दुर्ग में गूंजी ‘मन की बात’, किसानों ने लिया जैविक खेती का संकल्प

दुर्ग

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण को लेकर रविवार को दुर्ग जिले में खास उत्साह दिखा। भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग ने धनौरा स्थित तुलसी पैलेस में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया, जहां सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने किसानों के साथ बैठकर पूरा कार्यक्रम सुना। इस मौके पर जिला महामंत्री दिलीप साहू, किसान मोर्चा जिला प्रभारी विलास सुतार, सह प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान और जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत विशेष रूप से मौजूद रहे।

धनौरा सरपंच रुलेश्वरी बंजारे, जनपद अध्यक्ष सरस्वती साहू, खम्हरिया सरपंच दुलारी देशलहरे, उतई मंडल अध्यक्ष शीतला ठाकुर और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व किसान मोर्चा के पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘जैविक खेती से बदलेगी तकदीर’  

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जैविक खेती को भविष्य की खेती बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि जैविक खेती से न सिर्फ धरती की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और लोगों को जहर-मुक्त अनाज मिलेगा।

विधायक ललित चंद्राकर ने कहा, “मन की बात प्रधानमंत्री का देश से सीधा संवाद है। आज पीएम ने जो जैविक खेती का मंत्र दिया है, उसे हम दुर्ग जिले के हर गांव तक पहुंचाएंगे। दुर्ग का किसान अब केमिकल फ्री खेती की मिसाल बनेगा।”

जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत ने बताया कि किसान मोर्चा आने वाले दिनों में गांव-गांव जैविक खेती कार्यशाला चलाएगा। “पीएम का हर शब्द हमारे लिए आदेश है। पर्यावरण बचाना और किसान की आय बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है।” 

कार्यक्रम में विनोद चंद्राकर, राजेंद्र यादव, अजीत चंद्राकर, चंद्रकांत साहू, लुकेश्वर साहू समेत मोर्चा के सभी पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय

रायपुर

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
           
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताइंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
                 
मुख्य वक्ताकुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 
            
मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया।साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीयनरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था।साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 
        
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
         
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्रीतोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघकैलाश सोनी, विधायकमोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैनदीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वरअजय रामदास,अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्षदिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्षसच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। 
              
कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा केसूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग केअंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर “25 जून : संविधान हत्या दिवस” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

रायपुर में संपत्तिकर छूट का बड़ा असर, 27 दिनों में जमा हुए 22 करोड़ रुपये टैक्स

रायपुर.

जून माह में संपत्तिकर का भुगतान करने वालों को नगर निगम 6.25 फीसदी छूट का लाभ दे रही है। इसी के तहत इस महीने अब तक 2732 रहवासियों (संपत्तियों) से 22 करोड़ 19 लाख रुपए की वसूली की गई है। इस छूट का लाभ लेने के लिए अब महज दो दिन ही शेष है.

निगम ने इस वित्तीय वर्ष में 425 करोड़ रुपए राजस्व की वसूली का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हर महीने बड़ी वसूली की जा रही है। निगम क्षेत्र में 3.60 हजार प्रापर्टी है, जिसमें से 3.46 लाख प्रापर्टी टैक्सेबल हैं। इन संपत्तियों का इस वित्तीय वर्ष के राजस्व के साथ हजारों संपत्तियों का सालों से टैक्स भुगतान नहीं किया गया। इसलिए हर दिन सभी 10 जोन से मिलाकर 1 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट सेट किया गया है।

छूट का लाभ लेने बचे सिर्फ 2 दिन
बता दें कि संपत्तिकर में 6.25 फीसदी का छूट सिर्फ जून माह में ही मिलेगा। यदि इसका लाभ लेना है तो करदाताओं के पास सिर्फ 2 दिन हैं। सोमवार और मंगलवार को संपत्तिकर के भुगतान में ही यह छूट लागू होगा। इसके बाद 1 जुलाई से संपत्ति कर शत-प्रतिशत लगाया जाएगा। इसलिए लोग ऑनलाइन व जोन कार्यालयों में जाकर संपत्तिकर अदा कर सकते हैं।

लोग आ रहे हैं सामने
नगर निगम राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने मीडिया को बताया कि जून माह में बड़ी संख्या में प्रापर्टी होल्डर्स ने छूट का लाभ लिया है। इस महीने 2732 संपत्तियों का करीब 22 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। साथ ही कई जोन क्षेत्र में 20 से अधिक बड़े बकाएदारों की संपत्तियों को भी सील किया गया है। छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने से भी लोग सामने आ रहे हैं.

जोनवार राजस्व की स्थिति
जोन    प्रॉपर्टी    राशि

जोन 1    1156    1.70 करोड़
जोन 2    1246    3.15 करोड़
जोन 3    1020    1.41 करोड़
जोन 4    1182    2.22 करोड़
जोन 5    1303    2.02 करोड़
जोन 6    1360    1.45 करोड़
जोन 7    880    1.85 करोड़
जोन 8    1739    2.03 करोड़
जोन 9    2555    2.75 करोड़
जोन 10    2421    3 करोड़
कुल    14862    21.63 करोड़

धरती आबा और जनमन योजना, जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान : राज्यपाल श्री पटेल

भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” और “प्रधानमंत्री जनमन योजना” जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होaने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए मरीजों के उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।

राज्यपाल  पटेल रविवार ने यह बात खरगोन के झिरन्या में आयोजित सिकलसेल शिविर कार्यक्रम में कहीं।  इस दौरान ब्लड बैंक का शुभारंभ किया तथा दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत कुमारी आस्था को पोलियोरोधी दवाई पिलाई। उन्होंने सिकलसेल प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने क्षय रोगियों को फूड बास्केट भेंट की। राज्यपाल  पटेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को भी सुना।

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकलसेल रोग अनुवांशिक रोग है। इसकी जांच गर्भावस्था में भी संभव है। बच्चों के गर्भावस्था के दौरान भी सिकल सेल रोग का उपचार प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “सिकलसेल मित्र” मरीजों की मदद में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सिकलसेल रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। अब टीबी रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। मरीज यदि 6 माह तक नियमित रूप से दवाई ले, तो टीबी रोग ठीक किया जा सकता है।       

राज्यपाल  पटेल ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास योजनाओं के प्रदर्शन के लिए लगाए गए स्टाल पर जाकर उपस्थित अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।

सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश तेजी मे विकास और गरीबों के कल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं। झिरन्या में 1500 करोड़ रुपए लागत की उदवहन सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।

राज्यपाल  पटेल ने मारूगढ़ निवासी कालू के पीएम आवास में किया भोजन

राज्यपाल  पटेल ने रविवार को खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहपुर के ग्राम मारूगढ़ निवासी कालू पिता रतन के प्रधानमंत्री आवास में भोजन किया। उन्होंने उपस्थित  ग्रामीणों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विधायक  छाया मोरे, खरगोन के विधायक  बालकृष्ण पाटीदार, महेश्वर के विधायक  राजकुमार मेव, जिला भाजपा अध्यक्ष  नंदा ब्राह्मणे एवं कलेक्टर  भव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक  रवींद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

 

प्रधानमंत्रीमोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 135 वें संस्करण का प्रसारण

भोपाल

प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्रीमोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायकमहेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्रीमोदी ने ‘मन की बात’ में ब्यावरा में चल रहे ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ का उल्लेख किया। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्रीमोदी ने अभियान को ‘जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन’ और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।

प्रधानमंत्रीमोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो।

आखिर क्या है यह अभियान

ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजकअनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर इको ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की अवधारणा को साकार कर ‘प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन’ में बदल रही है। उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

संस्था के सदस्यतरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है।

नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में इको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।

 

जबलपुर में मृत महिला को जिंदा दिखाकर 76 लाख की जमीन की ठगी, दो आरोपियों पर ₹4-4 हजार का इनाम

जबलपुर.

मृत महिला को कागजों में जीवित दर्शाकर उसकी जमीन का फर्जी सौदा करने और 76 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो फरार आरोपियों पर चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एसपी सम्पत उपाध्याय ने इसके आदेश जारी किए।

इनामी आरोपियों में गोहलपुर शांति नगर निवासी राकेश गुप्ता और माढ़ोताल निवासी लखन नायक शामिल हैं। मामले में शाहपुरा किरसौद निवासी कमला सेन के खिलाफ भी माढ़ोताल थाने में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज है।

व्यापारी से 76 लाख रुपये ऐंठे
जवाहरगंज बड़ा फुहारा निवासी व्यापारी दीपक कुमार टिबरेवाला (57) का संपर्क राकेश गुप्ता और लखन नायक से हुआ था। दोनों ने अधारताल के ग्राम ओरिया स्थित फूलमती के नाम दर्ज 37,660 वर्गफीट जमीन का सौदा कराने की बात कही। आरोपियों ने कमला सेन को ही फूलमती बताकर उसकी फर्जी पहचान प्रस्तुत की और व्यापारी से 76 लाख रुपये ऐंठ लिए। उसके बाद में जांच करने पर पता चला कि वास्तविक फूलमती की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।

अन्य फरार आरोपियों पर भी घोषित हुआ इनाम
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अन्य फरार आरोपियों पर भी इनाम घोषित किया है। बेलखेड़ा थाने के मामले में फरार पिपरियाकला निवासी हेमराज लोधी उर्फ लक्खू और चरण सिंह लोधी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मदन महल थाने के मामले में फरार आरोपी हर्ष यादव (परसवाड़ा) व श्रीकांत राय (शास्त्री नगर) पर पांच-पांच हजार और हनुमानताल थाने के आरोपित विक्की बंशकार, शिवा सोनकर व बेलबाग थाने के फरार सत्यम कुशवाहा पर भी चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा।

ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी।

जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

‘कुकरू नेचुरल’ के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से “कुकरू नेचुर” के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।

दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानसहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया।

ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती नीता धाड़से ने बताया कि वे कृषि सखी के रूप में कार्य करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से प्राप्त ऋण सहायता से वे विभिन्न गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह की सदस्य श्रीमती मैना दामजे ने बताया कि पहले वे छोटे स्तर पर मावा और रबड़ी बनाने का कार्य करती थीं, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय बड़ी है। ग्राम खामला की स्व-सहायता समूह सदस्य श्रीमती अर्चना विनोद ने बताया कि सीएलएफ के माध्यम से उनके समूह को 72 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है, जिससे समूह की महिलाएं कृषि सखी, डेयरी एवं अन्य गतिविधियों से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रामीणशेषराव बरसाकर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने तीन वर्षों के अनुभव और उससे प्राप्त लाभों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए सभी ग्रामीणों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया। इस दौरान ग्रामीणों की वन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों से कहा कि कुकरू एवं आसपास का क्षेत्र वनभूमि क्षेत्र है, जहां कॉफी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आम जैसे फलदार वृक्षों के साथ कॉफी पौधों का रोपण कर आय बढ़ाने की बात कही। साथ ही पशुपालन एवं डेयरी उत्पादों के निर्माण की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में होम-स्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों को आचार्य विद्यासागर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही 33 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति भी सरकार द्वारा की जाती है।

‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बैतूल पर्यटन पर केंद्रित ‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में जिले के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी संकलित की गई है। यह पुस्तिका पर्यटकों को बैतूल की समृद्ध पर्यटन विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं और नागरिकों को वितरित किए हेलमेट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने श्रीमती वंदना सावे, श्रीमती सविता आठोले, श्रीमती संतोषी बेलकर,धर्मेंद्र सावे,सायबू आठोले तथाअशोक बेतकर को हेलमेट प्रदान किए।

वन रक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन रक्षक भर्ती परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंनेराजू बेगा,प्रमोद ठकरिया,अजय सहरिया, कुमारी रानूबाई बैगा तथा कु. ज्योति मिल्थरे को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए

स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़े

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू स्थित कॉफी बागान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कॉफी बागान के इतिहास, भू-गर्भीय परिस्थितियों एवं यहां उपलब्ध प्राकृतिक वातावरण की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉफी उत्पादन क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी प्रोसेसिंग का कार्य कर रही ल-वॉन कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कॉफी प्रोसेसिंग, विपणन एवं क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि कुकरू में वर्ष 1944 में ब्रिटिश महिला फ्लोरेंस हेंड्रिक्स द्वारा कॉफी बागान की स्थापना की गई थी। यह कॉफी बागान लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और वर्तमान में क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं कृषि धरोहर के रूप में पहचान रखता है।

इस दौरान केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खण्डेलवाल, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्यमंगल सिंह धुर्वे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्षमोहन नागर, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, वन मंडलाधिकारीलक्ष्मीकांत वासनिक, आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

अमित शाह की नागा विधायकों से बैठक पर मणिपुर की सियासत गरमाई, कांग्रेस ने उठाए सवाल

नई दिल्ली
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने शनिवार को मणिपुर के नागा समुदाय के विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठख में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो मौजूद थे, लेकिन इस बैठक के बाद अटकलों का दौर तब शुरू हुआ जब कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने सवाल उठाया कि आखिर विधायकों और गृहमंत्री की बैठक के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह मौजूद क्यों नहीं थे? कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आखिर मणिपुर के नागा विधायकों और केंद्रीय गृहमंत्री के

बीच में बैठक मणिपुर सीएम के बिना कैसे आयोजित हो सकती है?
इस बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मणिपुर कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र सिंह ने कहा कि इस बैठख के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। विधायकों और केंद्रीय गृहमंत्री के बीच की बैठक से मुख्यमंत्री को अलग रखना यह पद की गरिमा और उसके अधिकार को कम करता है। इसके साथ ही उन्होंने विधायकों के साथ केंद्रीय गृहमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री लोसी दीखो पर भी सवाल उठाया।

विधायकों को अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं- कांग्रेस
मेघचंद्र ने कहा, “यह बैठक दिखाती है कि उपमुख्यमंत्री लोसी दीखो और नागा विधायकों को अपने ही मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं है। इसलिए तो वह बिना मुख्यमंत्री के सीधे नागा विधायकों से मिलने के लिए पहुंचे हैं।” इसके अलावा उन्होंने बैठक में मौजूद नागालैंड के मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रशासन राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से होना चाहिए न कि पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री के द्वारा आखिर

मणिपुर के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नागालैंड के सीएम ने क्यों किया?
दूसरे उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन पर कटाक्ष करते हुए मेघचंद्र ने कहा कि राज्य में पर्याप्त सुरक्षा होने के कबाद भी डिप्टी सीएम का दिल्ली में रहना यह दिखाता है कि उनकी प्राथमिकता क्या है। वह राज्य की नहीं केंद्र की राजनीति करना चाहते हैं। इतना ही नहीं मेघचंद्र ने सीएम को कागजी शेर करार देते हुए कहा कि राज्य के शासन पर उनका प्रभाव खत्म हो गया है।

कांग्रेस की तरफ से उठाए गए इन सवालों का अभी तक भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

कोरबा में भाजपा नेता पर हमले के आरोपी रज्जाक पर बड़ा एक्शन, जमींदोज हुआ साम्राज्य

कोरबा.

भाजपा नेता पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रज्जाक अली के कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पिछले दिनों पर भाजपा नेता शिव बालक तोमर पर जिला पंचायत सदस्य राजकली एवं उसके साथियों ने हमला कर दिया था घटना में शिव बालक एवं रूप से घायल हो गया था। मामले में पुलिस ने पहले ही रज्जाक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अब पुलिस एवं प्रशासन ने उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच के दौरान रज्जाक अली के नाम से दर्ज निर्माण के दस्तावेजों और वैधानिक अनुमतियों की भी पड़ताल की गई। जांच में निर्माण में कथित तौर पर कई अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन सामने आया। इसके बाद जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने का निर्णय लिया। एसडीएम, तहसीलदार, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर सीतामणी पहुंची और तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।

भारी पुलिस बल तैनात, भीड़ जुटी
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र मैं बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। बुलडोजर कार्रवाई देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। प्रशासन ने अवैध रूप से बने हिस्से को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही कदम उठाए जा रहे हैं।

तरह-तरह की हो रही चर्चाएं
इस कार्रवाई के बाद शहर का सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीतिक गलियारों में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्ष ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही है।

कई मामले दर्ज है रज्जाक के विरुद्ध
जिला पंचायत सदस्य राजा के विरुद्ध मारपीट सुमित के मामले दर्ज हैं । पुलिस ने पिछले दिनों रासुका के तहत कार्यवाही करने की प्रक्रिया शुरू की थी , हालांकि मामला अभी प्रक्रिया में है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कोविड-19 को आधार बनाकर नहीं रोकी जा सकती अनुकंपा नियुक्ति

बिलासपुर.

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एन के चन्द्रवंशी की एकलपीठ ने कहा है, कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) समय पर आयोजित नहीं होने का नुकसान अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं भुगतना पड़ेगा. कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है.

दरअसल, धमतरी निवासी वासुदेव साहू के पिता, जो सहायक शिक्षक थे, का वर्ष 2017 में सेवा के दौरान निधन हो गया था. इसके बाद वासुदेव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया. आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के लिए उन्हें तीन वर्ष का समय दिया गया था. उन्होंने डी.एल.एड. की परीक्षा समय पर उत्तीर्ण कर ली, लेकिन मार्च 2020 में होने वाली टेट परीक्षा कोविड-19 के कारण निरस्त हो गई. बाद में जनवरी 2022 में आयोजित परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त की. इसके बावजूद पंचायत विभाग ने निर्धारित समय में योग्यता प्राप्त न करने का हवाला देकर उनकी अनुकंपा नियुक्ति का दावा अस्वीकार कर दिया. जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि, टेट परीक्षा समय पर आयोजित न होना अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी. इसलिए उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता. कोर्ट ने यह भी कहा, कि कोविड अवधि में समय-सीमा संबंधी राहत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस मामले में भी लागू होंगे. हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2022 का अयोग्यता आदेश निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को वासुदेव साहू के अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है.

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