मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

भोपाल 

प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विगत एक सप्ताह में विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाही करते हुए लगभग 2 करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक की मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्त की है।

रतलाम : पुलिस ने तीन अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में बड़ी सफलता प्राप्त की। थाना रिंगनोद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 किलोग्राम एम.डी. ड्रग्स जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये है।

वहीं थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 46 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा एवं दो ट्रक जब्त कर पंजाब के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। उक्त कार्रवाई में लगभग 32 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

इस प्रकार रतलाम जिले में कुल लगभग 1 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।

गुना : जिले के म्याना थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान से मध्यप्रदेश लाई जा रही 106 किलो 460 ग्राम डोडाचूरा सहित लगभग 70 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जप्‍त की। कार्रवाई के दौरान एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया गया।

नीमच : थाना नीमच सिटी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 108 किलोग्राम अवैध अफीम का बिना चीरा वाला सीपीएस डोडाचूरा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त सामग्री का मूल्य लगभग 25 लाख 20 हजार रुपये है।

छतरपुर : थाना सिविल लाइन पुलिस ने ग्राम कदारी के पास से 20 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजा एवं कार सहित लगभग 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

वहीं थाना कोतवाली पुलिस ने राजनगर रोड फोरलेन ब्रिज के पास से 3.5 किलोग्राम से अधिक गांजा सहित एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार जिले में लगभग 22 लाख 60 हजार रुपये मूल्य की मादक सामग्री एवं वाहन जब्त किए गए।

दमोह : थाना कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उड़ीसा निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 35 किलोग्राम अवैध गांजा सहित लगभग 8 लाख 77 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

जबलपुर : पुलिस ने नशे के कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक विधि-विवादित बालक को अभिरक्षा में लेकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 14 किलोग्राम 572 ग्राम गांजा तथा घटना में प्रयुक्त दो स्कूटी सहित लगभग 7 लाख 28 हजार 600 रुपये की संपत्ति जब्त की है।

इसके अतिरिक्त मऊगंज पुलिस ने 5 किलोग्राम से अधिक गांजा तथा 29 शीशी कोरेक्स सिरप जब्त करते हुए लगभग 1 लाख 86 हजार 250 रुपये मूल्य की संपत्ति तथा नरसिंहपुर पुलिस ने 12.5 ग्राम स्मैक सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जप्‍त की है।

प्रदेशभर में की जा रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों एवं गिरोहों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

 

Modi Cabinet Reshuffle: नए चेहरों को मिल सकता है मौका, MP से वीडी शर्मा का नाम चर्चा में

भोपाल
 मोदी कैबिनेट के विस्तार की अटकलें हैं। संभावना है कि जून के अंत तक मोदी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रहे जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि कैबिनेट का विस्तार होगा। कैबिनेट में कई नए चेहरों के शामिल होने की अटकलें हैं। साथ ही संभावित नामों की चर्चा भी हो रही है। इसमें मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा के नाम की भी चर्चा चल रही है।

खजुराहो से सांसद हैं वीडी शर्मा
दरअसल, संभावित सूची में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा के नाम की भी चर्चा है। उन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव रहा है। लंबे समय तक मध्य प्रदेश में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी को प्रचंड सफलता मिली है। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते ही लड़ा गया और पार्टी को ऐतिहासिक सफलता मिली। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी वीडी शर्मा ही प्रदेश अध्यक्ष थे। पार्टी ने पहली बार मध्य प्रदेश में 29-29 की सीटें जीत ली।

सबको साथ लेकर चले
वीडी शर्मा के कार्यकाल में मध्य प्रदेश में संगठन ने एक नई ऊंचाई हासिल की थी। उनके कार्यकाल के दौरान ही ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से अपने विधायकों के साथ पार्टी में आए थे। वीडी शर्मा के लिए उस दौरान सबसे बड़ी चुनौती थी कि नए और पुराने लोगों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने इसे बखूबी अंजाम दिया और समन्वय बनाकर चले। विवादों को सरकार और संगठन के स्तर पर सुलझाकर चले।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं तारीफ
वहीं, केंद्रीय नेतृत्व भी वीडी शर्मा की मुरीद रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक रूप से वीडी शर्मा की तारीफ कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा था कि खजुराहो से हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा जी को भारी मतों से विजयी बनाना है। ये विष्णुदत्त शर्मा जी दिखते पतले दुबले हैं। लेकिन उनके नेतृत्व में भाजपा ने मध्य प्रदेश में इस बार नया इतिहास रच दिया है।

संगठन में भी किए ऐतिहासिक काम
वीडी शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए मध्य प्रदेश में संगठन ने भी कई ऐतिहासिक काम किए हैं। उनके नेतृत्व में सदस्यता अभियान के दौरान पार्टी ने एक नई कीर्तिमान स्थापित की थी। डेढ़ महीने में ही बीजेपी ने डेढ़ करोड़ सदस्य बनाए थे। साथ ही चुनावों में बूथ मैनजमेंट फॉर्मूला को अन्य राज्यों ने भी फॉलो किया था।

वीडी शर्मा हैं कौन

    वीडी शर्मा का पूरा नाम विष्णुदत्त शर्मा है
    उन्होंने अखिल भारती विद्यार्थी परिषद से सियासी करियर की शुरुआत की
    वीडी शर्मा लंबे समय तक विद्यार्थी परिषद में काम किया है
    2019 में पहली बार वह खजुराहो लोकसभा सीट से सांसद बने
    2024 में पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दिया और सांसद बने
    15 फरवरी 2020 को मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने
    दो जुलाई 2025 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं
    मूल रूप से वह मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं

गौरतलब है कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व में उनके अच्छे संबंध हैं। गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी उनकी ट्यूनिंग अच्छी है। चुनावों में अमित शाह उनके साथ बाइक की सवारी कर चुके हैं। साथ ही वीडी शर्मा को जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे बखूबी निभाया है। 2024 में भी अटकलें थीं कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिलेगी क्योंकि चुनावों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। एक बार फिर से उनके नाम की चर्चा चली है। 

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शुरू, लेकिन GRP में सैकड़ों पद खाली; करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल

उज्जैन 
 वर्ष 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ महापर्व की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो चुकी हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु रेल मार्ग से उज्जैन पहुंचते हैं, ऐसे में रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

इसी बीच सामने आए आंकड़े बताते हैं कि जीआरपी (गवर्मेंट रेलवे पुलिस) में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जिससे सुरक्षा तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में रेलवे पुलिस के कुल स्वीकृत पदों का बड़ा हिस्सा अभी भी रिक्त है। दूसरी ओर विभाग का दावा है कि तकनीक और अतिरिक्त बल के जरिए इस कमी को पूरा किया जाएगा।

रेलवे पुलिस में पदों की स्थिति

इकाई- स्वीकृत पद- उपलब्ध कर्मचारी- रिक्त पद

भोपाल जीआरपी- 951- 328- 623

इंदौर जीआरपी- 785- 460- 325

जबलपुर जीआरपी- 724- 467- 257

कुल-2460- 1255- 1205

भोपाल ईकाई में सबसे अधिक कमी
सबसे अधिक कमी भोपाल इकाई में दर्ज की गई है। नेतृत्व स्तर पर भी कमी। रेलवे सुरक्षा केवल जवानों के भरोसे नहीं चलती, बल्कि अधिकारी स्तर की मौजूदगी भी जरूरी होती है। लेकिन उप पुलिस अधीक्षक (रेलवे) स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है।

पद- स्वीकृत- उपलब्ध -रिक्त

उप पुलिस अधीक्षक (रेलवे- 12-6-6)
रिक्त स्थान

भोपाल इकाई – बीना, ग्वालियर

इंदौर इकाई – रतलाम, उज्जैन

जबलपुर इकाई- जबलपुर, रीवा

उज्जैन में डिप्टी एसपी स्तर का पद खाली होना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सिंहस्थ के दौरान रेलवे संचालन और सुरक्षा का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

सिंहस्थ को लेकर क्या तैयारी?

    रेलवे स्टेशन और प्लेटफार्म पर सीसीटीवी आधारित निगरानी
    कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम
    डिजिटल संचार नेटवर्क
    भीड़ विश्लेषण तकनीक
    रनिंग ट्रेनों में विशेष निगरानी
    खोया-पाया और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था लागू की जाएगी

75 हजार अतिरिक्त बल की मांग
विभाग ने सिंहस्थ के लिए करीब 75 हजार अतिरिक्त बल की मांग भी की है। इसमें सिविल पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और अन्य सुरक्षा इकाइयों की तैनाती प्रस्तावित है। साथ ही वर्तमान कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा और रेलवे सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों को भरने या वैकल्पिक तैनाती पर काम किया जा रहा है। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि जब तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, तब क्या 2028 से पहले खाली पद भरकर मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सकेगा या फिर सिंहस्थ जैसी विशाल व्यवस्था को सीमित मानव बल और तकनीक के भरोसे संभालना पड़ेगा।

ADG रेल भोपाल राजा बाबू सिंह ने कहा- कोई तैयारी नहीं

ADG रेल भोपाल राजा बाबू सिंह ने कहा कि भोपाल में बहुत जरूरी कॉन्फ्रेंस में शामिल हुआ था। जिसमें DGP MP, DG RPF, DRM भोपाल, DRM रतलाम, ADRM झांसी के अलावा RPF के चार IG  IG RPF भोपाल, IG RPF मुंबई, IG RPF प्रयागराज, IG RPF कोलकाता उपस्थित थे। कमिश्न उज्जैन, कलेक्टर उज्जैन, ADG-IG उज्जैन और पुलिस अधीक्षक DIG भी मौजूद थें। DGP रेलवे उत्तर प्रदेश ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभव बताए।

राजा बाबू सिंह ने कहा हमारी जो GRP इकाई इंदौर है, जिस पर सिंहस्थ 2028 का जिम्मा होगा उसने कोई होमवर्क नहीं किया है। वहां, पुलिस अधीक्षक, 2 DSP उज्जैन और रतलाम के पद रिक्त हैं। सिंहस्थ 2028 को लेकर जो अस्थायी थाने और चौकी या मेला क्षेत्र बनेंगे उसके लिए अभी से अतिरिक्त बल मिल जाना चाहिए, जो अभी तक नहीं मिला है। 

प्रयागराज महाकुंभ से सीख, इस बार ज्यादा फोकस क्राउड मैनेजमेंट पर

बैठक में  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और जिला प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है, क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक हो सकती है।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रमुख स्टेशनों और मेला क्षेत्र में अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग बनाए जाएं ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके। साथ ही रेलवे स्टेशनों पर अंतिम समय में प्लेटफॉर्म बदलने से बचने के निर्देश भी दिए गए, क्योंकि इससे अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

AI और CCTV से होगी निगरानी

सिंहस्थ 2028 में पहली बार बड़े स्तर पर AI आधारित क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, होल्डिंग एरिया, पार्किंग और मेला क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर यानी ICCC से जोड़ा जाएगा।

यह कंट्रोल सेंटर रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल साइन बोर्ड और कलर कोडिंग जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को आसानी से दिशा-निर्देश मिल सकें।

रेलवे ने बनाई विशेष रणनीति

बैठक में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। 2016 के सिंहस्थ की तुलना में इस बार तीन गुना ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही छोटी दूरी की मेला ट्रेनें, डायनेमिक टाइम टेबल, डबल इंजन वाली ट्रेनें और दिशा आधारित प्लेटफॉर्म व्यवस्था लागू की जाएगी। लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों का पहले से डायवर्जन भी तय किया जाएगा ताकि मुख्य रूट पर दबाव कम किया जा सके।

रेलवे द्वारा उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल, ओंकारेश्वर रोड और सीहोर के स्टेशनों पर विशेष तैयारी की जा रही है। यहां नए फुटओवर ब्रिज, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, सैटेलाइट स्टेशन और साइडिंग लाइन विकसित की जाएंगी।

घाटों का विस्तार और बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार

उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि सिंहस्थ का आयोजन 9 अप्रैल से 8 मई 2028 तक प्रस्तावित है। मेले के लिए लगभग 3100 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घाटों का विस्तार करीब 37 किलोमीटर तक किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में सुविधा मिल सके।

वैज्ञानिक तरीके से यह आकलन किया जा रहा है कि एक निश्चित समय में एक किलोमीटर घाट पर कितने श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकते हैं। प्रशासन ने यह भी माना है कि इंदौर-देवास मार्ग से सबसे ज्यादा यातायात रहेगा। इसी को देखते हुए सड़क और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।

सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

बैठक में जीआरपी और आरपीएफ अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। सभी स्टेशनों और भीड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा।

सोनाली मिश्रा ने कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों में आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए रेलवे जोनों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार संवाद और संयुक्त प्रशिक्षण जरूरी है।

आपात स्थिति से निपटने की भी तैयारी

सिंहस्थ के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम, एनडीआरएफ और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती की जाएगी। सभी प्रमुख स्थानों पर बैकअप पावर सिस्टम और आपातकालीन सहायता केंद्र बनाए जाएंगे।

अधिकारियों ने कहा कि इस बार तकनीक, बेहतर योजना और विभिन्न विभागों के समन्वय के जरिए सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां तेज
सिंहस्थ 2028 को लेकर जीआरपी ने अभी से व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सीमित स्टाफ के बावजूद सीसीटीवी निगरानी, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, डिजिटल संचार नेटवर्क, भीड़ विश्लेषण तकनीक और त्वरित सूचना प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही 75 हजार अतिरिक्त बल की मांग और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। एडीजी जीआरपी राजाबाबू।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू में शनिवार को कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए गया मावा और रबड़ी का स्वाद लिया तथा महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं से समूह की गतिविधियों, आय के स्रोत तथा शासकीय योजनाओं से प्राप्त सहयोग की जानकारी ली और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकान में उपलब्ध मावा बनाने की प्रोसेस को देखा और महिलाओं से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं से लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि योजना की राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है या नहीं। महिलाओं ने योजना का लाभ मिलने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह कुकरू की अध्यक्ष श्रीमती शोभा गायने ने बताया कि समूह को विभिन्न योजनाओं में सीसीएल से 3 लाख रुपये, सीआईएफ से 1 लाख रुपये, आरएफ से 11 हजार रुपये तथा पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि समूह में 11 सदस्य कार्यरत हैं। आजीविका मिशन से मावा बनाने की स्वचलित मशीन क्रय की गई। इससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त हो रही है।

समूह की सदस्य महिलाओं ने बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी एवं श्रीखंड निर्माण के साथ-साथ कृषि कार्य भी कर रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाओं को लगभग 15 से 18 हजार की मासिक आय प्राप्त हो रही है। जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य एवं सांसद श्री दुर्गादास उइके, बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान, मप्र जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, कमिश्नर श्री श्रीकांत बनोठ, आईजी श्री मिथलेश कुमार शुक्ल, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल के हिल स्टेशन कुकरू में देखा सनसेट पॉइंट

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बैतूल प्रवास के दौरान जिले के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू का भ्रमण किया। उन्होंने कुकरू स्थित सिपना सनसेट पॉइंट पर पहुंचकर सूर्यास्त के मनोहारी एवं अलौकिक दृश्य के साथ क्षेत्र के अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य को निहारा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुकरू की पर्वत श्रृंखलाओं, हरित वनों और प्राकृतिक छटा से अभिभूत हुए। उन्होंने कहा कि कुकरू प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होने की अपार संभावनाएं रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक सौन्दर्य से समृद्ध कुकरू न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगा।

 

‘पति पोर्न दिखाकर करता था अप्राकृतिक कृत्य’, महिला ने लगाए गंभीर आरोप; पुलिस में पहुंचा मामला

अहमदाबाद
गुजरात के अहमदाबाद में एक महिला को ससुराल में ऐसी यातनाएं मिलीं, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं. महिला ने पति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, उसका कहना है कि पति उसे पोर्न दिखाता था. मारपीट करता था और अप्राकृतिक कृत्य करता था. पीड़िता ने महिला पुलिस स्टेशन में पति, सास और देवर के खिलाफ शिकायत की है। 

ये पूरी कहानी शहर के शाहीबाग इलाके की है. पीड़ित महिला ने शिकायत में कहा है कि उसका पति उसे जबरन पोर्न फिल्में दिखाता था. विकृत तरीके से जबरन संबंध बनाता था. साथ ही, प्रेग्नेंसी के दौरान लात मारकर अबॉर्शन कराने का दबाव भी डालता था। 

ससुराल वालों द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना किया गया. जान से मारने की धमकी दी गई. इससे तंग आकर महिला अहमदाबाद महिला पुलिस स्टेशन में पहुंची और आपबीती सुनाई. महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

शिकायत के अनुसार, महिला की शादी साल 2011 में हुई थी, लेकिन शादी के 15 दिन बाद ही उसकी ससुराल में उसके साथ गलत व्यवहार शुरू हो गया. शादी के समय ससुराल वालों ने महिला से यह बात छिपाई थी कि पति की पहले भी शादी हो चुकी थी और उसका एक बच्चा भी है। 

शादी के तुरंत बाद सास और देवर ने दहेज को लेकर ताने मारने शुरू कर दिए थे. महिला के प्रेग्नेंट होने के बावजूद उसे पर्याप्त आराम नहीं करने दिया गया. घर के भारी-भरकम काम कराए जाते थे. बेटी के जन्म के बाद भी पति का दुर्व्यवहार कम नहीं हुआ. पति अक्सर देर रात घर आता, पार्टियों में जाता और पत्नी की इच्छा के बिना उससे जबरन संबंध बनाता था। 

अगर पत्नी बीमार होती, तो भी उसे उत्तेजना बढ़ाने वाली दवाएं देकर संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता और मना करने पर बुरी तरह पीटा जाता था. कुछ समय बाद जब पत्नी दोबारा प्रेग्नेंट हुई, तो पति ने अबॉर्शन कराने का दबाव डाला और धमकी दी कि अगर उसने बात नहीं मानी तो वह तलाक दे देगा। 

इन सब बातों से तंग आकर पत्नी मायके चली गई, लेकिन पति वहां पहुंच गया और उसे जबरदस्ती ससुराल ले आया. सास और देवर भी लगातार ताने मारते थे कि तुम हमारे बेटे को पसंद नहीं हो, तुम्हें तो बस समाज की वजह से रखना पड़ रहा है. तुमने हमारा घर बर्बाद कर दिया. तुम तलाक लेकर अलग हो जाओ। 

‘रात में दूसरे देशों की युवतियों को कर रहा था वीडियो कॉल’
पत्नी ने आधी रात को अपने पति को दूसरे देशों की युवतियों के साथ वीडियो कॉल पर बात करते हुए पकड़ा था. पति उसे उन युवतियों के साथ के आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर उसी तरह संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था. तीसरी बेटी को जन्म देने के बाद भी ससुराल वालों का रवैया नहीं बदला. जब पत्नी ने पति के अफेयर की बात सास को बताई, तो सास भड़क गईं और झगड़ा करके पत्नी को घर से निकाल दिया। 

पांच महीने मायके में रहने के बाद जब वह वापस आई, तब भी पति ने अश्लील वीडियो दिखाकर अप्राकृतिक संबंध बनाने का दबाव डाला. फिर महिला और उसकी तीनों बेटियों को दूसरे घर पर भेज दिया और पति अलग रहने लगा. पति ने पत्नी को गंभीर धमकियां दीं. उसने कहा कि अगर तुमने हमारे खिलाफ कोई अर्जी या शिकायत की तो जान से मार देंगे. फिलहाल पीड़िता ने महिला पुलिस स्टेशन में शिकायत की है. पुलिस ने पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

Climate Change या El Niño? भारत ने 365 में 360 दिन झेली भीषण गर्मी, रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

 नई दिल्ली

साल 2025 भारत के लिए मौसम के लिहाज से बेहद मुश्किल था. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट – CSE की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे साल में 365 में से 360 दिन देश के किसी न किसी हिस्से में मौसम की भयानक घटनाएं हुईं. इन घटनाओं में 4421 लोगों की मौत हुई. करीब 1.74 करोड़ हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई. बढ़ता क्लाइमेट चेंज और अल-नीनो जैसे मौसमीय पैटर्न भारत में मौसम को पहले से ज्यादा अनिश्चित बना रहे हैं। 

2025 में मौसम ने तोड़े कई रिकॉर्ड
2025 में देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में किसी न किसी तरह का बिगड़ा हुआ मौसम दर्ज किया गया. यानी पूरे साल ऐसा कोई इलाका नहीं बचा, जहां मौसम का असर न दिखा हो. 2025 में देश के करीब 99% दिनों में कहीं न कहीं लू, भारी बारिश, बाढ़, बिजली गिरने, ओला पड़ने या तूफान जैसी घटनाएं हुईं. यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है. 2024 में ऐसे मौसम की घटनाएं साल के 88 फीसदी दिनों में दर्ज हुई थीं। 

मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है. 2024 में 3393 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2025 में यह बढ़कर 4421 हो गई. खेती को हुआ नुकसान भी कई गुना बढ़ गया. 2024 में करीब 36 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी, लेकिन 2025 में यह बढ़कर 1.74 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गई। 

सबसे ज्यादा फसल का नुकसान महाराष्ट्र में हुआ, जहां करीब 84 लाख हेक्टेयर खेती प्रभावित हुई. इसके बाद कर्नाटक और मध्य प्रदेश का नंबर रहा. वहीं हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा 267 दिन भयानक मौसम दर्ज किया गया. केरल में 173 दिन और मध्य प्रदेश में 162 दिन ऐसे हालात बने रहे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में 1.81 लाख से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा। 

अब सिर्फ मानसून नहीं, पूरे साल बदल रहा है मौसम
रिपोर्ट बताती है कि अब चरम मौसम सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं है. मार्च, अप्रैल और मई जैसे महीनों में भी तेज गर्मी, अचानक बारिश, आंधी और ओले पड़ने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. कई जगहों पर कुछ ही दिनों के अंदर मौसम पूरी तरह बदल जाता है. इसका सीधा असर खेती, पानी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। 

अल-नीनो से क्यों बढ़ सकती है परेशानी?
वैज्ञानिकों का कहना है कि हर खतरनाक मौसम की घटना की वजह अल-नीनो नहीं होता. लेकिन जब अल-नीनो सक्रिय होता है, तो भारत के मौसम का पैटर्न बदल सकता है. कई इलाकों में बारिश कम हो सकती है और गर्मी बढ़ सकती है. वहीं कुछ जगहों पर कम समय में बहुत ज्यादा बारिश भी हो सकती है। 

अगर अल-नीनो का असर और क्लाइमेट चेंज साथ-साथ हों, तो मौसम और ज्यादा असामान्य हो सकता है. यही वजह है कि वैज्ञानिक लगातार ऐसे मौसम पर नजर रखने की बात कहते हैं। 

2025 के आंकड़े साफ बताते हैं कि बेहद खराब मौसम अब भारत में पहले से ज्यादा आम होता जा रहा है. इसका असर सिर्फ लोगों की जान पर नहीं, बल्कि खेती, घरों और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर क्लाइमेट चेंज की रफ्तार नहीं थमी और अल-नीनो जैसे मौसमी पैटर्न असर दिखाते रहे, तो आने वाले वर्षों में ऐसे हालात और गंभीर हो सकते हैं। 

ईरान सस्ते दाम पर दे रहा तेल, फिर भी भारत क्यों नहीं खरीद रहा? जानिए बड़ी वजह

 नई दिल्‍ली

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमी हुई है और शांति वार्ता चल रही है. इस समझौते के दौरान अमेरिका ने ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा दिया है और 60 दिनों की छूट दी है, जिसके बाद ईरानी तेल मार्केट में आ चुका है. वहीं स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज भी खुल चुका है, जिसके बाद टैंकर पहले से ज्‍यादा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजर रहे हैं। 

इस बीच, रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका की छूट के बाद कई बिचौलियों ने ईरानी तेल को भारत को बेचने के लिए ऑफर दे रहे हैं. इन्‍होंने भारतीय रिफाइनरों को ईरानी तेल कम दाम पर बेचने का ऑफर दिया है. सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों से संपर्क सीधे नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (NIOC) की ओर से और बिचौलियों के माध्यम से किया गया है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें ईरानी राज्य उत्पादक द्वारा तेल आवंटित किया गया है। 

कितना सस्‍ता होगा ईरानी तेल? 
रॉयटर्स ने कहा कि ऑयल रिफाइनर्स से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि एनआईओसी के अलावा, कई व्‍यापारी ईरानी तेल को बेचने के लिए संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्राथमिता एनआईओसी को मौका देना है. उन्होंने बताया कि एनआईओसी भारतीय खरीदारों को बता रहा है कि ईरानी कच्चा तेल क्षेत्रीय स्तर पर समान गुणवत्ता वाले कच्चे तेल की तुलना में प्रति बैरल 3 से 4 डॉलर सस्ता होगा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफाइनर से संपर्क करने वाले व्यापारी मुख्य रूप से सिंगापुर और दुबई स्थित छोटी और मध्यम आकार की व्यापारिक कंपनियों से हैं. इस सप्ताह ईरानी पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत को कच्चे तेल और LPG की संभावित आपूर्ति पर भी चर्चा हुई। 

भारत बढ़ा सकता है आयात
हालांकि, भारतीय रिफाइनर के पास फ्यूचर में ईरानी कच्चे तेल को रखने की सीमित गुंजाइश है, क्योंकि अधिकांश ने अगस्त तक आपूर्ति सुरक्षित कर ली है और मिडिल ईस्‍ट आपूर्तिकर्ता खरीदारों पर प्राथमिकता को लेकर दबाव बना रहे हैं. भारत पहले से ही व्यापारियों के माध्यम से ईरान से एलपीजी आयात कर रहा था और प्रतिबंधों में छूट मिलने के बाद यह आयात और बढ़ सकता है। 

भारत क्‍यों नहीं खरीद सकता ज्‍यादा कच्‍चा तेल? 
केप्‍लर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने अपने तेल की आपूर्ति के लिए कई देशों से कॉन्‍ट्रैक्‍ट कर लिया है. वहीं कई जगहों से तेल मंगा रहा है और बहुत से तेल को रिजर्व करके भी रख लिया है. इस कारण, उसे सस्‍ते पर तेल मिलने के बाद भी ज्‍यादा खरीदारी नहीं कर सकता है। 

एक महीने की छूट पर भी भारत ने खरीदा था तेल 
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद तेल के दाम को नीचे लाने के लिए अमेरिका ने ईरानी तेल पर छूट दी थी. अमेरिका की ओर से 30 दिनों के लिए प्रतिबंधों में छूट दिए जाने के बाद भारत को अप्रैल में ईरानी तेल की दो खेपें मिली थीं, जिनका भुगतान चीनी युआन में किया गया था। 

अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय

रायपुर

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

मुख्यमंत्रीसाय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

खेत में करंट लगने से किसान की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

रायपुर 

दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र के ग्राम चिंगरी निवासी 60 वर्षीय किसान बिरेन्द्र देशमुख की खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, वे सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच अपने खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

दोपहर करीब 1 बजे घटना की सूचना अंडा थाना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दुर्ग भेज दिया।

घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक अपने पीछे पत्नी अनुसुईया देशमुख, पुत्र जागेश्वर देशमुख और गावेश देशमुख सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने के बजाय अंडा स्थित बिजली विभाग कार्यालय के सामने शव रखकर करीब 4 से 5 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर डटे रहे और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का आरोप है कि हादसा बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि जिस विद्युत पोल के पास यह घटना हुई, वह लंबे समय से झुका हुआ था। इसे लेकर करीब दो वर्ष पहले विभाग को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों के मुताबिक, पोल झुकने के कारण बिजली के तार नीचे आ गए थे और उन्हें अस्थायी रूप से लोहे के घेरे से बांधकर रखा गया था। समय के साथ केबल में खराबी आने से लोहे के घेरे में करंट प्रवाहित होने लगा, जिसकी चपेट में आने से किसान की मौत हो गई।

ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई तथा पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च पुलिस अधिकारी, अंडा थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक और तहसीलदार मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों से भी घटना को लेकर जवाब मांगा गया है।

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