बीच पर रोमांटिक अंदाज में नजर आए सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल, Kiss करते हुए तस्वीरें वायरल

मुंबई 

बॉलीवुड के पावर कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल इन दिनों रोमांटिक वेकेशन पर हैं. 23 जून को कपल ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की. दोनों की रोमांटिक तस्वीरें इंटरनेट पर छाई हुई हैं। 
सोनाक्षी-जहीर ने अब वेकेशन की कुछ नई तस्वीरें साझा की हैं. तस्वीरों में कपल की सिजलिंग केमिस्ट्री से आप भी नजरें नहीं हटा पाएंगे। वेकेशन फोटोज में सोनाक्षी और जहीर एक दूजे की बांहों में कोजी होते हुए दिखाई दे रहे हैं। 
एक फोटो में जहीर इकबाल अपनी लेडी लव सोनाक्षी को बांहों में लेकर उन्हें गाल पर Kiss करते दिखे. सोनाक्षी भी खुशी से चहकती नजर आईं। 
वेकेशन की इस तस्वीर में सोनाक्षी पति जहीर की गोद में बैठी हुई नजर आ रही हैं. कपल का किलर अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है। सोनाक्षी इस फोटो में पति जहीर इकबाल की बांहों में बांहे डाली नजर आईं. कपल की मिलियन डॉलर स्माइल उनकी खुशी को जगजाहिर कर रही है।        

सोनाक्षी का बीच लुक भी सुपर कूल है. व्हाइट शर्ट और डेनिम शॉर्ट्स में एक्ट्रेस स्टनिंग लगीं. उन्होंने ओपन हेयर और लाइट मेकअप के साथ अपना लुक कंप्लीट किया। जहीर भी अपनी पत्नी से ट्विनिंग करते नजर आए. व्हाइट शर्ट और जींस में सुपर डैशिंग लगे।  बीच पर सोनाक्षी-जहीर ने एक दूजे संग काफी हसीन पल बिताए. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री देखकर किसी भी धड़कनें तेज हो सकती है।    बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने लंबी डेटिंग के बाद साल जून 2024 में सादगी से रजिस्टर मैरिज की थी. शादी के 2 साल बाद भी दोनों का रिश्ता किसी न्यूलीमैरिड कपल जैसा फ्रेश और प्यार से भरा ही लगता है. 

 

अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहले दिन की कमाई से बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म को दर्शकों का मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालांकि, ज्यादातर रिव्यूज पॉजिटिव हैं. कई दिग्गद सितारों से सजी फिल्म ने बढ़िया ओपनिंग की है. आइए जानते हैं फिल्म की पहले दिन की कमाई कैसी रही.

बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा फिल्म का कलेक्शन?
‘वेलकम टू द जंगल’ की रिलीज से पहले 25 जून को फिल्म के पेड प्रीव्यू शो रखे गए थे, जिससे फिल्म की कमाई की अच्छी शुरुआत हुई. अब फिल्म के पेड प्रीव्यू और पहले दिन की शुरुआती कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं.

ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के मुताबिक, अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने गुरुवार को पेड प्रीमियर से 3.75 करोड़ रुपये अपने खाते में किए. वहीं, फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर इंडिया में 15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. गुरुवार को हुए पेड प्रिव्यूज को मिलाकर फिल्म का कुल नेट इंडिया कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये और ग्रॉस इंडिया कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, विदेशी मार्केट से फिल्म को 6.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन मिला है, जिसके बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि, ऑफिशियल आंकड़े आाना अभी बाकी है.

‘भूत बंगला’ को छोड़ा पीछे
‘वेलकम टू द जंगल’ ने अक्षय की पिछली फिल्म ‘भूत बंगला’ की ओपनिंग कमाई को पीछे छोड़ दिया है. ‘भूत बंगला’ ने भारत में पहले दिन 12.25 करोड़ की नेट ओपनिंग की थी. वहीं,  प्रीमियर से फिल्म की 3.75 करोड़ की कमाई हुई थी, जिससे फिल्म की ओपनिंग 16 करोड़ रुपये रही थी. वहीं, ‘वेलकम टू द जंगल’ ओपनिंग कमाई में इससे आगे निकल गई है.

‘वेलकम टू द जंगल’ की शुक्रवार को 10,892 शोज में कुल मिलाकर 26.46% की थिएटर ऑक्यूपेंसी देखी गई. इसमें मॉर्निंग शोज में 11%, दोपहर के शोज में 26.85%, शाम के शोज में 28.85% और रात के शोज में 39.15% की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई.

‘अल्फा’ के आगे टिक पाएगी अक्षय की फिल्म?
अक्षय कुमार की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन तो कदम जमाती नजर आ रही है. लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म ओपनिंग वीकेंड और उसके बाद वर्किंग डेज में कैसा परफॉर्म करती है. आने वाले दिनों में अक्षय की फिल्म को ‘अल्फा’, ‘धमाल 4’, और ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ जैसी कई नई थिएट्रिकल रिलीज से टक्कर मिलने वाली है. इस क्लैश का असर फिल्म की कमाई पर कितना पड़ेगा, ये देखने वाली बात होगी.

बता दें कि फिल्म का पहला पार्ट ‘वेलकम’ साल 2007 में रिलीज हुआ था. फिल्म सुपरहिट हुई थी. इसके बाद फिल्म का सीक्वल ‘वेलकम बैक’ साल 2015 में आया था. अब अहमद खान फिल्म का तीसरा पार्ट वेलकम टू द जंगल लेकर आए हैं. फिल्म को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव रिव्यूज हैं.

फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, परेश रावल, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज समेत 32 सितारे हैं. फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है. अगर आपने ओपनिंग डे पर फिल्म को मिस कर दिया है तो अभी टिकट बुक करें और जल्दी से देख आएं ‘वेलकम टू द जंगल’.

Gold-Silver Price Crash: जून में ₹17,000 टूटा सोना, ₹51,000 लुढ़की चांदी; जानें गिरावट की बड़ी वजह

इंदौर 

जिन लोगों ने जून से पहले सोना-चांदी खरीदा था, उनके लिए जून का महीना अच्‍छा नहीं रहा है, क्‍योंकि इस महीने के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, बहुत से निवेशक अब सोने-चांदी पर खरीदारी को लेकर दांव लगा रहे हैं। 

जून में सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट तब आई है, जब ईरान-अमेरिका जंग खत्‍म हो चुका है और शांति वार्ता शुरू हो चुकी है. ऐसे में सोने-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी ये कीमती धातुएं तेजी से नीचे आई हैं. आइए समझते हैं कि इतनी भारी गिरावट क्‍यों आई है…

जून में सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट
मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में हर 10 ग्राम पर 17,000 रुपये की गिरावट आई है. यह 29 मई से अब तक 10.36 फीसदी की गिरावट है. इसी तरह चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है. जून महीने के दौरान चांदी 51,000 रुपये कम हो गई है यानी इसमें 18.56 फीसदी की गिरावट आई है. इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशक सोने-चांदी में दांव लगाने पर विचार कर रहे हैं। 

सोने-चांदी के दाम में क्‍यों आई इतनी बड़ी गिरावट? 
ईरान और अमेरिका के बीच जंग रुकने के बाद सोने और चांदी के भाव में तेजी की उम्‍मीद की जा रही थी, लेकिन फिर अमेकिरकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से एक बयान के बाद इसके दाम में भारी गिरावट आई. फेडरल रिजर्व के चेरमैन केविन वॉर्श ने संकेत दिया कि इस साल ब्याज दरों में में बढ़ोतरी हो सकती है. इस संकेत के बाद सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं कई एक्‍स्‍पर्ट्स भी फेडरलब रिजर्व की अगली मीटिंग में रेट में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं, जिस कारण सोने-चांदी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 

इसके अलावा, निवेशकों ने ऊपरी स्‍तरों से सोने और चांदी में बिकवाली की है और सेफ असेट के बजाय शेयर बाजार में निवेश बढ़ाया है, जिस कारण सोने की गिरावट और भी बड़ी हो चुकी है।  

अभी तक कितना गिरा सोना और चांदी? 
जनवरी 2026 में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से सोना करीब 29% गिर चुका है. यह टूटकर 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ चुका है. वहीं, चांदी में 50% से अधिक की गिरावट आई है. यह 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। 

 

₹12 हजार कमाने वाले के खाते में ₹165 करोड़ का लेनदेन, CBI ने किया चौंकाने वाला खुलासा

भिलाई
खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के बैंक खाते में वर्ष 2020 में आए 165 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो4 (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष बताया है कि उसे इस राशि के स्रोत और उसके आगे कहां-कहां हस्तांतरित किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल की खंडपीठ में हुई।

सीबीआई ने न्यायालय को अवगत कराया कि जांच के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है। एजेंसी को अब यह जानकारी मिल चुकी है कि संबंधित राशि किन माध्यमों से खाते में पहुंची और बाद में उसका उपयोग अथवा हस्तांतरण किस प्रकार किया गया। सीबीआई ने कोर्ट से कहा है कि वह अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी सुनवाई में प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है।

यस बैंक के खाते में हुई थी धनवर्षा
यह मामला वर्ष 2020 में तब चर्चा में आया था, जब लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय वाले खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के यस बैंक खाते में 165 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई थी। मामले को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं और धन के स्रोत को लेकर सवाल उठे। इसके बाद अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभु नाथ मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी।

शुरुआत से ही राज्य सरकार में स्पष्टता का अभाव
अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में राज्य सरकार का रवैया शुरू से ही स्पष्ट नहीं रहा। उनके अनुसार, प्रारंभिक चरण में सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी-ईओडब्ल्यू) से कराई जा रही है, लेकिन बाद में जांच की प्रगति और निष्कर्षों को लेकर लगातार अस्पष्टता बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस सरकार और बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित पूरी और सटीक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके कारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खिंचती रही।

परत दर परत मामला उजागर होने की आशा
त्रिपाठी का कहना है कि अब जब हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है, तब मामले की परत-दर-परत जानकारी सामने आ रही है। उनका दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हो सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें सीबीआई अपनी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

 

जेल में बंद 2 यूट्यूबर्स पर दूसरी FIR, महिला से ₹50 हजार और वीडियो हटाने के लिए ₹2 लाख मांगने का आरोप

दुर्ग-भिलाई
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में फंसे 2 यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में दूसरी FIR दर्ज की है।

दरअसल, महिला ग्राहक सेवा केंद्र चलाती हैं। यूट्यूबर्स ने आरोप लगाया था कि वह ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर उनके अंगूठे का निशान लगवाकर खाते से पैसे निकाल लेती है। जबकि महिला का आरोप था कि यूट्यूबर्स ने बातचीत को तोड़-मरोड़कर वीडियो तैयार किया।

पीड़िता का कहना है कि सोशल मीडिया से वीडियो हटाने के बदले यूट्यूबर्स ने 50 हजार मांगे। 35 हजार रुपए देने के बाद वीडियो तो हटा दिया गया, लेकिन फिर से 2 लाख रुपए की डिमांड की, न देने पर बदनाम करने और नए वीडियो जारी करने की धमकी दी।

पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी यूट्यूबर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। हालांकि, दोनों ही आरोपी भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट मामले में जेल में हैं।

ब्लैकमेलिंग की पूरी कहानी…
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला नाम का नेहा मिश्रा है, जो उमदा की रहने वाली है और पिछले 5 सालों से वह गांव में ग्राहक सेवा केंद्र चलाती है। 25 जून को उसने पुरानी भिलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में बताया गया है कि कुछ समय पहले सागर साहू अपने साथी पुष्पराज सिंह के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके दफ्तर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने बात को गलत तरीके से दिखाकर वीडियो बनाया और उसे खबर के रूप में वायरल किया।

नेहा ने आरोप लगाया है कि 3 जून को वीडियो हटाने के बदले उनसे 50 हजार रुपए की मांग की गई। बदनामी के डर से उसने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए आरोपियों को दे दिए। रकम मिलने के बाद वीडियो हटा दिया गया था।

2 लाख मांगे, नहीं देने पर नई वीडियो वायरल करने की धमकी
यह भी आरोप है कि बाद में आरोपियों ने नेहा से फिर 2 लाख रुपए की मांग की। पैसे न देने पर बदनाम करने और नए वीडियो जारी करने की धमकी दी गई। पैसे न देने पर आरोपियों ने 3 से अधिक अलग-अलग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।

इससे महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी शर्मिंदगी महसूस हो रही है। पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस बोली- जांच के बाद करेंगे आगे की कार्रवाई
पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद शुरुआती तौर पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

9 दिन पहले भी मामला दर्ज हुआ था
यह पहली बार नहीं है जब दोनों यूट्यूबर्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई है। करीब 9 दिन पहले भी उनके खिलाफ एक और मामले में केस दर्ज किया गया था। यह मामला महादेव सट्टा ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े वायरल स्क्रीनशॉट से संबंधित था।

सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिखाया गया था, जिसमें लिखा था- “नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।” इसी स्क्रीनशॉट के आधार पर दोनों यूट्यूबर्स ने खबरें वायरल की थीं।

भूपेश बघेल ने बताया था फर्जी कंटेंट
वायरल चैट सामने आने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी वायरल चैट और उससे जुड़े कंटेंट को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि उनकी लीगल टीम फर्जी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।

डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन: मंत्री राजेश अग्रवाल

डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन: मंत्री राजेश अग्रवाल

लखनपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल 

युवा डिजिटल क्रिएटर्स से संवाद कर पर्यटन, संस्कृति और स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान

रायपुर,
 छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से लखनपुर (अंबिकापुर) में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर मीट में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए डिजिटल क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों, लोक संस्कृति और जनजातीय जीवन की सकारात्मक एवं प्रेरणादायी कहानियों को व्यापक स्तर पर साझा करने का आग्रह किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम लोगों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान दिलाने का सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, धार्मिक आस्था, वन्यजीव और जनजातीय जीवन का अद्भुत संगम है, जिसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने में डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आग्रह किया कि वे अपनी रचनात्मक सामग्री के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, सिरपुर, भोरमदेव, रामगढ़, मैनपाट, बारसूर, चंद्रखुरी, दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थान का प्रचार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, संस्कृति और आर्थिक समृद्धि से भी सीधे जुड़ा हुआ क्षेत्र है।

संवाद के दौरान राजेश अग्रवाल ने स्वच्छता को सफल पर्यटन की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यटन स्थल ही पर्यटकों के मन में स्थायी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने सभी डिजिटल क्रिएटर्स से अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प ले, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आगामी 29 एवं 30 जून को सरगुजा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थल रामगढ़ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स एवं डिजिटल क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से रामगढ़ महोत्सव की विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्थानीय लोक कला और पर्यटन आकर्षणों को देशभर के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है और यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से बड़ी संख्या में पर्यटक एवं संस्कृति प्रेमी रामगढ़ महोत्सव से जुड़ेंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे युवा इस अभियान के सशक्त भागीदार बन सकते हैं। मुझे विश्वास है कि डिजिटल क्रिएटर्स के सहयोग से छत्तीसगढ़ की सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और हमारे प्रमुख पर्यटन आयोजनों की पहचान दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगी।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक आयोजनों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन, जनजातीय संस्कृति के संवर्धन तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को बेहतर सड़क, मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक प्रचार-प्रसार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। बताया गया कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और समग्र आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम मानते हुए प्रदेश के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास, आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण, सांस्कृतिक आयोजनों का विस्तार तथा डिजिटल माध्यमों से वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स ने भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों को नवीन एवं रचनात्मक शैली में प्रस्तुत करने, सकारात्मक सामग्री तैयार करने, स्वच्छता और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ आगामी रामगढ़ महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का विश्वास दिलाया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स उपस्थित रहे। यह संवाद कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख आयोजनों को डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जनसहभागिता और आधुनिक डिजिटल संचार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए।

रायपुर में अब मॉल और कॉमर्शियल भवनों की होगी जांच, कोचिंग सेंटर्स के बाद प्रशासन का बड़ा अभियान

रायपुर 

रायपुर में कोचिंग सेंटर्स पर चल रही जांच अब सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों को भी प्रशासन ने जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

इसकी वजह छत्तीसगढ़ शासन का 19 जून को जारी वह आदेश है, जिसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

भीड़भाड़ वाले संस्थानों पर पहले फोकस
शासन के निर्देश के बाद रायपुर जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम लगातार तीसरे दिन भी शहर के कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में उन कोचिंग संस्थानों की जांच की जा रही है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य लोग पहुंचते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग संस्थानों के बाद शहर के अन्य बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इनमें अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की सघन जांच की जाएगी।

NBC-2016 और BIS मानकों का पालन अनिवार्य
नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के आदेश में राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शासन ने स्पष्ट किया है कि बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड यूज भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकासी मार्ग, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच की जाए।

सभी नगरीय निकायों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे भवन मालिकों और संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करें और नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित न रहने दें।

तीन दिन से लगातार चल रही जांच
जांच अभियान के पहले दिन एलन, अनअकैडमी, विद्यापीठ, RCC और अकादजा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों के बैठने, वेंटिलेशन की कमी और फायर सेफ्टी मानकों से जुड़ी खामियां सामने आई थीं। संबंधित संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

3 कोचिंग सेंटर को नोटिस जारी
दूसरे दिन चाणक्य कोचिंग सेंटर, इम्पैक्ट कोचिंग और CLAT कोचिंग सेंटर की जांच हुई। चाणक्य कोचिंग फायर ऑडिट सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं कर सका, जबकि इम्पैक्ट कोचिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला। CLAT कोचिंग सेंटर की लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद पाया गया। तीनों संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।

तीसरे दिन PATH IAS पहुंची टीम
बुधवार को नगर निगम की टीम जोन-4 स्थित PATH IAS अकादमी पहुंची। यहां भवन में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अब मॉल और कॉम्प्लेक्स भी रडार पर
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में बहुमंजिला कॉमर्शियल भवनों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण किया जाएगा। जहां फायर सेफ्टी, लिफ्ट सुरक्षा या इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था में लापरवाही मिलेगी, वहां नोटिस, जुर्माना और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

19 जून के शासनादेश के बाद राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। लगातार हो रही जांच से साफ संकेत है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और भवन संचालकों पर आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।

MP High Court में बड़ा खुलासा, बाघों की मौतों के पीछे शिकार की आशंका; NTCA ने किया स्वीकार

 जबलपुर
 देशभर में बाघों की लगातार हो रही अप्राकृतिक मौतों के बीच राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने हाई कोर्ट के समक्ष एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाली स्वीकारोक्ति की है।

अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारण
अदालत में दायर हलफनामे में एनटीसीए ने स्पष्ट रूप से माना है कि संरक्षित बाघ अभ्यारण्यों तथा उनके आसपास बाघों की हालिया अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारणों में से एक है।

स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया
यह स्वीकारोक्ति इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक बाघों की मौतों को लेकर विभिन्न कारण सामने आते रहे थे, लेकिन कोर्ट के समक्ष स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया है।

संदिग्ध मौतों की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली की युगलपीठ के समक्ष यह हलफनामा उस जनहित याचिका के जवाब में प्रस्तुत किया गया, जिसे वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने दायर कर बाघ अभ्यारण्यों के भीतर और आसपास लगातार हो रही संदिग्ध मौतों की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी। याचिका में दावा किया गया था कि अनेक मामलों में मौतें संगठित शिकार का परिणाम हैं।

भारतीय बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतर
एनटीसीए ने अपने जवाब में कहा कि देश के बाहर बाघों के अंगों और उनसे निर्मित उत्पादों की अवैध मांग आज भी भारतीय बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतरों में शामिल है। यही कारण है कि इस चुनौती को प्राधिकरण ने अपनी सर्वोच्च संरक्षण प्राथमिकताओं में रखा है।

राज्यों को लगातार अलर्ट जारी किए जा रहा है
हलफनामे के अनुसार शिकार और वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों को लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं तथा सीबीआई, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, डब्ल्यूसीसीबी और संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वित अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

अब हाई कोर्ट की निगाह केवल इस स्वीकारोक्ति पर नहीं
मामले की अगली सुनवाई में अब हाई कोर्ट की निगाह केवल इस स्वीकारोक्ति पर नहीं, बल्कि इस पर भी रहेगी कि देश के राष्ट्रीय पशु की सुरक्षा के लिए घोषित रणनीतियां धरातल पर कितनी प्रभावी सिद्ध होती हैं।

तंगहाली के काँटों को रौंदकर महकी बिलाईगढ़ की राजकुमारी

तंगहाली के काँटों को रौंदकर महकी बिलाईगढ़ की राजकुमारी

पलायन की त्रासदी से ‘लखपति दीदी’ बनने की मुकम्मल दास्तान

रायपुर

    ​छत्तीसगढ़ की माटी में संघर्ष और स्वावलंबन की एक ऐसी अमिट इबारत लिखी है श्रीमती राजकुमारी साहू ने। कभी दो वक्त की सूखी रोटी और बच्चों के बेहतर भविष्य की तलाश में अपनी सरजमीं छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर राजकुमारी, आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम बिलासपुर में आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। कल तक जो हाथ तंगहाली के आगे बेबस थे, आज वे ‘बिहान’ योजना की बदौलत न सिर्फ अपने परिवार की किस्मत बदल रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार दे रहे हैं।

​मजबूरी का वो दौर: जब रास्ते धुंधले थे

       ​राजकुमारी साहू का शुरुआती जीवन किसी आम साधनहीन ग्रामीण महिला की तरह अभावों के साए में बीता। परिवार में आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था। जब गाँव में उम्मीद की सारी खिड़कियाँ बंद नजर आने लगीं, तो पेट की आग बुझाने के लिए उन्हें अपने परिवार के साथ अन्य राज्यों की ओर रुख करना पड़ा। दूसरे प्रदेशों की तंग गलियों और कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करते हुए उनके मन में हमेशा एक ही कसक रहती थी— “क्या कभी अपनी माटी में रहकर, अपने बच्चों के सामने सिर उठाकर जीने का मौका मिलेगा?”

​’बिहान’ का उजला सवेरा और ‘जय मां संतोषी’ का संकल्प

     ​कहते हैं कि जब आपके भीतर कुछ कर गुजरने की तड़प हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। राजकुमारी के जीवन में यह रास्ता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यानी ‘बिहान’ ने खोला। गाँव लौटने पर जब उन्हें महिला स्व-सहायता समूहों के बारे में पता चला, तो उनके भीतर सोया हुआ नेतृत्व गुण जाग उठा। उन्होंने ठान लिया कि वे अब खुद को और गाँव की दूसरी महिलाओं को लाचारी के दलदल से बाहर निकालेंगी।​शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण थी। गाँव की झिझकती और आशंकित महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाना आसान नहीं था। राजकुमारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार बैठकें कीं, महिलाओं की झिझक को तोड़ा और आखिरकार 10 कर्मठ महिलाओं को साथ लेकर ‘जय मां संतोषी महिला स्व-सहायता समूह’ की नींव रखी। प्रति माह 100 रुपए की मामूली बचत से शुरू हुआ यह सफर, दरअसल उनके बड़े सपनों की पहली किस्त थी।

​पलायन के दर्द को बनाया हुनर: ऐसे खड़ा हुआ आइसक्रीम का साम्राज्य

      ​राजकुमारी की दूरदर्शिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पलायन के दौरान मिले कड़वे अनुभवों को भी अपनी ताकत बना लिया। बाहर मजदूरी करते समय उन्होंने आइसक्रीम और कुल्फी बनाने की प्रक्रिया को बड़े ध्यान से देखा था। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस हुनर को अपने गाँव में ही रोजगार का जरिया बनाया जाए। ‘बिहान’ योजना ने उनके इस अभिनव आइडिया पर भरोसा जताया और समूह के माध्यम से उन्हें 1 लाख 50 हज़ार रुपए का बैंक लोन तथा 60 हज़ार रुपए की सामुदायिक निवेश राशि (CIF) स्वीकृत की गई। इस पूंजी से राजकुमारी ने स्थानीय बाजार से कच्चा माल खरीदा और अपने परिवार के सहयोग से घर पर ही मटका कुल्फी, तरह-तरह की आइसक्रीम और बादाम शेक जैसे लजीज उत्पाद तैयार करने लगीं। शुद्धता और बेजोड़ स्वाद के कारण देखते ही देखते उनके उत्पादों की मांग बिलाईगढ़ और उसके आसपास के बाजारों में तेजी से बढ़ गई।

​      ​राजकुमारी साहू की मेहनत ने आज उनके उद्यम को एक सफल मुकाम पर पहुँचा दिया है, जिसकी बानगी इन आँकड़ों में साफ देखी जा सकती है। आज यह समूह और राजकुमारी साहू 3 लाख रुपए से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। कल तक जो महिला अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर थी, आज वह शान से ‘लखपति दीदी’ की कतार में खड़ी है।

​गृहिणी से ‘सफल उद्यमी’: एक रोल मॉडल का उदय

     ​श्रीमती राजकुमारी साहू आज सिर्फ एक सफल व्यावसायिक नाम नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण छत्तीसगढ़ के बदलते परिदृश्य का एक जीवंत प्रतीक हैं। आज वे खुद प्रशिक्षित होकर एक पेशेवर उद्यमी की भूमिका निभा रही हैं। वे न केवल अपने परिवार को आर्थिक संबल दे रही हैं, बल्कि अपने समूह की अन्य दीदियों को भी व्यवसाय के नए गुर सिखाकर उन्हें सशक्त बना रही हैं।
     ​राजकुमारी साहू की यह प्रेरक दास्तान छत्तीसगढ़ की हर उस महिला को संबल देती है, जो विपरीत परिस्थितियों से लड़कर अपना आसमान खुद छूना चाहती है। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि सही अवसर, प्रशासनिक सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति का संगम हो, तो ग्रामीण अंचल की एक साधारण गृहिणी भी अपने भाग्य की विधाता बन सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सख्ती का असर: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सख्ती का असर: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर वाहन जप्त, 

 खनिज संपदा की लूट नहीं होगी बर्दाश्त, अवैध उत्खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई-मुख्यमंत्री साय 

रायपुर 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जेसीबी मशीन तथा 3 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किए जाने का प्रमाण है।

जिले के देवराजपारा-सधवानी तथा बंधी-बचरवार क्षेत्र में खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कराई गई। वहीं सिलपहरी क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर भी खनिज विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जप्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी तथा सिलपहरी क्षेत्र से रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि सधवानी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 तथा कलेक्टर के समक्ष अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री की जनहितकारी शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की सक्रियता और खनिज विभाग की तत्परता से शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण जैसी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण तथा शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो सके और शासन को राजस्व की क्षति न पहुंचे।

खनिज विभाग के अनुसार जप्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड एवं समझौता राशि निर्धारित खनिज मद में जमा कराने के बाद ही संबंधित वाहनों को मुक्त किया जाएगा।

इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अवैध खनन के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए जनशिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu