका है।

    जिले के खेतों को समृद्ध करने के लिए इस साल कुल 4,645 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के मुकाबले विभाग अब तक 2,187.80 मीट्रिक टन खाद का सुरक्षित भंडारण कर चुका है, जो कि कुल लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है। राहत की बात यह है कि भंडारित की गई इस खाद में से 1,511.35 मीट्रिक टन यानी उपलब्ध खाद का 69 प्रतिशत किसानों के हाथों तक पहुंच चुका है, जिससे खेतों में शुरुआती पोषण की कमी नहीं होगी।

      दूसरी ओर, खेतों में बेहतर अंकुरण और बंपर पैदावार के लिए प्रमाणित बीजों का वितरण भी बेहद संतोषजनक है। जिले को इस सीजन के लिए 2,303 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में विभाग ने रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए 2,011.80 क्विंटल बीजों का भंडारण कर लिया है। यह कुल लक्ष्य का शानदार 87 प्रतिशत है। इस उपलब्ध बीज में से 1,355.96 क्विंटल लगभग 67 प्रतिशत बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, और किसान अब अपने खेतों में बुवाई की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

​कालाबाजारी पर रोक और पारदर्शी वितरण प्राथमिकता
 
      जिले की कृषि विभाग की उपसंचालक ने बताया कि इस बार रणनीति एडवांस प्लानिंग के तहत तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐन बुवाई के वक्त किसी भी किसान को कतारों में न लगना पड़े और न ही सामग्री की कमी हो। खाद और उन्नत बीजों का भंडारण व उठाव समानांतर रूप से जारी है ताकि अंदरूनी क्षेत्रों के अंतिम किसान तक इसकी समय पर पहुंच हो सके। ​कृषि विभाग ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के भ्रम या बिचौलियों के झांसे में न आएं।

      ​किसान केवल प्राधिकृत (अधिकृत) विक्रेताओं और शासकीय सहकारी समितियों से ही खाद-बीज की खरीदी करें।​खरीदी के समय पावती/बिल अवश्य लें। किसी भी प्रकार की किल्लत, गुणवत्ता में कमी या अधिक दाम वसूलने की शिकायत पर तत्काल अपने नजदीकी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

​सुशासन की नई मिसाल: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ बना लाचारों का मजबूत सहारा

​सुशासन की नई मिसाल: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ बना लाचारों का मजबूत सहारा

​मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँच रही योजनाएँ

शिविरों के माध्यम से समाज कल्याण विभाग ने 169 को दिए सहायक उपकरण, 248 को दी नई पेंशन की सौगात

रायपुर

       राज्य शासन की मंशानुसार जब प्रशासनिक तंत्र संवेदनशीलता के साथ जनता के द्वार पर पहुँचता है, तो सुशासन की परिभाषा ज़मीनी हकीकत में बदल जाती है। कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व नज़ारा छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ में देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन और कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ ने जिले के सैकड़ों दिव्यांगजनों, वृद्धजनों और निराश्रितों के जीवन में उम्मीद का एक नया सवेरा लाया है।

     ​मई से 10 जून तक जिले के दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों में सजे विभागों के स्टॉल सिर्फ शिकायतें दर्ज करने के केंद्र नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित और मौके पर समाधान का माध्यम बने।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम: 169 को मिले सहायक उपकरण

  ​शिविरों के दौरान समाज कल्याण विभाग ने सेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। विभाग द्वारा आवेदनों की स्क्रूटनी कर अत्यंत कम समय में 169 जरूरतमंद हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण वितरित किए गए।​इनमें प्रमुख रूप से ​11 वृद्धजनों को सहारा देने वाली वॉकिंग स्टिक (छड़ी),​04 दिव्यांगजनों को नई व्हीलचेयर,​03 दिव्यांगजनों को गति देने वाली ट्राइसाइकिल,​02 हितग्राहियों को बैशाखी,​01 हितग्राही को दुनिया की आवाज़ सुनने के लिए श्रवण यंत्र (हियरिंग एड)  शामिल हैं।

     इन उपकरणों की मदद से अब बुजुर्ग और दिव्यांगजन बिना किसी दूसरे पर निर्भर रहे अपने दैनिक कार्यों को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं। उनके चेहरे की मुस्कान शासन के प्रयासों की सफलता को बयां कर रही है।

आर्थिक सुरक्षा का कवच: 248 नवीन पेंशनों को तत्काल स्वीकृति
      ​सुशासन तिहार का सबसे बड़ा असर सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर दिखा। शिविरों में आए आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट परीक्षण कर 248 पात्र हितग्राहियों के लिए नवीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति जारी की गई। अब इन वृद्ध, बेसहारा और दिव्यांग नागरिकों को हर महीने नियमित आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।

     ​सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित इन विशेष शिविरों में जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के आपसी समन्वय से उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है। मई महीने से शुरू होकर 10 जून 2026 तक चले इस अभियान के दौरान ज़मीनी स्तर पर बड़े फैसले लिए गए। इसके तहत जहाँ एक ओर 169 जरूरतमंद हितग्राहियों को उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए, वहीं दूसरी ओर 248 पात्र नागरिकों के लिए नवीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन को भी तत्काल स्वीकृति दी गई, जिससे अब उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल सकेगा।

 “योजनाएं अब कागजों पर नहीं, हमारे हाथों में हैं”
    ​प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय कार्यप्रणाली से अभिभूत होकर लाभांवित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह ‘सुशासन तिहार’ उनके लिए राहत और अटूट विश्वास का केंद्र बनकर उभरा है। साय सरकार का सुशासन केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को सुगम और गरिमामय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।

मुरैना में दिल दहला देने वाली वारदात, पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद पति ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

मुरैना 
 मध्य प्रदेश के मुरैना में पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े में पति इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने दो मासूम बच्चों व पत्नी को कुल्हाड़ी से काट दिया और खुद भी ट्रेन से जाकर कट गया।

यह घटना माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में घटित हुई। इस हत्याकांड का पता शनिवार की सुबह पड़ोसियों को लगा तो पुलिस को सूचना दी पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन कर रही है।

पत्नी से चल रहा था विवाद, मायके से दो दिन पहले ही लाया था
जानकारी के मुताबिक किशनपुर गांव निवासी बलराम पुत्र हरिचरण कुशवाह का अपनी पत्नी रविता उम्र 30 साल से विवाद चल रहा था। जिसकी वजह से वह कुछ दिन से अपने मायके कुतवार गांव में रह रही थी। दो दिन पहले ही बलराम व अन्य लोग पंचायत के बाद उसे किशनपुर गांव लाये थे।

शुक्रवार की रात बलराम और रविता में फिर विवाद हो गया। जिससे आक्रोशित बलराम ने रविता और अपने बच्चों आरव उम्र 10 साल व अतुल उम्र 7 साल पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया।

इसके बाद खुद घर से भाग गया। सुबह जब बलराम के घर के दरवाजे नही खुले तो पड़ोसियों ने देखा तो घर के आंगन में मां और दो बच्चों के रक्तरंजित शव पड़े थे। जिस पर पुलिस को सूचना दी गई। उधर, शनिवार की सुबह पता चला कि शिकारपुर फाटक के पास जाकर बलराम ने भी ट्रेन के सामने जाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस अभी मोके पर पड़ताल कर रही है।

चरित्र शंका ने उजाड़ा परिवार
बताया जा रहा है कि मृतक बलराम अपनी पत्नी रविता के चरित्र पर शक करने लगा था। कुछ दिन पहले किशनपुर में आयोजित भागवत कार्यक्रम के दौरान रविता ने मंच पर डांस किया था। कार्यक्रम में मौजूद किसी करीबी व्यक्ति ने उसका वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया।

वीडियो देखने के बाद बलराम के मन में पत्नी को लेकर संदेह गहराने लगा और वह आए दिन उससे विवाद करने लगा।विवाद बढ़ने पर रविता कुछ समय के लिए अपने मायके भी चली गई थी, लेकिन इसके बावजूद बलराम की नाराजगी और नफरत कम नहीं हुई। बताया जाता है कि उसने डांस का वीडियो अपने करीबी रिश्तेदारों को भी भेजा और पत्नी के बारे में आपत्तिजनक व भला-बुरा लिखकर मैसेज भी भेजे।

वारदात से जुड़े अहम घटनाक्रम
    बचाव के लिए कड़ा संघर्ष- घटनास्थल के हालात देखकर साफ है कि मृतका रविता ने खुद को और बच्चों को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उसका शव खटिया से करीब 20 फीट दूर मिला।

    मौके से कुल्हाड़ी बरामद- पुलिस को छानबीन के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी घर के भीतर से ही मिल गई है।

    घर के बाहर सो रही थी मां- दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक बलराम की मां रामकली रातभर घर के बाहर ही सो रही थी, लेकिन उसे भीतर चल रहे इस कत्लेआम की भनक तक नहीं लगी।

    दूधवाले के आने पर खुला राज- शनिवार सुबह जब दूधवाला आया और घर के भीतर हलचल नहीं हुई, तब जाकर इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ।

 

​’जनता के द्वार, डिजिटल सरकार’: छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया चेहरा बना सेवा सेतु

​’जनता के द्वार, डिजिटल सरकार’: छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया चेहरा बना ‘सेवा सेतु’

​धमतरी की लोमेश्वरी साहू की जुबानी, डिजिटल सशक्तिकरण और भरोसे की अनकही कहानी

रायपुर

       आधुनिक युग में जब तकनीक आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने का माध्यम बन जाए, तो वह सुशासन की सबसे बड़ी सफलता कहलाती है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल ‘सेवा सेतु पोर्टल’ आज कुछ ऐसा ही कमाल कर रही है। यह पोर्टल प्रदेश के आम नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है, जिसने सरकारी दफ्तरों की जटिल प्रक्रियाओं को घर बैठे एक क्लिक पर समेट दिया है।
      ​इस डिजिटल क्रांति की एक जीवंत मिसाल बनी हैं धमतरी जिले के कुरूद तहसील के ग्राम करेली की रहने वाली कु. लोमेश्वरी साहू। लोमेश्वरी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि कैसे ‘सेवा सेतु’ ने आमजन के समय, श्रम और धन की बचत कर उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया है।

​चक्कर काटने के दौर से ‘क्लिक’ के सफर तक

      ​अपने बीते अनुभवों को साझा करते हुए लोमेश्वरी साहू बताती हैं कि पहले किसी भी शासकीय प्रमाण पत्र को बनवाना एक थका देने वाली प्रक्रिया थी। उन्हें और उनके जैसे कई ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे।
      ​पहले आवेदन करने के लिए बस का किराया लगाकर शहर जाओ, फिर दफ्तरों के चक्कर काटो। कई बार जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी न होने के कारण काम अटक जाता था। इससे समय तो बर्बाद होता ही था, साथ ही जेब पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।

​घर बैठे मिला जाति प्रमाण पत्र, एसडीएम ने सौंपा

     ​लोमेश्वरी के लिए ‘सेवा सेतु’ पोर्टल एक वरदान साबित हुआ। जब उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई, तो उन्होंने किसी कार्यालय के चक्कर काटने के बजाय घर बैठे ही सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। बेहद सरल प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्होंने जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने मोबाइल से ही आवेदन की स्थिति (Status) को ट्रैक करती रहीं। ​नतीजा यह हुआ कि बिना किसी भाग-दौड़ के, निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका जाति प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो गया। कुरूद के एसडीएम ने उन्हें यह प्रमाण पत्र सौंपा। लोमेश्वरी कहती हैं कि इस पारदर्शी व्यवस्था ने उन्हें दफ्तरों की कतारों और आवागमन के खर्च, दोनों से हमेशा के लिए मुक्ति दिला दी।

​डिजिटल तकनीक से सुदृढ़ हुआ ‘जन-विश्वास’

    ​सेवा सेतु पोर्टल ने पारंपरिक शासकीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। इसके जरिए अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है, जिससे उनके समय और श्रम की भारी बचत हो रही है। घर बैठे आवेदन की सुविधा मिलने से न केवल आवागमन का खर्च बंद हुआ है, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता खत्म होने से आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत भी मिली है। इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसकी शत-प्रतिशत पारदर्शिता है, जिसके तहत आवेदक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, यह पोर्टल समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करता है, जिससे सभी आवश्यक प्रमाण पत्र और शासकीय लाभ तय समय-सीमा के भीतर सीधे नागरिकों तक पहुँच रहे हैं।

     लोमेश्वरी साहू का मानना है कि इस ऑनलाइन व्यवस्था ने शासकीय सेवाओं को न केवल सुलभ बनाया है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में गजब की पारदर्शिता ला दी है। अब नागरिकों को अपने काम के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

​सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर

    ​धमतरी जिले की यह सफलता की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि डिजिटल तकनीक के सही इस्तेमाल से शासकीय सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को कितना बेहतर किया जा सकता है। आज ‘सेवा सेतु’ पोर्टल त्वरित, पारदर्शी और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान कर “जनता के द्वार, डिजिटल सरकार” की परिकल्पना को धरातल पर सच कर रहा है। छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह पहल वाकई एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

शोएब अख्तर के भाई के जनाजे का वीडियो वायरल, लश्कर आतंकी की मौजूदगी के दावों से मचा बवाल

इस्लामाबाद

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनके बड़े भाई शाहिद अख्तर का जनाजा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नमाज-ए-जनाजा में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में हुआ. वायरल वीडियो में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान समेत कई लोगों के दिखाई देने का दावा किया गया है. सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो PMML से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। 

इनाम-उर-रहमान का नाम पहले भी चर्चा में रहा है. पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़ा राजनीतिक मंच बताया जाता रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। 

हाफिज सईद करीबी थे शामिल 
शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े नेताओं की मौजूदगी देखी गई. जिसमें आतंकी हाफिज सईद के कई करीबी हुए जनाजे में शामिल हुए हैं. पीएमएमएल इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह के शामिल होने की तस्वीरें सामने आई हैं. यह तस्वीरें और वीडियो लश्कर-ए-तैयबा  और पीएमएमएल की तरफ से आधिकारिक रूप से जारी किया गया है. शहीद अख्तर की जनाजे की नमाज पर पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, जोनल महासचिव हाफिज उमर, खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी और अन्य मित्र उपस्थित थे। 
कौन-कौन थे शामिल 
शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में इनाम उर रहमान काम्बोह दिखा था. यह इस्लामाबाद में संगठन का बड़ा चेहरा है. जिसके साथ कई जनाजे में शामिल दूसरे लोग भी लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं. बता दें कि पीएमएमएल पार्टी आतंकी हाफिज सईद के समर्थन से बनी पार्टी मानी जाती है. क्योंकि उसके संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिबंध लग चुका है. ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति में एक्टिव रहने के लिए हाफिज सईद के समर्थन से पीएमएमएल को बनाया गया था. लेकिन इस पार्टी से जुड़े लोग जब शोएब अख्तर के जनाजे में पहुंचे तो सवाल उठना लाजिमी है। 

नेशनल असेंबली के स्पीकर और आतंकी भी जनाजे में शामिल
इसी बीच पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर पहुंचे और शाहिद अख्तर के निधन पर परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की. नेशनल असेंबली की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कामना की। 

आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं
जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों और उनके राजनीतिक नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ प्रतिबंधित संगठन अलग-अलग नामों और मंचों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं। 

बता दें कि शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर की मौत के बाद पाकिस्तान में बड़ी-बड़ी हस्तियों ने दुख जताया है. देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी शोक संदेश भेजा है. जबकि पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े दूसरे कई लोग और सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर्स ने भी दुख जताया है. लेकिन जनाजे में पीएमएमएल और लश्कर ए तैयबा से जुड़े लोगों के पहुंचने से अब सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि पाकिस्तान में शोएब अख्तर बड़ा नाम माने जाते हैं। 

हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण : बस्तर से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया पोषण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण : बस्तर से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया पोषण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बस्तर संभाग के सुकमा जिले के प्रवास के दौरान सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, लस्केपारा (छिंदगढ़) की पोषण वाटिका में नन्हें बच्चों के साथ मुनगा एवं पपीता के पौधों का पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘‘हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण’’ का संदेश देते हुए पौष्टिक आहार, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का आह्वान किया।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को मुनगा और पपीता के पोषण संबंधी महत्व, इनके स्वास्थ्य लाभ तथा संतुलित आहार में उनकी उपयोगिता के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के हाथों से भी पौधे लगवाए और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि मुनगा को “सुपोषण वृक्ष” के रूप में पहचान मिल चुकी है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां और फूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं तथा कुपोषण की समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पपीता भी विटामिन एवं खनिज तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है, जो बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के अभिभावकों से अपने घरों एवं आंगनों में मुनगा के पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास पौष्टिक वृक्ष लगाए, तो घर के समीप ही पोषक आहार उपलब्ध होगा और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन, सुपोषित परिवार और हरित भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प भी है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित सुपोषण अभियान के अंतर्गत पोषण वाटिकाओं के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। बस्तर अंचल से शुरू हुआ यह संदेश प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और हरियाली के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी अभियान बनकर उभर रहा है।

शहादत को नमन : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

शहादत को नमन : मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

शहीद की माताजी से की आत्मीय भेंट, अंत्योदय कार्ड जारी करने के दिए निर्देश

रायपुर 
 महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा स्थित शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा एवं जनसेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शहीद की माताजी से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य धरोहर है तथा उनके परिवारों का सम्मान और संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों को शहीद परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शहीद की माताजी के लिए अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, विश्वास और शांति के नए युग की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में प्रदेश के वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का दायित्व है। शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

​रायपुर,
    जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में  जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र में एक विशेष पहल की गई। कलेक्टर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु पंजीयन, चिन्हांकन एवं मापन शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन को सुगम बनाना है।

​एलिम्को के विशेषज्ञों ने किया परीक्षण

     ​शिविर में भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। जनपद पंचायत धमतरी, कुरूद सहित नगर पालिक निगम धमतरी और विभिन्न नगर पंचायतों (कुरूद, आमदी, भखारा) से बड़ी संख्या में लोग जांच के लिए पहुंचे।
    ​विशेषज्ञों द्वारा बारीकी से किए गए परीक्षण और मापन के बाद कुल 147 हितग्राहियों को पात्र पाया गया, जिन्हें आने वाले दिनों में निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण बांटे जाएंगे। इसके साथ ही मौके पर ही 16 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड भी बनाए गए।

​नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प

     ​सहायक उपकरणों के मापन के साथ-साथ शिविर में सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक ने उपस्थित सभी लोगों को जीवनभर नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
    ​शिविर में एलिम्को की तकनीकी टीम, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व नागरिक उपस्थित थे।

नवविकास की राह पर अग्रसर बस्तर :जगरगुण्डा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनी लक्ष्मी राजवाड़े

नवविकास की राह पर अग्रसर बस्तर :जगरगुण्डा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनी  लक्ष्मी राजवाड़े

कभी नक्सल प्रभाव का प्रतीक रहे इलाकों में अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई इबारत

रायपुर
बस्तर अब भय और हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विकास, विश्वास और जनसहभागिता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे सुदूर अंचलों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। इसी परिवर्तनशील बस्तर की तस्वीर को और सशक्त करने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं।

विशेष महत्व की बात यह रही कि श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका आगमन विकास और शासन की संवेदनशील उपस्थिति का प्रतीक बनकर उभरा।
दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती एवं सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया, ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण चर्चा में रहते थे, वहीं आज महिला स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के केंद्र बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और नई संभावनाओं का सृजन कर रही हैं।

प्रवास के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

ग्रामीण महिलाओं ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संवाद करने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करने वाली है तथा यह अनुभव कराती है कि विकास की मुख्यधारा अब वास्तव में उनके गांव तक पहुंच चुकी है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसमर्थन और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण निर्मित हुआ है। जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में आज बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएं बदलते बस्तर की सशक्त पहचान बन चुकी हैं।

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शाजापुर और शुजालपुर क्षेत्र विकास की नई मंजिलें तय करेगा। आने वाले वक्त में जहां इंदौर- उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया में बड़ा भू-भाग सम्मिलित होने से इस अंचल की प्रगति तीव्र होगी, वहीं भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया से भी जुड़े होने का लाभ क्षेत्र को प्राप्त होगा। विकास के नए कीर्तिमान बनेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नेतृत्व में आए शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गणमाला पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य महेश केवट भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां विधि महाविद्यालय की मंजूरी के साथ अन्य विषयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश में विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य हो रहा है। इसका लाभ शुजालपुर को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी देकर विकास की राह आसान की है। इस क्रम में आने वाले वर्षों में पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के कारण सम्पूर्ण शाजापुर जिला लाभांवित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गेहूं के उत्पादन में और किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी के कार्य में अग्रणी है। कृषक कल्याण वर्ष में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को लाभ दिलवाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल से मंदसौर के नए हाई-वे के साथ ही शुजालपुर में हेलीपैड निर्माण और स्टेडियम निर्माण के कार्य भी किए जाएंगे।

मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थी काल से शुजालपुर क्षेत्र को अपना माना है। क्षेत्र की जनता ने विभिन्न सौगातें मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन का निर्णय लिया। कार्यक्रम में राजेश मोहन श्रीवास्तव, हेमराज सिंह सिसोदिया, कैलाश सोनी, अशोक नायक, योगेंद्र आदि उपस्थित थे।

 

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