राज्यपाल डेका से लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने की सौजन्य भेंट

रायपुर

राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने सौजन्य भेंट की। उनके साथ हेड क्वाटर कोसा के कमाण्डर ब्रिगेडियर टी.एस.बावा तथा जी.ओ.सी. एम.बी एरिया जबलपुर लेफ्टिनेट जनरल एच.एस. वांड्रा भी उपस्थित थे।

आयुष्मान योजना से मिली नई उम्मीद जगनी बाई को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ

रायपुर

आयुष्मान भारत योजना समाज के गरीब, जरूरतमंद एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। नारायणपुर जिले की निवासी जगनी बाई लाभान्वित हुई हैं, जिन्हें बढ़ती उम्र के कारण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
            
जगनी बाई ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। कमजोरी, शरीर में दर्द तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल जाकर इलाज कराने की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेहतर उपचार कराना संभव नहीं हो पा रहा था। कई बार इलाज के खर्च की चिंता के कारण समय पर अस्पताल जाना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया, जिसके बाद उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त हुई। कार्ड बनने के बाद जगनी बाई को अस्पताल में भर्ती होने, आवश्यक जांच कराने, डॉक्टरों से परामर्श लेने तथा दवाइयों सहित उपचार की सुविधा बिना किसी आर्थिक बोझ के मिली।
उन्होंने बताया कि पहले इलाज के खर्च को लेकर परिवार के सदस्य हमेशा चिंतित रहते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के कारण उन्हें बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में बेहतर उपचार मिलने से उनके स्वास्थ्य में सुधार आया है और परिवार के लोगों को भी मानसिक राहत मिली है। जगनी बाई ने सरकार की इस जनहितैषी योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी सहायता साबित हो रही है।
            
 ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिक आर्थिक अभाव के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती थीं। आयुष्मान भारत योजना ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब गरीब परिवार भी बेहतर अस्पतालों में इलाज करा पा रहे हैं।
             
70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को योजना के माध्यम से विशेष रूप से लाभ मिल रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। शासन की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। शासन द्वारा लगातार लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
             
जगनी बाई की तरह अनेक हितग्राही इस योजना का लाभ लेकर स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और विश्वास भी दे रही है।

विशेष स्वच्छता अभियान के बीच नन्हे बालक आनंद कश्यप ने दिया स्वच्छता का संदेश

रायपुर

दंतेवाडा जिले में 15 मई से 15 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरसपाल रोड स्थित पुरनतरई गांव से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां एक नन्हे बालक आनंद कश्यप ने अपने छोटे से प्रयास से बड़ा संदेश दिया है। गांव में स्थित एक छोटी सी दुकान के बाहर कार्डबोर्ड के डिब्बे से बनाया गया एक अनोखा कूड़ेदान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। उस पर बड़े सरल शब्दों में लिखा था, “कचरा यहां डिब्बा में डालें।” देखने में साधारण लगने वाला यह कूड़ेदान स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है।

जब दुकान संचालक से इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह कूड़ेदान उनके बेटे आनंद कश्यप ने स्वयं बनाया है। आनंद की इस सोच और प्रयास ने सभी को प्रभावित किया। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह छोटा सा प्रयास यह दर्शाता है कि यदि इरादे मजबूत हों तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आनंद कश्यप की यह पहल लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की प्रेरणा दे रही है। यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आनंद जैसे नन्हे सिपाही ही स्वच्छ और सुंदर भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।

राष्ट्रीय आम महोत्सव का उद्घाटन किया राज्यपाल डेका ने

रायपुर

आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादों को बडे रूप में विकसित करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।

 राज्यपाल  रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने की।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन में अग्रणी है और देश में एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओें का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के उत्पादन से अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां और महोत्सव देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादकों को एक-दूसरे की उन्नत खेती पद्धतियों, नई किस्मों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की बहुत संभावनाएं है। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के व्यापक अवसर मौजूद है। मैंगों टूरिज्म की भी छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं है।

राज्यपाल ने कहा कि आम उत्पादन के साथ-साथ इसके वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को मिलकर कार्य करना चाहिए।  डेका ने कहा कि हमारे जीवन को ईको फैंडली बनाना आज की आवश्यकता है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना होगा। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर दिया। 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आम फलों का राजा है। आम की पत्तियों और लकड़ियों का भी हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। हमारे घरों में मांगलिक कार्य होने पर हम आम की पत्तियों से तोरण बनाते है एवं आम की सूखी लकड़ियों का उपयोग हवन एवं पूजा में करते है।

इस महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियोें को इस महोत्सव का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। प्रदर्शनी मे बेर के आकार से लेकर बीजापुर के हाथीझुल जैसे बड़े किस्मों के आम भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधामंत्री  नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप किसानों की आय दुगुनी करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और आम की खेती भी इस संकल्प को पूरा करने के लिए सहायक सिद्ध होगी।
आम महोत्सव के उद्घाटन पश्चात राज्यपाल  डेका और मुख्यमंत्री  साय ने आम उत्पादकों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी में आम के विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया । 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी सहित अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, किसान एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार 2026 के मधुर बेला में व्हीलचेयर पाकर खिले मासूमों के चेहरे

रायपुर

प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासनिक पहल के तहत आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के चेहरे पर संतोष और खुशी दिखाई दे रही है।

इसी कड़ी में जिला दंतेवाडा के ग्राम हितामेटा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्राम कोरकोटी के दो दिव्यांग बच्चों के परिवारजनों द्वारा सहायता हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा अस्थि बाधित दिव्यांग बच्ची जुलगो मुचाकी, पिता  बुटलू मुचाकी तथा अस्थि बाधित दिव्यांग बालक नारसू पोयाम, पिता  आयतू राम पोयाम को एक-एक नग व्हीलचेयर प्रदान की गई।

व्हीलचेयर मिलने से दोनों बच्चों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब बच्चों को दैनिक गतिविधियों, स्कूल आने-जाने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में सुविधा मिल सकेगी। परिवारजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे लंबे समय से व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हो गया। इस पहल ने न केवल दिव्यांग बच्चों के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बन रहा है।

पन्ना पुलिस ने एपीके फाइल इंस्टॉल कर साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगातार सख्त एवं तकनीकी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पन्ना पुलिस ने एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल कर साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को नोएडा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। आरोपी के कब्जे से 90 हजार रुपये नगद एवं एक मोबाइल फोन जब्‍त किया गया है।

फरियादी गोपाल बंसकार ने 1930 साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कर बताया कि उसके सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सिमरिया स्थित खाते से संचालित नवी यू.पी.आई. एप के माध्यम से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कुल 1 लाख 90 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई है।

शिकायत प्राप्‍त होते ही पुलिस अधीक्षक पन्ना मती निवेदिता नायडू के निर्देशन में पुलिस एवं साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा फरियादी के मोबाइल फोन में एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल कराकर मोबाइल का अनाधिकृत एक्सेस प्राप्त किया गया था। एपीके फाइल इंस्टॉल होने के बाद आरोपियों ने मोबाइल की संवेदनशील जानकारी, बैंकिंग एक्सेस, यूपीआई एवं ट्रांजेक्शन ओटीपी संबंधी जानकारी हासिल कर खाते से अवैध ट्रांजेक्शन किये।

पुलिस टीम द्वारा तकनीकी जांच एवं डिजिटल ट्रेल के विश्लेषण के दौरान पता चला कि 23 अप्रैल को फरियादी के खाते से 95 हजार रुपये तथा 27अप्रैल को पुनः 95 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किये गये थे।

विवेचना के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को नोएडा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने अन्‍य साथियों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 90 हजार रुपये नगद एवं एक मोबाइल फोन जब्‍त किया है।

मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल, संदिग्ध लिंक अथवा मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड एवं इंस्टॉल न करें। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक डिटेल, यूपीआई पिन अथवा मोबाइल एक्सेस किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएं। मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के विरुद्ध सतर्क, सक्रिय एवं प्रतिबद्ध होकर आमजन की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।

 

इंदौर में नकली बायो डीजल बेचने वाले डीजल पंप पर कार्रवाई, प्रतिष्ठान सील

इंदौर

इंदौर जिले के देपालपुर मेथवाडा स्थित मे. इंदौर बायो एनर्जी प्रा.लि. बायो डीजल पंप भागीदार सुनीता पति सुभाष केसवाल एवं सुभाष पति रामचंद्र केसवाल निवासी द्वारकापुरी द्वारा अवैध रूप से नकली बायो डीजल की बिक्री करने पर खाद्य विभाग द्वारा शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने पंप को सील कर दिया है। मे. इंदौर बायो एनर्जी बायो डीजल पंप पर प्रारंभिक जांच में नकली बायो डीजल होना पाया गया।

बताया गया कि मे. इंदौर बायो एनर्जी बायो डीजल पंप की शिकायत प्राप्त होने पर खाद्य विभाग की टीम द्वारा जांच की गई। प्रारंभिक जांच में नकली बायो डीजल पाए जाने पर पंप को सील किया।

साथ ही पंप संचालक द्वारा राज्य सरकार के अधिकृत लाइसेंस प्राप्त छह कंपनी के सप्लायर से सप्लाई नहीं लेकर अनाधिकृत फर्म से सप्लाई लेना पाया।

पंप संचालक बीएस 100 मानक का ही बायो डीजल विक्रय कर सकते हैं, बायोडीजल के मानक की डेंसिटी 900 से ऊपर होती है, लेकिन मौके पर डेंसिटी 860 पाई गई।

मौके से कुल छह हजार लीटर नकली बायो डीजल जब्‍त किया। इसकी कीमत लगभग चार लाख 20 हजार रूपये से ज्यादा है।

नकली बायोडीजल के सैंपल लेकर पंप में बिक्री बंद करवाते हुए पंप, डिस्पेंसरी यूनिट और भूमिगत टैंक को सील कर दिया है।

सैंपल अधिकृत लेबोरेटरी में टेस्टिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। नमूना रिपोर्ट आने के बाद में आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील एवं सख्त कार्यवाही

भोपाल 

महिलाओं, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संवेदनशील अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के राजगढ़ एवं आगर मालवा जिलों में पुलिस टीमों ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए मानव तस्करी, बाल विवाह, दुष्कर्म एवं महिलाओं के शोषण से जुड़े गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हुआ है कि मध्यप्रदेश पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

राजगढ़ जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने 12 वर्षीय नाबालिग बालिका से बाल विवाह, खरीद-फरोख्त, दैहिक शोषण एवं प्रताड़ना के अत्यंत संवेदनशील मामले का खुलासा करते हुए 6 नामजद आरोपियों में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक  अमित तोलानी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।

प्रकरण में सामने आया कि पीड़िता के पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां की दूसरी शादी आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर निवासी गुना से कराई गई थी। इसके बाद आरोपी पीड़िता एवं उसकी मां को राजगढ़ लेकर आया, जहां सुनियोजित तरीके से 3 फरवरी 2025 को 12 वर्षीय बालिका का विवाह भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करा दिया गया। आरोपियों द्वारा इस बाल विवाह के एवज में लाखों रुपये नगद एवं जेवरात लिए गए। विवाह के बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म एवं लगातार शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की गई। मामले में अन्य आरोपियों द्वारा भी पीड़िता का शोषण किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मामला थाना प्रभारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बालिका की काउंसलिंग की, जिससे पीड़िता ने साहसपूर्वक अपनी आपबीती पुलिस को बताई। इसके बाद थाना कोतवाली राजगढ़ में पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर, देवराज गुर्जर, सागर गुर्जर, शैतानबाई तथा पीड़िता की मां शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक राजगढ़ द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

इसी प्रकार आगर मालवा के थाना बड़ौद पुलिस ने मानव तस्करी एवं जबरन विवाह कराने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए त्वरित कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस अधीक्षक आगर मालवा  दिलीप कुमार सोनी के निर्देशनमें यह कार्रवाई की गई।

प्रकरण में बैतूल निवासी युवती द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि वह इंदौर में कार्य करने जा रही थी, तभी शाहपुर बस स्टॉप से कुछ व्यक्तियों ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे वाहन में बैठा लिया। आरोपियों द्वारा युवती को राजस्थान निवासी व्यक्ति से जबरन विवाह कराने एवं रुपये लेकर बेचने की योजना बनाई गई थी। विरोध करने पर युवती को जान से मारने एवं अन्य स्थान पर बेच देने की धमकी भी दी गई।

घटना के दौरान पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस कंट्रोल रूम आगर को सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112, कंट्रोल रूम एवं थाना बड़ौद पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और तकनीकी विश्लेषण एवं लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्र में सघन घेराबंदी की गई। पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता एवं सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित बरामद कर आरोपी ईश्वर सिंह बागरी को गिरफ्तार कर लिया।थाना बड़ौद में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस द्वारा न केवल त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं न्याय दिलाने हेतु संवेदनशील पुलिसिंग को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

 

दमोह के डायल-112 हीरोज ट्रैक्टर हादसे में गंभीर रूपए से घायल व्यक्ति को त्वरित सहायता पहुँचाकर कराया अस्पताल में भर्ती

भोपाल 

दमोह जिले के थाना पथरियाक्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से ट्रैक्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायल व्यक्ति को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

29 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना पथरिया क्षेत्र अंतर्गत गढ़ाकोटा रोड पर एक व्यक्ति ट्रैक्टर से गिरकर उसके टायर के नीचे आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया है तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना पथरिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन एफआरवी-12 को मौके के लिए रवाना किया गया।

सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षकश्री राजेश सिंह एवं पायलट श्री मन्नू सिंह लोधी ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक व्यक्ति ट्रैक्‍टर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था।डायल-112 स्‍टॉफ ने बिना समय गवाएं घायल व्यक्ति को सुरक्षित डायल-112 वाहन से पथरिया अस्पताल में भर्ती कराया। डायल-112 की त्वरित कार्यवाही से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्यवाही दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य संकट की स्थितियों में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।

 

धार्मिक और पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के मामले में मॉडल स्टेट बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास तथा सभी जरूरी नागरिक सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देश के प्रमुख धार्मिक स्थानों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं का अवलोकन और अध्ययन किया जा रहा है। जिससे मध्यप्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक मॉडल स्टेट के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को माता वैष्णो देवी धाम के लिए प्रस्थान करने से पहले जम्मू में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सभी व्यवस्थाओं का मुआयना करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल यहां आया हुआ है। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पूजा स्थलों में उज्जैन का  महाकाल मंदिर,  महाकालेश्वर देवस्थान,  ओंकारेश्वर देवस्थान और भोजशाला शामिल हैं, जिसे हाल ही में माननीय हाईकोर्ट द्वारा मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैष्णो देवी धाम में माता का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करने जा रहे है। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी मंदिर प्रबंधन द्वारा यहां एक विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और कई सेवा संस्थान भी चलाए जा रहे हैं। जिनसे श्रद्धालुओं और यात्रियों को दर्शन के लिए सुव्यवस्थित और संगठित व्यवस्था प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें सुगम और सुविधाजनक अनुभव मिल सके। हमारा प्रतिनिधिमंडल इन सभी व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा इससे श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छा सेवा प्रकल्प तैयार किया जा सके।

धार्मिक स्थलों पर बढ़ायेंगे सुविधाएं, करायेंगे आधुनिक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं, यात्रियों और नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार के उद्देश्य से हमारे प्रतिनिधिमंडल द्वारा देश के प्रमुख धार्मिक/पूजा स्थलों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है। अध्ययन के उपरांत प्राप्त अनुभवों और प्रतिनिधिमंडल के सुझावों पर अमल कर मध्यप्रदेश सरकार सभी धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए सभी कदम उठाएगी। धार्मिक स्थलों पर सभी प्रकार के जरूरी एवं अत्याधुनिक विकास कार्य कराए जायेंगे तथा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुविधा एवं सेवा कार्यों को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन में भव्य  महाकाल लोक के निर्माण के बाद अब  ओंकारेश्वर धाम में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से एकात्म धाम आकार ले रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए भव्य और दिव्य आयोजन के लिए भी लगभग 30 हजार करोड़ रुपये लागत के निर्माण कार्य जारी हैं। साथ ही ओरछा में  रामराजा लोक का काम भी तेजी से हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता वैष्णो देवी धाम अद्भुत है। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु 24 घंटे दर्शन करते हैं। श्राइन बोर्ड के पास वैष्णो देवी दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक और पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाओं और सेवा के लिए सुविधाओं के साथ शैक्षणिक एवं समाज कल्याण की गतिविधियों का विशेष महत्व है। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल  जगमोहन ने सालों पहले  माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की स्थापना कर यहां श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाओं का विकास किया। आज माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभागाधिकारियों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की है। हमारी सरकार अपना एक दल माता वैष्णो देवी भेजकर यहां संचालित व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन कराएगी।

 

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